विविधता राष्ट्र के लिए कब घातक बन जाती है?...


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महेश दुबे

कवि साहित्यकार

0:12

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब तक विविधता के साथ एकता का भाव रहे तब तक सब कुछ अच्छा रहता है लेकिन अगर विविधता में एकता समाप्त हो जाए तो राष्ट्र के लिए घातक हो सकती

jab tak vividhata ke saath ekta ka bhav rahe tab tak sab kuch accha rehta hai lekin agar vividhata mein ekta samapt ho jaaye toh rashtra ke liye ghatak ho sakti

जब तक विविधता के साथ एकता का भाव रहे तब तक सब कुछ अच्छा रहता है लेकिन अगर विविधता में एकता

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

Facebook ताकि हमारे देश की पहचान है और जो भी हमारी धरती पर आते हैं वह हमारे देश की जो किसी धर्म संप्रदाय जाता है उनकी अलग-अलग होती दिवस देखकर अलग अलग रहने का तरीका देखकर हमेशा समय से गुजर रहे हैं हम लोग इस विविधता के कारण हमारी अनेकता में एकता शब्द निकल गया है और हनी हो गए हैं हम कहीं भी एक दूसरे से जुड़े हुए नहीं है पहले ऐसा नहीं था पहले अलग अलग संप्रदाय और जातियों के लोग भी रहते थे अपने सुख दुख साझा करते थे सारे त्यौहार सब लोग एक दूसरे के साथ में बनाते थे भाईचारे उससे का वातावरण था कभी-कभी है क्योंकि हर धर्म और संप्रदाय के व्यक्ति को लगता है कि उसका धर्म सही है उसका संप्रदाय सही है उसकी झांसी होती है और कुछ तो आरक्षण की वजह से हमारे देश में भ्रम फैला रहा है कि जिन लोगों को आरक्षण मिला है वह लोग इसका लाभ उठा कर एक अच्छे मुकाम पर पहुंच गए हैं फोटो पाबंदी पर है उसकी योग्यता का पूरा नाम नहीं मिल रहा है इसीलिए सभी जातियों को लगता है कि उन्हें भी आरक्षण मिलना चाहिए जबकि ऐसा नहीं है सभी जातियों में अमीर लोग मुझे नहीं लगता कि जाति आरक्षण का मुद्दा होना चाहिए आरक्षण मिलना चाहिए क्योंकि आप मुझे लगता है अब से मिलना चाहिए क्योंकि आप समझ नहीं है आप अपनी आजीविका पूरी करने के लिए समर्थ नहीं है यह कारण है यहां विविधता राष्ट्रीय संत

Facebook taki hamare desh ki pehchaan hai aur jo bhi hamari dharti par aate hai vaah hamare desh ki jo kisi dharm sampraday jata hai unki alag alag hoti divas dekhkar alag alag rehne ka tarika dekhkar hamesha samay se gujar rahe hai hum log is vividhata ke karan hamari anekata mein ekta shabd nikal gaya hai aur honey ho gaye hai hum kahin bhi ek dusre se jude hue nahi hai pehle aisa nahi tha pehle alag alag sampraday aur jaatiyo ke log bhi rehte the apne sukh dukh sajha karte the saare tyohar sab log ek dusre ke saath mein BA nate the bhaichare usse ka vatavaran tha kabhi kabhi hai kyonki har dharm aur sampraday ke vyakti ko lagta hai ki uska dharm sahi hai uska sampraday sahi hai uski jhansi hoti hai aur kuch toh aarakshan ki wajah se hamare desh mein bharam faila raha hai ki jin logo ko aarakshan mila hai vaah log iska labh utha kar ek acche mukam par pohch gaye hai photo pabandi par hai uski yogyata ka pura naam nahi mil raha hai isliye sabhi jaatiyo ko lagta hai ki unhe bhi aarakshan milna chahiye jabki aisa nahi hai sabhi jaatiyo mein amir log mujhe nahi lagta ki jati aarakshan ka mudda hona chahiye aarakshan milna chahiye kyonki aap mujhe lagta hai ab se milna chahiye kyonki aap samajh nahi hai aap apni aajiwika puri karne ke liye samarth nahi hai yah karan hai yahan vividhata rashtriya sant

Facebook ताकि हमारे देश की पहचान है और जो भी हमारी धरती पर आते हैं वह हमारे देश की जो किसी

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Rahul kumar

Junior Volunteer

1:34
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे कि आपने बोला विविधता जो है राष्ट्र के लिए कब घातक बन जाती है तो विविधता मतलब डाइवर्सिटी इंडिया जो है ऑफिस लिस्ट आवास कंट्री है जहां पर अलग-अलग रिलीज उनके लोग हिंदू हो मुस्लिम हो सिख हो इसाई हो ठीक है अपने अपने धर्म को फॉलो करते हैं ठीक है डेमोक्रेटिक कंट्री है और अच्छी तरीके से यहां पर लोग रहते हैं कि कि तू यह विविधता भारत की खास बात भी है लेकिन कभी-कभी एक घातक भी बन जाती है तो घातक बनने के पीछे रीजन क्या है कि जब भी कोई धर्म अपने आप को बहुत ही सुपरहिट साबित करने की कोशिश करता है और अपने आप को सही साबित करें लेकिन जब दूसरे धर्म को नीच या दूसरे धर्म को बहुत ही कमजोर साबित करने की कोशिश करता है तब वह चीजें जो है विविधता घातक बन जाती है मुझे लगता है आप देखेंगे इंडिया में हिंदू और मुस्लिम कासते अभी जो दो कम्युनिटी हैं उनके बीच में यह जंग हमेशा चल रही है अभी कुछ खास कर ज्यादा चल रही है कि हम ज्यादा स्ट्रांग है हम ज्यादा दुखी होंगे दोनों धर्म जो अपने आप को यह साबित करने में लगी रहती है तो जिसके कारण यह हमेशा खाते पर जो जाति धर्म की जो लड़ाई स्टार्ट जाति धर्म की सेवर स्टार्ट हो जाते हैं इंडिया में या कोई और कंट्री में यह इसी के कारण होता है यह विविधता में सिर्फ एक ही कन्हैया विविधता कोई और कलर की विशेष पर हो धर्म की विशेषता और जो भी डिसीजन हो सकता है

jaise ki aapne bola vividhata jo hai rashtra ke liye kab ghatak BA n jaati hai toh vividhata matlab diversity india jo hai office list aawas country hai jaha par alag alag release unke log hindu ho muslim ho sikh ho isai ho theek hai apne apne dharm ko follow karte hai theek hai democratic country hai aur achi tarike se yahan par log rehte hai ki ki tu yah vividhata bharat ki khaas BA at bhi hai lekin kabhi kabhi ek ghatak bhi BA n jaati hai toh ghatak BA nne ke peeche reason kya hai ki jab bhi koi dharm apne aap ko BA hut hi superhit saabit karne ki koshish karta hai aur apne aap ko sahi saabit kare lekin jab dusre dharm ko neech ya dusre dharm ko BA hut hi kamjor saabit karne ki koshish karta hai tab vaah cheezen jo hai vividhata ghatak BA n jaati hai mujhe lagta hai aap dekhenge india mein hindu aur muslim caste abhi jo do community hai unke beech mein yah jung hamesha chal rahi hai abhi kuch khaas kar zyada chal rahi hai ki hum zyada strong hai hum zyada dukhi honge dono dharm jo apne aap ko yah saabit karne mein lagi rehti hai toh jiske karan yah hamesha khate par jo jati dharm ki jo ladai start jati dharm ki sevar start ho jaate hai india mein ya koi aur country mein yah isi ke karan hota hai yah vividhata mein sirf ek hi kanhaiya vividhata koi aur color ki vishesh par ho dharm ki visheshata aur jo bhi decision ho sakta hai

जैसे कि आपने बोला विविधता जो है राष्ट्र के लिए कब घातक बन जाती है तो विविधता मतलब डाइवर्सि

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Preetisingh

Junior Volunteer

1:11
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे व्यवस्था जो है राष्ट्रीय घातक बन जाती है अगर आप देखे तो इसका मतलब होता डाइवर्सिटी इंडिया जो है यह है ऑफीशियली एक लोकतांत्रिक का कंट्री है जहां पर अलग-अलग डिजाइन के जो लोग हैं चाहे वह हिंदू हो मुस्लिम हो सिख हो या इसाई सभी रहते हैं और सभी अपने अपने धर्म को फॉलो करते हैं और यह डेमोक्रेटिक कंट्री है जहां पर अच्छे तरीके से लोग यहां पर रहते हैं तुम मेरे साथ भारत की खास बात नहीं है लेकिन कभी-कभी घातक बन जाती है तो घातक बनने की रीजन क्या है कि जब भी कोई धर्म अपने आप को बहुत सुपरहिट साबित करने की कोशिश करता है और अपने आप को ही सही साबित करने की कोशिश करता लेकिन जो दूसरे धर्म को नीचा दूसरे धर्म को बहुत ही कमजोर साबित करने की कोशिश करता है तो वह चीजें हैं जो योग्यता को घातक बन जाती है उसे आ जाओ इंडिया है इंडिया में हिंदू कमजोर साबित करने की कोशिश करता है तब वह चीजें हैं जो जो दो कम्युनिटी है हिंदू और मुस्लिम की तो ऐसे इनके बीच में जन समस्या से अभी कुछ खास ज्यादा चल रही है कि हम उसे ज्यादा स्ट्रांग ए पूजा दे सॉन्ग ऐसे में जो है हमारी कंट्री में काफी ज्यादा होने के कारण हो सकता है

dekhe vyavastha jo hai rashtriya ghatak BA n jaati hai agar aap dekhe toh iska matlab hota diversity india jo hai yah hai afishiyali ek loktantrik ka country hai jaha par alag alag design ke jo log hai chahen vaah hindu ho muslim ho sikh ho ya isai sabhi rehte hai aur sabhi apne apne dharm ko follow karte hai aur yah democratic country hai jaha par acche tarike se log yahan par rehte hai tum mere saath bharat ki khaas BA at nahi hai lekin kabhi kabhi ghatak BA n jaati hai toh ghatak BA nne ki reason kya hai ki jab bhi koi dharm apne aap ko BA hut superhit saabit karne ki koshish karta hai aur apne aap ko hi sahi saabit karne ki koshish karta lekin jo dusre dharm ko nicha dusre dharm ko BA hut hi kamjor saabit karne ki koshish karta hai toh vaah cheezen hai jo yogyata ko ghatak BA n jaati hai use aa jao india hai india mein hindu kamjor saabit karne ki koshish karta hai tab vaah cheezen hai jo jo do community hai hindu aur muslim ki toh aise inke beech mein jan samasya se abhi kuch khaas zyada chal rahi hai ki hum use zyada strong a puja de song aise mein jo hai hamari country mein kaafi zyada hone ke karan ho sakta hai

देखे व्यवस्था जो है राष्ट्रीय घातक बन जाती है अगर आप देखे तो इसका मतलब होता डाइवर्सिटी इंड

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Sharmistha

Ops Answerer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विविधता राष्ट्र के लिए घातक जो है तब बन जाती है जब एक सीमा में रहने पर विविधता जो राष्ट्र के लिए उपयोगी होती है और सीमा का उल्लंघन होते ही सामाजिक विभाजन और आपसी संघर्ष शुरू हो जाता है और ऐसी स्थिति में जैव विविधता राष्ट्र के लिए घातक बन जाती है और श्वेत और अश्वेत का जो संघर्ष जो हिंदू मुस्लिम समुदायों के बीच जो है दंगा रोटेशिया कैथोलिक के बीच हुए संघर्ष इसके उदाहरण है

vividhata rashtra ke liye ghatak jo hai tab BA n jaati hai jab ek seema mein rehne par vividhata jo rashtra ke liye upyogi hoti hai aur seema ka ullanghan hote hi samajik vibhajan aur aapasi sangharsh shuru ho jata hai aur aisi sthiti mein jaiv vividhata rashtra ke liye ghatak BA n jaati hai aur shwet aur ashvet ka jo sangharsh jo hindu muslim samudayo ke beech jo hai danga roteshiya catholic ke beech hue sangharsh iske udaharan hai

विविधता राष्ट्र के लिए घातक जो है तब बन जाती है जब एक सीमा में रहने पर विविधता जो राष्ट्र

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