भारत की राष्ट्रीय लिपि क्या है?...


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हेलो दोस्त मैं राहुल कुमार चौधरी जैसे कि दोस्तों आप का सवाल है भारत के राष्ट्रीय पी क्या है तो भारत की राष्ट्रीय लिपि देवनागरी लिपि है ठीक है दोस्तों भारत के राष्ट्रीय लिपि देवनागरी लिपि

hello dost main rahul kumar choudhary jaise ki doston aap ka sawaal hai bharat ke rashtriya p kya hai toh bharat ki rashtriya lipi devnagari lipi hai theek hai doston bharat ke rashtriya lipi devnagari lipi

हेलो दोस्त मैं राहुल कुमार चौधरी जैसे कि दोस्तों आप का सवाल है भारत के राष्ट्रीय पी क्या ह

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

2:00
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भारत की राष्ट्रीय लिपि के रूप में हम देवनागरी का नाम ले सकते हैं हमारे आधुनिक युग के अग्रणी नेताओं ने प्रमुख विचारकों ने और मनीषियों ने राष्ट्रीय एकता के लिए देवनागरी के प्रयोग पर बल दिया था उनका मानना था कि भावनात्मक एकता की दृष्टि से भारतीय भाषाओं के लिए एक लिपि का होना आवश्यक है और यह लिपि सिर्फ देवनागरी हो सकती है लोकमान्य तिलक और गांधी जी ने भी देश की एकता के लिए एक लिपि की आवश्यकता पर बल दिया था और देवनागरी को ही राष्ट्रीय लिपि के लिए चुना था विनोबा भावे ने भी कहा था कि हिंदुस्तान की एकता के लिए हिंदी भाषा जितना काम करेगी उससे बहुत ज्यादा देवनागिरी काम करेगी इसलिए मैं चाहता हूं कि सभी भाषा देवनागरी में लिखी जाए लोकमान्य तिलक ने भी इस तरह से स्वराज हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है का एक स्वतंत्रता का राष्ट्रीय मंच दिया था उसी तरह देवनागरी के लिए उन्होंने कहा था कि यह राष्ट्रपति हमारे देश की होनी चाहिए महात्मा गांधी भी देवनागिरी अपनाने की कट्टा हिमायती थे पंडित जवाहरलाल नेहरु ने भी सभी भारतीय भाषाओं को जोड़ने वाली मजबूत कड़ी के रुप में देवनागरी लिपि को अपनाने का समर्थन किया था डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद जी चाहते थे कि देवनागरी के माध्यम से हर भारतीय को साहित्य पढ़ने का मौका मिले सेठ गोविंददास में 1967 में बहुत बड़ी समुदाय के सामने यह प्रस्ताव रखा कि सभी प्रादेशिक भाषाएं देवनागरी में देवनागरी लिपि में लिखी एकता को बनाए रखने के लिए एक दूसरे के साथ संपर्क बढ़ाने के लिए इस देश की हर भाषा के साहित्य को समझना है तो हमें लिपि की आवश्यकता है और वह लिपि देवनागरी लिपि हो सकती है मराठी नेपाली बोलने वाले इस लिपि का पहले से व्यवहार करते हैं

bharat ki rashtriya lipi ke roop mein hum devnagari ka naam le sakte hai hamare aadhunik yug ke agranee netaon ne pramukh vicharakon ne aur manishiyon ne rashtriya ekta ke liye devnagari ke prayog par BA l diya tha unka manana tha ki bhavnatmak ekta ki drishti se bharatiya bhashaon ke liye ek lipi ka hona aavashyak hai aur yah lipi sirf devnagari ho sakti hai lokamanya tilak aur gandhi ji ne bhi desh ki ekta ke liye ek lipi ki avashyakta par BA l diya tha aur devnagari ko hi rashtriya lipi ke liye chuna tha vinoba bhave ne bhi kaha tha ki Hindustan ki ekta ke liye hindi bhasha jitna kaam karegi usse BA hut zyada devanagiri kaam karegi isliye main chahta hoon ki sabhi bhasha devnagari mein likhi jaaye lokamanya tilak ne bhi is tarah se swaraj hamara janmsiddh adhikaar hai ka ek swatantrata ka rashtriya manch diya tha usi tarah devnagari ke liye unhone kaha tha ki yah rashtrapati hamare desh ki honi chahiye mahatma gandhi bhi devanagiri apnane ki katta himayati the pandit jawaharlal nehru ne bhi sabhi bharatiya bhashaon ko jodne wali majboot kadi ke roop mein devnagari lipi ko apnane ka samarthan kiya tha doctor rajendra prasad ji chahte the ki devnagari ke madhyam se har bharatiya ko sahitya padhne ka mauka mile seth govindadas mein 1967 mein BA hut BA di samuday ke saamne yah prastaav rakha ki sabhi pradeshik bhashayen devnagari mein devnagari lipi mein likhi ekta ko BA naye rakhne ke liye ek dusre ke saath sampark BA dhane ke liye is desh ki har bhasha ke sahitya ko samajhna hai toh hamein lipi ki avashyakta hai aur vaah lipi devnagari lipi ho sakti hai marathi nepali bolne waale is lipi ka pehle se vyavhar karte hain

भारत की राष्ट्रीय लिपि के रूप में हम देवनागरी का नाम ले सकते हैं हमारे आधुनिक युग के अग्रण

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Sharmistha

Ops Answerer

0:19

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मेरी दृष्टि में भारत की प्रत्येक की लिपि जो है राष्ट्रीय लिपि है और प्रत्येक भाषा राष्ट्रभाषा है ऐसे देवनगरी को राष्ट्रीय लिपि मान सकते हैं मेरी व्यक्तिगत राय में भारत की राष्ट्र लिपि जो है ब्रह्मी को और राष्ट्रीय भाषा संस्कृत को होना चाहिए

meri drishti mein bharat ki pratyek ki lipi jo hai rashtriya lipi hai aur pratyek bhasha rashtrabhasha hai aise devanagari ko rashtriya lipi maan sakte hai meri vyaktigat rai mein bharat ki rashtra lipi jo hai bramhi ko aur rashtriya bhasha sanskrit ko hona chahiye

मेरी दृष्टि में भारत की प्रत्येक की लिपि जो है राष्ट्रीय लिपि है और प्रत्येक भाषा राष्ट्रभ

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