क्या अमीर लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों हैं?...


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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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बिल्कुल ऐसा नहीं है कि अमीर लोग सोचते हैं कि देश में गरीब क्यों है ऐसा बिल्कुल नहीं होता है लिखिए किसी भी जगह नहीं किसी भी समाज में हर प्रकार के लोग रहते हैं हर कैटेगरी के लोग होते हैं गरीब अमीर हो या किसी भी कैटेगरी में हर कैटेगरी के लोग होते हैं और सभी कैटेगरी के लोग एक दूसरे से जुड़े हुए अब जो देखें अमीर लोग हैं अमीर लोग की अमीरी में गरीबों का योगदान देने के अमीर लोग गरीबों की वजह से अमीर हैं ऐसा समझ सकते हैं कोई अगर 10 मंजिल की बिल्डिंग है तो उसके 10 में मालूम उसके 10 फ्लोर में को यह घमंड हो जाए कि जो पहली मंजिल है यदि नींव है वह बेकार मैं ज्यादा बड़ी हूं 10 में 10 मिनट में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर हूं तो मेरा ज्यादा महत्व है और जो पहली मंजिल पर है उसका महत्व नहीं है लेकिन अगर सही बात है कि अगर हम पहली मंजिल को यानि कमजोर हो या पहली मंजिल को गिरा दे तो क्या दसवीं मंजिल बचेगी तो ऐसे ही है कि गरीब लोग निचले लेवल के लोग हैं निम्न स्तर के हैं धन के मामले में और अमीर लोग उच्च स्तर धन के मामले गरीब लोग उनका आधार अमीर लोगों की जो वर्ग है वह गरीब लोगों के श्रम से ही बनानी गरीबों का श्रम ही बदल कर उनके लिए पैसा बन जाता है क्योंकि आप जितने भी उद्योग धंधे हैं बिजनेस एस हैं उसमें जो वर्क काम करने वाले और सब क्या होते हैं गरीब होते हैं लोअर मिडिल क्लास के होते हैं तो देख शादी की साइकिल चकरी जुड़ा हुआ है सभी लोग एक दूसरे पर निर्भर है अमीर लोग हैं वह गरीबों पर निर्भर है और ऐसा भी नहीं गरीब लोग भी अमीरों पर निर्भर है क्योंकि अगर कंपनियां नहीं खड़ी की जाएगी धंधे उद्योग उद्योग धंधे नहीं लगाए जाएंगे फैक्ट्री या कारखाने नहीं खोले जाएंगे तो फिर गरीब कहां से रोजगार मिलेगा गरीबों को और बेरोजगारों को तो अमीर लोग लगाते हैं सभी गरीबों को रोजगार मिलता तो एक तरह से गरीबों को अमीरों की जरूरत है और अमीरों को निश्चित और को गरीब हूं जरूरत है हालांकि कभी-कभी हो जाता है कि अमीर लोग यह भी सुनने को यह भी हम लोग देखते हैं कि अमीर लोगों द्वारा गरीबों का शोषण होता है लेकिन जो अच्छे देश से हैं वह जहां पर अच्छे नियम कानून है तो उससे आपसे शोषण की जो स्तर है वह कम ज्यादा होता है लेकिन निर्भरता दोनों की है अमीर गरीब पर निर्भर है और गरीब अमीर बने हुए हैं तो यह साइकिल है दोनों ज्यादा आप यह नहीं सोच सकते कि अंग्रेज लोग गरीबों को कोई से नफरत करते हैं भाई अमीर लोग कोई कारखाना फैक्ट्री लगाते हैं तो वर्कर्स ढूंढते हैं वह वर्कर मजदूरों को ढूंढते हैं कि मेरे यहां काम करना था उनको नौकरी देते हैं तो को कैसे नफरत करेंगे फिर उनकी कंपनी का काम कौन करेगा ज्यादा नहीं है ऐसा ऐसी क्या बस कुछ लोगों तारा देखा जाता है कि गरीबों का शोषण सुनने को मिलता है कि कुछ लोगों द्वारा गरीबों का शोषण किया जाता या समाज में एकता स्थिति है कि गरीबों को 15 अमीरों को ज्यादा सम्मान प्राप्त है और मध्यम वर्ग को या तो वह सारी आपके लिए मतलब आप इस संदर्भ में पूछ रहे हैं यह समझ नहीं समझ में आया क्वेश्चन आपका जो भी संदर्भ है आप उसी हिसाब से इसको ले ले शायद अमीरों को का जो है समाज में जो है सम्मान के नजरिए से देखे जाते हैं और गरीब या मध्यम वर्ग के लोग उस नजरिए से नहीं देखे थे तो इस स्थिति को देखते हुए शायद आपका यह प्रश्न

bilkul aisa nahi hai ki amir log sochte hain ki desh me garib kyon hai aisa bilkul nahi hota hai likhiye kisi bhi jagah nahi kisi bhi samaj me har prakar ke log rehte hain har category ke log hote hain garib amir ho ya kisi bhi category me har category ke log hote hain aur sabhi category ke log ek dusre se jude hue ab jo dekhen amir log hain amir log ki amiri me garibon ka yogdan dene ke amir log garibon ki wajah se amir hain aisa samajh sakte hain koi agar 10 manjil ki building hai toh uske 10 me maloom uske 10 floor me ko yah ghamand ho jaaye ki jo pehli manjil hai yadi neev hai vaah bekar main zyada badi hoon 10 me 10 minute me sabse zyada unchai par hoon toh mera zyada mahatva hai aur jo pehli manjil par hai uska mahatva nahi hai lekin agar sahi baat hai ki agar hum pehli manjil ko yani kamjor ho ya pehli manjil ko gira de toh kya dasavi manjil bachegi toh aise hi hai ki garib log nichle level ke log hain nimn sthar ke hain dhan ke mamle me aur amir log ucch sthar dhan ke mamle garib log unka aadhar amir logo ki jo varg hai vaah garib logo ke shram se hi banani garibon ka shram hi badal kar unke liye paisa ban jata hai kyonki aap jitne bhi udyog dhande hain business S hain usme jo work kaam karne waale aur sab kya hote hain garib hote hain lower middle class ke hote hain toh dekh shaadi ki cycle chakri juda hua hai sabhi log ek dusre par nirbhar hai amir log hain vaah garibon par nirbhar hai aur aisa bhi nahi garib log bhi amiron par nirbhar hai kyonki agar companiya nahi khadi ki jayegi dhande udyog udyog dhande nahi lagaye jaenge factory ya karkhane nahi khole jaenge toh phir garib kaha se rojgar milega garibon ko aur berozgaron ko toh amir log lagate hain sabhi garibon ko rojgar milta toh ek tarah se garibon ko amiron ki zarurat hai aur amiron ko nishchit aur ko garib hoon zarurat hai halaki kabhi kabhi ho jata hai ki amir log yah bhi sunne ko yah bhi hum log dekhte hain ki amir logo dwara garibon ka shoshan hota hai lekin jo acche desh se hain vaah jaha par acche niyam kanoon hai toh usse aapse shoshan ki jo sthar hai vaah kam zyada hota hai lekin nirbharta dono ki hai amir garib par nirbhar hai aur garib amir bane hue hain toh yah cycle hai dono zyada aap yah nahi soch sakte ki angrej log garibon ko koi se nafrat karte hain bhai amir log koi karkhana factory lagate hain toh workers dhoondhate hain vaah worker majduro ko dhoondhate hain ki mere yahan kaam karna tha unko naukri dete hain toh ko kaise nafrat karenge phir unki company ka kaam kaun karega zyada nahi hai aisa aisi kya bus kuch logo tara dekha jata hai ki garibon ka shoshan sunne ko milta hai ki kuch logo dwara garibon ka shoshan kiya jata ya samaj me ekta sthiti hai ki garibon ko 15 amiron ko zyada sammaan prapt hai aur madhyam varg ko ya toh vaah saari aapke liye matlab aap is sandarbh me puch rahe hain yah samajh nahi samajh me aaya question aapka jo bhi sandarbh hai aap usi hisab se isko le le shayad amiron ko ka jo hai samaj me jo hai sammaan ke nazariye se dekhe jaate hain aur garib ya madhyam varg ke log us nazariye se nahi dekhe the toh is sthiti ko dekhte hue shayad aapka yah prashna

बिल्कुल ऐसा नहीं है कि अमीर लोग सोचते हैं कि देश में गरीब क्यों है ऐसा बिल्कुल नहीं होता ह

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Nishant Kr. Sharma

Social Worker And Advocate

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Deepak Deshwal

Stock Market Researcher

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जैसा कि आप का क्वेश्चन है कि क्या वे लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों भेजी है हर कोई सोचता है गरीब आदमी और अमीर आदमी और उनको भी पता होता है कि जो यदि गरीब लोग नहीं होंगे तो अमीर लोग नहीं हो सकते हैं और वह गरीब लोगों के बारे में सोचते हैं और प्रभु यह भी जानते हैं कि जो गरीबी अमीरी यह हमेशा देखो चढ़ती बढ़ती रहती है कभी गरीब अमीर हो जाएगा अमीर गरीब हो जाएगा तो उसे कोई ज्यादा महत्व नहीं देते हैं धन्यवाद

jaisa ki aap ka question hai ki kya ve log sochte hain ki apne desh me garib log kyon bheji hai har koi sochta hai garib aadmi aur amir aadmi aur unko bhi pata hota hai ki jo yadi garib log nahi honge toh amir log nahi ho sakte hain aur vaah garib logo ke bare me sochte hain aur prabhu yah bhi jante hain ki jo garibi amiri yah hamesha dekho chadhati badhti rehti hai kabhi garib amir ho jaega amir garib ho jaega toh use koi zyada mahatva nahi dete hain dhanyavad

जैसा कि आप का क्वेश्चन है कि क्या वे लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों भेजी है

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RISHAV RAJ

Social Worker | Motivational Speaker | Life Coach | Young Politician | Corporate Trainer

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एक ऐसा नहीं है हम लोग बहुत अच्छे होते हैं हम लोग के आसपास के लोग बनते हैं तो ऐसा नहीं है जो अमीर हम लोग कैसे बच्चे होते तो आई थी 100 में से 40 लोगों का ऐसा मानसिकता होती तो मेहनत करने के बाद भगवान का दिया हुआ इतना है क्या तुम मेरे पास जाने का मिलेगा में पैदा हुआ तो इस माध्यम से कहीं ना कहीं लोग ऐसा नहीं है कि बच्चों के लिए बुरा सिखाते हैं या कोई अमीर लोग गरीब के लिए बुरा सोचते हैं तो इस बात पर नहीं चलना चाहिए और बहुत सारे लोग हैं जो कि बच्चों को अच्छे गाने देते हैं बच्चे को बताते हैं कि नहीं अमीरी गरीबी कुछ नहीं है हम भी पहले वहां थे आज मैंने मेहनत किया और आसमान से बहुत लोग और समझदार भी बहुत अच्छे बिहार खराब है तो अच्छा भी दोनों है और अच्छा ही मेरे ख्याल से बहुत ज्यादा है बस पलटने की देखने की जरूरत है अगर हम जब सोच लेते हैं सब बुरा हो रहा है तो बच्चे को बी पॉजिटिव थिंक पॉजिटिव पॉजिटिव और हमेशा सद्भावना और जितना आपके पास उतने में खुश रहना सीखें और जीवन के हर एक पल को जीना सीखिए और आप भी भेजना बुरी मत हो या किसी भी चीज पर दुख है सुख जरूर आएगा सुख आएगा दुख जरूर है नहीं तो लगा रहता है

ek aisa nahi hai hum log bahut acche hote hain hum log ke aaspass ke log bante hain toh aisa nahi hai jo amir hum log kaise bacche hote toh I thi 100 me se 40 logo ka aisa mansikta hoti toh mehnat karne ke baad bhagwan ka diya hua itna hai kya tum mere paas jaane ka milega me paida hua toh is madhyam se kahin na kahin log aisa nahi hai ki baccho ke liye bura sikhaate hain ya koi amir log garib ke liye bura sochte hain toh is baat par nahi chalna chahiye aur bahut saare log hain jo ki baccho ko acche gaane dete hain bacche ko batatey hain ki nahi amiri garibi kuch nahi hai hum bhi pehle wahan the aaj maine mehnat kiya aur aasman se bahut log aur samajhdar bhi bahut acche bihar kharab hai toh accha bhi dono hai aur accha hi mere khayal se bahut zyada hai bus palataney ki dekhne ki zarurat hai agar hum jab soch lete hain sab bura ho raha hai toh bacche ko be positive think positive positive aur hamesha sadbhavana aur jitna aapke paas utne me khush rehna sikhe aur jeevan ke har ek pal ko jeena sikhiye aur aap bhi bhejna buri mat ho ya kisi bhi cheez par dukh hai sukh zaroor aayega sukh aayega dukh zaroor hai nahi toh laga rehta hai

एक ऐसा नहीं है हम लोग बहुत अच्छे होते हैं हम लोग के आसपास के लोग बनते हैं तो ऐसा नहीं है ज

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Mohammad Bilal

Accountant

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आपका सवाल है क्या अमीर लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों है देखिए कहीं हो सकता है हमारा जहां तक ख्याल है अमीर लोग अमीर लोग यही तो नहीं सोचते ना कि हमारे देश में गरीब हैं कितने हैं क्यों है वह जानने की कभी कोशिश करते ही नहीं है ना ही वह करेंगे उन्हें खुद के बारे में सोचने की फुर्सत नहीं है खुद के परिवार वालों के लिए सोचने की फुर्सत नहीं है गरीब के बारे में क्या सोचेंगे उन्हें तो बस सोच यही रहती है कि मुझे अगला कदम आगे बढ़ाना है कौन सा बढ़ाना है ताकि मेरे पैसे पैसों का नुकसान ना हो और मुझे कोई दूसरी कंपनी खोली है किसी दूसरे बड़े बिजनेसमैन से मुझे टाइप करना है उससे हाथ मिलाना है ताकि मेरा बिजनेस और आगे बढ़े और मैं जो यह वर्ष की जो लिस्ट होती है शहर साल में नहीं निकल कर आती है कि कौन दुनिया में सबसे ज्यादा अमीर है वह तो उनकी लिस्ट ओं में लगे हैं ना वह तो कि मेरा नाम ऊपर आ जाए मैं चौथे पायदान पर था तो तीसरे पर आ जाओ दूसरे पर आ जाओ इस तरह से लोगों की सोच निरंतर वहां रहती है यहां नहीं रहती अगर वह लोग ऐसा सोच है सरकार को ऊपर दबाव बनाएं एक मध्यम गरीब लोगों के बारे में सोचें कि एक मध्यम वर्ग की जिंदगी गुजारे कम से कम इतना तो गुजारे लेकिन यह लोग सरकार पर दबाव नहीं बनाना चाहते हैं ना ही वह ऐसा सोचते हैं इसीलिए सरकार को कोई फिक्र नहीं होती और सरकार तो सरकार ही है उसे तो और चिंता नहीं करना है शुक्रिया

aapka sawaal hai kya amir log sochte hain ki apne desh me garib log kyon hai dekhiye kahin ho sakta hai hamara jaha tak khayal hai amir log amir log yahi toh nahi sochte na ki hamare desh me garib hain kitne hain kyon hai vaah jaanne ki kabhi koshish karte hi nahi hai na hi vaah karenge unhe khud ke bare me sochne ki phursat nahi hai khud ke parivar walon ke liye sochne ki phursat nahi hai garib ke bare me kya sochenge unhe toh bus soch yahi rehti hai ki mujhe agla kadam aage badhana hai kaun sa badhana hai taki mere paise paison ka nuksan na ho aur mujhe koi dusri company kholi hai kisi dusre bade bussinessmen se mujhe type karna hai usse hath milana hai taki mera business aur aage badhe aur main jo yah varsh ki jo list hoti hai shehar saal me nahi nikal kar aati hai ki kaun duniya me sabse zyada amir hai vaah toh unki list on me lage hain na vaah toh ki mera naam upar aa jaaye main chauthe payadan par tha toh teesre par aa jao dusre par aa jao is tarah se logo ki soch nirantar wahan rehti hai yahan nahi rehti agar vaah log aisa soch hai sarkar ko upar dabaav banaye ek madhyam garib logo ke bare me sochen ki ek madhyam varg ki zindagi gujare kam se kam itna toh gujare lekin yah log sarkar par dabaav nahi banana chahte hain na hi vaah aisa sochte hain isliye sarkar ko koi fikra nahi hoti aur sarkar toh sarkar hi hai use toh aur chinta nahi karna hai shukriya

आपका सवाल है क्या अमीर लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों है देखिए कहीं हो सकता

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चाचा नमस्कार क्वेश्चन बहुत ही अच्छा है क्या अमीर लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों हैं आप बिल्कुल वह लोग सोचते हैं कि गरीब लोग क्यों है लेकिन भाई बात तो यह है कि जो लोग अमीर हैं तो वह दिन रात काम करते हैं जैसे हम उनकी तरह काम नहीं करेंगे उनकी तरह सोचेंगे नहीं उनकी तरह कुछ नहीं करेंगे तो हम कभी भी अमीर नहीं बन सकते अमीर बनने के लिए हमको दिन रात मेहनत करनी पड़ेगी सही दिशा में काम करने पड़ेगा और जिस तरह से वह लोग सोचते हैं उसी तरह से हमको सोचना पड़ेगा और हमको अपनी सोच में बदलाव लाना पड़ेगा इन सब माध्यमों से काम कर सकते हैं और ऐसा नहीं है इस दुनिया में इंसान है जो हमारा देश आजाद है हम लोग तो कोई किसी को रोके नहीं है कि आपको काम मत करिए आप आगे मत बनिए आप कुछ करिए मत सब को खिलाओ सर है आप अपना बिजनेस खोल सकते हैं अपना धंधा कर सकते दिन रात मेहनत कर सकते आगे बढ़ सकते हैं आपको बता दूं पहले बहुत सारे लोग अमीर थे लेकिन कुछ गरीब परिवार से लोग निकले अपना बिजनेस किए धंधा कि आज वह लोग अमीर बन गए हैं अमीर बनने के बहुत सारे अवसर हो सकते हैं आप पढ़ाई कर सकते हो पढ़ाई लिखाई के माध्यम से आप बिजनेस कर सकते हो आप बिजनेस कर सकते हो आप देश विदेश जाकर कि आप पैसा कमा सकते हो आप कहीं ना कहीं अपना रोजगार स्वरोजगार अपनी कंपनी भी स्थापित कर सकते हैं इस कॉल कर सकते हो अपने धंधे कर सकते हो तो अभी बनने के लिए आपके पास बुलाओ सर है खुली प्रतियोगिता है इसे कोई किसी को रोका नहीं है लेकिन यदि आप अमीर बन जाओगे कभी आपको कोई नहीं रोकेगा तो कि भारत के लिए यह सुखद होगा हम भारत की गुलामी जितने जितने से जितना ज्यादा योगदान दे पाएंगे हमारा देश को भी नहीं सोचेंगे कि भारत में गरीब लोग क्यों हैं और इसलिए वह भी इसलिए सोचते हैं कि भारत में गरीब लोगों उनको उनको लगता है कि जो काम नहीं करते हैं लोग नहीं करते हैं इन लोग सिर्फ खाने कमाने के अलावा ही आगे का सोचते नहीं है लेकिन इससे आगे पहुंचेगा आगे बढ़ने का सोचेगा वह देख जरूर होगा तो कोई भी अमीर हो सकता है

chacha namaskar question bahut hi accha hai kya amir log sochte hain ki apne desh me garib log kyon hain aap bilkul vaah log sochte hain ki garib log kyon hai lekin bhai baat toh yah hai ki jo log amir hain toh vaah din raat kaam karte hain jaise hum unki tarah kaam nahi karenge unki tarah sochenge nahi unki tarah kuch nahi karenge toh hum kabhi bhi amir nahi ban sakte amir banne ke liye hamko din raat mehnat karni padegi sahi disha me kaam karne padega aur jis tarah se vaah log sochte hain usi tarah se hamko sochna padega aur hamko apni soch me badlav lana padega in sab maadhyamon se kaam kar sakte hain aur aisa nahi hai is duniya me insaan hai jo hamara desh azad hai hum log toh koi kisi ko roke nahi hai ki aapko kaam mat kariye aap aage mat baniye aap kuch kariye mat sab ko khilao sir hai aap apna business khol sakte hain apna dhandha kar sakte din raat mehnat kar sakte aage badh sakte hain aapko bata doon pehle bahut saare log amir the lekin kuch garib parivar se log nikle apna business kiye dhandha ki aaj vaah log amir ban gaye hain amir banne ke bahut saare avsar ho sakte hain aap padhai kar sakte ho padhai likhai ke madhyam se aap business kar sakte ho aap business kar sakte ho aap desh videsh jaakar ki aap paisa kama sakte ho aap kahin na kahin apna rojgar swarojgar apni company bhi sthapit kar sakte hain is call kar sakte ho apne dhande kar sakte ho toh abhi banne ke liye aapke paas bulao sir hai khuli pratiyogita hai ise koi kisi ko roka nahi hai lekin yadi aap amir ban jaoge kabhi aapko koi nahi rokega toh ki bharat ke liye yah sukhad hoga hum bharat ki gulaami jitne jitne se jitna zyada yogdan de payenge hamara desh ko bhi nahi sochenge ki bharat me garib log kyon hain aur isliye vaah bhi isliye sochte hain ki bharat me garib logo unko unko lagta hai ki jo kaam nahi karte hain log nahi karte hain in log sirf khane kamane ke alava hi aage ka sochte nahi hai lekin isse aage pahunchaega aage badhne ka sochega vaah dekh zaroor hoga toh koi bhi amir ho sakta hai

चाचा नमस्कार क्वेश्चन बहुत ही अच्छा है क्या अमीर लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्

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Tanay Mishra

Head Control Clerk In Forest Department U.P.

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अमीर लोग सोचते तब होंगे कि देश में हमारे गरीब लोग क्यों है क्योंकि जब उन गरीब लोगों से उनको समस्या उत्पन्न होती हैं लेख ट्रैफिक में या कहीं और यहां हॉस्पिटल फैसिलिटी इतने अमीर लोगों को गरीब लोगों की वजह से उनकी सुविधा में समस्या आती है तभी अमीर लोग यह सोचते हमारे देश में गरीब लोग क्यों हैं और यह सोच बहुत ही गलत है और इसी कारण से भारत देश में अमीर अमीर होता जा रहा है और गरीब गरीब होता जा रहा है धन्यवाद

amir log sochte tab honge ki desh me hamare garib log kyon hai kyonki jab un garib logo se unko samasya utpann hoti hain lekh traffic me ya kahin aur yahan hospital facility itne amir logo ko garib logo ki wajah se unki suvidha me samasya aati hai tabhi amir log yah sochte hamare desh me garib log kyon hain aur yah soch bahut hi galat hai aur isi karan se bharat desh me amir amir hota ja raha hai aur garib garib hota ja raha hai dhanyavad

अमीर लोग सोचते तब होंगे कि देश में हमारे गरीब लोग क्यों है क्योंकि जब उन गरीब लोगों से उनक

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Mohini Kharbanda

Soft Skill Trainer, Teacher

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Yogesh

🙏 Blood Help Chandigarh 🙏

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हां जी आपका क्वेश्चन बिल्कुल सही है क्योंकि मेंटिनेंट सबसे बड़ी बात है कि हम लोग गरीब के बारे में नहीं सोचती अगर वह लोग गरीब के बारे में सोचना शुरु कर दी तो उनको इस साल जैसी हो जाएगी वह पता नहीं चाहते कि गरीब अमीर को इसलिए उनके बारे में वह कभी भी सोच सकते कि वह आगे अमीर कभी भी नहीं चाहता कि गरीब आगे पढ़े अगर ऐसा हो जाए तो 23 कहीं से कहीं पहुंचा है

haan ji aapka question bilkul sahi hai kyonki mentinent sabse badi baat hai ki hum log garib ke bare me nahi sochti agar vaah log garib ke bare me sochna shuru kar di toh unko is saal jaisi ho jayegi vaah pata nahi chahte ki garib amir ko isliye unke bare me vaah kabhi bhi soch sakte ki vaah aage amir kabhi bhi nahi chahta ki garib aage padhe agar aisa ho jaaye toh 23 kahin se kahin pohcha hai

हां जी आपका क्वेश्चन बिल्कुल सही है क्योंकि मेंटिनेंट सबसे बड़ी बात है कि हम लोग गरीब के ब

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Karan Soni

Clothin Shop

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फ्रेंड आप कोई प्यारा सा वाले क्या मिलो सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों है फ्रेंड स्काई सीजी डीजे सौरभ शामिल लोग सोचते हैं कि अपने देश में देश में करीब 4 जहां तक उम्मीद हेल्प भी करते हैं मदद भी करते हैं सपोर्ट भी करते हैं लेकिन ऐसे बहुत कमी है बाकी लोग कोई सपोर्ट नहीं करते कोई भी आपका हेल्प नहीं करते ऐसे करने वाले की संख्या बहुत कम है अन्ना हेल्प करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है इसलिए अपना देश में गरीबी

friend aap koi pyara sa waale kya milo sochte hain ki apne desh me garib log kyon hai friend sky CG DJ saurabh shaamil log sochte hain ki apne desh me desh me kareeb 4 jaha tak ummid help bhi karte hain madad bhi karte hain support bhi karte hain lekin aise bahut kami hai baki log koi support nahi karte koi bhi aapka help nahi karte aise karne waale ki sankhya bahut kam hai anna help karne walon ki sankhya bahut zyada hai isliye apna desh me garibi

फ्रेंड आप कोई प्यारा सा वाले क्या मिलो सोचते हैं कि अपने देश में गरीब लोग क्यों है फ्रेंड

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वह कल मैं आपका स्वागत है आप अर्चना प्रजापति के साथ आपका सवाल है क्या अमीर लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीबी क्यों है मेरे हिसाब से अमीर लोग यह सोचते तो जरूर है मगर उसके विषय में कुछ करते नहीं है क्योंकि क्योंकि अमीर आदमी ही गरीब आदमी का हक मारता है गरीब गरीब जो लोग होते हैं वह इसलिए गरीब होते क्योंकि अमीर आदमी उनके हक की चीजें या उनके मेहनत का पैसा उनको नहीं देता है इस वजह से अपने देश में गरीबी जाता है

vaah kal main aapka swaagat hai aap archna prajapati ke saath aapka sawaal hai kya amir log sochte hain ki apne desh me garibi kyon hai mere hisab se amir log yah sochte toh zaroor hai magar uske vishay me kuch karte nahi hai kyonki kyonki amir aadmi hi garib aadmi ka haq maarta hai garib garib jo log hote hain vaah isliye garib hote kyonki amir aadmi unke haq ki cheezen ya unke mehnat ka paisa unko nahi deta hai is wajah se apne desh me garibi jata hai

वह कल मैं आपका स्वागत है आप अर्चना प्रजापति के साथ आपका सवाल है क्या अमीर लोग सोचते हैं कि

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Vinay Verma

Youtuber..... Amazing Tailent Vk

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आपका क्वेश्चन हो क्या अमीर लोग सोचते हैं कि देश में गरीब लोग क्यों हैं तो दोस्त जहां तक मेरा मानना है तो ऐसा कुछ की अमीरी और गरीबी जिंदगी के जैसे देखेंगे किसी ने भी जो आपने देखा होगा जो जो अपने देश के हैं जैसे अंबानी हो गए या फिर उनकी नंबर के ग्रामीण अंबानी मान रहा हूं पर अभी तो उनका तेरा रंग था वह अलग से नीचे चले गए तो अभी मान लीजिए उत्तर आवे नंबर पर 3 साल से नीचे चले गए उनके एक्सीडेंटल आएगी वह कैसे माइंड सेट करके अपने आप को कैसे आगे बढ़ाती है वह वाला चीज है पर अगर आप ऐसा सोच रहे हैं कि अमीर लोग यह सोचते हैं कि देश में गरीब लोग क्यों ऐसा कुछ नहीं है वाकई में दूसरी चीजें अपने उनको तो अपने काम से ही फुर्सत नहीं है ऐसे मेरा मानना है जाता तो अमीरों की बात करो मिडिल वाले को कौन याद रखता है अगर आप मेरे को यही मानना है कि ऐसा कोई ऐसी सोच कोई भी नहीं लगता होगा जो भी अमीर अपने हाथों की सभी को पता है कि अमीरी और गरीबी तो लगी रहती हो कोई और है तो गई कोई गरीब लोग अमीर हो जाएंगे तो काम करेगा और अगर हो जाएंगे तो फिर कैसे चलेगा अगर आप

aapka question ho kya amir log sochte hain ki desh me garib log kyon hain toh dost jaha tak mera manana hai toh aisa kuch ki amiri aur garibi zindagi ke jaise dekhenge kisi ne bhi jo aapne dekha hoga jo jo apne desh ke hain jaise ambani ho gaye ya phir unki number ke gramin ambani maan raha hoon par abhi toh unka tera rang tha vaah alag se niche chale gaye toh abhi maan lijiye uttar aawe number par 3 saal se niche chale gaye unke accidental aayegi vaah kaise mind set karke apne aap ko kaise aage badhati hai vaah vala cheez hai par agar aap aisa soch rahe hain ki amir log yah sochte hain ki desh me garib log kyon aisa kuch nahi hai vaakai me dusri cheezen apne unko toh apne kaam se hi phursat nahi hai aise mera manana hai jata toh amiron ki baat karo middle waale ko kaun yaad rakhta hai agar aap mere ko yahi manana hai ki aisa koi aisi soch koi bhi nahi lagta hoga jo bhi amir apne hathon ki sabhi ko pata hai ki amiri aur garibi toh lagi rehti ho koi aur hai toh gayi koi garib log amir ho jaenge toh kaam karega aur agar ho jaenge toh phir kaise chalega agar aap

आपका क्वेश्चन हो क्या अमीर लोग सोचते हैं कि देश में गरीब लोग क्यों हैं तो दोस्त जहां तक मे

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prabhakar Datt

Private Tutor

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अमीर लोग तो सोचते ही नहीं है गरीबों के बारे में यदि वह लोग सोचने लगे गरीबों के बारे में तो उनकी स्थिति ना सुधर जाए अमीर लोगों के इतना टाइम ही नहीं सोचने का कि गरीबों के बारे में सोचें सब अपने स्वार्थ की दुनिया है इसलिए सब अपने अपने बारे में सोचते हैं

amir log toh sochte hi nahi hai garibon ke bare me yadi vaah log sochne lage garibon ke bare me toh unki sthiti na sudhar jaaye amir logo ke itna time hi nahi sochne ka ki garibon ke bare me sochen sab apne swarth ki duniya hai isliye sab apne apne bare me sochte hain

अमीर लोग तो सोचते ही नहीं है गरीबों के बारे में यदि वह लोग सोचने लगे गरीबों के बारे में तो

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Mursalin

Tailors

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आपका जवाब सवाल लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब क्यों हैं सर पहले बता दो ऐसा कुछ है नहीं एक यह हर आदमी का फायदा होता है तो गरीब होता है तो उसे किस्मत है कि आमिर बाप के घर पैदा हुआ है या क्रीम आपके घर पर तो हो सकता है कि कुछ ऐसे लोग हैं

aapka jawab sawaal log sochte hain ki apne desh me garib kyon hain sir pehle bata do aisa kuch hai nahi ek yah har aadmi ka fayda hota hai toh garib hota hai toh use kismat hai ki aamir baap ke ghar paida hua hai ya cream aapke ghar par toh ho sakta hai ki kuch aise log hain

आपका जवाब सवाल लोग सोचते हैं कि अपने देश में गरीब क्यों हैं सर पहले बता दो ऐसा कुछ है नहीं

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क्यों नहीं सकते आप भी कर सकते हैं कि आप ऐसा काम करें जो आपके ऊपर सारे लोग खुश हो आप कोई भी काम करे तो अपने दिल से करे किसी को दगा दे किसी को चोरी करो लाई किसी को खाना दे अगर आप अपने मुकाम पर चाहेंगे तो आप भी चाहेंगे कि हम गरीब हैं हम लोग बड़े और अमीर लोग सोचते हैं कि हमारे देश में गरीब क्यों है वह भी चाहते हैं कि हमारे से जो नीचे उनको भी आगे तरक्की हो लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो उनको नीचा दिखाते हैं यह क्यों है कुछ लोग हैं ज्यादा लोग ने

kyon nahi sakte aap bhi kar sakte hain ki aap aisa kaam kare jo aapke upar saare log khush ho aap koi bhi kaam kare toh apne dil se kare kisi ko daga de kisi ko chori karo lai kisi ko khana de agar aap apne mukam par chahenge toh aap bhi chahenge ki hum garib hain hum log bade aur amir log sochte hain ki hamare desh me garib kyon hai vaah bhi chahte hain ki hamare se jo niche unko bhi aage tarakki ho lekin kuch log aise hain jo unko nicha dikhate hain yah kyon hai kuch log hain zyada log ne

क्यों नहीं सकते आप भी कर सकते हैं कि आप ऐसा काम करें जो आपके ऊपर सारे लोग खुश हो आप कोई भी

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अपने देश के 90 परसेंट लोग गरीबों के बारे में बुला ही सोचते हैं उनको पैर की जूती बनाकर रखना चाहते हैं 10:00 पर्सेंट लोग है जो गरीबों के बारे में अच्छा सोचते हैं लेकिन इस समय जो भी सरकार और जो भी लोग हैं वह गरीबों के बारे में सही सोच रहे हैं और आगे भी मैं कामना करता हूं कि अमीर लोग गरीबों के बारे में अच्छे से

apne desh ke 90 percent log garibon ke bare me bula hi sochte hain unko pair ki juti banakar rakhna chahte hain 10 00 percent log hai jo garibon ke bare me accha sochte hain lekin is samay jo bhi sarkar aur jo bhi log hain vaah garibon ke bare me sahi soch rahe hain aur aage bhi main kamna karta hoon ki amir log garibon ke bare me acche se

अपने देश के 90 परसेंट लोग गरीबों के बारे में बुला ही सोचते हैं उनको पैर की जूती बनाकर रखना

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