क्या भाजपा और कांग्रेस दोनों ही साम्प्रदायिक पार्टी है आपकी राय?...


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Vatsal

Engineering Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कांग्रेस पार्टी को कार्य करने के तरीकों में बीजेपी ने 5 साल में पिछले 4 साल में कोई काम नहीं किया हर पैमाने पर हड़ताल के हर फैसले पर गलत साबित हुए हैं बड़े बड़े वादे किए कोई काम नहीं किया किसी की मदद नहीं की किसी काम नहीं किया मोदी के चुनाव जनता का फोटो वोटो के टाइम पर गलत इस्तेमाल करती हैं जाते हैं और चुनाव के आखिरी साल में जो है

congress party ko karya karne ke trikon mein bjp ne 5 saal mein pichle 4 saal mein koi kaam nahi kiya har paimane par hartal ke har faisle par galat saabit hue hain bade bade waade kiye koi kaam nahi kiya kisi ki madad nahi ki kisi kaam nahi kiya modi ke chunav janta ka photo voto ke time par galat istemal karti hain jaate hain aur chunav ke aakhiri saal mein jo hai

कांग्रेस पार्टी को कार्य करने के तरीकों में बीजेपी ने 5 साल में पिछले 4 साल में कोई काम नह

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता है आज हमारे देश में ज्यादातर राजनैतिक पार्टियां सांप्रदायिक है और वह समय-समय पर विभिन्न धर्मों के प्रति अपनी झुकाव को दिखाते रहती है भारतीय जनता पार्टी तो वैसे ज्यादातर हिंदुत्व की बात करती है और RSS की विचारधारा से भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा काफी मेल खाती है इसके अलावा कांग्रेस एक ऐसी पार्टी है जो समय-समय पर अपने आप को बदलते रहती है कभी वह मुसलमानों की पार्टी अपने आपको बताती है तो कभी हिंदुओं की इनकी राजनीति में जिस धर्म से भी किसी राजनीतिक दल को फायदा होता है वह राजनीतिक दल उसी धर्म की बातें करता है उनके फायदे के बारे में बातें करता है तो आज हमारे देश की राजनीति इतनी ज्यादा गिर चुकी है जहां पर किसी एक पार्टी पर हम भरोसा नहीं कर सकते वह समय समय पर अपना रूप बदलते रहते हैं

mujhe lagta hai aaj hamare desh mein jyadatar rajnaitik partyian sampradayik hai aur vaah samay samay par vibhinn dharmon ke prati apni jhukaav ko dikhate rehti hai bharatiya janta party toh waise jyadatar hindutv ki baat karti hai aur RSS ki vichardhara se bharatiya janta party ki vichardhara kaafi male khati hai iske alava congress ek aisi party hai jo samay samay par apne aap ko badalte rehti hai kabhi vaah musalmanon ki party apne aapko batati hai toh kabhi hinduon ki inki raajneeti mein jis dharm se bhi kisi raajnitik dal ko fayda hota hai vaah raajnitik dal usi dharm ki batein karta hai unke fayde ke bare mein batein karta hai toh aaj hamare desh ki raajneeti itni zyada gir chuki hai jaha par kisi ek party par hum bharosa nahi kar sakte vaah samay samay par apna roop badalte rehte hain

मुझे लगता है आज हमारे देश में ज्यादातर राजनैतिक पार्टियां सांप्रदायिक है और वह समय-समय पर

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वर्तमान समय में मुझे लगता है कि सांप्रदायिकता हमारे देश में है हमारे समाज में है यहां तक कि लोगों के विचारों में भी सांप्रदायिकता है और हम जिन नेताओं को यह जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र से चुनकर आगे भेजते हैं कैंसर में वह भी एक सांप्रदायिकता के आधार पर भेजते हैं आजकल हम यह नहीं देखते हैं कि जो प्रतिनिधि खड़े हो रहे हैं वह अच्छे है या नहीं वह कर्तव्यनिष्ठ है या नहीं वह चरित्र में अच्छे हैं या नहीं यह वह अपराध पृष्ठभूमि से तो नहीं है हम सिर्फ यह देखते हैं कि वह हमारी जाति का है हमारे समाज का है वह मुझसे बोल देते हैं तो हम खुद सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रहे हैं और आगे जाकर राजनीति में भी नहीं हो रहा है अलग-अलग समाजों से प्रतिनिधि आते हैं और वहां भी सांप्रदायिकता हुआ चढ़े पकड़ रही है तो मुझे लगता है इसका सुधार नीचे से होना जरूरी है अगर जनता साथ देखता को खत्म करना चाहती है तो उसके लिए जनता को सबसे पहले कदम उठाना पड़ेगा अगर वह चाहती है कि आकर ऐसे लोग पहुंचे तो देश का विकास करें और जनता की भलाई करें तो उन्हें सक्षम प्रतिनिधियों को चुनकर आगे भेजना पड़ेगा ना कि धर्म और सांप्रदायिकता और जाति के आधार पर वह किसी प्रतिनिधि को सुनें बल्कि उनकी चारित्रिक विशेषताओं के कारण उन्होंने समाज में क्या-क्या कारण और क्या वह आगे भी हमारे समाज की समस्याओं को खत्म करेंगे क्या वह हमारे देश के विकास के लिए प्रतिबद्ध है हमें ऐसे प्रतिनिधियों को आगे चलकर भेजना पड़ेगा तभी इस सांप्रदायिकता का दमन हो सकता है और इसके लिए जरूरी है कि जनता एक कठोर कदम उठाएं जनता में एकता होनी चाहिए तो कोई भी ताकत उन्हें उसे एकता से हटा नहीं सकती है उन्हें बात नहीं सकती है तो मुझे लगता है हमें यह कदम इस इलेक्शन में जरूर उठाना चाहिए हमें उन प्रतिनिधियों को वोट देना चाहिए जो सक्षम है

vartmaan samay mein mujhe lagta hai ki saampradayikta hamare desh mein hai hamare samaj mein hai yahan tak ki logo ke vicharon mein bhi saampradayikta hai aur hum jin netaon ko yah janapratinidhiyon ko apne kshetra se chunkar aage bhejate hain cancer mein vaah bhi ek saampradayikta ke aadhaar par bhejate hain aajkal hum yah nahi dekhte hain ki jo pratinidhi khade ho rahe hain vaah acche hai ya nahi vaah kartavyanishth hai ya nahi vaah charitra mein acche hain ya nahi yah vaah apradh prishthbhumi se toh nahi hai hum sirf yah dekhte hain ki vaah hamari jati ka hai hamare samaj ka hai vaah mujhse bol dete hain toh hum khud saampradayikta ko badhawa de rahe hain aur aage jaakar raajneeti mein bhi nahi ho raha hai alag alag Samajon se pratinidhi aate hain aur wahan bhi saampradayikta hua chade pakad rahi hai toh mujhe lagta hai iska sudhaar niche se hona zaroori hai agar janta saath dekhta ko khatam karna chahti hai toh uske liye janta ko sabse pehle kadam uthana padega agar vaah chahti hai ki aakar aise log pahuche toh desh ka vikas kare aur janta ki bhalai kare toh unhe saksham pratinidhiyo ko chunkar aage bhejna padega na ki dharm aur saampradayikta aur jati ke aadhaar par vaah kisi pratinidhi ko sunen balki unki charittrik visheshtaon ke karan unhone samaj mein kya kya karan aur kya vaah aage bhi hamare samaj ki samasyaon ko khatam karenge kya vaah hamare desh ke vikas ke liye pratibaddh hai hamein aise pratinidhiyo ko aage chalkar bhejna padega tabhi is saampradayikta ka daman ho sakta hai aur iske liye zaroori hai ki janta ek kathor kadam uthaye janta mein ekta honi chahiye toh koi bhi takat unhe use ekta se hata nahi sakti hai unhe baat nahi sakti hai toh mujhe lagta hai hamein yah kadam is election mein zaroor uthana chahiye hamein un pratinidhiyo ko vote dena chahiye jo saksham hai

वर्तमान समय में मुझे लगता है कि सांप्रदायिकता हमारे देश में है हमारे समाज में है यहां तक क

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

1:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

BJP और कांग्रेस दोनों ही सांप्रदायिक पार्टी है मेरे सपने सही बोला है कि bjp जो हमेशा हिंदुओं की बात करते हैं और कभी भी लिखेगा उनके जो है वोट बैंक का एक जरिया होता है हिंदू हिंदी TV राम मंदिर ना बनने का कारण यह भी हो सकता है कि वह सोचने के प्रधानमंत्री बन जाएगा तो मैं पासपोर्ट लेने का यह वोट मांगने का क्या है जरिया नहीं है और दूसरी बात हुई कांग्रेस पार्टी में कितने लोगों का कहना है कि उनके जो है आज दिल्ली में जो है पाकिस्तान के झंडे दिखते हैं वह लोग जो हैं मुस्लिम को सपोर्ट करते हैं लोगों का कहना है मैंने कोई भी पॉलिटिकल पार्टियों के नाम पर कितने लोग अपने काम से वोट मांगते हैं जाति धर्म के नाम पर वोट मांगते हैं

BJP aur congress dono hi sampradayik party hai mere sapne sahi bola hai ki bjp jo hamesha hinduon ki baat karte hain aur kabhi bhi likhega unke jo hai vote bank ka ek zariya hota hai hindu hindi TV ram mandir na banne ka karan yah bhi ho sakta hai ki vaah sochne ke pradhanmantri ban jaega toh main passport lene ka yah vote mangne ka kya hai zariya nahi hai aur dusri baat hui congress party mein kitne logo ka kehna hai ki unke jo hai aaj delhi mein jo hai pakistan ke jhande dikhte hain vaah log jo hain muslim ko support karte hain logo ka kehna hai maine koi bhi political partiyon ke naam par kitne log apne kaam se vote mangate hain jati dharm ke naam par vote mangate hain

BJP और कांग्रेस दोनों ही सांप्रदायिक पार्टी है मेरे सपने सही बोला है कि bjp जो हमेशा हिंदु

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