ईद -उल-आधा को भारत में बकरीद क्यों कहा जाता है?...


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Akhtarkhan9611@gmail.com

लेडीज टेलर फैशन डिजाइनर

3:23
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आपने पूछा है कि ईद उल लगा क्या है ईद उल आधा साल में एक बार आता है और इस दिल में हज होता है मक्का मुकर्रमा में हज होता है और बकरी इसको इसलिए कहा जाता है कि इस दिन कुर्बानी होती है जो ज्यादातर बकरों की कुर्बानी होती है वैसे और भी जानवर का कुर्बानी होती है ऊंट पर भी कुर्बानी है पाने की कुर्बानी होती है सऊदी अरब में ज्यादातर बकरीद को हजरत इब्राहिम अली सलातो सलाम से है इधर इस्माइल अली सलातो सलाम जो इब्राहिम अली सलाम के बेटे थे और बहुत महबूब है हजरत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने कई मर्तबा एनिमल ख्वाब देखा क्या अपने महबूब बड़ी चीज कुर्बान करें अल्लाह के रास्ते में तो आपको सबसे ज्यादा अपना बेटा पसंद था ताबिश की कुर्बानी के लिए लेकर गए बाद में चेक कुर्बानी यहां से शुरू हुई जगदंबे की शक्ल में अल्लाह ताला ने उसको भेजा और उनकी छोरी के नीचे आया बादल कैसा बहुत लंबा है मुक्तसर यह नाम से शुरू हुई और तमाम वाक्य को मुसलसल उनकी सुन्नत की है आगे बढ़ती जा रही है और यह चली आ रही इसी को हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहो वसल्लम ने फॉलो किया पसंद किया और आपने भी हज किया और कुर्बानी दी इसलिए तमाम उम्मते मुस्लिमा आप सल्लल्लाहो असलम के इस अमल को पूरा हुआ कि हुकुम को मानकर पूरा करती है इससे शायद कोई और मालूमात करना हो तो तेरे को किसी कॉल माइक्रम जरा पता करके कर ले खुदा हाफिज

aapne poocha hai ki eid ul laga kya hai eid ul aadha saal mein ek baar aata hai aur is dil mein haj hota hai makka mukarrama mein haj hota hai aur bakri isko isliye kaha jata hai ki is din kurbani hoti hai jo jyadatar bakron ki kurbani hoti hai waise aur bhi janwar ka kurbani hoti hai unth par bhi kurbani hai paane ki kurbani hoti hai saudi arab mein jyadatar bakri eid ko hazrat ibrahim ali salato salaam se hai idhar ismail ali salato salaam jo ibrahim ali salaam ke bete the aur bahut mahaboob hai hazrat ibraheem alaihissalam ne kai martabaa animal khwaab dekha kya apne mahaboob badi cheez kurban kare allah ke raste mein toh aapko sabse zyada apna beta pasand tha tabish ki kurbani ke liye lekar gaye baad mein check kurbani yahan se shuru hui jagdambe ki shakl mein allah tala ne usko bheja aur unki chhori ke niche aaya badal kaisa bahut lamba hai muktsar yah naam se shuru hui aur tamaam vakya ko musalasal unki sunnat ki hai aage badhti ja rahi hai aur yah chali aa rahi isi ko hazrat muhammad sallallaho vasallam ne follow kiya pasand kiya aur aapne bhi haj kiya aur kurbani di isliye tamaam ummate muslima aap sallallaho aslam ke is amal ko pura hua ki hukum ko maankar pura karti hai isse shayad koi aur malumat karna ho toh tere ko kisi call maikram zara pata karke kar le khuda haafiz

आपने पूछा है कि ईद उल लगा क्या है ईद उल आधा साल में एक बार आता है और इस दिल में हज होता है

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:47

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दिखा ईद उल ाधा जो यह त्यौहार है यह मुस्लिमों का बहुत ही प्रोमिनेंट त्योहार है और इस दिन क्या होता है और इसको बकरीद क्यों कहा जाता है इसके पीछे एक स्टोरी है जिसके बारे में मैंने अभी भी पढ़ो और काफी इंटरेस्टिंग स्टोरी मुझे मिली थी और जो प्रॉफिट से अब्राहिम उनके और एक मदद से एक भगवान टाइप लगा दीजिए अल्लाह के बंदे ने कहा जाता है प्रॉफिट कहा जाता है तो उनके सपनों में बहुत पुरानी यह एक स्टोरी है बहुत पुरानी मान्यता है कि उनके सपने में वह आते थे अल्लाह वालों ने बार बार यह कह रहे थे कि तुम कोई सा की फाइट करो कोई तकलीफ आज करो उनके सपने में यही आ रहा था उन्होंने अपनी बाइक को इस बारे में बताया तो उनके लिए और उनके वाइफ के लिए उनका जो बेटा है वही सबसे ज्यादा इंपोर्टेंट है तो उन्होंने डिसाइड किया कि वह अपने बेटे को साफ सफाई करेंगे और उनके बेटे से परमिशन नहीं तो बेटा भी रेडी हो गया तू जयपुर से आखरी पास करने वाले थे तभी भगवान ने उस बेटे की जगह पर एक और शिव को रख दिया एक भीड़ को रख दिया हथेली से बकरीद के कहा गाना शुरू करो गया बकरीद के किस दिन किसी जानवर को उसका साथी पर शेर हाथी जानवर की बलि चढ़ाई जाती है इसलिए इसे बकरीद भी कहते हैं अर्जुन जानवर की बलि राजा के इसके पीछे पूरी है कि इस में से वांटेड क्लास है जो मिट है जो भी आपका कल का राशिफल करो वह गरीबों के पास जाएगा कुछ रिलेटिव को दिया जाएगा कुछ ऐसी उसके लोगों इसके पीछे मोटे भी है कि जिनके पास आधा पैसे नहीं है जो गरीब लोग हैं उन तक भी सारी ओ पॉजिटिव और सब तरह का खाना पहुंचा

dikha eid ul adha jo yah tyohar hai yah muslimo ka bahut hi prominent tyohar hai aur is din kya hota hai aur isko bakri eid kyon kaha jata hai iske peeche ek story hai jiske bare mein maine abhi bhi padho aur kaafi interesting story mujhe mili thi aur jo profit se abrahim unke aur ek madad se ek bhagwan type laga dijiye allah ke bande ne kaha jata hai profit kaha jata hai toh unke sapno mein bahut purani yah ek story hai bahut purani manyata hai ki unke sapne mein vaah aate the allah walon ne baar baar yah keh rahe the ki tum koi sa ki fight karo koi takleef aaj karo unke sapne mein yahi aa raha tha unhone apni bike ko is bare mein bataya toh unke liye aur unke wife ke liye unka jo beta hai wahi sabse zyada important hai toh unhone decide kiya ki vaah apne bete ko saaf safaai karenge aur unke bete se permission nahi toh beta bhi ready ho gaya tu jaipur se aakhri paas karne waale the tabhi bhagwan ne us bete ki jagah par ek aur shiv ko rakh diya ek bheed ko rakh diya hatheli se bakri eid ke kaha gaana shuru karo gaya bakri eid ke kis din kisi janwar ko uska sathi par sher haathi janwar ki bali chadhai jaati hai isliye ise bakri eid bhi kehte hain arjun janwar ki bali raja ke iske peeche puri hai ki is mein se wanted class hai jo mit hai jo bhi aapka kal ka rashifal karo vaah garibon ke paas jaega kuch relative ko diya jaega kuch aisi uske logo iske peeche mote bhi hai ki jinke paas aadha paise nahi hai jo garib log hain un tak bhi saree o positive aur sab tarah ka khana pahuncha

दिखा ईद उल ाधा जो यह त्यौहार है यह मुस्लिमों का बहुत ही प्रोमिनेंट त्योहार है और इस दिन क्

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ईद-उल-जुहा इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों के लिए बहुत ही खास त्योहार है और मुस्लिम समुदाय से बहुत धूमधाम से मनाते हैं यह पवित्र महीना है रमजान के 70 दिन के बाद आता है और इसे कुर्बानी देकर मनाया जाता है इस शब्द का बकरे से कोई संबंध नहीं है अरबी में वर्कर का मतलब होता है एक बड़ा जानवर जिसे काटा जाता है और इसीलिए आज भारत-पाकिस्तान और कई जगहों पर ईद-उल-जुहा को बकरीद के नाम से जाना जाता है इसे कुर्बानी का त्यौहार मानते हैं मुस्लिम समुदाय के लोग और अरबी में कर्म का मतलब होता है पास होना या नजदीक होना माना जाता है कि इस कुर्बानी के दिन अल्लाह इंसान के पास होता है करीब होता है

eid ul juha islam dharm mein vishwas karne waale logo ke liye bahut hi khaas tyohar hai aur muslim samuday se bahut dhumadham se manate hain yah pavitra mahina hai ramjaan ke 70 din ke baad aata hai aur ise kurbani dekar manaya jata hai is shabd ka bakre se koi sambandh nahi hai rb mein worker ka matlab hota hai ek bada janwar jise kaata jata hai aur isliye aaj bharat pakistan aur kai jagaho par eid ul juha ko bakri eid ke naam se jana jata hai ise kurbani ka tyohar maante hain muslim samuday ke log aur rb mein karm ka matlab hota hai paas hona ya nazdeek hona mana jata hai ki is kurbani ke din allah insaan ke paas hota hai kareeb hota hai

ईद-उल-जुहा इस्लाम धर्म में विश्वास करने वाले लोगों के लिए बहुत ही खास त्योहार है और मुस्लि

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