आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर?...


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मैं विद्न्यान पर ही भरोसा करता हूं और मैं भगवान पर ही भरोसा करता हूं देखो हमारे शरीर यह वात पित्त और कफ तीनों दोष का चलता है परमाणु ऊर्जा है हवा है और पानी वैसे हमारे शरीर में उड़ जाए पानी और हवा है मानो हम भगवान पर विश्वास करते या नहीं करते जैसे कि आप हवा को नहीं देख पाते हैं हम ऑक्सियन पर तो जीते बरवा ऑक्सीजन काम नहीं देख पाते उसी प्रकार हम भगवान के भरोसे पे जीते हैं और भगवान को हम नहीं देख पाते इसीलिए मेरा विश्वास पूरा विज्ञान के ऊपर भगवान के ऊपर भी है क्योंकि दुनिया में अगर भगवान नहीं होते कि यह सृष्टि कदापि ही नहीं चलती थी कि हमारे हजारो जन्म होंगे पीछे जाते हैं तो यह सृष्टि पर कोई नेता इसका मतलब भगवान तो थे ना

main vidnyan par hi bharosa karta hoon aur main bhagwan par hi bharosa karta hoon dekho hamare sharir yah vaat pitt aur cough tatvo dosh ka chalta hai parmanu urja hai hawa hai aur paani waise hamare sharir me ud jaaye paani aur hawa hai maano hum bhagwan par vishwas karte ya nahi karte jaise ki aap hawa ko nahi dekh paate hain hum aksiyan par toh jeete barva oxygen kaam nahi dekh paate usi prakar hum bhagwan ke bharose pe jeete hain aur bhagwan ko hum nahi dekh paate isliye mera vishwas pura vigyan ke upar bhagwan ke upar bhi hai kyonki duniya me agar bhagwan nahi hote ki yah shrishti kadapi hi nahi chalti thi ki hamare hazaro janam honge peeche jaate hain toh yah shrishti par koi neta iska matlab bhagwan toh the na

मैं विद्न्यान पर ही भरोसा करता हूं और मैं भगवान पर ही भरोसा करता हूं देखो हमारे शरीर यह वा

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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आपका यह विचार गलत है जो विज्ञान पर विश्वास करते हैं देश भी भगवान में विश्वास करते हैं और जो भगवान को मानते हैं देवी विज्ञान पवन ऐसा नहीं कह सकते कि एक दूसरे के अनमोल पूरक हैं ऐसा नहीं किए कुछ तो कैंटीन पर बात नहीं की वहीं साइंटिस्ट होते हैं वह थोड़ा अंधविश्वास और कुरीतियों और धार्मिक परंपरा वादी को नहीं मानते हैं लेकिन ऐसा नहीं भगवान एक बुलंदशहर भगवान अंकित शांति का एक सिंबल है इस विश्वास पर डिपेंड होता है कि किस चीज का प्रैक्टिकल नहीं कर सकते जिसको पर के द्वारा सिद्ध नहीं किया जा सकता उस चीज को नहीं मानते हैं तो साइंटिस्ट के द्वारा एवं सुना गया होगा कि वे भगवान को नहीं मानते भगवान को मानते हैं आप देखिए मैंने आपको एस एम एस हॉस्पिटल जयपुर के अंतर्गत एक सात मंजिला एस एस एम एस हॉस्पिटल राजस्थान स्टेट कैपिटल हॉस्पिटल मानी उसने पूरे प्रदेश भर के आते हैं और इसमें जो डॉक्टर लगाई जाती है वह खुद पूरे प्रदेश की टीम होते हैं टॉप डॉक्टर होते हैं आपको सात मंजिला है उसमें नीचे नीचे के मंदिर में गुड़िया देवी का मंदिर है वहां पर स्थित एक ऑपरेशन करने से पहले मैंने सब जनों को बाहर जूते उतारकर फैसला प्रणाम करते हुए नमन करते हुए देखा है और यह डिमांड मांगते हुए देखा है कि भगवान ने इस ऑपरेशन को पढ़ने जा रहा हूं वह सफल हो जाए मैं आप मैं आपको प्रणाम करता हूं इस प्रकार की कामना करके जाते हैं और अधिकांश एस एम एस हॉस्पिटल के जो वह ऑपरेशन होते हैं ऐसा नहीं है एक मेरे ऑन डॉक्टर दिनेश शर्मा जी उनको भी मैंने यह देखा था कि हम चाहे आंधी आए चाहे तूफान आए लेकिन उनको शाम के समय हनुमान जी के मंदिर पर जाते हुए दर्शन करते हुए अवश्य लेते थे और वे हनुमान जी के परम भक्त थे मैं इस बात से आप से इनकार नहीं कर सकता कि बहुत से लोग नहीं मानते हैं लेकिन अधिकांश साइंटिस्ट भगवान को तो मानते हैं अभी करवाते कीबोर्ड ढूंढ पार्टी में पाखंड में विश्वास नहीं करते हैं जैसे जन्नत 2 करते हैं या वह पाखंड नहीं करते हैं पर यह पाखंड तो नहीं करना चाहिए पार्क अंधविश्वास पूरी जीवन का दुश्मन में भी

aapka yah vichar galat hai jo vigyan par vishwas karte hain desh bhi bhagwan me vishwas karte hain aur jo bhagwan ko maante hain devi vigyan pawan aisa nahi keh sakte ki ek dusre ke anmol purak hain aisa nahi kiye kuch toh canteen par baat nahi ki wahi scientist hote hain vaah thoda andhavishvas aur kuritiyon aur dharmik parampara wadi ko nahi maante hain lekin aisa nahi bhagwan ek bulandshahr bhagwan ankit shanti ka ek symbol hai is vishwas par depend hota hai ki kis cheez ka practical nahi kar sakte jisko par ke dwara siddh nahi kiya ja sakta us cheez ko nahi maante hain toh scientist ke dwara evam suna gaya hoga ki ve bhagwan ko nahi maante bhagwan ko maante hain aap dekhiye maine aapko S M S hospital jaipur ke antargat ek saat manjila S S M S hospital rajasthan state capital hospital maani usne poore pradesh bhar ke aate hain aur isme jo doctor lagayi jaati hai vaah khud poore pradesh ki team hote hain top doctor hote hain aapko saat manjila hai usme niche niche ke mandir me gudiya devi ka mandir hai wahan par sthit ek operation karne se pehle maine sab jano ko bahar joote utarakar faisla pranam karte hue naman karte hue dekha hai aur yah demand mangate hue dekha hai ki bhagwan ne is operation ko padhne ja raha hoon vaah safal ho jaaye main aap main aapko pranam karta hoon is prakar ki kamna karke jaate hain aur adhikaansh S M S hospital ke jo vaah operation hote hain aisa nahi hai ek mere on doctor dinesh sharma ji unko bhi maine yah dekha tha ki hum chahen aandhi aaye chahen toofan aaye lekin unko shaam ke samay hanuman ji ke mandir par jaate hue darshan karte hue avashya lete the aur ve hanuman ji ke param bhakt the main is baat se aap se inkar nahi kar sakta ki bahut se log nahi maante hain lekin adhikaansh scientist bhagwan ko toh maante hain abhi karwaate keyboard dhundh party me pakhand me vishwas nahi karte hain jaise jannat 2 karte hain ya vaah pakhand nahi karte hain par yah pakhand toh nahi karna chahiye park andhavishvas puri jeevan ka dushman me bhi

आपका यह विचार गलत है जो विज्ञान पर विश्वास करते हैं देश भी भगवान में विश्वास करते हैं और ज

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Isu Vasava

PASTOR in CHURCH.

0:39
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मैं भगवान पर विश्वास करता हूं कि कि अगर ऊपर वाला चाहे तो फिर यह विज्ञान कुछ काम नहीं कर सकता आज अमेरिका जैसे अमेरिका में 200000 कोरोनावायरस के मरीज हो चुके हैं और यह संख्या बढ़ रहे दुनिया में भी करीब साढे 900000 मरीज है आज कोरोनावायरस के इसमें विज्ञान कुछ नहीं कर सकता है इसलिए मैं विज्ञान को नहीं भगवान पे भरोसा करता हूं

main bhagwan par vishwas karta hoon ki ki agar upar vala chahen toh phir yah vigyan kuch kaam nahi kar sakta aaj america jaise america me 200000 coronavirus ke marij ho chuke hain aur yah sankhya badh rahe duniya me bhi kareeb sadhe 900000 marij hai aaj coronavirus ke isme vigyan kuch nahi kar sakta hai isliye main vigyan ko nahi bhagwan pe bharosa karta hoon

मैं भगवान पर विश्वास करता हूं कि कि अगर ऊपर वाला चाहे तो फिर यह विज्ञान कुछ काम नहीं कर सक

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Bk Ashok Pandit

आध्यात्मिक गुरु

4:53
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आपका प्रश्न है आप भी ज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर मैं दोनों को विश्वास करता हूं लेकिन यह जो भी ज्ञान है तेरी साइलेंट से निकला है इसलिए पावर ऑफ साइलेंस अर्थात जो पावर है जो परम शक्ति है यह विज्ञान भी वहीं से निकला है और वही अंतरी है आज साइंस पूरी दुनिया को इतना कुछ दिया है लेकिन अभी भी उनकी खोज पूरी नहीं हुई है और उनका भी अंतिम खोज यही है कि मैं कौन हूं परमात्मा ने आकर पहला लेसन में ही यह बताया है कि तुम एक चेतन शक्ति आत्मा हो जिसको आज विज्ञान चांद सितारों में अनेक गाना चित्र में ढूंढ रहे हैं वह वहां नहीं प्राप्त होगा हर एक मनुष्य आत्माएं के अंदर एक चेतना है और उस चेतना को खोजने में लगे हुए हैं लेकिन सबसे विज्ञान जो है वह है परमात्मा अनुभूती योग का विज्ञान जिसमें हम परमात्मा को याद करते हैं परमात्मा को ध्यान करते हैं अपने मन बुद्धि के द्वारा यह सबसे बड़ा विज्ञान है विज्ञान का अर्थ होता है कि नए-नए खोज करना जिससे मानव जाति का कल्याण हो यह प्रकृति जो आज दुखदाई बन गई है यह प्रकृति सुखदाई बन जाए यह संसार से दुखों का नामोनिशान भी ना रहे यही विज्ञान का प्रमुख लक्ष्य है और योग को भी विज्ञानी कहा जाता है इसकी और जागृत की दो बातें आती है ज्ञान और विज्ञान ज्ञान से हम सेंड कर जानते हैं स्वयं का अस्तित्व जानते हैं परमात्मा को भी हम जान लेते हैं यह पूरे सृष्टि के आदि में दांत को जान लेते हैं और जानने के बाद उस परम शक्ति परमात्मा से बुद्धि का कनेक्शन जोड़ना ही इस सबसे ज्यादा विज्ञान है और यह जो विज्ञान जिस विज्ञान की आप बात करते हैं वह भी इसी खोजबीन में लगे हुए हैं उनका भी लक्ष्य भी पूरा नहीं हुआ है और एक समय आएगा कि उनका भी खोजपूर्ण हो जाएगा और यह संसार जो आज दुख में बन गया है यह स्वर्णिम संसार में परिवर्तन हो जाएगा क्योंकि उनका भी अंतिम लक्ष्य ही है कि यह संसार संसार बन जाए और हम सब भी इसी कार्य में लगे हुए हैं कि परमात्मा इस धरा पर और चित्त हो चुका है और स्वर्णिम संसार की न्यू डाल दिया है उसका स्थापना का कार्य बहुत आशिक देश चल रहा है और निकट भविष्य में महा विनाश के बाद सनी दुनिया स्थित आने वाली है यह जो समय है महा परिवर्तन का समय चल रहा है इसलिए अपना समय गवाएं बिना देर किए बिना अभी नहीं तो कभी नहीं यह स्लोगन याद करते हैं यह समय बहुत ही अमूल्य है और बहुत खास विधि से अपनी रफ्तार में आगे बढ़ रहा है तो आप ब्रह्माकुमारीज के बारे में नहीं होंगे और नजदीक आकर के यहां के कार्य का विधि विधान यहां की योजनाएं और मानवता के प्रति जो करता है उन सब को समझने का प्रयास करें और साथ ही जो परम शक्ति परमात्मा जो सबका रक्षक सबका हितेषी वह सब के माता-पिता शिक्षक और सतगुरु है सबकी जीवन नैया को पार करने वाला सबका खेवरिया है उस परम शक्ति परमात्मा से अपना संबंध स्थापित कर जन-जन का खोया हुआ स्वराज्य फिर से प्राप्त करें अपना एजेंसी का अधिकार प्राप्त है

aapka prashna hai aap bhi gyaan par vishwas karte ho ya bhagwan par main dono ko vishwas karta hoon lekin yah jo bhi gyaan hai teri silent se nikala hai isliye power of silence arthat jo power hai jo param shakti hai yah vigyan bhi wahi se nikala hai aur wahi antari hai aaj science puri duniya ko itna kuch diya hai lekin abhi bhi unki khoj puri nahi hui hai aur unka bhi antim khoj yahi hai ki main kaun hoon paramatma ne aakar pehla Lesson me hi yah bataya hai ki tum ek chetan shakti aatma ho jisko aaj vigyan chand sitaron me anek gaana chitra me dhundh rahe hain vaah wahan nahi prapt hoga har ek manushya aatmaen ke andar ek chetna hai aur us chetna ko khojne me lage hue hain lekin sabse vigyan jo hai vaah hai paramatma anubhuti yog ka vigyan jisme hum paramatma ko yaad karte hain paramatma ko dhyan karte hain apne man buddhi ke dwara yah sabse bada vigyan hai vigyan ka arth hota hai ki naye naye khoj karna jisse manav jati ka kalyan ho yah prakriti jo aaj dukhdai ban gayi hai yah prakriti sukhdayi ban jaaye yah sansar se dukhon ka namonishan bhi na rahe yahi vigyan ka pramukh lakshya hai aur yog ko bhi vigyani kaha jata hai iski aur jagrit ki do batein aati hai gyaan aur vigyan gyaan se hum send kar jante hain swayam ka astitva jante hain paramatma ko bhi hum jaan lete hain yah poore shrishti ke aadi me dant ko jaan lete hain aur jaanne ke baad us param shakti paramatma se buddhi ka connection jodna hi is sabse zyada vigyan hai aur yah jo vigyan jis vigyan ki aap baat karte hain vaah bhi isi khojbin me lage hue hain unka bhi lakshya bhi pura nahi hua hai aur ek samay aayega ki unka bhi khojpurn ho jaega aur yah sansar jo aaj dukh me ban gaya hai yah swarnim sansar me parivartan ho jaega kyonki unka bhi antim lakshya hi hai ki yah sansar sansar ban jaaye aur hum sab bhi isi karya me lage hue hain ki paramatma is dhara par aur chitt ho chuka hai aur swarnim sansar ki new daal diya hai uska sthapna ka karya bahut aashik desh chal raha hai aur nikat bhavishya me maha vinash ke baad sunny duniya sthit aane wali hai yah jo samay hai maha parivartan ka samay chal raha hai isliye apna samay gavaen bina der kiye bina abhi nahi toh kabhi nahi yah slogan yaad karte hain yah samay bahut hi amuly hai aur bahut khas vidhi se apni raftaar me aage badh raha hai toh aap brahmakumarij ke bare me nahi honge aur nazdeek aakar ke yahan ke karya ka vidhi vidhan yahan ki yojanaye aur manavta ke prati jo karta hai un sab ko samjhne ka prayas kare aur saath hi jo param shakti paramatma jo sabka rakshak sabka hiteshi vaah sab ke mata pita shikshak aur satguru hai sabki jeevan naiya ko par karne vala sabka khevriya hai us param shakti paramatma se apna sambandh sthapit kar jan jan ka khoya hua swarajya phir se prapt kare apna agency ka adhikaar prapt hai

आपका प्रश्न है आप भी ज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर मैं दोनों को विश्वास करता हूं ले

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Kalusingh Solanki

lic of india

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आपका सवाल है कि विज्ञान पर विश्वास करते हैं या जी अपनी जगह है भगवान अपनी जगह है लेकिन मैं आपको बता दूं कि अध्यात्म और विज्ञान का समन्वय ही भारत की संप्रभुता है विज्ञान और अध्यात्म दोनों साथ चलते हैं विज्ञान के अनुसार अध्यात्म और आध्यात्मिक आंसर विज्ञान होता है लेकिन मैं आपको बता दूं कि अपने अध्यात्म में ही विज्ञान छपावा चार वेद रखी में चार वेदों का उपाय से पड़ेंगे तो उसमें आपको बहुत सारा विज्ञान मिल जाएगा उपनिषद है पूरा हैं स्थितियां है इतने सारे जो ग्रंथ है रामायण में भागवत है जहां देखेंगे वहां आपको विज्ञान का समन्वय मिल जाएगा सिर्फ और सिर्फ आपको देखने वालों की जरूरत है विज्ञान छिपा भरा रहा है भारत में अपार है अंग्रेज आए हमारे भारत से सिक्के गए और देखेंगे तो हमारा भारत पहले से ही कई हजारों साल पहले लिखे हुए उन दृश्यों के उन वेदव्यास के जो चार वेद हैं उनको आप शहडोल संभाग से अगर उनका पढ़ पाएं तो आपका अध्यात्मा विज्ञान समझ में आ जाएगा

aapka sawaal hai ki vigyan par vishwas karte hain ya ji apni jagah hai bhagwan apni jagah hai lekin main aapko bata doon ki adhyaatm aur vigyan ka samanvay hi bharat ki samprabhuta hai vigyan aur adhyaatm dono saath chalte hain vigyan ke anusaar adhyaatm aur aadhyatmik answer vigyan hota hai lekin main aapko bata doon ki apne adhyaatm me hi vigyan chapava char ved rakhi me char vedo ka upay se padenge toh usme aapko bahut saara vigyan mil jaega upanishad hai pura hain sthitiyan hai itne saare jo granth hai ramayana me bhagwat hai jaha dekhenge wahan aapko vigyan ka samanvay mil jaega sirf aur sirf aapko dekhne walon ki zarurat hai vigyan chhipa bhara raha hai bharat me apaar hai angrej aaye hamare bharat se sikke gaye aur dekhenge toh hamara bharat pehle se hi kai hazaro saal pehle likhe hue un drishyon ke un vedvyas ke jo char ved hain unko aap shahdol sambhag se agar unka padh paen toh aapka adhyatma vigyan samajh me aa jaega

आपका सवाल है कि विज्ञान पर विश्वास करते हैं या जी अपनी जगह है भगवान अपनी जगह है लेकिन मैं

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

0:50
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RAJKUMAR

Sharp Astrology

0:34
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प्रश्न है आप ज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर तो विज्ञान विज्ञान से हम आधुनिकता और विज्ञान से हम सीख ले सकते हैं लेकिन विज्ञान से बड़ा कुछ है तो अल्टीमेट पावर है जो कभी खत्म नहीं होने वाला जो पावर है बिकता है यह पावर की ही रिसर्च करता है लेकिन विज्ञान भी जरूरी है और ईश्वर भी जरूरी है दोस्तों विज्ञान पर भी विश्वास रखो ईश्वर पर भी रखना

prashna hai aap gyaan par vishwas karte ho ya bhagwan par toh vigyan vigyan se hum adhunikata aur vigyan se hum seekh le sakte hain lekin vigyan se bada kuch hai toh ultimate power hai jo kabhi khatam nahi hone vala jo power hai bikta hai yah power ki hi research karta hai lekin vigyan bhi zaroori hai aur ishwar bhi zaroori hai doston vigyan par bhi vishwas rakho ishwar par bhi rakhna

प्रश्न है आप ज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर तो विज्ञान विज्ञान से हम आधुनिकता और विज

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Narendra Bhardwaj

Spirituality Reformer

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महोदय आपने पूछा कि आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर विश्वास तो भगवान पर ही करते हैं क्योंकि विज्ञान बहुत छोटी सी चीजें भगवान के आगे विज्ञान धोखा दे सकता है भगवान नहीं विज्ञान पर भी भरोसा करते हैं लेकिन जब विज्ञान और भगवान की बात आई तो भगवान पर भरोसा करेंगे विज्ञान करेंगे भगवान को जहां पकड़ के चलते हैं उसे निराशा हाथ नहीं लगती विज्ञान से संभव है आपको निराशा हाथ लग जाए लेकिन भगवान से कभी निराशा नहीं लगती इसलिए विश्वास सिर्फ भगवान पर करना चाहिए मैं अपनी बात करूं तुम्हें भगवान पर भरोसा करता हूं धन्यवाद

mahoday aapne poocha ki aap vigyan par vishwas karte ho ya bhagwan par vishwas toh bhagwan par hi karte hain kyonki vigyan bahut choti si cheezen bhagwan ke aage vigyan dhokha de sakta hai bhagwan nahi vigyan par bhi bharosa karte hain lekin jab vigyan aur bhagwan ki baat I toh bhagwan par bharosa karenge vigyan karenge bhagwan ko jaha pakad ke chalte hain use nirasha hath nahi lagti vigyan se sambhav hai aapko nirasha hath lag jaaye lekin bhagwan se kabhi nirasha nahi lagti isliye vishwas sirf bhagwan par karna chahiye main apni baat karu tumhe bhagwan par bharosa karta hoon dhanyavad

महोदय आपने पूछा कि आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर विश्वास तो भगवान पर ही करते

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देखिए जो भरोसे की और विश्वास की बात है तो इस सृष्टि की रचना ऊपर वाले के ही द्वारा हुई है और यह तो हमारी मानसिकता है हमारी सोच है हम उसको अलग अलग तरीके से समझने की कोशिश करते हैं लेकिन सबसे पहले भगवान का ही दर्जा दिया गया है और जब हम इस दुनिया में आए थे तब से लेकर आज तक उनके बारे में बताया गया है किसी चीज को एक बार हो सकता है आपसे झूठ बोला जाएगा दो बार बोला जाएगा लेकिन जो चीजें आपकी ब्लड में जो आपकी हवा में जो आपकी हर चीज में शामिल हो उसको झूठ नहीं हुए इसलिए भगवान है हमने महसूस कर सकते वो हमारे अंदर हैं और विश्वास भी करना चाहिए और वह हमारे विश्वास में ही जिंदा है और जो सच्चे मन से लगन से हमसे पर भरोसा करता है वह उसको ऐसे भी होते हैं उनकी मदद भी होती है रही बात विज्ञान की तो पहले भगवान है फिर बाद में भी ध्यान है क्योंकि शायद तू अगर उन्होंने इंसानों को ना बनाया होता है इस पृथ्वी पर उन्होंने प्राकृतिक की रचना ना करी होती तो विज्ञान आज की डेट में रिचार्ज किस प्रकार रहा होता है पढ़ाई कैसे कर रहे हो तो तो शुरुआत तो उन्हीं से होती है तो पहले भगवान है और आपने देखा भी होगा कि जब हम किसी मरीज को हॉस्पिटल में लेकर जाते हैं और बड़े बड़े डॉक्टर जोक्स बहुत बड़े लेवल के एमबीबीएस वगैरह पढ़े-लिखे डॉक्टर सोते हैं तो बहुत बड़ी ब्लू बीमारियों का ऑपरेशन करते हैं उसके बाद वह बोलते हैं कि यह सब कुछ गॉड के ऊपर है सब कुछ भगवान के ऊपर है और हम जाकर मंदिर में करते हैं प्रार्थना करते हैं तो वह भी मानता है यह हमारा सोचने का नजरिया है कि वो नहीं मानता है बस यह है कि जो लोग पूजा पाठ करते हैं तो हमें देख के लगता है वह ज्यादा मानते हैं जो लोग उसको साइलेंट हो गए मानते हैं वह चीजें हमें दिखाई नहीं देती मानता हर इंसान है बस यह है कि लोग कमाने का अलग अलग तरीका है पूछने का अलग अलग तरीका है भगवान है और वह हमेशा से थे और हमेशा रहेंगे इसमें कोई संदेश शक नहीं है और पहले मैं भगवान पर भरोसा विश्वास के बाद विज्ञान पर किस चीज से जिसकी शुरुआत हुई है हम उसको घर भूल जाएंगे गुरु हमें ज्ञान देता है कि गुरु ना होता तो शायद ज्ञान के बारे में पता ना होता कि ज्ञान क्या चीज है तो 1 तरीके से देखा जाएगा किया जो पृथ्वी पर हमारे जैसा जीव जिंदा है चल रहा है काम करने पर करें सारी सिस्टम हो रहे हैं की बहुत सारी चीजें हैं जहां तक आज भी विज्ञान नहीं पहुंच पाया ना शायद मेरे ख्याल से पहुंच पाएगा तो इसलिए पहले भगवान है उसके बाद एक ज्ञान है

dekhiye jo bharose ki aur vishwas ki baat hai toh is shrishti ki rachna upar waale ke hi dwara hui hai aur yah toh hamari mansikta hai hamari soch hai hum usko alag alag tarike se samjhne ki koshish karte hain lekin sabse pehle bhagwan ka hi darja diya gaya hai aur jab hum is duniya me aaye the tab se lekar aaj tak unke bare me bataya gaya hai kisi cheez ko ek baar ho sakta hai aapse jhuth bola jaega do baar bola jaega lekin jo cheezen aapki blood me jo aapki hawa me jo aapki har cheez me shaamil ho usko jhuth nahi hue isliye bhagwan hai humne mehsus kar sakte vo hamare andar hain aur vishwas bhi karna chahiye aur vaah hamare vishwas me hi zinda hai aur jo sacche man se lagan se humse par bharosa karta hai vaah usko aise bhi hote hain unki madad bhi hoti hai rahi baat vigyan ki toh pehle bhagwan hai phir baad me bhi dhyan hai kyonki shayad tu agar unhone insano ko na banaya hota hai is prithvi par unhone prakirtik ki rachna na kari hoti toh vigyan aaj ki date me recharge kis prakar raha hota hai padhai kaise kar rahe ho toh toh shuruat toh unhi se hoti hai toh pehle bhagwan hai aur aapne dekha bhi hoga ki jab hum kisi marij ko hospital me lekar jaate hain aur bade bade doctor jokes bahut bade level ke MBBS vagera padhe likhe doctor sote hain toh bahut badi blue bimariyon ka operation karte hain uske baad vaah bolte hain ki yah sab kuch god ke upar hai sab kuch bhagwan ke upar hai aur hum jaakar mandir me karte hain prarthna karte hain toh vaah bhi maanta hai yah hamara sochne ka najariya hai ki vo nahi maanta hai bus yah hai ki jo log puja path karte hain toh hamein dekh ke lagta hai vaah zyada maante hain jo log usko silent ho gaye maante hain vaah cheezen hamein dikhai nahi deti maanta har insaan hai bus yah hai ki log kamane ka alag alag tarika hai poochne ka alag alag tarika hai bhagwan hai aur vaah hamesha se the aur hamesha rahenge isme koi sandesh shak nahi hai aur pehle main bhagwan par bharosa vishwas ke baad vigyan par kis cheez se jiski shuruat hui hai hum usko ghar bhool jaenge guru hamein gyaan deta hai ki guru na hota toh shayad gyaan ke bare me pata na hota ki gyaan kya cheez hai toh 1 tarike se dekha jaega kiya jo prithvi par hamare jaisa jeev zinda hai chal raha hai kaam karne par kare saari system ho rahe hain ki bahut saari cheezen hain jaha tak aaj bhi vigyan nahi pohch paya na shayad mere khayal se pohch payega toh isliye pehle bhagwan hai uske baad ek gyaan hai

देखिए जो भरोसे की और विश्वास की बात है तो इस सृष्टि की रचना ऊपर वाले के ही द्वारा हुई है

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Sonu Kumar

Yoga Trainer

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Rambriksh

Retired.Engineer.Civilengr.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

माप विज्ञान पर विश्वास रखते हैं या भगवान पर तो भगवान पर मनुष्य को इंसान को ज्यादा विश्वास करना चाहिए जिसने जिंदगी दी है भाई इसको पार लगाएगा राजा की विज्ञान की विज्ञान की सीमा है भगवान असीमित है पूरे दुनिया में पूरे ब्रह्मांड में फैला हुआ है और विज्ञान की एक सीमा है स्थूल है विज्ञान को भी इनकार नहीं किया जा सकता क्योंकि हम भौतिक जिंदगी जी रहे हैं जीवन में कंप्यूटर के वैज्ञानिक युग में कंप्यूटर जैसे वैज्ञानिक युग में जी रहे हैं तो हमारी आवश्यकता आवश्यकताएं हैं परंतु आध्यात्मिक आवश्यकता ओं को हमने पीछे छोड़ दिया है दोनों का समन्वय होना चाहिए तो विज्ञान पर तो विश्वास है ही लेकिन उससे कहीं ज्यादा भगवान पर अंखियों की जहां सीमा विज्ञान की खत्म होती है वहां पर अध्यात्म की सीमा शुरू होती तो अध्यात्म का संबंध प्रकृति से आत्मा से है और आत्मा का संबंध परमात्मा से आत्मा परमात्मा के संबंध को जोड़ती है विश्वास तो भगवान परी करना चाहिए विज्ञान पर कम क्योंकि यह विद्या प्राप्त विज्ञान और विद्या प्राप्त है रोज नई खोजें हो रही हैं कभी मेंडलीफ की श्रेणी में कुछ तत्व बताए गए फिर इसके बाद रिसर्च हुए तो तब तो बढ़ गए इस तरह से यह विद्या प्राप्त है अभी विद्या को प्राप्त ही नहीं है सीमित है धूल है विशेष ज्ञान को विज्ञान करते हुए विशेष ज्ञान लेकिन धर्म और अध्यात्म का नहीं होती ज्ञान विशेष क्या झुकाते उसको विज्ञान का

map vigyan par vishwas rakhte hain ya bhagwan par toh bhagwan par manushya ko insaan ko zyada vishwas karna chahiye jisne zindagi di hai bhai isko par lagaega raja ki vigyan ki vigyan ki seema hai bhagwan asimeet hai poore duniya me poore brahmaand me faila hua hai aur vigyan ki ek seema hai sthool hai vigyan ko bhi inkar nahi kiya ja sakta kyonki hum bhautik zindagi ji rahe hain jeevan me computer ke vaigyanik yug me computer jaise vaigyanik yug me ji rahe hain toh hamari avashyakta aavashyakataen hain parantu aadhyatmik avashyakta on ko humne peeche chhod diya hai dono ka samanvay hona chahiye toh vigyan par toh vishwas hai hi lekin usse kahin zyada bhagwan par ankhiyon ki jaha seema vigyan ki khatam hoti hai wahan par adhyaatm ki seema shuru hoti toh adhyaatm ka sambandh prakriti se aatma se hai aur aatma ka sambandh paramatma se aatma paramatma ke sambandh ko jodti hai vishwas toh bhagwan pari karna chahiye vigyan par kam kyonki yah vidya prapt vigyan aur vidya prapt hai roj nayi khojen ho rahi hain kabhi mendalif ki shreni me kuch tatva bataye gaye phir iske baad research hue toh tab toh badh gaye is tarah se yah vidya prapt hai abhi vidya ko prapt hi nahi hai simit hai dhul hai vishesh gyaan ko vigyan karte hue vishesh gyaan lekin dharm aur adhyaatm ka nahi hoti gyaan vishesh kya jhukate usko vigyan ka

माप विज्ञान पर विश्वास रखते हैं या भगवान पर तो भगवान पर मनुष्य को इंसान को ज्यादा विश्वास

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Rajneesh kumar

Soft Skill Trainer, Life Coach & English Trainer And You Tuber

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आपका सवाल है कि आप विज्ञान पर भरोसा करते हैं या भगवान पर भरोसा करते हैं इसलिए दोनों अलग-अलग चीजें हैं विज्ञान जो है वह सिद्धांतों पर काम करती हो फैक्ट पर काम करती हैं और भगवान जब है पूर्व संध्या पर काम करते हैं भगवान जो है वह खेत पर भगवान को जो लोग मानते उनकी श्रद्धा होती है भगवान यूनिवर्सल होता है वह ने 13 1 प्रकृति है लेकिन जो सच है वह सिद्धांतों पर चलती तो सिद्धांत और श्रद्धा दोनों अलग-अलग चीजें हो सकती हैं कुछ चीजें होती है जिसमें आफ फैक्ट काम नहीं करते वहां पर श्रद्धा काम करती हैं वहां पर आपकी मूछ काम करते हैं लेकिन ढेर सारी जगहों पर आपके फैट काम करते तो दोनों अलग-अलग चीजें हैं और हमें दोनों पर भरोसा करना चाहिए आप भगवान पर भरोसा कर सकते हैं और आप साइंस पर भी भरोसा कर सकते हैं क्योंकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं हम यह नहीं कह सकते कि हमारे लिए दाएं हाथ जरूरी है या बाएं हाथ जरूरी है दोनों हाथ जरूरी है दोनों हाथ इंपॉर्टेंट है हमारे लिए बहुत इंपोर्टेंट है हमारे लिए बाय अब इंपॉर्टेंट है तो दोनों चीजें विज्ञान और भगवान दोनों अपनी-अपनी जगह पर यह दोनों चीजें अलग अलग है

aapka sawaal hai ki aap vigyan par bharosa karte hain ya bhagwan par bharosa karte hain isliye dono alag alag cheezen hain vigyan jo hai vaah siddhanto par kaam karti ho fact par kaam karti hain aur bhagwan jab hai purv sandhya par kaam karte hain bhagwan jo hai vaah khet par bhagwan ko jo log maante unki shraddha hoti hai bhagwan universal hota hai vaah ne 13 1 prakriti hai lekin jo sach hai vaah siddhanto par chalti toh siddhant aur shraddha dono alag alag cheezen ho sakti hain kuch cheezen hoti hai jisme of fact kaam nahi karte wahan par shraddha kaam karti hain wahan par aapki mooch kaam karte hain lekin dher saari jagaho par aapke fat kaam karte toh dono alag alag cheezen hain aur hamein dono par bharosa karna chahiye aap bhagwan par bharosa kar sakte hain aur aap science par bhi bharosa kar sakte hain kyonki dono alag alag cheezen hain hum yah nahi keh sakte ki hamare liye dayen hath zaroori hai ya baen hath zaroori hai dono hath zaroori hai dono hath important hai hamare liye bahut important hai hamare liye bye ab important hai toh dono cheezen vigyan aur bhagwan dono apni apni jagah par yah dono cheezen alag alag hai

आपका सवाल है कि आप विज्ञान पर भरोसा करते हैं या भगवान पर भरोसा करते हैं इसलिए दोनों अलग-अल

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V. K. Bhardwaj

Parapsychologist

1:21
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विश्वकर्मा पूजा के पास अगर आप विज्ञान पर विश्वास करते हुए भगवान पर विश्वास करता हूं भगवान से विज्ञान विज्ञान के चमत्कार को नमस्कार करते हैं ना कि कोई कुछ करने की बात अब मैं इसको हम पैदा हुए ठीक है हमारे जैसे हैं जो पुराने दो पुराने जमाने के लोग होते जो बड़े बड़े वैज्ञानिक हो चुके हैं उन्होंने खुद ही कभी भी जानवर शक्ति का पूजा पाठ करते थे अनुसंधान करते थे वह वैज्ञानिक सोनू को विज्ञापन दोनों को नमस्कार करते हैं

vishvakarma puja ke paas agar aap vigyan par vishwas karte hue bhagwan par vishwas karta hoon bhagwan se vigyan vigyan ke chamatkar ko namaskar karte hain na ki koi kuch karne ki baat ab main isko hum paida hue theek hai hamare jaise hain jo purane do purane jamane ke log hote jo bade bade vaigyanik ho chuke hain unhone khud hi kabhi bhi janwar shakti ka puja path karte the anusandhan karte the vaah vaigyanik sonu ko vigyapan dono ko namaskar karte hain

विश्वकर्मा पूजा के पास अगर आप विज्ञान पर विश्वास करते हुए भगवान पर विश्वास करता हूं भगवान

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Brijpal Singh Chouhan

Social Worker, journalist

1:41
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जय माता की जय गुरुवर की आपका प्रश्न है आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर देखिए मैं दोनों पर विश्वास करता हूं विज्ञान अपनी जगह भगवान अपनी जगह यह निश्चित है भगवान ने ज्ञान और विज्ञान दोनों का विकास किया विज्ञान केवल ज्ञान कहीं विकास कर सकता है भगवान का नहीं और जहां तक विज्ञान का है विज्ञान ने हमें मूलभूत सुविधाएं दी भौतिक रूप से सुविधाएं और आगे भी उपलब्ध करवा रहा है भगवान तो हमारी आत्मा का जनक है और यह कह सकते हैं कि सब कुछ उसी से निर्मित है तुम्हें पहले तो सबसे ज्यादा आप भगवान पर विश्वास करता हूं उस आदिशक्ति जगजननी पर सत्ता पर विश्वास करता हूं और उन्हीं के बनाए हुए विज्ञान प्रयोग विश्वास करता हूं उन्होंने मानव के द्वारा विज्ञान की संरचना की है मैं उनसे भी विश्वास करता हूं धन्यवाद

jai mata ki jai guruvar ki aapka prashna hai aap vigyan par vishwas karte ho ya bhagwan par dekhiye main dono par vishwas karta hoon vigyan apni jagah bhagwan apni jagah yah nishchit hai bhagwan ne gyaan aur vigyan dono ka vikas kiya vigyan keval gyaan kahin vikas kar sakta hai bhagwan ka nahi aur jaha tak vigyan ka hai vigyan ne hamein mulbhut suvidhaen di bhautik roop se suvidhaen aur aage bhi uplabdh karva raha hai bhagwan toh hamari aatma ka janak hai aur yah keh sakte hain ki sab kuch usi se nirmit hai tumhe pehle toh sabse zyada aap bhagwan par vishwas karta hoon us adishakti jagajanani par satta par vishwas karta hoon aur unhi ke banaye hue vigyan prayog vishwas karta hoon unhone manav ke dwara vigyan ki sanrachna ki hai main unse bhi vishwas karta hoon dhanyavad

जय माता की जय गुरुवर की आपका प्रश्न है आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर देखिए म

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Shambhu Das

Officer In Maharatna Company | Motivational Coach | Solution Provider

1:31
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देखिए जहां तक तथ्यात्मक जो बात होती है उस उन सभी बातों पर मैं विज्ञान पर भरोसा करता हूं लेकिन जब आस्था की बात होती है जहां विज्ञान खत्म होता है जिन कार्यों में विज्ञान का जहां तक पहुंच होता उससे बाहर की बातों पर मैं भगवान पर भरोसा करता हूं आपको एक उदाहरण देकर समझाओ जब भी किसी काम में इलाज कराने जाता तो वह समस्त चीजें विज्ञान पर आधारित होती हैं और उसका सही इलाज का सही डॉक्टर सही हॉस्पिटल और सही पद्धति अपना था इसके बाद भी मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि हे भगवान इनका जो पीड़ा है उनका दुख है इनका कष्ट वह जल्द से जल्द दूर करें और उस रोगी को भी मैं कहता हूं कि चिंता ना करें भगवान सब ठीक कर देगा आपने अपने तरफ से सभी काम जो है वह अपनी बुद्धिमता के अनुसार किया है आते हो आपको साथ ही भगवान देंगे अर्थात दोनों का जीवन में महत्व है इसीलिए मैं भगवान विज्ञान दोनों पर भरोसा करता हूं

dekhiye jaha tak tathyatmak jo baat hoti hai us un sabhi baaton par main vigyan par bharosa karta hoon lekin jab astha ki baat hoti hai jaha vigyan khatam hota hai jin karyo me vigyan ka jaha tak pohch hota usse bahar ki baaton par main bhagwan par bharosa karta hoon aapko ek udaharan dekar samjhao jab bhi kisi kaam me ilaj karane jata toh vaah samast cheezen vigyan par aadharit hoti hain aur uska sahi ilaj ka sahi doctor sahi hospital aur sahi paddhatee apna tha iske baad bhi main bhagwan se prarthna karta hoon ki hai bhagwan inka jo peeda hai unka dukh hai inka kasht vaah jald se jald dur kare aur us rogi ko bhi main kahata hoon ki chinta na kare bhagwan sab theek kar dega aapne apne taraf se sabhi kaam jo hai vaah apni buddhimata ke anusaar kiya hai aate ho aapko saath hi bhagwan denge arthat dono ka jeevan me mahatva hai isliye main bhagwan vigyan dono par bharosa karta hoon

देखिए जहां तक तथ्यात्मक जो बात होती है उस उन सभी बातों पर मैं विज्ञान पर भरोसा करता हूं ले

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नमस्कार आपका प्रश्न है कि आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर यह हमारी गलतफहमी है कि यदि हम एक व्यक्ति पर विश्वास करते हैं तो दूसरे व्यक्ति पर विश्वास नहीं कर सकते एक विज्ञान पर विश्वास करते हैं तो भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते एक धर्म विशेष पर विश्वास करते हैं तो दूसरे धर्म विशेष पर विश्वास नहीं कर सकते विश्वास एक विस्तृत विषय है इसलिए विज्ञान जो सामने दिखाई देता है सामने हो रहा है उसको तो विश्वास हम करते ही करते हैं परंतु हम भगवान पर भी विश्वास करते हैं क्योंकि इतने वर्षों से हमारी उनके प्रति श्रद्धा है और कुछ जीवन में हमारे ऐसा घटित होता रहता है जिससे वह विश्वास बना रहता है इसलिए यह संभव है कि भगवान पर भी विश्वास करें और विज्ञान पर भी विश्वास करें इसलिए इस तरह के क्वेश्चन का जवाब देना अपने-अपने मुश्किल हो जाता है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai ki aap vigyan par vishwas karte ho ya bhagwan par yah hamari galatfahamee hai ki yadi hum ek vyakti par vishwas karte hain toh dusre vyakti par vishwas nahi kar sakte ek vigyan par vishwas karte hain toh bhagwan par vishwas nahi kar sakte ek dharm vishesh par vishwas karte hain toh dusre dharm vishesh par vishwas nahi kar sakte vishwas ek vistrit vishay hai isliye vigyan jo saamne dikhai deta hai saamne ho raha hai usko toh vishwas hum karte hi karte hain parantu hum bhagwan par bhi vishwas karte hain kyonki itne varshon se hamari unke prati shraddha hai aur kuch jeevan me hamare aisa ghatit hota rehta hai jisse vaah vishwas bana rehta hai isliye yah sambhav hai ki bhagwan par bhi vishwas kare aur vigyan par bhi vishwas kare isliye is tarah ke question ka jawab dena apne apne mushkil ho jata hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है कि आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर यह हमारी गलतफहमी है कि

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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

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नमस्कार आपका कृषि विज्ञान पर विश्वास करते हैं ईश्वर में आस्था रखता हूं ईश्वर में विश्वास करता हूं क्योंकि ईश्वर सत्य है बाकी सब क्या है जिस पर मैंने विश्वास होगा तो ईश्वर हमारे सभी मित्रों को दूर करेगा कुछ लोग विज्ञान पर विश्वास करते हैं लेकिन कितना तापमान है

namaskar aapka krishi vigyan par vishwas karte hain ishwar me astha rakhta hoon ishwar me vishwas karta hoon kyonki ishwar satya hai baki sab kya hai jis par maine vishwas hoga toh ishwar hamare sabhi mitron ko dur karega kuch log vigyan par vishwas karte hain lekin kitna taapman hai

नमस्कार आपका कृषि विज्ञान पर विश्वास करते हैं ईश्वर में आस्था रखता हूं ईश्वर में विश्वास क

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विज्ञान और भगवान दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं जो काम विज्ञान विज्ञान कर सकता है वह भगवान भी कर सकता है लेकिन जो भगवान का विज्ञान नहीं कर सकता है आदमी जब मर जाता है तो उसकी आत्मा किधर से उड़ जाती है कि विज्ञान सिद्ध नहीं कर पाया आज तक लेकिन विज्ञान क्या करता है यह ईश्वर जानता है और उसको सिद्ध करके दिखा भी देता है लेकिन इसके लिए आपको आता तपस्या करनी पड़ती

vigyan aur bhagwan dono ek sikke ke do pahaloo hain jo kaam vigyan vigyan kar sakta hai vaah bhagwan bhi kar sakta hai lekin jo bhagwan ka vigyan nahi kar sakta hai aadmi jab mar jata hai toh uski aatma kidhar se ud jaati hai ki vigyan siddh nahi kar paya aaj tak lekin vigyan kya karta hai yah ishwar jaanta hai aur usko siddh karke dikha bhi deta hai lekin iske liye aapko aata tapasya karni padti

विज्ञान और भगवान दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं जो काम विज्ञान विज्ञान कर सकता है वह भगवान

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

0:22
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हमको ज्ञान पर भी विश्वास करना चाहिए और विज्ञान पर भी जो तार्किक रूप से और वैज्ञानिक रूप से सत्य हो उसको तो सत्यम और ना ही चाहिए लेकिन विज्ञान के जाओ आधार है उस पर भी हमको विश्वास करना चाहिए

hamko gyaan par bhi vishwas karna chahiye aur vigyan par bhi jo tarkik roop se aur vaigyanik roop se satya ho usko toh satyam aur na hi chahiye lekin vigyan ke jao aadhar hai us par bhi hamko vishwas karna chahiye

हमको ज्ञान पर भी विश्वास करना चाहिए और विज्ञान पर भी जो तार्किक रूप से और वैज्ञानिक रूप से

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Shubham Saini

Software Engineer

0:27
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आप ही ज्ञान पर विश्वास करते हैं या फिर भगवान पर हम दोनों पर करते हैं हम अपनी आस्था पर विश्वास करते हैं जो सुपरनैचुरल है और हम अपने विज्ञान पर विश्वास करते हैं जो हमारे दैनिक जीवन में भविष्य अविष्कारक रूप आविष्कार की जननी है जो हमारे जीवन को सफलता से और सरल बनाती है हमें दोनों पर विश्वास है

aap hi gyaan par vishwas karte hain ya phir bhagwan par hum dono par karte hain hum apni astha par vishwas karte hain jo suparanaichural hai aur hum apne vigyan par vishwas karte hain jo hamare dainik jeevan me bhavishya avishkarak roop avishkar ki janani hai jo hamare jeevan ko safalta se aur saral banati hai hamein dono par vishwas hai

आप ही ज्ञान पर विश्वास करते हैं या फिर भगवान पर हम दोनों पर करते हैं हम अपनी आस्था पर विश्

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Shipra Ranjan

Life Coach

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आपका सवाल विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर तथ्यों पर आधारित बातों पर ही भरोसा करते हैं वह बिल्कुल विज्ञान को ही मानते हैं और जो ईश्वर में आस्था रखते हैं विश्वास रखते हैं भरोसा रखते हैं ईश्वर को मानते हैं ईश्वर की पूजा करते हैं विश्वास करते हैं यानी जो विज्ञान को मानते हैं और जो ईश्वर में विश्वास रखते हैं ईश्वर को पूछते हैं आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद

aapka sawaal vigyan par vishwas karte ho ya bhagwan par tathyon par aadharit baaton par hi bharosa karte hain vaah bilkul vigyan ko hi maante hain aur jo ishwar me astha rakhte hain vishwas rakhte hain bharosa rakhte hain ishwar ko maante hain ishwar ki puja karte hain vishwas karte hain yani jo vigyan ko maante hain aur jo ishwar me vishwas rakhte hain ishwar ko poochhte hain aapka din shubha rahe dhanyavad

आपका सवाल विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान पर तथ्यों पर आधारित बातों पर ही भरोसा करते ह

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:47
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आपने काफी ज्ञान पर विश्वास करते हैं भगवान को मेरे भाई हम तो दोनों पर विश्वास करते हैं क्योंकि भगवान ने इंसान को इंसान ने विज्ञान को बनाया और विज्ञान ने भगवान को सर्वशक्तिमान माना आज ट्री कहने की जरूरत ही नहीं है कि सृष्टि में भगवान सब शक्तिमान नहीं विज्ञान लगा है इस कोरोनावायरस से लड़ने के लिए पूरा विश्व लगा जान की जान जा चुकी है करोड़ों इससे संक्रमित ने पूरे विश्व में क्या होगा विज्ञानिक पर संयम नहीं कर पा रही नियंत्रण नहीं कर पा रहे प्रणाम यह है कि परमात्मा का सहारा है यकीन मानिए इस पर कंट्रोल परमात्मा की शक्ति से ही होगा कब होगा कैसे होगा और कहां से होगा यह कोई नहीं जानता क्योंकि परमात्मा दृश्य परमात्मा का जिस दिन ध्यान जिस क्षण ध्यान अपने भक्तों की तरह इतराए पर पड़ गया और चंदन परमात्मा चैतन्य होकर अपने भक्तों को अपनी जैन समाज को इस मुसीबत से छुटकारा दे देगा विज्ञान है लेकिन विज्ञान भगवान के ऊपर नहीं

aapne kaafi gyaan par vishwas karte hain bhagwan ko mere bhai hum toh dono par vishwas karte hain kyonki bhagwan ne insaan ko insaan ne vigyan ko banaya aur vigyan ne bhagwan ko sarvshaktimaan mana aaj tree kehne ki zarurat hi nahi hai ki shrishti me bhagwan sab shaktiman nahi vigyan laga hai is coronavirus se ladane ke liye pura vishwa laga jaan ki jaan ja chuki hai karodo isse sankrameet ne poore vishwa me kya hoga vigyanik par sanyam nahi kar paa rahi niyantran nahi kar paa rahe pranam yah hai ki paramatma ka sahara hai yakin maniye is par control paramatma ki shakti se hi hoga kab hoga kaise hoga aur kaha se hoga yah koi nahi jaanta kyonki paramatma drishya paramatma ka jis din dhyan jis kshan dhyan apne bhakton ki tarah itaraye par pad gaya aur chandan paramatma chaitanya hokar apne bhakton ko apni jain samaj ko is musibat se chhutkara de dega vigyan hai lekin vigyan bhagwan ke upar nahi

आपने काफी ज्ञान पर विश्वास करते हैं भगवान को मेरे भाई हम तो दोनों पर विश्वास करते हैं क्यो

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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विज्ञान पर विश्वास करते हैं भगवान पर यह विषय विज्ञान और भगवान हर एक इंसान को विज्ञान और भगवान दोनों पर विश्वास करना चाहिए जहां पर विज्ञान खत्म होता है यानी कि विज्ञान पहुंचना बंद कर देता है वहीं से भगवान की जो विश्वास शुरू होता है इसलिए हमें भगवान और विज्ञान दोनों पर भरोसा जरूर करना चाहिए और हम भी इसी तरह से विज्ञान और भगवान की मित्रता करते

vigyan par vishwas karte hain bhagwan par yah vishay vigyan aur bhagwan har ek insaan ko vigyan aur bhagwan dono par vishwas karna chahiye jaha par vigyan khatam hota hai yani ki vigyan pahunchana band kar deta hai wahi se bhagwan ki jo vishwas shuru hota hai isliye hamein bhagwan aur vigyan dono par bharosa zaroor karna chahiye aur hum bhi isi tarah se vigyan aur bhagwan ki mitrata karte

विज्ञान पर विश्वास करते हैं भगवान पर यह विषय विज्ञान और भगवान हर एक इंसान को विज्ञान और भग

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:53
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आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान विज्ञान जैसे विषय की उत्पत्ति भी भगवान के कारण हुई है क्योंकि ईश्वर की रचना मनुष्य है और मनुष्य की जो खोज और रखना है वह विज्ञान है इसलिए जब तक जीवन में जब तक हम मृत्यु को प्राप्त नहीं करते जब तक विज्ञान नृत्य पर विजय प्राप्त नहीं करता तब तक ईश्वर ईश्वर भगवान हमारा विश्वास पटल रहेगा उसके बाद आत्मविश्वास विज्ञान पर रहेगा लेकिन विज्ञान मृत्यु पर विजय प्राप्त कर लेगा उस दिन में विज्ञान को सबसे पहले मांग लूंगा और भगवान को

aap vigyan par vishwas karte ho ya bhagwan vigyan jaise vishay ki utpatti bhi bhagwan ke karan hui hai kyonki ishwar ki rachna manushya hai aur manushya ki jo khoj aur rakhna hai vaah vigyan hai isliye jab tak jeevan me jab tak hum mrityu ko prapt nahi karte jab tak vigyan nritya par vijay prapt nahi karta tab tak ishwar ishwar bhagwan hamara vishwas patal rahega uske baad aatmvishvaas vigyan par rahega lekin vigyan mrityu par vijay prapt kar lega us din me vigyan ko sabse pehle maang lunga aur bhagwan ko

आप विज्ञान पर विश्वास करते हो या भगवान विज्ञान जैसे विषय की उत्पत्ति भी भगवान के कारण हुई

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Raj Yadav

Veterinary Doctor

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आप विज्ञान पर भरोसा करते हैं या भगवान सकती कि मैं निश्चित विज्ञान पर भरोसा करता हूं क्योंकि वह प्रत्यक्ष प्रमाणित करना पड़ता है क्या मिश्रा भगवान को भी मानता हूं इसलिए अपने को दोनों पर ही विश्वास करना कि भगवान

aap vigyan par bharosa karte hain ya bhagwan sakti ki main nishchit vigyan par bharosa karta hoon kyonki vaah pratyaksh pramanit karna padta hai kya mishra bhagwan ko bhi maanta hoon isliye apne ko dono par hi vishwas karna ki bhagwan

आप विज्ञान पर भरोसा करते हैं या भगवान सकती कि मैं निश्चित विज्ञान पर भरोसा करता हूं क्योंक

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जब भगवान अपने पर आते हैं तो भगवान पर विश्वास करना पड़ता है जो विज्ञान अपने प्यार तत्व विज्ञान पर विश्वास करना पड़ता है दोनों की चीजें इस पूरे ब्रह्मांड में पूरे ब्रह्मांड में इन्हीं का ही पुरातत्व है हर तक विज्ञान भी है विज्ञान उन चीजों को एनालाइज करते जो भगवान ने बनाई है उनकी व्याख्या करती है विज्ञान से कहते जैसे चांद से दूरी कितनी है प्रभु ने तो पता नहीं किस तरह से लाती हो हमें नहीं पता लेकिन विज्ञान उसे नापने का एक औजार है नजरिया है आप कहीं ना अपने हो जाएगा घर में रहिए सुरक्षित रहिए औरों को भी सूचित कीजिए आपकी एक जान कई लोगों को मुसीबत में डाल सकती है कृपया घर में ही रहें सुरक्षित रहें

jab bhagwan apne par aate hain toh bhagwan par vishwas karna padta hai jo vigyan apne pyar tatva vigyan par vishwas karna padta hai dono ki cheezen is poore brahmaand me poore brahmaand me inhin ka hi puratatva hai har tak vigyan bhi hai vigyan un chijon ko analyse karte jo bhagwan ne banai hai unki vyakhya karti hai vigyan se kehte jaise chand se doori kitni hai prabhu ne toh pata nahi kis tarah se lati ho hamein nahi pata lekin vigyan use napne ka ek aujar hai najariya hai aap kahin na apne ho jaega ghar me rahiye surakshit rahiye auron ko bhi suchit kijiye aapki ek jaan kai logo ko musibat me daal sakti hai kripya ghar me hi rahein surakshit rahein

जब भगवान अपने पर आते हैं तो भगवान पर विश्वास करना पड़ता है जो विज्ञान अपने प्यार तत्व विज्

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आपका प्रश्न है विज्ञान पर विश्वास करते हैं भगवान मैं भगवान को विश्वास करता हूं इस सृष्टि की रचना ईश्वर के द्वारा की गई है विज्ञान का महत्व तभी है जब सृष्टि है यदि सृष्टि नहीं होती तो विज्ञान भी नहीं होता उसकी रचना करने वाला ईश्वर है इसलिए मैं ईश्वर पर विश्वास करता हूं विज्ञान कार्यक्रम पर विज्ञान ईश्वर ने रचना की उसे संभवत रूप में वैज्ञानिकों द्वारा किया गया उसका ज्ञान क्रमबद्ध रूप में हम तक पहुंचता है मैं विज्ञान है जिसमें अनेक अन्वेषण और खोजें की जाती हैं उसका एक क्रम उद्यान विज्ञान है जो 50 से संबंधित है जय श्री राधे

aapka prashna hai vigyan par vishwas karte hain bhagwan main bhagwan ko vishwas karta hoon is shrishti ki rachna ishwar ke dwara ki gayi hai vigyan ka mahatva tabhi hai jab shrishti hai yadi shrishti nahi hoti toh vigyan bhi nahi hota uski rachna karne vala ishwar hai isliye main ishwar par vishwas karta hoon vigyan karyakram par vigyan ishwar ne rachna ki use sambhavat roop me vaigyaniko dwara kiya gaya uska gyaan krambaddh roop me hum tak pahuchta hai main vigyan hai jisme anek anveshan aur khojen ki jaati hain uska ek kram udyan vigyan hai jo 50 se sambandhit hai jai shri radhe

आपका प्रश्न है विज्ञान पर विश्वास करते हैं भगवान मैं भगवान को विश्वास करता हूं इस सृष्टि क

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Gyandeep Kkr

Social Activist

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के ज्ञान में विश्वास करते हैं लोग तो कुछ होते हैं कि भगवान है ही नहीं परंतु ऐसा नहीं है विज्ञान भी ठीक है और भगवान भी होता है तो प्रचंड है भगवान पहले मुझे भी डाउट डाउट था कि परंतु वह सौ परसेंट है आप को भी अगर इस चीज के प्रमाण चाहिए विश्वास चाहिए तो आप एक सत्संग सुनिए यह सा शख्स है जो आपकी भगवान के विषय में नहीं बदलेगा मैंने खुद सुना तब आपको पाया ऐसा सत्संग आज तक किसी धर्म गुरु का मैंने नहीं देखा कुछ दिन में ही बहुत ही बातें सामने आ जाती है बिल्कुल अलग आप देखिए साधना चैनल शाम को 7:30 से 8:30 बजे ईश्वर टीवी शाम को 8:30 से 9:30 बजे संत रामपाल जी का सत्संग

ke gyaan me vishwas karte hain log toh kuch hote hain ki bhagwan hai hi nahi parantu aisa nahi hai vigyan bhi theek hai aur bhagwan bhi hota hai toh prachand hai bhagwan pehle mujhe bhi doubt doubt tha ki parantu vaah sau percent hai aap ko bhi agar is cheez ke pramaan chahiye vishwas chahiye toh aap ek satsang suniye yah sa sakhs hai jo aapki bhagwan ke vishay me nahi badlega maine khud suna tab aapko paya aisa satsang aaj tak kisi dharm guru ka maine nahi dekha kuch din me hi bahut hi batein saamne aa jaati hai bilkul alag aap dekhiye sadhna channel shaam ko 7 30 se 8 30 baje ishwar TV shaam ko 8 30 se 9 30 baje sant rampal ji ka satsang

के ज्ञान में विश्वास करते हैं लोग तो कुछ होते हैं कि भगवान है ही नहीं परंतु ऐसा नहीं है वि

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Satpal Dahiya

Soldier in Indian Army | Spiritual Guide | Social Worker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां बहुत अच्छा प्रश्न है आप विज्ञान पर विश्वास करते हैं या भगवान पर में विश्वास करने वाली बात है ही नहीं कुछ भी विज्ञान अपनी जगह है भगवान अपनी जगह है हम दोनों पर ही विश्वास करो ना करो दोनों चीज है तो है इसमें विश्वास करने वाली तो कोई बात ही नहीं है लेकिन बात क्या है कि धार्मिक तरीके को परमात्मा को वैज्ञानिक तरीके से देखना वह ज्यादा बड़ी बात है वह हमें देखना सिखाते हैं सिर्फ संत रामपाल जी महाराज उसके लिए आप देखें साधना टीवी शाम 7:30 से श्रद्धा टीवी दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक और भी कई चैनलों पर सत्संग आता है उसे आप वैज्ञानिक दृष्टि से संपूर्ण अध्यात्म को देखना सीख जाएंगे जी

ji haan bahut accha prashna hai aap vigyan par vishwas karte hain ya bhagwan par me vishwas karne wali baat hai hi nahi kuch bhi vigyan apni jagah hai bhagwan apni jagah hai hum dono par hi vishwas karo na karo dono cheez hai toh hai isme vishwas karne wali toh koi baat hi nahi hai lekin baat kya hai ki dharmik tarike ko paramatma ko vaigyanik tarike se dekhna vaah zyada badi baat hai vaah hamein dekhna sikhaate hain sirf sant rampal ji maharaj uske liye aap dekhen sadhna TV shaam 7 30 se shraddha TV dopahar 2 00 se 3 00 baje tak aur bhi kai channelon par satsang aata hai use aap vaigyanik drishti se sampurna adhyaatm ko dekhna seekh jaenge ji

जी हां बहुत अच्छा प्रश्न है आप विज्ञान पर विश्वास करते हैं या भगवान पर में विश्वास करने वा

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Manish Bhargava

Trainer/ Mentor in Delhi education deptt.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभिज्ञान पर विश्वास करते हैं दोनों ही चीजें अच्छी जगह जरूरी है दोनों का अपना महत्व है दोनों एक दूसरे के पूरक हैं ना कि अलग-अलग विज्ञान और भगवान के धर्म में कोई अंतर नहीं है धर्म में भी वैज्ञानिक परंपरा रही है वैज्ञानिक विचारधारा वही है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण धार्मिक लोगों में पी रहा है प्राचीन काल में जो भी आविष्कार हुए थे वह धार्मिक लोगों ने ही किए थे जब पूरे विश्व में बुखार की टेबलेट तक नहीं होती थी उस समय भारत में ऑपरेशन किए जाते थे आप चरक संहिता पड़े आपको खुद ज्ञान हो जाएगा जब पूरे विश्वास नहीं था पर भारत में बैठे थे कहां तक विकास किया था पढ़ सकते परंपराएं कुछ गलत हो सकती है पर धार्मिक लोगों में भी वैज्ञानिक सोच होती है और वह भी आगे बढ़ाते हैं दोनों की जगह जरूरी है दोनों का दोनों को ऐसा नहीं है कि दोनों

abhigyan par vishwas karte hain dono hi cheezen achi jagah zaroori hai dono ka apna mahatva hai dono ek dusre ke purak hain na ki alag alag vigyan aur bhagwan ke dharm me koi antar nahi hai dharm me bhi vaigyanik parampara rahi hai vaigyanik vichardhara wahi hai aur vaigyanik drishtikon dharmik logo me p raha hai prachin kaal me jo bhi avishkar hue the vaah dharmik logo ne hi kiye the jab poore vishwa me bukhar ki tablet tak nahi hoti thi us samay bharat me operation kiye jaate the aap charak sanhita pade aapko khud gyaan ho jaega jab poore vishwas nahi tha par bharat me baithe the kaha tak vikas kiya tha padh sakte paramparayen kuch galat ho sakti hai par dharmik logo me bhi vaigyanik soch hoti hai aur vaah bhi aage badhate hain dono ki jagah zaroori hai dono ka dono ko aisa nahi hai ki dono

अभिज्ञान पर विश्वास करते हैं दोनों ही चीजें अच्छी जगह जरूरी है दोनों का अपना महत्व है दोनो

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