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मैं मेरी ज़िंदगी में खुश हूँ लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूँ, कोई सुझाव दें?...


25 जवाब

अंदर से सुखी होने के लिए आप आपके जिंदगी में बहुत सुखी है पर अंदर से दुखी है अंदर का सुख ही महत्वपूर्ण है जो बाहरी भीतर सुख से आपको आपको सुख को सुख समझ रहे हो बाहर का सुख आपके कुछ काम करें जब तक आप अंदर से सुखी में होंगे अब असल में सुखी नहीं हो उसके लिए रोजाना अपना नाम करें अष्टांग मार्ग अष्टांग मार्ग क्या वैसे ही आप अंदर से सुखी हो सकते वरना नहीं
andar se sukhi hone ke liye aap aapke zindagi me bahut sukhi hai par andar se dukhi hai andar ka sukh hi mahatvapurna hai jo bahri bheetar sukh se aapko aapko sukh ko sukh samajh rahe ho bahar ka sukh aapke kuch kaam kare jab tak aap andar se sukhi me honge ab asal me sukhi nahi ho uske liye rojana apna naam kare ashtanga marg ashtanga marg kya waise hi aap andar se sukhi ho sakte varna nahi
अंदर से सुखी होने के लिए आप आपके जिंदगी में बहुत सुखी है पर अंदर से दुखी है अंदर का सुख ही
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Jyotish Daiya

Chairman At Vijyam Classes, Motivator and Life Coach

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कब्रिस्तान में अपनी जिंदगी में खुश हूं फिर मैं अंदर से दुखी हूं क्या सुझाव दें अगर आप खुश हैं फिर भी दुखी है इसका अर्थ है आप बहुत एकता में उलझ गए यानी आपको चीजों के अंदर खुशी मिलती है जब आप खुशी-खुशी टीचर में ढूंढते हैं ऐसे आपको मोबाइल लेना है मोबाइल ले लिया खुश हो गए लेकिन कुछ दिन में दुखी हो जाएंगे अगर आपको काले ने देखा ले ले रिंकू शर्मा दुखी हो जाएंगे अगर आपको कोई से सीख लेनी थी ले ली उसका दुखी हो जाएंगे क्योंकि अच्छा मौका कभी अंत नहीं होता और अगर आप छोटी मोटी चीजें और छोटे छोटे लक्ष्य हासिल करके खुश होने लग जाता है तो आप ऐसा नहीं कर सकते आपको वास्ते कुछ नहीं बस तू खुशी तब होगी जब आप खुद को अच्छे को अच्छा बनाए बेहतर बनाएं विनम्र बनाए विकसित करें और उसके बाद दूसरों की सहायता करें दूसरों को खुशी देने से आपको भी खुशी मिलेगी अच्छे लोगों के साथ रहे जनशीन बड़े लक्ष्य बनाएं बड़ी चीजें हासिल करें धन्यवाद
kabristan me apni zindagi me khush hoon phir main andar se dukhi hoon kya sujhaav de agar aap khush hain phir bhi dukhi hai iska arth hai aap bahut ekta me ulajh gaye yani aapko chijon ke andar khushi milti hai jab aap khushi khushi teacher me dhoondhate hain aise aapko mobile lena hai mobile le liya khush ho gaye lekin kuch din me dukhi ho jaenge agar aapko kaale ne dekha le le rinku sharma dukhi ho jaenge agar aapko koi se seekh leni thi le li uska dukhi ho jaenge kyonki accha mauka kabhi ant nahi hota aur agar aap choti moti cheezen aur chote chote lakshya hasil karke khush hone lag jata hai toh aap aisa nahi kar sakte aapko vaaste kuch nahi bus tu khushi tab hogi jab aap khud ko acche ko accha banaye behtar banaye vinamra banaye viksit kare aur uske baad dusro ki sahayta kare dusro ko khushi dene se aapko bhi khushi milegi acche logo ke saath rahe janshin bade lakshya banaye badi cheezen hasil kare dhanyavad
कब्रिस्तान में अपनी जिंदगी में खुश हूं फिर मैं अंदर से दुखी हूं क्या सुझाव दें अगर आप खुश
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Anil Ramola

Yoga Instructor | Engineer

0:22
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कई बार होता है कि हम अपनी जिंदगी से खुश कोई ऐसी बात होती तो मैं जीवन में क्या प्रभाव पड़ रहा है तू
kai baar hota hai ki hum apni zindagi se khush koi aisi baat hoti toh main jeevan me kya prabhav pad raha hai tu
कई बार होता है कि हम अपनी जिंदगी से खुश कोई ऐसी बात होती तो मैं जीवन में क्या प्रभाव पड़ र
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Ritu Goyal

Motivational Speaker

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कोई इंसान अगर जिंदगी में खुश होता है लेकिन फिर भी अंदर से दुखी होता है तो उसका मतलब आप समझ लीजिए कि आप दिमागी तौर पर सेटिस्फाई नहीं है अपनी लाइफ को लेकर दिमागी तौर पर सेटिस्फाई होना ही जरूरी होता है जितना खुश रहना होता है तो प्लीज अपने आप जो भी अपनी लाइफ में जितनी भी चीजें आपके पास है या जो भी काम करते हैं या जो भी आप रिश्ता निभा रहे हैं यह जिनके लिए जी रहे हैं उसमें सेटिस्फेक्शन रखिए जब आप किसी भी काम में सेटिस्फेक्शन रखेंगे तो आप दिल से भी उतनी ही सुखी हो जाएगी जितना दिमागी तौर पर सुखी रहेंगे तो प्लीज आप से हाथ जोड़कर रिक्वेस्ट है अपने दिमाग पर इतना प्रेशर मत डालिए कि सामने वाला भी आप से परेशान हो रहा होता है और आपकी हेल्थ डे बाय डे डाउन होती चली जाए खुश रहिए सेटिस्फाई रखिए रहिए पेशंस रखिए आप अपनी लाइफ में ऐसा आगे बढ़ते रहिए
koi insaan agar zindagi me khush hota hai lekin phir bhi andar se dukhi hota hai toh uska matlab aap samajh lijiye ki aap dimagi taur par satisfy nahi hai apni life ko lekar dimagi taur par satisfy hona hi zaroori hota hai jitna khush rehna hota hai toh please apne aap jo bhi apni life me jitni bhi cheezen aapke paas hai ya jo bhi kaam karte hain ya jo bhi aap rishta nibha rahe hain yah jinke liye ji rahe hain usme setisfekshan rakhiye jab aap kisi bhi kaam me setisfekshan rakhenge toh aap dil se bhi utani hi sukhi ho jayegi jitna dimagi taur par sukhi rahenge toh please aap se hath jodkar request hai apne dimag par itna pressure mat daaliye ki saamne vala bhi aap se pareshan ho raha hota hai aur aapki health day bye day down hoti chali jaaye khush rahiye satisfy rakhiye rahiye Patience rakhiye aap apni life me aisa aage badhte rahiye
कोई इंसान अगर जिंदगी में खुश होता है लेकिन फिर भी अंदर से दुखी होता है तो उसका मतलब आप समझ
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Jalaj Sethi

Career Counsellor

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अपने प्रतिज्ञा की जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दीजिए आपने भूत की सुख-सुविधाओं को दिखा कर लिया है जो आप धन से खरीद सकते लेकिन आंतरिक खुशी जब मिलती है तब आप किसी कार्य की सफलता को पाते हैं और अंदर से खुश होते हैं आप क्या है कि अंदर से तो कुछ नहीं है बाहर से किधर से बहुत खुश है तो आप ऐसे कार्यों को कीजिए जिससे कि आप अपने अंतर्मन से खुश हूं वह खुशी ही जरूरी है अपितु मोदी की खुशी से क्योंकि बहुत की खुशी क्षणभंगुर है लेकिन आदमी खुशी निरंतर चलने वाली है तो मेरे मानना है कि आप वह काम करें जिससे आपको अंदर से खुशी मिल दुख का अनुभव ना हो उस वक्त आपने जिन चीजों को खरीदा है वह कहीं ना कहीं किसी को कष्ट देकर खरीदा उसकी ऑपरेशन में ना रह पा रहे हैं तो आप पहले अपने प्रसंता का कारण उस कारण को ढूंढने के बाद सदस्य बनाकर निरंतर वर्क कार्य करें जिससे आपको आंसर खुशी मिले जब आंसर खुशी मिलेगी तो आप हमेशा सुखी रहेंगे संपन्न में रहेंगे निरोगी रहेंगे और अपने साथ-साथ अन्य लोगों को भी खुश रख सकेंगे
apne pratigya ki zindagi me khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi hoon koi sujhaav dijiye aapne bhoot ki sukh suvidhaon ko dikha kar liya hai jo aap dhan se kharid sakte lekin aantarik khushi jab milti hai tab aap kisi karya ki safalta ko paate hain aur andar se khush hote hain aap kya hai ki andar se toh kuch nahi hai bahar se kidhar se bahut khush hai toh aap aise karyo ko kijiye jisse ki aap apne antarman se khush hoon vaah khushi hi zaroori hai apitu modi ki khushi se kyonki bahut ki khushi kshanabhangur hai lekin aadmi khushi nirantar chalne wali hai toh mere manana hai ki aap vaah kaam kare jisse aapko andar se khushi mil dukh ka anubhav na ho us waqt aapne jin chijon ko kharida hai vaah kahin na kahin kisi ko kasht dekar kharida uski operation me na reh paa rahe hain toh aap pehle apne prasanta ka karan us karan ko dhundhne ke baad sadasya banakar nirantar work karya kare jisse aapko answer khushi mile jab answer khushi milegi toh aap hamesha sukhi rahenge sampann me rahenge nirogee rahenge aur apne saath saath anya logo ko bhi khush rakh sakenge
अपने प्रतिज्ञा की जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दीजिए आपने भू
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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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आपका पेट में मैंने जिंदगी से खुश हूं लेकिन अंदर से दुखी हूं और दोनों एक साथ निवास नहीं कर सकते हो कि व्यक्ति कौन थे आप प्रशासन की ओर से आपको लेकिन रिश्ते में सम्मान में रिश्तो की टिकाऊ और रिश्तो की समरसता और मधुरता में हो सकता है कोई खटास हो कि आपको लगातार अंदर ही अंदर दुखी करके रखता है संसाधन और पैसा संपत्ति आपको आराम दे सकता है आपको एक कंफर्ट जोन वाले सकता है लेकिन स्थाई सुख शांति यह आपको कभी नहीं दे सकता यह आपको अपनी सोच से मिलेगा आपको साधना करनी पड़ेगी आपके आचरण व्यवहार में समन्वय का अभाव हो प्रयोग का भाव है नम्रता हो शिष्टता हो सहिष्णुता और उदारता करुणा एक दूसरे के लिए विश्वास और सम्मान जब जब आपके चिंतन का विषय रहेंगे और आपके करेंगे आप बाहर से बिल्कुल रहेंगे और अंदर से भी खुश रहेंगे कई बार दबाव में या अपने शिक्षक विपरीत कुछ काम करते हैं कामकाजी टर्न हमें अच्छा मिलता है यह भी हो सकता है
aapka pet me maine zindagi se khush hoon lekin andar se dukhi hoon aur dono ek saath niwas nahi kar sakte ho ki vyakti kaun the aap prashasan ki aur se aapko lekin rishte me sammaan me rishto ki tikauu aur rishto ki samarsata aur madhurata me ho sakta hai koi khatas ho ki aapko lagatar andar hi andar dukhi karke rakhta hai sansadhan aur paisa sampatti aapko aaram de sakta hai aapko ek comfort zone waale sakta hai lekin sthai sukh shanti yah aapko kabhi nahi de sakta yah aapko apni soch se milega aapko sadhna karni padegi aapke aacharan vyavhar me samanvay ka abhaav ho prayog ka bhav hai namrata ho shishtata ho sahishnuta aur udarata corona ek dusre ke liye vishwas aur sammaan jab jab aapke chintan ka vishay rahenge aur aapke karenge aap bahar se bilkul rahenge aur andar se bhi khush rahenge kai baar dabaav me ya apne shikshak viprit kuch kaam karte hain kaamkaji turn hamein accha milta hai yah bhi ho sakta hai
आपका पेट में मैंने जिंदगी से खुश हूं लेकिन अंदर से दुखी हूं और दोनों एक साथ निवास नहीं कर
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Dr. Swatantra Jain

Psychologist And Parenting Coach

6:00
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आपका प्रश्न है मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी कोई सुझाव दें दोनों ही बातें आपने लिख दी खुशी भी हैं खुश भी हैं दुखी भी है जिंदगी से खुश हूं और अंदर से दुखी हो जटिल बना दिया अपने प्रश्न ही देखते हैं आपके प्रश्नों का जवाब देकर मतलब आप क्या कहना चाह रहे हैं कि जिंदगी में जो कुछ मिला है उसे खुश है मतलब आपको परिवार मिला है परिवार से कृष्णा दोस्त मिले उससे कृष्ण रासलीला से क्वेश्चन मां-बाप से खुश हैं फिर भी अंदर से दुखी हैं हो सकता है अंदर से दुखी इसलिए हैं कि शायद जो आप करना चाहते थे वह नहीं कर पा रहे हैं जो आप प्राप्त करना चाहते थे वह नहीं कर पा रहे थे अगर आपने कोई लक्ष्य बनाया उस लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर पा रहे कर पा रहे इसलिए दुखी अंदर बात कर सकते अंदर से दुखी होने के किसी अपने ने धोखा दिया हो तो भी अंदर से दुखी होता है नामदेव से इंसान टूट जाता है तो कई कारण हो सकते हैं आपको सुझाव दें के अंदर से दुखी ना हो यही चाहते ना देखिए अगर हम देखे आप दुखी हैं तो उसके लिए आपको कष्ट पता होना चाहिए कि क्यों दुखी है ऐसा क्यों नहीं है क्या नौ से दोपहर आपको कारण नहीं पता नहीं लगता मैं दुखी हूं पर मुझे अपना मुझे नहीं पता मैं क्यों ऐसा नहीं होता आपको कारण के पता होता है लेकिन आप स्पष्ट नहीं होते उसका रन के लिए यह कई कारण होते हैं और आपको समझ नहीं आ रहा कौन सा ज्यादा बड़ा कारण है तो बच्चे का बुखार खुद ही ढूंढना पड़ेगा आपको एप्स लोड करना पड़ेगा चलिए हम बताते हैं कैसे यूज़ करें कि आप डायरी में लिखिए कोई चीज बनाई है इसमें लिखे आपके पॉसिबल कारण दुखी होने का तो नंबर 1234 करके वह करेंगे जो सबसे बड़ा कारण है वह सबसे पहला और उसके बाद लगता है वह दूसरा कुछ ऐसे कारण को पर कि क्या वह सच में चोट के कारण आप दुखी दुखी है उसकी वजह क्या है क्या उस दुखी अखिलेश को कम किया जा सकता है पहले कारण जो है दुखी होने का कारण को कम किया जा सकता है हटाया जा सकता है बेहतर बनाया जा सकता है तो यह दो तीन विकल्प आप उसमें ही लिखी है इसी तरह दूसरा कारण लेकर दूसरे के बारे में गए तीनों सवाल चित्र तीसरा चौथा पांचवा तुझे मैं आपको ए के कारण के गहराई में जाएंगे और यह पता लगेगा कि इस कारण को आप डिलीट कर सकते हैं किस कारण को आप नहीं कर सकते तो जिन कुछ कारण एक दुनिया से निकलेंगे जो सबसे ज्यादा डिलीट हो सकता वो सब कारणों से निकल जाएंगे तो वह भी खत्म हो गया है ना इसलिए जो बच जाएगा तो आपका दुखी होने का असली कारण होगा अब मानने के सारे कारण दुखी होने का एक कारण बचा जो आपने नोट बनाए थे उसके आप जो करना चाहते थे वह करने जा रहा है जो आपके एंबीशन थी जो आपके जिंदगी का मकसद बनाया था उसको उसकी तरफ पास नहीं पा रहा है उसमें आपके दिमाग में लेकिन उस तरह कोई आपको प्रोग्रेस दिखाई नहीं दे रही उस तरह बड़ा भी जा रहा है इसलिए प्ले स्टोर सकता है केवल उसी के लिखे आप कैसे इस को सफल बनाएंगे उसे कि अपने आप को दो बार मिटाने पड़े पड़े पड़े कोई बात नहीं रखें उसमें आप सुझाव दीजिए खुद को क्या-क्या बन सकता से दुखी होने के कारण कैसे निकाल सकता है आपको समझ में आ जाएगा लिखने का कोई फायदा नहीं है फिर दुखी होने के कारण आप खुद है कोई और नहीं
aapka prashna hai main meri zindagi me khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi koi sujhaav de dono hi batein aapne likh di khushi bhi hain khush bhi hain dukhi bhi hai zindagi se khush hoon aur andar se dukhi ho jatil bana diya apne prashna hi dekhte hain aapke prashnon ka jawab dekar matlab aap kya kehna chah rahe hain ki zindagi me jo kuch mila hai use khush hai matlab aapko parivar mila hai parivar se krishna dost mile usse krishna raslila se question maa baap se khush hain phir bhi andar se dukhi hain ho sakta hai andar se dukhi isliye hain ki shayad jo aap karna chahte the vaah nahi kar paa rahe hain jo aap prapt karna chahte the vaah nahi kar paa rahe the agar aapne koi lakshya banaya us lakshya ko prapt nahi kar paa rahe kar paa rahe isliye dukhi andar baat kar sakte andar se dukhi hone ke kisi apne ne dhokha diya ho toh bhi andar se dukhi hota hai namdev se insaan toot jata hai toh kai karan ho sakte hain aapko sujhaav de ke andar se dukhi na ho yahi chahte na dekhiye agar hum dekhe aap dukhi hain toh uske liye aapko kasht pata hona chahiye ki kyon dukhi hai aisa kyon nahi hai kya nau se dopahar aapko karan nahi pata nahi lagta main dukhi hoon par mujhe apna mujhe nahi pata main kyon aisa nahi hota aapko karan ke pata hota hai lekin aap spasht nahi hote uska run ke liye yah kai karan hote hain aur aapko samajh nahi aa raha kaun sa zyada bada karan hai toh bacche ka bukhar khud hi dhundhana padega aapko apps load karna padega chaliye hum batatey hain kaise use kare ki aap diary me likhiye koi cheez banai hai isme likhe aapke possible karan dukhi hone ka toh number 1234 karke vaah karenge jo sabse bada karan hai vaah sabse pehla aur uske baad lagta hai vaah doosra kuch aise karan ko par ki kya vaah sach me chot ke karan aap dukhi dukhi hai uski wajah kya hai kya us dukhi akhilesh ko kam kiya ja sakta hai pehle karan jo hai dukhi hone ka karan ko kam kiya ja sakta hai hataya ja sakta hai behtar banaya ja sakta hai toh yah do teen vikalp aap usme hi likhi hai isi tarah doosra karan lekar dusre ke bare me gaye tatvo sawaal chitra teesra chautha panchava tujhe main aapko a ke karan ke gehrai me jaenge aur yah pata lagega ki is karan ko aap delete kar sakte hain kis karan ko aap nahi kar sakte toh jin kuch karan ek duniya se nikalenge jo sabse zyada delete ho sakta vo sab karanon se nikal jaenge toh vaah bhi khatam ho gaya hai na isliye jo bach jaega toh aapka dukhi hone ka asli karan hoga ab manne ke saare karan dukhi hone ka ek karan bacha jo aapne note banaye the uske aap jo karna chahte the vaah karne ja raha hai jo aapke embishan thi jo aapke zindagi ka maksad banaya tha usko uski taraf paas nahi paa raha hai usme aapke dimag me lekin us tarah koi aapko progress dikhai nahi de rahi us tarah bada bhi ja raha hai isliye play store sakta hai keval usi ke likhe aap kaise is ko safal banayenge use ki apne aap ko do baar mitane pade pade pade koi baat nahi rakhen usme aap sujhaav dijiye khud ko kya kya ban sakta se dukhi hone ke karan kaise nikaal sakta hai aapko samajh me aa jaega likhne ka koi fayda nahi hai phir dukhi hone ke karan aap khud hai koi aur nahi
आपका प्रश्न है मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी कोई सुझाव दें दोनों ह
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Kankan Sarmah

Psychologist

2:45
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मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दें दोस्तों अब खुश है यह सुनके बहुत अच्छा लगा लेकिन अब अंदर से दुखी हो तो उसके लिए आपको ज्यादा कुछ नहीं अब थोड़ा सा डे मैसेज करो कि आप दुखी क्यों हो सुबह से लेकर शाम तक आप जो भी काम करते हो एक डायरी आफ मेंटेन करो उस देहरी पर जो जो घटना आपके साथ खाते हैं आप सब कुछ वहां पर लिख लो जिसके साथ आप बातचीत करते हो जिन लोगों के पास आप जाते हो या जो लोग आपके पास आते हैं जिस तरीके से आप लोगों का बातचीत होता है कम्युनिकेशन होता है वह फैमिली मेंबर सो या आपके फ्रेंड से या कोई ऑफिस कि कल ही हो जो भी है सब कुछ जोड़ कर लीजिए ठीक है फिर आप सभी चीज जब आपके सामने रहेगा पे मैसेज करके देखो कि कहां पर कमियां है क्या बातों में है या फिर आपकी कोई पटना की रिक्वायरमेंट है या फिर कोई सामान की रिक्वायरमेंट है या फिर प्यार की रिक्वायरमेंट है जो भी हो सकता है या पापा मम्मी का प्यार कभी रिकरमेंट हो सकता है या भाई-बहन की डिस्टर्ब भी जो भी है आपसे अब इंडिपेंडेंस करेंगे ना एक बार क्लियर पिक्चर आपके सामने यह कम मुझे इस तरीके से ना उस तारीख के सागर में करता हूं तो शायद इस तरह के कभी गम मिल सकता है छोटे नवाब अपने आप से चैटिंग ना करें अपनी जिंदगी सिंपल तरीके से गुजरना हर पल सेलिब्रेशन करना सीखे इन एवरी मोमेंट एंजॉय करना सीखे ठीक है और यह कभी भी होना नहीं चाहिए कि आपके शरीर वर्तमान काल में हैं और आपकी मानसिकता है वह अतीत या भविष्य में ऐसा कभी भी नहीं होना चाहिए अगर ऐसा होगा तो अब कभी भी सुख का जो अनुभव पर वह कभी भी आप नहीं कर पाएंगे इसलिए प्रेजेंट मोमेंट को जीने की चेक करने की कोशिश करें ठीक है सही समय पर खाना पीना उठना बैठना अब उसको निभाओ और आपकी हर सुबह एक्सरसाइज सोया मेडिटेशन या जोगिन जो भी है उसको हमेशा करते रहो
main meri zindagi me khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi hoon koi sujhaav de doston ab khush hai yah sunake bahut accha laga lekin ab andar se dukhi ho toh uske liye aapko zyada kuch nahi ab thoda sa day massage karo ki aap dukhi kyon ho subah se lekar shaam tak aap jo bhi kaam karte ho ek diary of maintain karo us dehri par jo jo ghatna aapke saath khate hain aap sab kuch wahan par likh lo jiske saath aap batchit karte ho jin logo ke paas aap jaate ho ya jo log aapke paas aate hain jis tarike se aap logo ka batchit hota hai communication hota hai vaah family member so ya aapke friend se ya koi office ki kal hi ho jo bhi hai sab kuch jod kar lijiye theek hai phir aap sabhi cheez jab aapke saamne rahega pe massage karke dekho ki kaha par kamiyan hai kya baaton me hai ya phir aapki koi patna ki requirement hai ya phir koi saamaan ki requirement hai ya phir pyar ki requirement hai jo bhi ho sakta hai ya papa mummy ka pyar kabhi rikarament ho sakta hai ya bhai behen ki disturb bhi jo bhi hai aapse ab Independence karenge na ek baar clear picture aapke saamne yah kam mujhe is tarike se na us tarikh ke sagar me karta hoon toh shayad is tarah ke kabhi gum mil sakta hai chote nawab apne aap se chatting na kare apni zindagi simple tarike se gujarana har pal celebration karna sikhe in every moment enjoy karna sikhe theek hai aur yah kabhi bhi hona nahi chahiye ki aapke sharir vartaman kaal me hain aur aapki mansikta hai vaah ateet ya bhavishya me aisa kabhi bhi nahi hona chahiye agar aisa hoga toh ab kabhi bhi sukh ka jo anubhav par vaah kabhi bhi aap nahi kar payenge isliye present moment ko jeene ki check karne ki koshish kare theek hai sahi samay par khana peena uthna baithana ab usko nibhao aur aapki har subah exercise soya meditation ya jogin jo bhi hai usko hamesha karte raho
मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दें दोस्तों अब खुश है
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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

1:31
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अपने प्रश्न है कि मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दें इसका उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि ऐसा कभी संभव ही नहीं है कि आप खुश हो और अंदर से दुखी हूं यह कहीं ना कहीं जो आपकी खुशी हो बाहरी दिखावे की खुशी है जो कि वास्तविक खुशी नहीं होती है वास्तविक खुशी होती है जब आप अंदर से खुश होते हैं तब आपको फिर बाहर दिखाने की जरूरत नहीं होती क्योंकि आपके लिए ज्यादा महत्वपूर्ण होता है कि हम अपने अंदर कैसा महसूस कर रहे हैं इसलिए आप उन कार्यों को करें जो आपको उसी अंदर से देते हो उन कार्यों को ग्रहण जिन कार्यों को आप बहुत सम्मान देते हैं इज्जत देते हैं अपने आप को इज्जत देते आप उन्हीं कार्यों को सिर्फ करिए जब तक आप को अपने अंदर से खुशी नहीं आएगी तब तक बाहरी खुशी का कोई भी मायने नहीं होता क्योंकि वह अस्थाई नहीं होते हैं अंदर की खुशी ही अस्थाई होती है और हमारे बाहर की दुनिया में क्या हो रहा है वह उतना महत्वपूर्ण नहीं होता है जितना हमारे अंदर क्या चल रहा है वह ज्यादा महत्वपूर्ण होता है क्योंकि हमारे अंदर जो चल रहा होता हम उसके साथ हमेशा ही होते हैं इसलिए जीवन में संतुष्ट होने के लिए खुशहाल लेने के लिए बहुत जरूरी है कि आप अपने अंदर की खुशी को महसूस करिए अपने अंदर को खुशी लाने के लिए जो भी आप कार्य कर सकते हैं करने की कोशिश करिए अपने आधार पर जिंदगी उसी की है तभी जब अंदर आपकी खुशियां आएगी तभी फिर बाहर की खुशी मैटर करती है और वही तो मैं पूर्ण होता है मेरी शुभकामनाएं आपके लिए धन्यवाद
apne prashna hai ki main meri zindagi me khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi hoon koi sujhaav de iska uttar me main yahi kehna chahta hoon ki aisa kabhi sambhav hi nahi hai ki aap khush ho aur andar se dukhi hoon yah kahin na kahin jo aapki khushi ho bahri dikhaave ki khushi hai jo ki vastavik khushi nahi hoti hai vastavik khushi hoti hai jab aap andar se khush hote hain tab aapko phir bahar dikhane ki zarurat nahi hoti kyonki aapke liye zyada mahatvapurna hota hai ki hum apne andar kaisa mehsus kar rahe hain isliye aap un karyo ko kare jo aapko usi andar se dete ho un karyo ko grahan jin karyo ko aap bahut sammaan dete hain izzat dete hain apne aap ko izzat dete aap unhi karyo ko sirf kariye jab tak aap ko apne andar se khushi nahi aayegi tab tak bahri khushi ka koi bhi maayne nahi hota kyonki vaah asthai nahi hote hain andar ki khushi hi asthai hoti hai aur hamare bahar ki duniya me kya ho raha hai vaah utana mahatvapurna nahi hota hai jitna hamare andar kya chal raha hai vaah zyada mahatvapurna hota hai kyonki hamare andar jo chal raha hota hum uske saath hamesha hi hote hain isliye jeevan me santusht hone ke liye khushahal lene ke liye bahut zaroori hai ki aap apne andar ki khushi ko mehsus kariye apne andar ko khushi lane ke liye jo bhi aap karya kar sakte hain karne ki koshish kariye apne aadhar par zindagi usi ki hai tabhi jab andar aapki khushiya aayegi tabhi phir bahar ki khushi matter karti hai aur wahi toh main purn hota hai meri subhkamnaayain aapke liye dhanyavad
अपने प्रश्न है कि मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दें
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Rajesh Kumar Pandey

Career Counselor

0:25
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मैं जिंदगी से खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कि कोई ना कोई अच्छी बात हुई जो आपको कष्ट में डाल रही है शिव करीब खुश रहेंगे जिंदगी में खुश है पैसा है रुपया लुंगी सेवा करिए आप जो न तो दुख है आपका वह खत्म हो जाएगा
main zindagi se khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi hoon ki koi na koi achi baat hui jo aapko kasht me daal rahi hai shiv kareeb khush rahenge zindagi me khush hai paisa hai rupya lungi seva kariye aap jo na toh dukh hai aapka vaah khatam ho jaega
मैं जिंदगी से खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कि कोई ना कोई अच्छी बात हुई जो आपको कष
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Pankaj Kumar (MATHS GURU)

Motivational Speaker | High Sch.Teacher

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यदि आप अंदर से कुदुक है दुखी हैं तो इसका मतलब है कि अंदर मैं आपको परेशानी है आप मानसिक रूप से परेशान है आपको इंप्रेशंस आगे बढ़ना चाहिए अपनी मुसीबतों अपनी समस्याओं से आगे बढ़ना चाहिए उन्हें दूर करने का उपाय ढूंढना चाहिए हमेशा सही चीजों को सोचना चाहिए लोगों को सही रास्ते ले जाना चाहिए सही दिशा देना चाहिए और यदि आप बाहर से खुश हैं अंदर से दुखी हैं तो उनके कानों को ढूंढिए और कानों को ढूंढ कर दूर करने का प्रयास किया
yadi aap andar se kuduk hai dukhi hain toh iska matlab hai ki andar main aapko pareshani hai aap mansik roop se pareshan hai aapko impreshans aage badhana chahiye apni musibaton apni samasyaon se aage badhana chahiye unhe dur karne ka upay dhundhana chahiye hamesha sahi chijon ko sochna chahiye logo ko sahi raste le jana chahiye sahi disha dena chahiye aur yadi aap bahar se khush hain andar se dukhi hain toh unke kanon ko dhundhiye aur kanon ko dhundh kar dur karne ka prayas kiya
यदि आप अंदर से कुदुक है दुखी हैं तो इसका मतलब है कि अंदर मैं आपको परेशानी है आप मानसिक रूप
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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor

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मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर उधर से कोई सुझाव नहीं अब और की किचन के अंदर से लड़ना चाह रहे होंगे सबसे पहले आप अपने आप को आत्म संतुष्टि आपके लिए अच्छा है और उसी पर संतोष की बिल्कुल सही हो और आपका दुख होगा इसके अलावा अपने अंदर आत्मविश्वास पढ़ाइए योगा कीजिए मेडिटेशन कीजिए आपको संतुष्टि मिलेगी
main apni zindagi me khush hoon lekin phir udhar se koi sujhaav nahi ab aur ki kitchen ke andar se ladana chah rahe honge sabse pehle aap apne aap ko aatm santushti aapke liye accha hai aur usi par santosh ki bilkul sahi ho aur aapka dukh hoga iske alava apne andar aatmvishvaas padhaiye yoga kijiye meditation kijiye aapko santushti milegi
मैं अपनी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर उधर से कोई सुझाव नहीं अब और की किचन के अंदर से लड़ना
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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician

1:46
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राम राम जी की आपका कष्ट है मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव अच्छा पोस्ट है आप तो मैं आपको यह बता दूं आपने जो सोचा होगा आप अंदर से दुखी तब इंसान होता है जो वह चाहता है वह पूरा नहीं होता जो उसने चाहा होगा कभी जिंदगी को पूरा नहीं कर पा रहा है आपने जितना सोचा होगा फोन नहीं हो रहा है आप किसी की सहायता करना चाह रहे हैं वह नहीं हो पा रही आप देखते हैं दुनिया में कैसा हो रहा है यह हो रहा है और आप भी वक्त है जब इंसान बेहोश हो जाता है कि मैं यह नहीं करता हूं तो अंदर से दुखी होकर आप जिंदगी से खुशियां तो जिंदगी से खुश होना अलग कि आप सभी चीज मिल रही है आपको सुख समझाएं कि आपने कुछ सोचा को मुझे ऐसा काम करना कि नहीं कर पाए आप अपने लिस्ट बनाएगा और उनको भी करिए जिससे आपको अंदर से खुशी महसूस हो सुख महसूस करें आप बुखार जो भी आपको क्या लगता कि मैं यह नहीं कर पाया अब करिए कोई समय नहीं जाता है जिस कार से आपको पसंद था मेरी किसी की भलाई से मिलती है किसी को किसी को वृद्ध आश्रम में जाकर भोजन कराने से मिलती है किसी को वृद्ध लोगों की सेवा करने से मिलती है और किसी को अपने मां बाप की सेवा करने और मीरा आपको व्हाट्सएप ना आप जो चाहते हैं पूरा हो धन्यवाद
ram ram ji ki aapka kasht hai main meri zindagi me khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi hoon koi sujhaav accha post hai aap toh main aapko yah bata doon aapne jo socha hoga aap andar se dukhi tab insaan hota hai jo vaah chahta hai vaah pura nahi hota jo usne chaha hoga kabhi zindagi ko pura nahi kar paa raha hai aapne jitna socha hoga phone nahi ho raha hai aap kisi ki sahayta karna chah rahe hain vaah nahi ho paa rahi aap dekhte hain duniya me kaisa ho raha hai yah ho raha hai aur aap bhi waqt hai jab insaan behosh ho jata hai ki main yah nahi karta hoon toh andar se dukhi hokar aap zindagi se khushiya toh zindagi se khush hona alag ki aap sabhi cheez mil rahi hai aapko sukh samjhaye ki aapne kuch socha ko mujhe aisa kaam karna ki nahi kar paye aap apne list banayega aur unko bhi kariye jisse aapko andar se khushi mehsus ho sukh mehsus kare aap bukhar jo bhi aapko kya lagta ki main yah nahi kar paya ab kariye koi samay nahi jata hai jis car se aapko pasand tha meri kisi ki bhalai se milti hai kisi ko kisi ko vriddh ashram me jaakar bhojan karane se milti hai kisi ko vriddh logo ki seva karne se milti hai aur kisi ko apne maa baap ki seva karne aur meera aapko whatsapp na aap jo chahte hain pura ho dhanyavad
राम राम जी की आपका कष्ट है मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई स
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आपने कहा मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी मंदिर से दुखी हूं कोई सुझाव दें अरे वाह भाई वाह क्या आपने जिंदगी का सच का है डिपो ऐसे लोग कौन होते हैं पहले मैं ही बताना चाहूंगा संसार में कुछ लोग ऐसे होते हैं जो दुनिया की निगाह में बहुत खुश होते हैं लेकिन फिर भी वो अंदर से दुखी होते हैं क्योंकि संसार में जो दिखता है वह होता नहीं और जो होता है वह दिखता है आपने कभी एक जोकर की जिंदगी देखी है जो सिनेमा हाल में विलेन का रोल करता है या नौटंकी में जोकर का रोल करता है उस सब को हंसाता है लेकिन अंदर से बोर होता है इसलिए जोकर का रोल करना पड़ रहा है और लोग उसकी सुरूर को कितना पसंद करते हैं भूत की रोल को देखकर खिलखिला कर हंसते फूले नहीं समाते लेकिन नाम क्या कहते हैं जोकर जोकर का मतलब मसखरा उसकी पहचान मत खरे के रूप में होती है यानी लोग व्यक्ति को मच खरा मान लेते हैं कैसा व्यक्ति बताइए क्या जिंदगी में सुखी होगा नहीं अंतरात्मा से दुखी है इसी तरह से हर इंसान की जिंदगी में ऐसे अवसर आते हैं कि वह नौकरी पेशा काम धाम कर परिवार अच्छा मकान अच्छी गाड़ी अच्छे साधन अच्छी नौकरी अच्छा रोजगार सब कुछ है लेकिन फिर भी बहुत कुछ नहीं है इतना सब कुछ होते हुए मन की शांति नहीं है अपनापन नहीं है प्यार नहीं है और इंसान को चेन्नई रात को आंखों में नींद नहीं है क्योंकि वह संसार में बहुत संपन्न व्यक्ति है लेकिन व्यक्तिगत जिंदगी में बहुत दुखी है क्योंकि उसने अपने आप को अपने तक सीमित रखा है उसका कोई हमदर्द नहीं बनाया उसने उसने अपना कोई हिताची नहीं तलाशा कहने को मां पिता भाई बहन पत्नी बच्चे समय फिर ऐसा क्या है कि उसने अपना कोई मित्र नहीं करना क्योंकि सच्चा मित्र लाखों में एक मिलता है जिससे अपनी मन की बात कह सकता है इसलिए सबसे पहले आप अपने मन को टटोलने और उसमें एक विश्वसनीय और एक मजबूत इंसान को तलाशें और उस इंसान को अपने सामने रखते हुए से दोस्ती करें अनुज को सामने रखते हुए पॉजिटिव रास्ता ढूंढने और एक प्रिय मित्र जो आपको दिल से चाहने वाला हूं सच्ची आत्मा से चाइना में लाओ मुझे दोस्त बनाया उसके साथ शेयर करें लेकिन दुख का रोना ना रोए क्योंकि खुद दुखी होंगे तो उसे भी दुखी कर देंगे कुछ उपाय में नहीं और बहुत कुछ बताए भी नहीं क्योंकि इंसान दुख को देखकर आओ विफल हो जाता है और कभी-कभी वही जो कुछ की मुसीबत का कारण बन जाता है तो कुछ ऐसी मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक सिद्धांत हैं जिनका पालन करते हुए हम अपने आप को बदल सकते हैं और दुखी मन को एक शांत मन और एक सुखी जीवन में जो वास्तव में हमारे पास उपलब्ध वह भौतिक हैं हमारे प्राकृतिक शौक नहीं है भौतिक सुख तो बहुत गजब प्राकृतिक चौक हमें मिल जाएगा तो भौतिक सुख कोई मायने नहीं रखेगा
aapne kaha main meri zindagi me khush hoon lekin phir bhi mandir se dukhi hoon koi sujhaav de are wah bhai wah kya aapne zindagi ka sach ka hai depot aise log kaun hote hain pehle main hi batana chahunga sansar me kuch log aise hote hain jo duniya ki nigah me bahut khush hote hain lekin phir bhi vo andar se dukhi hote hain kyonki sansar me jo dikhta hai vaah hota nahi aur jo hota hai vaah dikhta hai aapne kabhi ek joker ki zindagi dekhi hai jo cinema haal me villain ka roll karta hai ya nautanki me joker ka roll karta hai us sab ko hansata hai lekin andar se bore hota hai isliye joker ka roll karna pad raha hai aur log uski suroor ko kitna pasand karte hain bhoot ki roll ko dekhkar khilkhila kar hansate fule nahi samate lekin naam kya kehte hain joker joker ka matlab maskhara uski pehchaan mat khare ke roop me hoti hai yani log vyakti ko match Khara maan lete hain kaisa vyakti bataiye kya zindagi me sukhi hoga nahi antaraatma se dukhi hai isi tarah se har insaan ki zindagi me aise avsar aate hain ki vaah naukri pesha kaam dhaam kar parivar accha makan achi gaadi acche sadhan achi naukri accha rojgar sab kuch hai lekin phir bhi bahut kuch nahi hai itna sab kuch hote hue man ki shanti nahi hai apnapan nahi hai pyar nahi hai aur insaan ko Chennai raat ko aakhon me neend nahi hai kyonki vaah sansar me bahut sampann vyakti hai lekin vyaktigat zindagi me bahut dukhi hai kyonki usne apne aap ko apne tak simit rakha hai uska koi hamdard nahi banaya usne usne apna koi hitachi nahi talasha kehne ko maa pita bhai behen patni bacche samay phir aisa kya hai ki usne apna koi mitra nahi karna kyonki saccha mitra laakhon me ek milta hai jisse apni man ki baat keh sakta hai isliye sabse pehle aap apne man ko tatolane aur usme ek viswasniya aur ek majboot insaan ko talashen aur us insaan ko apne saamne rakhte hue se dosti kare anuj ko saamne rakhte hue positive rasta dhundhne aur ek priya mitra jo aapko dil se chahne vala hoon sachi aatma se china me laao mujhe dost banaya uske saath share kare lekin dukh ka rona na ROYE kyonki khud dukhi honge toh use bhi dukhi kar denge kuch upay me nahi aur bahut kuch bataye bhi nahi kyonki insaan dukh ko dekhkar aao vifal ho jata hai aur kabhi kabhi wahi jo kuch ki musibat ka karan ban jata hai toh kuch aisi manovaigyanik aur darshnik siddhant hain jinka palan karte hue hum apne aap ko badal sakte hain aur dukhi man ko ek shaant man aur ek sukhi jeevan me jo vaastav me hamare paas uplabdh vaah bhautik hain hamare prakirtik shauk nahi hai bhautik sukh toh bahut gajab prakirtik chauk hamein mil jaega toh bhautik sukh koi maayne nahi rakhega
आपने कहा मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी मंदिर से दुखी हूं कोई सुझाव दें अरे वाह
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Luckypandey

Yoga Trainer

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के लिए आपको प्रयास है करना है कि अंदर ऐसी कौन सी आए उसके लिए आपको सबसे अच्छा अभ्यास होगा आपका सबसे अच्छा दिनचर्या होगी वह आपको सूर्योदय के पहले सबसे पहले उठे इसके बाद आपको प्राणायाम ध्यान धारणा और आसनों का अभ्यास करना है जिससे आपकी मन की स्थितियां है मन में निराशा है वह आपके एक्टिव हो और खुशी के तभी आप को प्रकट होगी जब आपका मन बहुत प्रसन्नता के साथ कैसे अप्रैल उसके लिए आपको प्रयास से खुश रहने के लिए यही करना होगा कि आप नियमित रूप से सुबह जल्दी उठ जाएं और आप मल इत्यादि अपने दिनचर्या को धीरे-धीरे त्याग करके और आपको नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करना 5 मिनट पत्रिका 5 मिनट कपालभाति 5 मिनट अनुलोम-विलोम 5 मिनट भ्रामरी 5 मिनट कर सकते तो 10 बार कर ले इसका अभ्यास मिनट में नहीं करता हूं 1 से 2 मिनट तक ले और महिलाओं को कपालभाती निषेध होता है जब उनका मासिक धर्म होता है प्रिय भी आप को ध्यान में रखना है और इतना आप करेंगे तो आपके जीवन बहुत अच्छा परिवर्तन हो गया और अच्छा है कोई दिक्कत वैसे नहीं है
ke liye aapko prayas hai karna hai ki andar aisi kaun si aaye uske liye aapko sabse accha abhyas hoga aapka sabse accha dincharya hogi vaah aapko suryoday ke pehle sabse pehle uthe iske baad aapko pranayaam dhyan dharana aur aasanon ka abhyas karna hai jisse aapki man ki sthitiyan hai man me nirasha hai vaah aapke active ho aur khushi ke tabhi aap ko prakat hogi jab aapka man bahut prasannata ke saath kaise april uske liye aapko prayas se khush rehne ke liye yahi karna hoga ki aap niyamit roop se subah jaldi uth jayen aur aap mal ityadi apne dincharya ko dhire dhire tyag karke aur aapko niyamit roop se pranayaam ka abhyas karna 5 minute patrika 5 minute kapalbhati 5 minute anulom vilom 5 minute bhramari 5 minute kar sakte toh 10 baar kar le iska abhyas minute me nahi karta hoon 1 se 2 minute tak le aur mahilaon ko kapalbhati nishedh hota hai jab unka maasik dharm hota hai priya bhi aap ko dhyan me rakhna hai aur itna aap karenge toh aapke jeevan bahut accha parivartan ho gaya aur accha hai koi dikkat waise nahi hai
के लिए आपको प्रयास है करना है कि अंदर ऐसी कौन सी आए उसके लिए आपको सबसे अच्छा अभ्यास होगा आ
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Gopal Srivastava

Acupressure Acupucture Therapist

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Deepaben R.Shimpi

Mind Trainer | Trainer Motivational | Trainer Textbook Writer don't Copy My Answer

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आपका प्रश्न कुछ ऐसा है कि आपके जिंदगी में आप खुश है लेकिन फिर भी अंदर से दुखी है तो कोई सुझाव दें जी हां मैं आपको यह कहना चाहूंगी कि भीतर से भी खुश रहना बहुत जरूरी है इसके लिए आप आपका मन शांत करने के लिए आप मेडिटेशन का उपयोग कर सकते हो मेडिकल मेडिकेशन टेक्निक का ऐप यूज कर सकते हो 7 दिन 21 दिन आप हर रोज 10 से 20 मिनट तक ध्यान करते रहिए जिससे आपके अंदर बहुत सारे बदलाव आपको दिखाई देंगे आप अंदर से भी खुश हो जाएंगे
aapka prashna kuch aisa hai ki aapke zindagi me aap khush hai lekin phir bhi andar se dukhi hai toh koi sujhaav de ji haan main aapko yah kehna chahungi ki bheetar se bhi khush rehna bahut zaroori hai iske liye aap aapka man shaant karne ke liye aap meditation ka upyog kar sakte ho medical medication technique ka app use kar sakte ho 7 din 21 din aap har roj 10 se 20 minute tak dhyan karte rahiye jisse aapke andar bahut saare badlav aapko dikhai denge aap andar se bhi khush ho jaenge
आपका प्रश्न कुछ ऐसा है कि आपके जिंदगी में आप खुश है लेकिन फिर भी अंदर से दुखी है तो कोई सु
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Dr. Shakeel Akhtar

Homeopathy Doctor

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देखी आप अपनी जिंदगी में खुश हैं लेकिन फिर भी अंदर से आप दुखी हैं इसका मतलब यह हुआ कि आपके मन में कोई परेशानी है आपके अंदर कोई ऐसी प्रॉब्लम है आपके साथ तो प्रॉब्लम है जो आपके मन को परेशान रखती है तो लिखे अपने घर वालों के साथ आप इस बात को शेयर करें अपने दोस्तों के साथ शेयर करें और वह परेशानी जो है उसका हल निकाले तो तभी आपकी जिंदगी पूरी तरह से खुशगवार बन सकती है
dekhi aap apni zindagi me khush hain lekin phir bhi andar se aap dukhi hain iska matlab yah hua ki aapke man me koi pareshani hai aapke andar koi aisi problem hai aapke saath toh problem hai jo aapke man ko pareshan rakhti hai toh likhe apne ghar walon ke saath aap is baat ko share kare apne doston ke saath share kare aur vaah pareshani jo hai uska hal nikale toh tabhi aapki zindagi puri tarah se khushagavar ban sakti hai
देखी आप अपनी जिंदगी में खुश हैं लेकिन फिर भी अंदर से आप दुखी हैं इसका मतलब यह हुआ कि आपके
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Aniel K Kumar Imprints

NLP Master Life Coach, Motivational Speaker

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दोस्तो आप अपनी जिंदगी में सब कुछ खुश है लेकिन सिर के अंदर से दुखी रहते हैं उसके लिए कोई उपाय नहीं देखी आप के अंदर दुखी रहने की वजह यह है कि आप अपने आप अपने आप से सेटिस्फाइड में जो भी आप खुश हैं क्योंकि महोत्तरी बार शांति सुख शांति है इसलिए आप खुश हैं लेकिन आपके अंदर से एकांत हैं सेटिस्फेक्शन नहीं है क्योंकि आप इतना मेहनत है जो करना चाहते थे वह नहीं कर पाए और जो भी चीजें आप आज कर रहे हैं वह एक चमकता सपना नहीं था तो आपको अपने सपने को देखना होगा उस पर काम करना शुरू होगा करोगे तो आप अपने अंदर से भी सुख खुशी महसूस करोगे और एक आत्मविश्वास आपका बढ़ता चला जाएगा पैसा ही सब कुछ नहीं है अपनी जिंदगी जीना है तो थोड़ा सा खुल कर जीना होता है उनके लिए आपको थोड़ा सा स्पॉट अपने आपको परिवार के साथ में करना होगा अपने सपनों को जीने के लिए व परिवार को कमेंट करना होगा आप अपना ऑनलाइन ऑफलाइन जैसे भी आप करना चाहते हो अपने सपनों को पूरा अपने सपनों की तरफ दौड़ लगाना शुरू करें थोड़ा थोड़ा
doston aap apni zindagi me sab kuch khush hai lekin sir ke andar se dukhi rehte hain uske liye koi upay nahi dekhi aap ke andar dukhi rehne ki wajah yah hai ki aap apne aap apne aap se setisfaid me jo bhi aap khush hain kyonki mahottari baar shanti sukh shanti hai isliye aap khush hain lekin aapke andar se ekant hain setisfekshan nahi hai kyonki aap itna mehnat hai jo karna chahte the vaah nahi kar paye aur jo bhi cheezen aap aaj kar rahe hain vaah ek chamakta sapna nahi tha toh aapko apne sapne ko dekhna hoga us par kaam karna shuru hoga karoge toh aap apne andar se bhi sukh khushi mehsus karoge aur ek aatmvishvaas aapka badhta chala jaega paisa hi sab kuch nahi hai apni zindagi jeena hai toh thoda sa khul kar jeena hota hai unke liye aapko thoda sa spot apne aapko parivar ke saath me karna hoga apne sapno ko jeene ke liye va parivar ko comment karna hoga aap apna online offline jaise bhi aap karna chahte ho apne sapno ko pura apne sapno ki taraf daudh lagana shuru kare thoda thoda
दोस्तो आप अपनी जिंदगी में सब कुछ खुश है लेकिन सिर के अंदर से दुखी रहते हैं उसके लिए कोई उप
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Shubham Saini

Software Engineer

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आप अपनी जिंदगी में खुश है फिर भी आप अंदर से दुख का अनुभव करते हैं तो कहीं ना कहीं से आप किसी ने किसी बातों से आप जरूर दुखी हैं तो अब जिन बातों से दुखी हैं उन बातों को भूलने की कोशिश करें और अपने जीवन में कुछ ऐसे मूवमेंट ले कुछ ऐसे समय लंदन में खुशियों के पल जी सकें
aap apni zindagi me khush hai phir bhi aap andar se dukh ka anubhav karte hain toh kahin na kahin se aap kisi ne kisi baaton se aap zaroor dukhi hain toh ab jin baaton se dukhi hain un baaton ko bhulne ki koshish kare aur apne jeevan me kuch aise movement le kuch aise samay london me khushiyon ke pal ji sake
आप अपनी जिंदगी में खुश है फिर भी आप अंदर से दुख का अनुभव करते हैं तो कहीं ना कहीं से आप कि
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यूपी होने का कारण क्या है उन कारणों को जानना बहुत जरूरी है और किन कारणों से आप दुखी हैं हो सकता है कि आप की दौड़ में सुरक्षा की भावना हो तो सामाजिक कारण हो सकते हैं पारिवारिक कारण हो सकते हैं उनको निकालिए स्वतंत्र जीवन जी
up hone ka karan kya hai un karanon ko janana bahut zaroori hai aur kin karanon se aap dukhi hain ho sakta hai ki aap ki daudh me suraksha ki bhavna ho toh samajik karan ho sakte hain parivarik karan ho sakte hain unko nikaliye swatantra jeevan ji
यूपी होने का कारण क्या है उन कारणों को जानना बहुत जरूरी है और किन कारणों से आप दुखी हैं हो
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देखिए जिंदगी में खुश है ले गले से दुखी है तो इसका एक ही कारण हो सकता है क्या कि कोई ऐसी इच्छा है जो पूरी नहीं हुई है या जो आप चाहते हैं वह नहीं पा रहे हैं आपकी कोई इच्छा है अंदर दबी हुआ को प्राप्त नहीं हुई है तो मन का उदास होना स्वाभाविक है तो इसके लिए आप प्रणाम कीजिए ध्यान कीजिए योग निंद्रा लीजिए आसन प्राणायाम ध्यान और योग इंद्र कीजिए इससे आप को अंदर से भी एक तरह से खुशी जनरेट होगी किसी हार्मोन स्रावित होंगे तो जिससे आपको अंदर से भी खुशी का माहौल जनरेट होगा
dekhiye zindagi me khush hai le gale se dukhi hai toh iska ek hi karan ho sakta hai kya ki koi aisi iccha hai jo puri nahi hui hai ya jo aap chahte hain vaah nahi paa rahe hain aapki koi iccha hai andar dabi hua ko prapt nahi hui hai toh man ka udaas hona swabhavik hai toh iske liye aap pranam kijiye dhyan kijiye yog nindra lijiye aasan pranayaam dhyan aur yog indra kijiye isse aap ko andar se bhi ek tarah se khushi generate hogi kisi hormone sravit honge toh jisse aapko andar se bhi khushi ka maahaul generate hoga
देखिए जिंदगी में खुश है ले गले से दुखी है तो इसका एक ही कारण हो सकता है क्या कि कोई ऐसी इच
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Krishna S

Motivational Speaker

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मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दें यह तो ठीक इसी प्रकार से हो गया आपका प्रश्न कि मैं कनाडा में हूं लेकिन मुझे बहुत ही पसीना आ रहा है और दुख दोनों विरोधाभास चीजें एक साथ नहीं होती या तो आप खुश हैं या तो आप दुखी हैं दुख का एकमात्र कारण है एक्सपेक्टेशन एक्सपेक्टेशन इज द रूट कॉज ऑफ़ साइंस एंड ऑल दादरे बिल्कुल करते हैं तो उसके फल की इच्छा रखते हैं यह समझ लेना चाहिए कि कर्मा इन इत्सेल्फ इस अवार्ड हमें उसकी इच्छा रखना अपेक्षा रखना और जब रिजल्ट आता है कम या कुछ नकारात्मक तो हमारे मन में दुख पैदा होता है तो हम सिर्फ इतना कर सकते हैं कि अपना कर्म कर सकते हैं निष्काम भाव से और फल की इच्छा ना रखे जो गीता में भी कहा गया है फल की इच्छा ना रखें और कल तो मिलना ही है लेकिन अपने अनुसार निर्धारित करें कि इतना मिले इतना क्यों मिला तो यह दुख का कारण होता है अगर आपको सुखी रहना है तो हार्ड वर्क करिए एंड गो विद फ्लोर डेट विल मेक योर फेस ग्लो
main meri zindagi me khush hoon lekin phir bhi andar se dukhi hoon koi sujhaav de yah toh theek isi prakar se ho gaya aapka prashna ki main canada me hoon lekin mujhe bahut hi paseena aa raha hai aur dukh dono virodhabhas cheezen ek saath nahi hoti ya toh aap khush hain ya toh aap dukhi hain dukh ka ekmatra karan hai expectation expectation is the root cause of science and all dadre bilkul karte hain toh uske fal ki iccha rakhte hain yah samajh lena chahiye ki karma in itself is award hamein uski iccha rakhna apeksha rakhna aur jab result aata hai kam ya kuch nakaratmak toh hamare man me dukh paida hota hai toh hum sirf itna kar sakte hain ki apna karm kar sakte hain nishkam bhav se aur fal ki iccha na rakhe jo geeta me bhi kaha gaya hai fal ki iccha na rakhen aur kal toh milna hi hai lekin apne anusaar nirdharit kare ki itna mile itna kyon mila toh yah dukh ka karan hota hai agar aapko sukhi rehna hai toh hard work kariye and go with floor date will make your face glow
मैं मेरी जिंदगी में खुश हूं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं कोई सुझाव दें यह तो ठीक इसी प्रक
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Abhilash Shah

Osho Sannyasi, Actor, Acting Trainer, Filmmaker, Life Coach, Yogi - Meditator

9:26
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जे आपकी नहीं पर बहुत लोगों की समस्या है कि जिंदगी में सुख है सुविधा है लेकिन अंदर से दुखी है बाहर से सब अच्छा अच्छा है गाड़ी है बंगला है फैसिलिटी है बैंक बैलेंस है रेगुलर इनकम है घर है परिवार है पर फिर भी अंदर से दुखी है ऐसा क्यों होता है इसका कारण है अगर हम लोग साइंस के हिसाब से समझने जाए तो इसका कारण यह है कि हम में एनर्जी की कमी है मतलब कि हमारी जो लिमिटेड एनर्जी होती है ना हम उसी से हमारा फंक्शन करने लगते हैं और दूसरा यह है कि हमारा एक स्ट्रक्चर ऑफ रिस्पॉन्स होता है स्ट्रक्चर ऑफ रिस्पांस को किस तरह से समझे कि जैसे आपने एक स्विच लगाई और फ्रेंड शुरू हो गया तो यह एक मैकेनिक मैकेनिज्म है कि स्विच का दबाना और पंखा का पंखे का शुरू हो जाना सुनना शुरू हो जाना तो वैसे ही हमारा होता है किसी ने गाली दी और हमने सामने गाली दे दी कोई रास्ते में आ गया और हमने उसको गुस्से में रख कर दिया किसी ने हाथ उठाया तो हमने भी सामने हाथ उठा दिया उस वक्त हम सोचते नहीं है हम क्या निकली है जिसमें हम इस तरह से निकलकर कितना है विक्चुअल हो गया होता न कि यह सब हमें नॉर्मल लगता है हमें लगता ही नहीं कि यह गलत है क्योंकि सब लोग ऐसा कर रहे हैं तो अगर अंधों की सोसाइटी हो तो सबको नॉर्मल लगेगा कि हां अंधा होना नॉर्मल है कि भी सब लोग अंधे तो अगर पहली दफा हम आंख खोल कर देखेंगे तब पता चलेगा कि हां यह तो पूरा बवाल मचा हुआ है सोसाइटी में सब लोग अंधे हैं आज हमारी आंख खुली खुलती है योग और मेडिटेशन तो इसीलिए मैं हमेशा मेरे सारे जवाब में योग मेडिटेशन पर ज्यादा जोर देता हूं क्योंकि योग मेडिटेशन वह पहला कदम है आप लाइफ में कुछ भी करना चाहो योग मेडिटेशन सबसे पहला कदम होता है और वह अगर कदम आपका हो गया तो आगे के सारे कदम आपके सही होंगे उसमें कोई कोई गुंजाइश नहीं कि उसमें कोई गलती होगी तो यह बात तब से पहले समझ लेनी है कि दुख क्यों होता है दुख किया है दुख है क्योंकि हमने सुख की अपेक्षा की थी तो यह अपेक्षा जो होती है ना वह ऐसी चीज होती है कि हमें दौड़ाई रखती है या अपेक्षा है इच्छा है डिजायर उसे यह सब एक ही चीज है अलग-अलग नाम है और अलग-अलग स्वरूप है तो वह में दौड़ती है तो यह हमें समझना होगा यह भी हमारा स्ट्रक्चर ऑफ रिस्पॉन्स है कि कोई ऑब्जेक्टिव होना चाहिए ऑब्जेक्टिव होना चाहिए लाइफ में और उसको अचीव करने के लिए हमें फिर पूरा जी जी जान लगा देंगे और फिर वह चुप हो जाओ और हमें पता ही नहीं है कि वह ऑब्जेक्टिव पाना क्यों चाहिए हमें अच्छी उपयोग करना चाहिए यह क्यों हमें हम कभी पूछते नहीं अपने आप को तो आप कभी भी ऐसा होना लाइफ में तो आप अपने आपको पूछे क्यू व्हाय एम ई डूइंग व्हाट इज माय पर उसका एक ही जवाब आएगा क्योंकि मुझे अच्छा लगेगा मुझे इससे शांति मिलेगी या मुझे उस खुशी मिलेगी तो हर सवाल का जवाब अगर यह है कि मैं अपनी खुशी के लिए काम कर रहा हूं तो मैं आपको एक बात बताना चाहता हूं कि खुशी पाने के लिए कुछ करने की जरूरत है ही नहीं जब खुशी मिलती है ना तो वह तो अंदर से मिलती है बाहर का होना बाहर की घटना वह तो सिर्फ निमित्त बनती है निमित्त बनती है आपकी अंदर की खुशी को बाहर लाने को अभी आपकी लाइफ में कोई आनंद की घटना हुई खुशी की घटना एकदम खुशी की लहर है ना तब आप अब जो करना आपका ब्रीडिंग है ना वह एकदम शांत होगा और रिदमिक होगा एक बाल्टी कलर विदं में आपका ब्रीडिंग चल रहा होगा और टूरिज्म की वजह से आपको खुशी मिल रही है खुशी का एहसास हो रहा है तो जो खुशी का विज्ञान है ना वह कुल मिलाकर कितना है कि अगर आपके आपके साथ आप की बिल्डिंग में चांद है यार इतनी मतलब शांत होती है तो रिदमिक हो ही जाती और अगर विद मिक हुई तो वह शांत हो जाएगी वह एक ही सिक्के के दो बाजू है तो अगर आप की बिल्डिंग रित्विक है तो आप खुश हो ही आपके जीवन में खुशी है ही है एक लिस्ट वर्तमान में तो खुशी है कि जब तक यह सांस चलेगी तब तक तो खुशी है ही है क्योंकि योग विज्ञान ऐसा बोलना है महायोगी श्री सांवरिया जी है उन्होंने यह विज्ञान बताया विज्ञान के बारे में बताते हैं कि या तो रिदम रहेगी या तो कनफ्लिक्ट रहेगा संघर्ष रहेगा दोनों चीजें एक साथ एक समय पर एग्जिट नहीं कर सकती तो अगर दुख है इसका मतलब है कि सांस में भी दम नहीं है और अगर सांस में रिदम आ जाएगी तो दुख चला जाएगा मतलब कहां हो सकता है कि बाहर कुछ घटना बनी है ऐसी की जो दुख देने वाली घटना है लेकिन अगर आपकी स्थान आपकी सांस अगर रिटर्न से चल रही है तो वह घटना आपको दुखी नहीं करेगी और गरीब करेगी भी तो भी थोड़े समय में आप रिकवर कर सकते हो आपका ऑब्जरवेशन जाएगा कि हां मेरी सांसे डिस्टर्ब हुई और इसीलिए यह दुख मेरे अंदर प्रवेश हो गया अभी सांसे आफ नॉरमल करोगे तो वह दुख वैसे ही चला जाएगा जैसे आया है वैसे ही चला जाएगा ऐसा होता है लाइफ में क्यों आते हैं तो दुखी हो जाता है उसमें कोई गलती नहीं है गलत बात है ही नहीं अगर गलत होता तो यह परमात्मा ने बताई नहीं होता परमात्मा ने सारी चीजें ऐसे ही बनाई है कि हम सारी चीजों का अनुभव ले उसको समझे और फिर धीरे-धीरे उससे आगे बढ़े मुक्त हुए तो इसीलिए यह सारी चीजें हैं तो अगर हम यह बात समझ ले और रिद्मिक बिल्डिंग कैसे किया जाता है इसकी प्रैक्टिस करें तो आपको जो कमी खलती है वह मुझे लगता है कि पूरी हो जाएगी और आप भाग्यशाली हो कि आपके भीतर ऐसा रिजर्वेशन गया बुद्ध भगवान को ऐसा ऑब्जरवेशन हुआ था कि मैं मेरे पास सब कुछ है फिर भी अंदर एक कम रहता है अंदर एक पीड़ा रहती है तो क्योंकि सांस नॉर्मल नहीं थी और फिर उन्होंने महाभिनिष्क्रमण किया और फिर 7 साल की यात्रा के बाद वह बुद्धू हुए हैं वह सिद्धार्थ में से राजकुमार सिद्धार्थ थे वह गौतम बुद्ध हुए तो यह बात का भी सारे इतना ही है कि बाहर चाहे कुछ भी हो लेकिन भीतर शांति नहीं है तो उसका कोई मूल्य नहीं रहता तो खैर कि आपको एहसास हुआ तो आप अपने आप को सौभाग्यशाली मानिए और इस दिशा में आप प्रयास कीजिए इस दिशा में आप कदम बढ़ाइए अभी सवाल यह है कि रिजवी थ्रेडिंग कैसे करें रिदमिक ब्रीडिंग रिटर्न को कैसे मिटाएं तो पक्का रिदम वैसे तो अगर आप की विधि बता दो इसमें है दो टेक्निक है नीली एक टेक्निक है जो गौतम बुध बुध भगवान ने बताई है विपश्यना टेक्निक विपश्यना में आप करते जाओ करते जाओ करते जाओ तो आप धीरे धीरे धीरे शांत और एक ऐसा पल आएगा एक ऐसा क्षण आएगा कि आपकी शांत होते होते आप की ब्रीडिंग ग्रिडलिंक हो गई यानी कि आपका फोकस होगा शांति पर आपका फोकस होगा कि आप को स्थिर होना है उस पर आप का फोकस होगा और वह फोकस परिणाम देगा आपको रिद्मिक ब्रीडिंग का दूसरा टेक्निक है जो महायोगी श्री सांवरिया जी ने बताया है वह है कि आप सीधा रिदम रिदम को पकड़ ले अगर सीधा अपने रिदम को पकड़ लिया तो भी आप वही शांति को पाओगे जो जो शांति की बुद्ध भगवान बात कर रहे हैं तो दोनों एक ही सिक्के के दो बाजू है आप आपको जो सुविधा लगे वह आप ट्राई कर सकते हो मुझे ज्यादा एक्सपीरियंस ए थ्री स्टेप रिद्मिक बिल्डिंग का तो मैं आपको उसके बारे में ज्यादा बात करूंगा आप तो www.uphesc.org वेबसाइट है उसका विजिट कर सकते हो वहां पर आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी मिलेगी उनका वेबसाइट है और उनका प्ले स्टोर पर एप्लीकेशन भी है 3srb आप टाइप करोगे गूगल प्ले स्टोर में तो उनका एप्लीकेशन मिलेगा वह डाउनलोड कीजिए और वहां से आप इन सब ले सकते हो ऑल ओवर इंडिया उनके काफी सारे सेंटर से और उनके ऑथराइज्ड तो उनका कांटेक्ट वहां से ले ले सकते हो वेबसाइट चोर एप्लीकेशन से और उन्हें कांटेक्ट करके यह ब्रीडिंग टेक्निक और सिस्टमिक विधिक और विधि एक्सप्रेस दोनों लिख सकते हो और इसका डिलीट किस करता है यह टैली प्रैक्टिस करने से ही होगा और जैसे-जैसे आप की प्रेक्टिस बढ़ती जाएगी तो आपको और मजाक आ जाएगा और आप और गहरे जाओगे और उसने भी बहुत सारी विधियां बताइए ध्यान की तो वह भी आप कर सकते हो तो उसमें डायनेमिक मेडिटेशन है कुंडलिनी नाद ब्रह्म नटराज मेडिटेशन मेडिटेशन तो वह आप एक्सपीरियंस कर सकते हो उस ओं के काफी सारे सेंट्रल से ऑल ओवर इंडिया में ऑल ऑल वर्ल्ड में तो वहां पर आप जो भी आपके करीब है वहां पर विजिट कर सकते हो वहां जा कर यह बीजों के बारे में जान सकते हो वहां प्रयोग कर सकते हो और ओशो के आश्रम है वहां पर भी आप जा सकते हो देख सकते हो और जो खुशी की तलाश है तो मैं बिल्कुल ही दावे से कह सकता हूं क्या वो खुशी सिर्फ और सिर्फ इसी दिशा में मिलेगी आप चाहे कोई भी मार्ग पकड़ लो योग ध्यान भक्ति प्रेम कुमार पकड़ लो लेकिन आपको जो खुशी की तलाश है वह आपको सिर्फ और सिर्फ यही पर मिलेगी अस्तित्व में मिलेगी तो आशा रखता हूं आइए इंफॉर्मेशन आपको हेल्प होगी और आपकी यात्रा विभिन्न हो और जो खुशी की आप तलाश कर रहे हो वह आपको मिले धन्यवाद
je aapki nahi par bahut logo ki samasya hai ki zindagi me sukh hai suvidha hai lekin andar se dukhi hai bahar se sab accha accha hai gaadi hai bangla hai facility hai bank balance hai regular income hai ghar hai parivar hai par phir bhi andar se dukhi hai aisa kyon hota hai iska karan hai agar hum log science ke hisab se samjhne jaaye toh iska karan yah hai ki hum me energy ki kami hai matlab ki hamari jo limited energy hoti hai na hum usi se hamara function karne lagte hain aur doosra yah hai ki hamara ek structure of rispans hota hai structure of response ko kis tarah se samjhe ki jaise aapne ek switch lagayi aur friend shuru ho gaya toh yah ek mechanic maikenijm hai ki switch ka dabana aur pankha ka pankhe ka shuru ho jana sunana shuru ho jana toh waise hi hamara hota hai kisi ne gaali di aur humne saamne gaali de di koi raste me aa gaya aur humne usko gusse me rakh kar diya kisi ne hath uthaya toh humne bhi saamne hath utha diya us waqt hum sochte nahi hai hum kya nikli hai jisme hum is tarah se nikalkar kitna hai vikchual ho gaya hota na ki yah sab hamein normal lagta hai hamein lagta hi nahi ki yah galat hai kyonki sab log aisa kar rahe hain toh agar andhon ki society ho toh sabko normal lagega ki haan andha hona normal hai ki bhi sab log andhe toh agar pehli dafa hum aankh khol kar dekhenge tab pata chalega ki haan yah toh pura bawaal macha hua hai society me sab log andhe hain aaj hamari aankh khuli khulti hai yog aur meditation toh isliye main hamesha mere saare jawab me yog meditation par zyada jor deta hoon kyonki yog meditation vaah pehla kadam hai aap life me kuch bhi karna chaho yog meditation sabse pehla kadam hota hai aur vaah agar kadam aapka ho gaya toh aage ke saare kadam aapke sahi honge usme koi koi gunjaiesh nahi ki usme koi galti hogi toh yah baat tab se pehle samajh leni hai ki dukh kyon hota hai dukh kiya hai dukh hai kyonki humne sukh ki apeksha ki thi toh yah apeksha jo hoti hai na vaah aisi cheez hoti hai ki hamein daudai rakhti hai ya 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nimitt banti hai aapki andar ki khushi ko bahar lane ko abhi aapki life me koi anand ki ghatna hui khushi ki ghatna ekdam khushi ki lahar hai na tab aap ab jo karna aapka Breeding hai na vaah ekdam shaant hoga aur ridmik hoga ek balti color vidan me aapka Breeding chal raha hoga aur tourism ki wajah se aapko khushi mil rahi hai khushi ka ehsaas ho raha hai toh jo khushi ka vigyan hai na vaah kul milakar kitna hai ki agar aapke aapke saath aap ki building me chand hai yaar itni matlab shaant hoti hai toh ridmik ho hi jaati aur agar with mik hui toh vaah shaant ho jayegi vaah ek hi sikke ke do baju hai toh agar aap ki building ritwik hai toh aap khush ho hi aapke jeevan me khushi hai hi hai ek list vartaman me toh khushi hai ki jab tak yah saans chalegi tab tak toh khushi hai hi hai kyonki yog vigyan aisa bolna hai mahayogi shri sanwariya ji hai unhone yah vigyan bataya vigyan ke bare me batatey hain ki ya toh ryhthm rahegi ya toh kanaflikt rahega sangharsh rahega dono cheezen ek saath 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main bilkul hi daave se keh sakta hoon kya vo khushi sirf aur sirf isi disha me milegi aap chahen koi bhi marg pakad lo yog dhyan bhakti prem kumar pakad lo lekin aapko jo khushi ki talash hai vaah aapko sirf aur sirf yahi par milegi astitva me milegi toh asha rakhta hoon aaiye information aapko help hogi aur aapki yatra vibhinn ho aur jo khushi ki aap talash kar rahe ho vaah aapko mile dhanyavad
जे आपकी नहीं पर बहुत लोगों की समस्या है कि जिंदगी में सुख है सुविधा है लेकिन अंदर से दुखी
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Jitendra Shukla

Politicain

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खुश जिंदगी से हैं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं पहले मरते हो आप खुश जिंदगी से सुंदर से दुखी हैं तो पहले दुख का कारण क्या है कुछ कारण जरूर होता है तो दुखी है जिंदगी में खुशियां खुशियां हैं लेकिन कोई ऐसा पल कोई ऐसी यादें वैसी सपने जो कि पूरे नहीं है या परिवारिक के जो सदस्य हैं उनके तरफ से यह जो आप की झड़ी है उससे बड़ी को पहचाने कि दुख आखिर कहां से मौत किस कारण से है जब आपको कारण पता चल जाए तो आराम से पहले अपने दिल से अपने आत्मा से मनन कीजिए जिस कारण को हम दूर कैसे करें अस्थाई तौर पर सदा ही बाकी इस कारण कम कैसे हटाए जिसे मार लिया आपको नौकरी करते हैं कमा रहे हैं खा रहे हैं लिखने की दुख होता है कि आपके जो कुछ पदाधिकारियों के पास गाड़ी है बंगला आपको नहीं है या दुखी या दुख आपको कौन देता है इससे आप दुखी होते हैं तो इसको हम कहते हैं दुख नहीं कहते हैं इस प्रकार का कोई भौतिक कारण से कर दो कि रहे तो माफ करेंगे यह तो कभी समाप्त होने वाला नहीं है लेकिन निजी कारणों से अगर आप दुखी है और किसी के प्रताप से दुखी हैं किसी के आचरण से दुखी हैं या आपके अंदर जो कुछ गलती है जिसे गिलानी आप महसूस करते हैं उन से दुखी हैं कि आप खुद सुबह चिंतन करके आप विचार विमर्श करें और एक बार उस गलती का पश्चाताप राष्ट्रीय सभी के सामने सभी के समक्ष कर ले आपके जिंदगी साधु का निवारण हो जाएगा एक का कारण क्या है उसे अकेले में चिंतन करें ऐसा नहीं मतलब आपको दुख का कारण बताएं और हंसी का पात्र बन जाए ऐसा नहीं है जो आपके हर दुख सुख में शामिल है उसे करें और बेहतर होगा कि माता-पिता दोनों के पीछा करके उनके समक्ष अपने दुख के कारण का कारण बताएं तो माता प्यासा को निवारण मिल जाएगा और पूर्ण विश्वास है कि आप के दुख समाप्त हो जाएंगे
khush zindagi se hain lekin phir bhi andar se dukhi hoon pehle marte ho aap khush zindagi se sundar se dukhi hain toh pehle dukh ka karan kya hai kuch karan zaroor hota hai toh dukhi hai zindagi me khushiya khushiya hain lekin koi aisa pal koi aisi yaadain vaisi sapne jo ki poore nahi hai ya pariwarik ke jo sadasya hain unke taraf se yah jo aap ki jhadi hai usse badi ko pehchane ki dukh aakhir kaha se maut kis karan se hai jab aapko karan pata chal jaaye toh aaram se pehle apne dil se apne aatma se manan kijiye jis karan ko hum dur kaise kare asthai taur par sada hi baki is karan kam kaise hataye jise maar liya aapko naukri karte hain kama rahe hain kha rahe hain likhne ki dukh hota hai ki aapke jo kuch padadhikariyon ke paas gaadi hai bangla aapko nahi hai ya dukhi ya dukh aapko kaun deta hai isse aap dukhi hote hain toh isko hum kehte hain dukh nahi kehte hain is prakar ka koi bhautik karan se kar do ki rahe toh maaf karenge yah toh kabhi samapt hone vala nahi hai lekin niji karanon se agar aap dukhi hai aur kisi ke pratap se dukhi hain kisi ke aacharan se dukhi hain ya aapke andar jo kuch galti hai jise gilani aap mehsus karte hain un se dukhi hain ki aap khud subah chintan karke aap vichar vimarsh kare aur ek baar us galti ka pashchaataap rashtriya sabhi ke saamne sabhi ke samaksh kar le aapke zindagi sadhu ka nivaran ho jaega ek ka karan kya hai use akele me chintan kare aisa nahi matlab aapko dukh ka karan bataye aur hansi ka patra ban jaaye aisa nahi hai jo aapke har dukh sukh me shaamil hai use kare aur behtar hoga ki mata pita dono ke picha karke unke samaksh apne dukh ke karan ka karan bataye toh mata pyaasa ko nivaran mil jaega aur purn vishwas hai ki aap ke dukh samapt ho jaenge
खुश जिंदगी से हैं लेकिन फिर भी अंदर से दुखी हूं पहले मरते हो आप खुश जिंदगी से सुंदर से दुख
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