कानून जनता के लिए होता है, या जनता कानून के लिए?...


user

Vishal Joshi

Script and Content Writer into SADVIDYA TV CHANNEL

2:04
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए इसका जवाब यही है कि दोनों एक दूसरे पर निर्भर है हमारे जन समुदाय को एक अच्छी व्यवस्था मिले एक अच्छी बहुत सारी फैसिलिटी अवेलेबल हो उसके लिए कानून आवश्यक है और आज के जमाने में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो कि जन समुदाय में अच्छे लोगों की उन लोगों से दूसरों को पर इसलिए भी कानून आवश्यक है और रही बात जनता जनता के से कानून से जुड़ी हुई अगर जनता में कोई कानून नहीं होगा ठीक है कोई नियमावली नहीं होगी तो लोग आज के जमाने में एक दूसरे के ऊपर जो भी लोग हत्या करते जा रहे हैं चोरी लूटपाट किया जाए तो जनता के लिए कानून आवश्यक है और कानून के लिए कानून भी कानून के लिए भी जनता आवश्यक अगर जनता ही नहीं रहेगी तो काम किस पर लागू होता है पानी ऊपर तो कानून लगाई नहीं जा सकते ठीक है जनता के लिए कानून आवश्यक है और हमारा संविधान भी उतना ही आवश्यक है जिससे कि हमारी जीवन व्यवस्था हमारी जीवन पद्धति हमारे रहने दे हमारे रहने के तौर तरीके सभी के लिए कानून आवश्यक है तो मैं तो यही कहूंगा कि यह दूसरे के वाहक है जनता के लिए कानून है और का

aapka sawaal hai kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye iska jawab yahi hai ki dono ek dusre par nirbhar hai hamare jan samuday ko ek achi vyavastha mile ek achi bahut saari facility available ho uske liye kanoon aavashyak hai aur aaj ke jamane me kuch log aise bhi hain jo ki jan samuday me acche logo ki un logo se dusro ko par isliye bhi kanoon aavashyak hai aur rahi baat janta janta ke se kanoon se judi hui agar janta me koi kanoon nahi hoga theek hai koi niyamawli nahi hogi toh log aaj ke jamane me ek dusre ke upar jo bhi log hatya karte ja rahe hain chori lutpat kiya jaaye toh janta ke liye kanoon aavashyak hai aur kanoon ke liye kanoon bhi kanoon ke liye bhi janta aavashyak agar janta hi nahi rahegi toh kaam kis par laagu hota hai paani upar toh kanoon lagayi nahi ja sakte theek hai janta ke liye kanoon aavashyak hai aur hamara samvidhan bhi utana hi aavashyak hai jisse ki hamari jeevan vyavastha hamari jeevan paddhatee hamare rehne de hamare rehne ke taur tarike sabhi ke liye kanoon aavashyak hai toh main toh yahi kahunga ki yah dusre ke vahak hai janta ke liye kanoon hai aur ka

आपका सवाल है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए इसका जवाब यही है कि दोनों एक

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  104
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user
1:23
Play

Likes  6  Dislikes    views  110
WhatsApp_icon
user

Dr. Parmindra Dadhich

Lawyer | Jurist

0:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निकी कानून जनता के लिए होता है ना कि जनता कानून के लिए होती है इस दुनिया में जब कानून बनाया गया तो सबसे पहले यह देखा गया कि मानव जाने की जनता जो होती है इसका तीव्र किस तरीके से रेगुलेट किया जाए रेगुलेशन के लिए कानून बनाया गया तो आपके बिहेवियर को रेगुलेट करने के लिए ही कानून को बनाया गया है

niki kanoon janta ke liye hota hai na ki janta kanoon ke liye hoti hai is duniya me jab kanoon banaya gaya toh sabse pehle yah dekha gaya ki manav jaane ki janta jo hoti hai iska tivra kis tarike se regulate kiya jaaye regulation ke liye kanoon banaya gaya toh aapke behaviour ko regulate karne ke liye hi kanoon ko banaya gaya hai

निकी कानून जनता के लिए होता है ना कि जनता कानून के लिए होती है इस दुनिया में जब कानून बनाय

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  287
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही सुंदर प्रश्न कानून जनता के लिए होता है अजंता कानून के लिए तो कानून वैसे तो जनता की मदद के लिए बनाया जाता है और कानून अगर कोई तोड़ता है जनता को परेशान करता तो जनता कोर्ट की शरण लेकर के उस कानून से अपना बचाव कर सकती है कि जनता कानून के लिए तत्काल कानून बनाता कौन है जनता ही बनाती है जनता के प्रतिनिधि बनाते और जनता अपने बनाए हुए कानूनों का घर तोड़ेगी ठीक है चेक एंड बैलेंस वाली स्थिति है के कानून बनाते भी हम ही है तोड़ते भी हमें जब हमने बनाया तो बता जो चीज बनाई है उसे तोड़ कर दे दे और अगर तोड़ रहे हैं धन्यवाद

bahut hi sundar prashna kanoon janta ke liye hota hai ajanta kanoon ke liye toh kanoon waise toh janta ki madad ke liye banaya jata hai aur kanoon agar koi todta hai janta ko pareshan karta toh janta court ki sharan lekar ke us kanoon se apna bachav kar sakti hai ki janta kanoon ke liye tatkal kanoon banata kaun hai janta hi banati hai janta ke pratinidhi banate aur janta apne banaye hue kanuno ka ghar todegi theek hai check and balance wali sthiti hai ke kanoon banate bhi hum hi hai todte bhi hamein jab humne banaya toh bata jo cheez banai hai use tod kar de de aur agar tod rahe hain dhanyavad

बहुत ही सुंदर प्रश्न कानून जनता के लिए होता है अजंता कानून के लिए तो कानून वैसे तो जनता क

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  304
WhatsApp_icon
user

Anurag C Chaturvedi

Journalist & motivater

0:53
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए कानून और जनता एक सिक्के के दो पहलू आप कह सकते हैं यदि जनता कानून का पालन करेगी तो कानून जनता के लिए कानून जनता का पालन करेगा तो वह कानून है आप समझ सकते हैं कि यह दोनों एक लेफ्ट है तो दूसरा राइट होगा ही आप कानून का पालन करेंगे तो कानून का पालन करेगा समझ रहे हैं ना इस बात को यदि आप चाहते हैं कि इस बारे में और भी डिटेल आपको चाहिए तो आप मुझे कमेंट करें इस बारे मेरा पूरा एक लेख है मैं आपको उसको पूरा ऑडियो में कन्वर्ट करके दिखाऊंगा ऑडियो में कन्वर्ट करके वीडियो में कन्वर्ट करके अदर साइड से अनुसूचित असम बक्सा सकते हैं कमेंट करें मैं आपको आगे भी जवाब दूंगा

dekhiye kanoon aur janta ek sikke ke do pahaloo aap keh sakte hain yadi janta kanoon ka palan karegi toh kanoon janta ke liye kanoon janta ka palan karega toh vaah kanoon hai aap samajh sakte hain ki yah dono ek left hai toh doosra right hoga hi aap kanoon ka palan karenge toh kanoon ka palan karega samajh rahe hain na is baat ko yadi aap chahte hain ki is bare me aur bhi detail aapko chahiye toh aap mujhe comment kare is bare mera pura ek lekh hai main aapko usko pura audio me convert karke dikhaunga audio me convert karke video me convert karke other side se anusuchit assam baksa sakte hain comment kare main aapko aage bhi jawab dunga

देखिए कानून और जनता एक सिक्के के दो पहलू आप कह सकते हैं यदि जनता कानून का पालन करेगी तो का

Romanized Version
Likes  31  Dislikes    views  305
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:42
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने कहा कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए बाकी है लेकिन दोनों को प्रस्तुत करने का तरीका लगे सरकार जनता की होती है जनता के द्वारा होती है जनता के लिए भाई जी गवर्नमेंट टूरिज्म इन खामियों पर इसी तरह कानून जनता के प्रतिनिधि बनाते हैं जनता के लिए बनाते हैं और जनता का कहानी हर कानून जनता की रक्षा के लिए होता है जनता की सुरक्षा के लिए विश्व के किसी भी संविधान में जनता को सुरक्षा देने के लिए कानून बने अगर हां कोई व्यक्ति चर्चा में घातक मिलता है रक्षा में बाधक बनता है तो उसके लिए जो बने कानून ने उसे अपराध कहा गया है और अपराध करने वाला व्यक्ति अपराधी और जनता का हिस्सा हो या शासक का हिस्सा वह लोकतंत्र या राजतंत्र वर्तमान प्राणी हो या देश का राजनेताओं सामान्य कानून की निगाह में इसलिए कानून हमेशा सबके लिए समान रूप से रोग कानून जनता के लिए या यह मानकर चलिए जो कानून है वह समस्त प्राणियों के लिए

aapne kaha kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye baki hai lekin dono ko prastut karne ka tarika lage sarkar janta ki hoti hai janta ke dwara hoti hai janta ke liye bhai ji government tourism in khamiyon par isi tarah kanoon janta ke pratinidhi banate hain janta ke liye banate hain aur janta ka kahani har kanoon janta ki raksha ke liye hota hai janta ki suraksha ke liye vishwa ke kisi bhi samvidhan me janta ko suraksha dene ke liye kanoon bane agar haan koi vyakti charcha me ghatak milta hai raksha me badhak banta hai toh uske liye jo bane kanoon ne use apradh kaha gaya hai aur apradh karne vala vyakti apradhi aur janta ka hissa ho ya shasak ka hissa vaah loktantra ya rajtantra vartaman prani ho ya desh ka rajnetao samanya kanoon ki nigah me isliye kanoon hamesha sabke liye saman roop se rog kanoon janta ke liye ya yah maankar chaliye jo kanoon hai vaah samast praniyo ke liye

आपने कहा कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए बाकी है लेकिन दोनों को प्रस्तुत कर

Romanized Version
Likes  342  Dislikes    views  2902
WhatsApp_icon
user

Abhishek Shekher Gaur

Civil Engineer

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

से के कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए कानून जनता के लिए होता है ठीक है कानून सर्व करता है जनता को पर बात यह है कि अगर कानून जनता के सामने सरेंडर कर देगा तो जनता उग्र हो जाती है और जनता कानून को अपने हिसाब से चलाने कोशिश करती है जैसा कि आपने देखा होगा अमीर लोग अपने हिसाब से कानून चलाते हैं कि वह कुछ गड़बड़ कर देंगे पुलिस को पैसा देंगे और अपने लिए काम करा लेंगे तो कानून जनता के लिए होता है उसमें जनता अब कानून यहां पर कानून में जो लोग काम करते हैं कानून के लिए वह कितने माधरास पर डिपेंड करता है कितने अच्छे से कानून होगा जैसे अगर कोई कानून के लिए काम करता है चाहे वह पुलिसवाला हो चाहे वह मैं वकील हो चाहे वह जज हो अब वह कितना निष्पक्ष है कितना ईमानदार है अपनी जॉब को लेकर उस पर डिपेंड करेगा कि कानून कितना अच्छे से काम करेगा पर कानून होता जनता के लिए ही है जनता कानून के लिए नहीं होती है थैंक यू

se ke kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye kanoon janta ke liye hota hai theek hai kanoon surv karta hai janta ko par baat yah hai ki agar kanoon janta ke saamne surrender kar dega toh janta ugra ho jaati hai aur janta kanoon ko apne hisab se chalane koshish karti hai jaisa ki aapne dekha hoga amir log apne hisab se kanoon chalte hain ki vaah kuch gadbad kar denge police ko paisa denge aur apne liye kaam kara lenge toh kanoon janta ke liye hota hai usme janta ab kanoon yahan par kanoon me jo log kaam karte hain kanoon ke liye vaah kitne madhras par depend karta hai kitne acche se kanoon hoga jaise agar koi kanoon ke liye kaam karta hai chahen vaah police wala ho chahen vaah main vakil ho chahen vaah judge ho ab vaah kitna nishpaksh hai kitna imaandaar hai apni job ko lekar us par depend karega ki kanoon kitna acche se kaam karega par kanoon hota janta ke liye hi hai janta kanoon ke liye nahi hoti hai thank you

से के कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए कानून जनता के लिए होता है ठीक है कानू

Romanized Version
Likes  89  Dislikes    views  2688
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

निश्चित ही यह दोनों एक दूसरे के पूरक है कि कानून जनता के लिए होता है जनता कानून के लिए कानून तो जनता के लिए ही होता है और जनता को कानून का पालन करना आवश्यक है कि हम कोई भी होते हम होते हैं आप और तक कोई भी हो कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं जा सकता अगर कोई भी कानून का उल्लंघन करेगा तो निश्चित ही उसके उसको सजा होगी उसके पर कार्रवाई होगी इसलिए कानून जनता के लिए होता है और जनता कानून से बना होता है कानून के दायरे पर ही रहे तो उसे कोई भी कार्य करना है कानून का उल्लंघन जनता नहीं कर सकती

nishchit hi yah dono ek dusre ke purak hai ki kanoon janta ke liye hota hai janta kanoon ke liye kanoon toh janta ke liye hi hota hai aur janta ko kanoon ka palan karna aavashyak hai ki hum koi bhi hote hum hote hain aap aur tak koi bhi ho koi bhi vyakti kanoon se upar nahi ja sakta agar koi bhi kanoon ka ullanghan karega toh nishchit hi uske usko saza hogi uske par karyawahi hogi isliye kanoon janta ke liye hota hai aur janta kanoon se bana hota hai kanoon ke daayre par hi rahe toh use koi bhi karya karna hai kanoon ka ullanghan janta nahi kar sakti

निश्चित ही यह दोनों एक दूसरे के पूरक है कि कानून जनता के लिए होता है जनता कानून के लिए कान

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  61
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता के लिए ही बनाए जाते हैं अगर हमारे देश में एक भी जनता नहीं हो तो कानून किस पर बनाई जाएगी कानून जनता के लिए जनता के अधिकार एवं सुरक्षा के लिए बनाई जाती है कि हर आदमी को हर जनता को कानूनन अधिकार और सुरक्षा मिले किसी के साथ अगर किसी भी जनता के साथ अन्याय होती है तो कानून तो कानून कार्रवाई की जाती है और जनता कानून का सहारा लेते हैं जनता नहीं रहेंगे तो कानून किससे बनाए जाएंगे जाएगी प्लीज जनता कानून के लिए है और कानून जनता पर आधारित है दोनों का एक दूसरे से अंडा से संबंध है दोनों एक दूसरे के बिना अधूरे हैं इसलिए कानून बनाकर जनता को सही दिशा में उनके अधिकारों की अधिकारों को दिलाने के लिए और उन्हें सुरक्षा प्रदान करने के लिए कानून को बनाया जाता है कि हर व्यक्ति अपने अधिकार क्षेत्र में रहे और सुख शांति से जीवन जीत सके इसलिए कानून को जनता के प्रति सजग इमानदार और विश्वास बनाए रखना चाहिए जहां कानून नहीं है वह जनता का विकास नहीं हो सकता है

kanoon janta ke liye hi banaye jaate hain agar hamare desh me ek bhi janta nahi ho toh kanoon kis par banai jayegi kanoon janta ke liye janta ke adhikaar evam suraksha ke liye banai jaati hai ki har aadmi ko har janta ko kanunan adhikaar aur suraksha mile kisi ke saath agar kisi bhi janta ke saath anyay hoti hai toh kanoon toh kanoon karyawahi ki jaati hai aur janta kanoon ka sahara lete hain janta nahi rahenge toh kanoon kisse banaye jaenge jayegi please janta kanoon ke liye hai aur kanoon janta par aadharit hai dono ka ek dusre se anda se sambandh hai dono ek dusre ke bina adhure hain isliye kanoon banakar janta ko sahi disha me unke adhikaaro ki adhikaaro ko dilaane ke liye aur unhe suraksha pradan karne ke liye kanoon ko banaya jata hai ki har vyakti apne adhikaar kshetra me rahe aur sukh shanti se jeevan jeet sake isliye kanoon ko janta ke prati sajag imaandaar aur vishwas banaye rakhna chahiye jaha kanoon nahi hai vaah janta ka vikas nahi ho sakta hai

कानून जनता के लिए ही बनाए जाते हैं अगर हमारे देश में एक भी जनता नहीं हो तो कानून किस पर बन

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  94
WhatsApp_icon
user

Ram kumar

Advocate High Court Allahabad

0:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता द्वारा बनाया जाता है जनता के लिए होता है जनता इसका सुपरविजन प्रतिनिधि कम आतंकी करती है यह जनता के द्वारा जनता के लिए जनता द्वारा निर्वाचित जनता के ऊपर होती है

kanoon janta dwara banaya jata hai janta ke liye hota hai janta iska suparavijan pratinidhi kam aatanki karti hai yah janta ke dwara janta ke liye janta dwara nirvachit janta ke upar hoti hai

कानून जनता द्वारा बनाया जाता है जनता के लिए होता है जनता इसका सुपरविजन प्रतिनिधि कम आतंकी

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  106
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार कानून कब बनाया जाते हैं उस जनता की सुरक्षा के लिए उनकी शांति के लिए तो खून के लिए ही बनाए जाते हैं तो अगर तुम लोग कानून का पालन नहीं करेंगे और ऐसा फल किस लिए कानून हम सब खुले कानून का पाठ करना चाहिए कानून करते करते रहना चाहिए जिससे समाज में सुरक्षा को मैसेज सब को शांति मिल सके अब सुकून से भाईचारे से रहे थे

namaskar kanoon kab banaya jaate hain us janta ki suraksha ke liye unki shanti ke liye toh khoon ke liye hi banaye jaate hain toh agar tum log kanoon ka palan nahi karenge aur aisa fal kis liye kanoon hum sab khule kanoon ka path karna chahiye kanoon karte karte rehna chahiye jisse samaj me suraksha ko massage sab ko shanti mil sake ab sukoon se bhaichare se rahe the

नमस्कार कानून कब बनाया जाते हैं उस जनता की सुरक्षा के लिए उनकी शांति के लिए तो खून के लिए

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  312
WhatsApp_icon
user

Prakash sharma

Social Worker

0:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए आप का सवाल है तो कानून जनता के लिए होता है और कानून से जनता को काफी फायदा भी है कानून है तो जनता सुरक्षित है और आजकल डिजिटल जमाना है थोड़ा सा भी कुछ होता है तो कानून उसका एक्शन लेता है और कार्रवाई होती है तो कानून जनता के लिए

kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye aap ka sawaal hai toh kanoon janta ke liye hota hai aur kanoon se janta ko kaafi fayda bhi hai kanoon hai toh janta surakshit hai aur aajkal digital jamana hai thoda sa bhi kuch hota hai toh kanoon uska action leta hai aur karyawahi hoti hai toh kanoon janta ke liye

कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए आप का सवाल है तो कानून जनता के लिए होता है

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  127
WhatsApp_icon
user

Ravi Yadav

Psychologist

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो दोस्तों नमस्कार कालू जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए दोनों एकदम विरोधाभासी बातें हैं जनता की इच्छा के रिकॉर्डिंग बनता है जिसे देश का संविधान बना संधान के विधानसभा गठित की गई सभा के सदस्य थे का चयन जनता की इच्छा है कि जो संविधान बना वह देश की जनता की इच्छा के लिए बना लेकिन संविधान है किसके लिए संविधान जनता के लिए सरकार के लिए न्यायालय के लिए भी है छतरपुरी जो भी व्यवस्था है वह चाहे जैसी भी व्यवस्थाओं राजनीतिक आर्थिक सामाजिक परिवारिक व्यक्तिगत वह सब कानून के अनुसार चलते हैं प्ले कहा जा सकता है कि कानून का निर्माण जब तक जनता की इच्छा के लिए जनता की सुरक्षा के लिए हुआ है और जनता के लिए ही हुआ है

hello doston namaskar kalu janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye dono ekdam virodhabhasi batein hain janta ki iccha ke recording banta hai jise desh ka samvidhan bana sandhaan ke vidhan sabha gathit ki gayi sabha ke sadasya the ka chayan janta ki iccha hai ki jo samvidhan bana vaah desh ki janta ki iccha ke liye bana lekin samvidhan hai kiske liye samvidhan janta ke liye sarkar ke liye nyayalaya ke liye bhi hai chatarpuri jo bhi vyavastha hai vaah chahen jaisi bhi vyavasthaon raajnitik aarthik samajik pariwarik vyaktigat vaah sab kanoon ke anusaar chalte hain play kaha ja sakta hai ki kanoon ka nirmaan jab tak janta ki iccha ke liye janta ki suraksha ke liye hua hai aur janta ke liye hi hua hai

हेलो दोस्तों नमस्कार कालू जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए दोनों एकदम विरोधाभासी ब

Romanized Version
Likes  36  Dislikes    views  458
WhatsApp_icon
user

Paras

Blessing Baba

2:09
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लगे कानून जो बनाया गया है वह जनता को नियंत्रण करने के लिए बनाया गया है मान लीजिए कोई भी व्यक्ति है अगर कोई अपराध करेगा तो किस से भेज दो उसको सजा दी जाएगी उसके लिए कानून निर्धारित करता है जो कानून बनाया जाता है वह जनता को नियंत्रण करने के लिए बनाया जाता है जनता कानून के लिए नहीं होती कानून जो बना है वह जनता के लिए होता है कार लागू होने से ही कोई ऐसा करता है तो उसको सजा मिल जाती है अगर पुलिस चौकियां बनी है उसे को नियंत्रण करने के लिए बनी है मान लीजिए और कानून नहीं होते तो अहिंसा धर्म हिंसा फैलाते हैं वह धर्म सभी का विनाश कर डालते हैं कि कानून की वजह से वह लोग रुके हुए हैं या कुछ धर्मों में अहिंसा सबसे बड़ा धर्म के लाता है इसलिए कानून बनाया गया है चाय के लिए घर में कुछ भी लिखा गया हो कानून के तहत सजा मिलेगी अगर किसी धर्म में लिखा है कि आप के बदले आंख पैर के बदले पियर और कोई भी ऐप करने की सजा तुरंत ही जाती है बिना सोचे समझे हो सकता है वह अपराधी भी नहीं हो और उस पर ऐसे ही दोषारोपण किया है तो भी सजा दी जाती है तो ऐसा नहीं होता है इसलिए कानून बनाए गए हैं अगर किसी ने फोन भी किया है तो उसको प्रूफ करना होगा सबूत पेश करने होंगे उसका पूरा प्रोसेस होता है हो सकता है 1 साल लगे 6 महीने लगे 1 महीने या 7 साल जैसे कि निर्भया कांड में 7 साल लगे फांसी देने में चारों दोषियों को या आरोपियों को उसी प्रकार से पूरी प्रोसेस होती है आप तुरंत सजा नहीं दे सकते हैं और अब तक इसे ने आरोप लगाया हो सकता कोई बेगुनाह हूं इसलिए नियंत्रण करने के लिए कोई भी छोटे-मोटे अपराधी होते वाली यह चोर है कोई बाइक चोर है कोई फर्स्ट चोर है इनको भी नियंत्रण करने के लिए बनाई गई है इनका नियंत्रण का निर्धारण कौन करेगा अगर मान लिया जाए नहीं होती तो कोई कुछ भी कर सकता है इसलिए कानून हर देश में बनाया जाता है जिससे कि हिंसा ना हो और चोर उचक्के जो है वह नियंत्रण में रहे और सभी अच्छे से जीवन व्यतीत कर सकें

lage kanoon jo banaya gaya hai vaah janta ko niyantran karne ke liye banaya gaya hai maan lijiye koi bhi vyakti hai agar koi apradh karega toh kis se bhej do usko saza di jayegi uske liye kanoon nirdharit karta hai jo kanoon banaya jata hai vaah janta ko niyantran karne ke liye banaya jata hai janta kanoon ke liye nahi hoti kanoon jo bana hai vaah janta ke liye hota hai car laagu hone se hi koi aisa karta hai toh usko saza mil jaati hai agar police chaukiyan bani hai use ko niyantran karne ke liye bani hai maan lijiye aur kanoon nahi hote toh ahinsa dharm hinsa failate hain vaah dharm sabhi ka vinash kar daalte hain ki kanoon ki wajah se vaah log ruke hue hain ya kuch dharmon me ahinsa sabse bada dharm ke lata hai isliye kanoon banaya gaya hai chai ke liye ghar me kuch bhi likha gaya ho kanoon ke tahat saza milegi agar kisi dharm me likha hai ki aap ke badle aankh pair ke badle piyar aur koi bhi app karne ki saza turant hi jaati hai bina soche samjhe ho sakta hai vaah apradhi bhi nahi ho aur us par aise hi dosharopan kiya hai toh bhi saza di jaati hai toh aisa nahi hota hai isliye kanoon banaye gaye hain agar kisi ne phone bhi kiya hai toh usko proof karna hoga sabut pesh karne honge uska pura process hota hai ho sakta hai 1 saal lage 6 mahine lage 1 mahine ya 7 saal jaise ki Nirbhaya kaand me 7 saal lage fansi dene me charo doshiyon ko ya aaropiyon ko usi prakar se puri process hoti hai aap turant saza nahi de sakte hain aur ab tak ise ne aarop lagaya ho sakta koi begunah hoon isliye niyantran karne ke liye koi bhi chote mote apradhi hote wali yah chor hai koi bike chor hai koi first chor hai inko bhi niyantran karne ke liye banai gayi hai inka niyantran ka nirdharan kaun karega agar maan liya jaaye nahi hoti toh koi kuch bhi kar sakta hai isliye kanoon har desh me banaya jata hai jisse ki hinsa na ho aur chor uchakke jo hai vaah niyantran me rahe aur sabhi acche se jeevan vyatit kar sake

लगे कानून जो बनाया गया है वह जनता को नियंत्रण करने के लिए बनाया गया है मान लीजिए कोई भी व्

Romanized Version
Likes  58  Dislikes    views  824
WhatsApp_icon
user

Debidutta Swain

IAS Aspirant | Life Motivational Speaker,Daily Story Teller

0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी कानून और लॉज जनता के लिए है जनता को बनाने के लिए लोन रोटी कानून है मुंडन करने के लिए जनता के बीच में और अगर जनता इसका पालन नहीं करेगा अपनी करेंगे तो कानून का कोई मूल्य नहीं थे कि तालिबान में कैसे सर आपका रिश्ता मुझे से हो रहा है अफगानिस्तान में क्या होता सिटीजन को मानते मान नहीं रहे वहां पर अच्छी सी किशन और आई बनने का है और बन भी नहीं रहा है गिरियस गोष्टी उसको मान नहीं रहे थे तभी लक्षित करेंगे तो कानून सिद्ध होगा प्रस्तर सिद्ध होगा और तभी उसके बाद ही वह जनता की मदद के लिए रहेगा

vicky kanoon aur Lodge janta ke liye hai janta ko banane ke liye loan roti kanoon hai mundan karne ke liye janta ke beech me aur agar janta iska palan nahi karega apni karenge toh kanoon ka koi mulya nahi the ki taliban me kaise sir aapka rishta mujhe se ho raha hai afghanistan me kya hota citizen ko maante maan nahi rahe wahan par achi si kishan aur I banne ka hai aur ban bhi nahi raha hai giriyas goshti usko maan nahi rahe the tabhi lakshit karenge toh kanoon siddh hoga prastar siddh hoga aur tabhi uske baad hi vaah janta ki madad ke liye rahega

विकी कानून और लॉज जनता के लिए है जनता को बनाने के लिए लोन रोटी कानून है मुंडन करने के लिए

Romanized Version
Likes  139  Dislikes    views  1557
WhatsApp_icon
play
user
2:12

Likes  22  Dislikes    views  441
WhatsApp_icon
user

Harish Chand

Social Worker

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका सवाल है कि कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए होती है तक बता दो एक सिक्के के दो पहलू हैं बगैर जनता के कोई कानून नहीं होता और बगैर कानून के जनता एक सिस्टम में नहीं रह पाती है उनको एक सिस्टम से साधने के लिए कानून का उपयोग किया जाता है जिससे कि लोग एक दूसरे की भावनाओं को समान संजय समान अधिकार दे समान समझकर कि एक दूसरे का भला करें अगर किसी देश में से कानून को हटा दो तो उस देश की जनता का क्या होगा वहां का सिस्टम बेकार हो जाएगा या पहलवान आर्डर की स्थिति खराब हो जाती है उद्देश्य नहीं होता वह बेकार हो जाता है ठीक है मित्र बोलो जय सिया राम

namaskar aapka sawaal hai ki kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye hoti hai tak bata do ek sikke ke do pahaloo hain bagair janta ke koi kanoon nahi hota aur bagair kanoon ke janta ek system me nahi reh pati hai unko ek system se sadhane ke liye kanoon ka upyog kiya jata hai jisse ki log ek dusre ki bhavnao ko saman sanjay saman adhikaar de saman samajhkar ki ek dusre ka bhala kare agar kisi desh me se kanoon ko hata do toh us desh ki janta ka kya hoga wahan ka system bekar ho jaega ya pahalwan order ki sthiti kharab ho jaati hai uddeshya nahi hota vaah bekar ho jata hai theek hai mitra bolo jai sia ram

नमस्कार आपका सवाल है कि कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए होती है तक बता दो

Romanized Version
Likes  147  Dislikes    views  1469
WhatsApp_icon
user

ysvagrecha

Former Clinical Psychologist and a Teacher

0:20
Play

Likes  33  Dislikes    views  329
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए काफी अच्छा व रोचक प्रश्न है कानून देश के हर एक नागरिक के लिए होता है चाहे वह कानून के रक्षक हो चाहे वह आम जनता हो चाहे वह राजनेता ही क्यों ना हो आशा करता हूं आप इस जवाब से संतुष्ट होंगे धन्यवाद

kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye kaafi accha va rochak prashna hai kanoon desh ke har ek nagarik ke liye hota hai chahen vaah kanoon ke rakshak ho chahen vaah aam janta ho chahen vaah raajneta hi kyon na ho asha karta hoon aap is jawab se santusht honge dhanyavad

कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए काफी अच्छा व रोचक प्रश्न है कानून देश के हर

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  97
WhatsApp_icon
user

Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:48
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता के लिए होता है और जनता कानून क्योंकि तुम्हें एक दूसरे की पहली बने कानून का जो निर्माण किया गया है जनता की समस्याओं का समाधान करने के लिए किया गया और जनता ने जो कानून बनाया जिससे कि पूरे देश भर में पूरे समाज में एक नियम कानून हो साईट पंचवटी हो एकदम मंडावली हेतु दोनों काम करना जरूर जनता अपने कार्य को अच्छे से कर लिया शनिवार कभी तो कानून कानू पालना बहुत अच्छी तरीके से होगा और कानून बिल्कुल सही होंगे और सख्त होंगे तो निश्चित रूप से जनता अपने आप को डीसी में रख पाएगी और हमारे देश विकास की ओर अग्रसर हो पाएगा और हर व्यक्ति को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं हो पाई

kanoon janta ke liye hota hai aur janta kanoon kyonki tumhe ek dusre ki pehli bane kanoon ka jo nirmaan kiya gaya hai janta ki samasyaon ka samadhan karne ke liye kiya gaya aur janta ne jo kanoon banaya jisse ki poore desh bhar me poore samaj me ek niyam kanoon ho site panchawati ho ekdam mandavalli hetu dono kaam karna zaroor janta apne karya ko acche se kar liya shaniwaar kabhi toh kanoon kanu paalna bahut achi tarike se hoga aur kanoon bilkul sahi honge aur sakht honge toh nishchit roop se janta apne aap ko dc me rakh payegi aur hamare desh vikas ki aur agrasar ho payega aur har vyakti ko kisi bhi prakar ki samasya nahi ho payi

कानून जनता के लिए होता है और जनता कानून क्योंकि तुम्हें एक दूसरे की पहली बने कानून का जो न

Romanized Version
Likes  372  Dislikes    views  2005
WhatsApp_icon
user

Jaivindra Singh

Financial Expert & Corporate Consultant.

0:41
Play

Likes  41  Dislikes    views  803
WhatsApp_icon
user

Yogesh Kumar

Politician

0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं जनता के लिए कानून होता है और कानून जनता के लिए होता है जनता कानून के लिए होती है इसलिए कानून बनाए जाते हैं हम एक व्यक्तिगत ना सोच कर पूरे क्षेत्र देश और समाज के बारे में सोचें तो सभी जो कानून हैं वह कहीं ना कहीं प्रोटेक्ट करने के लिए होते हैं और हमें उनका सम्मान करना चाहिए बहुत से लोग कानून का सम्मान करते हैं

yah dono ek dusre ke purak hain janta ke liye kanoon hota hai aur kanoon janta ke liye hota hai janta kanoon ke liye hoti hai isliye kanoon banaye jaate hain hum ek vyaktigat na soch kar poore kshetra desh aur samaj ke bare me sochen toh sabhi jo kanoon hain vaah kahin na kahin protect karne ke liye hote hain aur hamein unka sammaan karna chahiye bahut se log kanoon ka sammaan karte hain

यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं जनता के लिए कानून होता है और कानून जनता के लिए होता है जनता

Romanized Version
Likes  21  Dislikes    views  477
WhatsApp_icon
user

Sapna

Social Worker

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए तो आपसे प्रश्न के अनुसार रूप में आपको बताना चाहूंगी कि हमारे देश का कानून बहुत बड़ा होता है जो सबके लिए समान होता है जिसमें कानून में कोई भेदभाव नहीं किया जाता कानून सबके लिए समान होता है सानू जनता के लिए भी होता है और जनता को कानूनों का पालन भी करना होता है जनता कानून का पालन करेगी कानून देश का देश का कानून होता है जिसे देश को भी मारना पड़ता है और देश की जनता को भी मानना पड़ता है क्योंकि हमारे देश का सबसे बड़ा कानून होता है सपना शर्मा

aapka prashna hai kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye toh aapse prashna ke anusaar roop me aapko batana chahungi ki hamare desh ka kanoon bahut bada hota hai jo sabke liye saman hota hai jisme kanoon me koi bhedbhav nahi kiya jata kanoon sabke liye saman hota hai sanu janta ke liye bhi hota hai aur janta ko kanuno ka palan bhi karna hota hai janta kanoon ka palan karegi kanoon desh ka desh ka kanoon hota hai jise desh ko bhi marna padta hai aur desh ki janta ko bhi manana padta hai kyonki hamare desh ka sabse bada kanoon hota hai sapna sharma

आपका प्रश्न है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए तो आपसे प्रश्न के अनुसार रूप

Romanized Version
Likes  90  Dislikes    views  925
WhatsApp_icon
user
0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए आपको बताना चाहूंगी जनता कोई कानून नहीं है कानून जनता के लिए है जब कोई भी नियम कानून बनते हैं तो आम आदमियों और जनता के लिए बनते हैं जनता से कोई कानून नहीं बनता है ना ही कोई जनता है कोई कानून अपने लिए बना सकती है जो भी रूल रेगुलेशन बनते हैं रजिस्ट्रेशन जो हमसे फॉलो करवाती हैं तो वह आम जनता के लिए बनाए जाते हैं जिसका पालन करना हर व्यक्ति का कर्तव्य तो कानून जनता के लिए होता है धन्यवाद

kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye aapko batana chahungi janta koi kanoon nahi hai kanoon janta ke liye hai jab koi bhi niyam kanoon bante hain toh aam adamiyo aur janta ke liye bante hain janta se koi kanoon nahi banta hai na hi koi janta hai koi kanoon apne liye bana sakti hai jo bhi rule regulation bante hain registration jo humse follow karwati hain toh vaah aam janta ke liye banaye jaate hain jiska palan karna har vyakti ka kartavya toh kanoon janta ke liye hota hai dhanyavad

कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए आपको बताना चाहूंगी जनता कोई कानून नहीं है क

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  342
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून है वह जनता की होता है जनता कभी भी कानून के लिए नहीं देती है जो कानून होता है वह जनता के लिए बना होता है जनता को उसका पालन करना पड़ता है और पालन करना भी चाहिए यदि कहीं उल्लंघन होता है तो उसके लिए दंड का भी प्रावधान है

kanoon hai vaah janta ki hota hai janta kabhi bhi kanoon ke liye nahi deti hai jo kanoon hota hai vaah janta ke liye bana hota hai janta ko uska palan karna padta hai aur palan karna bhi chahiye yadi kahin ullanghan hota hai toh uske liye dand ka bhi pravadhan hai

कानून है वह जनता की होता है जनता कभी भी कानून के लिए नहीं देती है जो कानून होता है वह जनता

Romanized Version
Likes  14  Dislikes    views  209
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून हमेशा जनता के लिए होता है जनता कानून के लिए जो कानून भारत में लागू हुआ उसका पालन करना भारत के प्रत्येक नागरिक को कर्तव्य भारत में जो विदेशी नहीं रहा है उसका कारण उसको प्रोटोकॉल नहीं तोड़ा जा सकता है लेकिन उस पर जो कार्रवाई हुई बारिश के कारण को गृह मंत्रालय की तरफ से होती है लेकिन कानून जनता के लिए ही बना होता है अंधा कानून पूरी नहीं होती

kanoon hamesha janta ke liye hota hai janta kanoon ke liye jo kanoon bharat me laagu hua uska palan karna bharat ke pratyek nagarik ko kartavya bharat me jo videshi nahi raha hai uska karan usko protocol nahi toda ja sakta hai lekin us par jo karyawahi hui barish ke karan ko grah mantralay ki taraf se hoti hai lekin kanoon janta ke liye hi bana hota hai andha kanoon puri nahi hoti

कानून हमेशा जनता के लिए होता है जनता कानून के लिए जो कानून भारत में लागू हुआ उसका पालन करन

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  7
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कानून जनता के लिए बनाया जाता है अगर कानून ना हो तो हमारी जनता आपस में लड़ झगड़ के कट कट के मर जाए इसलिए कानून जनता के लिए बनाया गया है

kanoon janta ke liye banaya jata hai agar kanoon na ho toh hamari janta aapas me lad jhagad ke cut cut ke mar jaaye isliye kanoon janta ke liye banaya gaya hai

कानून जनता के लिए बनाया जाता है अगर कानून ना हो तो हमारी जनता आपस में लड़ झगड़ के कट कट के

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  121
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बहुत बड़ा सवाल है कारण जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए तो कानून जनता के लिए ही होता है जनता कानून के लिए नहीं हो सकता है क्योंकि देखिए कोई भी काम अगर कोई कोर्ट कचहरी का केस भी होता है जिस थाना पुलिस भी होता है जो भी होता है तो वह काम जनता के लिए बनता है वह जनता पर ही लागू होता है ना कि जनता कानून के लिए

yah bahut bada sawaal hai karan janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye toh kanoon janta ke liye hi hota hai janta kanoon ke liye nahi ho sakta hai kyonki dekhiye koi bhi kaam agar koi court kachahari ka case bhi hota hai jis thana police bhi hota hai jo bhi hota hai toh vaah kaam janta ke liye banta hai vaah janta par hi laagu hota hai na ki janta kanoon ke liye

यह बहुत बड़ा सवाल है कारण जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए तो कानून जनता के लिए ही

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  67
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज का सवाल है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए देखिए इसमें दोनों एक दूसरे के लिए होते हैं अगर जनता नहीं होगी तो कानून क्या करेगी कानून नहीं होगी तो जनता क्या करें हमारे कहने का मतलब यह है जिस प्रकार का क्वेश्चन है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए तो दोनों ही एक दूसरे के लिए बहुत जल्दी

aaj ka sawaal hai kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye dekhiye isme dono ek dusre ke liye hote hain agar janta nahi hogi toh kanoon kya karegi kanoon nahi hogi toh janta kya kare hamare kehne ka matlab yah hai jis prakar ka question hai kanoon janta ke liye hota hai ya janta kanoon ke liye toh dono hi ek dusre ke liye bahut jaldi

आज का सवाल है कानून जनता के लिए होता है या जनता कानून के लिए देखिए इसमें दोनों एक दूसरे क

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  91
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!