क्या आप मुझे बता सकते हैं आत्म ज्ञान प्राप्त करना या फिर मोक्ष प्राप्त करना, ये सब भ्रम है या सत्य?...


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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

0:46

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन को जीने के लिए हर आदमी को कोई न कोई भ्रम जो है वह पालना होता है सत्य कुछ भी नहीं है और कई लोग भ्रम पालते हैं जिनके पास ज्यादा पैसा होगा तो ज्यादा वह सुखी होंगे कई लोग जो है वह पावर के पीछे भागते हैं और इसी तरीके से कई लोग जो होते हैं यह सोचते हैं कि आत्म ज्ञान प्राप्त करने या मोक्ष प्राप्त करने को उनका दे दिए हो जाता है तो यह सारे के सारे जो है वह कम है और इसी भ्रम के बदौलत जो है वह इंसान जो है जिंदा रहता है अगर सारे भ्रम हटा दिए जाएं तो सत्य है कि हर आदमी जो पैदा हुआ है उसको एक दिन मर जाना है और इसलिए जो है सत्य जो है इतना तू है कि उसको झेलना बड़ा मुश्किल होता है और इसीलिए जो है यह भ्रम फैलाया जाते हैं और यह भांजा पॉपुलर है यह बदौलत जो है उसकी जिंदगी कट रही है

jeevan ko jeene ke liye har aadmi ko koi n koi bharam jo hai wah paalnaa hota hai satya kuch bhi nahi hai aur kai log bharam palate chahiye hain jinke paas jyada paisa hoga to jyada wah sukhi honge kai log jo hai wah power ke piche bhagte hain aur isi tarike se kai log jo hote hain yeh sochte hain ki chahiye aatm gyaan prapt karne ya moksha prapt karne ko unka de diye ho jata hai to yeh sare ke sare jo hai wah kam hai aur isi bharam ke badaulat jo hai wah insaan jo hai zinda rehta hai agar sare bharam hata diye jayen to satya hai ki chahiye har aadmi jo paida hua hai usko ek din mar jana hai aur isliye jo hai satya jo hai itna tu hai ki chahiye usko jhelna bada mushkil hota hai aur isliye jo hai yeh bharam faelaya jaate hain aur yeh bhaanja popular hai yeh badaulat jo hai uski zindagi cut rahi hai

जीवन को जीने के लिए हर आदमी को कोई न कोई भ्रम जो है वह पालना होता है सत्य कुछ भी नहीं है औ

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Vivek Shukla

Life coach

1:17
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक मित्र आपका सवाल था कि आत्मज्ञान प्राप्त करना या फिर मोक्ष प्राप्त करना क्या यह सत्य है या भ्रम आत्मज्ञान का मतलब होता है कि सिर्फ आप अपने मन को शांति दे रहे हैं आप अब सही काम कर रहे हैं यही आत्मज्ञान है क्योंकि आपका मन चंचल माने बार-बार भटकता है या फिर गलत कार्यों में भी जाता है या फिर गलत तरीके अपनाता है इन सब को जब आप कहो कंट्रोल हो जाता है इसे ही आत्मज्ञान कहा जाता है और दूसरी बात आप मौत की बात कर रहे तुम इतना आसान नहीं होता वह आपको एक माने इस दुनिया से परलोक सुधारने का पता करता है विज्ञान इसे नहीं मानता लेकिन अध्यात्म आदि से बहुत ही मानता है और पीछे बहुत ही ज्यादा साहित्य बोलता है ऐसे में इसका उत्तर दे पाना बड़ा ही कठिन होता है वैसे मेरे हिसाब से सबसे पहले बॉक्स भी बहुत ही इंपॉर्टेंट होता है क्योंकि मुक्ति के लिए आपको तरह-तरह से उपाधि जाते हैं जिसके लिए आपको आपका मन शांत रहता है और आप गलत कार्यों से दूर रहते हैं ऐसे मैसेज सत्य मानकर आप अपने मन को वश में करते हुए और गलत कार्यों से दूर रहे तो ज्यादा अच्छा होगा मोक्षा और आपको दुनिया से इस दुनिया से इस दुनिया मारे परमात्मा की दुनिया में जाने का रास्ता भी है कि मोक्ष में धर्म सबसे बहुत इंपॉर्टेंट है और धर्म सत्य भी है क्योंकि धर्म की में रहकर आदमी एक दूसरे को अपना माने स्वतंत्रता को उतना ही रखता है जितने में दूसरे की परेशानी ना हो ओके बाय फ्रेंड

ek mitra aapka sawal tha ki atmagyan prapt karna ya phir moksha prapt karna kya yeh satya hai ya bharam atmagyan ka matlab hota hai ki sirf aap apne man ko shanti de rahe hain aap ab sahi kaam kar rahe hain yahi atmagyan hai kyonki aapka man chanchal mane baar baar bhatakta hai ya phir galat karyo mein bhi jata hai ya phir galat tarike apanata hai in sab ko jab aap kaho control ho jata hai ise hi atmagyan kaha jata hai aur dusri baat aap maut ki baat kar rahe tum itna aasan nahi hota wah aapko ek mane is duniya se parlok sudhaarne ka pata karta hai vigyan ise nahi manata lekin adhyaatm aadi se bahut hi manata hai aur piche bahut hi zyada sahitya bolta hai aise mein iska uttar de pana bada hi kathin hota hai waise mere hisab se sabse pehle box bhi bahut hi important hota hai kyonki mukti ke liye aapko tarah tarah se upadhi jaate hain jiske liye aapko aapka man shaant rehta hai aur aap galat karyo se dur rehte hain aise massage satya maankar aap apne man ko vash mein karte huye aur galat karyo se dur rahe to zyada accha hoga moksha aur aapko duniya se is duniya se is duniya maare paramatma ki duniya mein jaane ka rasta bhi hai ki moksha mein dharm sabse bahut important hai aur dharm satya bhi hai kyonki dharm ki mein rahkar aadmi ek dusre ko apna mane svatantrata ko utana hi rakhta hai jitne mein dusre ki pareshani na ho ok by friend

एक मित्र आपका सवाल था कि आत्मज्ञान प्राप्त करना या फिर मोक्ष प्राप्त करना क्या यह सत्य है

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे विचार से यदि हम इस पल में रहकर इस पल को पूरी खुशी के साथ जी ले तो आत्मज्ञान भी यही है और मोक्ष की यही है और जीवन का सार भी यही है

mere vichar se yadi hum is pal mein rahkar is pal ko puri khushi ke saath G le to atmagyan bhi yahi hai aur moksha ki yahi hai aur jeevan ka saar bhi yahi hai

मेरे विचार से यदि हम इस पल में रहकर इस पल को पूरी खुशी के साथ जी ले तो आत्मज्ञान भी यही है

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Bhupendra Chugh

Business Owner

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह सब सत्य है कोई कुछ भी कहता है अगर हम भगवान को मानते हैं तो यह सब सत्य ही है क्योंकि अगर यह सब सत्य नहीं होता तो यह धरती ना होती यह वायुमंडल ना होता यह कहना होते नक्षत्र नहीं होते क्योंकि यह सब भगवान का रक्षा हुआ है और हमारे यहां तो हिंदुस्तान में धार्मिकता वैसे भी बहुत ज्यादा है और हर आदमी धर्म को मानता है क्योंकि अगर हम हिंदू हैं जैसे तो हमारे यहां गीता रामचरितमानस और महाभारत जो सब कुछ है कि सब सच है और जो इसमें लिखा हुआ है सब सच है और मृत्यु के बाद गरुड़ बाण का पाठ पढ़ा जाता है गरुण पुराण में जो लिखा हुआ वह सब सत्य है जिसमें स्वर्ग और नरक का भी जिक्र है अगर साइंस इस बात को नहीं मानता लेकिन हमारे धर्म के अनुसार हैं क्योंकि जितने प्राचीन हम हैं उतना कोई भी देश में उन्होंने साइंस में तरक्की जरूर करिए लेकिन भगवान तक नहीं पहुंच पाए और बहुत ऐसे रहस्य हैं हमारे हिंदुस्तान में जो आज तक नहीं सुलझा सके वहां के वैज्ञानिक भी और हमारे गुरु पुराण में साफ-साफ स्वर्ग और नरक का जिक्र है और वह भी इंसान प्राप्त करता है अगर उसने अच्छे कर्म किए हैं जीवन में और वह सब को भी प्राप्त करता है और नर्क को भी प्राप्त करता है जिसने गलत काम किए हैं यह सब सत्य है यह भ्रम में यह मेरा खुद का अनुभव है और मैं भी यही लोगों को बताना चाहता हूं हकीकत में कि यह सब सत्य है क्योंकि आजकल के लोग रामचरितमानस और रामायण के हेलो महाभारत क्या लो जब हम यह क्या कि भगवान राम हुए भगवान श्रीकृष्ण हुए सब कुछ हुआ तो यह हकीकत है यह सत्य है और पुनर्जन्म भी होता है यह भी सत्य है ऐसे कई उदाहरण भी सामने आए हैं मरने के बाद भी आदमी जिंदा हुआ है यह भी सत्य है वह ऊपर जो इंसान पूछता है यमराज होते हैं यह सब सत्य है कोई झूठ नहीं है

yah sab satya hai koi kuch bhi kahata hai agar hum bhagwan ko maante hain toh yah sab satya hi hai kyonki agar yah sab satya nahi hota toh yah dharti na hoti yah vayumandal na hota yah kehna hote nakshtra nahi hote kyonki yah sab bhagwan ka raksha hua hai aur hamare yahan toh Hindustan mein dharmikata waise bhi bahut zyada hai aur har aadmi dharm ko manata hai kyonki agar hum hindu hain jaise toh hamare yahan geeta ramcharitmanas aur mahabharat jo sab kuch hai ki sab sach hai aur jo isme likha hua hai sab sach hai aur mrityu ke baad garuda baan ka path padha jata hai garun puran mein jo likha hua vaah sab satya hai jisme swarg aur narak ka bhi jikarr hai agar science is baat ko nahi manata lekin hamare dharm ke anusaar hain kyonki jitne prachin hum hain utana koi bhi desh mein unhone science mein tarakki zaroor kariye lekin bhagwan tak nahi pohch paye aur bahut aise rahasya hain hamare Hindustan mein jo aaj tak nahi suljha sake wahan ke vaigyanik bhi aur hamare guru puran mein saaf saaf swarg aur narak ka jikarr hai aur vaah bhi insaan prapt karta hai agar usne acche karm kiye hain jeevan mein aur vaah sab ko bhi prapt karta hai aur nark ko bhi prapt karta hai jisne galat kaam kiye hain yah sab satya hai yah bharam mein yah mera khud ka anubhav hai aur main bhi yahi logo ko bataana chahta hoon haqiqat mein ki yah sab satya hai kyonki aajkal ke log ramcharitmanas aur ramayana ke hello mahabharat kya lo jab hum yah kya ki bhagwan ram hue bhagwan shrikrishna hue sab kuch hua toh yah haqiqat hai yah satya hai aur punarjanm bhi hota hai yah bhi satya hai aise kai udaharan bhi saamne aaye hain marne ke baad bhi aadmi zinda hua hai yah bhi satya hai vaah upar jo insaan poochta hai yamraj hote hain yah sab satya hai koi jhuth nahi hai

यह सब सत्य है कोई कुछ भी कहता है अगर हम भगवान को मानते हैं तो यह सब सत्य ही है क्योंकि अगर

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Vimla Bidawatka

Spiritual Thinker

1:43
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आत्म ज्ञान प्राप्त करना जब आत्म ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं या आत्मा का ज्ञान हो जाता है तो यह एक तरह से मोक्ष मोक्ष मतलब मुक्ति फिर आप मुक्त हो बंधन में नहीं हो तो आत्म ज्ञान प्राप्त करना का मतलब यह है कि मैं कौन हूं यह शरीर अलग है आत्मा अलग है एक एक आत्मा क्या एक पावर है जैसे परमात्मा अगर इस शरीर में है वह आत्मा तो उसको पावर बोलते हैं और अगर वह पूरे आकाश में है तो वह परमात्मा है तो आत्मा परमात्मा ब्रह्मा यह सब एक हैं इनको जब जान लेते हैं तो हमें यह शरीर का बंधन नहीं रहता तो फिर हम मुक्त है तो मोक्ष प्राप्त करना मतलब मुक्त है जो अपने आप को मुक्त समझता है उसको मोक्ष की प्राप्ति होती है अगर समझता है कि मैं एक माह में एक बाप तो उस पाप का बंधन है लेकिन मां बाप का तू लोड मिला है उसे पूरा करना है तो रोल करते हुए जैसे स्टेज पर है कि एक आदमी रोल कर रहा है राजा का लेकिन वह राजा नहीं है जैसे उसका रोल पूरा करता है वह अपने दूसरे इसमें आ जाता है कि जो वह हकीकत में है उसी तरह से आत्म ज्ञान प्राप्त करना तो यह मोक्ष प्राप्त करना यह भ्रम नहीं है यही सत्य है जीवन का जो इसे समझ लेता है वह सुखी रहता है फिर वह दुखी नहीं रहता मुझे नहीं समझते हैं वह हर क्षण सुखी दुखी दुखी दुखी होते रहते हैं और जो दुख का कारण है यह हमारा सिर्फ एक बंधन है

aatm gyaan prapt karna jab aatm gyaan prapt kar chahiye lete hain ya aatma ka gyaan ho jata hai to yeh ek tarah se moksha moksha matlab mukti phir aap mukt ho badhan mein nahi ho to aatm gyaan prapt karna ka matlab yeh hai ki chahiye main kaun hoon yeh sharir alag hai aatma alag hai ek ek aatma kya ek power hai jaise paramatma agar is sharir mein hai wah aatma to usko power bolte hain aur agar wah poore akash mein hai to wah paramatma hai to aatma paramatma brahma yeh sab ek hain inko jab jaan lete hain to hume yeh sharir ka badhan nahi rehta to phir hum mukt hai to moksha prapt karna matlab mukt hai jo apne aap ko mukt samajhata hai usko moksha ki prapti hoti hai agar samajhata hai ki chahiye main ek mah mein ek baap to us paap ka badhan hai lekin maa baap ka tu load mila hai use pura karna hai to roll karte huye jaise stage par hai ki chahiye ek aadmi roll kar chahiye raha hai raja ka lekin wah raja nahi hai jaise uska roll pura karta hai wah apne dusre chahiye isme aa jata hai ki chahiye jo wah haqiqat mein hai ussi tarah se aatm gyaan prapt karna to yeh moksha prapt karna yeh bharam nahi hai yahi satya hai jeevan ka jo ise samajh leta chahiye hai wah sukhi rehta hai phir wah dukhi nahi rehta mujhe nahi samajhte hain wah har kshan sukhi dukhi dukhi dukhi hote rehte hain aur jo dukh ka kaaran hai yeh hamara sirf ek badhan hai

आत्म ज्ञान प्राप्त करना जब आत्म ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं या आत्मा का ज्ञान हो जाता है तो

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Rakesh Samdadiya

Business Owner

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Vishal Chaudhary

Teacher and motivator

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जितना हमारे पास नॉलेज होता है हम उन्हीं बातों को समझते हैं या फिर कोई व्यक्ति हमें आ करके समझाएं तो उसकी बात को माता मानते हैं जो वह प्रूफ देता है आज के टाइम पर आ जाना आत्मा की बात करते हैं तो आज के समय का इंसान जो है इस आत्मा के स्वरूप को उसके ज्ञान को नहीं समझ पा रहा है और उसने सब छोड़ दिया है वह अन्य कामों में लगा हुआ है वह बहुत ही भौतिक हो गया है तो कैसे वह आत्मा को समझ पाएगा ऐसे वह मुख्य को समझ पाएगा अगर उसे थोड़ा ज्ञान होता तो वह मोक्ष की बात को समझता मोक्ष होता है जरूर होता है और पर जीवन भी जरूर होता है लेकिन जितना इंसान को ज्ञान है उसी पर इतना विश्वास करता है बजा यही है कि कभी हमें लगता है कि यह है या नहीं है और कभी लगता है कि यह सब कुछ है हम बड़े कॉन्फिडेंट हो जाते हैं दोनों ही उत्पन्न होती है यह ज्ञान की वजह है इसके बाद हम नहीं समझ पाते हैं कि मोक्ष है या नहीं है इंसान पर जीवन में तड़पता है या नहीं करता है इशारे पर बात हो गई है इस वजह से आज के टाइम पर मैं उसको समझना इसके बारे में कठिन हो गया है

dekhie chahiye jitna hamare paas knowledge hota hai hum unhi baaton ko samajhte hai ya phir koi vyakti hume aa karke samjhayen to uski baat ko mata manate hai jo wah proof deta hai aaj ke time par aa jana aatma ki baat karte hai to aaj ke samay ka insaan jo hai is aatma ke swaroop ko uske gyaan ko nahi samajh pa raha hai aur usne sab chod diya hai wah anya kaamo chahiye mein laga hua hai wah bahut hi bhautik ho gaya hai to kaise wah aatma ko samajh payega aise wah mukhya ko samajh payega agar use thoda gyaan hota to wah moksha ki baat ko samajhata moksha hota hai jarur hota hai aur par jeevan bhi jarur hota hai lekin jitna insaan ko gyaan hai ussi par itna vishwas karta hai baja chahiye yahi hai ki chahiye kabhi hume lagta hai ki chahiye yeh hai ya nahi hai aur kabhi lagta hai ki chahiye yeh sab kuch hai hum bade confident chahiye ho jaate hai dono hi utpann hoti hai yeh gyaan ki wajah hai iske baad hum nahi samajh paate hai ki chahiye moksha hai ya nahi hai insaan par jeevan mein tadpata hai ya nahi karta hai ishare par baat ho gayi hai is wajah se aaj ke time par main usko samajhna iske bare mein kathin ho gaya hai

देखिए जितना हमारे पास नॉलेज होता है हम उन्हीं बातों को समझते हैं या फिर कोई व्यक्ति हमें आ

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Gunjan

Junior Volunteer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे पैसे के लिए आप जाना चाहते कि आत्म ज्ञान प्राप्त करना या फिर मोस्ट पर इतना रात का नाम राम है या फिर सत्य तो देखें मेरे साथ से तो सच है वही होता है जो आप जीते हैं तो अपनी जिंदगी को बहुत अच्छी तरीके से जिए और आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना मतलब अपने आप को जागना भी एक बहुत अच्छी कला है तो बेशक आपको वह करना चाहिए और मोक्ष का मतलब होता है कि आप सारे बालक अपने जो है जीवन में रिलायंस करें या फिर आवाज आपको फर्क नहीं पड़ता है कि लाइक आपको क्या लाभ हो रहा है क्या हानि हो रहा है तू यह सब सत्य पर आधारित है तो आप अपनी जिंदगी को अच्छी तरीके से जीना फिर आपको उसकी प्राप्ति अपने आप हो जाएगी

mujhe paise ke liye aap jana chahte ki chahiye aatm gyaan prapt karna ya phir most par itna raat ka naam ram hai ya phir satya to dekhen mere saath se to sach hai wahi hota hai jo aap jeete hain to apni zindagi ko bahut acchi tarike se jiye aur aatma ka gyaan prapt karna matlab apne aap ko jagana bhi ek bahut acchi kala hai to beshak aapko chahiye wah karna chahiye aur moksha ka matlab hota hai ki chahiye aap sare balak apne jo hai jeevan mein reliance kare chahiye ya phir aawaj chahiye aapko chahiye fark nahi padata hai ki chahiye like aapko chahiye kya labh ho raha hai kya hani ho raha hai tu yeh sab satya par aadharit hai to aap apni zindagi ko acchi tarike se jeena phir aapko chahiye uski prapti apne aap ho jayegi

मुझे पैसे के लिए आप जाना चाहते कि आत्म ज्ञान प्राप्त करना या फिर मोस्ट पर इतना रात का नाम

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे देश में आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना और मोक्ष प्राप्त करना एक सच है और हमारे प्राचीन समय के ऋषि मुनियों ने इसे साबित भी किया है इसे सत्य भी किया है माना जाता था कि जब आत्मा का ज्ञान प्राप्त कर लेते हैं और आप अच्छे कर्म करते हैं अच्छे विचार आपके होते हैं और आप अच्छा जीवन व्यतीत करते हैं दूसरों की सेवा करते हैं दूसरों के बारे में भला होते हैं और अपने शरीर को कष्ट देकर तपस्या करते हैं तब आप मुझको भी प्राप्त कर सकते हैं लेकिन आज 21वीं सदी में जो कि तकनीकी का युग है विज्ञान का युग है युग है आज की जनरेशन को मुझे लगता है कि यह सारी चीजें समझ में नहीं आती है या वैसे सच नहीं मानते हैं अपने पूर्वजों के कहे अनुसार या अपने परिवार में बड़े बुजुर्गों की कही अनुसार हो थोड़ा बहुत पर विश्वास कर लेते हैं मुझे भी लगता है कि आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना मतलब अपने आप को जानना हम अगर अपने आप को अच्छी तरह से जानते हैं और हम क्या कर रहे हमें क्या करना चाहिए सही क्या है अगर उसके अनुसार चलते हैं अपने जीवन को एक संतुलित जीवन और स्वस्थ जीवन देते हैं दूसरों के बारे में अच्छा सोचते हैं दूसरों का भला करते हैं तो मुझे लगता है यही आपकी जान है कि हमें दूसरों का दुख दर्द महसूस हो और हम दूसरों की खुशी में खुश हो सके और मोक्ष को प्राप्त करना भी इन्हीं चीजों से संभव है जब आप अच्छे कार्य करेंगे आप खुश रहेंगे आपको आत्मानंद मिलेगा तो आप सुखी रहेंगे और यह सुख ही मुझे लगता है कि मौके

hamare desh mein aatma ka gyaan prapt karna aur moksha prapt karna ek sach hai aur hamare prachin samay ke rishi muniyon chahiye ne ise saabit bhi kiya hai ise satya bhi kiya hai mana jata tha ki chahiye jab chahiye aatma ka gyaan prapt kar chahiye lete hain aur aap acche karm karte hain acche vichar aapke hote hain aur aap accha jeevan vyatit karte hain dusro ki seva karte hain dusro ke bare mein bhala hote hain aur apne sharir ko kasht dekar tapasya karte hain tab aap mujhko bhi prapt kar chahiye sakte hain lekin aaj vi sadi mein jo ki chahiye takniki ka yug hai vigyan ka yug hai yug hai aaj ki generation ko mujhe lagta hai ki chahiye yeh saree cheezen samajh mein nahi aati hai ya waise sach nahi manate hain apne purwaajon ke kahe anusar ya apne parivar mein bade bujurgoan ki kahi anusar ho thoda bahut par vishwas kar chahiye lete hain mujhe bhi lagta hai ki chahiye aatma ka gyaan prapt karna matlab apne aap ko janana hum agar apne aap ko acchi tarah se jante hain aur hum kya kar chahiye rahe chahiye hume kya karna chahiye sahi kya hai agar uske anusar chalte hain apne jeevan ko ek santulit jeevan aur swasthya jeevan dete hain dusro ke bare mein accha sochte hain dusro ka bhala karte hain to mujhe lagta hai yahi aapki jaan hai ki chahiye hume dusro ka dukh dard mehsus ho aur hum dusro ki khushi mein khush ho sake aur moksha ko prapt karna bhi inhin chijon se sambhav hai jab aap acche karya karenge aap khush rahenge aapko chahiye atmanand milega to aap sukhi rahenge aur yeh sukh hi mujhe lagta hai ki chahiye mauke

हमारे देश में आत्मा का ज्ञान प्राप्त करना और मोक्ष प्राप्त करना एक सच है और हमारे प्राचीन

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Vatsal

Engineering Student

1:38
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मां की आसान तरीके

maa ki aasan tarike

मां की आसान तरीके

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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आत्म ज्ञान प्राप्त करना या मूंछ प्राप्त करना मुझे लगता है कि आज के परिवेश में इसकी परिभाषा को बहुत गलत ढंग से पेश किया गया है और उसके बहुत ही ज्यादा कौनसी पेंसिल हुए हैं आप देखिए कुछ महीने पहले की बात है कि बुराड़ी में एक परिवार ने मुझ प्राप्ति के लिए सुसाइड कर लिया तो कहीं ना कहीं यह दिखाता है कि इसकी परिभाषा है आज के समय बहुत ही गलत तरीके से पेश की गई और उसके बहुत बुरे परिणाम हुए हैं एक बुराड़ी कांड हुआ तो उसके छत्तीसगढ़ में भी सेम यही कंडीशन वहां होती किसी गांव में एक ही परिवार के पांच लोगों ने मोक्ष प्राप्ति के लिए सुसाइड कर लिया आपने और आदमी मुछ प्राप्त करने का यह मतलब नहीं कि आप सुसाइड कर ले मुझे प्राप्त करने आत्म ज्ञान की बातें तो आप देख भगवान बुद्ध ने भी आदमी ज्ञान प्राप्त किया था उनका भी है कमेंट हुआ था उन्होंने मोक्ष प्राप्त किया था उनकी मौत प्राप्त करने में और आज के लोगों की मुझे प्राप्त करने में जमीन आसमान का अंतर है तो मुझे लगता है कि यह चीजें आती तो है लेकिन आज आज उन चीजों को बड़े गलत ढंग से पेश की स्पेशल फीचर्स है उन्होंने इस चीज को बहुत गलत ढंग से पेश किया क्या पेश किया है इसी वजह से ऐसा होता है

aatm gyaan prapt karna ya munch prapt karna mujhe lagta hai ki chahiye aaj ke parivesh mein iski paribhasha ko bahut galat dhang se pesh kiya gaya hai aur uske bahut hi jyada kaunsi pencil huye hain aap dekhie chahiye kuch mahine pehle ki baat hai ki chahiye buradi chahiye mein ek parivar ne mujh prapti ke liye suicide kar chahiye liya to kahin na kahin yeh dikhaata hai ki chahiye iski paribhasha hai aaj ke samay bahut hi galat tarike se pesh ki gayi aur uske bahut bure parinam huye hain ek buradi chahiye kaand hua to uske chattisgarh mein bhi same yahi condition wahan hoti kisi gav mein ek hi parivar ke paanch logo chahiye ne moksha prapti ke liye suicide kar chahiye liya aapne aur aadmi much prapt karne ka yeh matlab nahi ki chahiye aap suicide kar chahiye le mujhe prapt karne aatm gyaan ki batein to aap dekh bhagwan buddha ne bhi aadmi gyaan prapt kiya tha unka bhi hai comment hua tha unhone moksha prapt kiya tha unki maut prapt karne mein aur aaj ke logo chahiye ki mujhe prapt karne mein jameen aasman chahiye ka antar hai to mujhe lagta hai ki chahiye yeh cheezen aati to hai lekin aaj aaj un chijon ko bade galat dhang se pesh ki special features hai unhone is cheez ko bahut galat dhang se pesh kiya kya pesh kiya hai isi wajah se aisa hota hai

आत्म ज्ञान प्राप्त करना या मूंछ प्राप्त करना मुझे लगता है कि आज के परिवेश में इसकी परिभाषा

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Shubham

Software Engineer in IBM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

DJ में अगर अपनी बात करूं तो यह जो बातें हैं आत्म ज्ञान प्राप्त करना या फिर मोक्ष प्राप्त करना है यह सब जो बातें मुझे भ्रम रखते हैं उससे ज्यादा कुछ नहीं लगती मैं इन सब चीज नहीं करता ऐसा मेरा मानना है कि यह सब चीजें सिर्फ और सिर्फ मन का वहम होती है और कुछ नहीं होता तो मैं इन सब चीजों को पर विश्वास नहीं करता और मैं इन सब चीजों को सत्य नहीं मानता यह मेरी राय है बाकी आपको इस रिलेटेड कई तारीख तक सभी सुनने को आपको मिले होंगे काफी लोग इसको सत्य बोलते हैं कि आप लोग झूठ बोलते हैं तो सबकी अपनी अपनी ओपिनियन होती है लेकिन आत्मा और ऐसी चीजें आज तक मैंने अपनी जिंदगी में फेस नहीं की है और ना ही मेल पर बिलीव करता हूं

DJ mein agar apni baat karu chahiye to yeh jo batein hain aatm gyaan prapt karna ya phir moksha prapt karna hai yeh sab jo batein mujhe bharam rakhate hain usse jyada kuch nahi lagti main in sab cheez nahi karta aisa mera manana hai ki chahiye yeh sab cheezen sirf aur sirf man ka vaham hoti hai aur kuch nahi hota to main in sab chijon ko par vishwas nahi karta aur main in sab chijon ko satya nahi manata yeh meri raya hai baki aapko chahiye is related kai tarikh tak sabhi sunne ko aapko chahiye mile honge kaafi log isko satya bolte hain ki chahiye aap log jhuth bolte hain to sabaki apni apni opiniyan hoti hai lekin aatma aur aisi cheezen aaj tak maine apni zindagi mein face nahi ki hai aur na hi mail par believe karta hoon

DJ में अगर अपनी बात करूं तो यह जो बातें हैं आत्म ज्ञान प्राप्त करना या फिर मोक्ष प्राप्त क

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