सरकारें मध्यम वर्ग के बारे में विचार क्यों नहीं करती है ,उन्हें अनदेखा क्यों करती हैं?...


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Tanay Mishra

Head Control Clerk In Forest Department U.P.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिसके पास पैसे हैं पावर है लोग उसकी ज्यादा सुनते हैं क्योंकि जिसके पास पैसे हैं वह पैसा फेक के हर एक चीज में सोचता है कि मेरा काम जल्दी और हमारी सरकार भ्रष्ट है और भ्रष्टाचार ज्यादा होने का है पैसे वालों लोगों को भाव ज्यादा दिया जाता है भाई इसलिए सब चीजें हैं तो मेरे ख्याल से इसीलिए हमारा सिस्टम है भ्रष्ट है इसी कारण से दिक्कत होती है धन्यवाद

jiske paas paise hain power hai log uski zyada sunte hain kyonki jiske paas paise hain vaah paisa fake ke har ek cheez me sochta hai ki mera kaam jaldi aur hamari sarkar bhrasht hai aur bhrashtachar zyada hone ka hai paise walon logo ko bhav zyada diya jata hai bhai isliye sab cheezen hain toh mere khayal se isliye hamara system hai bhrasht hai isi karan se dikkat hoti hai dhanyavad

जिसके पास पैसे हैं पावर है लोग उसकी ज्यादा सुनते हैं क्योंकि जिसके पास पैसे हैं वह पैसा फे

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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए अगर हम भारत की जो आबादी है उसको 3 पार्ट में डिवाइड करें तो हम क्या सकते हैं उच्च वर्ग मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग या गरीब पर अभी के भारत में गरीब रथ की सबसे ज्यादा आबादी है 508 परसेंट लोग जो है कम से कम जो है वह गरीब वर्ग में आते हैं और इस वजह से उनका वोट बैंक का सबसे ज्यादा है लेकिन जो अमीर वर्ग है उनकी आबादी तो बहुत कम है 75 परसेंट भी नहीं होगी हो सकता 12 परसेंट भी हो लेकिन जो सरकार को जो पैसा आता है इलेक्शन लड़ने के लिए तो पॉलिटिशंस करते हैं करते हैं उनका भी ध्यान रखना है गरीब लोगों का ध्यान रखना है क्योंकि वह 70% वोट है उनका पर उनको करना गलत करेंगे तो कैसे इलेक्शन जीतेंगे और जहां से मध्यम वर्ग का सवाल आता है बहुत पैसा है देने के लिए और ना ही उनके पास में उतना बड़ा वोट बैंक है जो गरीबों के पास में है और इसी वजह से जो है सरकार ने जो है WhatsApp मध्यम वर्ग के बारे में विचार नहीं करती हैं और केवल अमीर और गरीब वर्ग के बारे में विचार करते हैं

dekhiye agar hum bharat ki jo aabadi hai usko 3 part mein divide kare toh hum kya sakte hai ucch varg madhyam varg aur nimn varg ya garib par abhi ke bharat mein garib rath ki sabse zyada aabadi hai 508 percent log jo hai kam se kam jo hai vaah garib varg mein aate hai aur is wajah se unka vote BA nk ka sabse zyada hai lekin jo amir varg hai unki aabadi toh BA hut kam hai 75 percent bhi nahi hogi ho sakta 12 percent bhi ho lekin jo sarkar ko jo paisa aata hai election ladane ke liye toh politicians karte hai karte hai unka bhi dhyan rakhna hai garib logo ka dhyan rakhna hai kyonki vaah 70 vote hai unka par unko karna galat karenge toh kaise election jitenge aur jaha se madhyam varg ka sawaal aata hai BA hut paisa hai dene ke liye aur na hi unke paas mein utana BA da vote BA nk hai jo garibon ke paas mein hai aur isi wajah se jo hai sarkar ne jo hai WhatsApp madhyam varg ke BA re mein vichar nahi karti hai aur keval amir aur garib varg ke BA re mein vichar karte hain

देखिए अगर हम भारत की जो आबादी है उसको 3 पार्ट में डिवाइड करें तो हम क्या सकते हैं उच्च वर्

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Bhuvi Jain

Engineer, Educator, Writer

1:29
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सीधी सी बात है मध्यम पर ना सरकार को वोट दे सकती है ना नोट दे सकती है क्योंकि यह दोनों चीजें सरकार एक सरकार को चलाने के लिए बहुत इंपॉर्टेंट है वोट बैंक जो सरकार का है वह गरीबों से आता है वह लोग नीचे वाले वर्क से आता है और जो नोट है जिससे कि सरकार की अपने काम चलते जिसे की पार्टी चलती है यानी कि उनके कैंपेन उनके और उनके खरीदने के तरीके हैं यह सब कुछ चलता है यह सब उनको इंडस्ट्रियल एरिया है कि मुझे वाले जो वर्क वाले होते हैं मध्यम वर्ग इन को कुछ नहीं दे सकते हो उतनी बार दे सकते हैं जिससे कि उनका कोई इनके मेजोरिटी या कुछ हो सकती है इसलिए मध्यम पर एक वर्कर एंड की तरह से होते जी की तरफ से जिसकी कोई इंपॉर्टेंस नहीं है सरकार की नजरों में बस उनको कुचलकर सरकार आगे चाहती है या तो श देती है जो कहते हैं जो कि नीचे वाले वर्ग वाले लोगों के लिए उनके जो स्कीम्स होते हैं वह करती है या फिर ऐसे लॉज निकालती है जिससे कि इंडस्ट्रियलिस्ट को फायदा होगा कि मध्यम वर्ग सरकार के लिए कोई महत्व नहीं है

seedhi si BA at hai madhyam par na sarkar ko vote de sakti hai na note de sakti hai kyonki yah dono cheezen sarkar ek sarkar ko chalane ke liye BA hut important hai vote BA nk jo sarkar ka hai vaah garibon se aata hai vaah log niche waale work se aata hai aur jo note hai jisse ki sarkar ki apne kaam chalte jise ki party chalti hai yani ki unke campaign unke aur unke kharidne ke tarike hai yah sab kuch chalta hai yah sab unko Industrial area hai ki mujhe waale jo work waale hote hai madhyam varg in ko kuch nahi de sakte ho utani BA ar de sakte hai jisse ki unka koi inke majority ya kuch ho sakti hai isliye madhyam par ek worker and ki tarah se hote ji ki taraf se jiski koi importance nahi hai sarkar ki nazro mein bus unko kuchalkar sarkar aage chahti hai ya toh sha deti hai jo kehte hai jo ki niche waale varg waale logo ke liye unke jo schemes hote hai vaah karti hai ya phir aise Lodge nikalati hai jisse ki industrialist ko fayda hoga ki madhyam varg sarkar ke liye koi mahatva nahi hai

सीधी सी बात है मध्यम पर ना सरकार को वोट दे सकती है ना नोट दे सकती है क्योंकि यह दोनों चीजे

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Vikas Singh

Political Analyst

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकार मध्यम वर्ग के ऊपर इसलिए विचार नहीं करती है क्योंकि मध्यमवर्ग टूटा हुआ है बिखरा हुआ है और जो एससी एसटी है उनमें एकता है उनको अगर उनका वोट बैंक क्या है फिक्स एकदम उनको अगर हाथी पर वोट मारना है तो वह सीधे जाकर हाथी को वोट देते हैं इसलिए जितनी भी सरकारें हैं को सबसे अधिक एससी एसटी वालों पर ध्यान देती अगर मध्यमवर्ग जिस दिन काबिल हो गया जिस दिन मध्यम वर्ग में एकता गई मध्यम वर्ग का बिल तो है लेकिन उसके अंदर दिखता नहीं है जिस दिन एकता आ जाएगी उस दिन सरकार मध्यम वर्ग के ऊपर ध्यान देगी धन्यवाद

sarkar madhyam varg ke upar isliye vichar nahi karti hai kyonki madhyamavarg tuta hua hai bikhra hua hai aur jo SC ST hai unmen ekta hai unko agar unka vote BA nk kya hai fix ekdam unko agar haathi par vote marna hai toh vaah sidhe jaakar haathi ko vote dete hai isliye jitni bhi sarkaren hai ko sabse adhik SC ST walon par dhyan deti agar madhyamavarg jis din kaabil ho gaya jis din madhyam varg mein ekta gayi madhyam varg ka bill toh hai lekin uske andar dikhta nahi hai jis din ekta aa jayegi us din sarkar madhyam varg ke upar dhyan degi dhanyavad

सरकार मध्यम वर्ग के ऊपर इसलिए विचार नहीं करती है क्योंकि मध्यमवर्ग टूटा हुआ है बिखरा हुआ ह

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

4:33

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी मध्यम वर्ग के बारे में विचार क्यों नहीं करती उन्हें अनदेखा क्यों करती होती क्योंकि हमारे भारत देश में गरीबी रेखा के नीचे रिपोर्ट के हिसाब से 25 से 30% गरीबी रेखा के नीचे अपना जीवन यापन 15 से 20 के ऊपर 15 20% उच्च मध्यम वर्ग इस तरह से अगर देखा जाए तो अमीर वर्ग 2 सुपर रिच फैमिली और पर ट्रैक्टर घराने से संबंधित है और वह 3 से 5% ने कहा जाता है कि 3% और 97% पीपल कोट पैंट सिर्फ देने वाला है तो 50 से सब्जी है गरीब वॉशिंग मशीन फोन कीबोर्ड इसके अलावा उच्च मध्यम वर्ग और उनको फंडिंग करता है मतलब चुनाव के लिए लड़ने के लिए उच्च मध्यम वर्ग की फंडिंग नहीं करता लेकिन सुपरहिट जो कम से कम 500 500 करोड़ की संपत्ति के मालिक हैं वह चुनाव की छलनी करते हैं उनका भी एक वजन होता है राजनीतिज्ञों के पास बीच में रह गया उसके लिए सोचने के लिए सरकार के पास कोई भी कारण नहीं लगता है कि वह चुनाव में कैसे असर करता हूं फिर वह अक्सर बुद्धिजीवी वर्ग को तेल और अपनी आय को इस तरह से मेहनत करते हैं बचत वही करते हैं तरफ से उसको पर सरकार का ध्यान कम जाता है सिर्फ उसको वह समझते हैं कि यह हमें कुछ देने वाले नहीं है सिर्फ वोट दे सकते हैं इसलिए उनके लाभ के लिए सरकार कंप्रेस सकती है उनके हिस्सा कम यह व्यक्ति लेकिन वर्तमान सरकार ने उनको एक बार मध्य मैच के लिए और नौकरी पेशा लोगों के लिए एक बार अवश्य ध्यान देना पड़ेगा क्योंकि सबसे बड़ा बस यही गरीबी रेखा के नीचे जो है वह तो उनको वोट बैंक है लेकिन उस वह भी सबसे बड़ी वोट बैंक किसी भी प्रकार की होती है यह अलग बात है कि सरकार ने उसको पर ध्यान नहीं देती बुद्धिजीवियों का इतना ज्यादा वह ध्यान नहीं रखती नौकरी पेशा लोगों का इतना ज्यादा ध्यान नहीं रख पाती लेकिन सवाल है कि सरकारी मध्य मध्य के बारे में विचार क्यों नहीं करती क्योंकि सिर्फ वोट देते हैं ना ही वह कोई संगठित क्षेत्र से असंगठित क्षेत्र में के स्वरों एकदम हिट सुपरहिट से मिली है तो एकदम गरीबों का दाता कम

sarkari madhyam varg ke BA re mein vichar kyon nahi karti unhe andekha kyon karti hoti kyonki hamare bharat desh mein garibi rekha ke niche report ke hisab se 25 se 30 garibi rekha ke niche apna jeevan yaapan 15 se 20 ke upar 15 20 ucch madhyam varg is tarah se agar dekha jaaye toh amir varg 2 super rich family aur par tractor gharane se sambandhit hai aur vaah 3 se 5 ne kaha jata hai ki 3 aur 97 pipal coat pant sirf dene vala hai toh 50 se sabzi hai garib washing machine phone keyboard iske alava ucch madhyam varg aur unko funding karta hai matlab chunav ke liye ladane ke liye ucch madhyam varg ki funding nahi karta lekin superhit jo kam se kam 500 500 crore ki sampatti ke malik hai vaah chunav ki chalani karte hai unka bhi ek wajan hota hai rajaneetigyon ke paas beech mein reh gaya uske liye sochne ke liye sarkar ke paas koi bhi karan nahi lagta hai ki vaah chunav mein kaise asar karta hoon phir vaah aksar buddhijeevi varg ko tel aur apni aay ko is tarah se mehnat karte hai BA chat wahi karte hai taraf se usko par sarkar ka dhyan kam jata hai sirf usko vaah samajhte hai ki yah hamein kuch dene waale nahi hai sirf vote de sakte hai isliye unke labh ke liye sarkar compress sakti hai unke hissa kam yah vyakti lekin vartaman sarkar ne unko ek BA ar madhya match ke liye aur naukri pesha logo ke liye ek BA ar avashya dhyan dena padega kyonki sabse BA da bus yahi garibi rekha ke niche jo hai vaah toh unko vote BA nk hai lekin us vaah bhi sabse BA di vote BA nk kisi bhi prakar ki hoti hai yah alag BA at hai ki sarkar ne usko par dhyan nahi deti buddhijiviyon ka itna zyada vaah dhyan nahi rakhti naukri pesha logo ka itna zyada dhyan nahi rakh pati lekin sawaal hai ki sarkari madhya madhya ke BA re mein vichar kyon nahi karti kyonki sirf vote dete hai na hi vaah koi sangathit kshetra se asangathit kshetra mein ke swaron ekdam hit superhit se mili hai toh ekdam garibon ka data kam

सरकारी मध्यम वर्ग के बारे में विचार क्यों नहीं करती उन्हें अनदेखा क्यों करती होती क्योंकि

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां मैं आपकी बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि कोई भी सरकार जो सत्ता में आती है वह कभी भी मध्यम वर्ग के बारे में क्यों नहीं सोचते है क्यों नहीं विचार करती है क्यों हमेशा मध्यम वर्ग को अनदेखा कर दिया जाता है जबकि कोई भी सरकार गरीबों के लिए जरूर कोई ना कोई योजनाएं बनाती है अमीरों का समर्थन जरुर करती है पर मध्यम वर्ग के लिए क्यों ऐसी कोई योजना नहीं बनाई जाती क्यों उनकी सहायता नहीं की जाती बल्कि मध्यम वर्ग में भी कई सारे ऐसे लोग हैं जो बेरोजगारी है या फिर पैसे की वजह से या फिर महंगाई की वजह से कुछ ना कुछ समस्याओं को झेल रहे हैं पर फिर भी उनके लिए कोई भी सहायता नहीं है और भेजती सरकार तो यह बात आपकी सही है कि हमारे देश में ज्यादातर लोग मध्यम वर्ग से हैं पर फिर भी उनकी सहायता के लिए कुछ सरकार है नहीं करती हैं तो यह सूची चाहिए सरकार को और मध्यम वर्ग के लोगों को अनदेखा ना करके बल्कि उनके बारे में भी कुछ ना कुछ योजनाएं बनाई नहीं चाहिए उनके लिए भी कुछ न कुछ राहत दया सुविधाएं देनी चाहिए ताकि वह अपनी जिंदगी को आसान बना सके

ji haan main aapki BA at se puri tarah se sahmat hoon ki koi bhi sarkar jo satta mein aati hai vaah kabhi bhi madhyam varg ke BA re mein kyon nahi sochte hai kyon nahi vichar karti hai kyon hamesha madhyam varg ko andekha kar diya jata hai jabki koi bhi sarkar garibon ke liye zaroor koi na koi yojanaye BA nati hai amiron ka samarthan zaroor karti hai par madhyam varg ke liye kyon aisi koi yojana nahi BA nai jaati kyon unki sahayta nahi ki jaati BA lki madhyam varg mein bhi kai saare aise log hai jo berojgari hai ya phir paise ki wajah se ya phir mahangai ki wajah se kuch na kuch samasyaon ko jhel rahe hai par phir bhi unke liye koi bhi sahayta nahi hai aur bhejti sarkar toh yah BA at aapki sahi hai ki hamare desh mein jyadatar log madhyam varg se hai par phir bhi unki sahayta ke liye kuch sarkar hai nahi karti hai toh yah suchi chahiye sarkar ko aur madhyam varg ke logo ko andekha na karke BA lki unke BA re mein bhi kuch na kuch yojanaye BA nai nahi chahiye unke liye bhi kuch na kuch rahat daya suvidhaen deni chahiye taki vaah apni zindagi ko aasaan BA na sake

जी हां मैं आपकी बात से पूरी तरह से सहमत हूं कि कोई भी सरकार जो सत्ता में आती है वह कभी भी

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mak mansuri

Story teller - artist

0:37
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकार सारे वर्गो को ध्यान में रखकर करती है जैसे के एक लग्जरी आइटम के ऊपर में ट्रक चालक से लगाया हुआ है खाने-पीने का आइटम तो उन्होंने कम टैक्स लगाया हुआ डिपॉजिट इनकम ज्यादा इनकम टैक्स है किसका ज्यादा है उन पर ढाई लाख तक इनकम टैक्स इनकम इनकम टैक्स नहीं है तो ऐसा नहीं है कि सरकार कौन देखा करती है भाई के वह सबका ध्यान रखती है और उनकी हिस्से में वह सब के घर आकर अट लीस्ट बिजली नहीं पूछेगी तो ऐसा होता है तो वह मध्यम वर्ग को अनदेखा नहीं करती है लेकिन उनको सो सबका ध्यान रखती है

sarkar saare virgo ko dhyan mein rakhakar karti hai jaise ke ek luxury item ke upar mein truck chaalak se lagaya hua hai khane peene ka item toh unhone kam tax lagaya hua deposit income zyada income tax hai kiska zyada hai un par dhai lakh tak income tax income income tax nahi hai toh aisa nahi hai ki sarkar kaun dekha karti hai bhai ke vaah sabka dhyan rakhti hai aur unki hisse mein vaah sab ke ghar aakar attack list bijli nahi puchegi toh aisa hota hai toh vaah madhyam varg ko andekha nahi karti hai lekin unko so sabka dhyan rakhti hai

सरकार सारे वर्गो को ध्यान में रखकर करती है जैसे के एक लग्जरी आइटम के ऊपर में ट्रक चालक से

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी मध्यम वर्ग को लेकर विचार इसलिए नहीं करती हैं आपके जो मिडिल क्लास है वह ऑलरेडी संपन्न है और जब चुनाव होते हैं तो मिडिल क्लास का इंटर फोटो की तरफ नहीं होता है वह कैंडिडेट को देखकर वोट करते हैं वह पार्टी को देख कर वोट नहीं करते वह डलहौजी को देख कर वोट नहीं करते वह कैंडिडेट के कैरेक्टर कैंडिडेट क्या उनके लिए रिलाएबल है कैंडिडेट रश्मिरथी इन सारी चीजों को इन सारी चीजों पर अगर सारे पैरामीटर पर कंटेंट बरकातहू मॉडल का सपोर्ट करती है दूसरा मिडिल क्लास में जो लोग आते हैं वह हाइली एजुकेटेड इसलिए वह जब अपने वोट का चुनाव करते हैं तो एक अच्छा कैंडिडेट देखकर चुनाव करते हैं इसके अलावा अगर बात की जाए जो दूसरी क्लास है जो अब BPL फैमिली इसमें जो लोग आते हैं स्पेशली और एक पर्टिकुलर जो SC ST का वोट बैंक स्टेट बैंक ऐसा है कि बहुत ज्यादा है जो हमारे देश के नेता हैं उनको अपनी बातों में अपनी बातों से इसलिए अनफ्रेंड कर लेते हैं जाति के नाम पर उन को भड़काकर उनसे पूरा वोट बैंक ले लेते हैं हालांकि उनके मेले के लिए प्रश्न का भी नहीं करते तो सरकार को कहीं ना कहीं लगता है कि मतलब और पहले से ही संपन्न मध्यम वर्ग के चुनाव में वोट देता है तो कैंडिडेट को देखकर चुनाव में वोट देता है उस सिंबल को देखकर नहीं देता इसलिए मध्यम पर सरकार का फोकस थोड़ा कम रहता है और उन्हें मालूम है कि जैसे मुस्लिम वोट हुआ है SC ST गुड हुआ यह पोस्ट किसी भी पार्टी कूलर पार्टी के तरफ पूरा ट्रांसफर हो जाता है तो इसलिए ज्यादातर पार्टी इन्हीं गुणों पर फोकस करें

sarkari madhyam varg ko lekar vichar isliye nahi karti hai aapke jo middle kashi hai vaah already sampann hai aur jab chunav hote hai toh middle kashi ka inter photo ki taraf nahi hota hai vaah candidate ko dekhkar vote karte hai vaah party ko dekh kar vote nahi karte vaah dalhousie ko dekh kar vote nahi karte vaah candidate ke character candidate kya unke liye reliable hai candidate rashmirathi in saree chijon ko in saree chijon par agar saare parameter par content BA rakathu model ka support karti hai doosra middle kashi mein jo log aate hai vaah highly educated isliye vaah jab apne vote ka chunav karte hai toh ek accha candidate dekhkar chunav karte hai iske alava agar BA at ki jaaye jo dusri kashi hai jo ab BPL family isme jo log aate hai speshli aur ek particular jo SC ST ka vote BA nk state BA nk aisa hai ki BA hut zyada hai jo hamare desh ke neta hai unko apni BA aton mein apni BA aton se isliye anafrend kar lete hai jati ke naam par un ko bhadakakar unse pura vote BA nk le lete hai halaki unke mele ke liye prashna ka bhi nahi karte toh sarkar ko kahin na kahin lagta hai ki matlab aur pehle se hi sampann madhyam varg ke chunav mein vote deta hai toh candidate ko dekhkar chunav mein vote deta hai us symbol ko dekhkar nahi deta isliye madhyam par sarkar ka focus thoda kam rehta hai aur unhe maloom hai ki jaise muslim vote hua hai SC ST good hua yah post kisi bhi party cooler party ke taraf pura transfer ho jata hai toh isliye jyadatar party inhin gunon par focus karen

सरकारी मध्यम वर्ग को लेकर विचार इसलिए नहीं करती हैं आपके जो मिडिल क्लास है वह ऑलरेडी संपन्

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Vatsal

Engineering Student

1:32
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आपने मध्यम वर्ग का जिक्र किया कि सरकार के बारे में विचार क्यों नहीं करती कोई काम नहीं करेगा ऑल इज वेल कश्मीर मुद्दे पर आप पर आतंकवादियों के मुद्दे पर काला धन स्विस बैंक में था उसका दोनों को परेशान किया नुकसान भी हो गए तो मैं जरुर आपको देता मैं आपको परेशान किया तो काम तो आपने किसी

aapne madhyam varg ka jikarr kiya ki sarkar ke BA re mein vichar kyon nahi karti koi kaam nahi karega all is well kashmir mudde par aap par aatankwadion ke mudde par kaala dhan swiss BA nk mein tha uska dono ko pareshan kiya nuksan bhi ho gaye toh main zaroor aapko deta main aapko pareshan kiya toh kaam toh aapne kisi

आपने मध्यम वर्ग का जिक्र किया कि सरकार के बारे में विचार क्यों नहीं करती कोई काम नहीं करेग

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे देश कि केंद्र सरकार आज ऐसा लग रहा है कि मध्यम परिवार और गरीब तबके के जितने भी लोग हैं उसे भूलते जा रही है क्योंकि उनके विकास के लिए कोई भी प्रयास नहीं किया जा रहे पढ़े लिखे युवा बेरोजगार बैठे हैं उन्हें नौकरियां नहीं मिल रही किसान हमारे देश में आत्महत्या करने को मजबूर हैं उनकी हालत दयनीय होती जा रही है लेकिन सरकार मुझे लगता है उद्योगपतियों की मदद करने में लगी हुई है तो सरकार को जल्द ही इस दिशा में कुछ ना कुछ सोचना चाहिए क्योंकि भारत की अधिकांश जनता आया तो मध्यमवर्गीय है या फिर गरीब तो अगर उनके विकास के लिए सरकार नहीं सोचेगी तो आने वाले लोकसभा चुनाव में सरकार को इसका खामियाजा सत्ता गवा कर चुकाना पड़ सकता है

hamare desh ki kendra sarkar aaj aisa lag raha hai ki madhyam parivar aur garib tabke ke jitne bhi log hai use bhulte ja rahi hai kyonki unke vikas ke liye koi bhi prayas nahi kiya ja rahe padhe likhe yuva berozgaar BA ithe hai unhe naukriyan nahi mil rahi kisan hamare desh mein atmahatya karne ko majboor hai unki halat dayaniye hoti ja rahi hai lekin sarkar mujhe lagta hai udyogpatiyon ki madad karne mein lagi hui hai toh sarkar ko jald hi is disha mein kuch na kuch sochna chahiye kyonki bharat ki adhikaansh janta aaya toh madhyamwargiye hai ya phir garib toh agar unke vikas ke liye sarkar nahi sochegi toh aane waale lok sabha chunav mein sarkar ko iska khamiyaja satta gawa kar chukaana pad sakta hai

हमारे देश कि केंद्र सरकार आज ऐसा लग रहा है कि मध्यम परिवार और गरीब तबके के जितने भी लोग है

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मध्यमवर्ग को कभी भी किसी भी सरकार ने प्राथमिकता नहीं दी है और इसका जिम्मेदार भी मुझे लगता है मैं खुद की वर्क हमेशा चुनाव में आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते हैं और वह डालते हैं किंतु मध्यम वर्ग की दिलचस्पी हमेशा बदलती रहती है कभी वह वोट डालने में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं और वोट डालने जाते हैं और कभी वह वोट को डालते ही नहीं है उसका इतना मानते ही नहीं है और ना ही मध्यम वर्ग में कभी भी आगे आकर अपनी परेशानियां अपनी समस्याएं सरकारों को बताई है सरकार के सामने हमेशा भारत का गरीब वर्ग शिक्षक के रूप में रहा है क्योंकि वह बड़ी जनसंख्या में हमारे देश में मौजूद है और सरकार चाहती है कि उनका वोट नहीं मिले इसलिए उनकी जो भी परेशानियां हैं उनकी जो भी समस्याएं हैं उन पर हर सरकार का फोकस रहता है और सरकारी चाहती है और उन्हें सुविधाएं दी जाए ताकि वह वैसे ही सरकार को इतना खुश देखता है कि सरकारें हमेशा उनका ध्यान रखती है मध्यम वर्ग ही ऐसा है जो अनदेखा रह जाता है मध्यम वर्ग में भी ऐसा नहीं है कि बहुत कम जनसंख्या है काफी बड़ा वर्ग आज मध्यम वर्ग में आता है छोटे व्यापारी छोटे से थोड़े बड़े व्यापारी और नौकरी पर हेलो कहां की जनसंख्या है मध्यमवर्ग कि मुझे लगता है सरकारों के बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए नहीं तो मध्यम वर्ग की वजह से भी बांट सकते हैं

madhyamavarg ko kabhi bhi kisi bhi sarkar ne prathamikta nahi di hai aur iska zimmedar bhi mujhe lagta hai khud ki work hamesha chunav mein aage BA dh chadhakar hissa lete hai aur vaah daalte hai kintu madhyam varg ki dilchaspi hamesha BA dalti rehti hai kabhi vaah vote dalne mein zyada dilchaspi lete hai aur vote dalne jaate hai aur kabhi vaah vote ko daalte hi nahi hai uska itna maante hi nahi hai aur na hi madhyam varg mein kabhi bhi aage aakar apni pareshaniya apni samasyaen sarkaro ko BA tai hai sarkar ke saamne hamesha bharat ka garib varg shikshak ke roop mein raha hai kyonki vaah BA di jansankhya mein hamare desh mein maujud hai aur sarkar chahti hai ki unka vote nahi mile isliye unki jo bhi pareshaniya hai unki jo bhi samasyaen hai un par har sarkar ka focus rehta hai aur sarkari chahti hai aur unhe suvidhaen di jaaye taki vaah waise hi sarkar ko itna khush dekhta hai ki sarkaren hamesha unka dhyan rakhti hai madhyam varg hi aisa hai jo andekha reh jata hai madhyam varg mein bhi aisa nahi hai ki BA hut kam jansankhya hai kaafi BA da varg aaj madhyam varg mein aata hai chote vyapaari chote se thode BA de vyapaari aur naukri par hello kahaan ki jansankhya hai madhyamavarg ki mujhe lagta hai sarkaro ke BA re mein gambhirta se sochna chahiye nahi toh madhyam varg ki wajah se bhi BA ant sakte hain

मध्यमवर्ग को कभी भी किसी भी सरकार ने प्राथमिकता नहीं दी है और इसका जिम्मेदार भी मुझे लगता

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