इंसान गरीब क्यों और पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज़्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग इतना गरीब और कुछ बहुत पैसे वाले होते हैं,ऐसा क्यों?...


user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अफ्रीका इंसान गरीब पर पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले कोई रोकना गरीब की कुछ और पैसे वाले हर परेशानी भरा लड़खड़ा गए इतने गरीब गरीब होता चला गया अमीर अमीर होता अगर गरीबों की सरकार आती है तो अमीरों पर अंकुश करती है और वह गरीबों को संतान लाने का प्रयास करते हैं लेकिन जब पारियों की सरकार आ जाती अमीरों की सरकार उद्योगपतियों की सरकार आ जाती है तो गरीबों को निचोड़ लेती है हाड़ मांस पीनी छोड़ दी है रंगीलो को उनका ट्रक उनका हनुमान उनका समझ तन मन धन अमीरों को सौंप देती है कि जैसे तू भी नहीं खाओ मैडम करो यही कर रही है गरीब और गरीब होता जा रहा है और सरकार की नीतियों पर निर्भर करता है सरकार की सोच पर निर्भर करता है सरकार की योजना पर निर्भर करता है गलत धारणाओं पर निर्भर करता है इसलिए गरीब को गरीब बना के चले जाने महंगाई बढ़ती जा रही है बेरोजगारी भत्ता की कुंजी नहीं डिस्टर्ब कर दिया और रुपए का अवमूल्यन हो रहा है और बेरोजगारी और युवा जो है हर बिहार द्वारा मानसिक प्रताड़ना के शिकार हैं तो बताइए देश कैसे विकसित होगा गरीब कैसे उठें जब तक कार का कोई विकल्प नहीं ढूंढा जाएगा वर्तमान सरकार का इससे स्थिति और बदतर हो जाएगी इतने विकल्प ढूंढना जनता के लिए बहुत जरूरी हो

africa insaan garib par paisa vala kyon aisa kyon koi log zyada paise waale koi rokna garib ki kuch aur paise waale har pareshani bhara ladkhada gaye itne garib garib hota chala gaya amir amir hota agar garibon ki sarkar aati hai toh amiron par ankush karti hai aur vaah garibon ko santan lane ka prayas karte hain lekin jab paariyon ki sarkar aa jaati amiron ki sarkar udyogpatiyon ki sarkar aa jaati hai toh garibon ko nichod leti hai hard maas peeni chhod di hai rangilo ko unka truck unka hanuman unka samajh tan man dhan amiron ko saunp deti hai ki jaise tu bhi nahi khao madam karo yahi kar rahi hai garib aur garib hota ja raha hai aur sarkar ki nitiyon par nirbhar karta hai sarkar ki soch par nirbhar karta hai sarkar ki yojana par nirbhar karta hai galat dharnaon par nirbhar karta hai isliye garib ko garib bana ke chale jaane mahangai badhti ja rahi hai berojgari bhatta ki kunji nahi disturb kar diya aur rupaye ka avamulyan ho raha hai aur berojgari aur yuva jo hai har bihar dwara mansik prataadana ke shikaar hain toh bataiye desh kaise viksit hoga garib kaise uthen jab tak car ka koi vikalp nahi dhundha jaega vartaman sarkar ka isse sthiti aur badataar ho jayegi itne vikalp dhundhana janta ke liye bahut zaroori ho

अफ्रीका इंसान गरीब पर पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले कोई रोकना गरीब की

Romanized Version
Likes  346  Dislikes    views  3543
WhatsApp_icon
10 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान गरीब क्यों और पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई और ज्यादा पैसे वाले हैं वह लोग इतना करीब तो बहुत पैसे वाले होते हैं सबको यह वास्तव में स्थानीय समानता है और प्रतिभा की भिन्नता लोग एक ही अवसर में एक ही जगह अलग-अलग प्रतिभा अलग-अलग सफलता होने के कारण में एक बुद्धिमान हो जाता है और एक अवसर का लाभ पहले से है कमीनों को ग्रुप और गरीबों को ग्रुप बन गया है जमींदारी व्यवस्था सुनिश्चित की मात्रा कम हुई है

insaan garib kyon aur paisa vala kyon aisa kyon koi aur zyada paise waale hain vaah log itna kareeb toh bahut paise waale hote hain sabko yah vaastav me sthaniye samanata hai aur pratibha ki bhinnata log ek hi avsar me ek hi jagah alag alag pratibha alag alag safalta hone ke karan me ek buddhiman ho jata hai aur ek avsar ka labh pehle se hai kaminon ko group aur garibon ko group ban gaya hai jamindari vyavastha sunishchit ki matra kam hui hai

इंसान गरीब क्यों और पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई और ज्यादा पैसे वाले हैं वह लोग इतना करीब

Romanized Version
Likes  257  Dislikes    views  1607
WhatsApp_icon

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान गरीब क्यों और पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग इतना गरीब और कुछ-कुछ बहुत पैसे वाले हैं तो देखिए भाई इसका एक सीधा और साधारण सा जवाब है हम हमेशा दूसरे की गलतियों को तो देखते हैं पर अपनी गलतियों को नहीं देखते हैं हम यह देखते हैं कि देखते हैं अगले पैसे कमाया पर हम यह नहीं देखते हैं कि अगले में किस कदर कितनी मेहनत करके उस पैसे को कमाया हमें लगता है कि अगले पैसे कमाया तो फ्री कहा गया और जब हम कमाते हैं तो हमें लगता हमने बहुत मेहनत किया पर ऐसा नहीं है मेरे भाई कर्म जैसा करोगे वैसा ही मिलेगा अंबानी जी ने इतना मेहनत किया तब वह पैसे कमा रहे हैं और आपने मेरे तो किया नहीं और दूसरे को पैसे को देख कर के बोलते हैं वह ज्यादा पैसे वाला क्यों है कैसे कोई दाल में नहीं लग रहा है जो उन्होंने तोड़ लिया और आपने नहीं तोड़ लिया आपने नहीं तोड़ा पैसे पाना इतना आसान नहीं है इस दुनिया में सारा चक्कर वह कर्मों का है आपने जैसा कर्म किया है आपको वैसा ही फल मिल रहा है आप उसको किसी भी तरह से देख लीजिए आप गर्म नहीं करेंगे और बोलेंगे कि पैसे आ जाए तो कहां से आएगा कम तो करना ही पड़ेगा मेरे दोस्त आप आज करिए या 10 साल बाद करिए एक-एक मिनट पैसों को कमा सकते हैं एक-एक मिनट अपडेट करके आराम कर सकते हैं और दूसरे की बुराइयों को देख सकते हैं और निकाल सकते हैं तो दूसरे के पैसों को देखने के बजाय आप खुद के ऊपर काम करो कि आपने उस पैसे कमाने के लिए कितनी ईमानदारी से मेहनत किया है हम यकीन है आपको हमारी बात समझ में आ रही है अगर समझ में आ रही है तो आज अभी और इसी वक्त से आप अपने अंदर गलतियों को ढूंढना शुरू कर दीजिए दूसरे के गलतियों को जब तक भूलेंगे तब तक आप पीछे रहेंगे इसलिए आप कभी अपने अंदर निकालिए जिस दिन आपको अपने अंदर कमी निकालने आ जाएगी उस दिन आप अमीर को और गरीब को किस नजर से देखना चाहिए आपको समझ में आ जाएगा तो अपने नजर को बदलिए नजरिया को सब कुछ बदल जाएगा

insaan garib kyon aur paisa vala kyon aisa kyon koi log zyada paise waale hain koi log itna garib aur kuch kuch bahut paise waale hain toh dekhiye bhai iska ek seedha aur sadhaaran sa jawab hai hum hamesha dusre ki galatiyon ko toh dekhte hain par apni galatiyon ko nahi dekhte hain hum yah dekhte hain ki dekhte hain agle paise kamaya par hum yah nahi dekhte hain ki agle me kis kadar kitni mehnat karke us paise ko kamaya hamein lagta hai ki agle paise kamaya toh free kaha gaya aur jab hum kamate hain toh hamein lagta humne bahut mehnat kiya par aisa nahi hai mere bhai karm jaisa karoge waisa hi milega ambani ji ne itna mehnat kiya tab vaah paise kama rahe hain aur aapne mere toh kiya nahi aur dusre ko paise ko dekh kar ke bolte hain vaah zyada paise vala kyon hai kaise koi daal me nahi lag raha hai jo unhone tod liya aur aapne nahi tod liya aapne nahi toda paise paana itna aasaan nahi hai is duniya me saara chakkar vaah karmon ka hai aapne jaisa karm kiya hai aapko waisa hi fal mil raha hai aap usko kisi bhi tarah se dekh lijiye aap garam nahi karenge aur bolenge ki paise aa jaaye toh kaha se aayega kam toh karna hi padega mere dost aap aaj kariye ya 10 saal baad kariye ek ek minute paison ko kama sakte hain ek ek minute update karke aaram kar sakte hain aur dusre ki buraiyon ko dekh sakte hain aur nikaal sakte hain toh dusre ke paison ko dekhne ke bajay aap khud ke upar kaam karo ki aapne us paise kamane ke liye kitni imaandaari se mehnat kiya hai hum yakin hai aapko hamari baat samajh me aa rahi hai agar samajh me aa rahi hai toh aaj abhi aur isi waqt se aap apne andar galatiyon ko dhundhana shuru kar dijiye dusre ke galatiyon ko jab tak bhulenge tab tak aap peeche rahenge isliye aap kabhi apne andar nikaliye jis din aapko apne andar kami nikalne aa jayegi us din aap amir ko aur garib ko kis nazar se dekhna chahiye aapko samajh me aa jaega toh apne nazar ko badaliye najariya ko sab kuch badal jaega

इंसान गरीब क्यों और पैसा वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग इतना गर

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  53
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान गरीब क्यों और पैसे वाला क्यों ऐसा कोई ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग इतने गरीब और बहुत कुछ बहुत पैसे वाले हैं हम गरीब और अमीर क्यों है अगर एक राजा है तो सब लोग अगर राजा हो जाएंगे तो क्या वह राजा किस काम का रहेगा या हम लोग राजा ही हो जाएंगे तो उसके नीचे अभी जैसे देखो कोई है मोबाइल बना रहा है ठीक है कोई एक खेती कर रहा है कोई और कोई काम कर रहा है कोई और कोई काम कर रहा है लोगों को बबूस हिसाब से काम करने वाले लोगों को उस प्रकार से पैसा मिलता है इसीलिए यार ज्यादा तो अमीर और गरीब अपनी कर्म पर अगर कोई इंसान गरीब हुआ गरीब है पैदा होने पर तो वह चाहे तो अमीर बन सकता है या फिर अगर वह चाहे तो अमीर बन सकता है लेकिन सब लोग अगर एक बराबर हो जायेंगे तो कौन काम करेगा किसके लिए कोई किसी के लिए काम नहीं करेगा इसलिए इंसान गरीब अमीर रहते हैं

insaan garib kyon aur paise vala kyon aisa koi aisa kyon koi log zyada paise waale hain koi log itne garib aur bahut kuch bahut paise waale hain hum garib aur amir kyon hai agar ek raja hai toh sab log agar raja ho jaenge toh kya vaah raja kis kaam ka rahega ya hum log raja hi ho jaenge toh uske niche abhi jaise dekho koi hai mobile bana raha hai theek hai koi ek kheti kar raha hai koi aur koi kaam kar raha hai koi aur koi kaam kar raha hai logo ko babus hisab se kaam karne waale logo ko us prakar se paisa milta hai isliye yaar zyada toh amir aur garib apni karm par agar koi insaan garib hua garib hai paida hone par toh vaah chahen toh amir ban sakta hai ya phir agar vaah chahen toh amir ban sakta hai lekin sab log agar ek barabar ho jayenge toh kaun kaam karega kiske liye koi kisi ke liye kaam nahi karega isliye insaan garib amir rehte hain

इंसान गरीब क्यों और पैसे वाला क्यों ऐसा कोई ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  139
WhatsApp_icon
user

Arvind Maurya

Business Counselor

1:15
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय दोस्तों आप का सवाल है आज इंसान गरीब क्यों है वह पैसा वाला पैसा वाला क्यों इतना तुम खाली आपकी सोच फर्क है आपकी आस-पड़ोस होंगे खुद बहुत पैसा वाला है फिर भी उसकी पिक में 4 साल उसने अच्छी नहीं होगी तो एक गरीब है बहुत अच्छा चीज है इसमें खाली थोड़ा सा फर्क इतना ही आपकी सोच गरीब और अमीर देखने से नहीं है उसकी सोच कितनी अमीर है कितनी किस सोच गरीबी यह मैटर करता अगर आपकी सोच बहुत अच्छी है आप कभी भी गरीब नहीं रहोगे मेरी रहोगे चाहे कितना भी आपको तकलीफ आ जाएगा सोच कर के कई अपने सी कहानी भी सुनाओ कई रियालिटी लेकर बहुत पैसा वाला था कुछ साल बाद बहुत दम गरीब हो गया उसकी मेंटालिटी दम छोटी थी उसको इन्वेस्टमेंट नहीं करना है कहां पर पैसे कैसे मैनेजमेंट किया जा तू गरीब है उसकी सोच की वजह से गरीब है और क्यों हमें उसकी सोच की वजह से मेरे आपको अगर हर इंसान को ₹100 दे जाए तो कोई स्कूल 200 कर सकता है और कोई उसको ₹10 कर सकता है डिपेंड उसकी सोच के किस तरह किसकी एजुकेशन है किस तरह के माहौल में रहता है डिपेंड ओके थैंक यू वेरी

hi doston aap ka sawaal hai aaj insaan garib kyon hai vaah paisa vala paisa vala kyon itna tum khaali aapki soch fark hai aapki aas pados honge khud bahut paisa vala hai phir bhi uski pic me 4 saal usne achi nahi hogi toh ek garib hai bahut accha cheez hai isme khaali thoda sa fark itna hi aapki soch garib aur amir dekhne se nahi hai uski soch kitni amir hai kitni kis soch garibi yah matter karta agar aapki soch bahut achi hai aap kabhi bhi garib nahi rahoge meri rahoge chahen kitna bhi aapko takleef aa jaega soch kar ke kai apne si kahani bhi sunao kai reality lekar bahut paisa vala tha kuch saal baad bahut dum garib ho gaya uski mentalaity dum choti thi usko investment nahi karna hai kaha par paise kaise management kiya ja tu garib hai uski soch ki wajah se garib hai aur kyon hamein uski soch ki wajah se mere aapko agar har insaan ko Rs de jaaye toh koi school 200 kar sakta hai aur koi usko Rs kar sakta hai depend uski soch ke kis tarah kiski education hai kis tarah ke maahaul me rehta hai depend ok thank you very

हाय दोस्तों आप का सवाल है आज इंसान गरीब क्यों है वह पैसा वाला पैसा वाला क्यों इतना तुम खाल

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  159
WhatsApp_icon
user

Prakash Kumar

Business Owner

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान गरीब क्यों और पैसे वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग इतने गरीब और कुछ बहुत पैसे वाले होते हैं ऐसा क्यों देखिए अगर सभी लोग एक समान होंगे तो यह दुनिया नहीं चल पाएगी अगर हमारे हाथ में सारी उंगलियां एक ही होंगे तो शायद किसी न किसी वजह से ही हमारी उंगलियां भी अलग अलग तरीके से बनाई है या हमारी फैमिली में जितने भी लोग होते हैं वह अलग-अलग पर इसके अलग-अलग साइज के और अलग रविवार के होते हैं किस और किस के पैसे ज्यादा होता है किसी के पास कम होता कोई ज्यादा कमाता है कोई कमकथा अगर ऐसा नहीं होगा तो यह दुनिया चलना मुश्किल हो जाएगी अगर एक बार सोच ही सबके पास पैसा होगा तो कुछ कोई काम क्यों करने लगा यह सभी करीब होंगे तो काम आएगा को अगर अगर सभी करीब होंगे तो कमाने और खरीदने का काम अभी कौन करेगा तो इसी तरीके से यह जरूरी होता है और कुछ इंसान की अपनी परिस्थितियों और उसकी आदत और उसका कर्म कुछ ऐसा बना देता है उसे

insaan garib kyon aur paise vala kyon aisa kyon koi log zyada paise waale hain koi log itne garib aur kuch bahut paise waale hote hain aisa kyon dekhiye agar sabhi log ek saman honge toh yah duniya nahi chal payegi agar hamare hath me saari ungaliyan ek hi honge toh shayad kisi na kisi wajah se hi hamari ungaliyan bhi alag alag tarike se banai hai ya hamari family me jitne bhi log hote hain vaah alag alag par iske alag alag size ke aur alag raviwar ke hote hain kis aur kis ke paise zyada hota hai kisi ke paas kam hota koi zyada kamata hai koi kamkatha agar aisa nahi hoga toh yah duniya chalna mushkil ho jayegi agar ek baar soch hi sabke paas paisa hoga toh kuch koi kaam kyon karne laga yah sabhi kareeb honge toh kaam aayega ko agar agar sabhi kareeb honge toh kamane aur kharidne ka kaam abhi kaun karega toh isi tarike se yah zaroori hota hai aur kuch insaan ki apni paristhitiyon aur uski aadat aur uska karm kuch aisa bana deta hai use

इंसान गरीब क्यों और पैसे वाला क्यों ऐसा क्यों कोई लोग ज्यादा पैसे वाले हैं कोई लोग इतने गर

Romanized Version
Likes  93  Dislikes    views  679
WhatsApp_icon
user
3:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फैंसी डिपेंड करता है अपने पिछले जन्म के कर्मों पर जैसे कि कहा गया है ना नेकी कर और दरिया में डाल किससे वक्त में या पिछले जमाने में या पिछले जन्म में जो कुछ भी हमने किया उसका फल या दुश्मन हमको इस जन्म में मिलता है तो यह कहा जा सकता है कि जो भी चल रहा है वह हमारे पिछले जन्म का प्रारंभ है यानी कि फल है तो जो भी पुनर्जन्म के बाद में हम कार्य करते हैं अपने जीवन में वह अगर पिछले जन्म के कर्मों के फल स्वरुप हमें अच्छा फल नहीं दे पा रहे हैं तो उसका कारण भी होता है कि हम पिछले जन्म में कुछ ऐसा गलत काम करके आए हैं जो हमें इस जनम में चुकाना पड़ रहा है अर्थात उसका जैसे कि हम किसी और के प्रति कुछ भी गलत काम करके आए हैं किसी का कुछ छीन कर के आए हैं मानो हमने एक उदाहरण के तौर पर आप समझ लीजिए कि हमने किसी के ₹100000 चुरा लिए इसलिए जन्म में और इस जन्म में हम ₹100000 खो देंगे क्योंकि वह पिछले जन्म का कर्ज़ हमारे ऊपर बाकी रह गया था और हमने इस जन्म में वह ₹100000 को करके उस किसने जन्म वाले इंसान को ही दे दी जिससे कि हमने जीना तो इस प्रकार से जो भी हमारे साथ में कर्म फल स्वरुप रचा जाता है जो ईश्वर हमारे साथ रहते हैं वह यही है कि हमें पिछले जन्म के आधार पर हमें शुभ या अशुभ फल मिला करते हैं तो आप लोग आप लोग या यूं कहिए कि हम लोग कभी कोई इतना गरीब होता है मेहनत करके भी उससे गरीबी के बदले में अमीरी नसीब नहीं होती है क्योंकि उसके किए गए कर्म पिछले जन्म के कर्मों के फल स्वरुप बुरे हो जाते हैं या बुरा असर प्रदान करते हैं कहते हैं ना कि हर इंसान के जीवन में 17 साल की शनि की महादशा चलती है या ऐसे कर्मों का फल मिलता है जो उसने पिछले जन्म में किए थे अच्छे हो चाहे बुरे हैं तो इन्हें तीन रूपों में बांटा जाता है कि शनिदेव कभी अच्छा फल देते हैं कभी बुरा फल देते हैं और कभी शनिदेव खुद ही अपनी राशि में विराजमान हो करके आपसे खुद के प्रति कुत्ते जैसे काम करवाते हैं जैसे कि अगर हमने किसी के कुछ बुरा किया तो सभी दे हम पर ही कुपित होकर के हमको ही दन दे डालेंगे तो इसी प्रकार से हमारे जीवन में इस प्रकार के कर्म फल से जाते हैं कि हम मेहनत करके भी बुरा फल ही पाते हैं जब तक हमारे जीवन का प्रारंभ दिया पिछले जन्म के कर्म या बुरे कर्मों के फलस्वरूप हम अच्छे कर्म इस चैनल में नहीं कर लेते हैं तब तक वह प्रारब्ध नष्ट नहीं होता है अर्थात हमें हमारे शुभ कर्म फलों का यह मेहनत का उचित परिणाम नहीं मिलता है इसीलिए हम अपने इस जनम में कम पैसे वाले या बहुत पैसे वाले मतलब कि कम पैसे वाले होते हैं और अच्छे ज्यादा पैसे वाले नहीं बन पाते हैं

fancy depend karta hai apne pichle janam ke karmon par jaise ki kaha gaya hai na neki kar aur dariya me daal kisse waqt me ya pichle jamane me ya pichle janam me jo kuch bhi humne kiya uska fal ya dushman hamko is janam me milta hai toh yah kaha ja sakta hai ki jo bhi chal raha hai vaah hamare pichle janam ka prarambh hai yani ki fal hai toh jo bhi punarjanm ke baad me hum karya karte hain apne jeevan me vaah agar pichle janam ke karmon ke fal swarup hamein accha fal nahi de paa rahe hain toh uska karan bhi hota hai ki hum pichle janam me kuch aisa galat kaam karke aaye hain jo hamein is janam me chukaana pad raha hai arthat uska jaise ki hum kisi aur ke prati kuch bhi galat kaam karke aaye hain kisi ka kuch cheen kar ke aaye hain maano humne ek udaharan ke taur par aap samajh lijiye ki humne kisi ke Rs chura liye isliye janam me aur is janam me hum Rs kho denge kyonki vaah pichle janam ka karz hamare upar baki reh gaya tha aur humne is janam me vaah Rs ko karke us kisne janam waale insaan ko hi de di jisse ki humne jeena toh is prakar se jo bhi hamare saath me karm fal swarup racha jata hai jo ishwar hamare saath rehte hain vaah yahi hai ki hamein pichle janam ke aadhar par hamein shubha ya ashubh fal mila karte hain toh aap log aap log ya yun kahiye ki hum log kabhi koi itna garib hota hai mehnat karke bhi usse garibi ke badle me amiri nasib nahi hoti hai kyonki uske kiye gaye karm pichle janam ke karmon ke fal swarup bure ho jaate hain ya bura asar pradan karte hain kehte hain na ki har insaan ke jeevan me 17 saal ki shani ki Mahadasha chalti hai ya aise karmon ka fal milta hai jo usne pichle janam me kiye the acche ho chahen bure hain toh inhen teen roopon me baata jata hai ki shanidev kabhi accha fal dete hain kabhi bura fal dete hain aur kabhi shanidev khud hi apni rashi me viraajamaan ho karke aapse khud ke prati kutte jaise kaam karwaate hain jaise ki agar humne kisi ke kuch bura kiya toh sabhi de hum par hi kupit hokar ke hamko hi dan de daalenge toh isi prakar se hamare jeevan me is prakar ke karm fal se jaate hain ki hum mehnat karke bhi bura fal hi paate hain jab tak hamare jeevan ka prarambh diya pichle janam ke karm ya bure karmon ke phalswarup hum acche karm is channel me nahi kar lete hain tab tak vaah prarabdh nasht nahi hota hai arthat hamein hamare shubha karm falon ka yah mehnat ka uchit parinam nahi milta hai isliye hum apne is janam me kam paise waale ya bahut paise waale matlab ki kam paise waale hote hain aur acche zyada paise waale nahi ban paate hain

फैंसी डिपेंड करता है अपने पिछले जन्म के कर्मों पर जैसे कि कहा गया है ना नेकी कर और दरिया म

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  209
WhatsApp_icon
play
user

Shivendra Pratap Singh

Engineer , Assistant Professor

0:19

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बाद में कोई बहुत पैसे वाला कौन है कोई और कम कम पैसे वाला है ज्यादा पैसे वाले कम पैसे वाले में खाई लगाता है बढ़ती जा रही है आपकी बात बिल्कुल सही है इसी को आर्थिक विषमता बोलते हैं लोकतंत्र की बहुत बड़ी कमी है ऐसा नहीं होना चाहिए सरकार को लगातार खाने से लेवल करना चाहिए

baad me koi bahut paise vala kaun hai koi aur kam kam paise vala hai zyada paise waale kam paise waale me khai lagaata hai badhti ja rahi hai aapki baat bilkul sahi hai isi ko aarthik vishamata bolte hain loktantra ki bahut badi kami hai aisa nahi hona chahiye sarkar ko lagatar khane se level karna chahiye

बाद में कोई बहुत पैसे वाला कौन है कोई और कम कम पैसे वाला है ज्यादा पैसे वाले कम पैसे वाले

Romanized Version
Likes  126  Dislikes    views  804
WhatsApp_icon
user

POOJA SHARMA

Health Coach

0:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त गरीब इंसान क्यों होता है पैसे वाला क्यों होता है तो इसके लिए सबसे पहले भी होता है जो पीछे का बैकग्राउंड फुल होता है जैसे पैसे वाले लोग होते हैं जो पीछे बाप दादा बाबा की जमीन नहीं और उनके पास पैसे काफी होता है तो उसके बावजूद भी हो गई हो जाते हैं तो क्यों होते हैं क्योंकि उनके कर्म अच्छे नहीं है के गुण अच्छे ने अच्छा नहीं है इसलिए वह गरीब हो जाता है और गरीब आदमी पैसे वाला क्यों होता है क्योंकि उसके अंदर सहनशीलता है उसके अंदर हर चीज को कवरिंग करने का है मेट्रो की सहायता की मदद करने के लिए आगे आता है तो यह जो करा होते हैं इसी पर हम लोग आगे बढ़ते हैं तो अच्छा बुरा समय ही है तो प्लीज अच्छा अच्छा सोचें और अच्छा करें और अच्छा करने के लिए प्लीज मुझे कॉल कीजिए 911 12879 थैंक यू

dost garib insaan kyon hota hai paise vala kyon hota hai toh iske liye sabse pehle bhi hota hai jo peeche ka background full hota hai jaise paise waale log hote hain jo peeche baap dada baba ki jameen nahi aur unke paas paise kaafi hota hai toh uske bawajud bhi ho gayi ho jaate hain toh kyon hote hain kyonki unke karm acche nahi hai ke gun acche ne accha nahi hai isliye vaah garib ho jata hai aur garib aadmi paise vala kyon hota hai kyonki uske andar sahansheelta hai uske andar har cheez ko covering karne ka hai metro ki sahayta ki madad karne ke liye aage aata hai toh yah jo kara hote hain isi par hum log aage badhte hain toh accha bura samay hi hai toh please accha accha sochen aur accha kare aur accha karne ke liye please mujhe call kijiye 911 12879 thank you

दोस्त गरीब इंसान क्यों होता है पैसे वाला क्यों होता है तो इसके लिए सबसे पहले भी होता है जो

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  108
WhatsApp_icon
user

Barkat khan S. I

Police Officer

1:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई साहब का सवाल एक इंसान गरीब क्यों रहता है और पैसे वाले अधिक पैसे वाले क्यों हो जाते हैं इंसान अपनी सोच को डिवेलप करता है और जिसके पास अच्छा जोर स्किल होता हुआ था पैसा कमा लेता है और जो गरीब है वह दिनों दिन करीब क्यों हो जाता है इसका सबसे बड़ा रीजन है कि जो गरीब होता है मतलब उसकी जो सोच है उसके अंदर विकास नहीं होता है अगर सोच के अंदर विकास हो जाता है तो बिल गेट्स बिल गेट्स ए तो गरीब कोई था ही नहीं लेकिन आज दुनिया का टॉप और न तो बिल गेट्स ए जो है जो ऐसे कई हजारों दुनिया के अंदर होता है जो बहुत गरीब थे जिसको खाने के लाले पड़ रहे थे शाम को खाने का रोटी नहीं मिल रहा था इससे गरीब मतलब थे जो आज बड़ी-बड़ी कंपनियों के मालिक बन चुके हैं तो इसमें हमारी सोच के ऊपर डिपेंड करता है कि हम प्यार हमें क्या करना चाहिए क्योंकि गरीब सिर्फ इतना ही सूट कि मेरे को सब जाना है मेरे को यह काम करना है बस हमको एक एक वक्ता ही नहीं एक दिन कि खाना लेकर आना है बस यह काम चलता रहता है तो वह मतलब के लिए और शोध को बढ़ावा नहीं देता और जिस कारण हो गरीब गरीब ही रहता है अगर ऐसे हजारों उतारने दुनिया के अंदर के बहुत गरीब थे उन्होंने अपनी सोच को डायलॉग करा और आज दुनिया पेट टॉपर बन चुके बैठ गए इसलिए हमें अपनी सोच को डेवलप करना थैंक यू

bhai saheb ka sawaal ek insaan garib kyon rehta hai aur paise waale adhik paise waale kyon ho jaate hain insaan apni soch ko develop karta hai aur jiske paas accha jor skill hota hua tha paisa kama leta hai aur jo garib hai vaah dino din kareeb kyon ho jata hai iska sabse bada reason hai ki jo garib hota hai matlab uski jo soch hai uske andar vikas nahi hota hai agar soch ke andar vikas ho jata hai toh bill gates bill gates a toh garib koi tha hi nahi lekin aaj duniya ka top aur na toh bill gates a jo hai jo aise kai hazaro duniya ke andar hota hai jo bahut garib the jisko khane ke lale pad rahe the shaam ko khane ka roti nahi mil raha tha isse garib matlab the jo aaj badi badi companion ke malik ban chuke hain toh isme hamari soch ke upar depend karta hai ki hum pyar hamein kya karna chahiye kyonki garib sirf itna hi suit ki mere ko sab jana hai mere ko yah kaam karna hai bus hamko ek ek vakta hi nahi ek din ki khana lekar aana hai bus yah kaam chalta rehta hai toh vaah matlab ke liye aur shodh ko badhawa nahi deta aur jis karan ho garib garib hi rehta hai agar aise hazaro utarane duniya ke andar ke bahut garib the unhone apni soch ko dialogue kara aur aaj duniya pet topper ban chuke baith gaye isliye hamein apni soch ko develop karna thank you

भाई साहब का सवाल एक इंसान गरीब क्यों रहता है और पैसे वाले अधिक पैसे वाले क्यों हो जाते हैं

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  130
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!