महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम क्या ज्यादा मूल्यवान होता है?...


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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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ऐसे और सवाल
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त आपका कुछ नहीं की महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम क्या ज्यादा मुझे बनाता नहीं है महिलाएं और पुरुष बराबर के भागीदार होते हैं चाहे घर में हो या बाहर हो कहीं भी हूं जिसका जैसा काम होता है वैसा उसका मूल्य होता है जिस हिसाब से वह वर्क करते हैं क्या महिला पुरुष पार्टी यानी महिला या पुरुष लड़का लड़कियों के कॉलेज में पढ़ रहे हैं तो देखो वही लड़की आगे निकल सकती है अपनी लाइफ में अच्छी जिंदगी भर के हिसाब से आप अपने माइंड से निकाल दीजिए महिलाओं की तुलना में कुर्सी पर काम ज्यादा मन ऐसा कुछ नहीं है मैं फिर से बता रही हूं कार्यों के हिसाब से मूल्य होता है नमो महिला क्या होता है ना पूछता होता जो जैसा कार्य करेगा जितना उसका मूल्य

dost aapka kuch nahi ki mahilaon ki tulna me purushon ka kaam kya zyada mujhe banata nahi hai mahilaye aur purush barabar ke bhagidaar hote hain chahen ghar me ho ya bahar ho kahin bhi hoon jiska jaisa kaam hota hai waisa uska mulya hota hai jis hisab se vaah work karte hain kya mahila purush party yani mahila ya purush ladka ladkiyon ke college me padh rahe hain toh dekho wahi ladki aage nikal sakti hai apni life me achi zindagi bhar ke hisab se aap apne mind se nikaal dijiye mahilaon ki tulna me kursi par kaam zyada man aisa kuch nahi hai main phir se bata rahi hoon karyo ke hisab se mulya hota hai namo mahila kya hota hai na poochta hota jo jaisa karya karega jitna uska mulya

दोस्त आपका कुछ नहीं की महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम क्या ज्यादा मुझे बनाता नहीं है

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Sachidanand Joshi

Naturopath Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपके सवाल में जो मेरी राय है मेरी राय में जो महिला का कार्य होता है ना वह सबसे ज्यादा सर्वोपरि होता है महिला कार्य कर सकती है वह पुरुष नहीं कर सकता और जिस तरह सेमलिया महिला का कार्य कर सकती हैं वह उस तरह से कभी भी पुरुष नहीं कर सकता क्योंकि महिला एक सकती है एक जागरूक सकती है हर तरह के कार्य कर सकती है महिला घर के बाहर के ऑफिस के सब तरह के कार्य कर सकती है पर पुरुष यह सारे कार्य नहीं कर सकता तो मेरी राय तो यही है अगर महिला जो है वह हर तरह से प्रसन्न होकर हर अवस्था में कार्य कर सकती है बिना क्रोध किए और जो पुरुष है वह हर कार्य को हर अवस्था में नहीं सकता प्रसन्न होकर भी यह मेरी राय है मैं सच्चिदानंद जोशी योगाचार्य एवं नेचुरोपैथी धन्यवाद

namaskar aapke sawaal me jo meri rai hai meri rai me jo mahila ka karya hota hai na vaah sabse zyada sarvopari hota hai mahila karya kar sakti hai vaah purush nahi kar sakta aur jis tarah semliya mahila ka karya kar sakti hain vaah us tarah se kabhi bhi purush nahi kar sakta kyonki mahila ek sakti hai ek jagruk sakti hai har tarah ke karya kar sakti hai mahila ghar ke bahar ke office ke sab tarah ke karya kar sakti hai par purush yah saare karya nahi kar sakta toh meri rai toh yahi hai agar mahila jo hai vaah har tarah se prasann hokar har avastha me karya kar sakti hai bina krodh kiye aur jo purush hai vaah har karya ko har avastha me nahi sakta prasann hokar bhi yah meri rai hai main sacchidanand joshi yogacharya evam naturopathy dhanyavad

नमस्कार आपके सवाल में जो मेरी राय है मेरी राय में जो महिला का कार्य होता है ना वह सबसे ज्

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Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने जो प्रश्न किया है उसको उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि यह बिल्कुल ही गलत बात है चाहे वह महिला हो चाहे पुरुषों दोनों के काम अपने अपने तरीके के काम होते हैं इसलिए यह बात कहना किसी का काम अधिक मूल्यवान है किसी का कम मूल्यवान है बिल्कुल ही गलत है यह ध्यान रखना होगा कि अगर एक महिला घर में काम करती है तो बहुत तरीके के काम होते हैं बहुत ज्यादा काम होते हैं लेकिन उन कामों को हम बहुत ज्यादा महत्व नहीं देते हैं एक पुरुष बाहर का काम करता है ज्यादातर पैसे कमाने के काम करता है तो उससे यह लगता है कि वह बहुत अधिक मूल्यवान मेहनत करता है जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है दोनों की अपने तरीके की मेहनत होती है अपने तरीके का काम होता है इसलिए कहीं ना कहीं दोनों ही अपनी तरफ बराबर काम करते हैं कोई भी ऐसा नहीं है कि जो अधिक मूल्यवान हो कोई कम मूल्यवान हो सब के मूल्य बराबर हैं काम का तरीका अलग अलग होगा और यह ध्यान रखना होगा कि पहले जब परंपरागत समाज था महिलाएं ज्यादातर घर का काम करती थी पुलिस पुरुष कल पैसे कमाने का काम करते थे लेकिन आज समाज में बहुत अधिक परिवर्तन आया है आज औरत हर जीवन की भी क्षेत्र में कदम से कदम पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाकर काम कर रही हैं इसलिए जो कार्य पुरुष कर रहे हैं वह सारे कार्य महिला कर रही है इसलिए यह कहना कि किसी का कार्य अधिक मूल्यवान है किसी का कम मूल्यवान है बिल्कुल ही मैं उसे सही नहीं मानता तो कि मेरी निगाह में दोनों के ही कार्य महत्वपूर्ण है दोनों के अपने कार्य के अपने अपने तरीके हैं इसीलिए दोनों में किसी बात की तुलना करना सही बात नहीं है और समाज में खुश रहने के लिए बहुत जरूरी है कि हम दोनों लोगों को बराबर का महत्व दें तभी हम समाज में सुख शांति ला सकते हैं और तभी समाज में बराबरी हम बना सकते हैं मेरी शुभकामनाएं आपके लिए धन्यवाद

aapne jo prashna kiya hai usko uttar me main yahi kehna chahta hoon ki yah bilkul hi galat baat hai chahen vaah mahila ho chahen purushon dono ke kaam apne apne tarike ke kaam hote hain isliye yah baat kehna kisi ka kaam adhik mulyavan hai kisi ka kam mulyavan hai bilkul hi galat hai yah dhyan rakhna hoga ki agar ek mahila ghar me kaam karti hai toh bahut tarike ke kaam hote hain bahut zyada kaam hote hain lekin un kaamo ko hum bahut zyada mahatva nahi dete hain ek purush bahar ka kaam karta hai jyadatar paise kamane ke kaam karta hai toh usse yah lagta hai ki vaah bahut adhik mulyavan mehnat karta hai jabki aisa bilkul nahi hai dono ki apne tarike ki mehnat hoti hai apne tarike ka kaam hota hai isliye kahin na kahin dono hi apni taraf barabar kaam karte hain koi bhi aisa nahi hai ki jo adhik mulyavan ho koi kam mulyavan ho sab ke mulya barabar hain kaam ka tarika alag alag hoga aur yah dhyan rakhna hoga ki pehle jab paramparagat samaj tha mahilaye jyadatar ghar ka kaam karti thi police purush kal paise kamane ka kaam karte the lekin aaj samaj me bahut adhik parivartan aaya hai aaj aurat har jeevan ki bhi kshetra me kadam se kadam purushon ke saath kadam se kadam milakar kaam kar rahi hain isliye jo karya purush kar rahe hain vaah saare karya mahila kar rahi hai isliye yah kehna ki kisi ka karya adhik mulyavan hai kisi ka kam mulyavan hai bilkul hi main use sahi nahi maanta toh ki meri nigah me dono ke hi karya mahatvapurna hai dono ke apne karya ke apne apne tarike hain isliye dono me kisi baat ki tulna karna sahi baat nahi hai aur samaj me khush rehne ke liye bahut zaroori hai ki hum dono logo ko barabar ka mahatva de tabhi hum samaj me sukh shanti la sakte hain aur tabhi samaj me barabari hum bana sakte hain meri subhkamnaayain aapke liye dhanyavad

आपने जो प्रश्न किया है उसको उत्तर में मैं यही कहना चाहता हूं कि यह बिल्कुल ही गलत बात है च

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

4:03
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महिलाओं की तुलना में पुरुष का काम ज्यादा मूल्यवान होता है देखिए यह महिला और जो पुरुष है इसमें अलग-अलग भूमिकाएं हुआ करती है कुछ भूमिकाओं में महिलाएं महिलाओं का महिलाओं का जो मूल्य अधिक हुआ करता है और कुछ कारों में पुरुषों का मूलाधार हुआ करता है जय श्री घर परिवार में भोजन और परिवारिक व्यवस्था के लिए सबसे ज्यादा महिलाएं प्रभावशाली हुआ करती हैं और पुरुष इसमें पीछा करते हैं इसी प्रकार से जो चैनल है जहां ताकत का इस्तेमाल होता है या जहां अधिक श्रम होता है कल कारखाने मन फैक्ट्रियां हैं जहां श्रम की अधिक आवश्यकता शारीरिक श्रम की अधिक आवश्यकता महसूस हुआ करती है ऐसे क्षेत्र में पुरुषों का पुरुष मूल्यवान हुआ करती हैं कहने का अभिप्राय यह है कि विभिन्न भूमिकाओं में महिलाएं और पुरुष पुरुषों का अलग-अलग मूल हुआ करता है उस चित्रों में महिलाएं ज्यादा मूल्यवान हुआ करती है और कुछ क्षेत्रों में पुरुष ज्यादा मूल्यवान हुआ करते हैं यह नहीं है कि महिलाएं अधिक मूल्यवान हो हर क्षेत्र में और यह भी है अनुवाद नहीं है कि पुरुष और चित्र में अनुवाद हो भूमिकाओं के अनुसार महिलाएं और पुरुष अनुवाद हो जाया करते हैं जो शर्म का क्षेत्र है अधिक जहां ताकत इस्तेमाल हुआ करती है वहां पुरुष ज्यादा सर्वश्रेष्ठ दुआ करते हैं और घर पर एलू हो घर परिवार संबंधी ग्रस्त जो कार है ग्रहणी के कार है वहां महिला महिलाएं ज्यादा कारगर हुआ करती हैं चाहे वह संगीत का चित्र हो कलाकार क्षेत्र हो और गृहस्थी का चित्र हो सिलाई बुनाई कढ़ाई आदि के जो चित्र हुआ करते हैं उसमें महिलाएं ज्यादा महिलाओं की ज्यादा भूमिका हुआ करती है रण कौशल है योद्धा है श्रम जहां लगता है मनुष्य का और योग भवन आदि का निर्माण हुआ करता है पुलिया भगवान और बान जोबना करते हैं यहां आश्रम की ज्यादा आवश्यकता हुआ करती है यहां ताकत भी ज्यादा लगा करती है ऐसे जो जीत हुआ करते हैं वहां पुरुषों की भूमिका महिलाओं की वनस्पति अधिक हुआ करती है और वहां पुरुष ज्यादा मूल्यवान हुआ करते हैं

mahilaon ki tulna me purush ka kaam zyada mulyavan hota hai dekhiye yah mahila aur jo purush hai isme alag alag bhumikaen hua karti hai kuch bhoomikaon me mahilaye mahilaon ka mahilaon ka jo mulya adhik hua karta hai aur kuch kaaron me purushon ka muladhar hua karta hai jai shri ghar parivar me bhojan aur pariwarik vyavastha ke liye sabse zyada mahilaye prabhavshali hua karti hain aur purush isme picha karte hain isi prakar se jo channel hai jaha takat ka istemal hota hai ya jaha adhik shram hota hai kal karkhane man factoriyan hain jaha shram ki adhik avashyakta sharirik shram ki adhik avashyakta mehsus hua karti hai aise kshetra me purushon ka purush mulyavan hua karti hain kehne ka abhipray yah hai ki vibhinn bhoomikaon me mahilaye aur purush purushon ka alag alag mul hua karta hai us chitron me mahilaye zyada mulyavan hua karti hai aur kuch kshetro me purush zyada mulyavan hua karte hain yah nahi hai ki mahilaye adhik mulyavan ho har kshetra me aur yah bhi hai anuvad nahi hai ki purush aur chitra me anuvad ho bhoomikaon ke anusaar mahilaye aur purush anuvad ho jaya karte hain jo sharm ka kshetra hai adhik jaha takat istemal hua karti hai wahan purush zyada sarvashreshtha dua karte hain aur ghar par elu ho ghar parivar sambandhi grast jo car hai grahanee ke car hai wahan mahila mahilaye zyada kargar hua karti hain chahen vaah sangeet ka chitra ho kalakar kshetra ho aur grihasthi ka chitra ho silai bunaii kadhai aadi ke jo chitra hua karte hain usme mahilaye zyada mahilaon ki zyada bhumika hua karti hai ran kaushal hai yodha hai shram jaha lagta hai manushya ka aur yog bhawan aadi ka nirmaan hua karta hai puliya bhagwan aur Baan jobna karte hain yahan ashram ki zyada avashyakta hua karti hai yahan takat bhi zyada laga karti hai aise jo jeet hua karte hain wahan purushon ki bhumika mahilaon ki vanaspati adhik hua karti hai aur wahan purush zyada mulyavan hua karte hain

महिलाओं की तुलना में पुरुष का काम ज्यादा मूल्यवान होता है देखिए यह महिला और जो पुरुष है इस

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Uma Dubey

Astrologer

2:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं हूं ना दोगे बात कर रही हूं आप ने सवाल पूछा है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम किया ज्यादा मूल्यवान होता है तो देखी मेरा जवाब यह है कि ऐसा कुछ नहीं होता है कि पुरुषों से ज्यादा महिलाओं का काम ज्यादा मूल्यवान है या या पुरुषों को ज्यादा मूलवाने दोनों का काम अपनी-अपनी जगह पर मूल्यवान है कोई किसी से सर इसमें महिलाएं जो है वह घर का काम संभालती हैं पुरुष जय हो बाहर का काम संभालते हैं लेकिन हां एक चीज है कि जो जिम्मेदारी है वह पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं के ज्यादा होती है क्योंकि उन्हें उन्हें घर परिवार सभी को व्यवस्थित रहना पड़ता है तो उनका जो मानसिक प्रेशर उन पर बहुत होता है क्योंकि वह एक चरित्र का एक व्यक्ति का निर्माण करती हैं तो और बाहर पुरुष का जो काम है वह पैसे से पैसे कब बाहर क्यों चीजों को संभालते हैं जिसमें मैं में प्रमुख संसाधन है पैसे पैसे से जो कि वह पैसा कमा कर लाते हैं घर के लिए तो इस तुलना में अगर अगर तुम ना किया जाए तो दोनों का कार्य अपनी-अपनी जगह पर है लेकिन महिलाओं को मानसिक ज्यादा मानसिक पैसे से ज्यादा रहता है कि उन्हें एक व्यक्ति का चरित्र का निर्माण करना होता है उनमें एक बच्चे की परवरिश करनी होती है तो जो उनका जो काम है वह 24 घंटे का है और उनको कुछ छुट्टी नहीं है बस ऑफिशियल जॉब नहीं है यह बहुत बड़ा काम है किसी को सृजन करना किसी को एक अच्छा किसी के अंदर क्वालिटी को डेवलप करना उसे बड़ा करना तो इस हिसाब से देखा जाए तो दोनों की तुलना में महिलाओं का काम ज्यादा मूल्यवान है क्योंकि वो एक चीज का सृजन कर दिए सजन करके उसको बड़ा कर दी हैं उसके अंदर वह सारे क्वालिटी को परवरिश करना हुआ जिसको हम कहते परवरिश करना तो पगड़ी की जो खेती एगो अच्छा और बुरा दोनों होते तो यह उनकी जिम्मेदारी होती है कि वह अपने परवरिश से एक व्यक्ति का निर्माण करता है तो यह काम महत्वपूर्ण तो है उसको की तुलना में महिलाओं इस दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है वरना दोनों में दोनों का काम अपनी-अपनी जगह पर उचित है कोई कम या ज्यादा नहीं है उनका भी उनका भी मूल्यवान काम अपनी जगह पर है वह बाहर के संभालते हैं सारे घर की जिम्मेदारी जो भी परवरिश के लिए घर परिवार के लिए जो भी चीजें संसाधन जुटाने का काम है वह पुरुषों का होता है तो उनका भी अपना-अपना जगह अपना योगदान है मिथुन की कोई सी चीज रीजन का नहीं है बट सृजन में उनका एक अपना योगदान है तो इसको हम लोग शिकार कर सकते हैं और शिकार नहीं कर सकते हैं क्या वह दोनों का ही सामान ढोल है आशा करती हूं कि आपको मेरे जवाब अच्छा लगा होगा धन्यवाद

namaskar main hoon na doge baat kar rahi hoon aap ne sawaal poocha hai ki mahilaon ki tulna me purushon ka kaam kiya zyada mulyavan hota hai toh dekhi mera jawab yah hai ki aisa kuch nahi hota hai ki purushon se zyada mahilaon ka kaam zyada mulyavan hai ya ya purushon ko zyada mulvane dono ka kaam apni apni jagah par mulyavan hai koi kisi se sir isme mahilaye jo hai vaah ghar ka kaam sambhaalati hain purush jai ho bahar ka kaam sambhalate hain lekin haan ek cheez hai ki jo jimmedari hai vaah purushon ki apeksha mahilaon ke zyada hoti hai kyonki unhe unhe ghar parivar sabhi ko vyavasthit rehna padta hai toh unka jo mansik pressure un par bahut hota hai kyonki vaah ek charitra ka ek vyakti ka nirmaan karti hain toh aur bahar purush ka jo kaam hai vaah paise se paise kab bahar kyon chijon ko sambhalate hain jisme main me pramukh sansadhan hai paise paise se jo ki vaah paisa kama kar laate hain ghar ke liye toh is tulna me agar agar tum na kiya jaaye toh dono ka karya apni apni jagah par hai lekin mahilaon ko mansik zyada mansik paise se zyada rehta hai ki unhe ek vyakti ka charitra ka nirmaan karna hota hai unmen ek bacche ki parvarish karni hoti hai toh jo unka jo kaam hai vaah 24 ghante ka hai aur unko kuch chhutti nahi hai bus official job nahi hai yah bahut bada kaam hai kisi ko srijan karna kisi ko ek accha kisi ke andar quality ko develop karna use bada karna toh is hisab se dekha jaaye toh dono ki tulna me mahilaon ka kaam zyada mulyavan hai kyonki vo ek cheez ka srijan kar diye sajan karke usko bada kar di hain uske andar vaah saare quality ko parvarish karna hua jisko hum kehte parvarish karna toh pagadi ki jo kheti ego accha aur bura dono hote toh yah unki jimmedari hoti hai ki vaah apne parvarish se ek vyakti ka nirmaan karta hai toh yah kaam mahatvapurna toh hai usko ki tulna me mahilaon is drishtikon se mahatvapurna hai varna dono me dono ka kaam apni apni jagah par uchit hai koi kam ya zyada nahi hai unka bhi unka bhi mulyavan kaam apni jagah par hai vaah bahar ke sambhalate hain saare ghar ki jimmedari jo bhi parvarish ke liye ghar parivar ke liye jo bhi cheezen sansadhan jutane ka kaam hai vaah purushon ka hota hai toh unka bhi apna apna jagah apna yogdan hai maithun ki koi si cheez reason ka nahi hai but srijan me unka ek apna yogdan hai toh isko hum log shikaar kar sakte hain aur shikaar nahi kar sakte hain kya vaah dono ka hi saamaan dhol hai asha karti hoon ki aapko mere jawab accha laga hoga dhanyavad

नमस्कार मैं हूं ना दोगे बात कर रही हूं आप ने सवाल पूछा है कि महिलाओं की तुलना में पुरुषों

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sachet chetan

allrounder

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इसमें महिला पुरुष की तुलना करने की कोई जरूरत नहीं है जो काम ज्यादा मूल्यवान होता है वह चैन महिला करें या पुरुष करें मूलीमानी कहलाएगा जैसे की अभी जो सेना में पुरुषों को एक कमांडिंग की फोड़ दी जा रही थी अब वही काम महिलाएं करने लगेंगे तो ऐसा नहीं है कि वह काम मूल्यवान नहीं रहेगा क्योंकि वह महिला कर रही है वह काम मूल्यवान था लेकिन उसको भी तक मर्द कर रहे थे आपको अब इस्तेमाल करने लगेंगे तब भी वह काम मूलीमानी कल आएगा इससे फर्क नहीं पड़ता है कि उसको औरत कर रही है कि

isme mahila purush ki tulna karne ki koi zarurat nahi hai jo kaam zyada mulyavan hota hai vaah chain mahila kare ya purush kare mulimani kehlaega jaise ki abhi jo sena me purushon ko ek kamanding ki fod di ja rahi thi ab wahi kaam mahilaye karne lagenge toh aisa nahi hai ki vaah kaam mulyavan nahi rahega kyonki vaah mahila kar rahi hai vaah kaam mulyavan tha lekin usko bhi tak mard kar rahe the aapko ab istemal karne lagenge tab bhi vaah kaam mulimani kal aayega isse fark nahi padta hai ki usko aurat kar rahi hai ki

इसमें महिला पुरुष की तुलना करने की कोई जरूरत नहीं है जो काम ज्यादा मूल्यवान होता है वह चैन

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Lokesh kesharwani

Psychologist & Philosopher (Life Coach), Counsellor Of Everything.

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आपके बीच में महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम क्या है ज्यादा मूल्यवान होता है तो मैं बताना चाहूंगा कि संसार के कोई भी वस्तु नहीं ज्यादा मूल्यवान है नहीं कमा सकते हैं के दिन का मूल्य तभी करेंगे जब रात होती है अगर रात नहीं है तो दिन के पहले खत्म हो जाती है दिन का नाम भी खत्म हो जाता है इस प्रकार की होती है वह बुराई की होती है अगर संपर्क बुराई कंप्लीट कि खत्म हो जाएगी अच्छा खुद ब खुद मिट जाता है अच्छाई को जाना जाता है और अच्छा होने में कोई अर्थ नहीं रह जाता यहां पर जाती है रहा होता है जहां कपड़े सिंह की भावना पर कमीशन की भावना खत्म हो जाती है वहां पर इंसान के मालिक हो ने कहा कि इंसान के जीतने की संभावना होती है वह खत्म हो जाती है इंसान के किसी गांव में चोर है और दो चार व्यक्ति ईमानदार हैं तो दो दो चार व्यक्ति जो ईमानदार व्यक्ति हैं उनमें एक भावना मैं जीत गया मैं थोड़ा सा इंसान है थोड़ा सा अलग बनना चाहता है और क्वालिटी की महिलाओं की तुलना में पुरुषों का बिल्कुल क्योंकि मुल्ले मुल्ले पुरुष और महिलाओं के काम में महिलाओं का काम होता है बच्चे पैदा करना बंद कर दो अगर महिला बच्चों को पालना बंद करती है कर लेती है तो बच्चों को पालक और बच्चे रह जाएंगे बच्चों को प्यार भी मिलेगा मां से बच्चे कभी आगे बढ़ पाएंगे और आने वाले पीढ़ी भी खत्म हो जाएगी जहां तक महिलाओं पुरुष का जो काम है कल होता है अगर पुरुष बाहर कमाकर नहीं लाता है तो घर में खाना नहीं होगा जब गर्म खाना नहीं होगा तो खाना बनेगा नहीं बनेगा मर जाएगा अगर कोई एक भी अपना कार्य बंद कर देता है तो संसार का बराबर होते हैं और अधिक मूल्यवान होते हैं धन्यवाद

aapke beech me mahilaon ki tulna me purushon ka kaam kya hai zyada mulyavan hota hai toh main batana chahunga ki sansar ke koi bhi vastu nahi zyada mulyavan hai nahi kama sakte hain ke din ka mulya tabhi karenge jab raat hoti hai agar raat nahi hai toh din ke pehle khatam ho jaati hai din ka naam bhi khatam ho jata hai is prakar ki hoti hai vaah burayi ki hoti hai agar sampark burayi complete ki khatam ho jayegi accha khud bsp khud mit jata hai acchai ko jana jata hai aur accha hone me koi arth nahi reh jata yahan par jaati hai raha hota hai jaha kapde Singh ki bhavna par commision ki bhavna khatam ho jaati hai wahan par insaan ke malik ho ne kaha ki insaan ke jitne ki sambhavna hoti hai vaah khatam ho jaati hai insaan ke kisi gaon me chor hai aur do char vyakti imaandaar hain toh do do char vyakti jo imaandaar vyakti hain unmen ek bhavna main jeet gaya main thoda sa insaan hai thoda sa alag banna chahta hai aur quality ki mahilaon ki tulna me purushon ka bilkul kyonki mulle mulle purush aur mahilaon ke kaam me mahilaon ka kaam hota hai bacche paida karna band kar do agar mahila baccho ko paalna band karti hai kar leti hai toh baccho ko paalak aur bacche reh jaenge baccho ko pyar bhi milega maa se bacche kabhi aage badh payenge aur aane waale peedhi bhi khatam ho jayegi jaha tak mahilaon purush ka jo kaam hai kal hota hai agar purush bahar kamaakar nahi lata hai toh ghar me khana nahi hoga jab garam khana nahi hoga toh khana banega nahi banega mar jaega agar koi ek bhi apna karya band kar deta hai toh sansar ka barabar hote hain aur adhik mulyavan hote hain dhanyavad

आपके बीच में महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम क्या है ज्यादा मूल्यवान होता है तो मैं बत

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी भी चीज का मूल्य उसके सिद्धांतों पर है उसका मूल अर्थ है अभी जो यह प्रश्न है इसमें महिला और पुरुष मछली को पानी से निकलती है ठीक वैसे ही जैसे कि अगर कोई कार्य महिला ही कर सकती है उसके लिए महिला की है तो वह बिल्कुल कहीं से भी तुलना करने का विषय नहीं है और अगर हम यह सोचे और अगर जन्म देने के बाद एक पुरुष महिला को यह सोच कर के उसको किसी कार्य या फिर किसी किसी भी चीज के लिए शोले तो इससे बड़ी शर्म की बात क्या होगी क्योंकि महिलाएं जननी है और उसका कार्य सदैव ऊपर है और वह ना उसका मूल्यांकन हो सकता है और ना ही किसी भी विधि व्यवस्था में ओके तो अगर पुरुष की तुलना में महिला को ज्यादा ज्यादा ध्यान और ज्यादा अनुभूति की जरूरत होती है पुरुष को विवेचना की दृष्टि कहती है कि उसने के अवतार है मां के रूप में है तो वह पूरी तरीके से पूजा की हकदार है जब उसका हक है उसके समस्त मतलब पुरुष को यह नहीं कह सकते हैं कि वह महिला के साथ किसी भी तरीके का यह त्यौहार रखे कि उसके कार्यों को तो महिला की तुलना नहीं हो सकती महिला

kisi bhi cheez ka mulya uske siddhanto par hai uska mul arth hai abhi jo yah prashna hai isme mahila aur purush machli ko paani se nikalti hai theek waise hi jaise ki agar koi karya mahila hi kar sakti hai uske liye mahila ki hai toh vaah bilkul kahin se bhi tulna karne ka vishay nahi hai aur agar hum yah soche aur agar janam dene ke baad ek purush mahila ko yah soch kar ke usko kisi karya ya phir kisi kisi bhi cheez ke liye sholay toh isse badi sharm ki baat kya hogi kyonki mahilaye janani hai aur uska karya sadaiv upar hai aur vaah na uska mulyankan ho sakta hai aur na hi kisi bhi vidhi vyavastha me ok toh agar purush ki tulna me mahila ko zyada zyada dhyan aur zyada anubhuti ki zarurat hoti hai purush ko vivechna ki drishti kehti hai ki usne ke avatar hai maa ke roop me hai toh vaah puri tarike se puja ki haqdaar hai jab uska haq hai uske samast matlab purush ko yah nahi keh sakte hain ki vaah mahila ke saath kisi bhi tarike ka yah tyohar rakhe ki uske karyo ko toh mahila ki tulna nahi ho sakti mahila

किसी भी चीज का मूल्य उसके सिद्धांतों पर है उसका मूल अर्थ है अभी जो यह प्रश्न है इसमें महिल

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Prem

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमने पूछा महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम ज्यादा मूल्यवान होता है लेकिन ऐसा नहीं है महिला और पुरुषों के कार्य की तुलना नहीं की जा सकती है क्योंकि जिस क्षेत्र में महिला कार्यकर्ता वहां पर पुरुष भी कभी-कभी असफल हो जाते हैं और कहीं गई जहां पुरुष कार्य करते हैं वहां पर महिला कर लेते हैं लेकिन कभी-कभी वह भी असफल हो जाती है तो दोनों अपने कार्य में निपुण होते हैं चाय महिला के कार्य हो या पुरुष के कार्यों दोनों को समान दृष्टि से देखना चाहिए और किसी के कार्य का मूल्यांकन नहीं करना चाहिए धन्यवाद

humne poocha mahilaon ki tulna me purushon ka kaam zyada mulyavan hota hai lekin aisa nahi hai mahila aur purushon ke karya ki tulna nahi ki ja sakti hai kyonki jis kshetra me mahila karyakarta wahan par purush bhi kabhi kabhi asafal ho jaate hain aur kahin gayi jaha purush karya karte hain wahan par mahila kar lete hain lekin kabhi kabhi vaah bhi asafal ho jaati hai toh dono apne karya me nipun hote hain chai mahila ke karya ho ya purush ke karyo dono ko saman drishti se dekhna chahiye aur kisi ke karya ka mulyankan nahi karna chahiye dhanyavad

हमने पूछा महिलाओं की तुलना में पुरुषों का काम ज्यादा मूल्यवान होता है लेकिन ऐसा नहीं है मह

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