यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति के पद पर बैठता है तो उसके लिए उसकी योग्यता तथा फिर से चुनाव होने का समय क्या है?...


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Akash Mishra

Yoga Expert | Author | Naturopathist | Acupressure Specialist |

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प्रश्न पूछे यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति के पद पर बैठता है तो उसे उसकी योग्यता और फिर से चुनाव होने का समय क्या है लेकिन यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाती है तो उसके बाद में राष्ट्रपति के स्थान पर उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति बन जाता है और उसके बाद में जब अगले चुनाव होते हैं तो राष्ट्रपति का चुनाव किया जाता है कि हर 3 साल के लिए चुना जाता है

prashna pooche yadi koi vyakti rashtrapati ki mrityu ke dauran rashtrapati ke pad par baithta hai toh use uski yogyata aur phir se chunav hone ka samay kya hai lekin yadi koi vyakti rashtrapati ki mrityu ho jaati hai toh uske baad me rashtrapati ke sthan par uprashtrapati rashtrapati ban jata hai aur uske baad me jab agle chunav hote hain toh rashtrapati ka chunav kiya jata hai ki har 3 saal ke liye chuna jata hai

प्रश्न पूछे यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति के पद पर बैठता है तो

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Ravi Yadav

Psychologist

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अशोक वशिष्ठ

Author, Retired Principal

2:02
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आपका प्रश्न है अभी कोई मैं बिल्कुल पढ़ रहा हूं जो आपका प्रश्न है उसको यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति के विरुद्ध के दौरान राष्ट्रपति के पद पर बैठता है तो उसके लिए उसकी योग्यता तथा फिर से चुनाव होने का समय क्या है मैंने आप यह पूछना चाह रहे हैं कि यदि देश के राष्ट्रपति की अपने पद पर रहते हुए मृत्यु हो जाए तो उस राष्ट्रपति के पद पर जो व्यक्ति बैठेगा उसकी योग्यता और फिर से चुनाव होने का क्या समय है तो देखिए हमारे देश की जो व्यवस्था है हमारे यहां एक राष्ट्रपति होता है और एक उपराष्ट्रपति होता है राष्ट्रपति की अनुपस्थिति में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का कार्यभार संभालता है यानी वह दोनों पद संभालता है जब वह राष्ट्रपति का कार्य कर रहा होता है तो वह राष्ट्रपति होता है और राष्ट्रपति के रूप में उसको वेतन और भत्ता मिलता है उसके वे समस्त अधिकार होते हैं जो राष्ट्रपति होते हैं तो यदि हमारे देश की व्यवस्था के अनुसार राष्ट्रपति के पद पर रहते हुए यदि उस राष्ट्रपति की आकस्मिक मृत्यु हो जाए और उसका कार्यकाल बाकी बचा हुआ हो तो ऐसे में तत्काल देश का उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का पदभार संभाल लेता है और उसके पदभार संभालने की तारीख से लेकर 6 महीने के अंदर अंदर राष्ट्रपति का चुनाव करना आवश्यक है तो हमारे यहां की यह व्यवस्था है कि अगर राष्ट्रपति की मृत्यु हो जाए और फिर पद खाली हो जाए तो ऐसे में उपराष्ट्रपति राष्ट्रपति का पदभार संभाल संभाल लेता है और वह का कार्यकाल संभालने के बाद राष्ट्रपति बनने के बाद जो व्यक्ति तक उपराष्ट्रपति पागो राष्ट्रपति का कार्यभार संभाल चुका है तो अगले 6 महीने के अंदर अंदर राष्ट्रपति के पद के लिए नया चुनाव कराना संवैधानिक दृष्टि से आवश्यक होता है

aapka prashna hai abhi koi main bilkul padh raha hoon jo aapka prashna hai usko yadi koi vyakti rashtrapati ke viruddh ke dauran rashtrapati ke pad par baithta hai toh uske liye uski yogyata tatha phir se chunav hone ka samay kya hai maine aap yah poochna chah rahe hain ki yadi desh ke rashtrapati ki apne pad par rehte hue mrityu ho jaaye toh us rashtrapati ke pad par jo vyakti baithega uski yogyata aur phir se chunav hone ka kya samay hai toh dekhiye hamare desh ki jo vyavastha hai hamare yahan ek rashtrapati hota hai aur ek uprashtrapati hota hai rashtrapati ki anupsthiti me uprashtrapati rashtrapati ka karyabhar sambhalata hai yani vaah dono pad sambhalata hai jab vaah rashtrapati ka karya kar raha hota hai toh vaah rashtrapati hota hai aur rashtrapati ke roop me usko vetan aur bhatta milta hai uske ve samast adhikaar hote hain jo rashtrapati hote hain toh yadi hamare desh ki vyavastha ke anusaar rashtrapati ke pad par rehte hue yadi us rashtrapati ki aakasmik mrityu ho jaaye aur uska karyakal baki bacha hua ho toh aise me tatkal desh ka uprashtrapati rashtrapati ka padabhar sambhaal leta hai aur uske padabhar sambhalne ki tarikh se lekar 6 mahine ke andar andar rashtrapati ka chunav karna aavashyak hai toh hamare yahan ki yah vyavastha hai ki agar rashtrapati ki mrityu ho jaaye aur phir pad khaali ho jaaye toh aise me uprashtrapati rashtrapati ka padabhar sambhaal sambhaal leta hai aur vaah ka karyakal sambhalne ke baad rashtrapati banne ke baad jo vyakti tak uprashtrapati pago rashtrapati ka karyabhar sambhaal chuka hai toh agle 6 mahine ke andar andar rashtrapati ke pad ke liye naya chunav krana samvaidhanik drishti se aavashyak hota hai

आपका प्रश्न है अभी कोई मैं बिल्कुल पढ़ रहा हूं जो आपका प्रश्न है उसको यदि कोई व्यक्ति राष्

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

1:24
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कोई व्यक्ति के दौरान राष्ट्रपति पर बैठता है उसके लिए उसकी योग्यता क्या है वास्तव में राष्ट्रपति का कार्यकाल भी 5 वर्ष का होता है और अगर उसकी अकादमिक मुक्त होती है कार्यकाल पूरा होने के पहले नया चुनाव होने तक उपराष्ट्रपति है उपराष्ट्रपति का पद और उसका कार्यभार संभाला है और निर्वाचन प्रक्रिया प्रारंभ होने की जो हड़ताल जो बताए हैं वही है वही लागू होती है जो चुनाव के लिए लागू होती है और इसे अगर समय बहुत ज्यादा बचा हुआ है राष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष 1 साल में खत्म हो जाए तो निश्चित रूप से चुनाव प्रक्रिया पूरी दोबारा होगी तब तक चुनाव होने तक उपराष्ट्रपति का कार्यकाल और प्लेन राष्ट्रपति रहेगा और चुनाव की प्रक्रिया लिख राष्ट्रपति योग्यता है उसी को आधार बनाकर राष्ट्रपति का होगा

koi vyakti ke dauran rashtrapati par baithta hai uske liye uski yogyata kya hai vaastav me rashtrapati ka karyakal bhi 5 varsh ka hota hai aur agar uski Academic mukt hoti hai karyakal pura hone ke pehle naya chunav hone tak uprashtrapati hai uprashtrapati ka pad aur uska karyabhar sambhala hai aur nirvachan prakriya prarambh hone ki jo hartal jo bataye hain wahi hai wahi laagu hoti hai jo chunav ke liye laagu hoti hai aur ise agar samay bahut zyada bacha hua hai rashtrapati ka karyakal 5 varsh 1 saal me khatam ho jaaye toh nishchit roop se chunav prakriya puri dobara hogi tab tak chunav hone tak uprashtrapati ka karyakal aur plane rashtrapati rahega aur chunav ki prakriya likh rashtrapati yogyata hai usi ko aadhar banakar rashtrapati ka hoga

कोई व्यक्ति के दौरान राष्ट्रपति पर बैठता है उसके लिए उसकी योग्यता क्या है वास्तव में राष्

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

2:21
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यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति के पद पर बैठता है तो उसके लिए उसकी योग्यता तथा फिर से चुनाव होने का समय क्या है विक्की जी राष्ट्रपति जी की जब मृत्यु अगर उनके पद पर रहते हुए होती है तो ऐसी सिचुएशन में जो उपराष्ट्रपति होते हैं वह राष्ट्रपति जी का कार्यभार देखते याने कि वह कार्यकारी राष्ट्रपति को जाते हैं और राष्ट्रपति जी का चुनाव वह 6 महीने के अंदर करना पड़ता है राष्ट्रपति जी के चुनाव के लिए उनकी योग्यता लोकसभा के उम्मीदवार की जो होती है वह होना आवश्यक है और जो वोटर्स होते हैं राष्ट्रपति जी के लिए वह लोकसभा के एमपी और विधानसभा सभी राज्य उनके एमएलए पर और सब की अपार अपना-अपना अनुपात होता है और वोटिंग की गिनती में उन्हें 50% से ज्यादा वोट मिलते हैं वह राष्ट्रपति के कैंडिडेट फिर राष्ट्रपति बनते हैं इसलिए जब उपराष्ट्रपति भी अगर ना हो और राष्ट्रपति की मृत्यु हो तो उस समय प्रावधान है कि सुप्रीम कोर्ट के सीजेआई जाने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सुप्रीम कोर्ट केस चीफ जज वह राष्ट्रपति जी का कार्यभार देखते ऐसी परिस्थिति एक बार हमारे देश में आ चुकी है और हिदायतुल्लाह जीने को कार्यभार देखा था इसलिए जो राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति के पद पर कोई दूसरा व्यक्ति नहीं बैठ सकता सिर्फ उपराष्ट्रपति जी ही बैठते बहुत-बहुत शुभकामनाएं धन्यवाद

yadi koi vyakti rashtrapati ki mrityu ke dauran rashtrapati ke pad par baithta hai toh uske liye uski yogyata tatha phir se chunav hone ka samay kya hai vicky ji rashtrapati ji ki jab mrityu agar unke pad par rehte hue hoti hai toh aisi situation me jo uprashtrapati hote hain vaah rashtrapati ji ka karyabhar dekhte yane ki vaah kaaryakari rashtrapati ko jaate hain aur rashtrapati ji ka chunav vaah 6 mahine ke andar karna padta hai rashtrapati ji ke chunav ke liye unki yogyata lok sabha ke ummidvar ki jo hoti hai vaah hona aavashyak hai aur jo voters hote hain rashtrapati ji ke liye vaah lok sabha ke MP aur vidhan sabha sabhi rajya unke mla par aur sab ki apaar apna apna anupat hota hai aur voting ki ginti me unhe 50 se zyada vote milte hain vaah rashtrapati ke candidate phir rashtrapati bante hain isliye jab uprashtrapati bhi agar na ho aur rashtrapati ki mrityu ho toh us samay pravadhan hai ki supreme court ke cji jaane chief justice of india supreme court case chief judge vaah rashtrapati ji ka karyabhar dekhte aisi paristhiti ek baar hamare desh me aa chuki hai aur hidaytullah jeene ko karyabhar dekha tha isliye jo rashtrapati ki mrityu ke dauran rashtrapati ke pad par koi doosra vyakti nahi baith sakta sirf uprashtrapati ji hi baithate bahut bahut subhkamnaayain dhanyavad

यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति के पद पर बैठता है तो उसके लिए उसक

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Shubham Saini

Software Engineer

0:35

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अगर ऐसा होता है कि राजनीति कर देता है तो आपको यह पता होना चाहिए कि राष्ट्रपति के पद पर उपराष्ट्रपति बैठेगा और उपराष्ट्रपति के साथ ऐसा होता है तो उपराष्ट्रपति के पद पर जारी - 6 महीने के लिए किया जाता है छह महीनों में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि उस पद पर कौन सा व्यक्ति लगेगा और दोबारा चुनाव किया जाता है इसमें राष्ट्रपति उपराष्ट्रपति का चुनाव होता है जिसमें फिर पूर्व व्यवस्था के जैसे पूर्व का मोती जैसे और पुनः स्थापित किया जाता है

agar aisa hota hai ki raajneeti kar deta hai toh aapko yah pata hona chahiye ki rashtrapati ke pad par uprashtrapati baithega aur uprashtrapati ke saath aisa hota hai toh uprashtrapati ke pad par jaari 6 mahine ke liye kiya jata hai cheh mahinon me yah sunishchit kiya jaega ki us pad par kaun sa vyakti lagega aur dobara chunav kiya jata hai isme rashtrapati uprashtrapati ka chunav hota hai jisme phir purv vyavastha ke jaise purv ka moti jaise aur punh sthapit kiya jata hai

अगर ऐसा होता है कि राजनीति कर देता है तो आपको यह पता होना चाहिए कि राष्ट्रपति के पद पर उपर

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Ranjeet Singh Uppal

Retired GM ONGC

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सामान्यता राष्ट्रपति की मृत्यु के पश्चात उपराष्ट्रपति ही राष्ट्रपति का कार्यभार देखते हैं अगर उपराष्ट्रपति भी किसी कारणवश उपलब्ध नहीं हो तो उस स्थिति में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस राष्ट्रपति का कार्य देखते हैं ऐसा एक उदाहरण हो चुका है जब सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस हिदायतुल्लाह ने राष्ट्रपति का कार्यभार संभाला था डॉक्टर जाकिर हुसैन की मृत्यु के पश्चात जो राष्ट्रपति का चुनाव होना रहता है वह उनकी मृत्यु के पश्चात जितनी जल्दी हो सके वह कोशिश की जाती है किंतु किसी भी स्थिति में 6 महीने के अंदर वह चुनाव करवाना होता है राष्ट्रपति के चुनाव में खड़े होने के लिए 35 साल की उम्र होनी चाहिए और लोकसभा का सदस्य चुने जाने की योग्यता होनी चाहिए राष्ट्रपति के चुनाव में लोकसभा और विधानसभा के सदस्य मतदान करते हैं और अनुपस्थिति पद्धति से उनके वोटों की संख्या होती है चुनाव में राष्ट्रपति को कम से कम 50% से अधिक वोट मिलने चाहिए अगर फर्स्ट राउंड में राष्ट्रपति को 50% से अधिक वोट नहीं मिलते तो दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती की जाती है ऐसा तब तक किया जाता है जब तक राष्ट्रपति के वोटों की संख्या 50% से अधिक ना हो जाए धन्यवाद

samanyata rashtrapati ki mrityu ke pashchat uprashtrapati hi rashtrapati ka karyabhar dekhte hain agar uprashtrapati bhi kisi karanvash uplabdh nahi ho toh us sthiti me supreme court ke chief justice rashtrapati ka karya dekhte hain aisa ek udaharan ho chuka hai jab supreme court ke chief justice hidaytullah ne rashtrapati ka karyabhar sambhala tha doctor zakir hussain ki mrityu ke pashchat jo rashtrapati ka chunav hona rehta hai vaah unki mrityu ke pashchat jitni jaldi ho sake vaah koshish ki jaati hai kintu kisi bhi sthiti me 6 mahine ke andar vaah chunav karwana hota hai rashtrapati ke chunav me khade hone ke liye 35 saal ki umar honi chahiye aur lok sabha ka sadasya chune jaane ki yogyata honi chahiye rashtrapati ke chunav me lok sabha aur vidhan sabha ke sadasya matdan karte hain aur anupsthiti paddhatee se unke voton ki sankhya hoti hai chunav me rashtrapati ko kam se kam 50 se adhik vote milne chahiye agar first round me rashtrapati ko 50 se adhik vote nahi milte toh dusri variyata ke voton ki ginti ki jaati hai aisa tab tak kiya jata hai jab tak rashtrapati ke voton ki sankhya 50 se adhik na ho jaaye dhanyavad

सामान्यता राष्ट्रपति की मृत्यु के पश्चात उपराष्ट्रपति ही राष्ट्रपति का कार्यभार देखते हैं

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Prashant Gautam

Police Officer

0:48
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यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति पद पर बैठता है तो उसकी योग्यता और चुनाव होने का समय क्या है राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान उपराष्ट्रपति को राष्ट्रपति का कार्यभार सौंपा जाता है और अगर उपराष्ट्रपति उपलब्ध नहीं है तो सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस इस पद पर बैठेंगे उसका कार्यभार संभालेंगे और यह 6 महीने के अंदर का इनका कुछ प्रोसेस वगैरह होता है इसके अंदर उनको नया राष्ट्रपति नियुक्त करना ही होता है इसमें चुनाव होते हैं कोई ऐसी बड़ी वाली बात नहीं है

yadi koi vyakti rashtrapati ki mrityu ke dauran rashtrapati pad par baithta hai toh uski yogyata aur chunav hone ka samay kya hai rashtrapati ki mrityu ke dauran uprashtrapati ko rashtrapati ka karyabhar saupaan jata hai aur agar uprashtrapati uplabdh nahi hai toh supreme court ke chief justice is pad par baitheange uska karyabhar sambhalenge aur yah 6 mahine ke andar ka inka kuch process vagera hota hai iske andar unko naya rashtrapati niyukt karna hi hota hai isme chunav hote hain koi aisi badi wali baat nahi hai

यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रपति की मृत्यु के दौरान राष्ट्रपति पद पर बैठता है तो उसकी योग्यता और

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह चुनाव निर्धारित करेंगे यूपीएससी और आई एस आई एस एल जीपीएस की जो कि मुकुंद पटेल जी हैं और नागेंद्र जी हैं यह दोनों हमारी हटा दिए हैं कि जीवन भर भर का हम साथ उनका नहीं छोड़ेंगे क्योंकि जो हमें आगे बढ़ाने में जितनी मदद की है हम शायद ही जिंदगी में यहां किए बनकर मर जाते मगर की जिंदगी की लाइफ उन्होंने उन लोगों ने बनाई है इसलिए उन लोगों के लिए हमारा शत-शत नमन है

yah chunav nirdharit karenge upsc aur I S I S el GPS ki jo ki mukund patel ji hain aur nagendra ji hain yah dono hamari hata diye hain ki jeevan bhar bhar ka hum saath unka nahi chodenge kyonki jo hamein aage badhane me jitni madad ki hai hum shayad hi zindagi me yahan kiye bankar mar jaate magar ki zindagi ki life unhone un logo ne banai hai isliye un logo ke liye hamara shat shat naman hai

यह चुनाव निर्धारित करेंगे यूपीएससी और आई एस आई एस एल जीपीएस की जो कि मुकुंद पटेल जी हैं और

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