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अपने बातों को दूसरे को कैसे समझाए की लोगों को समझ आ जाये?...


29 जवाब
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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:17
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अगर आप अपनी बात दूसरों को समझाएं जाते हैं तो पुष्टि कीजिए आंसर की ऑफ सुना जा रहे हैं उसका दृष्टिकोण समझने की कोशिश कीजिए उसके दृष्टिकोण के हिसाब से अगर आपकी बात हो गई
agar aap apni baat dusro ko samjhaye jaate hain toh pushti kijiye answer ki of suna ja rahe hain uska drishtikon samjhne ki koshish kijiye uske drishtikon ke hisab se agar aapki baat ho gayi
अगर आप अपनी बात दूसरों को समझाएं जाते हैं तो पुष्टि कीजिए आंसर की ऑफ सुना जा रहे हैं उसका
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अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए तो आपको सबसे पहले अपने अंदर स्किल डेवलप करना पड़ेगा इस एरिया में देखो कितना भी ज्ञान भरा पड़ा हुआ अंदर अगर समझाने का तरीका नहीं आता है आपको तो आप नहीं समझा सकते हैं जैसे टीचर आपने पढ़ा होगा स्कूल स्कूल में कितनी प्रकार की टीचर होते हैं कुछ टीचरों को पढ़ा हुआ आपके समझ में आया होगा कुछ टीचरों का नहीं समझ में आया होगा समझ में उन्हीं टीचरों का आया होगा जो बेहतर हूं समझाया होगा और कुछ लोग तो नॉलेज रखते हुए भी व्यक्त नहीं कर पाते हैं कुछ बता ही नहीं पाते हैं बच्चों को समझ ही नहीं पाते हैं बच्चों से कुछ समझ ही नहीं पाते हैं वह समझा ही नहीं पाते हैं तो यह आपको अपने अंदर पहले टेबल अप करना पड़ेगा और दूसरी बात आपको अपने अंदर आत्मविश्वास बढ़ाना पड़ेगा आप किसी प्रकार का संकोच नहीं रखेंगे मन्या गडर संकोच रखेंगे तो आप अपनी बात को रखी नहीं पाएंगे आप इस तरह से आत्मविश्वास बनाकर आपको एक एग्जांपल हम बता रहे हैं एग्जांपल दे तो उसको समझना मतलब अगर आप अपनी बात रानी आपके पास झूठी भी है ऐसे झूठ लोग बोलते नहीं हैं हम झूठ बोलने के लिए नहीं कर रहे हैं हम एग्जांपल बता रही अगर आपकी बात झूठी थी तो आप उसको इस तरह से उसे उसके सामने रखें कि अगला मान जाए कि आप अपने अंदर आत्मविश्वास पैदा करेंगे आप आप सोचेंगे कि हमें है कुछ है हमें कुछ दम है हम कुछ कर सकते हैं हम इस बात को अगले को समझा सकते हैं इस तरह आप को सोचना पड़ेगा हमको तो डर बिल्कुल निकालना पड़ेगा यह सोच कर मत अगले सामने जाइए कि पता नहीं अगले समझ में आएगा कि नहीं समझ में आएगा बिल्कुल मत चाहिए आप अपनी बात रखी और दूसरी बात यह भी होता है समझ में भी उसी तरह आता है जिस तरह समझाने वाले जैसे कि उसके जल्दी समझ में आ जाता जिससे कि समझाओ किसी को किसी को कुछ पढ़ाओ कोई बच्चा बहुत जल्दी तो एक बार भी समझता किसी को दो बार में समझाना पड़ता है किसी को तीन बार मेरा किसी को 75 बार समझाओ तभी समझ में नहीं आता है समझ पर भी होता है कि अगला समझदार कैसा है यह भी है जरूरी है कि आप और समझा रहे हैं उनके नहीं समझ में आ रहा तो आपके ही कमी है अगले कमी हो सकती है इस तरह से प्रतिनिधियों को समझे और अपने स्कूल को बढ़ाएं अब बेहतर तरीके से आप अगले को समझा सकेंगे तो आशा करते हैं आपके समझ में आ गया
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अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए तो आपको सबसे पहले अपने अंदर स
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AstroBhoomi

Tarot card reader and and Astrologer

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नमस्कार दोस्तों मैं भूमिका टैरो कार्ड रीडर एस्ट्रोलॉजर और राज सवाल बहुत अच्छा सवाल है यह अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझा कि लोगों को समझ में आ जाए सबसे पहले आप साइकोलॉजी समझे व्यक्ति की जिसको आप समझाने जा रहे हो उसका सोचने का स्तर कैसा है फिर उसी तरह के शब्दों का प्रयोग करो उसी तरह के उसी स्तर पर आकर आप उनको समझा दूसरा तरीका है कि आप पहले उस बात को अपने आप को उनकी जगह रख के देखो और यह सोच लो कि आप यदि उनकी जगह उस परिस्थिति में होते हैं उस दशा दिशा में होते तो आपको बात कैसे समझ में आती कोशिश कीजिए उस तरह से समझाने की प्यार से गुस्से से या जो भी आप का भाव हो सकता है कोई भी भाव हो सकता है तो आप जो है जब अपने आपको उनकी जगह रख कर देखेंगे और फिर बातों को समझाने की कोशिश करेंगे बहुत जल्दी आपको सफलता मिलेगी धन्यवाद
namaskar doston main bhumika tairo card reader Astrologer aur raj sawaal bahut accha sawaal hai yah apni baaton ko dusre ko kaise samjha ki logo ko samajh me aa jaaye sabse pehle aap psychology samjhe vyakti ki jisko aap samjhane ja rahe ho uska sochne ka sthar kaisa hai phir usi tarah ke shabdon ka prayog karo usi tarah ke usi sthar par aakar aap unko samjha doosra tarika hai ki aap pehle us baat ko apne aap ko unki jagah rakh ke dekho aur yah soch lo ki aap yadi unki jagah us paristhiti me hote hain us dasha disha me hote toh aapko baat kaise samajh me aati koshish kijiye us tarah se samjhane ki pyar se gusse se ya jo bhi aap ka bhav ho sakta hai koi bhi bhav ho sakta hai toh aap jo hai jab apne aapko unki jagah rakh kar dekhenge aur phir baaton ko samjhane ki koshish karenge bahut jaldi aapko safalta milegi dhanyavad
नमस्कार दोस्तों मैं भूमिका टैरो कार्ड रीडर एस्ट्रोलॉजर और राज सवाल बहुत अच्छा सवाल है यह अ
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Shipra Ranjan

Life Coach

0:20
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आप अपनी बातों को कैसे समझाएं बातचीत करती पॉइंट बात करें जिससे कि सामने वाले को भी आसानी से बात समझ में आ जाए
aap apni baaton ko kaise samjhaye batchit karti point baat kare jisse ki saamne waale ko bhi aasani se baat samajh me aa jaaye
आप अपनी बातों को कैसे समझाएं बातचीत करती पॉइंट बात करें जिससे कि सामने वाले को भी आसानी से
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J.P. Y👌g i

Psychologist

6:34
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प्रश्न ने अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए अपनी बातों को दूसरे को समझाने के लिए जरूरत यह है कि वह व्यक्ति आपकी तरफ उस समय दे सकता है या नहीं अगर उसके पास समय और मूड नहीं होगा तो आप उसको समझाने का कोई उचित समय नहीं मिलता है वह तो जैसे भी अगर समझाते हैं किसी को तो आप की स्थिरता पर ध्यान जाता है कि वह लोग पूर्वानुमान में आपको कितना वजन दे रखे हैं तो वैल्यू बना रखते हैं तो उसमें आगरा समझा रहे हैं तो आइए आप का दायरा बनते हैं बनता है क्या आप किस तौर तरीके से समझा सकते हैं तो दर्शक जब आदमी ही सोचता है कि कोई छोटा व्यक्ति मुझे समझा रहा है तो उसने बड़े वाले में तो ईगो होता ही है कि वह जो समझना चाहेगा दूसरी बात अगर अच्छी बातें भी ध्यान पूर्वक समय रहा होगा तो लेकिन प्रतिक्रिया में वह प्रतिभास नहीं कराएगा कि मैं तुम्हारी बात सुन चुका हूं और उससे मुझे लाभ सौहार्द हुआ है वह क्योंकि उसका ही वाले अफीम पोटेंसी बनाके अपने आप को दिखाने की कोशिश करता है लेकिन जहां तक आप उसको समझाना चाहते हैं तो इसमें आप पर डिपेंड होता है कि आप जिन लोगों को समझा रहे हैं उनकी भूमिका क्या बंदी वर्तमान स्थिति में अगर तालमेल बनती है तो निश्चय ही आपकी बात को गौर करेगा और जब जरूरत होती है तो हर चीज अच्छी लगती है और जब जरूरत ही नहीं है तो फिर फायदा नहीं होता है तो यही समझाने का भी कारण बनता है कि जहां जरूरत लगती है तो वहां समझाया जाता है और कभी-कभी ऐसा भी हो जाता है कि हम जानबूझकर उसको समझाने का प्रयत्न करते हैं क्योंकि हमें लगता किसका और नुकसान हो जाएगा उस बिल्कुल ही मुंह करने नहीं समझ पा रहा है तोहिद करने के लिए हम उत्सुक हूं करके उसे अपनी बात समझाना चाहते हैं और रही बात कि हम दूसरों कैसे समझाएं कि जो हमारी बातें समझ जाए तो इसमें घट सकता है अगर आप व्यवहार कुशल हैं और आप दिल्ली पब्लिक रिलेशनशिप में रहते हैं तो आपको बतौर ज्ञान हो जाता अनुभव पर कि किस तरह से हमें मॉडिफाई करना चेलों को एक आकर्षण का रुझान होता है तो वह आकर्षण बिंदु आप उसको फ्लेक्स में रखिए ताकि वह गौर करें कि वह अर्थ क्या है ऐसे जैसे मदारी वाले कर शहर के पिटारे के अंदर अजीबोगरीब चीजों के बारे में संकेत देते हैं और कहते इसे में दिखाऊंगा और आश्चर्य होगा तो उसमें लोगों के घाट उतार मर जाते हैं दिमाग में पॉइंट के ऊपर यहां भी कोई भी चीज जाने दो देखने को मिलेगी तो उसी के उपरांत में वह अपने भावों और अन्य जो कार्यक्रम है वह सब कुछ बैठ कर देता है अर्थात को अपनाओ प्रयोजन सिद्ध कर लेता दूसरी चीजों में तो यही है कि बात करने में भी कोई अट्रैक्टिव चीज होती है तो लोग का कृष्ण बनता है तो उसके बावजूद बाद में चाहे कुछ भी रिजल्ट हो या वैसा नहीं हो लेकिन एक बार को एकाग्रता की दीपन करने के लिए हमें ऐसा प्रस्ताव प्रसार में लाते हैं कि जब अट्रैक्ट हो तो उसमें क्या एक आध होता बन जाती है जब एकाग्रता और रुचि बनेगी तो आप जो भी बात सही सलीके से कहेंगे तो को समझ में आएगी दूसरी बात आपको यह समझना होगा कि व्यक्ति सुनने वाला श्रोता किस स्तर का है वह किस वार्तालाप को समझने में फर्क होता है तो उसमें भी हमारे शब्दों की चैन शैली है वह भी प्रयुक्त में लाना चाहिए तो भी बहुत सारी चीजें हैं जो अपने गढ़ सोते हैं उसके हिसाब से आप बातचीत कर सकते हैं और दूसरी बात वर्तमान में किस सदी में आप समझ सकते हैं कि जो प्रजेंट टाइम में जो लोग हैं वह किस तरह के लोग हैं उनके अंदर क्या क्षमताएं हैं उनकी किस तरह की रूपरेखा है वह किस संस्कारों से निबंध है तो उस तरह के हम परिचित वातावरण को बना करके प्रस्तुत कर सकते हैं लोगों को समझ में आए और समझाने का अपना अपना तरीका होता है तो वह बातों में ऊंची जलानी चाहिए जो विश्व अनीता के आधार पर बढ़ता है तो उसमें आपकी बातों में विश्वास रखा जाए और यही चीज है कि विश्वास एक बहुत बड़ी चीज होती है इंसान के अंदर तो यह पूर्व में ही हम अपनी इमेज पैसा बना लेते हैं कि लोग निश्चय ही सुनते हैं समझते हैं तो यह सारी चीजें हैं कि आप उस वातावरण का सृजन करके आप अपना कार्यक्रम प्रचार करेंगे कोई विचारधाराओं की तो लोग निश्चित ही सुनेंगे और यह अपना धर्म होता प्रस्तुत करने का अगर ऐसा वातावरण सजा दी है कि लोगों का आकर्षण और जान आपकी तरफ बढ़ चलता है तो फिर आप को समझाने में कोई तकलीफ हुई हो तो दूसरी बात आपके अंदर की विवेचना मुद्दा है कि आप उसको किस ढंग से समझा पा रहे हैं उसमें क्या विशेषता दिखा रहे हैं क्या लाभ कि हम भूमिका उसमें जो भर्ती है तो यह सारी चीज है एक आकर्षण बिंदुओं पर ही परंपरा बढ़ती है तो अपनी रोचकता के लिए कुछ ना कुछ इस प्रकार का निरीक्षण करना चाहिए अभ्यास करना चाहिए लगता है अपने को शाम को मीटिंग होती है कि यह बातों में जान है या नहीं है तो इत्यादि बातें शुरू राम की सूझबूझ से समझ करके फिर आपको उस चैप्टर को आ गए लोगों के प्रति अपनी विचारधाराओं को वादा न प्रदान करें तो निश्चय ही आप को समझाने में कोई देवता नहीं होगी धन्यवाद बजे पीयू कि वह कल ऐप से आपको शुभकामनाएं
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प्रश्न ने अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए अपनी बातों को दूसरे
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सियाराम दुबे

Tech YouTuber & Spiritual Person

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जय श्रीमन्नारायण आप ने प्रश्न किया है कि अपने बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोग को समझ आ जाए देखिए आपके पास एक खास पिकनिक कोई बात को कहने से पहले होनी चाहिए अगर आप सामने वाले को किसी उदाहरण से समझा एंगे तो आपसे ज्यादा प्रभावित होगा और आपको आपके जो कहे गए शब्द है उसमें ज्यादा विश्वास करेगा तो अगर आप कुछ ऐसा सेट कर सकते हैं कि उदाहरण के द्वारा उसे समझा सकते हैं तो वह ज्यादा प्रभावी होगा और उसका ज्यादा आप उस पर प्रभाव पड़ेगा उस बातों का
jai shrimannarayan aap ne prashna kiya hai ki apne baaton ko dusro ko kaise samjhaye ki log ko samajh aa jaaye dekhiye aapke paas ek khas picnic koi baat ko kehne se pehle honi chahiye agar aap saamne waale ko kisi udaharan se samjha enge toh aapse zyada prabhavit hoga aur aapko aapke jo kahe gaye shabd hai usme zyada vishwas karega toh agar aap kuch aisa set kar sakte hain ki udaharan ke dwara use samjha sakte hain toh vaah zyada prabhavi hoga aur uska zyada aap us par prabhav padega us baaton ka
जय श्रीमन्नारायण आप ने प्रश्न किया है कि अपने बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोग को समझ
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नमस्कार आपका प्रश्न है अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए लेकिन जब आप अपनी बात किसी से कहना चाहते हैं उसको समझाना चाहते हैं सबसे पहले तो आप को पूर्ण विश्वास होना चाहिए कि जो कुछ भी आप कह रहे हैं वह सही है और इसके साथ-साथ आप अपनी बात को छोड़ सकता आवाज में एक मजबूती से कहने के लिए आपने प्रेरणा होनी चाहिए यदि आप अपनी बात को सही तरीके से दूसरों तक नहीं पहुंचा पाते हैं तो भी आप अपनी बात को दूसरे को नहीं समझा पाते हैं इसलिए कहने का तरीका और समझाने का तरीका भी बहुत ही महत्व रखता है धन्यवाद आपका दिन शुभ
namaskar aapka prashna hai apni baaton ko dusro ko kaise samjhaye ki logo ko samajh me aa jaaye lekin jab aap apni baat kisi se kehna chahte hain usko samajhana chahte hain sabse pehle toh aap ko purn vishwas hona chahiye ki jo kuch bhi aap keh rahe hain vaah sahi hai aur iske saath saath aap apni baat ko chhod sakta awaaz me ek majbuti se kehne ke liye aapne prerna honi chahiye yadi aap apni baat ko sahi tarike se dusro tak nahi pohcha paate hain toh bhi aap apni baat ko dusre ko nahi samjha paate hain isliye kehne ka tarika aur samjhane ka tarika bhi bahut hi mahatva rakhta hai dhanyavad aapka din shubha
नमस्कार आपका प्रश्न है अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए लेकिन
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अगर आपको अपनी बात किसी दूसरे व्यक्ति को समझाना है तो अपनी बातों को सरल शब्दों में और बहुत ही आराम से बोल कर उसे समझाने का प्रयास करें उस व्यक्ति को समझ में आ जाएगा उसका स्ट्रक्चर के अनुसार ही समझा है उदाहरण देकर समझाएं उस व्यक्ति को पूरी तरह से समझ में आ जाएगा
agar aapko apni baat kisi dusre vyakti ko samajhana hai toh apni baaton ko saral shabdon me aur bahut hi aaram se bol kar use samjhane ka prayas kare us vyakti ko samajh me aa jaega uska structure ke anusaar hi samjha hai udaharan dekar samjhaye us vyakti ko puri tarah se samajh me aa jaega
अगर आपको अपनी बात किसी दूसरे व्यक्ति को समझाना है तो अपनी बातों को सरल शब्दों में और बहुत
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Dr. Swatantra Jain

Psychologist And Parenting Coach

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रश्मि अपनी बातों को दूसरों को कैसे चलता है कि लोगों को सबसे ज्यादा देखी अगर आपके पास लोगों को समझ नहीं आती इसका मतलब है कि आप वापस नहीं लौटे या आप कुछ बात कहनी है उसे कहने नहीं आ रही जो आपकी आवाज इतनी धीमी है कि उनको सुनाई नहीं देती यह आपकी बोलने की गति ही आने स्पीड इतनी तेज है कि आधे अक्षर आपके मम्मी रह जाते हैं और दूसरों के पल्ले नहीं पड़ती तो अपनी बात को समझाने के लिए भाषा को स्पष्ट होना क्लियर होना भी में होना मतलब एक आदर्श गति में होना बहुत जरूरी है और कई बार बॉडी लैंग्वेज खराब कहना कुछ चाहते हैं बॉडी लैंग्वेज कुछ और कह रही है तो उससे भी नहीं पता लगता या बॉडी लैंग्वेज से आप क्या गलत इंप्रेशन पड़ जाए तो आप आपके सुनने की तरफ ध्यान नहीं जाता आपकी बॉडी लैंग्वेज की तरफ ज्यादा ध्यान जाता है तो इसलिए दूसरे को समझ आ जाए अपनी बात करी कैसे रखें के विचारों बातें जो मैंने कही उसमें स्पष्ट हुआ और अगर आपको कमी लगती है तो कम्युनिकेशन स्किल्स की वर्षा होती है सिखाई जाती है कौन से खाते हैं ऑनलाइन देखी जा सकती है क्योंकि आपको कम्युनिकेशन स्किल की बेहद जरूरत है कम्युनिकेट कैसे करें दोस्तों को अपने विचारों को कैसे प्रकट करना अपनी राय बताने तो कैसे शब्दों में बताएं कैसे प्रभावशाली शब्दों में बताएं प्रभावशाली तरीके से बताएं कि दूसरे को समझ में आ जाए अपने प्रभावशाली तरीके से रखने पर देखे नहीं आपने ऐसे व्यक्ति क्या ऐसे बच्चे जो अपनी बात कहना चाहते हैं और फिर उसको कई बार शुरू करते फिर बात ही नहीं सही कह सकते हैं तो अपने मन में उसकी रूपरेखा बनाई आप क्या कहना चाह रहे हैं खुद से बोलिए रिकॉर्ड करिए मिरर में देख कर बोलिए आपको पता लगेगा कि आप क्या बोल रहे हो स्पष्ट में खुद सुलाने की कोशिश करें फिर दूसरे के सामने रखे घर वालों से पूछिए आप बेस्ट हो रहे हैं उनको मतलब समझ में आ रहा है पता क्या होता है कि कई बार आपकी भाषा अलग है दूसरे की भाषा के मान लीजिए आप लोकल टेबल में बोलते हैं हरियाणवी आपकी दर्शाया यूपी के लोग कलाइयां बिहार का युद्ध करने वाला कि आजकल मिक्स हो गई है सब साउथ की नौकरी मिल गई दोस्त कैसे होते हैं सारी शब्दावली उसने मिक्स हो गया लिंग पुलिंग का कुछ ख्याल नहीं होता तो और फिल्में देखते हैं लोग समझ जाते हैं लेकिन शायद इसलिए भी के फिल्म देखते हुए लोगों को इंटरेस्ट होता है वीडियोस और किसी की कमीनी केशन अगर अच्छी ना हो तो उसकी बात सुनने को मन नहीं करता तो देखिए आपको देखना पड़ेगा आपकी क्या प्रॉब्लम है और उसी के अनुसार
rashmi apni baaton ko dusro ko kaise chalta hai ki logo ko sabse zyada dekhi agar aapke paas logo ko samajh nahi aati iska matlab hai ki aap wapas nahi laute ya aap kuch baat kahani hai use kehne nahi aa rahi jo aapki awaaz itni dheemi hai ki unko sunayi nahi deti yah aapki bolne ki gati hi aane speed itni tez hai ki aadhe akshar aapke mummy reh jaate hain aur dusro ke palle nahi padti toh apni baat ko samjhane ke liye bhasha ko spasht hona clear hona bhi me hona matlab ek adarsh gati me hona bahut zaroori hai aur kai baar body language kharab kehna kuch chahte hain body language kuch aur keh rahi hai toh usse bhi nahi pata lagta ya body language se aap kya galat impression pad jaaye toh aap aapke sunne ki taraf dhyan nahi jata aapki body language ki taraf zyada dhyan jata hai toh isliye dusre ko samajh aa jaaye apni baat kari kaise rakhen ke vicharon batein jo maine kahi usme spasht hua aur agar aapko kami lagti hai toh communication skills ki varsha hoti hai sikhai jaati hai kaun se khate hain online dekhi ja sakti hai kyonki aapko communication skill ki behad zarurat hai kamyuniket kaise kare doston ko apne vicharon ko kaise prakat karna apni rai batane toh kaise shabdon me bataye kaise prabhavshali shabdon me bataye prabhavshali tarike se bataye ki dusre ko samajh me aa jaaye apne prabhavshali tarike se rakhne par dekhe nahi aapne aise vyakti kya aise bacche jo apni baat kehna chahte hain aur phir usko kai baar shuru karte phir baat hi nahi sahi keh sakte hain toh apne man me uski rooprekha banai aap kya kehna chah rahe hain khud se bolie record kariye mirror me dekh kar bolie aapko pata lagega ki aap kya bol rahe ho spasht me khud sulane ki koshish kare phir dusre ke saamne rakhe ghar walon se puchiye aap best ho rahe hain unko matlab samajh me aa raha hai pata kya hota hai ki kai baar aapki bhasha alag hai dusre ki bhasha ke maan lijiye aap local table me bolte hain hariyanvi aapki darshaya up ke log kalaiyan bihar ka yudh karne vala ki aajkal mix ho gayi hai sab south ki naukri mil gayi dost kaise hote hain saari shabdavli usne mix ho gaya ling puling ka kuch khayal nahi hota toh aur filme dekhte hain log samajh jaate hain lekin shayad isliye bhi ke film dekhte hue logo ko interest hota hai videos aur kisi ki kamini kaisan agar achi na ho toh uski baat sunne ko man nahi karta toh dekhiye aapko dekhna padega aapki kya problem hai aur usi ke anusaar
रश्मि अपनी बातों को दूसरों को कैसे चलता है कि लोगों को सबसे ज्यादा देखी अगर आपके पास लोगों
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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आपका प्रश्न है अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए लोगों को समझाने के लिए आपको सामने वाले के बौद्धिक स्तर उसके दृष्टिकोण उसके स्वभाव और अंतर्गत को समझना पड़ेगा किसी भी समाज में यज्ञ में यह महत्वपूर्ण नहीं है उसे क्या समझाते हैं यह है कि सामने वाला कितना समझ चुका यह सामने वाला कितना समझ पाया यह ज्यादा महत्वपूर्ण और ऐसा करने के लिए आपको सामने वाले के बौद्धिक स्तर रुचि को ध्यान में रखकर आपको संवाद करना चाहिए
aapka prashna hai apni baaton ko dusro ko kaise samjhaye ki logo ko samajh me aa jaaye logo ko samjhane ke liye aapko saamne waale ke baudhik sthar uske drishtikon uske swabhav aur antargat ko samajhna padega kisi bhi samaj me yagya me yah mahatvapurna nahi hai use kya smajhate hain yah hai ki saamne vala kitna samajh chuka yah saamne vala kitna samajh paya yah zyada mahatvapurna aur aisa karne ke liye aapko saamne waale ke baudhik sthar ruchi ko dhyan me rakhakar aapko samvaad karna chahiye
आपका प्रश्न है अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए लोगों को समझा
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Kankan Sarmah

Psychologist

0:52
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अपने बातों को दूसरों को कैसे समझे कि लोगों को समझ जाए दोस्तों सीधी से बातें आप उनको सिंपल बिल्कुल सिंपल तरीके से बताएं जो आपको बोलना है उस पर फॉरवर्ड हो कर बताइए घुमा फिरा कर आप बात ना करें क्योंकि आप जितना घुमा फिरा कर बात करेंगे उतना ही उनको समझने के लिए कठिनाई सुस्ती होंगे लोगों को समझने की प्रॉब्लम हो सकता है तो इसलिए आप बातों को घुमा फिरा के नाम बोलकर सिंपल सिंपल हो सकते हो सकता है समझने में भी आसान होगा सुनने में भी आसान है और बोलने में भी
apne baaton ko dusro ko kaise samjhe ki logo ko samajh jaaye doston seedhi se batein aap unko simple bilkul simple tarike se bataye jo aapko bolna hai us par forward ho kar bataiye ghuma fira kar aap baat na kare kyonki aap jitna ghuma fira kar baat karenge utana hi unko samjhne ke liye kathinai susti honge logo ko samjhne ki problem ho sakta hai toh isliye aap baaton ko ghuma fira ke naam bolkar simple simple ho sakte ho sakta hai samjhne me bhi aasaan hoga sunne me bhi aasaan hai aur bolne me bhi
अपने बातों को दूसरों को कैसे समझे कि लोगों को समझ जाए दोस्तों सीधी से बातें आप उनको सिंपल
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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor

1:05
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अपने बातों को दूसरों को कैसे समझाए के लोगों को समझ लो अपनी बातों को हमेशा प्रभावी ढंग से दूसरों के संबंध में जो भी आप बात कर रहे हैं उसमें पैक्ट होनी चाहिए सच्चाई होनी चाहिए और जो दूसरों को बेहतर सेटिस्फाइड कर ले जाए ऐसी बातें ना करें उसके 306 और टॉपिक अच्छे हो और दूसरा एक प्रभावी ढंग से जवाब प्रस्तुत करेंगे इतने सुस्त और बोलो आपकी बातों से प्रभावित होगी और उसको रखते हैं तो बड़े अच्छे ढंग से यह नहीं कि आपकी जो भाषा और उसके बंदर विनम्रता हो प्यार हो और एक प्रभा हो जिससे लगे कि हां यह भी बंद आ रहा है उसे समझेंगे और उसको सही तथ्यों को देख करके सही गम पल्ले करके सही करें
apne baaton ko dusro ko kaise samjhaye ke logo ko samajh lo apni baaton ko hamesha prabhavi dhang se dusro ke sambandh me jo bhi aap baat kar rahe hain usme pact honi chahiye sacchai honi chahiye aur jo dusro ko behtar setisfaid kar le jaaye aisi batein na kare uske 306 aur topic acche ho aur doosra ek prabhavi dhang se jawab prastut karenge itne sust aur bolo aapki baaton se prabhavit hogi aur usko rakhte hain toh bade acche dhang se yah nahi ki aapki jo bhasha aur uske bandar vinamrata ho pyar ho aur ek prabha ho jisse lage ki haan yah bhi band aa raha hai use samjhenge aur usko sahi tathyon ko dekh karke sahi gum palle karke sahi kare
अपने बातों को दूसरों को कैसे समझाए के लोगों को समझ लो अपनी बातों को हमेशा प्रभावी ढंग से द
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Pankaj Kumar (MATHS GURU)

Motivational Speaker | High Sch.Teacher

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यदि आप दूसरे को अपने विचारों को बताना चाहते हैं उनको समझाना चाहते हैं तो हमेशा सही बात हो बताओ पॉजिटिव चीज को बोले नकारात्मक चीज को नहीं भूले उसे नेगेटिव ऊर्जा आती है इसलिए जो भी बोले लोगों को सही रास्ते में मोटिवेट करने वाली बात बताने दूसरे हमेशा जीवन से संबंधित अच्छी-अच्छी बातों को बताना चाहिए कैसे जीवन में लोग सफल हो पाते हैं कैसे वेरी-वेरी चीज को प्राप्त करते हैं कैसे अपने बिजनेस में सफल होते हैं हमेशा अपने घर परिवार माहौल में शिक्षा की बात होनी चाहिए शिक्षा के बल पर इंसान बड़े-बड़े पोस्ट को प्राप्त करते हैं चाहे डॉक्टर से इंजीनियर प्रोफेसर या राजनीति की हो या बहुत बड़े समाज सुधारक हो या सामाजिक कार्यकर्ता हूं किसी भी चीज को करने के लिए जज्बा चाहिए मेहनत चाहिए प्रेषण चाहिए और धायरी सबसे ज्यादा जरूरी है
yadi aap dusre ko apne vicharon ko batana chahte hain unko samajhana chahte hain toh hamesha sahi baat ho batao positive cheez ko bole nakaratmak cheez ko nahi bhule use Negative urja aati hai isliye jo bhi bole logo ko sahi raste me motivate karne wali baat batane dusre hamesha jeevan se sambandhit achi achi baaton ko batana chahiye kaise jeevan me log safal ho paate hain kaise very very cheez ko prapt karte hain kaise apne business me safal hote hain hamesha apne ghar parivar maahaul me shiksha ki baat honi chahiye shiksha ke bal par insaan bade bade post ko prapt karte hain chahen doctor se engineer professor ya raajneeti ki ho ya bahut bade samaj sudharak ho ya samajik karyakarta hoon kisi bhi cheez ko karne ke liye jajba chahiye mehnat chahiye preshan chahiye aur dhayri sabse zyada zaroori hai
यदि आप दूसरे को अपने विचारों को बताना चाहते हैं उनको समझाना चाहते हैं तो हमेशा सही बात हो
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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician

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राम राम जी की आपका प्रश्न है आपने अपने बातों को दूसरों कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए तो आपके प्रश्न का उत्तर है कि आप अपनी बातों को आराम से रख कर धीरे धीरे बताएं और ऐसी कला से बताएं कि उनको आपकी बातें समझ में आए लोगों को समझाने के लिए थोड़ा पेशेंट चाहिए होता है पहले उनकी सुने सुन करके उनकी बातों को समझा और धीरे-धीरे बताएं कि आपके बहुत धन्यवाद
ram ram ji ki aapka prashna hai aapne apne baaton ko dusro kaise samjhaye ki logo ko samajh me aa jaaye toh aapke prashna ka uttar hai ki aap apni baaton ko aaram se rakh kar dhire dhire bataye aur aisi kala se bataye ki unko aapki batein samajh me aaye logo ko samjhane ke liye thoda patient chahiye hota hai pehle unki sune sun karke unki baaton ko samjha aur dhire dhire bataye ki aapke bahut dhanyavad
राम राम जी की आपका प्रश्न है आपने अपने बातों को दूसरों कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ ज
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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

0:22
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उसने अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए तो देखे यहां को बताए जाएंगे कि अगर आप दूसरों की बातों को अपनी बातें मला समझाना चाहता दूसरे लोगों को तो सबसे पहले आपको उनके लेवल पर जाना पड़ेगा उनकी बातों को सुनना समझना पड़ेगा तभी आप उनके अकॉर्डिंग्ली अपनी बात रख पाएंगे और उनको समझा पाएंगे मैं शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद
usne apni baaton ko dusre ko kaise samjhaye ki logo ko samajh me aa jaaye toh dekhe yahan ko bataye jaenge ki agar aap dusro ki baaton ko apni batein mala samajhana chahta dusre logo ko toh sabse pehle aapko unke level par jana padega unki baaton ko sunana samajhna padega tabhi aap unke akardingli apni baat rakh payenge aur unko samjha payenge main subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad
उसने अपनी बातों को दूसरे को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ में आ जाए तो देखे यहां को बताए जाए
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आपका पिकनिक अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों के समझ में आ जाए अगर आप अपनी तरफ से कोई बात कीजिए को समझाना चाहते हैं तो दूसरे लोग उसको बेमतलब की निरर्थक और चने खराब करने वाली या आपके काम की नहीं है यह सोच कर बात को अनसुनी कर देते हैं हरि मानव स्वभाव में कि बिन मांगे अगर आप किसी को सुना देंगे या सुझाव देंगे तो उसका कोई मोल नहीं आते लेकिन वही सुझाव तड़पने के बाद उनकी बेचैनी के बाद उनकी परेशानी के बाद उनको और कष्ट उठाने के बाद बताए तो वह अमृत बन जाता है और वह अमूल्य बन जाता है क्या फर्क है दोनों बातों में एक विद्वान व्यक्ति ने एक आपके हितेषी ने समय रहते आपको सुझाव दिया कि आप इसको ऐसे कर दीजिए ना कि भविष्य में यह समस्या ना आए और आपने उसको ठुकरा दिया पर अब जब आपको जरूरत पड़ी है तो आप लाख कीमत देकर भी उसे हासिल नहीं कर पा रहे तो फिर आप अब पछताए होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत तो ईमान कर जानिए कि इसको ऐसे ही मान कर चलिए अगर आप भोजन करके संतुष्ट हैं आपका पेट भरा हुआ है तरफ से कोई व्यक्ति कितनी ही अच्छी आपको मिठाई अच्छा भोजन या कोई अच्छी चार्ट आपको खाने को देता है तो संभव था खा नहीं पाएंगे क्योंकि आप तड़पते ट्रक का मतलब आपके पेट में जगह नहीं है और अगर लालची कितनी दोगे तो लेकर रख लेंगे थोड़ा खाएंगे बाकी अगले दिन के लिए रख देंगे कि कल सुबह खा लेंगे रात को खाने अन्यथा आप कुछ खाएंगे नहीं खा नहीं सकते क्यों नहीं खा सकते आप को दिखाने के लिए जो मैं आपका वेट करते हैं ऐसी स्थिति में आपके मान के चलो कि आपको जीवन में जो लोग निसंदेह अगर आपको उनके रहते शाह देते हैं आपके काम को अपनी बातों को सुनना चाहते हैं तो आप उसको डाल देते तो वह लोग नहीं समझते तो आप इंतजार कीजिए उस समय का इंतजार कीजिए जब उन्हें जब मत हो तब आप अपनी विषयक उनके समक्ष रखी ताकि वह आपकी बात समझ सके तो एक कहावत सही है इंसान को कोई नहीं सिखा सकता लेकिन समय बड़े से बड़े इंसान को सब कुछ सिखा देता है
aapka picnic apni baaton ko dusro ko kaise samjhaye ki logo ke samajh me aa jaaye agar aap apni taraf se koi baat kijiye ko samajhana chahte hain toh dusre log usko bematalab ki nirarthak aur chane kharab karne wali ya aapke kaam ki nahi hai yah soch kar baat ko anasuni kar dete hain hari manav swabhav me ki bin mange agar aap kisi ko suna denge ya sujhaav denge toh uska koi mole nahi aate lekin wahi sujhaav tadpane ke baad unki bechaini ke baad unki pareshani ke baad unko aur kasht uthane ke baad bataye toh vaah amrit ban jata hai aur vaah amuly ban jata hai kya fark hai dono baaton me ek vidhwaan vyakti ne ek aapke hiteshi ne samay rehte aapko sujhaav diya ki aap isko aise kar dijiye na ki bhavishya me yah samasya na aaye aur aapne usko thukara diya par ab jab aapko zarurat padi hai toh aap lakh kimat dekar bhi use hasil nahi kar paa rahe toh phir aap ab pachtaye hot kya jab chidiya chug gayi khet toh iman kar janiye ki isko aise hi maan kar chaliye agar aap bhojan karke santusht hain aapka pet bhara hua hai taraf se koi vyakti kitni hi achi aapko mithai accha bhojan ya koi achi chart aapko khane ko deta hai toh sambhav tha kha nahi payenge kyonki aap tadpate truck ka matlab aapke pet me jagah nahi hai aur agar lalchi kitni doge toh lekar rakh lenge thoda khayenge baki agle din ke liye rakh denge ki kal subah kha lenge raat ko khane anyatha aap kuch khayenge nahi kha nahi sakte kyon nahi kha sakte aap ko dikhane ke liye jo main aapka wait karte hain aisi sthiti me aapke maan ke chalo ki aapko jeevan me jo log nisandeh agar aapko unke rehte shah dete hain aapke kaam ko apni baaton ko sunana chahte hain toh aap usko daal dete toh vaah log nahi samajhte toh aap intejar kijiye us samay ka intejar kijiye jab unhe jab mat ho tab aap apni vishayak unke samaksh rakhi taki vaah aapki baat samajh sake toh ek kahaavat sahi hai insaan ko koi nahi sikha sakta lekin samay bade se bade insaan ko sab kuch sikha deta hai
आपका पिकनिक अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों के समझ में आ जाए अगर आप अपनी तरफ
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Gopal Srivastava

Acupressure Acupucture Therapist

0:36
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Deepaben R.Shimpi

Mind Trainer | Trainer Motivational | Trainer Textbook Writer don't Copy My Answer

0:32
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आपको पहले यह देखता होगा कि आपके सामने कौन है वह कौन सी भाषा समझ सकते हैं तो उनके लिए वही भाषा में बातचीत करना बहुत सरल होगा जो भाषा को समझ सकते हैं तो आपकी बात दूसरों को समझाने के लिए सरल भाषा का प्रयोग कीजिए तो दूसरे लोग आपकी भाषा तुरंत समझ जाएंगे
aapko pehle yah dekhta hoga ki aapke saamne kaun hai vaah kaun si bhasha samajh sakte hain toh unke liye wahi bhasha me batchit karna bahut saral hoga jo bhasha ko samajh sakte hain toh aapki baat dusro ko samjhane ke liye saral bhasha ka prayog kijiye toh dusre log aapki bhasha turant samajh jaenge
आपको पहले यह देखता होगा कि आपके सामने कौन है वह कौन सी भाषा समझ सकते हैं तो उनके लिए वही भ
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Aniel K Kumar Imprints

NLP Master Life Coach, Motivational Speaker

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नमस्कार अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाते के लोगों के समझ में आए तो आप बताने लगते हैं तो यह पॉइंट लेकर चले के सामने वाले को क्या फायदा होने वाला उसका स्विच ऑफ बताएं यदि आप अपने फेस पर फोकस करोगे अपनी जो आपकी फैसिलिटी है जो आप सुविधा दे दो उनका फोकस करोगे तो कोई नहीं सुनने वाला यदि आप सामने वाले को समझाने वाले समझाना चाहते हो तो उससे जो समझाना चाहते हो उस बात से उनको क्या फायदा होने वाला है उसका कुछ फायदा होगा
namaskar apni baaton ko dusro ko kaise smajhate ke logo ke samajh me aaye toh aap batane lagte hain toh yah point lekar chale ke saamne waale ko kya fayda hone vala uska switch of bataye yadi aap apne face par focus karoge apni jo aapki facility hai jo aap suvidha de do unka focus karoge toh koi nahi sunne vala yadi aap saamne waale ko samjhane waale samajhana chahte ho toh usse jo samajhana chahte ho us baat se unko kya fayda hone vala hai uska kuch fayda hoga
नमस्कार अपनी बातों को दूसरों को कैसे समझाते के लोगों के समझ में आए तो आप बताने लगते हैं तो
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Shubham Saini

Software Engineer

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अगर आपको किसी को अपनी बात मनवा नी है तो आप इन बातों पर ध्यान रखें कि जिससे आप जो बात मनवाना चाहते हैं सामने वाले व्यक्ति को यह एहसास करवाया कि आप बात बहुत हद तक सही है या इससे कितने फायदे हैं या बात कितना सच है उसे यह साबित करें या उसे महसूस कराएं वह आपकी बातों से सहमत होगा और आपकी बात मानेगा
agar aapko kisi ko apni baat manva ni hai toh aap in baaton par dhyan rakhen ki jisse aap jo baat manvana chahte hain saamne waale vyakti ko yah ehsaas karvaya ki aap baat bahut had tak sahi hai ya isse kitne fayde hain ya baat kitna sach hai use yah saabit kare ya use mehsus karaye vaah aapki baaton se sahmat hoga aur aapki baat manega
अगर आपको किसी को अपनी बात मनवा नी है तो आप इन बातों पर ध्यान रखें कि जिससे आप जो बात मनवान
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RAJKUMAR

Sharp Astrology

3:40
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हरि ही हो आप लोग इतना विश्वास करते हैं आपकी बातों से लेकर वह कितना इंटरेस्ट है वह देख लीजिए दूसरी बात आपकी बातों में कहां पर कमी है यह देख लीजिए अगर आपको आपकी बातों की कमी पता नहीं तो मैं बता देता हूं मगर आप ने प्रश्न किया अमेरिका का और मैं जवाब दे रहा हूं जापान का तो कहां से हटाने वालों को समझ में आएगी अगर आपने इंग्लिश आप अगर आप इंग्लिश नहीं जानते हो और मैं आपको रिप्लाई कर रहा हूं इंग्लिश में आपको कहां से समझ में आएगा अगर आप चाहते हो कि आपको जानकारी फुटबॉल की मिले और मैं आपको क्रिकेट के बारे में बताता रहा हूं काम पर कहां समझ में आएगा क्योंकि आपका इंटरेस्ट कहां पर है क्रिकेट की जानकारी दे रहा हूं तो आपको विरोध विरोधी बात कर रहा हूं अगर आप पिक्चर है और मैं आपको सनी लियोन की बात कराओ तो भाग जाएगा तो दोस्तों आने वाले को क्या चाहिए उसकी क्या स्टेटस है आपके जवाब के पीछे आपके समझाने के बीच का क्या मकसद है वह आपकी समझ के साथ जुड़ा हुआ है या नहीं है तभी वह समझेगा ना देखो मेरा एस्ट्रोलॉजी का फील्ड है तो मैं अपने जब मित्र से मिलता हूं तो मैं उसको बता देता हूं कि कभी तेरे पर राहु की दशा चल रही है ना तो तुझे यह घोटाला तेरे साथ होगा तो बस यहां पर मैं रुक गया तो घोटाला होने वाला है सामने से समझने के लिए घोटाला होने वाला है रिप्लाई नहीं होती है लेकिन वह नेचर के हिसाब से मैंने उसको पकड़ लिया फिर मेरा मार्केटिंग कभी बिजनेस प्रोडक्ट देखता हूं तो कहता हूं उसको इसमें इंटरेस्ट नहीं है उसको पैरों में प्रॉब्लम है आप सिर की बात करें तो उसमें इसको इंटरेस्ट ही नहीं है तो आप अगर पैरों की दवा बताते हो कि प्रोडक्ट हड्डियों में जो भी प्रॉब्लम होता है डायरेक्ट इतने अच्छे हो जाओगे इतनी जोरदार हमारी प्रोडक्ट है दो दो बात में आपकी इंटरेस्ट लेने लगेगा क्यों क्योंकि आपने उसके मतलब का जवाब दिया है उसके सवाल का जवाब दिया है आपने अपने बिजनेस के लिए सिर की दवा नहीं दिए उसके हित की बात की है आपने अपनी इतना नहीं सोचा आपने आपका ही दी से जुड़ा हुआ अपने उसके हित के बारे में जवाब दिया है ऐसे ही दोस्तों लोगों को समझाया जा सकता है ओम शांति ही
hari hi ho aap log itna vishwas karte hain aapki baaton se lekar vaah kitna interest hai vaah dekh lijiye dusri baat aapki baaton me kaha par kami hai yah dekh lijiye agar aapko aapki baaton ki kami pata nahi toh main bata deta hoon magar aap ne prashna kiya america ka aur main jawab de raha hoon japan ka toh kaha se hatane walon ko samajh me aayegi agar aapne english aap agar aap english nahi jante ho aur main aapko reply kar raha hoon english me aapko kaha se samajh me aayega agar aap chahte ho ki aapko jaankari football ki mile aur main aapko cricket ke bare me batata raha hoon kaam par kaha samajh me aayega kyonki aapka interest kaha par hai cricket ki jaankari de raha hoon toh aapko virodh virodhi baat kar raha hoon agar aap picture hai aur main aapko sunny leone ki baat karao toh bhag jaega toh doston aane waale ko kya chahiye uski kya status hai aapke jawab ke peeche aapke samjhane ke beech ka kya maksad hai vaah aapki samajh ke saath juda hua hai ya nahi hai tabhi vaah samjhega na dekho mera astrology ka field hai toh main apne jab mitra se milta hoon toh main usko bata deta hoon ki kabhi tere par rahu ki dasha chal rahi hai na toh tujhe yah ghotala tere saath hoga toh bus yahan par main ruk gaya toh ghotala hone vala hai saamne se samjhne ke liye ghotala hone vala hai reply nahi hoti hai lekin vaah nature ke hisab se maine usko pakad liya phir mera marketing kabhi business product dekhta hoon toh kahata hoon usko isme interest nahi hai usko pairon me problem hai aap sir ki baat kare toh usme isko interest hi nahi hai toh aap agar pairon ki dawa batatey ho ki product haddiyon me jo bhi problem hota hai direct itne acche ho jaoge itni jordaar hamari product hai do do baat me aapki interest lene lagega kyon kyonki aapne uske matlab ka jawab diya hai uske sawaal ka jawab diya hai aapne apne business ke liye sir ki dawa nahi diye uske hit ki baat ki hai aapne apni itna nahi socha aapne aapka hi di se juda hua apne uske hit ke bare me jawab diya hai aise hi doston logo ko samjhaya ja sakta hai om shanti hi
हरि ही हो आप लोग इतना विश्वास करते हैं आपकी बातों से लेकर वह कितना इंटरेस्ट है वह देख लीजि
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जब किसी भी बात को आप तथ्यपरक तरीके से समझा देंगे आपकी बातों में 4 से 20 तक होनी चाहिए कोई आधार होना चाहिए और उस आधार को सत्य के तरीके प्रसिद्ध कर समझाएं तो लोगों को आपकी बात समझ में आ जाए और उसके कीजिए किसी से झूठ ना बोलिए
jab kisi bhi baat ko aap tathyaparak tarike se samjha denge aapki baaton me 4 se 20 tak honi chahiye koi aadhar hona chahiye aur us aadhar ko satya ke tarike prasiddh kar samjhaye toh logo ko aapki baat samajh me aa jaaye aur uske kijiye kisi se jhuth na bolie
जब किसी भी बात को आप तथ्यपरक तरीके से समझा देंगे आपकी बातों में 4 से 20 तक होनी चाहिए कोई
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Kanhaiya Narang

Life Coach, Mind Coach, Business Coach

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अपनी बातों को दूसरों को समझाने के लिए दो मुख्य बातें बताता हूं आज पहला है धैर्य और दूसरे संयम अगर आप किसी भी व्यक्ति के साथ में बात करें और धैर्य और संयम बना के रखे तो दूसरे आपकी बात को अवश्य समझेंगे इसके अलावा बहुत सारी चीजें कारण कारक एलिमेंट्स और भी हैं जैसे कि अगर आप किसी को कुछ समझाना चाहते हैं तो क्या उसके बारे में आपको क्या ज्ञान है जिस व्यक्ति को आप समझाना चाहते हैं कहीं आप उसको बेवकूफ तो नहीं समझ रहे ऐसा संरचना बिल्कुल गलत है क्योंकि जब आप किसी को अपनी बात समझाना चाहते हैं तो आप पहले यह समझे कि वह समझदार है उसके पास भी दिमाग है आपकी वह बात तब समझ रहा है क्योंकि उसके पास में दिमाग है अब आप यह सोचे कि आप इसके पास तो दिमाग ही नहीं हो रही मेरी बात समझ ले तो आपने पहले ही सोच लिया उसके पास दिमाग नहीं है तो आप की बात कैसे जान जाएगा इसमें दूसरों को सम्मान की दृष्टि से भी देखे कीजिए उनके पास भी दिमाग है और मैं अपनी बात उनको पहुंचा सकता हूं इसके अलावा आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स आपकी बातचीत करने की कला वह भी बहुत स्ट्रांग होनी चाहिए तभी आप अपनी बात जो है दूसरों को समझा पाएंगे तो कुछ एक चीजें ऐसी हैं जिनको आप करें फिर आप पोलाइट रहे लोगों के साथ हम्बल रहे प्रेम पूर्वक बात करें तो यह सब कुछ जब आप पूरी तरह से मिश्रित करेंगे जिससे भोजन में सलाद चटनी आटा दाल चावल सब्जी सब चीजें मिली होती वैसे ही किसी को समझाने के लिए भी आपके विचारों में बहुत सारी चीजें जो है वह मिश्रित होती जब उन सब का मिश्रण आप बनाएंगे तभी आप किसी को समझा पाएंगे
apni baaton ko dusro ko samjhane ke liye do mukhya batein batata hoon aaj pehla hai dhairya aur dusre sanyam agar aap kisi bhi vyakti ke saath me baat kare aur dhairya aur sanyam bana ke rakhe toh dusre aapki baat ko avashya samjhenge iske alava bahut saari cheezen karan kaarak elements aur bhi hain jaise ki agar aap kisi ko kuch samajhana chahte hain toh kya uske bare me aapko kya gyaan hai jis vyakti ko aap samajhana chahte hain kahin aap usko bewakoof toh nahi samajh rahe aisa sanrachna bilkul galat hai kyonki jab aap kisi ko apni baat samajhana chahte hain toh aap pehle yah samjhe ki vaah samajhdar hai uske paas bhi dimag hai aapki vaah baat tab samajh raha hai kyonki uske paas me dimag hai ab aap yah soche ki aap iske paas toh dimag hi nahi ho rahi meri baat samajh le toh aapne pehle hi soch liya uske paas dimag nahi hai toh aap ki baat kaise jaan jaega isme dusro ko sammaan ki drishti se bhi dekhe kijiye unke paas bhi dimag hai aur main apni baat unko pohcha sakta hoon iske alava aapki communication skills aapki batchit karne ki kala vaah bhi bahut strong honi chahiye tabhi aap apni baat jo hai dusro ko samjha payenge toh kuch ek cheezen aisi hain jinako aap kare phir aap polite rahe logo ke saath humble rahe prem purvak baat kare toh yah sab kuch jab aap puri tarah se mishrit karenge jisse bhojan me salad chatni atta daal chawal sabzi sab cheezen mili hoti waise hi kisi ko samjhane ke liye bhi aapke vicharon me bahut saari cheezen jo hai vaah mishrit hoti jab un sab ka mishran aap banayenge tabhi aap kisi ko samjha payenge
अपनी बातों को दूसरों को समझाने के लिए दो मुख्य बातें बताता हूं आज पहला है धैर्य और दूसरे
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अपनी बातों को दूसरों की दूसरों को समझाने के लिए उसी तरह से बात करें जैसे वह प्रश्न पूछ रहा है उसका आंसर भी उसी लहजे में देना चाहिए कई बार ऐसा होता है कि हम लोग बड़े ही क्या जलवे में किसी बात का आंसर दे देते हैं तो शायद उसे बोलना समझ आया कई बार ऐसा होता है कि बड़े कैजुअल क्वेश्चनिंग होती है और हम बड़ा डिफाइन करके उसका आंसर दे तो जिस तरह से क्वेश्चन बहुत होता है उसी तरह से उसके लाइसेंस लेना चाहिए ताकि उसको समझा जाए
apni baaton ko dusro ki dusro ko samjhane ke liye usi tarah se baat kare jaise vaah prashna puch raha hai uska answer bhi usi lahaje me dena chahiye kai baar aisa hota hai ki hum log bade hi kya jalwe me kisi baat ka answer de dete hain toh shayad use bolna samajh aaya kai baar aisa hota hai ki bade Casual kweshchaning hoti hai aur hum bada define karke uska answer de toh jis tarah se question bahut hota hai usi tarah se uske license lena chahiye taki usko samjha jaaye
अपनी बातों को दूसरों की दूसरों को समझाने के लिए उसी तरह से बात करें जैसे वह प्रश्न पूछ रहा
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उससे बहुत सारे उदाहरण देकर समझा सकते हैं तथा उससे अपने पे पीते हुए अपने पर देते हुए अपने फिर भी तेज है कठिनाइयों को अच्छी तरीके से उसे समझाना चाहिए तथा उससे और भी अन्य महत्वपूर्ण उदाहरण देकर उसे समझा सकता
usse bahut saare udaharan dekar samjha sakte hain tatha usse apne pe peete hue apne par dete hue apne phir bhi tez hai kathinaiyon ko achi tarike se use samajhana chahiye tatha usse aur bhi anya mahatvapurna udaharan dekar use samjha sakta
उससे बहुत सारे उदाहरण देकर समझा सकते हैं तथा उससे अपने पे पीते हुए अपने पर देते हुए अपने
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Dwivedi

Student

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Ritika

Teacher

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नमस्कार दोस्तों आज का प्रश्न है अपनी बातों से दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ आ जाए लेकिन आप जो भी बोलने बिल्कुल स्पष्ट बोलने और एक विनम्रता पूर्वक स्वभाव में बोले और अपनी बात को साबित करने के लिए उसके फायदे बताएं कि सामने वाला खुद-ब-खुद मजबूर हो जाए और आपका जो भी पढ़ना है चीजों को समझाने का बिल्कुल क्लियर होना चाहिए कि सामने वाले के एकदम को बात दिल में लग जाए और सामने वाला आपकी बात मानने पर मजबूर हो जाए उसको अपने सारे तरीके से समझाइए कि आप ही मजबूत है धन्यवाद आपका दिन शुभ हो
namaskar doston aaj ka prashna hai apni baaton se dusro ko kaise samjhaye ki logo ko samajh aa jaaye lekin aap jo bhi bolne bilkul spasht bolne aur ek vinamrata purvak swabhav me bole aur apni baat ko saabit karne ke liye uske fayde bataye ki saamne vala khud bsp khud majboor ho jaaye aur aapka jo bhi padhna hai chijon ko samjhane ka bilkul clear hona chahiye ki saamne waale ke ekdam ko baat dil me lag jaaye aur saamne vala aapki baat manne par majboor ho jaaye usko apne saare tarike se samjhaiye ki aap hi majboot hai dhanyavad aapka din shubha ho
नमस्कार दोस्तों आज का प्रश्न है अपनी बातों से दूसरों को कैसे समझाएं कि लोगों को समझ आ जाए
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Jigar Doshi

Soul Trusty of Body Lets Surprise The Supreme Nature Heard The Unheard

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क्यों समझा नहीं है दूसरों को भी तो वही समझ नहीं आता दूसरों को बात समझाने का मतलब यह है या तो आप उसकी केयर करता है या परवाह करते या आपके अपने हैं स्टाफ दुख में या तकलीफ में देखा नहीं चाहते पॉइंट नंबर वन फोन नंबर टू यह है कि आप अपना अहंकार मनवाना चाहते हैं कि मुझे आपसे ज्यादा समझ में आता है इसलिए मेरी बात चुपचाप मानो समझो और मेरे कंट्रोल में मेरे अंडर में रहो तभी जाकर खुश रहोगे बना नहीं रहोगे पहले सबसे पहले यह वाईपर केशन करना ढूंढ लो समझ लो क्या चाहते क्या हो आप किसी की अच्छाई चाहते हो या किसी को कंट्रोल करना चाहते किसी का कंट्रोल करना चाहते हो इसी बात पर किसी को दबाकर रखना चाहते हो तो वह बहुत बड़ी बात है जो गलत है और कोई सामने वाला बंदा आपकी इस चीज किया वाइब्रेशन से कहीं भी बात वैसे भी नहीं समझ उसको धीरे-धीरे आईडिया जाएगा कि यह बंदा मुझे कंट्रोल करने की कोशिश में है तो मैं क्यों उसकी बात मान रही बात जहां पर अगर आप किसी का अच्छा चाहते तो सिर्फ उसको समझा दो ना अपने प्यार से अपने अपने पद से कि वही देख तेरे लिए अच्छा है और यह अच्छा नहीं है और यह मेरी निजी राय है तुम ऐसे 10 लोगों को और पूछो और उसमें से जो सही लगे वह करो उसको अपने हिसाब से अपनी जिंदगी अपनी राह चुनने की अथॉरिटी तो और फिर भी आपको लग रहा है कि अपना आपका अपना कोई गलत रास्ते पर जा रहे हैं तब उस को कंट्रोल करने की कोशिश करो उससे पहले तो उसे अपनी राह चुनने तो हर एक बंदा जन्मजात लीडर होता है जब जन्म होता है बच्चा तो उसको पता नहीं होता वह क्या होगा क्या बनेगा तो उसको डेवलप होने की कोशिश करने के लिए मदद तो कर उसको अपने हिसाब से जिंदगी जीने की अपनी राय चुनने की और अपने फैसले नहीं लिखिए ज्यादा तब जाकर वह अपने आप समझना शुरू करेगा हमें समझाने की जरूरत ही नहीं रहेगी जब सामने वाले को अच्छे बुरे की समझ खुद ही आ जाएगी अभी आपको साथ बात समझ में तो बहुत अच्छी बात है फिर भी हो कहीं अटक रहे हो तो जरूर बताना जय हिंद वंदे मातरम
kyon samjha nahi hai dusro ko bhi toh wahi samajh nahi aata dusro ko baat samjhane ka matlab yah hai ya toh aap uski care karta hai ya parvaah karte ya aapke apne hain staff dukh me ya takleef me dekha nahi chahte point number van phone number to yah hai ki aap apna ahankar manvana chahte hain ki mujhe aapse zyada samajh me aata hai isliye meri baat chupchap maano samjho aur mere control me mere under me raho tabhi jaakar khush rahoge bana nahi rahoge pehle sabse pehle yah vaipar kaisan karna dhundh lo samajh lo kya chahte kya ho aap kisi ki acchai chahte ho ya kisi ko control karna chahte kisi ka control karna chahte ho isi baat par kisi ko dabakar rakhna chahte ho toh vaah bahut badi baat hai jo galat hai aur koi saamne vala banda aapki is cheez kiya vibration se kahin bhi baat waise bhi nahi samajh usko dhire dhire idea jaega ki yah banda mujhe control karne ki koshish me hai toh main kyon uski baat maan rahi baat jaha par agar aap kisi ka accha chahte toh sirf usko samjha do na apne pyar se apne apne pad se ki wahi dekh tere liye accha hai aur yah accha nahi hai aur yah meri niji rai hai tum aise 10 logo ko aur pucho aur usme se jo sahi lage vaah karo usko apne hisab se apni zindagi apni raah chunane ki authority toh aur phir bhi aapko lag raha hai ki apna aapka apna koi galat raste par ja rahe hain tab us ko control karne ki koshish karo usse pehle toh use apni raah chunane toh har ek banda janmajat leader hota hai jab janam hota hai baccha toh usko pata nahi hota vaah kya hoga kya banega toh usko develop hone ki koshish karne ke liye madad toh kar usko apne hisab se zindagi jeene ki apni rai chunane ki aur apne faisle nahi likhiye zyada tab jaakar vaah apne aap samajhna shuru karega hamein samjhane ki zarurat hi nahi rahegi jab saamne waale ko acche bure ki samajh khud hi aa jayegi abhi aapko saath baat samajh me toh bahut achi baat hai phir bhi ho kahin atak rahe ho toh zaroor batana jai hind vande mataram
क्यों समझा नहीं है दूसरों को भी तो वही समझ नहीं आता दूसरों को बात समझाने का मतलब यह है या
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अपने बातों को दूसरों लोगों का प्रकार समझाएं हैं कि उनकी कमी और अपनी कम की कमी को जब तक आप पकड़ नहीं कर पाया गुम को नहीं समझा पाया गया कि वह किस तरीका से समझ पाएंगे एक शिक्षक का काम वही करता है जिसके पास समझाने का टैलेंट ही होता है मायने रखता है समझाने के लिए अपना बात उसको कैसे समझा यह आप पर डिपेंड करता है कि वह कैसे समझेंगे उसी तरह से आप समझाइए अपने कमी को उनको महसूस कर आइए कि मेरे पास मैं अब मेरे बातों को आप समझ में इस प्रकार के आपसे ज्ञान वाली बात हम बोलेंगे
apne baaton ko dusro logo ka prakar samjhaye hain ki unki kami aur apni kam ki kami ko jab tak aap pakad nahi kar paya gum ko nahi samjha paya gaya ki vaah kis tarika se samajh payenge ek shikshak ka kaam wahi karta hai jiske paas samjhane ka talent hi hota hai maayne rakhta hai samjhane ke liye apna baat usko kaise samjha yah aap par depend karta hai ki vaah kaise samjhenge usi tarah se aap samjhaiye apne kami ko unko mehsus kar aaiye ki mere paas main ab mere baaton ko aap samajh me is prakar ke aapse gyaan wali baat hum bolenge
अपने बातों को दूसरों लोगों का प्रकार समझाएं हैं कि उनकी कमी और अपनी कम की कमी को जब तक आप
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