भगवान क्या करता है, क्या खाता है, कहाँ रहता है?...


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आपका प्रश्न है भगवान क्या करता है क्या खाता है कहां रहता है इसका जवाब इस प्रकार से है परमपिता परमेश्वर इस ब्रह्मांड के स्वामी इस जगत के कितना है सभी के पोषण करते हैं भक्तों द्वारा बिधिपुर बनाकर प्रसाद को ग्रहण करते हैं यह भगवान खाते हैं और खाली के पश्चात भी वह जवान ने जो भोजन बनाकर भगवान को खिलाते हैं और कभी भी उसका क्षय नहीं होता अपितु उतना कब तक रहता है तो भगवान भक्तों के बारे में पूछे तो कहते हैं और परमात्मा सभी के हृदय में निवास करते हैं इस प्रकृति में निवास करते हैं वह अपने धाम को लोग बिना उन निवास करते हैं वैकुंठ में निवास करते हैं जिसकी रचना जिसका आकार जिसका रूप हमारे प्राचीन शास्त्रों में वर्णित है जो एकदम सत्य है यह भगवान के तीन प्रकार के रहने के खाने के और करने के जो वचन आपने मुझसे पूछे थे उसका यह उत्तर है

aapka prashna hai bhagwan kya karta hai kya khaata hai kaha rehta hai iska jawab is prakar se hai parampita parmeshwar is brahmaand ke swami is jagat ke kitna hai sabhi ke poshan karte hain bhakton dwara bidhipur banakar prasad ko grahan karte hain yah bhagwan khate hain aur khaali ke pashchat bhi vaah jawaan ne jo bhojan banakar bhagwan ko khilaate hain aur kabhi bhi uska kshay nahi hota apitu utana kab tak rehta hai toh bhagwan bhakton ke bare me pooche toh kehte hain aur paramatma sabhi ke hriday me niwas karte hain is prakriti me niwas karte hain vaah apne dhaam ko log bina un niwas karte hain vaikunth me niwas karte hain jiski rachna jiska aakaar jiska roop hamare prachin shastron me varnit hai jo ekdam satya hai yah bhagwan ke teen prakar ke rehne ke khane ke aur karne ke jo vachan aapne mujhse pooche the uska yah uttar hai

आपका प्रश्न है भगवान क्या करता है क्या खाता है कहां रहता है इसका जवाब इस प्रकार से है परमप

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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भगवान सब वस्तुएं हर जगह व्याप्त वह क्या खाता है भगवान भविष्य को जो मनुष्य प्रार्थना करते जो होम यज्ञ हवन और जो दो बच्चे जो उसका धुआं जो वह कुश्ती का पानी बारिश डेंजर इन सब चीजों का संचालन भगवान ब्रह्मा जी मनुष्य और जिओ का निर्माण विश्नोई का संचालन और महादेव सोमवार इस प्रकार से सभी देवी देवताओं का अपना-अपना कार्तिक बेटा और आसाम अपना कर्म करते हैं जिससे संतुलन

bhagwan sab vastuyen har jagah vyapt vaah kya khaata hai bhagwan bhavishya ko jo manushya prarthna karte jo home yagya hawan aur jo do bacche jo uska dhuan jo vaah kushti ka paani barish danger in sab chijon ka sanchalan bhagwan brahma ji manushya aur jio ka nirmaan Vishnoi ka sanchalan aur mahadev somwar is prakar se sabhi devi devatao ka apna apna kartik beta aur assam apna karm karte hain jisse santulan

भगवान सब वस्तुएं हर जगह व्याप्त वह क्या खाता है भगवान भविष्य को जो मनुष्य प्रार्थना करते ज

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Manoj Kumar

पासटर

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परमेश्वर के पास शरीफ नहीं है परमेश्वर आत्मा है वह कुछ खाता पीता नहीं है जैसे हमें चीजों की जरूरत पड़ती कपड़े की खाने-पीने की घर की हुसैन चीजों की जरूरत नहीं है

parmeshwar ke paas sharif nahi hai parmeshwar aatma hai vaah kuch khaata pita nahi hai jaise hamein chijon ki zarurat padti kapde ki khane peene ki ghar ki hussain chijon ki zarurat nahi hai

परमेश्वर के पास शरीफ नहीं है परमेश्वर आत्मा है वह कुछ खाता पीता नहीं है जैसे हमें चीजों की

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डा आचार्य महेंद्र

Astroloser,Vastusastro,pravchankarta

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नमस्कार आपका प्रश्न है कि भगवान क्या करता है क्या खाता है और कहां रहता है देखिए भगवान दो प्रकार के हैं एक जो आत्मा अपने चार घाटी कर्मों का क्षय हो जाने से केवल ज्ञान केवल दर्शन प्राप्त कर चुकी है सर्वज्ञ हो चुकी है वीतराग हो चुकी है ऐसी आत्मा आयुष कर्म होने के कारण इश्क अनुशेष होने के कारण अभी इस संसार में रही हुई है और ऐसी आत्मा आयुषी के साथ अन्य तीन कर्म नाम गोत्र अंतराय चारों करो कैसे हो जाने पर निरंजन निराकार हो करके मोक्ष पद को प्राप्त कर लेगी ऐसी आत्माएं और हम एक केवली यह एक प्रकार के भगवान हुए दूसरी आत्माएं जब अनंत हो हुआ या केवली भगवान अपने शेष बचे हुए चार और कर्म आयुष नाम गोत्र बनता है चारों कर्म और पूर्व में किए हुए 84 कर्मकुला को कर्मों का नाश करके और मोक्ष को प्राप्त कर लेती है ऐसी आत्मा है शुद्ध कहलाती है तो ईश्वर के दो रूप हमने देखे पहला अरहंत और केवल ज्ञान रंग तक पद विषय से और केवल ज्ञानी सामान्य व्यक्ति को जो केवल गया होता उसे केवल ज्ञान कहते हैं और दूसरे हुए सिद्धांत के चार कम अक्षय हो गए हैं चार बाकी है और सिद्धों के आठों कर्मों से हो गए हैं उन्हें मोक्ष पद को प्राप्त कर लिया है सिद्ध पद को प्राप्त कर लिया है इस प्रकार से दो प्रकार के ईश्वर हुए अभी दोनों ईश्वर जो है पहला प्रश्न आपको क्या करते हैं तो पहले जो अनंत और केवल भगवान हैं वह तो अपने जो केवल ज्ञान केवल दर्शन प्राप्त किया है उस प्राप्त केवल ज्ञान केवल दर्शन से सभी जगत के जितने भी पदार्थ हैं जितने भी जीव हैं उन सब को देख कर के और उन्होंने जिस प्रकार से केवल ज्ञान केवल दर्शन प्राप्त किया है और ईश्वर की अवस्था प्राप्त की है सामान्य जनता को भी उस मार्ग को बताने का काम करते हैं कि हम इस मार्ग के द्वारा इस पद को प्राप्त किया है आप भी यदि इस मार्ग का अनुकरण अनुसरण करें तो आप भी इस पद को प्राप्त कर सकेंगे एकमात्र उनका कार्य होता है इसके अलावा उनके पास करने के लिए और कोई कार्य नहीं अब आगे क्यों सिद्ध हैं वह क्या करते हैं सिद्धू के पास केवल ज्ञान केवल दर्शन में रमण करने के अलावा एक समय में देखते हैं एक समय में जानते हैं बस जानना देखना जानना देखना जानना देखना प्रतिपल इसी प्रकार से चलता रहता है और कोई कार्य सिद्ध होगा उनके पास नहीं अब आपका प्रश्न है कि क्या खाते हैं अनंत भगवान और केवली भगवान जो पहले प्रकार के ईश्वर हैं वह तो हम जैसा भोजन करते हैं वैसा ही भोजन करते हैं किंतु शिव भगवान क्योंकि शरीर नहीं है भूख नहीं है इसलिए उन्हें किसी प्रकार की कोई चीज खाने की आवश्यकता नहीं रहती है आपका प्रश्न रहते कहां हैं तुरंत भगवान और केवल भगवान तो हमारे साथ ही रहते हैं किंतु वर्तमान में हमारे क्षेत्र में केवल ज्ञान रचना हो जाने से काल का प्रभाव होने से केवल ज्ञान वाले भगवान हमारे पास अभी वर्तमान में दिमाग नहीं है किंतु आज भी माल दे क्षेत्र में 20 तीर्थंकर भगवान और उनके सामने कई सारे केवल ज्ञानी विराजमान है और धर्म की प्रमुख ना कर रहे हैं और दूसरे नंबर के सिद्ध हुआ न्यू हैं वह लो कार्य में लगे यहां से जस्ट ऊपर जहां लोग का अंत होता है उस लोग के अंत में विराजमान हैं इस प्रकार से दोनों भगवान की जानकारी यह क्यों कहां रहते हैं क्या खाते हैं और क्या कहां रहते हैं कहां खाद क्या खाते हैं और क्या करते हैं इस प्रकार से हुई है और कोई विशेष प्रश्न हो इस संबंध में और अधिक जिज्ञासा हो इस जवाब को सुनकर के कोई नहीं नवीन प्रश्न उत्पन्न होते हैं तो आप डायरेक्ट मुझसे पूछ सकते हैं उसका धन्यवाद चाहिए मैम

namaskar aapka prashna hai ki bhagwan kya karta hai kya khaata hai aur kaha rehta hai dekhiye bhagwan do prakar ke hain ek jo aatma apne char ghati karmon ka kshay ho jaane se keval gyaan keval darshan prapt kar chuki hai sarvagya ho chuki hai vitrag ho chuki hai aisi aatma ayush karm hone ke karan ishq anushesh hone ke karan abhi is sansar me rahi hui hai aur aisi aatma ayushi ke saath anya teen karm naam gotra antaray charo karo kaise ho jaane par niranjan nirakaar ho karke moksha pad ko prapt kar legi aisi aatmaen aur hum ek kevali yah ek prakar ke bhagwan hue dusri aatmaen jab anant ho hua ya kevali bhagwan apne shesh bache hue char aur karm ayush naam gotra banta hai charo karm aur purv me kiye hue 84 karmakula ko karmon ka naash karke aur moksha ko prapt kar leti hai aisi aatma hai shudh kahalati hai toh ishwar ke do roop humne dekhe pehla arahant aur keval gyaan rang tak pad vishay se aur keval gyani samanya vyakti ko jo keval gaya hota use keval gyaan kehte hain aur dusre hue siddhant ke char kam akshay ho gaye hain char baki hai aur siddhon ke athon karmon se ho gaye hain unhe moksha pad ko prapt kar liya hai siddh pad ko prapt kar liya hai is prakar se do prakar ke ishwar hue abhi dono ishwar jo hai pehla prashna aapko kya karte hain toh pehle jo anant aur keval bhagwan hain vaah toh apne jo keval gyaan keval darshan prapt kiya hai us prapt keval gyaan keval darshan se sabhi jagat ke jitne bhi padarth hain jitne bhi jeev hain un sab ko dekh kar ke aur unhone jis prakar se keval gyaan keval darshan prapt kiya hai aur ishwar ki avastha prapt ki hai samanya janta ko bhi us marg ko batane ka kaam karte hain ki hum is marg ke dwara is pad ko prapt kiya hai aap bhi yadi is marg ka anukaran anusaran kare toh aap bhi is pad ko prapt kar sakenge ekmatra unka karya hota hai iske alava unke paas karne ke liye aur koi karya nahi ab aage kyon siddh hain vaah kya karte hain sidhu ke paas keval gyaan keval darshan me raman karne ke alava ek samay me dekhte hain ek samay me jante hain bus janana dekhna janana dekhna janana dekhna pratipal isi prakar se chalta rehta hai aur koi karya siddh hoga unke paas nahi ab aapka prashna hai ki kya khate hain anant bhagwan aur kevali bhagwan jo pehle prakar ke ishwar hain vaah toh hum jaisa bhojan karte hain waisa hi bhojan karte hain kintu shiv bhagwan kyonki sharir nahi hai bhukh nahi hai isliye unhe kisi prakar ki koi cheez khane ki avashyakta nahi rehti hai aapka prashna rehte kaha hain turant bhagwan aur keval bhagwan toh hamare saath hi rehte hain kintu vartaman me hamare kshetra me keval gyaan rachna ho jaane se kaal ka prabhav hone se keval gyaan waale bhagwan hamare paas abhi vartaman me dimag nahi hai kintu aaj bhi maal de kshetra me 20 tirthankar bhagwan aur unke saamne kai saare keval gyani viraajamaan hai aur dharm ki pramukh na kar rahe hain aur dusre number ke siddh hua new hain vaah lo karya me lage yahan se just upar jaha log ka ant hota hai us log ke ant me viraajamaan hain is prakar se dono bhagwan ki jaankari yah kyon kaha rehte hain kya khate hain aur kya kaha rehte hain kaha khad kya khate hain aur kya karte hain is prakar se hui hai aur koi vishesh prashna ho is sambandh me aur adhik jigyasa ho is jawab ko sunkar ke koi nahi naveen prashna utpann hote hain toh aap direct mujhse puch sakte hain uska dhanyavad chahiye maam

नमस्कार आपका प्रश्न है कि भगवान क्या करता है क्या खाता है और कहां रहता है देखिए भगवान दो

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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आपका प्रश्न है भगवान क्या करता है भगवान क्या खाता है भगवान कहां रहता है देखिए मैं आप ही पसंद कर रहा हूं भगवान कण-कण में रहता है जीव जीव में रहता है भगवान सब प्राणियों में रहता है भगवान बुद्धि विवेक में रहता है भगवान आस्था विश्वास में रहता है भगवान मंदिर में रहता है भगवान आपके घर में रहता भगवान आपकी अब भगवान क्या खाता है तो देखिए भगवान का भजन है हम मनुष्य भक्ति भाव से भगवान को भोग लगाते हैं भगवान को सुख रूप से ग्रहण करता है हम जो हवन यज्ञ करते हैं जो हवन सामग्री अग्नि को समर्पित करते हैं भगवान उस भोजन को खाता है अवश्य को गठन करता है भगवान भक्तों की भक्ति सच्चे भक्तों की भक्ति को ग्रहण करता है भगवान का वही भोजन है भक्ति की सच्ची भक्ति जो है वही भगवान कृष्ण भगवान क्या करता है रिकी भगवान सही बोलता है सृष्टि का पालन भी करता है और जब पापों का घड़ा भर जाता है तो भगवान सुशासन भी करता है और नबी का सही आपके प्रश्न का उत्तर

aapka prashna hai bhagwan kya karta hai bhagwan kya khaata hai bhagwan kaha rehta hai dekhiye main aap hi pasand kar raha hoon bhagwan kan kan me rehta hai jeev jeev me rehta hai bhagwan sab praniyo me rehta hai bhagwan buddhi vivek me rehta hai bhagwan astha vishwas me rehta hai bhagwan mandir me rehta hai bhagwan aapke ghar me rehta bhagwan aapki ab bhagwan kya khaata hai toh dekhiye bhagwan ka bhajan hai hum manushya bhakti bhav se bhagwan ko bhog lagate hain bhagwan ko sukh roop se grahan karta hai hum jo hawan yagya karte hain jo hawan samagri agni ko samarpit karte hain bhagwan us bhojan ko khaata hai avashya ko gathan karta hai bhagwan bhakton ki bhakti sacche bhakton ki bhakti ko grahan karta hai bhagwan ka wahi bhojan hai bhakti ki sachi bhakti jo hai wahi bhagwan krishna bhagwan kya karta hai riki bhagwan sahi bolta hai shrishti ka palan bhi karta hai aur jab paapon ka ghada bhar jata hai toh bhagwan sushashan bhi karta hai aur nabi ka sahi aapke prashna ka uttar

आपका प्रश्न है भगवान क्या करता है भगवान क्या खाता है भगवान कहां रहता है देखिए मैं आप ही प

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भगवान को करने खाने और रहने की आवश्यकता नहीं होती है किस प्रकार बिजली का तार होता है उसमें करंट होता है लेकिन वह दिखाई नहीं देता इसी प्रकार भगवान ब्रह्मांड के कण-कण में मौजूद है दिखाई नहीं देता जैसे करंट से केंद्र चलते हैं सारे काम होते हैं लेकिन वह दिखाई नहीं देता इसी प्रकार प्रकृति के सारे कार्य चल रहे हैं लेकिन परमात्मा है दर्शन किए हुए दिखाई दे

bhagwan ko karne khane aur rehne ki avashyakta nahi hoti hai kis prakar bijli ka taar hota hai usme current hota hai lekin vaah dikhai nahi deta isi prakar bhagwan brahmaand ke kan kan me maujud hai dikhai nahi deta jaise current se kendra chalte hain saare kaam hote hain lekin vaah dikhai nahi deta isi prakar prakriti ke saare karya chal rahe hain lekin paramatma hai darshan kiye hue dikhai de

भगवान को करने खाने और रहने की आवश्यकता नहीं होती है किस प्रकार बिजली का तार होता है उसमें

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Dharamvir singh

Serviceman Indian Army

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आपका प्रश्न है भगवान कहां रहता है क्या खाता है क्या करता है भगवान सर्वव्यापक है सर्व शक्तिमान है जो आप कह रहे हैं आत्मा भी परमात्मा का ही एक रूप है एक अंश है छोटा सा बिंदु है परमात्मा हर जगह ध्यान करो मैं किस तरह वहां तुम सर्वत्र यादों को हम भगवान को कैसे बुलाएंगे वह तो सभी जगह में व्याप्त बिरादर है तुम्हारा भगवन है घंटा है बजाने को यानी कि घंटा बजाकर अगर हम परमात्मा को भगवान को बुलाते हैं तो परमात्मा कबीर बिरादरी परमात्मा तोहर जी हर कण-कण में विद्यमान है वैज्ञानिकों ने बिग बैंग सिद्धांत को हेलो राइडर्स इन बारा किया गया 2008 से शुरू होकर 4 साल पूर्व चला और 2012 में यह प्रयोग सफल हुआ उसमें भगवान के काम को वैज्ञानिकों ने खोजा मैं परमाणु का भी अलार्म ऐसा बताया गया सबसे छोटा अनु अनु से सबसे छोटी इकाई परमाणु परमाणु से भी छोटी है कि कई है उसका नाम क्वार्थ परमात्मा का अंश है यानी कि परमाणु के सौ टुकड़े कर दें इतनी सूक्ष्म चीज मुस्कान का नाम वही आत्मा का स्वरूप है वह शरीर को गति दे रहा है यह जीवन उसी की वजह से चलना संभव पृथ्वी पर जब जीवन नहीं था तो परमात्मा ने रसायनिक नायलॉजिकल क्रियाओं द्वारा जीवन की उत्पत्ति अपने आप सोच की ही किया विज्ञान भी सूचित करती है इसलिए आप विश्वास रखें परमात्मा आपके अंदर ही है आप जिस चीज में श्रद्धा भाव से देखें परमात्मा वही है आप इस चीज को फिल करना आपको विश्वास होना चाहिए बस आप के विश्वास में ईश्वर है भगवान निराकार है उसे कोई भी नहीं सभी रूपों में ईश्वर अल्लाह रामकृष्ण बोध सभी में परमात्मा का ही आसमान पवित्र आत्मा के मनुष्य को राह दिखाई है इस दुनिया में अभी बहुत सीख पवित्र आत्मा मौजूद है ऐसे शब्द लोगों से हमने मुलाकात की है और उनके संपर्क में भी हैं हम वह परमात्मा से डायरेक्ट बात करते हैं उन्होंने जो ज्ञान या हमने उनसे कुछ ज्ञान कुछ हासिल किया हुआ है आप तक पहुंचा यार हमको पसंद आए तो आप इस ज्ञान को दूसरों को भी प्रदान करें थैंक यू धन्यवाद

aapka prashna hai bhagwan kaha rehta hai kya khaata hai kya karta hai bhagwan sarvavyapak hai surv shaktiman hai jo aap keh rahe hain aatma bhi paramatma ka hi ek roop hai ek ansh hai chota sa bindu hai paramatma har jagah dhyan karo main kis tarah wahan tum sarvatra yaadon ko hum bhagwan ko kaise bulaayenge vaah toh sabhi jagah me vyapt biradar hai tumhara bhagwan hai ghanta hai bajane ko yani ki ghanta bajaakar agar hum paramatma ko bhagwan ko bulate hain toh paramatma kabir biradari paramatma tohar ji har kan kan me vidyaman hai vaigyaniko ne big bang siddhant ko hello riders in bara kiya gaya 2008 se shuru hokar 4 saal purv chala aur 2012 me yah prayog safal hua usme bhagwan ke kaam ko vaigyaniko ne khoja main parmanu ka bhi alarm aisa bataya gaya sabse chota anu anu se sabse choti ikai parmanu parmanu se bhi choti hai ki kai hai uska naam kwarth paramatma ka ansh hai yani ki parmanu ke sau tukde kar de itni sukshm cheez muskaan ka naam wahi aatma ka swaroop hai vaah sharir ko gati de raha hai yah jeevan usi ki wajah se chalna sambhav prithvi par jab jeevan nahi tha toh paramatma ne rasayanik naylajikal kriyaon dwara jeevan ki utpatti apne aap soch ki hi kiya vigyan bhi suchit karti hai isliye aap vishwas rakhen paramatma aapke andar hi hai aap jis cheez me shraddha bhav se dekhen paramatma wahi hai aap is cheez ko fill karna aapko vishwas hona chahiye bus aap ke vishwas me ishwar hai bhagwan nirakaar hai use koi bhi nahi sabhi roopon me ishwar allah ramakrishna bodh sabhi me paramatma ka hi aasman pavitra aatma ke manushya ko raah dikhai hai is duniya me abhi bahut seekh pavitra aatma maujud hai aise shabd logo se humne mulakat ki hai aur unke sampark me bhi hain hum vaah paramatma se direct baat karte hain unhone jo gyaan ya humne unse kuch gyaan kuch hasil kiya hua hai aap tak pohcha yaar hamko pasand aaye toh aap is gyaan ko dusro ko bhi pradan kare thank you dhanyavad

आपका प्रश्न है भगवान कहां रहता है क्या खाता है क्या करता है भगवान सर्वव्यापक है सर्व शक्ति

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H.P. Vashista

Youtuber | Life Coach | MLM Super Guru

0:39

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नमस्कार दोस्तों मेरा नाम एच डी वशिष्ठ प्रॉफिटगुरु होकर यूट्यूब चैनल की तरफ से आपका स्वागत करता हूं भगवान क्या करता है क्या खाता है कहां रहता है भगवान इसको कहते हैं भगवान तो इनके कार्य ही भगवान के कार्य होते हैं क्या खाता है भक्षण करता है अग्नि भक्षण करती है वायु का इसी तरीके से सभी मित्र ने एक दूसरे को खाकर के हिसाब होता है कहां रहता है हर स्थान पर इन सभी चीजों का निर्माण है इन्हीं चीजों का भगवान का निवास है सभी जगह पर हर क्षण में भगवान का निवास है

namaskar doston mera naam h d vashistha prafitguru hokar youtube channel ki taraf se aapka swaagat karta hoon bhagwan kya karta hai kya khaata hai kaha rehta hai bhagwan isko kehte hain bhagwan toh inke karya hi bhagwan ke karya hote hain kya khaata hai bhakshan karta hai agni bhakshan karti hai vayu ka isi tarike se sabhi mitra ne ek dusre ko khakar ke hisab hota hai kaha rehta hai har sthan par in sabhi chijon ka nirmaan hai inhin chijon ka bhagwan ka niwas hai sabhi jagah par har kshan me bhagwan ka niwas hai

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम एच डी वशिष्ठ प्रॉफिटगुरु होकर यूट्यूब चैनल की तरफ से आपका स्वागत

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guddu das

You Tuber

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आपका सवाल है भगवान क्या करता है क्या खाता है कहां रहता है तुम मेरा कहना है भगवान जी परमात्मा गाड़ी वाला जो है इस सब अंग संग रहते हैं जैसे मछली के अंग संग पानी रहता है उसी तरह के अंग संग परमात्मा रहता है भगवान रहता रहता है और खाती के जैसे आपकी सभी खानपान करती हैं जो भी आपको अच्छा लगता है अगर आपकी आत्मा कुछ नहीं खाती जैसी आपकी आत्मा का स्वरूप है उसी तरह परमात्मा परमात्मा कौन सा सागर आत्मा वीर सागर के समाज में पुरुष

aapka sawaal hai bhagwan kya karta hai kya khaata hai kaha rehta hai tum mera kehna hai bhagwan ji paramatma gaadi vala jo hai is sab ang sang rehte hain jaise machli ke ang sang paani rehta hai usi tarah ke ang sang paramatma rehta hai bhagwan rehta rehta hai aur khati ke jaise aapki sabhi khanpan karti hain jo bhi aapko accha lagta hai agar aapki aatma kuch nahi khati jaisi aapki aatma ka swaroop hai usi tarah paramatma paramatma kaun sa sagar aatma veer sagar ke samaj me purush

आपका सवाल है भगवान क्या करता है क्या खाता है कहां रहता है तुम मेरा कहना है भगवान जी परमा

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

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आप भगवान सती का भजन करता है पालन करता है और समाज में सुधार करता है भगवान भक्तों के दुख दर्द को खाता है भक्तों के कष्टों को खाता है कौन है सुख शांति प्रदान करता है भगवान रोम रोम में रहता है सुमन शर्मा के पति पत्नी में रहता है भगवान ऐसा कोई स्थान है जहां भगवान का भगवान

aap bhagwan sati ka bhajan karta hai palan karta hai aur samaj me sudhaar karta hai bhagwan bhakton ke dukh dard ko khaata hai bhakton ke kaston ko khaata hai kaun hai sukh shanti pradan karta hai bhagwan roam roam me rehta hai suman sharma ke pati patni me rehta hai bhagwan aisa koi sthan hai jaha bhagwan ka bhagwan

आप भगवान सती का भजन करता है पालन करता है और समाज में सुधार करता है भगवान भक्तों के दुख दर्

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क्या करता है कहां रहता है भगवान होता है या भगवान बोलते हैं तो यहां मंदिरों में रहते हैं आपके दिल में रहते हैं उनका घर मंदिर है यहां लोगों का कारोबार करते हैं तो द्वारा श्रद्धा भाव से आप जहां देखेंगे भगवान को वहां आपको मिलेंगे अगर आप मंदिर जाते हैं वहां आप और भगवान क्या करते हैं क्या खाते हैं तो भगवान होते हैं तो आप जो भी मनुष्य काम करता है तो हुआ होता है और कहते हैं भगवान हर जगह है जहां आप

kya karta hai kaha rehta hai bhagwan hota hai ya bhagwan bolte hain toh yahan mandiro me rehte hain aapke dil me rehte hain unka ghar mandir hai yahan logo ka karobaar karte hain toh dwara shraddha bhav se aap jaha dekhenge bhagwan ko wahan aapko milenge agar aap mandir jaate hain wahan aap aur bhagwan kya karte hain kya khate hain toh bhagwan hote hain toh aap jo bhi manushya kaam karta hai toh hua hota hai aur kehte hain bhagwan har jagah hai jaha aap

क्या करता है कहां रहता है भगवान होता है या भगवान बोलते हैं तो यहां मंदिरों में रहते हैं आप

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समय निकाल भगवान लोगों के दुख दूर करता है कम खाता है और दूध पीता है कहां रहता है लोगों के दिल में

samay nikaal bhagwan logo ke dukh dur karta hai kam khaata hai aur doodh pita hai kaha rehta hai logo ke dil me

समय निकाल भगवान लोगों के दुख दूर करता है कम खाता है और दूध पीता है कहां रहता है लोगों के

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