पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे?...


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ऐसे और सवाल
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Ganesh Joshi

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं इस सवाल का जवाब है कि सरकार ने समय रहते कोई कार्यवाही नहीं की जनवरी में पहला कैसा चुका था उसके बावजूद सरकार ने बहुत देर से लोग डाउन जैसे कठोर फैसले लिए अगर समय रहते इन मजदूरों को असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले तमाम श्रमिकों को निश्चित जगह पर जाने के लिए कह दिया जाता या फिर उनके लिए वहीं पर व्यवस्था करने का भरोसा किया जाता तब तो यह असफल नहीं होता लेकिन जिस तरह से लोगों के बाद सोशल डिस्टेंसिंग का मैसेज देने के बाद भारी भीड़ दिल्ली से लेकर तमाम छोटे शहरों तक उमड़ने लगी अब बार-बार आग्रह करने के बाद भी लोग घर को जाने के लिए आतुर होते रहे और सरकार उचित कदम नहीं उठा सकी और अब भी लोग शेल्टर होम में रखे गए हैं उनके घर जाने की कोई व्यवस्था नहीं है हालांकि कुछ हद तक यह कदम ठीक है लेकिन उनकी जीवन या उनकी दिनचर्या पूरी तरह से प्रभावित हो गई है

palayan ko rokne ke liye sarkar dwara uthye ja rahe kadam asafal kyon saabit ho rahe hain is sawaal ka jawab hai ki sarkar ne samay rehte koi karyavahi nahi ki january me pehla kaisa chuka tha uske bawajud sarkar ne bahut der se log down jaise kathor faisle liye agar samay rehte in majduro ko asangathit kshetra me kaam karne waale tamaam shramiko ko nishchit jagah par jaane ke liye keh diya jata ya phir unke liye wahi par vyavastha karne ka bharosa kiya jata tab toh yah asafal nahi hota lekin jis tarah se logo ke baad social distensing ka massage dene ke baad bhari bheed delhi se lekar tamaam chote shaharon tak umadane lagi ab baar baar agrah karne ke baad bhi log ghar ko jaane ke liye aatur hote rahe aur sarkar uchit kadam nahi utha saki aur ab bhi log shelter home me rakhe gaye hain unke ghar jaane ki koi vyavastha nahi hai halaki kuch had tak yah kadam theek hai lekin unki jeevan ya unki dincharya puri tarah se prabhavit ho gayi hai

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं इस सवाल का

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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लग्न सरकार की जो कदम से वह काफी हद तक सफल है लेकिन कल तो पढ़ाई चल रही है सरकार ने

lagn sarkar ki jo kadam se vaah kaafi had tak safal hai lekin kal toh padhai chal rahi hai sarkar ne

लग्न सरकार की जो कदम से वह काफी हद तक सफल है लेकिन कल तो पढ़ाई चल रही है सरकार ने

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Pankaj Sharma

Journalist | Advocate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

केंद्र सरकार द्वारा गुरुवार के विषय में उठाए जा रहे हैं यह कदम है वह सफल साबित नहीं हो रहे हैं बल्कि हमारी इस पब्लिक में देश के नागरिकों में देश की जनता में कमीनो की कमी नहीं है इन कमीनो की वजह से ही समस्याएं पैदा हो रही है जब सरकार सारी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले रही है और देश के नागरिकों की सब तरह से ध्यान रखने का फायदा कर रही है इसके साथ-साथ हमारी सरकार बहुत महत्वपूर्ण काम कर रही है लोगों की सुरक्षा और इन सब पर ही कार्य कर रही है लेकिन वास्तव में क्या है कि लोग जरूर लोग डाउन तोड़ रहे हैं किसी ना किसी रूप में तोड़ रहे हैं और लोग डाउन क्यों नहीं तोड़ रहे हैं बल्कि भीड़ में भी जा रहे हैं जो दूरी तय की गई है उस दूरी को भी अपने आप को बचा नहीं बचा रहे हैं उस दूरी में भी लोगों के शामिल हो रहे हैं एक दूसरे से चिपक रहे और उसका ट्रांसफर नहीं रुक रहा है हाल ही की घटना है निजामुद्दीन में जिस तरह से 25 लोगों को बंद करके रखा गया इन कमीनों को जलील ओ को यह साफ नहीं है कि हम स्वयंवर नहीं मर रहे हैं हम लोगों को मार रहे हैं हमारे परिवार मरेगा 800 विदेशी उसमें बंधन कोई भी आदमी विदेश से आए हैं तो उसकी केमिस्ट्री बताई जानी चाहिए लेकिन व्हाट्सएप देशों को बंद क्यों की जानकारी दे रहा है कि 800 विदेशी यहां पर उनका भी चावल है इसलिए सरकार उनको नहीं देख पा रही और कुरना जैसी महामारी सरकार लड़ गई है हर करता है कि ऑफिस बंद है सब तरह के काम बंद है उनकी जानकारी जैसी हैं जानकारियां सरकार को दीजिए उनका इलाज शुरू होना चाहिए उनको सैनिटाइज के जाना चाहिए उनको क्वॉरेंटाइन कार चाहिए और आप 25 लोगों को बंद क्यों हुए सबसे बड़े दुख की बात यह है यह है उन 25 लोगों को इकट्ठा हुए तो धर्म पर चर्चा कर रहे थे अपने अपने क्षेत्र की स्कॉलर कहते हैं स्वयं को हम बुद्धिमान लोग इकट्ठे हुए हैं कि धर्म पर चर्चा करने वाले अपने आप को तथाकथित बुद्धिमान कहते हैं बुद्धिमान नहीं कमीन जलील और गलीच कमी और गलीचे इन पर देशद्रोह का मुकदमा लगाया जाना चाहिए और फांसी की सजा होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना हमारे देश में ना

kendra sarkar dwara guruwaar ke vishay me uthye ja rahe hain yah kadam hai vaah safal saabit nahi ho rahe hain balki hamari is public me desh ke nagriko me desh ki janta me kamino ki kami nahi hai in kamino ki wajah se hi samasyaen paida ho rahi hai jab sarkar saari jimmedari apne upar le rahi hai aur desh ke nagriko ki sab tarah se dhyan rakhne ka fayda kar rahi hai iske saath saath hamari sarkar bahut mahatvapurna kaam kar rahi hai logo ki suraksha aur in sab par hi karya kar rahi hai lekin vaastav me kya hai ki log zaroor log down tod rahe hain kisi na kisi roop me tod rahe hain aur log down kyon nahi tod rahe hain balki bheed me bhi ja rahe hain jo doori tay ki gayi hai us doori ko bhi apne aap ko bacha nahi bacha rahe hain us doori me bhi logo ke shaamil ho rahe hain ek dusre se chipak rahe aur uska transfer nahi ruk raha hai haal hi ki ghatna hai nizamuddin me jis tarah se 25 logo ko band karke rakha gaya in kaminon ko jalil O ko yah saaf nahi hai ki hum sawamber nahi mar rahe hain hum logo ko maar rahe hain hamare parivar marega 800 videshi usme bandhan koi bhi aadmi videsh se aaye hain toh uski chemistry batai jani chahiye lekin whatsapp deshon ko band kyon ki jaankari de raha hai ki 800 videshi yahan par unka bhi chawal hai isliye sarkar unko nahi dekh paa rahi aur kurna jaisi mahamari sarkar lad gayi hai har karta hai ki office band hai sab tarah ke kaam band hai unki jaankari jaisi hain jankariyan sarkar ko dijiye unka ilaj shuru hona chahiye unko sainitaij ke jana chahiye unko kwarentain car chahiye aur aap 25 logo ko band kyon hue sabse bade dukh ki baat yah hai yah hai un 25 logo ko ikattha hue toh dharm par charcha kar rahe the apne apne kshetra ki scholar kehte hain swayam ko hum buddhiman log ikatthe hue hain ki dharm par charcha karne waale apne aap ko tathakathit buddhiman kehte hain buddhiman nahi kamin jalil aur galich kami aur galiche in par deshdroh ka mukadma lagaya jana chahiye aur fansi ki saza honi chahiye taki bhavishya me aisi koi ghatna hamare desh me na

केंद्र सरकार द्वारा गुरुवार के विषय में उठाए जा रहे हैं यह कदम है वह सफल साबित नहीं हो रहे

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Pt. Yogesh Bhardwaj "YOGI"

Motivator Educator

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तुलसी इस संसार में भांति भांति के लोग कछु मानस के देवता कसूर वेद और देखिए क्या है राजा जब प्रजा को व्यवस्थित रहने के लिए बोलती है तब भी हम अपनी बहू विलासिता और शौक के चक्कर में अपने आप को व्यवस्थित नहीं रखते हैं जब आपातकाल आता है तब आपातकाल में ही वही स्थिति होती है पक्ष और विपक्ष शासन के दो अंग होते हैं सत्ता जो जिसके पास में होती है वह पक्ष होता है और सत्ता के विरोध में जो बैठा होता है विपक्ष होता है अब सत्ताधारी व्यक्ति जो है वह यदि कोई नियम कानून बना रहा है तो विपक्ष को भी चाहिए कि हम उस में सहयोग करें आज पलायन की जो स्थिति बनी है उसके लिए विपक्ष बहुत हद तक जिम्मेदार है और यदि विपक्षी भी साथ दें जैसे किसी को खाने की व्यवस्था नहीं है अक्षय इतना कमजोर नहीं है पक्ष मजबूत है चाहे तो वह भी 2 दिन 4 दिन की व्यवस्था कर सकता है उसके बाद सत्ता को बता सकता है या शासन को बता सकता है कि भाई आपके यहां यहां कमजोरियां यह व्यवस्था की जाए तो इस व्यवस्था के कारण कहीं ना कहीं राजनीति की जो पराकाष्ठा है वह कहीं न कहीं इस बार इस मामले में व्यवधान उत्पन्न कर रही है धन्यवाद

tulsi is sansar me bhanti bhanti ke log kachu manas ke devta kasoor ved aur dekhiye kya hai raja jab praja ko vyavasthit rehne ke liye bolti hai tab bhi hum apni bahu vilasita aur shauk ke chakkar me apne aap ko vyavasthit nahi rakhte hain jab aapatkal aata hai tab aapatkal me hi wahi sthiti hoti hai paksh aur vipaksh shasan ke do ang hote hain satta jo jiske paas me hoti hai vaah paksh hota hai aur satta ke virodh me jo baitha hota hai vipaksh hota hai ab sattadhari vyakti jo hai vaah yadi koi niyam kanoon bana raha hai toh vipaksh ko bhi chahiye ki hum us me sahyog kare aaj palayan ki jo sthiti bani hai uske liye vipaksh bahut had tak zimmedar hai aur yadi vipakshi bhi saath de jaise kisi ko khane ki vyavastha nahi hai akshay itna kamjor nahi hai paksh majboot hai chahen toh vaah bhi 2 din 4 din ki vyavastha kar sakta hai uske baad satta ko bata sakta hai ya shasan ko bata sakta hai ki bhai aapke yahan yahan kamajoriyan yah vyavastha ki jaaye toh is vyavastha ke karan kahin na kahin raajneeti ki jo parakashtha hai vaah kahin na kahin is baar is mamle me vyavdhan utpann kar rahi hai dhanyavad

तुलसी इस संसार में भांति भांति के लोग कछु मानस के देवता कसूर वेद और देखिए क्या है राजा जब

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

2:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्लान रोकने के लिए सरकार के दौरान उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं देखिए सरकार ने लॉक दाम और कर्फ्यू का जो आदेश जारी किया वह तत्काल जारूकी जारी किया जिसके कारण से जो लोग रोजगार आदि को लेकर के बाहर थे वह फस गए हैं क्योंकि कोई वाहन की व्यवस्था नहीं है सारी ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं और बसें भी नहीं चल रही है ऐसी स्थिति में जो दूर तक का था यार जो बाहर नौकरी याद कर रहा था वह व्यक्ति फस गया है अब इस कारण से उनकी रहने की लेकर की समस्या उन्हें खाने-पीने की व्यवस्था को लेकर के उन व्यक्तियों को बहुत अच्छा सौदा हो रही हैं जिसके कारण से मिलने खट्टी हो रही है इस हेतु सरकार उन्हें उनके रुकने की व्यवस्था कर रखी है उनके खाने-पीने की व्यवस्था कर रखी है जब तक पूरे देश में जो कर्फ्यू लागू है तब तक उनको उसी स्थान पर रहना होगा जहां वह अभी रुके हुए हैं उनके ठहरने की व्यवस्था उनके खाने-पीने की व्यवस्था अन्य जो व्यवस्था वह सरकार कर रही है ताकि वे लोग यदि अपने घरों के लिए चले तो आकर आपस में संक्रमित ना हो इसलिए सरकार उनको रुकी हुई है यद्यपि भी नहीं खाती हो रही है यह सरकार के लिए दिक्कत का विषय बनी हुई है

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प्लान रोकने के लिए सरकार के दौरान उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं देखिए सरकार

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कुछ लोग अभी तक यह नहीं समझ पा रहे कि हमारे प्रधानमंत्री हमारे देश का हित चाहते हैं तो कोई ना कोई राजनीति करते हैं शायद राजनीति कह लीजिए यह किसी आदमी को सफल करने की कोशिश ऐसा ही लगता है अफवाह फैलाते हैं कुछ लोग हम नहीं जानते वह लोग कौन हैं मगर ऐसा करने वाली शायद किसका हित देखनी है यह नहीं पता किंतु अच्छा यही होगा कि इस समय हम सब मिलकर साथ मिलकर एक दूसरे का बचाव भी करें और खुद को सुरक्षित रख के घर में अभी और इस मसले से ज्यादा कुछ नहीं होना चाहिए अपने घर में रहें सुरक्षित रहें

kuch log abhi tak yah nahi samajh paa rahe ki hamare pradhanmantri hamare desh ka hit chahte hain toh koi na koi raajneeti karte hain shayad raajneeti keh lijiye yah kisi aadmi ko safal karne ki koshish aisa hi lagta hai afavah failate hain kuch log hum nahi jante vaah log kaun hain magar aisa karne wali shayad kiska hit dekhni hai yah nahi pata kintu accha yahi hoga ki is samay hum sab milkar saath milkar ek dusre ka bachav bhi kare aur khud ko surakshit rakh ke ghar me abhi aur is masle se zyada kuch nahi hona chahiye apne ghar me rahein surakshit rahein

कुछ लोग अभी तक यह नहीं समझ पा रहे कि हमारे प्रधानमंत्री हमारे देश का हित चाहते हैं तो कोई

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DR. I.P.SINGH

Doctorate in Literature

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से पलकों को नहीं छोड़ा सफल बनाने की कोशिश की जा रही के सिद्धांत और व्यवहार में अंतर होता है सरकार ने को रैना को जिस गंभीरता से समझा है उसके बारे में मामा पिपली करें तो मूर्खता ही है बस एक सरकार ने उसे गंभीरता से समझा इससे ज्यादा हमारी आपकी बौद्धिक क्षमता ना चले तो ज्यादा हम आप अपने घरों में सुरक्षित बैठे हैं लेकिन लोगों की चिंता करिए कि जो रात दिन बैठकर के कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार है या हमारे जो चिकित्सा विभाग के कर्मियों के साथ लगे भेजो वाहन चालक आती हैं पुलिस के लोग हैं सेना के लोग हैं जो या कुछ लोग जो दानदाता के रूप में भामाशाह बनकर के आगे आ रहे हैं वह कहीं ना कहीं जनता को सुरक्षित और संरक्षित करने की चेष्टा करें मित्र लेकिन सबसे बड़ी बात है कि माया बड़ी बुरी चीज है देश में कमाया इतनी बुरी चीजें का आदमी मरते मरते ना उसे चिपका राणा चाहता है एक बूढ़ा मौत के कगार पर बैठ कर के भी अपने पोते पोतियो का विवाह और बस्ता हुआ परिवार देखना चाहता जबकि उसे मालूम है कि महीने 5 दिन में 10 दिन में वह चला जाएगा तिरस्कार भी होता तब भी और पोते पोतियो से लगाव रखता है और यह माया ही अगर आप कहें तो हमारे देश की जीवंतता का प्रतीक है कितनी बड़ी 36 में लोग जब रुक गए थे तो काम नहीं है अचानक की जीवन शैली लोगों की समझ में नहीं आ रही है हर किसी के पास टीवी प्लीज बढ़िया कूलर पंखा नहीं है बेटा लोग भीड़ में रहते रहे हैं एक-एक कमरे में आठ आठ 10 लोग रहते रहे उसी में खाना-पीना नहाना दो ना उसी में सोना सब कुछ विचार करते हैं 8 घंटे 10 घंटे अपने बाल बच्चों के लिए कमाते

palayan ko rokne ke liye sarkar dwara uthye ja rahe kadmon se palakon ko nahi choda safal banane ki koshish ki ja rahi ke siddhant aur vyavhar me antar hota hai sarkar ne ko raina ko jis gambhirta se samjha hai uske bare me mama pipli kare toh murkhta hi hai bus ek sarkar ne use gambhirta se samjha isse zyada hamari aapki baudhik kshamta na chale toh zyada hum aap apne gharon me surakshit baithe hain lekin logo ki chinta kariye ki jo raat din baithkar ke collector sdm tahseeldar hai ya hamare jo chikitsa vibhag ke karmiyon ke saath lage bhejo vaahan chaalak aati hain police ke log hain sena ke log hain jo ya kuch log jo dandata ke roop me bhamashah bankar ke aage aa rahe hain vaah kahin na kahin janta ko surakshit aur sanrakshit karne ki cheshta kare mitra lekin sabse badi baat hai ki maya badi buri cheez hai desh me kamaya itni buri cheezen ka aadmi marte marte na use chipaka rana chahta hai ek budha maut ke kagar par baith kar ke bhi apne pote potiyo ka vivah aur bastaa hua parivar dekhna chahta jabki use maloom hai ki mahine 5 din me 10 din me vaah chala jaega tiraskar bhi hota tab bhi aur pote potiyo se lagav rakhta hai aur yah maya hi agar aap kahein toh hamare desh ki jivantata ka prateek hai kitni badi 36 me log jab ruk gaye the toh kaam nahi hai achanak ki jeevan shaili logo ki samajh me nahi aa rahi hai har kisi ke paas TV please badhiya cooler pankha nahi hai beta log bheed me rehte rahe hain ek ek kamre me aath aath 10 log rehte rahe usi me khana peena nahaana do na usi me sona sab kuch vichar karte hain 8 ghante 10 ghante apne baal baccho ke liye kamate

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों से पलकों को नहीं छोड़ा सफल बनाने की क

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अलार्म को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम साबित कर रहे हैं सरकार द्वारा लोकपाल करने के बाद तीनों लोग पलायन कर रहे हैं उसके पीछे मंशा यह है कि जब उनकी कंपनियां कारखाने यार जो वहां पर जो शहर में रहते हैं वह सब कुछ बंद पड़ा है वह अपने गांव की तरह का घर जाएंगे तो वहां पर इस समय खेतों में जो रवि फसल है वह काटने का सीजन है तो वहां पर वह लोग कुछ कमा लेंगे अनाज उनके घर में पहुंचा लेकिन वह सब पैदल निकले हैं और बसों के द्वारा भी जा रहे हैं लेकिन उन्हें कांटेक्ट किया जाएगा राज्य सरकार ने घोषणा कर दी उपयोग सभी आरोपों की सब राज्यों की सीमाएं सील कर दी गई अब उनकी हालत तो बहुत ही दयनीय हो गई लेकिन सरकार भरपूर प्रयास कर रही है पर सभी को मदद पहुंचाने का प्रयास कर रही है लेकिन लोगों की सोच को और भेड़िया चाल को रोकने में सरकार थोड़ी छे पढ़ती हुई दिख रही है उनके कदम पीछे पड़ गए और थोड़ी असफल होती दिख रही है लेकिन व्हाट्सएप पर सरकार की जो लोग पलायन कर रहे हैं उनको रोका जा सके उनको जहां पर हैं वहीं पर उन्हें सब सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए रहने की पानी की खाने की ताकि लोग का अगर मैं दूसरे राज्यों में ना पहले बहुत-बहुत धन्यवाद

alarm ko rokne ke liye sarkar dwara uthye gaye kadam saabit kar rahe hain sarkar dwara lokpal karne ke baad tatvo log palayan kar rahe hain uske peeche mansha yah hai ki jab unki companiya karkhane yaar jo wahan par jo shehar me rehte hain vaah sab kuch band pada hai vaah apne gaon ki tarah ka ghar jaenge toh wahan par is samay kheton me jo ravi fasal hai vaah katne ka season hai toh wahan par vaah log kuch kama lenge anaaj unke ghar me pohcha lekin vaah sab paidal nikle hain aur bason ke dwara bhi ja rahe hain lekin unhe Contact kiya jaega rajya sarkar ne ghoshana kar di upyog sabhi aaropon ki sab rajyo ki simaye seal kar di gayi ab unki halat toh bahut hi dayaniye ho gayi lekin sarkar bharpur prayas kar rahi hai par sabhi ko madad pahunchane ka prayas kar rahi hai lekin logo ki soch ko aur bhediya chaal ko rokne me sarkar thodi che padhati hui dikh rahi hai unke kadam peeche pad gaye aur thodi asafal hoti dikh rahi hai lekin whatsapp par sarkar ki jo log palayan kar rahe hain unko roka ja sake unko jaha par hain wahi par unhe sab suvidhaen uplabdh karai jaaye rehne ki paani ki khane ki taki log ka agar main dusre rajyo me na pehle bahut bahut dhanyavad

अलार्म को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदम साबित कर रहे हैं सरकार द्वारा लोकपाल करने

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

खासकर इस स्थिति में इस तरीके के हालात में सरकार अगर कोई निर्णय लेती है देश हित में तो उसके सफल होने में बहुत बड़ा योगदान जनता का होता है यह लाख डाउन किसके लिए निर्णय लिया गया है जनता के लिए ना और अगर जनता ही इसका पालन ना करें तो आप ही बताइए दूसरी कौन है जनता की सरकार सरकार आपसे कहे कि देश में पानी की कमी हो गई है कृपया आप लोग पानी बचाइए तो सरकार किसके लिए पानी बचाने के लिए करें अपने लिए कि देश की जनता के लिए एक उदाहरण के लिए का ब्लॉक डाउन का पालन करने के लिए आपको कहा किया आप दिल्ली से लेकर मुंबई से लेकर हर एक राज्य से अपने राज्य में भागने के लिए परेशान हो गए आप देश के बारे में नहीं सोच रहे हैं आप यहां तक अपने परिवार के लिए भी नहीं सोच रहे आप अपने राज्य के लिए भी नहीं सोच रहे बस आपको एक धुन सवार है कि हमें यह राज्य छोड़कर अपने घर जाना है बल्ले में कोरोनावायरस शंकर में करूंगा अपने पूरे परिवार को मैं मार डालूंगा चलेगा लेकिन मुझे अपने घर पहुंचना कौन सी भ्रांति फैली है आपके मन में भाई सरकार को कहां तक 2 सीटर आओगे कब तक 2 सीटर आओगे सरकार है क्या सिस्टम है क्या सिस्टम है सरकार किसके लिए होती है जनता के लिए अगर जनता ही उसका पालन ना करें तो क्या मतलब है फिर सरकार का क्या मतलब है सिस्टम का क्या मतलब है हर चीज के लिए सरकार को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है कोरोना वायरस कोई सरकार के लिए नहीं है क्रोना वायरस पूरे देश के लिए ब्लॉक डाउन जो रखा गया है देश की जनता को बचाने के लिए अमेरिका इटली का हाल देख रहे हैं ना क्या चाह रहे हैं भारत में ऐसा हो जाए वह तो स्वास्थ्य के मामले में पहले और दूसरे नंबर पर आते हैं हम आप 112 में नंबर पर आप सोचिए हमारा आपका क्या हाल होगा आधी से ज्यादा आबादी महीने भर के अंदर कोरोनावायरस संक्रमित हो जाएगी भारत खत्म अभी अगर नहीं समझे तो आगे संभल नहीं पाएंगे

khaskar is sthiti me is tarike ke haalaat me sarkar agar koi nirnay leti hai desh hit me toh uske safal hone me bahut bada yogdan janta ka hota hai yah lakh down kiske liye nirnay liya gaya hai janta ke liye na aur agar janta hi iska palan na kare toh aap hi bataiye dusri kaun hai janta ki sarkar sarkar aapse kahe ki desh me paani ki kami ho gayi hai kripya aap log paani bachaiye toh sarkar kiske liye paani bachane ke liye kare apne liye ki desh ki janta ke liye ek udaharan ke liye ka block down ka palan karne ke liye aapko kaha kiya aap delhi se lekar mumbai se lekar har ek rajya se apne rajya me bhagne ke liye pareshan ho gaye aap desh ke bare me nahi soch rahe hain aap yahan tak apne parivar ke liye bhi nahi soch rahe aap apne rajya ke liye bhi nahi soch rahe bus aapko ek dhun savar hai ki hamein yah rajya chhodkar apne ghar jana hai balle me coronavirus shankar me karunga apne poore parivar ko main maar daalunga chalega lekin mujhe apne ghar pahunchana kaun si bhranti faili hai aapke man me bhai sarkar ko kaha tak 2 seater aaoge kab tak 2 seater aaoge sarkar hai kya system hai kya system hai sarkar kiske liye hoti hai janta ke liye agar janta hi uska palan na kare toh kya matlab hai phir sarkar ka kya matlab hai system ka kya matlab hai har cheez ke liye sarkar ko doshi nahi thehraya ja sakta hai corona virus koi sarkar ke liye nahi hai corona virus poore desh ke liye block down jo rakha gaya hai desh ki janta ko bachane ke liye america italy ka haal dekh rahe hain na kya chah rahe hain bharat me aisa ho jaaye vaah toh swasthya ke mamle me pehle aur dusre number par aate hain hum aap 112 me number par aap sochiye hamara aapka kya haal hoga aadhi se zyada aabadi mahine bhar ke andar coronavirus sankrameet ho jayegi bharat khatam abhi agar nahi samjhe toh aage sambhal nahi payenge

खासकर इस स्थिति में इस तरीके के हालात में सरकार अगर कोई निर्णय लेती है देश हित में तो उसके

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा है तो हम को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं तो देखिए अभी फिलहाल पलायन होना नहीं चाहिए था ये एक सोची समझी या जो कहिए सरकार की तरफ से या किसी के तरफ से यह जो निर्णय लिया गया है पलायन करने का यह बहुत ही गलत बात है इस तरह का नहीं होना चाहिए था क्योंकि हमें रोना जैसी महामारी से बचने के लिए सबसे अलग सबसे दूर और अकेले रहना जरूरी है घर में रहना जरूरी है सुरक्षित रहना जरूरी है आप सफाई जरूरी है लेकिन लाइन जो होना शुरू हो गया है यह किस वजह से हुआ है यह बहुत ही गलत बात है इस तरह का होना बहुत ही हानिकारक है

aapne poocha hai toh hum ko rokne ke liye sarkar dwara uthye ja rahe kadam asafal kyon saabit ho rahe hain toh dekhiye abhi filhal palayan hona nahi chahiye tha ye ek sochi samjhi ya jo kahiye sarkar ki taraf se ya kisi ke taraf se yah jo nirnay liya gaya hai palayan karne ka yah bahut hi galat baat hai is tarah ka nahi hona chahiye tha kyonki hamein rona jaisi mahamari se bachne ke liye sabse alag sabse dur aur akele rehna zaroori hai ghar me rehna zaroori hai surakshit rehna zaroori hai aap safaai zaroori hai lekin line jo hona shuru ho gaya hai yah kis wajah se hua hai yah bahut hi galat baat hai is tarah ka hona bahut hi haanikarak hai

आपने पूछा है तो हम को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे है

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देखिए पाल्या पलायन को रोकने के लिए सरकार ने जो कदम उठा रही है वह कदम अचानक से तो सब कुछ सही नहीं हो जाएगा धीरे-धीरे सरकार काम कर रही है इसमें और धीरे-धीरे सब सही हो जाएगा आजाद तक की बात है लोगों के पलायन का तो लोग घबरा गए हैं अब घबराने से काम तो चलेगा नहीं और सरकार दिल्ली सरकार यूपी सरकार हमारे प्रिय प्रधानमंत्री जी सब लोग ठोस कदम उठा रहे हैं इस पलायन को रोकने के लिए और जहां तक सफल भी होगा पलायन लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है सब कुछ सरकार देगी लेकिन आपको जहां हैं वहीं रहिए अब यह कि हम रिश्ते में गुजरात में गुजरात में तो बहुत राहत है लोग धीरे-धीरे मदद की तरफ बढ़ रहा है तो मैं सभी लोगों से यही कहना चाहता हूं कि जहां है आप लोग वही रहिए तभी एक कोरोनावायरस रुकेगा नहीं तो नहीं रुकेगा

dekhiye palya palayan ko rokne ke liye sarkar ne jo kadam utha rahi hai vaah kadam achanak se toh sab kuch sahi nahi ho jaega dhire dhire sarkar kaam kar rahi hai isme aur dhire dhire sab sahi ho jaega azad tak ki baat hai logo ke palayan ka toh log ghabara gaye hain ab ghabrane se kaam toh chalega nahi aur sarkar delhi sarkar up sarkar hamare priya pradhanmantri ji sab log thos kadam utha rahe hain is palayan ko rokne ke liye aur jaha tak safal bhi hoga palayan logo ko ghabrane ki zarurat nahi hai sab kuch sarkar degi lekin aapko jaha hain wahi rahiye ab yah ki hum rishte me gujarat me gujarat me toh bahut rahat hai log dhire dhire madad ki taraf badh raha hai toh main sabhi logo se yahi kehna chahta hoon ki jaha hai aap log wahi rahiye tabhi ek coronavirus rukega nahi toh nahi rukega

देखिए पाल्या पलायन को रोकने के लिए सरकार ने जो कदम उठा रही है वह कदम अचानक से तो सब कुछ सह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं काफी अच्छा प्रश्न है इस प्रश्न के संबंध में मैं आपको बताना चाहूंगा पलायन को देखते हुए सरकार के कदम असफल होने का मुख्य कारण यह है कि हमारे देश के नागरिकों को सरकार का साथ देना चाहिए उनको इमोशन में नहीं आना चाहिए इमोशनल नहीं होना चाहिए क्योंकि अगर उनकी लाइफ सुरक्षित है तभी उनका परिवार सुरक्षित रहेगा लोग इस बातों को गंभीरता पूर्वक नहीं लेते हैं रोड पर निकलते हैं भीड़ इकट्ठा करते हैं इसलिए सरकार का जो भी कदम है वह विफल हो रहा है असफल साबित हो रहा है मैं जनता को पूरा सहयोग करना पड़ेगा यदि जनता पूरा सहयोग नहीं करेगी तो कितना भी ठोस कदम क्यों नहीं उठाया जाए वह असफल ही हो जाएगा आशा करता हूं आप इस उत्तर से संतुष्ट होंगे

palayan ko rokne ke liye sarkar dwara uthye ja rahe kadam asafal kyon saabit ho rahe hain kaafi accha prashna hai is prashna ke sambandh me main aapko batana chahunga palayan ko dekhte hue sarkar ke kadam asafal hone ka mukhya karan yah hai ki hamare desh ke nagriko ko sarkar ka saath dena chahiye unko emotion me nahi aana chahiye emotional nahi hona chahiye kyonki agar unki life surakshit hai tabhi unka parivar surakshit rahega log is baaton ko gambhirta purvak nahi lete hain road par nikalte hain bheed ikattha karte hain isliye sarkar ka jo bhi kadam hai vaah vifal ho raha hai asafal saabit ho raha hai main janta ko pura sahyog karna padega yadi janta pura sahyog nahi karegi toh kitna bhi thos kadam kyon nahi uthaya jaaye vaah asafal hi ho jaega asha karta hoon aap is uttar se santusht honge

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम असफल क्यों साबित हो रहे हैं काफी अच्छा

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Rajesh Rana

Educator, Lawyer

2:32
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए सरकार तो कोई कदम उठा ही नहीं रही थी सच्चाई तो यह है आप यह देखिए जो पलायन हो रहा है और बाद में तो चाहिए पूरा सच्चाई सबसे पहले डिपार्टमेंट राशन के कातिल एनटीपीसी रिक्वायरमेंट या फिर लकड़ी चाहिए खाना बनाने के लिए तहसील के 4 घंटे बिजली चाहिए चौथी रिक्वायरमेंट क्या सरकार के पास कितने कर्मचारी हैं छुट्टी पर चल रहा है पब्लिक डीलिंग है नहीं बोल इंटर कितने हैं आपके पास क्या सप्लाई कर पाओगे आप सबको उसी गली में लघु आदमी और एक का नंबर आ जाएगा दूसरे का एक महीने बाद आए जितने आपके पास आदमी मजबूर आपके पास है नहीं आप सामान भी उतारेंगे कौन सा रहेगा सिलेंडर कितने दे पाएंगे कि तुम वह भी पॉसिबल में सरकार क्या कर रही है कुछ भी नहीं कर रही जनता ने वेट किया है देखी कब से अब तक संडे से अब तक वेट करना जनता ने जो था बचा कुछा खा लिया सर सरकार पहुंचा ही नहीं पाई पहुंचाई नहीं पाएगी प्रैक्टिकली नहीं है सच में तो मजबूरी है पलायन करने की होना तो यह चाहिए था कि सरकार 15 दिन पहले या 20 दिन पहले इस बीमारी से लड़ना था उनके पास जानकारी पूरी थी पहले से जानकारी जनता को बोलते थे 2 दिन बिहार की गाड़ी कैसे आएंगी और इस तरह से कार में बंद हो सकता है आप जा सकते हैं 2 दिन यूपी की तरफ भी आ जाएंगे आप जा सकते हैं वो दिन बंगाल की तरफ गाड़ी आ जाएंगे आप जा सकते हैं 2 दिन MP3 तक गाड़ी आ जाएंगे आप चले जाइए और पूरा डिस्कस हो जाता है साहब नीला को आदमी निष्कर्षों के सैकड़ों में कन्वर्ट हो जाते अपने गांव शहर में सड़के से गंगापुर आदमी को डिलीट करना था तो बहुत ज्यादा हमसे हो जाते अपने गांव के अंदर सीसी मापन की कमियां सरकार की इसलिए आपको पढ़ाई करना पड़ता है

dekhiye sarkar toh koi kadam utha hi nahi rahi thi sacchai toh yah hai aap yah dekhiye jo palayan ho raha hai aur baad me toh chahiye pura sacchai sabse pehle department raashan ke kaatil NTPC requirement ya phir lakdi chahiye khana banane ke liye tehsil ke 4 ghante bijli chahiye chauthi requirement kya sarkar ke paas kitne karmchari hain chhutti par chal raha hai public dealing hai nahi bol inter kitne hain aapke paas kya supply kar paoge aap sabko usi gali me laghu aadmi aur ek ka number aa jaega dusre ka ek mahine baad aaye jitne aapke paas aadmi majboor aapke paas hai nahi aap saamaan bhi utarenge kaun sa rahega cylinder kitne de payenge ki tum vaah bhi possible me sarkar kya kar rahi hai kuch bhi nahi kar rahi janta ne wait kiya hai dekhi kab se ab tak sunday se ab tak wait karna janta ne jo tha bacha kucha kha liya sir sarkar pohcha hi nahi payi pahunchai nahi payegi practically nahi hai sach me toh majburi hai palayan karne ki hona toh yah chahiye tha ki sarkar 15 din pehle ya 20 din pehle is bimari se ladana tha unke paas jaankari puri thi pehle se jaankari janta ko bolte the 2 din bihar ki gaadi kaise aayengi aur is tarah se car me band ho sakta hai aap ja sakte hain 2 din up ki taraf bhi aa jaenge aap ja sakte hain vo din bengal ki taraf gaadi aa jaenge aap ja sakte hain 2 din MP3 tak gaadi aa jaenge aap chale jaiye aur pura discs ho jata hai saheb neela ko aadmi nishkarshon ke saikadon me convert ho jaate apne gaon shehar me sadake se Gangapur aadmi ko delete karna tha toh bahut zyada humse ho jaate apne gaon ke andar cc maapan ki kamiyan sarkar ki isliye aapko padhai karna padta hai

देखिए सरकार तो कोई कदम उठा ही नहीं रही थी सच्चाई तो यह है आप यह देखिए जो पलायन हो रहा है औ

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Rajesh Kumar Pandey

Career Counsellor

0:22
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लेके आबादी पर कंट्रोल होना चाहिए अगर आबादी इस तरस रहे यह तो पलायन पर कंट्रोल नहीं पाएगा इसलिए मैं वादा करता हूं की जनसंख्या भाग 42 चीज है जिस पर कंट्रोल कर दिया तुम्हारे देश की व्यवस्था बदल जाएगी जनसंख्या का दुष्परिणाम और ग्लोबल वार्मिंग ऐसा हो रहा है कोरोनावायरस

leke aabadi par control hona chahiye agar aabadi is taras rahe yah toh palayan par control nahi payega isliye main vada karta hoon ki jansankhya bhag 42 cheez hai jis par control kar diya tumhare desh ki vyavastha badal jayegi jansankhya ka dushparinaam aur global warming aisa ho raha hai coronavirus

लेके आबादी पर कंट्रोल होना चाहिए अगर आबादी इस तरस रहे यह तो पलायन पर कंट्रोल नहीं पाएगा इस

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सुरेश चंद आचार्य

Social Worker ( Self employed )

1:10

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नमस्कार दोस्तों सरकार पलायन रोकने के भरपूर प्रयास कर रही है फिर भी असफल हो रही है क्योंकि जो मजदूर वर्ग है वह पूरे भारत में सभी राज्यों में सभी राज्यों के लोग अलग-अलग जगहों पर मजदूरी के लिए जाते जाते रहते हैं और वे लोग जो अस्थाई तौर पर रह रहे हैं उन लोगों को है और आशंका सता रही है इसलिए वह लोग अपने गंतव्य यानी अपने घर तक अपने घर वालों के साथ पहुंचना चाहते हैं और हो सकता है उनके पास सरकारी सुविधाएं समय पहुंची हो यह भी कारण हो सकता है इसलिए यह प्लान जारी है

namaskar doston sarkar palayan rokne ke bharpur prayas kar rahi hai phir bhi asafal ho rahi hai kyonki jo majdur varg hai vaah poore bharat me sabhi rajyo me sabhi rajyo ke log alag alag jagaho par mazdoori ke liye jaate jaate rehte hain aur ve log jo asthai taur par reh rahe hain un logo ko hai aur ashanka sata rahi hai isliye vaah log apne gantavya yani apne ghar tak apne ghar walon ke saath pahunchana chahte hain aur ho sakta hai unke paas sarkari suvidhaen samay pahuchi ho yah bhi karan ho sakta hai isliye yah plan jaari hai

नमस्कार दोस्तों सरकार पलायन रोकने के भरपूर प्रयास कर रही है फिर भी असफल हो रही है क्योंकि

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Bhatti Karan

Motivational Speaker | Life Coach | Youtuber

3:51
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देखिए जो पलायन को रोकने के लिए जो कदम उठाए गए हैं वह कदम तो ठीक है लेकिन उन कदमों में जो कदम उठाए गए हैं जो प्लेन को रोकने के लिए कहीं ना कहीं उन्हें नाकामयाबी हम जैसे लोगों की है जो उनका पालन नहीं कर रहे ठीक है तो जो प्रकार नहीं बुलाती है हमारा फर्ज है कि उनका पालन करें इसमें सरकार का तो कोई फायदा नहीं है वो आम जनता के लिए अपने देश के लोगों की जान को बचाने के लिए ताकि लोगों की जान खतरे में ना पड़े तो इसलिए यह लोग डाउन का कदम उठाया तो लेकिन किस का मन करता है कि अपने देश को एक महीना डेट भी ना दोगी ना बंद रखकर किसी का मन नहीं करता ठीक है तू यह कदम उठाए गए हैं वह हमारे लिए उठाए गए हैं तो हम को इन नियमों को जल्दी से समझना पड़ेगा अगर हेल्प ही रहना है शेष रहना है तो हमें इन नियमों का पालन करना पड़ेगा अपने अपने घरों में रहें स्वस्थ रहें ठीक है तो जब तक हम अपने घरों में नहीं रहेंगे तो हम स्वास्थ्य नहीं रहेंगे तब तक हम बीमारी के शिकार होने का डर रहेगा ठीक है तो जो हुआ है रही है उनके चक्रों में मत पड़े जो सरकार कदम उठा रही है जो नियम नारी है उनको उनका पालन कीजिए प्लीज हुका पानी कीजिए सब ने आप को हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट किया कि अपने-अपने घरों में रहे जो लोग जहां पर भी हैं वहीं रुक जाए वही स्टे करें ठीक है वहीं पर आपको सब कुछ मिलेगा सरकार बहुत बड़े-बड़े दावे कर रही है और उन दावों पर अपना काम भी कर रही है ठीक है तो आपकी देखरेख के लिए आपकी जान को खतरा ना हो इसलिए यह कदम उठाए गए हैं जो लोग नहीं समझ रहे तो वह तो उनसे पूछे कि आप इन्हें मौका क्यों नहीं पालन कर रहे हैं आप जहां पर है वही रहे 1 मिनट 2 मिनट 3 मिनट जितना भी लगता है तो आप वही रहे क्योंकि मालू कि हम एक एक साथ दो-दो साल काम के सिलसिले से बाहर जाते हैं या फोन में जाते हैं तो स्टडी करने जा रहे हैं ठीक है कहीं 22 डेट डेट 22 साल अपने घरों से दूर है लेकिन अब एक डेढ़ महीना अपने घर से ढूंढा जा सकता क्या किसी से सबसे बड़ी बात है यह सहनशीलता के बाद यह सोचने की बात होती है कि क्या हम डेट 2 मिनट जहां पर है वहीं रुक सकते अगर हमने 4 महीने 5 महीने 6 महीने 1 साल 2 साल अपने घरवालों से दूर है तो काट दिए तो यह डेढ़ 2 महीने क्या बात है कोई बात नहीं है तो यह सिर्फ हमारे मानसिक संतुलन यह हमें सोचने की जरूरत है कि जो प्लान को निकल पड़े हैं जो जीने को अभिनय करने के लिए सोच रहे हैं तो मैं प्लीज उसे जो भी मेरे इस रिकॉर्डिंग को सूरत में को हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट करता हूं कि आप प्लीज नहीं तो रुक जाए आपकी जान को खतरा या खराब बाद निकलेंगे अगर जहां पर हैं वहीं रहेंगे तो आपसे हैं ठीक है प्रधानमंत्री जी ने आप को हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट की है कि आप जहां पर भी हैं वहीं पर रुक जाएं आपकी लाइफ वहीं शेष है यह मंच वनवास डेड बंद कर दो महीने 3 महीने की बात है आप जहां पर भी हम ही को रुक जाए वैसे भी तो हम काम करते हैं सब सेवा में लगे हुए पानी पीने की कोई कमी नहीं आ रही सब को सब कुछ मिल रहा है ठीक है अब जो प्लांट को जा रहे हैं उनको भी तो रास्ते में सब कुछ मिल जाए तो ऐसा नहीं है कि कुछ नहीं होगा सब कुछ होगा आप जहां पर है भाई आपको सब कुछ मिलेगा सरकार ने जो वादे किए हैं उनको जरूर काम भी कर रही है वह ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है कि सरकार सरकार काम नहीं कर रही सब कुछ और है प्लीज आप जहां पर है वहीं पर रहे यही रिक्वेस्ट करता हूं आपको हाथ जोड़कर मेरी भी रिक्वेस्ट है आप जहां पर हैं वही रहे आप खुशहाल जीवन चाहिए लाइफ में कामयाबी मिले आपको खुश रहे आबाद रहे हैं थैंक यू गुड लक गुड बाय

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देखिए जो पलायन को रोकने के लिए जो कदम उठाए गए हैं वह कदम तो ठीक है लेकिन उन कदमों में जो क

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Paras

Blessing Baba

2:57
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भेजिए पलायन रोकने के लिए सरकार के द्वारा उठाए गए कदम आत्मबल इसलिए हो रहे हो कि भारत में काफी करोड़ों की आबादी है और जन-जन तक उनको सुविधा मिलेगी या नहीं यह जो लोगों में है क्रांति पर गई है लोग जा रहे हैं यह लोग को पता है क्योंकि राशन कार्ड नहीं है या उनके अकाउंट नहीं है तो उनको खाने पीने की सुविधा कैसे मिलेगी 21 दिन का मोदी जी ने बोला हो सकता है नहीं तो महीने बंद हो जाए हो सकता है 2 महीने बंद हो जाओ सकता है 1 साल बंद हो तो इसमें अभी कोई गारंटी दी है क्योंकि मोदी जी तुरंत आते हैं बोल कर चले आते हैं 22 तारीख को बंद के बाद अगले दिन बोलता है एक 21 दिन बंद होगा तो जब सरकार ही राजनीति तो आ रही है जिसमें दिक्कत है आ रही है फिर आप फिर आकर बोल दोगे तो महीने बंद होगा तो सरकार भरोसा जीत पारी है पहले आपके लिए और तो करो लोगों को घर हो तो जानो उनके सुविधाएं तो दो एक तरफा करने से क्या होता है आप लोगों की जान बचा रहे हो या माने जा रही हो जान कैसे बचेगी जबलपुर खाने के लिए फर्स्ट खाने के लिए चाहिए खाने पीने की चीज ही नहीं होंगे तो लोग तो मरीज मर जाएंगे इसलिए सबसे पहले खाने-पीने की चीजें का प्रबंध सरकार उन तक नहीं पूछा पा रही है कि उन तक ऐसी सुविधा नहीं जा पाएंगे उनको यह पता है और उनको यह पुरानी सरकार है और सारी सरकारों को इंडियन भारतीय सरकारों के बारे में सब पता है कि जमीनी स्तर पर कितनी सच्चाई होती है बोलने से कुछ नहीं होता जमीनी स्तर पर लोगों को खाना मिल पाया नहीं मिल पाया ऐसे लोगों के आने-जाने की सुविधा रोका ही नहीं हो पाई जब यह लोग निकले और मीडिया वालों ने देखा तब जाकर बोला इतने दिन से सबकी आकर बनती जब तक इंडिया में कोई एक्टिविटी नहीं होती है लोग जब तक सड़कों पर नहीं हो जाते हैं जब तक लोग जागरूक नहीं होते हैं जब तक सरकारे मीडिया प्रशासन सोया रहता है कोई भी कदम उठाने के लिए इंडिया की जनता को जागरूक होना ही चाहिए लेकिन अभी भी वही हैं लोग तो होली अपने घरों में निकले थे लेकिन हजारों के होने कारण इन तीनों की आंखें खुल गई थी जिसे थोड़ी हो सुविधाएं हो सकता देने लगी है सरकार लेकिन यह तो सालों पुरानी घटनाएं हैं सालों से ऐसा होता है और होता रहेगा जो सरकार सो रही हैं प्रशासन सो रहा है कुछ नहीं कर पाएगा क्योंकि उन्होंने एक्टिविटी और फॉलो और नियम को प्रशासन को काम करने की सही आदत नहीं है यह सब ढर्रे पर चलते रहते हैं सबको अपनी तनख्वाह मिल रही है बंधे हुए लोग मरे तो मरे तो कोई फर्क नहीं पड़ रहा है आज करोड़ों की जनसंख्या है अगर कोई एक एक रुपए भी देता है घर से निकाल कर तो भी इतने लोगों का आना और पेट भर सकता है इसलिए किन आदमी लोग जनता सोई हुई है ठीक है लेकिन आपके प्रश्न जो था मैंने उत्तर दे दिया आपका प्रश्न था सरकार के उठाए गए कदम असफलता भी तो यही कारण है कि प्रशासन और दूसरी चीज है सही से काम नहीं कर पा रही है इस कारण से असफल हो रहे हैं

bhejiye palayan rokne ke liye sarkar ke dwara uthye gaye kadam atmabal isliye ho rahe ho ki bharat me kaafi karodo ki aabadi hai aur jan jan tak unko suvidha milegi ya nahi yah jo logo me hai kranti par gayi hai log ja rahe hain yah log ko pata hai kyonki raashan card nahi hai ya unke account nahi hai toh unko khane peene ki suvidha kaise milegi 21 din ka modi ji ne bola ho sakta hai nahi toh mahine band ho jaaye ho sakta hai 2 mahine band ho jao sakta hai 1 saal band ho toh isme abhi koi guarantee di hai kyonki modi ji turant aate hain bol kar chale aate hain 22 tarikh ko band ke baad agle din bolta hai ek 21 din band hoga toh jab sarkar hi raajneeti toh aa rahi hai jisme dikkat hai aa rahi hai phir aap phir aakar bol doge toh mahine band hoga toh sarkar bharosa jeet paari hai pehle aapke liye aur toh karo logo ko ghar ho toh jano unke suvidhaen toh do ek tarfa karne se kya hota hai aap logo ki jaan bacha rahe ho ya maane ja rahi ho jaan kaise bachegi jabalpur khane ke liye first khane ke liye chahiye khane peene ki cheez hi nahi honge toh log toh marij mar jaenge isliye sabse pehle khane peene ki cheezen ka prabandh sarkar un tak nahi poocha paa rahi hai ki un tak aisi suvidha nahi ja payenge unko yah pata hai aur unko yah purani sarkar hai aur saari sarkaro ko indian bharatiya sarkaro ke bare me sab pata hai ki zameeni sthar par kitni sacchai hoti hai bolne se kuch nahi hota zameeni sthar par logo ko khana mil paya nahi mil paya aise logo ke aane jaane ki suvidha roka hi nahi ho payi jab yah log nikle aur media walon ne dekha tab jaakar bola itne din se sabki aakar banti jab tak india me koi activity nahi hoti hai log jab tak sadkon par nahi ho jaate hain jab tak log jagruk nahi hote hain jab tak sarkare media prashasan soya rehta hai koi bhi kadam uthane ke liye india ki janta ko jagruk hona hi chahiye lekin abhi bhi wahi hain log toh holi apne gharon me nikle the lekin hazaro ke hone karan in tatvo ki aankhen khul gayi thi jise thodi ho suvidhaen ho sakta dene lagi hai sarkar lekin yah toh salon purani ghatnaye hain salon se aisa hota hai aur hota rahega jo sarkar so rahi hain prashasan so raha hai kuch nahi kar payega kyonki unhone activity aur follow aur niyam ko prashasan ko kaam karne ki sahi aadat nahi hai yah sab dharre par chalte rehte hain sabko apni tankhvaah mil rahi hai bandhe hue log mare toh mare toh koi fark nahi pad raha hai aaj karodo ki jansankhya hai agar koi ek ek rupaye bhi deta hai ghar se nikaal kar toh bhi itne logo ka aana aur pet bhar sakta hai isliye kin aadmi log janta soi hui hai theek hai lekin aapke prashna jo tha maine uttar de diya aapka prashna tha sarkar ke uthye gaye kadam asafaltaa bhi toh yahi karan hai ki prashasan aur dusri cheez hai sahi se kaam nahi kar paa rahi hai is karan se asafal ho rahe hain

भेजिए पलायन रोकने के लिए सरकार के द्वारा उठाए गए कदम आत्मबल इसलिए हो रहे हो कि भारत में का

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Bablu Kumar (Raaj Singh)

e commerce expert

2:47
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पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम व सफल इसलिए हो रहा है क्योंकि हमारे हिंदुस्तान में आज भी 100 करोड़ की जनसंख्या वाली आबादी का हिंदुस्तान में आधी से ज्यादा आबादी और शिक्षित है और आधा से ज्यादा लोग और प्रवासी हैं जो अपने राज्य को छोड़ किसी दूसरे राज्य में रह रहे हैं ऐसे लोगों को सबसे बड़ी समस्या यह होती है उनको खाने की प्रॉब्लम हो जाती है वह शिक्षित कम होते हैं उन्हें हमेशा बहका जाता है और वह बहकावे में आ जाते हैं अच्छी बातें उन्हें समझ में कम आती है और बुरी बातें वह जल्दी समझ पाते हैं अंधविश्वास पर ज्यादा भरोसा होता है इसी वजह से लोग पलायन की और शुरुआती कदम उठा देते हैं और इस पलायन को रोकने में सरकार और सफल हो जाती है क्योंकि सरकार जो होते हैं उसे हम और आप जैसे पब्लिक बनाते हैं उन पब्लिक के बीच में सरकार की संख्या कम होती है और आम पब्लिक की जनसंख्या ज्यादा होती है इसलिए वह उन्हें रोक नहीं पाते हैं उन्हें विश्वास और दिलासा दिला नहीं पाते हैं क्योंकि हमारे सरकार में भी कुछ कमजोरियां हैं जो हमारे ओर से पैदा होती है हम एक अच्छे लीडर एक अच्छे नेता नहीं सुन पाते नेता ऐसा होना चाहिए जो एक अच्छा निर्णय ले सके देश के प्रति एक अच्छा विचार प्रकट कर सके किसी भी समस्या को आने से पहले उन में उन को भागने की भागने की जिज्ञासा होनी चाहिए और देश को समझने की जिज्ञासा होनी चाहिए इन चीजों को केयर नहीं कर पाते जिस वजह से हमारी देश की विकास धारा रुक जाती है हमारा देश का कम कर पाता है और पलायन रुक नहीं पाता

palayan ko rokne ke liye sarkar dwara uthye ja rahe kadam va safal isliye ho raha hai kyonki hamare Hindustan me aaj bhi 100 crore ki jansankhya wali aabadi ka Hindustan me aadhi se zyada aabadi aur shikshit hai aur aadha se zyada log aur pravasi hain jo apne rajya ko chhod kisi dusre rajya me reh rahe hain aise logo ko sabse badi samasya yah hoti hai unko khane ki problem ho jaati hai vaah shikshit kam hote hain unhe hamesha bahaka jata hai aur vaah bahakaave me aa jaate hain achi batein unhe samajh me kam aati hai aur buri batein vaah jaldi samajh paate hain andhavishvas par zyada bharosa hota hai isi wajah se log palayan ki aur shuruati kadam utha dete hain aur is palayan ko rokne me sarkar aur safal ho jaati hai kyonki sarkar jo hote hain use hum aur aap jaise public banate hain un public ke beech me sarkar ki sankhya kam hoti hai aur aam public ki jansankhya zyada hoti hai isliye vaah unhe rok nahi paate hain unhe vishwas aur dilasa dila nahi paate hain kyonki hamare sarkar me bhi kuch kamajoriyan hain jo hamare aur se paida hoti hai hum ek acche leader ek acche neta nahi sun paate neta aisa hona chahiye jo ek accha nirnay le sake desh ke prati ek accha vichar prakat kar sake kisi bhi samasya ko aane se pehle un me un ko bhagne ki bhagne ki jigyasa honi chahiye aur desh ko samjhne ki jigyasa honi chahiye in chijon ko care nahi kar paate jis wajah se hamari desh ki vikas dhara ruk jaati hai hamara desh ka kam kar pata hai aur palayan ruk nahi pata

पलायन को रोकने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम व सफल इसलिए हो रहा है क्योंकि हमारे हिं

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Shantanu Purohit

Political Analyst, Life Management, Career Counseler

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखी जो पलायन रोकने के लिए सरकार जो कदम उठा रही है वह अपर्याप्त प्रतीत होते तो है निश्चित रूप से क्योंकि अगर मजदूर ट्रकों में नौकरियों में भर कर के जा रहे हैं यहां से वहां जो लोग काम की तलाश में आया जो काम करने के लिए जो लोग गए थे वह बहुत ही दयनीय स्थिति में वहां से लौट कर के वापस आ रहे हैं बहुत ही संघर्ष करते हो लौट कर आ रहा है अभी जो मंजूर है ट्रेन की पटरी पर पड़े हुए उनकी ट्रेन मालगाड़ी क्या जाने कांड काटकर उनकी भर्ती होगी तो बड़ी-बड़ी तस्वीरें अखबारों में मीडिया में देखने को मिल रही सरकार द्वारा इतने संसाधन उपलब्ध संसाधनों को अरेंज नहीं कर पा रहे हैं सरकार के संसाधनों की आवश्यकता है क्योंकि मजदूर हम करो की तादाद में प्रवासी मजदूर है भारत में कितने लोग हैं जो यूपी बिहार से महाराष्ट्र में मध्यप्रदेश में काम कर रहे हैं कितने लोग हैं जो कि उत्तर भारत दक्षिण भारत में जाकर काम कर रहा है नौकरी की तलाश में याद दुकान धंधे की तलाश में प्रवासी मजदूर है वह की तादात इतनी ज्यादा है कि उनको ला पाना संभव नहीं है पहली बात तो उनसे संपर्क स्थापित करना सभी से एक बड़ा ही कठिन कार्य कहां कहां रह रहे हैं कहां कहां काम कर रहे हैं यह किसी को कुछ ज्यादा ही जानकारी नहीं क्योंकि उसका डाटा भी हमारे पास उपलब्ध नहीं है और जो चेतना कौन व्यक्ति कहां काम कर रहा है इसका डेटाबेस अकरम पहले से इतना सुकून रखते तो शायद में सहायता प्राप्त हो सकती थी कि कौन व्यक्ति कहां का है और कहां काम कर रहा है दुकान से उसको लेकर आना चाहिए और 2 प्रवासी है वह भेजना थोड़ा धैर्य संयम का परिचय नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि उनकी भी समस्याएं व्यक्ति का संघर्ष कर रहे हैं तो हो सकता है कि बहुत असहनीय पीड़ा से गुजर रहे हैं हम लोग अपने अपने घर में बैठकर क्योंकि उस पीड़ा को नहीं समझ सकते क्योंकि हम अपने घर में बैठे हुए हैं तो शायद अपना सैया मतलब डायरेक्शन अब जवाब दे चुका है प्रवासी मजदूरों का घर आने के लिए आतुर है अगर किसी को भूखे पेट होना पड़ रहा हो तो निश्चित रूप से बहुत संघर्ष की भर्ती है यह प्रयास असफल साबित हो रहे हैं एक तो सामंजस्य का अभाव हमें दिखाई देता है कि जो व्यवस्था है धर्म युद्ध स्तर पर जमीनी स्तर पर असमंजस नहीं है इनको वापस लाने की व्यवस्था तो समझता नहीं है ट्रेन में भरकर के दक्षिण भारत से कुछ दूर उत्तर भारत यूपी बिहार की तरफ लाए जाने के मापन की तरफ से जम्मू ट्रेन में बैठे तुमसे कहा गया कि भाई आपको जहां उतरना है भाव पर जाइएगा लेकिन जब ट्रेन रुकी कुछ स्टेशनों पर तो उनसे कहा गया कि नहीं ट्रेन जो हो वहां रुकेगी अगले स्टेशन पर कितने किलोमीटर बाद वहां पर उतरना है या पहले आपको नहीं करने देंगे ऐसा उनसे कहा गए तो व्यवस्था में जिस सामान जैसे उसकी कमी हमें दिखाई देती है सबसे पहली बात और दूसरा संसाधन उतने प्रचुर मात्रा में या तो उपलब्ध नहीं है उपलब्ध है तो मरीज नहीं कर पा रहा है यह समस्या दूसरा रोग के फैलने की जो प्रवणता है वह बहुत ज्यादा है तो इस जोखिम को भी सरकार उतनी बहन कर पाने की स्थिति में नहीं है कि लोग भी फैलता रहे और हम मजदूरों को वापस पिलाते रहे तुझसे जो रोग का जो जोखिम है रोग के फैलने का जो जो कि मैं यह भी एक बहुत ही बड़ा बहुत ही बड़ी चुनौती है उस ग्रुप वापस लाने में जो प्रयास है वह सफल स्वागत है इसके तीन कारण

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो प्लान कर रहे हैं लोग उनकी वजह सफल हो रही सरकार क्यों नहीं का कोई तैयारी नहीं तीन लोगों के लिए लेकर उन लोगों को लेकर सरकार क्या कहता है कि आखिरी नहीं है कि कम से कम 30 से 35 करोड़ लोग पलायन कर जाएंगे उनको लेकर उनकी कुछ सोच ही नहीं थी 2 दिन बाद उनके लिए पैकेज का नाम थोड़ा तो इससे पता चलता है कि सरकार ने उनके बारे में सोचा ही नहीं सरकार सरकार ने उन देहाती मजदूर लोगों के विचारों के बारे में सोचा ही नहीं तो यह साबित होता कि 2 दिन बाद अब पैकेज अनाउंस कर दो दो-तीन दिन बाद तो आपने कहा सोचा आपने बस बोल दिया उसके बाद रिजल्ट आर आपको पहले तैयारी करनी चाहिए थी फिर बोलना चाहिए ना तो वह जो तैयारी होनी चाहिए उन लोगों के लिए लेकर वह सरकार ने नहीं करी जो इन लोगों को मजदूरों को विचारों को लेकर सब को लेकर स्टेट गवर्नमेंट से रिलेशन बनाना चाहिए तो सेंट्रल गवर्नमेंट को नहीं किया इनकी कोई तैयारी थी नहीं इनकी जानकारी में यह लोग थे इन्हें ईश्वर की जानकारी में रखा ही नहीं ने आखिरी नहीं देंगे बस उनके लिए कोई काम किया ही नहीं था 3 दिन बाद में उसके 2 दिन 3 दिन बाद तो यह बात सरकार की नॉलेज में यह लोग थे ही नहीं जी गरीब लोग भी मजदूर रोज खाने पकाने वाले भी 35 करोड़ से ज्यादा जो प्लान करेंगे यह बात है इनको समझ ही नहीं रही यहां कोई मजदूर भी अप्लाई कर देंगे बारे में सोचा ही नहीं

jo plan kar rahe hain log unki wajah safal ho rahi sarkar kyon nahi ka koi taiyari nahi teen logo ke liye lekar un logo ko lekar sarkar kya kahata hai ki aakhiri nahi hai ki kam se kam 30 se 35 crore log palayan kar jaenge unko lekar unki kuch soch hi nahi thi 2 din baad unke liye package ka naam thoda toh isse pata chalta hai ki sarkar ne unke bare me socha hi nahi sarkar sarkar ne un dehati majdur logo ke vicharon ke bare me socha hi nahi toh yah saabit hota ki 2 din baad ab package anauns kar do do teen din baad toh aapne kaha socha aapne bus bol diya uske baad result R aapko pehle taiyari karni chahiye thi phir bolna chahiye na toh vaah jo taiyari honi chahiye un logo ke liye lekar vaah sarkar ne nahi kari jo in logo ko majduro ko vicharon ko lekar sab ko lekar state government se relation banana chahiye toh central government ko nahi kiya inki koi taiyari thi nahi inki jaankari me yah log the inhen ishwar ki jaankari me rakha hi nahi ne aakhiri nahi denge bus unke liye koi kaam kiya hi nahi tha 3 din baad me uske 2 din 3 din baad toh yah baat sarkar ki knowledge me yah log the hi nahi ji garib log bhi majdur roj khane pakane waale bhi 35 crore se zyada jo plan karenge yah baat hai inko samajh hi nahi rahi yahan koi majdur bhi apply kar denge bare me socha hi nahi

जो प्लान कर रहे हैं लोग उनकी वजह सफल हो रही सरकार क्यों नहीं का कोई तैयारी नहीं तीन लोगों

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