"खुश रहना हो तो अपनी फितरत में एक बात शुमार कर लो,ना मिले कोई अपने जैसा तो खुद से प्यार कर लो"कहा तक यह बात सही लगती है मित्रो?...


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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं आपकी बात से पूरी तरह से सहमत नहीं हूं कि खुश रहना हो तो अपनी फितरत में एक बात शुमार कर ले कि अपने आप से प्यार करने लगते हैं लेकिन मुझे लगता है कि सब अपने आप से प्यार करने से हमारी जिंदगी नहीं देख सकती है हमें कुछ दोस्तों की कुछ रिश्तेदारों की अब कुछ ऐसे अपनों की जरूरत हमेशा रहती है जो हमारी से बात करें हमारी बात सुने और जिन्हें हम पसंद हो और जो हमें भी पसंद हो जिनकी निकटता में हम अच्छा महसूस करें मुझे लगता है अगर हमें खुश रहना है तो सामने वाले को बदलने की वजह हम अपने आपको थोड़ा सा बदल ले अगर हम थोड़ा सा अपने आप को बदलेंगे तो जरूर हम सामने वाले के दिल में भी जैसे बना सकते हैं और खुद भी खुश रह सकते हैं क्योंकि अगर हम अपनी ही जिद में अड़े रहे और खुद को बिल्कुल भी नहीं बदला तो हम अकेले रह जाएंगे और खुद से प्यार करने के बाद भी हम अकेले ही रहेंगे और वह अकेलापन मुझे नहीं लगता कि किसी के लिए भी अच्छा है वैसे भी आज इस विज्ञान के युग में इंसान अकेला होता जा रहा है मशीनों के साथ के साथ ज्यादातर वक्त गुजरता है चाहे लैपटॉप हो जाए फोन हो उसकी एक के साथ ही वह अपना दिन शुरू करता है और रात भी उसकी वही खत्म होती है इसलिए मुझे लगता है कि दिनभर में कितना भी टाइम हमें मिलता है उसमें हमें अपने मित्रों से अपनों से रिश्तेदारों से मिलना चाहिए बात करनी चाहिए और जिन्हें हम पसंद करते हैं जिनका साथ हमें अच्छा लगता है और जिनके साथ हम रह कर अपने दर्द ओ गम भूल जा कहते हैं कि हमारे चेहरे पर आ जाती है एक खुशी हम महसूस करते हैं उन लोगों के लिए उनके नेचर के हिसाब से हमें अपने आपको थोड़ा सा बदल लेना चाहिए थोड़ा सा बदलाव हमें बहुत सारी खुशी दे सकता है

main aapki BA at se puri tarah se sahmat nahi hoon ki khush rehna ho toh apni phitarat mein ek BA at shumaar kar le ki apne aap se pyar karne lagte hai lekin mujhe lagta hai ki sab apne aap se pyar karne se hamari zindagi nahi dekh sakti hai hamein kuch doston ki kuch rishtedaron ki ab kuch aise apnon ki zarurat hamesha rehti hai jo hamari se BA at kare hamari BA at sune aur jinhen hum pasand ho aur jo hamein bhi pasand ho jinki nikatata mein hum accha mehsus kare mujhe lagta hai agar hamein khush rehna hai toh saamne waale ko BA dalne ki wajah hum apne aapko thoda sa BA dal le agar hum thoda sa apne aap ko BA dalenge toh zaroor hum saamne waale ke dil mein bhi jaise BA na sakte hai aur khud bhi khush reh sakte hai kyonki agar hum apni hi jid mein ade rahe aur khud ko bilkul bhi nahi BA dla toh hum akele reh jaenge aur khud se pyar karne ke BA ad bhi hum akele hi rahenge aur vaah akelapan mujhe nahi lagta ki kisi ke liye bhi accha hai waise bhi aaj is vigyan ke yug mein insaan akela hota ja raha hai machino ke saath ke saath jyadatar waqt guzarta hai chahen laptop ho jaaye phone ho uski ek ke saath hi vaah apna din shuru karta hai aur raat bhi uski wahi khatam hoti hai isliye mujhe lagta hai ki dinbhar mein kitna bhi time hamein milta hai usme hamein apne mitron se apnon se rishtedaron se milna chahiye BA at karni chahiye aur jinhen hum pasand karte hai jinka saath hamein accha lagta hai aur jinke saath hum reh kar apne dard o gum bhool ja kehte hai ki hamare chehre par aa jaati hai ek khushi hum mehsus karte hai un logo ke liye unke nature ke hisab se hamein apne aapko thoda sa BA dal lena chahiye thoda sa BA dlav hamein BA hut saree khushi de sakta hai

मैं आपकी बात से पूरी तरह से सहमत नहीं हूं कि खुश रहना हो तो अपनी फितरत में एक बात शुमार कर

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिल खुश रहना है तो अपनी फितरत में एक बात शुमार कर लेना चाहिए अगर कोई ना मिले हम जैसा या अपने जैसा तो खुद से प्यार कर लेना चाहिए मैं सब की बात बिल्कुल सही है अगर कोई इसमें हर एक आदमी की हर एक इंसान का सोच होता है कि हां मुझे एक ऐसा इंसान चाहिए था उसे दर्द ऐसा कोई इंसान आपको नहीं मिलता है तो आप खुद से प्यार कर लो भी बैठे होगा

dil khush rehna hai toh apni phitarat mein ek BA at shumaar kar lena chahiye agar koi na mile hum jaisa ya apne jaisa toh khud se pyar kar lena chahiye main sab ki BA at bilkul sahi hai agar koi isme har ek aadmi ki har ek insaan ka soch hota hai ki haan mujhe ek aisa insaan chahiye tha use dard aisa koi insaan aapko nahi milta hai toh aap khud se pyar kar lo bhi BA ithe hoga

दिल खुश रहना है तो अपनी फितरत में एक बात शुमार कर लेना चाहिए अगर कोई ना मिले हम जैसा या अप

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