भारत में आपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करें साथ ही सुधार के क्रम में किन पहलुओं पर ध्यान रखना चाहिए कि चर्चा करें?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में बढ़ते हुए अपराध प्रवृति का मेन कारण है राजनीतिक संरक्षण क्योंकि इन राजनेताओं जो पॉलीटिकल पार्टीज के टेटस हैं इनके संरक्षण नहीं अपराध बढ़ रहे अपराध बढ़ रहे हैं क्योंकि बहुत से जो पार्टी के पार्टी 3rdsem अपराधी किस्म के हैं उन्होंने इस को संरक्षण दे रखा है बढ़ावा किया है और दूसरे हमारे भारत देश के जो कानून मूलक इतनी कमजोर इनमें से अपराधी तो बहुत चालाक है लेकिन तू कभी पकड़ में नहीं आता है तीसरा कर पकड़ में आ भी जाते रेडेनेड होते हैं 3 बटा चार इतना इस कदर है कि यह रिश्ता कोरिअर भ्रष्टाचार के कारण से बच्चा तथा हमारे कुछ एडवोकेट इसी काम को करते हैं जिनका काम ही केवल देशद्रोही लोगों के केक लेना है वही पृष्ठों के केस लेना है या किडनैप मर्डर करने वाले जोड़ों में अपराधी किस्म के लोग हैं उनके केस लड़ना है उन्हें कानून के पीछे से अपनी महारत से बचाना है क्योंकि उनको मोटी फीस प्राप्त होती है वह दिन के लिए कुछ भी कर देते हैं कई ऐसे कारण हैं भारत में अपराधिक अपराध पत्रकार जो आती है वह केवल सुधारने का वायदा करते हैं बाकी उतर जाता कुछ नहीं है क्योंकि उसके कर्म के लिए भारत देश में प्रचलित है जब कोई आदित्य योगीनाथ जैसा पीएम इस देश को नहीं आया यदि इसी तरह इतना सारा गुस्सा रहेंगे कभी इस देश में आदित्य योगी नाथ जो यूपी के अंतर्गत भी अपने योगी यूपी के सीएम योगी नाथ जी के बीज और वहां पर आज अपराधिक तत्वों हैं अपनी जान बचाता हुआ घूम रहा है भूमिगत यूपी है योगी जी से पूछिए मरने से पहले जैसी यूपी में खुलेआम मर्डर करते थे रेप होते थे किडनैपिंग होती थी और यूपी में असामाजिक तत्वों का साम्राज्य था योगी जी ने आज मन को समाप्त कर दिया है

bharat me badhte hue apradh pravirti ka main karan hai raajnitik sanrakshan kyonki in rajnetao jo political parties ke tetas hain inke sanrakshan nahi apradh badh rahe apradh badh rahe hain kyonki bahut se jo party ke party 3rdsem apradhi kism ke hain unhone is ko sanrakshan de rakha hai badhawa kiya hai aur dusre hamare bharat desh ke jo kanoon mulak itni kamjor inmein se apradhi toh bahut chalak hai lekin tu kabhi pakad me nahi aata hai teesra kar pakad me aa bhi jaate redened hote hain 3 bataa char itna is kadar hai ki yah rishta koriar bhrashtachar ke karan se baccha tatha hamare kuch advocate isi kaam ko karte hain jinka kaam hi keval deshdrohi logo ke cake lena hai wahi prishton ke case lena hai ya kidnap murder karne waale jodo me apradhi kism ke log hain unke case ladana hai unhe kanoon ke peeche se apni maharat se bachaana hai kyonki unko moti fees prapt hoti hai vaah din ke liye kuch bhi kar dete hain kai aise karan hain bharat me apradhik apradh patrakar jo aati hai vaah keval sudhaarne ka vayada karte hain baki utar jata kuch nahi hai kyonki uske karm ke liye bharat desh me prachalit hai jab koi aditya yoginath jaisa pm is desh ko nahi aaya yadi isi tarah itna saara gussa rahenge kabhi is desh me aditya yogi nath jo up ke antargat bhi apne yogi up ke cm yogi nath ji ke beej aur wahan par aaj apradhik tatvon hain apni jaan bachata hua ghum raha hai bhumigat up hai yogi ji se puchiye marne se pehle jaisi up me khuleaam murder karte the rape hote the kidnaiping hoti thi aur up me asamajik tatvon ka samrajya tha yogi ji ne aaj man ko samapt kar diya hai

भारत में बढ़ते हुए अपराध प्रवृति का मेन कारण है राजनीतिक संरक्षण क्योंकि इन राजनेताओं जो प

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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हमारे देश के अंदर जो हमें बरसता है उसमें 1807 के आईपीसी क्या किसी को आधार बनाकर की सजा दे रहे हैं हम 2030 में हैं इसलिए हमारे यहां तेज आपराधिक कानून है उदयपुर के प्रवचन ना चाहिए

hamare desh ke andar jo hamein barasta hai usme 1807 ke ipc kya kisi ko aadhar banakar ki saza de rahe hain hum 2030 me hain isliye hamare yahan tez apradhik kanoon hai udaipur ke pravachan na chahiye

हमारे देश के अंदर जो हमें बरसता है उसमें 1807 के आईपीसी क्या किसी को आधार बनाकर की सजा दे

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Mohammad Bilal

Accountant

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आपका सवाल बहुत अच्छा है भारत में आपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करें इस तरह का सवाल है देखिए आपराधिक कानून पर विचार तो बिल्कुल करना चाहिए खासकर के संसद को जो हमारे देश की संसद है उसको ज्यादा गहराई से विचार करना चाहिए कानून बदलना चाहिए अत्यधिक घोर कृत्य एकदम सबसे खराब कैटेगरी में है उसके लिए क्षमा याचना ए दया याचिका है इस सब इनका मौका नहीं मिलना चाहिए चाहे फिर वह इंसान किसी भी मजहब का हो किसी भी धर्म से ताल्लुक रखता हो किसी भी जाति का हो किसी भी रहन-सहन का हो किसी भी तरह का इंसान हो मर्द को औरत हो क्योंकि इससे समाज में और विकृतियां बढ़ेंगे नफरत बड़े मानसिकता खराब होगी इसलिए कानून में बदलाव होना चाहिए और वक्त है क्योंकि वक्त बहुत आगे बढ़ गया है और कानून वहीं के वहीं हैं बस पकड़ कर जेल में डाल देना धाराएं लगा देना धारा लगाने से हो क्या रहा है कुछ नहीं है सब वैसी की वैसी धाराएं हैं 111 धारा में एक परिभाषा चेंज कर दी गई है एक शब्द चेंज कर दिया गया है वह धारा चेंज हो जाती है दूसरी धारा में फिर एक शब्द चेंज कर दिया गया है उसको घुमा दिया गया है फिर वह धारा की परिभाषा चेंज हो गई बुधारा चेंज कैसे करने से काम नहीं चलेगा इस पोस्ट में उसको डिफाइन करना पड़ेगा संसद को कानून नया बनाना पड़ेगा इसकी बहुत ज्यादा जरूरत है और हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि मैं जांच बहुत जल्द से जल्द स्पेशल टीमों द्वारा इसकी होना चाहिए फास्ट होना चाहिए और वह तभी होगी जब निस्वार्थ कर्मचारी और सरकार काम करने देगी और करेंगे तभी यह संभव है संभव नहीं है और हमें ध्यान रखना चाहिए कि निर्दोष कोई भी इस पकड़ में ना आने पाए अगर वह सही है तो उसको न पकड़ा जाए उसको ना परेशान किया जाए और बहुत सारी बातें इसमें जो बहुत जोर से और समझ के बैठकर विचार करके संसद को लेकिन चेंज होना चाहिए कानून शुक्रिया

aapka sawaal bahut accha hai bharat me apradhik kanoon ke sudhaar ki avashyakta par vichar kare is tarah ka sawaal hai dekhiye apradhik kanoon par vichar toh bilkul karna chahiye khaskar ke sansad ko jo hamare desh ki sansad hai usko zyada gehrai se vichar karna chahiye kanoon badalna chahiye atyadhik ghor kritya ekdam sabse kharab category me hai uske liye kshama yachana a daya yachika hai is sab inka mauka nahi milna chahiye chahen phir vaah insaan kisi bhi majhab ka ho kisi bhi dharm se talluk rakhta ho kisi bhi jati ka ho kisi bhi rahan sahan ka ho kisi bhi tarah ka insaan ho mard ko aurat ho kyonki isse samaj me aur vikritiyan badhenge nafrat bade mansikta kharab hogi isliye kanoon me badlav hona chahiye aur waqt hai kyonki waqt bahut aage badh gaya hai aur kanoon wahi ke wahi hain bus pakad kar jail me daal dena dharayen laga dena dhara lagane se ho kya raha hai kuch nahi hai sab vaisi ki vaisi dharayen hain 111 dhara me ek paribhasha change kar di gayi hai ek shabd change kar diya gaya hai vaah dhara change ho jaati hai dusri dhara me phir ek shabd change kar diya gaya hai usko ghuma diya gaya hai phir vaah dhara ki paribhasha change ho gayi budhara change kaise karne se kaam nahi chalega is post me usko define karna padega sansad ko kanoon naya banana padega iski bahut zyada zarurat hai aur hamein yah dhyan rakhna chahiye ki main jaanch bahut jald se jald special teamo dwara iski hona chahiye fast hona chahiye aur vaah tabhi hogi jab niswarth karmchari aur sarkar kaam karne degi aur karenge tabhi yah sambhav hai sambhav nahi hai aur hamein dhyan rakhna chahiye ki nirdosh koi bhi is pakad me na aane paye agar vaah sahi hai toh usko na pakada jaaye usko na pareshan kiya jaaye aur bahut saari batein isme jo bahut jor se aur samajh ke baithkar vichar karke sansad ko lekin change hona chahiye kanoon shukriya

आपका सवाल बहुत अच्छा है भारत में आपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करें इस तरह क

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Mausam Babbar and, Dr. Rishu Singh

Managing Directors - Risham IAS Academy

7:20
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बीके क्रिमिनल लॉ जो है अगर जैसा आपका की सवाल है कि भारत में अपराध कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करें साथ ही सुधार के क्रम में किन पहलुओं पर ध्यान रखना चाहिए सबसे पहले मैं आपको बता दूं देखिए कि क्रिमिनल लोग जो हमारे हैं हमारे हिंदुस्तान में या घर में आपको बताऊं जो हमारे सिविल सोसायटी ऑर्गेनाइजेशंस जिस तरीके से गवान करी जाती हैं सिविल लॉ है हमारे पास हमारे पास क्रिमिनल लॉ है कि सिविल लॉक सिस्टम अगर में हम बात करूं कि हमारे इंडियन पीनल कोड कि वह बहुत ज्यादा आउटडेटेड लिखिए मन नाइनटींथ सेंचरी का सिस्टम अभी भी चल रहा है और दूसरी तरफ अगर में देखी क्रिमिनल प्रोसीजर कोड की बात करूं तो वह नो डाउट देवरी में आया है नॉट आउट आप की आज की देखिए जितनी भी प्रॉब्लम है या फिर जो न्यू क्राइम है उनके बारे में बात जरूर कर रहा है टेक्नोलॉजी रिलेटेड क्राइम को छोड़कर उसके लिए अलग से आती है बनाया है जहां पर आप डिफाइन कर रहे हैं पर यहां पर जो हमारा के सस्ते सस्ते में देखिए वह भी आप लॉज में प्रॉब्लम ज्यादा नहीं निकाल सकते फॉर एग्जांपल देखे लोन इन प्लेस है सिस्टम इज ऑलरेडी इन प्लेस आफ बात करते हैं उस चीज के बारे में तो ऑलरेडी इन प्लेस चीजें हैं तब पॉइंट्स के देखिए द मैन बिहाइंड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम जो के सिस्को एडवोकेट कर रहा है अगर मैं यहां पर जुडिशरी का कंसान देखूं तो जुड़ी श्री इज बिग फैलियर ऑफ कंसर्न ऑफ द लेडी अब देखिए जरा सो मेनी प्रॉब्लम से जुड़े श्री लाइफ पेंटिंग ऑफ द कैप और जो आर्बिट्रेरी मैडली न देखे या अगर में कौन खिलाड़ी खिलाड़ी देखिए जुडिशरी के अंदर जो है वह कंट्रोल कर रहे हैं जिससे कि हमारा जो आर्टिकल छुट्टी है कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ़ इंडिया का डीपीएसपी कब हुआ है लेट हो रहा है ऑपरेशन ऑफ पावर को देखिए स्पेक्टर फॉलो नहीं किया जा रहा और दूसरी तरफ अगर आप यह जानना चाहते हैं कि देखिए अगर क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम सही से ऑपरेट नहीं कर रहा ए क्रिमिनल लॉ कि हमें सुधार की जरूरत हमें क्यों है सबसे पहले अमेरिकी दिखे समाज में क्रिमिनल बंद क्यों है क्योंकि साइटोलॉजिकल प्रिंसिपल इस बारे में बात करता है कॉज एंड इफेक्ट रिलेशनशिप के बारे में आपको सिर्फ देखिए इफेक्ट को ठीक करना मैं अब गलत ही कहां कर रहे हैं आप एंड को सुधारना चाह रहे हैं पर आप यह नहीं देख रहे नींद कहां है इसके अंदर भी बात होती है हर जगह यह बात होती है कि कॉज एंड इफेक्ट रिलेशनशिप के अकॉर्डिंग अगर आप 1 जुलाई डिफेक्ट जाते हैं और एग्जांपल आप अपने समाज में जस्टिस चाहते हैं आप अपने समाज में क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को बहुत अच्छे से इंप्लीमेंट होता देखना चाहते हैं आप सोशल सिक्योरिटी चाहते हैं फीमेल के लिए सिक्योरिटी जाते हैं आप चाहते हैं कि जो आपका सोशल सिक्योरिटी सिस्टम है वह बहुत बेहतर हो तो कहीं ना कहीं आपको यह भी देखना पड़ेगा कि आप जिन पर लाइक कर रहे हैं क्या आपकी अकाउंट में क्या देखी आपने अपने एंड के ऊपर रिस्पांस रहे हैं आप कहीं ना कहीं पर आपको यह जानना पड़ेगा कि एक समाज में क्रिमिनल तैयार हो कैसे रहा है लिखे नहीं चीज पर बात नहीं करना कि हमें क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम की जरूरत ही नहीं है वह तो देखिए एक यूरोपीयन सोसायटी की बात है हम वह बात नहीं कर सकते पॉलिटिकल साइंस में अनार की जो मिस बारे में बात करता है कि ह्यूमन बींग अपने आप में इतना राशनल है या आपको पुलिस की जरूरत ही नहीं है आपको स्टेट की जरूरत ही नहीं है वह अपने आप बना लेंगे ऐसा नहीं है देखिए हम आज की डेट में फूल ही इंडिपेंडेंट है आप मुझे बताएं कि एजुकेशन लैक ऑफ द एजुकेशन की वजह से लॉक ऑफ द सोशल सिक्योरिटी की वजह से जॉब की वजह से लाखों पॉलीटिकल रिप्रेजेंटेशन की वजह से हमारे समाज में हमारी इनकम इनिक्वालिटी बढ़ती है हमारी सोशल इनिक्वालिटी बढ़ती है यह हमारे कंसर्न्स बढ़ते हैं सेफ्टी को लेकर और हमारे सोशल जस्टिस सिस्टम को लेकर जब हम अनइंप्लॉयमेंट पेश कर रहे होते उस टाइम तो हमारी प्रॉब्लम सुधर के आती हैं आप उनके साथ थे कल नहीं कर पाए अगर आप देखिए कोई पर काम कर रहा है आपने उसका काम लिया या किसी कारणवश अनइंप्लॉयड हो गया अब अनइंप्लॉयड हो गया तो देखिए वह समाज में क्राइम ओरिजनेट कर रहा है या अगर आप ड्रग ड्रग पेडलर की बात करेंगे देखे जब नशा चल रहा है तो आपके लेजिसलेच्योर एग्जीक्यूटिव के पूरे उबू सामने चल रहा है उनके बिल्कुल कॉन्शसनेस में है उसके बाद अगर आप उसको रिहैब में ट्रीट करने की बजाय यह स्ट्रिक्टर कंट्रोल लगाने की बजाय जब आप उसे पनपने देते हैं तो 1 पॉइंट ऑफ टाइम बहुत बढ़ जाता है टेलर पॉइंट ऑटोमेटिकली बीकॉम की देखी क्रिमिनल लॉयर्स अगर वहां पर उसको कवर भी कर रहे हैं या एनसीबी जो हमारी है गुरु को इस केस में इसको कवर भी कर ले तो उसके बाद भी देखिए वह लोग लुगाई को पकड़ कर चले जा रहे हैं कि बहुत बड़ी कमी है हमारे हिंदुस्तान में देखी क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को रिफॉर्म होना पड़ेगा उसके बारे में बात करनी पड़ेगी हमारे पॉलिसी मेकर्स को देखिए चेंज लेकर आना पड़ेगा और सबसे पहले आपको उस चेंज के लिए आपको सवाल खुद पूछने पड़ेंगे आपको राशनल होना पड़ेगा आपकी अकाउंटेबिलिटी पहले खुद बढ़ेगी देखिए तब जाकर आप जिनसे एक्सपेक्ट कर रहे हैं वह कुछ क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम में कर पाए तो इससे मेरी कंसोर्टेड चमड़ी है शरीर वेरी ब्यूटीफुल देखे कि पब्लिक सेफ्टी और पब्लिक सिक्योरिटी सिस्टम 1 दिन में नहीं बना करते नहीं सालों में बना करते हैं जनरेशन लग जाती हैं देखिए जो जो समाज की कल्पना कर रहे हैं जो जो उसमें एलिमेंट नहीं होने चाहिए सबसे पहले आपको उनको कंसीडर करना पड़ेगा कि हमें क्या नहीं चाहिए यू हैव टू बी और सरपंच सर्कुलेशन वेरी गुड वांट द सोसाइटी टू गो ऑटोमेटिकली देखिए जब ऐसा होगा तो धीरे-धीरे अनइंप्लॉयमेंट के नंबर गिरेंगे कॉमेडी गिरेगी और उसके बाद हम लोग अनइंप्लॉयड होंगे कम गरीबी को भी अब लोगों के पास एक सोशल सेफ्टीनेट होगा और सोशल जस्टिस आएगा इकोनामिक जस्टिस आएगा जब लोगों के पास काम होगा जब दोनों आएंगे तो देखी पॉलीटिकल जस्टिस आएगा पॉलीटिकल जस्टिस सोशल जस्टिस और इकोनामिक जस्टिस जब तीनों आएंगे तो आप हिंदुस्तान की जो रिप्रेजेंटेटिव डेमोक्रेसी है अब धीरे-धीरे पार्टिसिपेटरी डेमोक्रेसी में तब्दील होते चले जाएंगे और फिर जब कभी कोई कारण होगा आपके देखी बेहतरीन क्राफ्टेड समाज में जब कोई क्राइम होगा तो ना सिर्फ आपके अप टू द डेट कानून जो कि आप टू डेट होने चाहिए उस क्राइम के साथ उस सेक्शन के साथ डील कर पाएंगे पर आपको क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम को बहुत ज्यादा इंप्रूव करवाना पड़ेगा एंड सम बढ़िया सैड वेरी ब्यूटीफुल अरे के जस्टिस नॉट ओनली हैव टू बी रोड टू द पीपल बट इट्स फूड क्राफ्ट एंड मॉडिफाइड एक्जेक्टली अट 10 एम पॉइंट ऑफ द पीपल लोगों को न्याय होता हुआ और बहुत जल्दी क्योंकि अगर जस्टिस डिलेड हो जाएगा तो फिर तो देखे देखे नहीं है क्योंकि अगर आप 30 ईयर 40 साल के बाद अगर आप किसी केस के अंदर कोई अगर परसेंट राइट आप उसको उसके बाद भी की सजा दे रहे हैं उसका एलिमेंट कोई नहीं रह रहा है उसका बैलेंस है इतना नहीं है देख इतना गुस्सा तो आपको यह सारी चीजें देखनी पड़ेगी उसके बाद जाकर देखिए हम अपने क्रिमिनल और हमारे क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के ऊपर लाइक कर पाएंगे तब जाकर हम अपना एक बेहतरीन समाज बना पाए

BK criminal law jo hai agar jaisa aapka ki sawaal hai ki bharat me apradh kanoon ke sudhaar ki avashyakta par vichar kare saath hi sudhaar ke kram me kin pahaluwon par dhyan rakhna chahiye sabse pehle main aapko bata doon dekhiye ki criminal log jo hamare hain hamare Hindustan me ya ghar me aapko bataun jo hamare civil sociaty argenaijeshans jis tarike se gavan kari jaati hain civil law hai hamare paas hamare paas criminal law hai ki civil lock system agar me hum baat karu ki hamare indian penal code ki vaah bahut zyada outdated likhiye man nineteenth century ka system abhi bhi chal raha hai aur dusri taraf agar me dekhi criminal procedure code ki baat karu toh vaah no doubt deori me aaya hai not out aap ki aaj ki dekhiye jitni bhi problem hai ya phir jo new crime hai unke bare me baat zaroor kar raha hai technology related crime ko chhodkar uske liye alag se aati hai banaya hai jaha par aap define kar rahe hain par yahan par jo hamara ke saste saste me dekhiye vaah bhi aap Lodge me problem zyada nahi nikaal sakte for example dekhe loan in place hai system is already in place of baat karte hain us cheez ke bare me toh already in place cheezen hain tab points ke dekhiye the man Behind criminal justice system jo ke Cisco advocate kar raha hai agar main yahan par judiciary ka kansan dekhu toh judi shri is big failiyar of kansarn of the lady ab dekhiye zara so many problem se jude shri life painting of the cap aur jo arbitreri maidli na dekhe ya agar me kaun khiladi khiladi dekhiye judiciary ke andar jo hai vaah control kar rahe hain jisse ki hamara jo article chhutti hai Constitution of india ka DPSP kab hua hai late ho raha hai operation of power ko dekhiye spector follow nahi kiya ja raha aur dusri taraf agar aap yah janana chahte hain ki dekhiye agar criminal justice system sahi se operate nahi kar raha a criminal law ki hamein sudhaar ki zarurat hamein kyon hai sabse pehle american dikhe samaj me criminal band kyon hai kyonki saitolajikal principal is bare me 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european sociaty ki baat hai hum vaah baat nahi kar sakte political science me anaar ki jo miss bare me baat karta hai ki human bing apne aap me itna rashanal hai ya aapko police ki zarurat hi nahi hai aapko state ki zarurat hi nahi hai vaah apne aap bana lenge aisa nahi hai dekhiye hum aaj ki date me fool hi independent hai aap mujhe bataye ki education lac of the education ki wajah se lock of the social Security ki wajah se job ki wajah se laakhon political riprejenteshan ki wajah se hamare samaj me hamari income inikwaliti badhti hai hamari social inikwaliti badhti hai yah hamare concerns badhte hain safety ko lekar aur hamare social justice system ko lekar jab hum anaimplayament pesh kar rahe hote us time toh hamari problem sudhar ke aati hain aap unke saath the kal nahi kar paye agar aap dekhiye koi par kaam kar raha hai aapne uska kaam liya ya kisi karanvash anaimplayad ho gaya ab anaimplayad ho gaya toh dekhiye vaah samaj me crime originate kar raha hai ya agar aap drug drug pedalar ki baat karenge dekhe jab nasha chal raha hai toh aapke lejislechyor executive ke poore ubu saamne chal raha hai unke bilkul consciousness me hai uske baad agar aap usko rihaib me treat karne ki bajay yah stricter control lagane ki bajay jab aap use panapne dete hain toh 1 point of time bahut badh jata hai Tailor point atometikli B.COM ki dekhi criminal lawyers agar wahan par usko cover bhi kar rahe hain ya NCB jo hamari hai guru ko is case me isko cover bhi kar le toh uske baad bhi dekhiye vaah log lugai ko pakad kar chale ja rahe hain ki bahut badi kami hai hamare Hindustan me dekhi criminal justice system ko reform hona padega uske bare me baat karni padegi hamare policy makers ko dekhiye change lekar aana padega aur sabse pehle aapko us change ke liye aapko sawaal khud poochne padenge aapko rashanal hona padega aapki akauntebiliti pehle khud badhegi dekhiye tab jaakar aap jinse expect kar rahe hain vaah kuch criminal justice system me kar paye toh isse meri kansorted 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toh na sirf aapke up to the date kanoon jo ki aap to date hone chahiye us crime ke saath us section ke saath deal kar payenge par aapko criminal justice system ko bahut zyada improve karwana padega and some badhiya sad very beautiful are ke justice not only have to be road to the pipal but its food craft and modified exactly attack 10 M point of the pipal logo ko nyay hota hua aur bahut jaldi kyonki agar justice delayed ho jaega toh phir toh dekhe dekhe nahi hai kyonki agar aap 30 year 40 saal ke baad agar aap kisi case ke andar koi agar percent right aap usko uske baad bhi ki saza de rahe hain uska element koi nahi reh raha hai uska balance hai itna nahi hai dekh itna gussa toh aapko yah saari cheezen dekhni padegi uske baad jaakar dekhiye hum apne criminal aur hamare criminal justice system ke upar like kar payenge tab jaakar hum apna ek behtareen samaj bana paye

बीके क्रिमिनल लॉ जो है अगर जैसा आपका की सवाल है कि भारत में अपराध कानून के सुधार की आवश्यक

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भारत के अंदर जो हर रोज अपराध होते हैं कोई आदमी जब अपराध करता है अपराध करने वाला अपराधी इधर-उधर समाज के हालात देखे कुछ तो अपराध करते हैं लेकिन उनकी प्रवृत्ति उनकी ज्योतिष कुंडली में लिखी होती है कि यह आदमी क्रिमिनल बनेगा यह आदमी लुटेरा बनेगा यह आदमी साधु बनेगा यह डॉक्टर बनेगा यह ज्योति बनेगा यह फिंगर बनेगा कि एक्टर बनेगा सबको इंसान की कुंडली में दर्ज होता है क्योंकि ऐसे ही लोग जो अपराध करते हैं मैं गवर्नमेंट को अपनी एक सहायता भी देता हूं क्रिमिनल मेट्रो के अंदर किसी पुलिस डिपार्टमेंट को जब जरूरत पड़ती है वह मेरे से कैसे सेट करते हैं तो मैं बताता हूं कि यह आदमी जिसकी जेब कुंडली है इस कुंडली वाला यह आदमी यह जुर्म कर सकता है कि नहीं कर सकता कहीं तो झूठा तो नहीं बताया जा रहा है इसलिए कई दफा कुंडली में लिखा होता है किस आदमी को झूठे केस में फंसाया जाएगा लेकिन यह क्रिमिनल नहीं है सो भाई ज्योतिष विज्ञान से आप ए टू जेड जो भी जानना चाहो भाइयों जान सकते हो किसी को अच्छे जोशी की तलाश हो तो आप वह कल के अंदर आओ यहां बहुत अच्छे विद्वान लोग हैं फिर भी जरूरत पड़े तो आप मुझे याद करिए डॉक्टर बलवंत धालीवाल इंटरनेशनल ज्योति शिवानी सलाहकार ब्राह्मण ज्योतिष वाणी फाउंडेशन चंडीगढ़ किसी आदमी के पास अपने बच्चों को स्टडी करवाने के लिए उनके पास पैसा नहीं है जहां किसी बच्चे को विदेश भेजने के लिए हाई स्टडी के लिए पैसा नहीं है तो मैं डॉक्टर बलवान धालीवाल सबको अपने ब्राह्मण ज्योतिष वाणी फाउंडेशन ट्रस्ट से पैसा देता हूं जितना मर्जी चाहिए बोलिए मेरे पास आइए 500000 से 1000000 20 लाख 25 लाख 30 लाख मैं देता हूं मेरे से पैसा लेकर अपने बच्चों का फ्यूचर बनाओ जिनके पास शादी करवाने के लिए पैसा नहीं हो मेरे से पैसा लेकर शादी करवाओ मेरी ट्रस्ट के साथ जुड़ी है सबका दिल से स्वागत करता हूं किसी को पैसे की जरूरत है किसी को रोजगार की दूर तक मेरे साथ जुड़िए धन्यवाद मेहरबानी आपका शुभचिंतक डॉक्टर बलवान तालीवाल फोन नंबर 90 410 पत्रकार 5904 107 975 धन्यवाद

bharat ke andar jo har roj apradh hote hain koi aadmi jab apradh karta hai apradh karne vala apradhi idhar udhar samaj ke haalaat dekhe kuch toh apradh karte hain lekin unki pravritti unki jyotish kundali me likhi hoti hai ki yah aadmi criminal banega yah aadmi lutera banega yah aadmi sadhu banega yah doctor banega yah jyoti banega yah finger banega ki actor banega sabko insaan ki kundali me darj hota hai kyonki aise hi log jo apradh karte hain main government ko apni ek sahayta bhi deta hoon criminal metro ke andar kisi police department ko jab zarurat padti hai vaah mere se kaise set karte hain toh main batata hoon ki yah aadmi jiski jeb kundali hai is kundali vala yah aadmi yah jurm kar sakta hai ki nahi kar sakta kahin toh jhutha toh nahi bataya ja raha hai isliye kai dafa kundali me likha hota hai kis aadmi ko jhuthe case me fansaya jaega lekin yah criminal nahi hai so bhai jyotish vigyan se aap a to z jo bhi janana chaho bhaiyo jaan sakte ho kisi ko acche joshi ki talash ho toh aap vaah kal ke andar aao yahan bahut acche vidhwaan log hain phir bhi zarurat pade toh aap mujhe yaad kariye doctor balvant dhaliwal international jyoti shivani salahkar brahman jyotish vani foundation chandigarh kisi aadmi ke paas apne baccho ko study karwane ke liye unke paas paisa nahi hai jaha kisi bacche ko videsh bhejne ke liye high study ke liye paisa nahi hai toh main doctor balwan dhaliwal sabko apne brahman jyotish vani foundation trust se paisa deta hoon jitna marji chahiye bolie mere paas aaiye 500000 se 1000000 20 lakh 25 lakh 30 lakh main deta hoon mere se paisa lekar apne baccho ka future banao jinke paas shaadi karwane ke liye paisa nahi ho mere se paisa lekar shaadi karwao meri trust ke saath judi hai sabka dil se swaagat karta hoon kisi ko paise ki zarurat hai kisi ko rojgar ki dur tak mere saath judiye dhanyavad meharbani aapka shubhchintak doctor balwan talival phone number 90 410 patrakar 5904 107 975 dhanyavad

भारत के अंदर जो हर रोज अपराध होते हैं कोई आदमी जब अपराध करता है अपराध करने वाला अपराधी इधर

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आपके सवाल बहुत वाजिब है भारत में कानूनों के सुधार की नितांत आवश्यकता है देखिए जब भारत के कानून बने उस समय भारत में अंग्रेजों का शासन काल था आजादी के बाद संविधान के संविधान के बन जाने के बाद में भारत का निर्माण हुआ सरकारों ने पुराने अंग्रेजी कानून थोड़े बहुत बदलाव की है जितने कि बदलाव उस समय पर आवश्यक हो सकता है यह कानून 1947 के समय में परिपूर्ण रहे हो उस समय की परिस्थितियों को हैंडल करने के लिए परंतु यदि हम देखते हैं तो क्या पाते हैं कि 1947 से और 2020 इन 70 सालों में 75 सालों में हम देख पा रहे हैं कि दुनिया बदल चुकी है लोगों की प्राथमिकताएं बदल चुकी है पैसे कम मॉल बदल चुका है बहुत अच्छा का अपराध की परिभाषा में भी परिवर्तन देखने में नए-नए अपराध जुड़ गए हैं तू अपराधों को छोटे-छोटे अमेंडमेंट के द्वारा कानूनों में जोड़ा तो गया है परंतु यह जो अमेंडमेंट सही है पर्याप्त नहीं है देश में एक बड़े लोन फॉर्म की सख्त आवश्यकता है देश को आज के परिवेश के साथ से कानूनों का पुनर मूल्यांकन करके नए कानूनों को निर्माण किया जाना चाहिए और राष्ट्रहित में आज की परिस्थितियों के हिसाब से नए कानूनों का सहज नहीं आने वाले भारत के स्वर्णिम भविष्य की ओर स्थितियां बना सकता है

aapke sawaal bahut wajib hai bharat me kanuno ke sudhaar ki nitant avashyakta hai dekhiye jab bharat ke kanoon bane us samay bharat me angrejo ka shasan kaal tha azadi ke baad samvidhan ke samvidhan ke ban jaane ke baad me bharat ka nirmaan hua sarkaro ne purane angrezi kanoon thode bahut badlav ki hai jitne ki badlav us samay par aavashyak ho sakta hai yah kanoon 1947 ke samay me paripurna rahe ho us samay ki paristhitiyon ko handle karne ke liye parantu yadi hum dekhte hain toh kya paate hain ki 1947 se aur 2020 in 70 salon me 75 salon me hum dekh paa rahe hain ki duniya badal chuki hai logo ki prathamiktaen badal chuki hai paise kam mall badal chuka hai bahut accha ka apradh ki paribhasha me bhi parivartan dekhne me naye naye apradh jud gaye hain tu apradho ko chote chote Amendment ke dwara kanuno me joda toh gaya hai parantu yah jo Amendment sahi hai paryapt nahi hai desh me ek bade loan form ki sakht avashyakta hai desh ko aaj ke parivesh ke saath se kanuno ka punar mulyankan karke naye kanuno ko nirmaan kiya jana chahiye aur Rastrahit me aaj ki paristhitiyon ke hisab se naye kanuno ka sehaz nahi aane waale bharat ke swarnim bhavishya ki aur sthitiyan bana sakta hai

आपके सवाल बहुत वाजिब है भारत में कानूनों के सुधार की नितांत आवश्यकता है देखिए जब भारत के क

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DEVENDER KUMAR Adhana

A Lower And Legal Advice

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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हमने कहा भारत में अपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करें और आर्थिक सुधार के क्रम में किन पहलुओं पर ध्यान रखना चाहिए चर्चा करना लेकिन दुर्भाग्य संगमेश्वर चने कहना चाहूंगा केंद्र में मोदी सरकार ने एक नारा लगाया था भ्रष्टाचार खत्म करेंगे आप ईमानदारी से अपने हृदय तक समस्त भारतवासी हाथ रखे यह विचार करें क्या भारत में भ्रष्टाचार खत्म हुआ बल्कि सच है कि भारत में भ्रष्टाचार चौगुना बढ़ गया है 4 गुना 400 गुना बढ़ी है छोटे-छोटे भ्रष्टाचार की बात करूंगा लेकिन हमारी भोकर पर संदेश नहीं है गिनी चुनी 24 बातों से आप भ्रष्टाचार के बोल वाले कुछ समझ लीजिए मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की शपथ ली थी और उसके अगले दिन अडानी को एक लाख करोड़ रुपिया स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की सीएमडी से उन्होंने लोन के रूप में चलाया जाए भ्रष्टाचार ने किस प्रधानमंत्री की मृत्यु को प्रधानमंत्री बनते ही लोन मिल गया और प्रधानमंत्री विश्व की यात्रा पर गए उनके साथ मुकेश अंबानी के समाचार अदानी उनकी यात्रा में जाते थे क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है जिओ का जब शुरुआत की चक्कू फ्री किया गया अब फ्री के चक्कर में सब की जो आधार कार्ड से उस सब कुछ जान लिया गया कि कौन किस को वोट देता है कौन किसके पक्ष में कौन किसको सपोर्ट करता है इन सब माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगाई मुकेश अंबानी जी ने जिओ के प्रारंभ करने पर इनागरेशन करने पर क्या भ्रष्टाचार नहीं और मत जाइए ज्यादा दूध नबी ताजा उधार दे देता हूं करुणा से सारा विश्व जूझ रहा है और केंद्र की मोदी सरकार जो है मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिराकर ज्योतिराज सिंधिया को हजारों करोड़ रुपए में खरीद कर सरकार भ्रष्टाचार नहीं आपने सुना है घर में कोई गम ही हो जाए और उनके घर में शुभ काम के ढोल नगाड़े बजने अरे पूरे मोहल्ले में नहीं बसते पूरे गांव में नहीं बसते यह भारतीय संस्कृति है तो भ्रष्टाचार का बोलबाला है यहां से शुरुआत की है किट्टू यीशु की बात करूंगा किसी भी पार्टी का एमपी और एमएलए बनी हुई सरकार को छोड़कर दूसरे की गोदी में जाकर बैठता है उसका नामोनिशान खत्म कर दिया जाए उसको चुनाव में कानून ऐसा बना दिया जाए मारी न्यायाधीश महोदय क्योंकि सरकार नहीं बनेगी तो खरीदनी है एक बनेगी कि तुरंत को बर्खास्त किया जाए और जो खरीदें उसे भी बर्खास्त किया जाए दूसरा जनता उन को धूल चटा दे उनको उनकी जमानत जप्त कर दिन को एक वोट ना दें क्योंकि जनता का अपमान है जिनके वोटों से आप सत्ता में आए उन को ठोकर मार कर आप दूसरे की गोद में जा बैठे या अपमान जहां से भ्रष्टाचार खत्म होगा पढ़ी-लिखी एमपी एमएलए चुन के आए और जनता उनसे शपथ ले ले कि अगर आपने अपने स्वार्थ के लिए सरकार गिराने की कोशिश की आपको चौक पर देना होगा आप दूसरे के पास नहीं जाएंगे दूसरी पार्टी में जाएंगे त्यागपत्र देंगे तीसरा जुम्मी मंत्री प्रधानमंत्री अगर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देता है जनता को अगर सत्ता में बैठाने का अधिकार भी है तो हटाने का कार्य होना चाहिए एक तरफा न्याय कीबोर्ड देखकर सत्ता सौंप सकते हो तथा वापस नहीं दे सकते क्यों भाई हम किसी से उधार मांग करते तो जो पैसे नहीं देते हैं ना कुछ लेते हैं कुछ देखें सिम चीजें अगर हमें सत्ता सौंपने का अधिकार है तो सत्ता वापस में लेने का बीट कार है बीच में नैनीताल हम चार-पांच साल क्यों मौत आज बने सरकारों के क्यों मुताज बने उन अंधभक्त बने जो पैसे से हमें खरीदते हैं हमारी जनता को खरीदते हैं जनता सबसे पहले जनता भ्रष्ट है जो नोटों पर वोट देती है तो शराब पर वोट देती है जो सुविधाओं पर वोट देती है हम आपको मोटरसाइकिल देंगे मोटरसाइकिल के लिए गांव का वोट आ गया मत लीजिए मोटरसाइकिल मोटरसाइकिल क्यों देन है क्योंकि आपको खरीदने हैं क्यों काम करें उससे क्यों नहीं है अब भ्रष्टाचार में हो का मुंह काला कीजिए अपराध अपने आप कम हो जाएंगे काम कितनी बना लिए सरकार कानून बना रही है अपने पापों को ढकने के लिए दूसरों को फसाने के लिए कानून के अनुसार बनानी है हमारे देश में सीबीआई सीआईए चीफ जस्टिस बताइए नंदन गूगल नेट चला कर सो जा चुने गए ताकि आने वाले समय में उनकी मदद लेकर भारत के अंदर उत्तल पुथल किया जाए शर्म आनी चाहिए कि गूगल जी को इतने ज्ञानी पूरे जीवन में चित्रित पर कोई दाग नहीं आया और आप सभा के सदस्य मनोनीत सदस्य बीजेपी बना रही थी अपनी तरफ से तो राष्ट्रपति मनोनीत सदस्य निक्की कोई संविधान में ऐसा ऑटोनोमस बॉडी की प्रमुख को सदस्य बनाने का कोई प्रावधान नहीं है ना सीना का ना हमारी आंखों में पानी के किसका किसका टिकट होगा और हां हमारी जनता को जागरूक होना

humne kaha bharat me apradhik kanoon ke sudhaar ki avashyakta par vichar kare aur aarthik sudhaar ke kram me kin pahaluwon par dhyan rakhna chahiye charcha karna lekin durbhagya sangmeshwar chane kehna chahunga kendra me modi sarkar ne ek naara lagaya tha bhrashtachar khatam karenge aap imaandaari se apne hriday tak samast bharatvasi hath rakhe yah vichar kare kya bharat me bhrashtachar khatam hua balki sach hai ki bharat me bhrashtachar chauguna badh gaya hai 4 guna 400 guna badhi hai chote chote bhrashtachar ki baat karunga lekin hamari bhokar par sandesh nahi hai gini chuni 24 baaton se aap bhrashtachar ke bol waale kuch samajh lijiye may 2014 me pradhanmantri narendra modi ne pradhanmantri ki shapath li thi aur uske agle din adani ko ek lakh crore rupiya state bank of india ki CMD se unhone loan ke roop me chalaya jaaye bhrashtachar ne kis pradhanmantri ki mrityu ko pradhanmantri bante hi loan mil gaya aur pradhanmantri vishwa ki yatra par gaye unke saath mukesh ambani ke samachar adani unki yatra me jaate the kya yah bhrashtachar nahi hai jio ka jab shuruat ki chakku free kiya gaya ab free ke chakkar me sab ki jo aadhar card se us sab kuch jaan liya gaya ki kaun kis ko vote deta hai kaun kiske paksh me kaun kisko support karta hai in sab madhyam se pradhanmantri narendra modi ki photo lagayi mukesh ambani ji ne jio ke prarambh karne par inagreshan karne par kya bhrashtachar nahi aur mat jaiye zyada doodh nabi taaza udhaar de deta hoon corona se saara vishwa joojh raha hai aur kendra ki modi sarkar jo hai madhya pradesh me congress ki sarkar girakar jyotiraj sindhiya ko hazaro crore rupaye me kharid kar sarkar bhrashtachar nahi aapne suna hai ghar me koi gum hi ho jaaye aur unke ghar me shubha kaam ke dhol nagade bajne are poore mohalle me nahi baste poore gaon me nahi baste yah bharatiya sanskriti hai toh bhrashtachar ka bolbala hai yahan se shuruat ki hai kittu yeshu ki baat karunga kisi bhi party ka MP aur mla bani hui sarkar ko chhodkar dusre ki godi me jaakar baithta hai uska namonishan khatam kar diya jaaye usko chunav me kanoon aisa bana diya jaaye mari nyayadhish mahoday kyonki sarkar nahi banegi toh kharidani hai ek banegi ki turant ko barkhast kiya jaaye aur jo khariden use bhi barkhast kiya jaaye doosra janta un ko dhul chata de unko unki jamanat japt kar din ko ek vote na de kyonki janta ka apman hai jinke voton se aap satta me aaye un ko thokar maar kar aap dusre ki god me ja baithe ya apman jaha se bhrashtachar khatam hoga padhi likhi MP mla chun ke aaye aur janta unse shapath le le ki agar aapne apne swarth ke liye sarkar girane ki koshish ki aapko chauk par dena hoga aap dusre ke paas nahi jaenge dusri party me jaenge tyagpatra denge teesra jummi mantri pradhanmantri agar bhrashtachar ko badhawa deta hai janta ko agar satta me baithne ka adhikaar bhi hai toh hatane ka karya hona chahiye ek tarfa nyay keyboard dekhkar satta saunp sakte ho tatha wapas nahi de sakte kyon bhai hum kisi se udhaar maang karte toh jo paise nahi dete hain na kuch lete hain kuch dekhen sim cheezen agar hamein satta saumpane ka adhikaar hai toh satta wapas me lene ka beat car hai beech me nainital hum char paanch saal kyon maut aaj bane sarkaro ke kyon mutaj bane un andhbhakt bane jo paise se hamein kharidte hain hamari janta ko kharidte hain janta sabse pehle janta bhrasht hai jo noton par vote deti hai toh sharab par vote deti hai jo suvidhaon par vote deti hai hum aapko motorcycle denge motorcycle ke liye gaon ka vote aa gaya mat lijiye motorcycle motorcycle kyon then hai kyonki aapko kharidne hain kyon kaam kare usse kyon nahi hai ab bhrashtachar me ho ka mooh kaala kijiye apradh apne aap kam ho jaenge kaam kitni bana liye sarkar kanoon bana rahi hai apne paapon ko dhakane ke liye dusro ko fasane ke liye kanoon ke anusaar banani hai hamare desh me cbi CIA chief justice bataiye nandan google net chala kar so ja chune gaye taki aane waale samay me unki madad lekar bharat ke andar uttal puthal kiya jaaye sharm aani chahiye ki google ji ko itne gyani poore jeevan me chitrit par koi daag nahi aaya aur aap sabha ke sadasya manonit sadasya bjp bana rahi thi apni taraf se toh rashtrapati manonit sadasya nikki koi samvidhan me aisa Autonomous body ki pramukh ko sadasya banane ka koi pravadhan nahi hai na seena ka na hamari aakhon me paani ke kiska kiska ticket hoga aur haan hamari janta ko jagruk hona

हमने कहा भारत में अपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करें और आर्थिक सुधार के क्रम

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

1:28
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आपका पोस्ट में अपराधिक कानून के आधार की आवश्यकता पर विचार करें ताकि सुधार के क्रम में किन पहलुओं को ध्यान रखना चाहिए कानून मनुष्य के लिए बनाए जाते हैं कानून का पालन करना मनुष्य का समाज का यह धर्म होता है हमारे देश में अभी भी जो कानून तकलीफ है बहुत सारे कानूनों को तो पहली बार मोदी सरकार में कुछ कानूनों में बदलाव किया रात में बदलाव किया अध्यक्ष कौन से कानून बनाए थे जिससे वो कभी न कभी हमें इस पर विचार करके न केवल अपराधी क्षेत्र में सिविल है अपराध अपराध है यौन शोषण में सब उचित रूप में परिवर्तन करना चाहिए थैंक यू

aapka post me apradhik kanoon ke aadhar ki avashyakta par vichar kare taki sudhaar ke kram me kin pahaluwon ko dhyan rakhna chahiye kanoon manushya ke liye banaye jaate hain kanoon ka palan karna manushya ka samaj ka yah dharm hota hai hamare desh me abhi bhi jo kanoon takleef hai bahut saare kanuno ko toh pehli baar modi sarkar me kuch kanuno me badlav kiya raat me badlav kiya adhyaksh kaun se kanoon banaye the jisse vo kabhi na kabhi hamein is par vichar karke na keval apradhi kshetra me civil hai apradh apradh hai yaun shoshan me sab uchit roop me parivartan karna chahiye thank you

आपका पोस्ट में अपराधिक कानून के आधार की आवश्यकता पर विचार करें ताकि सुधार के क्रम में किन

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K.L.Salvi Advocate (Ret.D,C,Mp)

Seva Nivrt.Deeputy,Collector

0:44
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भारत में आपराधिक कानून बहुत सही बने हैं सही और इमानदारी से उनका क्रियान्वयन करना है यदि उनका सही से पालन किया जाए तो सारे आपराधिक कानून एक एक चीज को कवर कर लेते हैं अपराधी कहीं छूट नहीं पाता है और यदि उसी कानून कायदे कानून के रखवाले जुली जुली शरीर पुलिस यदि उसका दुरुपयोग करती है तो कानून ठीक भी नहीं है पर कानून जो बना है उसमें मेरे ख्याल से कोई सुधार की आवश्यकता नहीं है बहुत अच्छे कानून बने हैं उन्हीं का पालन किया जाना अनिवार्य है

bharat me apradhik kanoon bahut sahi bane hain sahi aur imaandari se unka kriyanvayan karna hai yadi unka sahi se palan kiya jaaye toh saare apradhik kanoon ek ek cheez ko cover kar lete hain apradhi kahin chhut nahi pata hai aur yadi usi kanoon kayade kanoon ke rakhwale julie julie sharir police yadi uska durupyog karti hai toh kanoon theek bhi nahi hai par kanoon jo bana hai usme mere khayal se koi sudhaar ki avashyakta nahi hai bahut acche kanoon bane hain unhi ka palan kiya jana anivarya hai

भारत में आपराधिक कानून बहुत सही बने हैं सही और इमानदारी से उनका क्रियान्वयन करना है यदि उन

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Rajendra

Education

7:11
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भारत में अपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार और सुधार के लिए आपने चर्चा करने का अनुरोध किया है आमतौर पर जो लोग अपराधी कानून में सुधार और सरिता करने की आवश्यकता पर बल देते हैं उनका प्राय अभिप्राय होता है कि भारत का कानून लचर है और देर से तुझको सजा दी जाती है और प्रक्रियाएं कठिन है जिसमें दोषी बच निकलते हैं ऐसे कुछ लोगों की मानता है और इस मान्यता के चलते हुए यह मांग करते हैं कि कानूनी प्रक्रिया में सुधार किया जाए और आपराधिक कानूनों को दुरुस्त किया जाए लेकिन हम इससे सहमत नहीं हैं क्योंकि न्याय की जो आदमी अवधारणा है जो बर्बर कृत्य जो बहुत पहले सप्ताह के शुरुआती दौर से चली आ रही थी और जो मध्यकाल में अपने चरम पर थी उस अवधारणा को हम कभी स्वीकार नहीं कर सकते जिसमें कॉल दूसरे के ऊपर लगाए गए आरोपों का तथा परीक्षण करके तुरंत सजा दी जाती थी और सजा का तरीका बहुत ही भर भर होता था और भी होता था लेकिन जैसे-जैसे हम विकास करते हैं सब होते गए मांग रहे होते गए लोकतांत्रिक मूल्यों का समावेश होता गया वैसे-वैसे हम अपराधी कानूनों के प्रति अपराध के प्रति अपराधी को दंड देने के बीच के प्रति मानवीय होते गए और क्रमशः बहुत ही लास्ट कल और और सटीक ढंग से हम अपराधियों से पेश आने लगे वास्तु में सुधारों के पीछे कि अपराधियों के साथ भी मान वीडियो हाथ होना चाहिए इसके पीछे मूलभूत अवधारणा छुपी हुई है छुपी हुई क्या है निहित है कि मनुष्य गलतियों का भी एक समस्या है मनुष्य है तो गलती होती ही रहेगी और वह गलतियां दूसरे के साथ एक चक्कर बहुत बड़ी हो सकती भैया बहुत छोटी मोटी भी हो सकती हैं इसलिए उन गलतियों के अनुपात में दंड दिया जाना उचित है ताकि हमारी लोक व्यवस्था भी बनी रहे और जिसके साथ अपराध हुआ है जो से पीड़ित हुआ है उसको भी थोड़ा सा संतोष में लेकिन और भी कई अवधारणाएं 1 देशों के लिए करके हम अपने अपराधिक कानून को संचालित करते हैं और उसी के अंतर्गत मारी न्यायिक प्रक्रिया अपने कार्य को करते हैं अगर आप ध्यान दें तो कुछ सौ साल पहले छोटे छोटे अपराधों में या जगन अपराधों में जला देना काट देना सोने का अनुभव कर देना गोद गोद कर मार देना गरम पानी में छोड़ देना डुबो देना चट्टान से बात कर के ऊपर से फेंक देना आज तमाम बर्बरता की क्या सजा देने के मामले में प्रचलित थी और वह बहुत हद तक उन्हें तुरंत निर्णय ले करके उनको कार्यान्वित किया जाता था और अपने हाथ यूरोप में चैट लंबी प्रक्रिया रही है पूरा एक उत्सव जैसा माहौल बनाकर के लोगों के सामने अपराधियों को दंड दिया जाता था और उस दम देने की प्रक्रिया जितनी लंबी कितनी दूर होती थी उतना दर्शकों को मजा आता था लेकिन जैसा कि कहते हैं इतिहास अपने को दोहराता है अगर आप ध्यान दें तो धीरे-धीरे हम फिर उसे मधु की बर्बर अपराधियों को सजा देने के मामले में उसके मनाई स्थिति में आ गए हैं जब हम चाहते हैं आप ज्यादातर लोग आज यह चाह रहे हैं कि जहां भी दूसरी किसी के प्रति दोष सिद्ध हो या दोष लगाया जाए तो उसको परिमाप कैसे देखते अगर दोस्त दोस्त निर्धारित हो जा रहा दोस्त प्रमाणित हो जा रहा है उसको दंड दिया जाए और दर्द देने की प्रक्रिया जितनी कठिन हो जितने भी बर्बाद हो उतना उतना ही उचित होगा ऐसे मरने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है कि किसी भी समाज के लोकतांत्रिक समाज के लिए खतरनाक है आप सोच रहे होंगे कि अपराधियों को दंड देने में अगर परित्ता है पर भरता है वह अपराधी जिसने किसी को कष्ट दिया है जिसने किसी के साथ बर्बरता पूर्वक व्यवहार किया है तो उसके साथ मानवीय व्यवहार कैसा है उसके पास उधर पाकिस्तान लेकिन हमारे भारतीय संचालित होती रही है अब तक निर्दोष ना उसमें पाए चाहे तो दूसरी सजा मुक्त हो जाय तो अपराधी सजा से बच जाए लिखित 127 में सजा ना पाए इस अवधारणा के साथ सब नाटक किया काम करती थी अब तक हम लोग व्यवस्था में भरे थोड़ा बहुत दिखते हो लेकिन न्याय का सिद्धांत जब तक चलता था तब तक दोषियों को दंड बहुत समझ बूझ कर दिया जाता था और निर्दोष लोग जेलों में कम जाते थे आज क्या है आज ढेर सारे मामले ऐसे हैं जिसमें खास करके महिलाओं से संबंधित मामले और शोषण से संबंधित मामले में पुलिस वाले भी कहते हैं जेल अधिकारी भी मानते हैं और हमारे माननीय नायक पिक्चर में लगे लोग मरने की 60% से ज्यादा किस तो फर्जी हैं और इन फर्जी केसों में असली सजा लो भुगत ते जिलों में क्योंकि अपराधिक कानून की जो मूलभूत प्रक्रिया है जो मूलभूत सकते हैं जो डेमोक्रेटिक पैटर्न की न्याय व्यवस्था की मांग है उन चीजों को हम वैगनआर करते हैं हम ने त्वरित न्याय की दशा में मृत्युदंड पाने की दशा में सामाजिक सुधार की दशा में इन उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए हमने ऐसे ऐसे कानून बनाए हैं और आपराधिक प्रक्रिया को इतना अंदर करवा दिया है कि उसमें जिसके प्रति दोष लगा है उसको कुछ सिर्फ अपने बचाव का मौका ही नहीं मिलता अब जो अभियोग लगाता है जो लगाता है उसी को सच मानते हुए सजा का निर्धारण कर दिया जाता बचने का और अपने पक्ष में बचने के लिए साक्ष्य देने का बोध जो है जिम्मेदारी उसी को दे दिया कि किसके ऊपर आरोप लगाया जाता है ऐसे में ऐसे कानून का दुरुपयोग हो रहा है हम कैसे मान सकते हैं कि जो दोस्त लगाने वाला है जो आरोप लगाने वाला है और जो आरोपी थी जिसके ऊपर दोष लगाया जा रहा है दोनों इसी समाज की देन है दोस्त लगाने वाला आरोप लगाने वाला युग का नहीं है वह भी सी समाज का है वह भी उन्हें चुनाव हुए उसमें विराग से उन्हें बिजनेस शुरू है इससे प्रेरित होकर के कानून का दुरुपयोग कर सकता है ऐसा नहीं माना गया कानून बनाते समय अपराध प्रक्रिया को को बनाते समय हम यह मानकर चलते हैं कि जो दोष लगा रहा है वह वाकई में जो पीड़ित दिख रहा है वह वाकई में पीड़ित है वह बेहद कमजोर है और वह किसी और युग का व्यक्ति है जो बम भोला भाला है कि जो इस कानून का दुरुपयोग नहीं कर सकता

bharat me apradhik kanoon ke sudhaar ki avashyakta par vichar aur sudhaar ke liye aapne charcha karne ka anurodh kiya hai aamtaur par jo log apradhi kanoon me sudhaar aur sarita karne ki avashyakta par bal dete hain unka paraya abhipray hota hai ki bharat ka kanoon lachar hai aur der se tujhko saza di jaati hai aur prakriyaen kathin hai jisme doshi bach nikalte hain aise kuch logo ki maanta hai aur is manyata ke chalte hue yah maang karte hain ki kanooni prakriya me sudhaar kiya jaaye aur apradhik kanuno ko durast kiya jaaye lekin hum isse sahmat nahi hain kyonki nyay ki jo aadmi avdharna hai jo barbar kritya jo bahut pehle saptah ke shuruati daur se chali aa rahi thi aur jo madhyakaal me apne charam par thi us avdharna ko hum kabhi sweekar nahi kar sakte jisme call dusre ke upar lagaye gaye aaropon ka tatha parikshan karke turant saza di jaati thi aur saza ka tarika bahut hi bhar bhar hota tha aur bhi hota tha lekin jaise jaise hum vikas karte hain sab hote gaye maang rahe hote gaye 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dosh lagaya ja raha hai dono isi samaj ki then hai dost lagane vala aarop lagane vala yug ka nahi hai vaah bhi si samaj ka hai vaah bhi unhe chunav hue usme virag se unhe business shuru hai isse prerit hokar ke kanoon ka durupyog kar sakta hai aisa nahi mana gaya kanoon banate samay apradh prakriya ko ko banate samay hum yah maankar chalte hain ki jo dosh laga raha hai vaah vaakai me jo peedit dikh raha hai vaah vaakai me peedit hai vaah behad kamjor hai aur vaah kisi aur yug ka vyakti hai jo bomb bhola bhala hai ki jo is kanoon ka durupyog nahi kar sakta

भारत में अपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार और सुधार के लिए आपने चर्चा करने का अन

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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भारत में कानून व्यवस्था है उनको तो हम लोग यार काफी टाइम तक की फांसी को कोशिशें करनी थी कि आज कानून की व्यवस्था है कानून के नियमों में कुछ बदलाव लाने की जिससे की परिस्थिति को देखते हैं क्योंकि काफी टाइम लग जाता है जिससे कि आज हमारे देश में करीब दो करोड़ जरा केस पेंडिंग पड़े हैं अंतिम समाधान कर सकते हैं सभी पहलुओं पर ध्यान रखकर ऐसा करते हैं तो बहुत फायदेमंद होगा

bharat me kanoon vyavastha hai unko toh hum log yaar kaafi time tak ki fansi ko koshishein karni thi ki aaj kanoon ki vyavastha hai kanoon ke niyamon me kuch badlav lane ki jisse ki paristhiti ko dekhte hain kyonki kaafi time lag jata hai jisse ki aaj hamare desh me kareeb do crore zara case pending pade hain antim samadhan kar sakte hain sabhi pahaluwon par dhyan rakhakar aisa karte hain toh bahut faydemand hoga

भारत में कानून व्यवस्था है उनको तो हम लोग यार काफी टाइम तक की फांसी को कोशिशें करनी थी कि

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Debidutta Swain

IAS Aspirant | Life Motivational Speaker,Daily Story Teller

1:24
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बीके भारत की अमर जो कानून ए वह कहीं ना कहीं बहुत पुरानी है और ब्रिटिश जमाना की है तो इसीलिए उसके सुधार के बहुत बड़ी मात्रा में जरूरत है उससे बहुत सेक्सी हॉट ओल्ड फैशन की जो मतलब की लौज है और रेगुलेशन स्कूल से उस को बदलने की जरूरत है नहीं विचार की जरूरत है नहीं सिस्टम को देखकर उसको एडिट करने की जरूरत अपडेट करने की जरूरत है जिसमें एग्जांपल देना चाहूंगा कि कुछ क्राइम से जिसमें एक इंसान की मौत हो जाता है लेकिन लेकिन उसको उतनी सदा नहीं मिलता है जितना मौत डायरेक्ट मौत करने वाले सजा मिलता है मतलब कि उन्होंने वापस किसी इंसान की लाइट को पूरा बर्बाद कर देते हो उसको भेज दे डीप फ्रिज में रख लेते हो लेकिन आपको और उसकी लाइफ मौत के साथ समान कर देते हो लेकिन आपको मौत वाली सजा मिली कि इंसान को फिट करने की बहुत जरूरत है इन सभी को आप को ध्यान देने की जरूरत है धन्यवाद

BK bharat ki amar jo kanoon a vaah kahin na kahin bahut purani hai aur british jamana ki hai toh isliye uske sudhaar ke bahut badi matra me zarurat hai usse bahut sexy hot old fashion ki jo matlab ki lauj hai aur regulation school se us ko badalne ki zarurat hai nahi vichar ki zarurat hai nahi system ko dekhkar usko edit karne ki zarurat update karne ki zarurat hai jisme example dena chahunga ki kuch crime se jisme ek insaan ki maut ho jata hai lekin lekin usko utani sada nahi milta hai jitna maut direct maut karne waale saza milta hai matlab ki unhone wapas kisi insaan ki light ko pura barbad kar dete ho usko bhej de deep fridge me rakh lete ho lekin aapko aur uski life maut ke saath saman kar dete ho lekin aapko maut wali saza mili ki insaan ko fit karne ki bahut zarurat hai in sabhi ko aap ko dhyan dene ki zarurat hai dhanyavad

बीके भारत की अमर जो कानून ए वह कहीं ना कहीं बहुत पुरानी है और ब्रिटिश जमाना की है तो इसीलि

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

1:38

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नमस्कार भारत में आपराधिक कानून के सुधार के लिए सबसे जो आवश्यक है वह वर्तमान समाज में मानसिकता का बदलाव क्योंकि भारत प्राचीन देश है और प्राचीन सभ्यता यहां से बनती है लेकिन वर्तमान में हम उन सभ्यताओं से दूर होते जा रहे हैं हमारे मूल मानसिकता से दूर होते जा रहे हैं इसलिए सबसे मुख्य कदम यह हो सकता है कि सरकार यह किस शिक्षा में हमारे प्राचीनतम सिद्धांत संस्कृति मानसिकता और पूर्व पूर्वजों द्वारा जिस प्रकार जीवन को किया गया इस प्रकार जीवन को जाना गया जो सिद्धांत अपने गए उन्हें एक बार फिर शिक्षा में समाहित किया जाए तो अवश्य बदलाव हो सकता

namaskar bharat me apradhik kanoon ke sudhaar ke liye sabse jo aavashyak hai vaah vartaman samaj me mansikta ka badlav kyonki bharat prachin desh hai aur prachin sabhyata yahan se banti hai lekin vartaman me hum un sabhyatao se dur hote ja rahe hain hamare mul mansikta se dur hote ja rahe hain isliye sabse mukhya kadam yah ho sakta hai ki sarkar yah kis shiksha me hamare prachintam siddhant sanskriti mansikta aur purv purvajon dwara jis prakar jeevan ko kiya gaya is prakar jeevan ko jana gaya jo siddhant apne gaye unhe ek baar phir shiksha me samahit kiya jaaye toh avashya badlav ho sakta

नमस्कार भारत में आपराधिक कानून के सुधार के लिए सबसे जो आवश्यक है वह वर्तमान समाज में मानसि

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जो अपराधी का नाना ठीक है आपकी बात ठीक है कि इसकी आवश्यकता पर भी विचार होना चाहिए सुधार क्रम में तो देखो पता क्या सबसे बड़ी प्रॉब्लम क्या होती है बहुत ज्यादा जूते भी होते हैं क्या वह देता है जयदेव कया मारपीट के लोग क्या करते हैं खुद गई क्या कुमार जो कोर्ट में पेश हो जाते हैं जैसा कि मुझे 9:00 मारा करो तो झूठे केसों के कारण को थोड़ा सा इतना सख्त कानून जाइए नहीं बनाते क्योंकि वैसे तो बहुत कानून है जिनमें की जमानत भी नहीं है और जिनमें मतलब अपराधी की कोई वह भी नहीं है लेकिन सिर्फ दो गलत के साथ देना उसको प्रूफ करने में बहुत प्रॉब्लम हो जाती है प्लीज को कुछ कानून हैं जिनको मजबूर करना चाहिए अगर कानून में अप्लाई करते हैं बहुत

jo apradhi ka nana theek hai aapki baat theek hai ki iski avashyakta par bhi vichar hona chahiye sudhaar kram me toh dekho pata kya sabse badi problem kya hoti hai bahut zyada joote bhi hote hain kya vaah deta hai jaidev kya maar peet ke log kya karte hain khud gayi kya kumar jo court me pesh ho jaate hain jaisa ki mujhe 9 00 mara karo toh jhuthe keson ke karan ko thoda sa itna sakht kanoon jaiye nahi banate kyonki waise toh bahut kanoon hai jinmein ki jamanat bhi nahi hai aur jinmein matlab apradhi ki koi vaah bhi nahi hai lekin sirf do galat ke saath dena usko proof karne me bahut problem ho jaati hai please ko kuch kanoon hain jinako majboor karna chahiye agar kanoon me apply karte hain bahut

जो अपराधी का नाना ठीक है आपकी बात ठीक है कि इसकी आवश्यकता पर भी विचार होना चाहिए सुधार क्र

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Dr. Parmindra Dadhich

Lawyer | Jurist

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मुझे मुझे यह लगता है कि आपराधिक कानून में सबसे बड़ा जो सुधार जिसकी आवश्यकता है वह है एडवर्सरियल सिस्टम की जगह हमें इनक्विजिटोरियल सिस्टम को अपने क्रिमिलियर स्टूडेंट के अंदर लाने की बहुत ज्यादा जरूरत है जिसके अंतर्गत जज सिर्फ एडवर्सरियल सिस्टम ही फॉलो नहीं करता वह बार-बार कंटीन्यूअसली कोशिश करता है कि वाकई में सच्चाई है क्या तुम मुझे लगता है कि इनक्विजिटोरियल जो सिस्टम है जो इंक्वायरी बेस्ड सिस्टम जो होगा वह हमारे देश के लिए ज्यादा अच्छा और ज्यादा ज्यादा बढ़िया रहेगा दूसरी बात की कि हमारे देश में एफिडेविट ने से जो होते हैं वह हॉस्टल बहुत ज्यादा होते हैं उसको रोकने के लिए कोई बहुत अच्छी अच्छा कोई सिस्टम चलाने की आवश्यकता है जैसे फॉर एग्जांपल सेक्शन हंड्रेड सेक्सी 1 सीआरपीसी जो है वह यह कहता है कि इनका जो एग्जामिनेशन होता है ऐसे विटनेसेस का ड्यूरिंग इन्वेस्टिगेशन डेट में भी बाय ऑडियो वीडियो इलेक्ट्रॉनिक मींस ऑडियो वीडियो इलेक्ट्रॉनिक नहीं है आज भी हमारे इतने से जो है वो रिकॉर्ड नहीं जाता तो ऑडियो वीडियो इलेक्ट्रॉनिक नहीं बहुत ज्यादा जरूरी है जैसे कि वह हॉस्टल नहीं हो सके

mujhe mujhe yah lagta hai ki apradhik kanoon me sabse bada jo sudhaar jiski avashyakta hai vaah hai edavarsariyal system ki jagah hamein inquisitorial system ko apne krimiliyar student ke andar lane ki bahut zyada zarurat hai jiske antargat judge sirf edavarsariyal system hi follow nahi karta vaah baar baar kantinyuasali koshish karta hai ki vaakai me sacchai hai kya tum mujhe lagta hai ki inquisitorial jo system hai jo enquiry based system jo hoga vaah hamare desh ke liye zyada accha aur zyada zyada badhiya rahega dusri baat ki ki hamare desh me Affidavit ne se jo hote hain vaah hostel bahut zyada hote hain usko rokne ke liye koi bahut achi accha koi system chalane ki avashyakta hai jaise for example section hundred sexy 1 crpc jo hai vaah yah kahata hai ki inka jo examination hota hai aise vitneses ka during investigation date me bhi bye audio video electronic means audio video electronic nahi hai aaj bhi hamare itne se jo hai vo record nahi jata toh audio video electronic nahi bahut zyada zaroori hai jaise ki vaah hostel nahi ho sake

मुझे मुझे यह लगता है कि आपराधिक कानून में सबसे बड़ा जो सुधार जिसकी आवश्यकता है वह है एडवर्

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भारत में आपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करना और सुधार सुधार के क्रम में पहलुओं पर विचार करना यह एक बहुत विस्तार विस्तार की प्रक्रिया है और इस संबंध में तो काफी विचार और विमर्श और एक पूरा कॉन्फ्रेंस या का लोकेशन की आवश्यकता है यहां पर इतने संक्षिप्त में संबंध में विचार प्रकट करना संभव नहीं होगा

bharat me apradhik kanoon ke sudhaar ki avashyakta par vichar karna aur sudhaar sudhaar ke kram me pahaluwon par vichar karna yah ek bahut vistaar vistaar ki prakriya hai aur is sambandh me toh kaafi vichar aur vimarsh aur ek pura conference ya ka location ki avashyakta hai yahan par itne sanshipta me sambandh me vichar prakat karna sambhav nahi hoga

भारत में आपराधिक कानून के सुधार की आवश्यकता पर विचार करना और सुधार सुधार के क्रम में पहलुओ

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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate,RTI Activist , Motivational Coach

3:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो इस सवाल का जवाब कोई पांच लाइन में नहीं दिया जा सकता है लेकिन सबसे पहले अपने अपराधिक विधि की बात की है तो हमारे साथ भारतीय दंड संहिता 1917 भारतीय दंड संहिता किसने ओपन तो है अकॉर्डिंग टू जैसे-जैसे टाइम निकला है उसके अकॉर्डिंग नए रूल रेगुलेशन बढ़ाई गई हैं जैसे अपराध बढ़े हैं उसी परिवर्ती के हमने नई कानून बना दिए हैं जैसे साइबर लो हमने बना दिया है आईटी एक्ट हमने बना दिया है लेकिन पुराने कानून है मतलब अपराधियों में जैसे आईपीसी है उसमें सेंटेंस है तो सेंटेंस को बढ़ाने की जरूरत है वह 1807 के टाइम की थी और आज सेंटेंस हमें बढ़ानी होगी तो सरकार को सेंटेंस बढ़ाना होगा दूसरी बात जैसे टेक्नोलॉजी से रिलेटेड जोलो बनती है उन लोग को देखते हुए हमें उन पर सेंटेंस का उन पर स्पीडी ट्रायल का यह हमें देखना होगा कि उसके बाद हमारे पास पुलिस अधिनियम है मोस्ट इंपोर्टेंट पार्ट ऑफ द क्रिमिनल पुलिस की भूमिका बहुत अहम होती है तो पुलिस हमें पुलिस आयोग लेना चाहिए ताकि हमें पुलिस था वह स्ट्रक्चर हम ठीक कर सके ताकि वह अच्छे से कोई भी रिपोर्ट है कोई भी इन्वेस्टीगेशन किसी भी अपराध को कैसे कंट्रोल किया जा सकता इस तरह की कानून पुलिस एक्ट सुधार करें और डिपार्टमेंट में भी सुधार करें डिपार्टमेंट में हर लोगों की अपनी काबिलियत होती है कोई इन्वेस्टिगेशन ऑफीसर अच्छा होता है कोई ट्रैफिक ऑफिस अच्छा होता है कोई अच्छा होता है कोई विजिलेंस वेडिंग ऑफ करें तो इसलिए उसको सुधार करना जरूरी है इसलिए जो हमारे अपराधी कानून में हम सुधार करें उनको अच्छे से इंप्लीमेंट किया जा सकता है फिर यदि हम बात करें हमारी जोड़ी श्री की तो जो भी सिर के अंदर के लो मुझे नहीं पता कि अंदर जो डिपार्टमेंट लो फॉलो करता है वह क्या करता है लेकिन फिर भी यह डिलीवरी सेना सुधार करना होगा इसीलिए जो मारे अपराधी कानून अगर हम बनाएंगे तो उससे काम अच्छे से हो सकता है देखो अगर हम किसी भी अपराधी कानून में अगर काम करें तो सबसे पहले हमारी एजुकेशन सोसाइटी दूसरी बात पुलिस डिपार्टमेंट तीसरी बात हमारी जोड़ी स्त्री अगर यह सारा सिस्टम ठीक होगा ना तो हम उस चीज पर फोकस कर पाएंगे इसीलिए यह बहुत बड़ा है हम इनको कुछ 10 लाइन में या 5 मिनट में इसको डिस्क्राइब नहीं कर सकते बट फिर भी मैं अपने थोड़े शब्दों में यह कहना चाहूंगी कि अपराधी कानून जो हमारी पुरानी कानून उन कानूनों को आज के अकॉर्डिंग बनाना चाहिए और सोचना चाहिए और विशेष करके जो पुरानी सेंटेंस सिंह है वह सेंटेंस इन कम है आज बढ़ाना चाहिए वह सेंटेंस इन को आज किया कोडिंग दूसरी बात पुलिस डिपार्टमेंट का जो पिक्चर है उसमें परिवर्तन करना चाहिए और ढीले प्रोसेस है उसमें भी परिवर्तन करना चाहिए

dekho is sawaal ka jawab koi paanch line me nahi diya ja sakta hai lekin sabse pehle apne apradhik vidhi ki baat ki hai toh hamare saath bharatiya dand sanhita 1917 bharatiya dand sanhita kisne open toh hai according to jaise jaise time nikala hai uske according naye rule regulation badhai gayi hain jaise apradh badhe hain usi pariwarti ke humne nayi kanoon bana diye hain jaise cyber lo humne bana diya hai it act humne bana diya hai lekin purane kanoon hai matlab apradhiyon me jaise ipc hai usme sentence hai toh sentence ko badhane ki zarurat hai vaah 1807 ke time ki thi aur aaj sentence hamein badhani hogi toh sarkar ko sentence badhana hoga dusri baat jaise technology se related jolo banti hai un log ko dekhte hue hamein un par sentence ka un par speedy trial ka yah hamein dekhna hoga ki uske baad hamare paas police adhiniyam hai most important part of the criminal police ki bhumika bahut aham hoti hai toh police hamein police aayog lena chahiye taki hamein police tha vaah structure hum theek kar sake taki vaah acche se koi bhi report hai koi bhi investigation kisi bhi apradh ko kaise control kiya ja sakta is tarah ki kanoon police act sudhaar kare aur department me bhi sudhaar kare department me har logo ki apni kabiliyat hoti hai koi investigation officer accha hota hai koi traffic office accha hota hai koi accha hota hai koi vijilens wedding of kare toh isliye usko sudhaar karna zaroori hai isliye jo hamare apradhi kanoon me hum sudhaar kare unko acche se implement kiya ja sakta hai phir yadi hum baat kare hamari jodi shri ki toh jo bhi sir ke andar ke lo mujhe nahi pata ki andar jo department lo follow karta hai vaah kya karta hai lekin phir bhi yah delivery sena sudhaar karna hoga isliye jo maare apradhi kanoon agar hum banayenge toh usse kaam acche se ho sakta hai dekho agar hum kisi bhi apradhi kanoon me agar kaam kare toh sabse pehle hamari education society dusri baat police department teesri baat hamari jodi stree agar yah saara system theek hoga na toh hum us cheez par focus kar payenge isliye yah bahut bada hai hum inko kuch 10 line me ya 5 minute me isko describe nahi kar sakte but phir bhi main apne thode shabdon me yah kehna chahungi ki apradhi kanoon jo hamari purani kanoon un kanuno ko aaj ke according banana chahiye aur sochna chahiye aur vishesh karke jo purani sentence Singh hai vaah sentence in kam hai aaj badhana chahiye vaah sentence in ko aaj kiya coding dusri baat police department ka jo picture hai usme parivartan karna chahiye aur dheele process hai usme bhi parivartan karna chahiye

देखो इस सवाल का जवाब कोई पांच लाइन में नहीं दिया जा सकता है लेकिन सबसे पहले अपने अपराधिक व

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देखिए इंडिया का अंदर जब भी कोई भी क्राइम बंद होगा तभी आप की लूट स्प्लिक्स होंगे ऑल एक निष्पक्ष व किसको धारण कराकर नहीं बांटा जाएगा सबसे में बात करता हूं कि अगर मांगे यदि ऐसा होता सिंह विधायक होते हैं वह समर्थन देते हो सरकार बन जाती है और जब संभल टर्न हटा देते कारगिल जाती है इस तरीके से हिंदी में भी होना चाहिए कि जितने भी लोग हैं वह बहुत हताश था कि कभी भी ng24 गंदे मंत्री कभी भी अपना वोट डाल सकते अभी से होगा क्या कि जो गवर्नमेंट है वह सुबह ही काम करेगी रुक देश के लिए अच्छा है और देश की रास्ता हो तो सभी की रास्ता होता है

dekhiye india ka andar jab bhi koi bhi crime band hoga tabhi aap ki loot spliks honge all ek nishpaksh va kisko dharan karakar nahi baata jaega sabse me baat karta hoon ki agar mange yadi aisa hota Singh vidhayak hote hain vaah samarthan dete ho sarkar ban jaati hai aur jab sambhal turn hata dete kargil jaati hai is tarike se hindi me bhi hona chahiye ki jitne bhi log hain vaah bahut hathaash tha ki kabhi bhi ng24 gande mantri kabhi bhi apna vote daal sakte abhi se hoga kya ki jo government hai vaah subah hi kaam karegi ruk desh ke liye accha hai aur desh ki rasta ho toh sabhi ki rasta hota hai

देखिए इंडिया का अंदर जब भी कोई भी क्राइम बंद होगा तभी आप की लूट स्प्लिक्स होंगे ऑल एक निष्

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मन को ध्यान रखना चाहिए हमारे भारत को सुधारने के लिए हमारी बहन बेटियों को बचाने के लिए

man ko dhyan rakhna chahiye hamare bharat ko sudhaarne ke liye hamari behen betiyon ko bachane ke liye

मन को ध्यान रखना चाहिए हमारे भारत को सुधारने के लिए हमारी बहन बेटियों को बचाने के लिए

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