इतिहास क्यों सिखाया जाता है अगर बहुत कम नौकरियों को इसकी आवश्यकता होती है?...


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Girish Billore Mukul

Government Officer

1:23

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं नौकरी में हूं फिर भी इतिहास पड़ता हूं जब पढ़ता था तब भी मेरे दिमाग में यही सवाल आता था इतिहास का नौकरी से क्या लेना देना सिर्फ नौकरी के लिए इतिहास को पढ़ना जरूरी है क्या अब तो मैं इतिहास को कुछ इस तरह से पढ़ रहा हूं कि इतिहास सही लिखा होगा या नहीं होगा सही तरीके से इस पर भी समीक्षा कर लेता हूं आपका प्रश्न अगर यह है इससे एजुकेशन जॉब या किसी प्रोफेशन के लिए तो सवाल ही गलत है और अगर सवाल सही भी है तो आवश्यकता क्यों होनी चाहिए यह सवाल हो ही नहीं सकता खासतौर पर इतिहास क्योंकि हमारे वर्तमान का और भविष्य का निर्धारण की इतिहासिक करता है हमें किस तरीके से अपनी स्टेटस तय करनी है इस तरह से हम एक विचारक बनते हैं और स्टेटस ही तय करते हैं अपनी जिंदगी के लिए तो हम व्यक्तित्व को समझने की जरूरत होती और यद्यपि सवाल से मैं बहुत ज्यादा प्रभावित नहीं हूं लेकिन उत्तर जरूरी था धन्यवाद

main naukri mein hoon phir bhi itihas padta hoon jab padhata tha tab bhi mere dimag mein yahi sawaal aata tha itihas ka naukri se kya lena dena sirf naukri ke liye itihas ko padhna zaroori hai kya ab toh main itihas ko kuch is tarah se padh raha hoon ki itihas sahi likha hoga ya nahi hoga sahi tarike se is par bhi samiksha kar leta hoon aapka prashna agar yah hai isse education job ya kisi profession ke liye toh sawaal hi galat hai aur agar sawaal sahi bhi hai toh avashyakta kyon honi chahiye yah sawaal ho hi nahi sakta khaasataur par itihas kyonki hamare vartaman ka aur bhavishya ka nirdharan ki ithihasik karta hai hamein kis tarike se apni status tay karni hai is tarah se hum ek vicharak bante hain aur status hi tay karte hain apni zindagi ke liye toh hum vyaktitva ko samjhne ki zarurat hoti aur yadyapi sawaal se main bahut zyada prabhavit nahi hoon lekin uttar zaroori tha dhanyavad

मैं नौकरी में हूं फिर भी इतिहास पड़ता हूं जब पढ़ता था तब भी मेरे दिमाग में यही सवाल आता थ

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Vatsal

Engineering Student

1:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

टिकी हमारा जिंदगी में एकमात्र मकसद जो है वह नौकरी हासिल करना नहीं होता है पैसे कमाना नहीं होता हालांकि बहुत लोगों ने इसी को यह जिंदगी का उसूल मान लिया है कि पैसे कमाना ही लाश चीज है जो हासिल करनी है ना सब कुछ पैसे के लिए सब कुछ नौकरी के लिए नहीं किया जाता वास्तव में अगर आपको एक इंसान बनना है एक जागरूक नागरिक बनना है एक मेल नॉलेज के प्रश्न एक इंटेलिजेंट है उसके लिए जरूरी है आप ज्यादा से ज्यादा जानकारियां हासिल करो और ज्यादा से ज्यादा नाते आपको पूरी कोशिश की जाती है बचपन से लेकर स्कूल के ट्वेल्थ क्लास का उसके बाद कॉलेज में अलग-अलग पोस्ट के माध्यम से हर चीज में जानकारी नॉलेज ज्ञान हासिल करो कि जितना ज्यादा ज्ञान होगा लाइफ की उतनी ज्यादा एक्सपीरियंस लाइट की उतनी ज्यादा समझ आएगी आप अगर इतिहास को जान रहे हो महात्मा गांधी टीपू सुल्तान और कोई फलाने और कोई इतिहास के जनक के बारे में आप अगर हिस्ट्री की बुक की आज भी अपनी याद करो ना तो बेशक आप को बहुत चीजें याद नहीं होंगी लेकिन एकमात्र चीज हर किसी लीडर हर किसी नाम के संग याद हो तो जरूरी है वह चीज अपने जीवन में परिवर्तन लाना कुछ अच्छा है तो उससे सीखना फायदेमंद चीज है इसलिए होता है इतिहास

tiki hamara zindagi mein ekmatra maksad jo hai vaah naukri hasil karna nahi hota hai paise kamana nahi hota halaki bahut logo ne isi ko yah zindagi ka usul maan liya hai ki paise kamana hi laash cheez hai jo hasil karni hai na sab kuch paise ke liye sab kuch naukri ke liye nahi kiya jata vaastav mein agar aapko ek insaan banna hai ek jagruk nagarik banna hai ek male knowledge ke prashna ek Intelligent hai uske liye zaroori hai aap zyada se zyada jankariyan hasil karo aur zyada se zyada naate aapko puri koshish ki jaati hai bachpan se lekar school ke twelfth class ka uske baad college mein alag alag post ke madhyam se har cheez mein jaankari knowledge gyaan hasil karo ki jitna zyada gyaan hoga life ki utani zyada experience light ki utani zyada samajh aayegi aap agar itihas ko jaan rahe ho mahatma gandhi tipu sultan aur koi falane aur koi itihas ke janak ke bare mein aap agar history ki book ki aaj bhi apni yaad karo na toh beshak aap ko bahut cheezen yaad nahi hongi lekin ekmatra cheez har kisi leader har kisi naam ke sang yaad ho toh zaroori hai vaah cheez apne jeevan mein parivartan lana kuch accha hai toh usse sikhna faydemand cheez hai isliye hota hai itihas

टिकी हमारा जिंदगी में एकमात्र मकसद जो है वह नौकरी हासिल करना नहीं होता है पैसे कमाना नहीं

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मैं इस बात से भी नहीं करती कि बहुत कम नौकरियों में इतिहास की जरूरत होती है कोई भी एसएससी का एग्जाम हो या फिर कोई भी स्टेट लेवल एग्जाम हो सेंट्रल लेवल एग्जाम हो नेट का एग्जाम हो पीजीटी टीजीटी टीचिंग जॉब्स इन लॉ आईएस हो आईएस तो कुछ भी हो हर किसी में हिस्ट्री जरूर पूछ जाति और बहुत ज्यादा पर पोषण पूछी जाती है तो इतिहास तो हर एग्जाम पूछा आता है और नौकरियों के लिए गवर्मेंट जॉब के लिए एग्जाम क्लियर करना तो बहुत इंपॉर्टेंट होता है और उसमें इतिहास तो पूछा ही जाता है तू मेरी सबसे ज्यादा नहीं है की इतिहास की जरूरत नहीं है क्योंकि हार्ड जॉब के लिए गवर्नमेंट जॉब के लिए जॉब एंट्रेंस एग्जाम होते हैं टीचिंग की जॉब फॉर एडमिनिस्ट्रेटिव चावलों से गिर जाओ एक लड़की जो अब्बू या फिर कुछ भी सोचो हर किसी में इतना जरूर पूछे जाती है तो इतिहास के इंपॉर्टेंट बहुत जाता है

lekin main is baat se bhi nahi karti ki bahut kam naukriyon mein itihas ki zarurat hoti hai koi bhi ssc ka exam ho ya phir koi bhi state level exam ho central level exam ho net ka exam ho pgt tgt teaching jobs in law ias ho ias toh kuch bhi ho har kisi mein history zaroor puch jati aur bahut zyada par poshan puchi jaati hai toh itihas toh har exam poocha aata hai aur naukriyon ke liye government ke liye exam clear karna toh bahut important hota hai aur usme itihas toh poocha hi jata hai tu meri sabse zyada nahi hai ki itihas ki zarurat nahi hai kyonki hard job ke liye government ke liye job entrance exam hote hain teaching ki job for administrative chavalon se gir jao ek ladki jo abbu ya phir kuch bhi socho har kisi mein itna zaroor pooche jaati hai toh itihas ke important bahut jata hai

लेकिन मैं इस बात से भी नहीं करती कि बहुत कम नौकरियों में इतिहास की जरूरत होती है कोई भी एस

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिल यह गलत धारणा है कि इतिहास की आवश्यकता स्पेशली बहुत कम नौकरियों में होती है बिल्कुल गलत धारणाएं आप देखिए हर एग्जाम में आपको इतिहास का पेपर होता है उसमें कुछ ना कुछ क्वेश्चन साहब को अंसिएंट हिस्ट्री वर्ल्ड हिस्ट्री मोड इंस्टिट्यूट इंडिपेंडेंस सबसे मिलते हैं इतिहास की बहुत इंपोर्टेंस है अगर आपने हिस्ट्री से b.a. किया हुआ है तो अलग सी वैकेंसी जाती है और लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की तरफ से कोई वैकेंसी आती है उसमें ग्रेजुएशन कैसे मांगा जाता है अगर आप सभी सभी परेशान कर रहे तो बिल्कुल आप एक अच्छा ऑप्शन भी आपके लिए सोचा आप के लिए हिस्ट्री होता है तो यह बिल्कुल गलत है कि बहुत कम नौकरी में इतिहास की आवश्यकता के घर नौकरी में जिस एग्जाम की प्रिपरेशन कर रहे वहां कहीं ना कहीं कुछ क्वेश्चन हिस्ट्री से जरुर मिलेंगे

dil yah galat dharana hai ki itihas ki avashyakta speshli bahut kam naukriyon mein hoti hai bilkul galat dharnae aap dekhiye har exam mein aapko itihas ka paper hota hai usme kuch na kuch question saheb ko ansient history world history mode institute Independence sabse milte hain itihas ki bahut importance hai agar aapne history se b a kiya hua hai toh alag si vacancy jaati hai aur logical survey of india ki taraf se koi vacancy aati hai usme graduation kaise manga jata hai agar aap sabhi sabhi pareshan kar rahe toh bilkul aap ek accha option bhi aapke liye socha aap ke liye history hota hai toh yah bilkul galat hai ki bahut kam naukri mein itihas ki avashyakta ke ghar naukri mein jis exam ki preparation kar rahe wahan kahin na kahin kuch question history se zaroor milenge

दिल यह गलत धारणा है कि इतिहास की आवश्यकता स्पेशली बहुत कम नौकरियों में होती है बिल्कुल गलत

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इतिहास क्यों सिखाया जाता है अगर बहुत कम नौकरियों की इसकी आवश्यकता है तो तुम्हें इतिहास केवल नौकरियों के लिए नहीं सिखाया जाता है इतिहास मतलब कि हमारी हिस्ट्री हमारी देश की हिस्ट्री हमारी आने वाली पीढ़ी की जरूरत नहीं है हिस्ट्री को हटा दिया जाए कि हमारे पूर्वज थे वह क्या करते थे क्या से हम लोग जितना तलक फूल कैसे डेवलपमेंट भारत में बाद में क्या क्या हुआ बात की तरह गुलाम रहा की धनि भारत आजाद कब आजादी मिली कितने साल आजादी मिली तो मैं देश को जानने के लिए हमारे देश के पौराणिक जो भी मतलब हिस्ट्री हुई है या जो भी मत और हमारे देश के साथ हुआ है वह जाने के लिए इतिहास इतिहास इतिहास को आप बहुत वर्क लोड करें इतिहास का क्षेत्र जाने की इतिहास जानेंगे तभी चुनाव हमारे देश की संस्कृति देश के धरोहर को जान पाएंगे

itihas kyon sikhaya jata hai agar bahut kam naukriyon ki iski avashyakta hai toh tumhe itihas keval naukriyon ke liye nahi sikhaya jata hai itihas matlab ki hamari history hamari desh ki history hamari aane wali peedhi ki zarurat nahi hai history ko hata diya jaaye ki hamare purvaj the vaah kya karte the kya se hum log jitna talaq fool kaise development bharat mein baad mein kya kya hua baat ki tarah gulam raha ki Dhani bharat azad kab azadi mili kitne saal azadi mili toh main desh ko jaanne ke liye hamare desh ke pouranik jo bhi matlab history hui hai ya jo bhi mat aur hamare desh ke saath hua hai vaah jaane ke liye itihas itihas itihas ko aap bahut work load kare itihas ka kshetra jaane ki itihas jaanege tabhi chunav hamare desh ki sanskriti desh ke dharohar ko jaan payenge

इतिहास क्यों सिखाया जाता है अगर बहुत कम नौकरियों की इसकी आवश्यकता है तो तुम्हें इतिहास केव

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Pragati

Aspiring Lawyer

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का सवाल है कि इतिहास के बारे में बच्चों को क्यों सिखाया जाता है जबकि यह बहुत कम नौकरियां नौकरियों में उनकी आवश्यकता होती है देखिए इतिहास और सिर्फ सीखने का मतलब यह नहीं होता है क्या आप उसको अपना नौकरी में प्रयोग करें लेकिन कहीं ना कहीं आप इतिहास से अपने देश के बारे में अपनी जगह के बारे में अपने कल्चर के बारे में और वह अपनी जेनरेशंस के बारे में काफी कुछ जानते हैं तो इतिहास सिखाने का मतलब सिर्फ यही नहीं होता क्या आप उसको कहीं आगे चलकर प्रयोग करेंगे लेकिन उससे जानकारी भी आप की भर्ती आपकी नॉलेज भर्ती है कहीं ना कहीं आपका दायरा बढ़ता आपको देश विदेश के इतिहास के बारे में पता चलता है आपका देश कैसे बना आप की पीढ़ी कैसे बनी कहां तक देश में परिवर्तन आया है पहले क्या हुआ था आप क्या हुआ है और अगर भारत की बात की जाए तो भारत में आजादी मिली थी उससे पहले क्या था क्या उससे पहले हमारे देश में किन किन लोगों ने राज किया है वह सब चीजें में इतिहास सीखने को मिलती है और इससे हमारा दायरा बढ़ता है और कहा कि हमारी नॉलेज भी बढ़ती है तो इसी वजह से बच्चों को बचपन में स्कूलों में इतिहास मैं जाता है जबकि आगे चल कि उसकी नौकरियों में कोई भी आवश्यकता नहीं होती

aap ka sawaal hai ki itihas ke bare mein baccho ko kyon sikhaya jata hai jabki yah bahut kam naukriyan naukriyon mein unki avashyakta hoti hai dekhiye itihas aur sirf sikhne ka matlab yah nahi hota hai kya aap usko apna naukri mein prayog kare lekin kahin na kahin aap itihas se apne desh ke bare mein apni jagah ke bare mein apne culture ke bare mein aur vaah apni jenreshans ke bare mein kaafi kuch jante hain toh itihas sikhane ka matlab sirf yahi nahi hota kya aap usko kahin aage chalkar prayog karenge lekin usse jaankari bhi aap ki bharti aapki knowledge bharti hai kahin na kahin aapka dayara badhta aapko desh videsh ke itihas ke bare mein pata chalta hai aapka desh kaise bana aap ki peedhi kaise bani kahaan tak desh mein parivartan aaya hai pehle kya hua tha aap kya hua hai aur agar bharat ki baat ki jaaye toh bharat mein azadi mili thi usse pehle kya tha kya usse pehle hamare desh mein kin kin logo ne raj kiya hai vaah sab cheezen mein itihas sikhne ko milti hai aur isse hamara dayara badhta hai aur kaha ki hamari knowledge bhi badhti hai toh isi wajah se baccho ko bachpan mein schoolon mein itihas main jata hai jabki aage chal ki uski naukriyon mein koi bhi avashyakta nahi hoti

आप का सवाल है कि इतिहास के बारे में बच्चों को क्यों सिखाया जाता है जबकि यह बहुत कम नौकरिया

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इतिहास की आवश्यकता और उपयोगिता सिर्फ नौकरियों का कैसे हुई नहीं है इतिहास हमारी संस्कृति हमारी सभ्यता की धरोहर है अगर हम इतिहास नहीं पड़ेंगे अगर हम पाठ्यक्रम में इतिहास को नहीं रखेंगे तो हमारी भाभी पीलिया कैसे जानेंगे कि हमारी प्राचीन काल में क्या होता था कैसे प्राचीन समय में समाज होता था किस तरह से वो लोग जीते थे उनकी आजीविका के क्या साधन थे उनकी संस्कृति कैसी थी कैसी सभ्यता थी उस समय समाज में क्या चलता था उस समय ऐसी बहुत सारी चीजें हैं जो हमें इतिहास से ही समझ में आने को मिलती है और बहुत सारा ज्ञान जो प्राचीन समय में था वह भी हम इतिहास ही प्राप्त कर सकते हैं हमारे पास और कोई साधन नहीं है कि हम अपनी प्राचीन सभ्यता और संत शादी के बारे में जान सके हर व्यक्ति को पढ़ने का इतना शौक नहीं होता है कि वह लाइब्रेरी में जाकर अपनी पुरातन सभ्यता के बारे में जानने की कोशिश करेगा इसीलिए इतिहास पढ़ाया जाता है ताकि आने वाली पीढ़ियां यह जान सके कि उनके पुराने समय में क्या हुआ था अतीत में कैसा समाज था किस तरह का प्रचलन होता था क्या रीति रिवाज थे कौन से त्योहार मनाने मनाए जाते थे किस तरह की उस समय की सामाजिक व्यवस्था की अर्थव्यवस्था कैसी चलती थी कौन से व्यवसाय थी जो ज्यादा किए जाते थे और भी ऐसी कई चीज है जो हमारे प्राचीन समय के बारे में हमें जानी चाहिए वह सिर्फ हमें इतिहास ही बता सकता है इसीलिए मुझे लगता है कि इतिहास को पाठ्यक्रम में रखा गया है और जरूरी भी है ताकि हमारी आने वाली नस्लें भी यह जान सके कि हमारी सभ्यता और संस्कृति क्या है

itihas ki avashyakta aur upayogita sirf naukriyon ka kaise hui nahi hai itihas hamari sanskriti hamari sabhyata ki dharohar hai agar hum itihas nahi padenge agar hum pathyakram mein itihas ko nahi rakhenge toh hamari bhabhi peeliya kaise jaanege ki hamari prachin kaal mein kya hota tha kaise prachin samay mein samaj hota tha kis tarah se vo log jeete the unki aajiwika ke kya sadhan the unki sanskriti kaisi thi kaisi sabhyata thi us samay samaj mein kya chalta tha us samay aisi bahut saree cheezen hain jo hamein itihas se hi samajh mein aane ko milti hai aur bahut saara gyaan jo prachin samay mein tha vaah bhi hum itihas hi prapt kar sakte hain hamare paas aur koi sadhan nahi hai ki hum apni prachin sabhyata aur sant shadi ke bare mein jaan sake har vyakti ko padhne ka itna shauk nahi hota hai ki vaah library mein jaakar apni puratan sabhyata ke bare mein jaanne ki koshish karega isliye itihas padhaya jata hai taki aane wali peedhiyaan yah jaan sake ki unke purane samay mein kya hua tha ateet mein kaisa samaj tha kis tarah ka prachalan hota tha kya riti rivaaj the kaunsi tyohar manane manaye jaate the kis tarah ki us samay ki samajik vyavastha ki arthavyavastha kaisi chalti thi kaunsi vyavasaya thi jo zyada kiye jaate the aur bhi aisi kai cheez hai jo hamare prachin samay ke bare mein hamein jani chahiye vaah sirf hamein itihas hi bata sakta hai isliye mujhe lagta hai ki itihas ko pathyakram mein rakha gaya hai aur zaroori bhi hai taki hamari aane wali naslen bhi yah jaan sake ki hamari sabhyata aur sanskriti kya hai

इतिहास की आवश्यकता और उपयोगिता सिर्फ नौकरियों का कैसे हुई नहीं है इतिहास हमारी संस्कृति हम

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