आरक्षण क्या है इसे किसने लागू बनाया था?...


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Govind Saraf

Entrepreneur

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी आरक्षण वेपन है या फिर वह तलवार है जिसे अंबेडकर जी ने लाया था उन्होंने कहा था आरक्षण देश में होना चाहिए लेकिन कुछ समय के लिए होना चाहिए लेकिन इसे आज उसे वेपन के तौर पर ही इस्तेमाल किया जा रहा है इसका कोई वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल करता है तो कोई उसे दिनों का समूह को से पूरा टोटल वोट देने के लिए संभाल कर रहा है तो आरक्षण वेपन बनके रहेगी आया आज मेरे हिसाब से इस देश में आरक्षण नहीं होना चाहिए मेरे हिसाब से इस देश में फ्रेंच लीड होना चाहिए जो जो फ्रेंच अनियन सपोर्टेबल है सपोर्ट नहीं कर पाते उससे टेबल एजुकेशन हेल्थकेयर को उनकी सरकार से सहायता देनी चाहिए ना कि उन्होंने आरक्षण देना चाहिए नौकरी के लिए आरक्षण मुझे समझ में नहीं आती जी ने जो अच्छे मार्क्स ने उन्हें नौकरी पर रखे ना आरक्षण को की आज जो गरीब है उन्हें स्पीड प्रोवाइड किया जाए ना कि आरक्षण तो मुझे समझ में नहीं आ रहा आई प्रोग्रेस इस टाइप नहीं मैं मानूंगा आरक्षण आरक्षण बहुत बड़ा रिक्वेस्ट है जिसके कारण देश में कितने कितने हमें नुकसान झेलने पड़ते हैं

vicky aarakshan weapon hai ya phir vaah talwar hai jise ambedkar ji ne laya tha unhone kaha tha aarakshan desh mein hona chahiye lekin kuch samay ke liye hona chahiye lekin ise aaj use weapon ke taur par hi istemal kiya ja raha hai iska koi vote bank ke taur par istemal karta hai toh koi use dino ka samuh ko se pura total vote dene ke liye sambhaal kar raha hai toh aarakshan weapon banke rahegi aaya aaj mere hisab se is desh mein aarakshan nahi hona chahiye mere hisab se is desh mein french lead hona chahiye jo jo french onion saportebal hai support nahi kar paate usse table education healthcare ko unki sarkar se sahayta deni chahiye na ki unhone aarakshan dena chahiye naukri ke liye aarakshan mujhe samajh mein nahi aati ji ne jo acche marks ne unhe naukri par rakhe na aarakshan ko ki aaj jo garib hai unhe speed provide kiya jaaye na ki aarakshan toh mujhe samajh mein nahi aa raha I progress is type nahi main manunga aarakshan aarakshan bahut bada request hai jiske karan desh mein kitne kitne hamein nuksan jhelne padte hain

विकी आरक्षण वेपन है या फिर वह तलवार है जिसे अंबेडकर जी ने लाया था उन्होंने कहा था आरक्षण द

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Shilpi Kanchan

Assistant Manager at IPPB

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण क्या है वैसे किसने लागू किया था मिस्त्री की बात करें तो 1902 मठ कोल्हापुर स्टेट के जो महाराष्ट्र महाराज शाहूजी उन्होंने आरक्षण को इंट्रोड्यूस किया था अपने पेट में उन्होंने यह कहा था कि जितने भी नॉन ब्राह्मण हैं उन सबको नौकरी में आरक्षण दिया जाएगा उन सबको सोसाइटी में को लाने के लिए किसकी को लाने के लिए तो ब्राह्मण की को लाने के लिए किस तरीके से को लाने के लिए तो उनका जो रहन-सहन का तरीका है जो हेल्थ एजुकेशन है वह पहले जो छोटे कास्ट के लोग हैं उनको नहीं मिल पाती थी उसको एक समाज में एक बराबरी का हक सभी धर्म व सभी जातियों के लोगों को देने के लिए इसका इंट्रोडक्शन किया गया तो 1902 में अब क्योंकि हमने आजादी प्राप्त करी तो हमारे कॉन्स्टिट्यूशन में बाबासाहेब आंबेडकर ने यह बोला था कि 10 साल के लिए आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए ऐसी के लिए क्योंकि वाकई में अगर हम देखें अगर हमारी यही सेंट हिस्ट्री पर जाएं वैदिक पीरियड में दर्द हम देखेंगे कि वाकई में नीचे का से यानी कि जो कर्म के दृष्टि से जो लोग ऐसे तत्वों से बिलॉन्ग करते थे जो कि ब्राह्मण नहीं क्षत्रिय नहीं तो उनके साथ काफी बुरा व्यवहार किया जाता था वह चलते-चलते अगर हम देखे तो कहीं ना कहीं ऐसा होता आ रहा है हालांकि अब इतना ज्यादा नहीं है पर मैं ऐसा नहीं कह सकते कि यह पूरी तरीके से खत्म हो चुका है इसलिए उन्होंने कहा था कि 10 साल तक के लिए हमें ऐसी को आरक्षण देना चाहिए और उसके बाद इस व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए परंतु हम देखते हैं कि आजादी के 70 साल के बाद भी यह कंटिन्यू है और मुझे नहीं लगता कि इसको खत्म कभी भी किया जाएगा क्योंकि एक राजनीतिक हथियार है और कोई भी राजनीतिक पार्टी इतना बड़ा रिस्क नहीं ले सकती कि वह इस तरीके के आरक्षण को खत्म कर दिया तो यहीं है यहीं से इसकी शुरुआत की गई थी और इसी वजह से यह आज तक भी चलते हुए आ रहा है थैंक यू सो मच

aarakshan kya hai waise kisne laagu kiya tha mistiri ki baat kare toh 1902 math kolhapur state ke jo maharashtra maharaj shahuji unhone aarakshan ko introduce kiya tha apne pet mein unhone yah kaha tha ki jitne bhi non brahman hain un sabko naukri mein aarakshan diya jaega un sabko society mein ko lane ke liye kiski ko lane ke liye toh brahman ki ko lane ke liye kis tarike se ko lane ke liye toh unka jo rahan sahan ka tarika hai jo health education hai vaah pehle jo chote caste ke log hain unko nahi mil pati thi usko ek samaj mein ek barabari ka haq sabhi dharm va sabhi jaatiyo ke logo ko dene ke liye iska introduction kiya gaya toh 1902 mein ab kyonki humne azadi prapt kari toh hamare Constitution mein babasaheb ambedkar ne yah bola tha ki 10 saal ke liye aarakshan ki vyavastha honi chahiye aisi ke liye kyonki vaakai mein agar hum dekhen agar hamari yahi sent history par jayen vaidik period mein dard hum dekhenge ki vaakai mein niche ka se yani ki jo karm ke drishti se jo log aise tatvon se Belong karte the jo ki brahman nahi kshatriya nahi toh unke saath kaafi bura vyavhar kiya jata tha vaah chalte chalte agar hum dekhe toh kahin na kahin aisa hota aa raha hai halaki ab itna zyada nahi hai par main aisa nahi keh sakte ki yah puri tarike se khatam ho chuka hai isliye unhone kaha tha ki 10 saal tak ke liye hamein aisi ko aarakshan dena chahiye aur uske baad is vyavastha par punarvichar kiya jana chahiye parantu hum dekhte hain ki azadi ke 70 saal ke baad bhi yah continue hai aur mujhe nahi lagta ki isko khatam kabhi bhi kiya jaega kyonki ek raajnitik hathiyar hai aur koi bhi raajnitik party itna bada risk nahi le sakti ki vaah is tarike ke aarakshan ko khatam kar diya toh yahin hai yahin se iski shuruat ki gayi thi aur isi wajah se yah aaj tak bhi chalte hue aa raha hai thank you so match

आरक्षण क्या है वैसे किसने लागू किया था मिस्त्री की बात करें तो 1902 मठ कोल्हापुर स्टेट के

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Rahul kumar

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आरक्षण क्या है किसने लागू किया था जब से बहुत लोग को बहुत छोटी का सेवन व्यवस्था बोल सकते हैं काश सिस्टम इंडिया में और छोटे कार्ड से जो मायावती के छोटे कस्बों बहुत दवाई स्पेशली Ajooba बराबर दर्जा दिया बुझा के तूने बहुत बिल्कुल नीचे था तो उस समाज में एक एक्सेसिबिलिटी लाने के लिए डॉक्टर भीमराव अंबेडकर ने यह आवश्यक हाउस बनाने की विधि बचपन में बहुत कुछ जला जाती व्यवस्था को लेकर उसे जब वह बड़ा हुए तो उसने अपने हक के लिए में लड़ाई होता है वह करवाया भारत में सब को बराबर का अधिकार मिलता है तो उसके लिए लागू किया था

aarakshan kya hai kisne laagu kiya tha jab se bahut log ko bahut choti ka seven vyavastha bol sakte hain kash system india mein aur chote card se jo mayawati ke chote kasbon bahut dawai speshli Ajooba barabar darja diya bujha ke tune bahut bilkul niche tha toh us samaj mein ek eksesibiliti lane ke liye doctor bhimrao ambedkar ne yah aavashyak house banane ki vidhi bachpan mein bahut kuch jala jaati vyavastha ko lekar use jab vaah bada hue toh usne apne haq ke liye mein ladai hota hai vaah karvaya bharat mein sab ko barabar ka adhikaar milta hai toh uske liye laagu kiya tha

आरक्षण क्या है किसने लागू किया था जब से बहुत लोग को बहुत छोटी का सेवन व्यवस्था बोल सकते है

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jahnavi upadhyay

Want to be a doctor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आरक्षण हमारे समाज में इसके लागू किया था कि जो हमारे पिछड़ी जाति के लोग हैं जो कम पढ़े लिखे हैं उन्हें कब समाज में एक पढ़े-लिखे का स्थान देना और एक अच्छे व्यवहार रखना इसलिए पूछना कटे आरक्षण को सबसे पहले बी पी सिंह ने लागू किया था आरक्षण हमारे देश में इसलिए जरूरी था कि पिछले वर्ग जाति जाति जो पढ़ नहीं पाते तो इतना सक्षम होने के बाद ही नहीं पढ़ पाते तो उन्हें आरक्षण मिला इसे लेकिन आरक्षण यह भी होगा क्या आरक्षण की वजह से जो पढ़े लिखे इंसान है जो जनरल ने आरक्षण के सबको मिलना चाहिए

ji aarakshan hamare samaj mein iske laagu kiya tha ki jo hamare pichhadi jati ke log hain jo kam padhe likhe hain unhe kab samaj mein ek padhe likhe ka sthan dena aur ek acche vyavhar rakhna isliye poochna kate aarakshan ko sabse pehle be p Singh ne laagu kiya tha aarakshan hamare desh mein isliye zaroori tha ki pichle varg jati jati jo padh nahi paate toh itna saksham hone ke baad hi nahi padh paate toh unhe aarakshan mila ise lekin aarakshan yah bhi hoga kya aarakshan ki wajah se jo padhe likhe insaan hai jo general ne aarakshan ke sabko milna chahiye

जी आरक्षण हमारे समाज में इसके लागू किया था कि जो हमारे पिछड़ी जाति के लोग हैं जो कम पढ़े ल

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