गणपति हाथी जैसे दिखते थे यह लोगों को कैसे पता है?...


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डा आचार्य महेंद्र

Astroloser,Vastusastro,pravchankarta

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गणपति हाथी जैसे दिखते थे यह लोगों को कैसे पड़ता है किसी चीज की जानकारी करने के लिए चार प्रकार के प्रमाण बताएंगे प्रत्यक्ष अनुमान उपमान और शब्द एनजीओ द्वारा अनुभूत होने पर उसे प्रत्यक्ष किया जाता है जैसे आप मोबाइल के द्वारा मेरे को सुन रहे हैं यह प्रत्यक्ष प्रमाण है अनुमान जब बाहर से ठंडी हवा आ रही है उसे एक अनुमान लगाया जाता है शायद वर्षा हो या किसी दूर क्षेत्र में वर्षा की हवा गुमान सादृश्य होना उसका मुख कमल के समान सुंदर है शिव कैसे चौथा प्रमाण है शब्द आप तो वाक्यम शब्द है आपसे यानी यथार्थ भूत जो लगता है उसका बोला हुआ वाक्य भी प्रमाण होता है इसी शब्द प्रमाण के द्वारा हम यह जानते हैं कि गणपति जैसे देहाती के जैसे दिखते थे गणपति यह आप तो प्रमाण है इसका एक दूसरा प्रमाण यह है कि किसी व्यक्ति ने कहा कि जो जहर काटता है वह मरता है अब आपने इस बात पर कैसे विश्वास कर लिया यह शब्द प्रमाण है क्योंकि आप जहर खा कर के देखेंगे तो जिंदा रहेंगे यह कोई निश्चित नहीं है किंतु जो बोलने वाले व्यक्ति है वह अपने अपने शब्द प्रमाण है वह सही बोलने वाला है इस कारण से अपन यह मान लेते हैं कि गणपति जी से देखते हैं यह अपने आप में प्रमाण होता है

ganapati haathi jaise dikhte the yah logo ko kaise padta hai kisi cheez ki jaankari karne ke liye char prakar ke pramaan batayenge pratyaksh anumaan upaman aur shabd ngo dwara anubhut hone par use pratyaksh kiya jata hai jaise aap mobile ke dwara mere ko sun rahe hain yah pratyaksh pramaan hai anumaan jab bahar se thandi hawa aa rahi hai use ek anumaan lagaya jata hai shayad varsha ho ya kisi dur kshetra me varsha ki hawa gumaan sadrishya hona uska mukh kamal ke saman sundar hai shiv kaise chautha pramaan hai shabd aap toh vakyam shabd hai aapse yani yatharth bhoot jo lagta hai uska bola hua vakya bhi pramaan hota hai isi shabd pramaan ke dwara hum yah jante hain ki ganapati jaise dehati ke jaise dikhte the ganapati yah aap toh pramaan hai iska ek doosra pramaan yah hai ki kisi vyakti ne kaha ki jo zehar katata hai vaah marta hai ab aapne is baat par kaise vishwas kar liya yah shabd pramaan hai kyonki aap zehar kha kar ke dekhenge toh zinda rahenge yah koi nishchit nahi hai kintu jo bolne waale vyakti hai vaah apne apne shabd pramaan hai vaah sahi bolne vala hai is karan se apan yah maan lete hain ki ganapati ji se dekhte hain yah apne aap me pramaan hota hai

गणपति हाथी जैसे दिखते थे यह लोगों को कैसे पड़ता है किसी चीज की जानकारी करने के लिए चार प

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Sunil Kumar Pandey

Editor & Writer

1:00
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नमस्कार आपका प्रश्न है गणपत अवसाद गणेश जी आशीष है देखते हैं यह लोगों को कैसे बताएं प्राया हिंदू धर्म शास्त्रों में गणेश जी का जो रूप बताया गया है वह गजाननं भूतगणादि सेवितं जंबू फल चारु मास्टर शोक विनाश कार्यक्रम नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम जैसा आनंद का हो ऐसे गणेश भगवान की हम पूजा करते हैं अतः और कई ग्रंथ हैं जो जो बताते हैं गणेश जी का मस्तक हाथी के समान था अतः और हमें करें जी को शुभ का जूता भी करते हैं पता साथ ही साथ गणेश जी को प्रधान देवता के रूप में पूजा जाता है धर्म शास्त्रों में प्रकाश जी के रूप का वर्णन किया गया उससे यही स्पष्ट होता है कि गणेश जी का मुख हाथी के समान था धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai ganpat avsad ganesh ji aashish hai dekhte hain yah logo ko kaise bataye praya hindu dharm shastron me ganesh ji ka jo roop bataya gaya hai vaah gajananan bhutaganadi sevitan jambu fal charu master shok vinash karyakram namami vighneshwar pad pankajam jaisa anand ka ho aise ganesh bhagwan ki hum puja karte hain atah aur kai granth hain jo jo batatey hain ganesh ji ka mastak haathi ke saman tha atah aur hamein kare ji ko shubha ka juta bhi karte hain pata saath hi saath ganesh ji ko pradhan devta ke roop me puja jata hai dharm shastron me prakash ji ke roop ka varnan kiya gaya usse yahi spasht hota hai ki ganesh ji ka mukh haathi ke saman tha dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है गणपत अवसाद गणेश जी आशीष है देखते हैं यह लोगों को कैसे बताएं प्राया

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Rajkumar

Astrologer

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देखिए पौराणिक कथाओं के अनुसार जब पार्वती स्नान कर रही थी तो पार्वती ने अपनी रक्षा के लिए एक पुत्र को अपनी माया शक्ति से पैदा किया था और उसको यह पता नहीं था उस पार्वती जी का आदेश था कि जो भी कोई आए उसे अंदर आने में ही दिया जाना चाहिए तो पार्वती क्यों कुछ पता गणेश जी को कुछ पता नहीं था तो वहां पर शिव जी आ गए और शिव जी ने अंदर जाने की हटती तो उस बच्चे ने रोका और रोकने के साथ ही जो है शिव जी को शिव जी को बलपूर्वक को जबरन रोकने लगा शिवजी भी जाने लगे जबरदस्ती करने लगे इतने में दोनों में युद्ध छिड़ गया जो शिवजी मैं जो है त्रिशूल से बच्चे का गला काट दिए तुझे पार्वती अंदर से नहा कर निकली तो पार्वती ने देखा कि यह क्या हो गया तुम पार्वती क्रोध से भयंकर अग्नि अग्नि जैसी आंख लाल करती हुई सूजी के प्रतीक जोशी क्षमा याचना करने लगे कि मुझे पता नहीं था कि है आपने इसे शक्ति से आप ने पैदा किया है तुम्हें देवी उत्तर मुझे अभी के अभी मेरे पुत्र को जीवित कीजिए तो और कथा के अनुसार शिव जी ने त्रिशूल छोड़ा और यह कहा फिजाओं जो भी जीव प्राणी अपने बच्चे को पेट देकर सो रहा हूं उसका सर उतारना तो उस समय पत्नी अपने बच्चे को वोट देकर सो रही थी तो फिर तू मुझे भटनी का सिर लेकर आ गए और उनके जय हो गणेश जी गणपति जी थे उनके धड़के ऊपर सिर्फ औरत दिया गया और शिव जी ने अपनी शक्ति से उसको जिंदा कर दिया तो पूर्ण एक पौराणिक कथाओं के अनुसार यह पता पड़ता है कि हाथी का सर जब गणेश जी के ऊपर रखा गया तो गणपति हाथी जैसे दिखते हैं इस तथ्य कथा के अनुसार यह पता पड़ा जय श्री राम

dekhiye pouranik kathao ke anusaar jab parvati snan kar rahi thi toh parvati ne apni raksha ke liye ek putra ko apni maya shakti se paida kiya tha aur usko yah pata nahi tha us parvati ji ka aadesh tha ki jo bhi koi aaye use andar aane me hi diya jana chahiye toh parvati kyon kuch pata ganesh ji ko kuch pata nahi tha toh wahan par shiv ji aa gaye aur shiv ji ne andar jaane ki hatati toh us bacche ne roka aur rokne ke saath hi jo hai shiv ji ko shiv ji ko balapurvak ko jabran rokne laga shivaji bhi jaane lage jabardasti karne lage itne me dono me yudh chid gaya jo shivaji main jo hai trishool se bacche ka gala kaat diye tujhe parvati andar se naha kar nikli toh parvati ne dekha ki yah kya ho gaya tum parvati krodh se bhayankar agni agni jaisi aankh laal karti hui suji ke prateek joshi kshama yachana karne lage ki mujhe pata nahi tha ki hai aapne ise shakti se aap ne paida kiya hai tumhe devi uttar mujhe abhi ke abhi mere putra ko jeevit kijiye toh aur katha ke anusaar shiv ji ne trishool choda aur yah kaha fijaon jo bhi jeev prani apne bacche ko pet dekar so raha hoon uska sir utarana toh us samay patni apne bacche ko vote dekar so rahi thi toh phir tu mujhe bhetni ka sir lekar aa gaye aur unke jai ho ganesh ji ganapati ji the unke dhadake upar sirf aurat diya gaya aur shiv ji ne apni shakti se usko zinda kar diya toh purn ek pouranik kathao ke anusaar yah pata padta hai ki haathi ka sir jab ganesh ji ke upar rakha gaya toh ganapati haathi jaise dikhte hain is tathya katha ke anusaar yah pata pada jai shri ram

देखिए पौराणिक कथाओं के अनुसार जब पार्वती स्नान कर रही थी तो पार्वती ने अपनी रक्षा के लिए ए

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Jitendra Singh

Social Worker

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गणपति जी हाथी जैसे दिखते हैं यह लोगों को कैसे पता हाथी जैसे दिखते नहीं है यह तो उनका एक ग्रुप बना दिया गया है उनके गुणों का हाथी में जो 11 गुण हैं उन्हें से जिसमें पुरुष में भी 11 गुण होंगे वह पूजने होगा और प्रथम पूजनीय होगा गणपति जी भी उसी रूप के द्योतक है हाथी में सोनू यानी कारण शक्ति सोने की शक्ति बहुत ज्यादा है इसलिए हाथी से यह गोंदिया गणेश जी में दूसरे को कोई आया है तो उसको जानने की शक्ति सो नहीं सकती ज्यादा होती आदमी की आंख बहुत छोटी होती है इसलिए सुकून दृष्टि से किसी भी दीन दुखी को दूर से ही महसूस कर शुभ दृष्टि से यह हाथी का गुण होता है पैरों के तले ज़ी टीवी पे मरने नहीं पाते छोटी होने के बावजूद भी आती का जो है कान बहुत बड़े होते हैं वह सूट की तरह ही लाता रहता है हाथी कभी भी अपने बिना महावत के आदेश के दूसरे की बात नहीं सुनता अब तो की तरह कानों से सब की बातों को उड़ा देता है ऐसे ही हमारे राष्ट्र अध्यक्ष होने चाहिए गणपति का मतलब है सभी दोनों के ऊपर अध्यक्ष होना हमारे राष्ट्राध्यक्ष भी ऐसा ही होने चाहिए जो बेकार की बातों को अनसुना करते हैं और गणपति में वह बहुत बड़ा है तो शरीर भरने के लिए मुंह बड़ा जरूर है लेकिन उसके अंदर में पाचन तंत्र इतना है हम भी लोगों से मिले जुले और उनकी बातों को क्षमता हमारे अंदर होनी चाहिए हम किसी की बुराई अच्छाई को लोगों के सामने झूठी सच्ची नाका थे फिरे यह हमारे अंदर कौन होना चाहिए हाथी के अंदर बहुत छोटे हैं सर के साथ से हमारी निर्णय करने कि हमारे राष्ट्र अध्यक्ष की ऐसी क्षमता होनी चाहिए कि वह निर्णय पड़े विवेक के साथ में धीमी गति से करें जिससे कि मैंने सही हो सके हाथी का शरीर को देखते हुए मस्तक बहुत बड़ा है तो इससे हमें यह फोन मिलता है कि हाथी की जो दिमाग है वह शरीर के हिसाब से सिर भारी है बड़ा है परंतु उसके अंदर सोचने समझने के इतने बड़े 11 गुण है हमारे दिमाग के अंदर भी इस प्रकार की समंजन सोच करने की क्षमता गुण होने चाहिए तो हाथी के प्रारूप इसलिए दर्शाया गया कि हाथी एक समझदार जानवर है परंतु अगर तू उसके गुणों को अपना लेगा तो प्रथम पूजनीय हो जाएगा और वह जैसे गणेश प्रथम पूजनीय है गणेश आरंभ को कहते हैं जब किसी चीज का आरंभ होता है तो गणेश होता है यह उसके गणेश शब्द में हिस्ट गुण छिपे हैं मुकाम आने होता है किसी चीज को उत्पन्न करना है शुरुआत करना और 1 महीने 11 होता है अरे मैंने जान ना किसी चीज को जानना है वह जो एक पुरुष को जानकर मालिक को जानकर करके मेरे जानना उत्पन्न करता है शुरुआत करता है उसको गणेश कहते हैं गणेश शब्द बताइए कौन करें सब के अंदर छिपा हुआ है इसलिए उसका हाथी का प्रारूप बनाने का मतलब सिर्फ यही था हाथी की तरह हमारे अंदर भी 11 गुण होने चाहिए उन दोनों से ही हम प्रथम पूजनीय हो सकते हैं हमारे राष्ट्र अध्यक्ष या घर के मुखिया को या हमारे अन्य पद पर बैठे हुए लोगों को विवेक हाथी की तरह ऊंचा होना चाहिए सोच ऊंची होनी चाहिए तो फिर हम भी भगवान से हाथी की तरह उनके गुण मांगे इसीलिए गणेश जी को हाथी के रूप में दर्शाते हैं परंतु गणेश जी हाथी के रूप में उनका रूप नहीं था यह सिर्फ दिखाने के लिए दर्शाने के लिए हमें जानवर से संज्ञा कर दी गई है एक जानवर में इतना विवेक और बुद्धि हो सकती है तो हमारे अंदर क्यों नहीं इसीलिए आप अपने विवेक को बढ़ाएं और इस क्वेश्चन को अपने मन में धारण करें तो आपको इस चीज का पता श्रम लग जाएगा धन्यवाद जय

ganapati ji haathi jaise dikhte hain yah logo ko kaise pata haathi jaise dikhte nahi hai yah toh unka ek group bana diya gaya hai unke gunon ka haathi me jo 11 gun hain unhe se jisme purush me bhi 11 gun honge vaah pujne hoga aur pratham pujaniya hoga ganapati ji bhi usi roop ke dyotak hai haathi me sonu yani karan shakti sone ki shakti bahut zyada hai isliye haathi se yah gondia ganesh ji me dusre ko koi aaya hai toh usko jaanne ki shakti so nahi sakti zyada hoti aadmi ki aankh bahut choti hoti hai isliye sukoon drishti se kisi bhi din dukhi ko dur se hi mehsus kar shubha drishti se yah haathi ka gun hota hai pairon ke tale zee TV pe marne nahi paate choti hone ke bawajud bhi aati ka jo hai kaan bahut bade hote hain vaah suit ki tarah hi lata rehta hai haathi kabhi bhi apne bina mahavat ke aadesh ke dusre ki baat nahi sunta ab toh ki tarah kanon se sab ki baaton ko uda deta hai aise hi hamare rashtra adhyaksh hone chahiye ganapati ka matlab hai sabhi dono ke upar adhyaksh hona hamare rashtradhyaksh bhi aisa hi hone chahiye jo bekar ki baaton ko anasuna karte hain aur ganapati me vaah bahut bada hai toh sharir bharne ke liye mooh bada zaroor hai lekin uske andar me pachan tantra itna hai hum bhi logo se mile joule aur unki baaton ko kshamta hamare andar honi chahiye hum kisi ki burayi acchai ko logo ke saamne jhuthi sachi naka the fire yah hamare andar kaun hona chahiye haathi ke andar bahut chote hain sir ke saath se hamari nirnay karne ki hamare rashtra adhyaksh ki aisi kshamta honi chahiye ki vaah nirnay pade vivek ke saath me dheemi gati se kare jisse ki maine sahi ho sake haathi ka sharir ko dekhte hue mastak bahut bada hai toh isse hamein yah phone milta hai ki haathi ki jo dimag hai vaah sharir ke hisab se sir bhari hai bada hai parantu uske andar sochne samjhne ke itne bade 11 gun hai hamare dimag ke andar bhi is prakar ki samanjan soch karne ki kshamta gun hone chahiye toh haathi ke prarup isliye darshaya gaya ki haathi ek samajhdar janwar hai parantu agar tu uske gunon ko apna lega toh pratham pujaniya ho jaega aur vaah jaise ganesh pratham pujaniya hai ganesh aarambh ko kehte hain jab kisi cheez ka aarambh hota hai toh ganesh hota hai yah uske ganesh shabd me hist gun chipe hain mukam aane hota hai kisi cheez ko utpann karna hai shuruat karna aur 1 mahine 11 hota hai are maine jaan na kisi cheez ko janana hai vaah jo ek purush ko jaankar malik ko jaankar karke mere janana utpann karta hai shuruat karta hai usko ganesh kehte hain ganesh shabd bataiye kaun kare sab ke andar chhipa hua hai isliye uska haathi ka prarup banane ka matlab sirf yahi tha haathi ki tarah hamare andar bhi 11 gun hone chahiye un dono se hi hum pratham pujaniya ho sakte hain hamare rashtra adhyaksh ya ghar ke mukhiya ko ya hamare anya pad par baithe hue logo ko vivek haathi ki tarah uncha hona chahiye soch unchi honi chahiye toh phir hum bhi bhagwan se haathi ki tarah unke gun mange isliye ganesh ji ko haathi ke roop me darshate hain parantu ganesh ji haathi ke roop me unka roop nahi tha yah sirf dikhane ke liye darshane ke liye hamein janwar se sangya kar di gayi hai ek janwar me itna vivek aur buddhi ho sakti hai toh hamare andar kyon nahi isliye aap apne vivek ko badhaye aur is question ko apne man me dharan kare toh aapko is cheez ka pata shram lag jaega dhanyavad jai

गणपति जी हाथी जैसे दिखते हैं यह लोगों को कैसे पता हाथी जैसे दिखते नहीं है यह तो उनका एक ग्

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जब हम कोई भी सनातन शास्त्र उठाकर पड़ते हैं जैसे हम गर्व राज जी जो भगवान नारायण के वाहन हैं उनके बारे में पढ़ते हैं तो पता चलता है कि वह महाराज श्री गरुड़ जी भगवान विष्णु के वाहन नंदी महाराज भगवान शंकर के वाहन हैं फिर जो है महाराज माता रानी पार्वती के वाहन वाहन और हंस ब्रह्मा जी के वाहन हैं शास्त्रों में जैसे-जैसे हम किसी भी कथा को सुनते पढ़ते हैं उसको पढ़ते समय हम कैसी कल्पना कर लेते हैं वहीं उसका रूप अनुसरण कर आता है ऐसे ही भगवान शंकर द्वारा गणपति गणेश के शीश काटने पर पुनः उनके सर पर हाथी के बच्चे की चीज को रखकर भगवान गणेश को जीवित करने की जो प्राथन कथा है हमें अनुभव ऐसा कराती है जैसा आप ने प्रश्न में पूछा

jab hum koi bhi sanatan shastra uthaakar padate hain jaise hum garv raj ji jo bhagwan narayan ke vaahan hain unke bare me padhte hain toh pata chalta hai ki vaah maharaj shri garuda ji bhagwan vishnu ke vaahan nandi maharaj bhagwan shankar ke vaahan hain phir jo hai maharaj mata rani parvati ke vaahan vaahan aur hans brahma ji ke vaahan hain shastron me jaise jaise hum kisi bhi katha ko sunte padhte hain usko padhte samay hum kaisi kalpana kar lete hain wahi uska roop anusaran kar aata hai aise hi bhagwan shankar dwara ganapati ganesh ke sheesh katne par punh unke sir par haathi ke bacche ki cheez ko rakhakar bhagwan ganesh ko jeevit karne ki jo prathan katha hai hamein anubhav aisa karati hai jaisa aap ne prashna me poocha

जब हम कोई भी सनातन शास्त्र उठाकर पड़ते हैं जैसे हम गर्व राज जी जो भगवान नारायण के वाहन हैं

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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Pramod Kushwaha

famous Motivational Guru N Painter

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महात्मा गांधी ने आपको देखा है हेलो आप ने महात्मा गांधी को देखा है उनको किसने देखा है क्योंकि बाल नहीं थे उनके चश्मा था वह धोती में और अंगरखा में रहते थे एक लाठी लेकर चलते थे उनको किसने देखा किसने देखा है बिल्कुल देखा है इसलिए आज आप उसे देख रहे हो ठीक है महात्मा गांधी जी को आप देख रहे हो उसी प्रकार देख रहे थे प्रकार लोगों ने देखा है ठीक है उसी प्रकार गणपति जी को देखा गया है क्या उसी प्रकार गणपति जी को देखा गया है कि वह हाथी जैसे उनकी हाथी जैसी गर्दन की शादी मदमस्त या मदमस्त हो मदन मधुमस तोता हाथी गजब मदम मदम मदम गजनी हाथी होता और मदमस्त कौन रहता है हाथी रहता है हाथी चलता रहता है बस इसलिए तो तेरा पतला यह कहावत प्रत्यय में हाथी चले बाजार कुत्ते भोंके हजार हाथी बदलने में ध्यान देता है मस्त होकर कोई चिंता नहीं है क्या आप इस प्रकार हो तो गणपति जी मध्य मस्त है एकदम निश्चिंत ब्रह्म स्वरूप है वह तेरी आप गणपति जी के बारे में आप ऐसा बोलोगे जो ग्रह है वह नेगेटिव हो जाएंगे ना तो आपके मन में प्रसन्न क्यों आता है यह आपको आपको पता है क्योंकि आपका मन आपका मस्तिष्क आपके बुद्धि आपके विचार नेगेटिव हो जाते हैं मैं कहीं उलझ जाते हैं या कहीं कंफ्यूजन होता है ना तो कन्फ्यूजन कहां होता है जहां सार्थकता नहीं जहां साहूकारी नहीं है वह कंफ्यूजन होता है समझ रहे हो आप तो असमंजस था नहीं लाना है अपने को और नया से बोलना चाह रहा हूं आपको कि गणपति जी हाथी जैसे दिखते तो यह लोगों को कैसे पता है तो इसका उत्तर आप जान के क्या करोगे क्या काम आएगा आप तो कुछ काम आने वाला है यह उत्तर आपको रोटी दे देगा उत्तर आपको जीवन जीने की शैली बता देगा आपको यह उत्तर आपको जीवन जीना सिखा देगा बिल्कुल नहीं यह केवल एक लड़ाई का मुद्दा बनेगा एक बहस का मुद्दा बन जाएगा और कुछ नहीं अपनी सोच को पॉजिटिव करो अपने आप को पॉजिटिव करो अब जो भी करते हो उसके पहले परिणाम को देखो उसका परिणाम क्या होगा उसके परिणाम को देखकर आप करो अपने प्रश्न उठाया इसके परिणाम को देखो इसका परिणाम क्या होगा इसका उत्तर अपने प्रश्न तो उठा दिया क्या आपने बिना पैराशूट एरोप्लेन छलांग तो लगा ली क्या होने वाला है आप जानो तुम पहले जानते हम पढ़ेंगे और हमारी मृत्यु भी हो सकती है तो इसलिए में पैराशूट का प्रयोग करते हैं किसका प्रयोग करते हैं पैराशूट का अभिनय पैराशूट छलांग लगा लेते हो तुम मरोगे और क्या होगा तो मेरे मित्रों मेरा प्रश्न करो तो आप उसका भविष्य में जाओ हमारे क्या काम आने वाला यह प्रश्न किस प्रकार के प्रश्न हमारे जीवन में कुछ काम आने वाले नहीं है तो अपने आप को बदलो अपने आपको दूसरी मिलता है उससे ऊपर उठो ऐसे प्रसन्न करो जिससे समाज में कुछ संदेश जाएं समाज में हमारा आत्म कल्याण हमें वास्तविकता का पता लगे इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं है उत्तर दे दिया लेकिन इस प्रश्न का उत्तर का कोई मतलब नहीं है ऐसे काम करो मेरे मित्र मतलब वह बेमतलब के काम मत करो धन्यवाद

mahatma gandhi ne aapko dekha hai hello aap ne mahatma gandhi ko dekha hai unko kisne dekha hai kyonki baal nahi the unke chashma tha vaah dhoti me aur angarakha me rehte the ek lathi lekar chalte the unko kisne dekha kisne dekha hai bilkul dekha hai isliye aaj aap use dekh rahe ho theek hai mahatma gandhi ji ko aap dekh rahe ho usi prakar dekh rahe the prakar logo ne dekha hai theek hai usi prakar ganapati ji ko dekha gaya hai kya usi prakar ganapati ji ko dekha gaya hai ki vaah haathi jaise unki haathi jaisi gardan ki shaadi madmast ya madmast ho madan madhumas tota haathi gajab madam madam madam ghazni haathi hota aur madmast kaun rehta hai haathi rehta hai haathi chalta rehta hai bus isliye toh tera patla yah kahaavat pratyay me haathi chale bazaar kutte bhonke hazaar haathi badalne me dhyan deta hai mast hokar koi chinta nahi hai kya aap is prakar ho toh ganapati ji madhya mast hai ekdam nishchint Brahma swaroop hai vaah teri aap ganapati ji ke bare me aap aisa bologe jo grah hai vaah Negative ho jaenge na toh aapke man me prasann kyon aata hai yah aapko aapko pata hai kyonki aapka man aapka mastishk aapke buddhi aapke vichar Negative ho jaate hain main kahin ulajh jaate hain ya kahin confusion hota hai na toh confusion kaha hota hai jaha sarthakta nahi jaha sahukari nahi hai vaah confusion hota hai samajh rahe ho aap toh asamanjas tha nahi lana hai apne ko aur naya se bolna chah raha hoon aapko ki ganapati ji haathi jaise dikhte toh yah logo ko kaise pata hai toh iska uttar aap jaan ke kya karoge kya kaam aayega aap toh kuch kaam aane vala hai yah uttar aapko roti de dega uttar aapko jeevan jeene ki shaili bata dega aapko yah uttar aapko jeevan jeena sikha dega bilkul nahi yah keval ek ladai ka mudda banega ek bahas ka mudda ban jaega aur kuch nahi apni soch ko positive karo apne aap ko positive karo ab jo bhi karte ho uske pehle parinam ko dekho uska parinam kya hoga uske parinam ko dekhkar aap karo apne prashna uthaya iske parinam ko dekho iska parinam kya hoga iska uttar apne prashna toh utha diya kya aapne bina parachute aeroplane chalang toh laga li kya hone vala hai aap jano tum pehle jante hum padhenge aur hamari mrityu bhi ho sakti hai toh isliye me parachute ka prayog karte hain kiska prayog karte hain parachute ka abhinay parachute chalang laga lete ho tum Maroge aur kya hoga toh mere mitron mera prashna karo toh aap uska bhavishya me jao hamare kya kaam aane vala yah prashna kis prakar ke prashna hamare jeevan me kuch kaam aane waale nahi hai toh apne aap ko badlo apne aapko dusri milta hai usse upar utho aise prasann karo jisse samaj me kuch sandesh jayen samaj me hamara aatm kalyan hamein vastavikta ka pata lage is prashna ka koi uttar nahi hai uttar de diya lekin is prashna ka uttar ka koi matlab nahi hai aise kaam karo mere mitra matlab vaah bematalab ke kaam mat karo dhanyavad

महात्मा गांधी ने आपको देखा है हेलो आप ने महात्मा गांधी को देखा है उनको किसने देखा है क्यों

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Dr Kanahaiya

Dr Kanahaiya Reki Grand Masstr Apt .Sujok .Homyopathy .

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नमस्कार दोस्तों आप लोगों को कैसे पता है दोस्तों हर पति पांडे देता है जो भी है जो भी दिखती है यह मन आई है वह हमारा इतिहास इतिहास में हमारे पूर्वज ऐसे रहे थे और क्रियाएं प्रतिक्रियाएं करते थे कि किसी की संक्रिया द्वारा किसी भी विद्यार्थी और तंबाकू जो कामदेव का प्यार है उसको बचपन में ही जवान बना दिया था आपको पता होगा वह भी हमारे जैसे बॉबी रसायनिक क्रिया के द्वारा हमारे यहां के दर्शन के लिए कितने उच्च कोटि की है और जो हमारे यहां से धर्म ग्रंथों को अंग्रेज चुरा चुरा के ले ले सारे ग्रहों को ले रहे हो बच्चे को छू को आग लगा दी और तुमसे व्हाट्सएप से बोला है कि भाई तुम्हारे धर्म ग्रंथों में कुछ नहीं रखा है हमारी भी चलो हमारा ध्यान दो उन्होंने हमारी विद्या को ही अंग्रेजी में परिवर्तन करके हम तुम सोते हैं तो हमको मामला तारे हमारे यहां से चुकाया चुकाया जाता आयुषी कैसे ले कम को दे रहे हैं और हमारे यहां पर हमारे यहां जो हमारे साधु-संतों ने की उन्होंने कभी पैसे को धन को मुक्ति को मुझको शर्म सटा ईश्वर को प्राप्त करने के लिए नंदनी को मैं पूरी दुनिया को मैसेज ज्यादा दे रही है और पूजा-पाठ भगवान को नहीं मानते तो यह बात तो कलयुग सतयुग से चली आ रही है कि वह कहते हैं कि पूजा पाठ का चितचोर इससे पहले पूजा करो नेताओं की अराधना बंद करो शर्म करो कुछ भी मत करो इसे कहते हैं अगर तुम्हारे मन में भी ऐसी भावना और तुम्हारे मन में भी चाहती है कि हम पूजा-पाठ ना करें भगवान ऐसी के और भगवान बैठे थे भगवान डोंगराची शिवानी के व्यक्ति हैं और आपके अंदर ऐसे विचार आना है पॉसिबल है तो फिर आज की सभी भगवानों को नहीं मानती थी और दूसरों को भी कहते थे तुम भी मत मानना पूजा पाठ करते हैं कुछ भी कर लो दोस्तों अपने विचारों को बंद करो यह पूरी दुनिया में पहले आपने बाबा आज अपनी जब विज्ञानिक ठीक नहीं कर पाएंगे ना तो भगवान के भगवान की कमाई चलाएंगे चलाएंगे मुसलमान और सबके धर्मा फैमिली देवताओं को याद करेंगे प्रभु भक्तों बचाओ विज्ञान विज्ञान सवाल मैंने आप ठीक है अब तुम को मारेंगे अभी नहीं मानेंगे जब फैजा गाना कर दीजिए स्कूल पानी लगेगा बचाने का भगवान को याद करें

namaskar doston aap logo ko kaise pata hai doston har pati pandey deta hai jo bhi hai jo bhi dikhti hai yah man I hai vaah hamara itihas itihas me hamare purvaj aise rahe the aur kriyaen pratikriyaen karte the ki kisi ki sankriya dwara kisi bhi vidyarthi aur tambaku jo kamdev ka pyar hai usko bachpan me hi jawaan bana diya tha aapko pata hoga vaah bhi hamare jaise bobby rasayanik kriya ke dwara hamare yahan ke darshan ke liye kitne ucch koti ki hai aur jo hamare yahan se dharm granthon ko angrej chura chura ke le le saare grahon ko le rahe ho bacche ko chu ko aag laga di aur tumse whatsapp se bola hai ki bhai tumhare dharm granthon me kuch nahi rakha hai hamari bhi chalo hamara dhyan do unhone hamari vidya ko hi angrezi me parivartan karke hum tum sote hain toh hamko maamla taare hamare yahan se chukaaya chukaaya jata ayushi kaise le kam ko de rahe hain aur hamare yahan par hamare yahan jo hamare sadhu santo ne ki unhone kabhi paise ko dhan ko mukti ko mujhko sharm sata ishwar ko prapt karne ke liye nandini ko main puri duniya ko massage zyada de rahi hai aur puja path bhagwan ko nahi maante toh yah baat toh kalyug satayug se chali aa rahi hai ki vaah kehte hain ki puja path ka chitchor isse pehle puja karo netaon ki aradhana band karo sharm karo kuch bhi mat karo ise kehte hain agar tumhare man me bhi aisi bhavna aur tumhare man me bhi chahti hai ki hum puja path na kare bhagwan aisi ke aur bhagwan baithe the bhagwan dongarachi shivani ke vyakti hain aur aapke andar aise vichar aana hai possible hai toh phir aaj ki sabhi bhagwano ko nahi maanati thi aur dusro ko bhi kehte the tum bhi mat manana puja path karte hain kuch bhi kar lo doston apne vicharon ko band karo yah puri duniya me pehle aapne baba aaj apni jab vigyanik theek nahi kar payenge na toh bhagwan ke bhagwan ki kamai chalayenge chalayenge musalman aur sabke dharma family devatao ko yaad karenge prabhu bhakton bachao vigyan vigyan sawaal maine aap theek hai ab tum ko marenge abhi nahi manenge jab faija gaana kar dijiye school paani lagega bachane ka bhagwan ko yaad kare

नमस्कार दोस्तों आप लोगों को कैसे पता है दोस्तों हर पति पांडे देता है जो भी है जो भी दिखती

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S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:32
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कि आपका प्रश्न गणपति हाथी जैसी स्थिति लोग कैसे पता है तो मैं आपको बता दूं कि शिव पुराण से ढूंढ को पता है इस पुराण में ऐसी कहानी है एक बार माता पर्वती स्नान कर रही थी और शंकर भगवान बहुत समय से समस्या पर थी तो माता पार्वती ने गणेश जी का निर्माण किया था कहा जाता है कि अपने उन्होंने घड़ी का निर्माण किया था और मैं पांडाल किए थे तो उन्होंने अपने पुत्र से कहा कि तुम द्वार पर रहना किसी को अंदर आने मदीना शंकर भगवान तरफ से 70 किलो आती हैं तो घड़ी रिंकू रुकते हैं तब शंकर भगवान उनको अपने पुत्र के रूप में उन्होंने पहले नहीं देखा था पहचान नहीं पाते हैं और शंकर प्रदेश की जो गणेश का सिर काट देती है उसके बाद पार्वती जी एवं पर नाराज होती हैं तो वह अपने गुणों को भेजते हैं और अपने पुत्र एक आदमी जो है अपने पुत्र की ओर पीठ करके सोई हुई थी उसका सरकार लाकर गणेश जी को लगाते हैं ऐसी सजा मिलती है इसलिए गणेश जी का शेर हाथी जैसा है मंडल हाथी ऐसा है यह कथा ठाक है और यह स्थितियों में भी गणेश जी काशी प्रकार बंधन होता है गजाननं भूतगणादि सेवितं सफेद जंबू फल चारु भक्षणम शोक विनाश कार्यक्रम नमामि सरपंच

ki aapka prashna ganapati haathi jaisi sthiti log kaise pata hai toh main aapko bata doon ki shiv puran se dhundh ko pata hai is puran me aisi kahani hai ek baar mata parvati snan kar rahi thi aur shankar bhagwan bahut samay se samasya par thi toh mata parvati ne ganesh ji ka nirmaan kiya tha kaha jata hai ki apne unhone ghadi ka nirmaan kiya tha aur main pandal kiye the toh unhone apne putra se kaha ki tum dwar par rehna kisi ko andar aane madina shankar bhagwan taraf se 70 kilo aati hain toh ghadi rinku rukte hain tab shankar bhagwan unko apne putra ke roop me unhone pehle nahi dekha tha pehchaan nahi paate hain aur shankar pradesh ki jo ganesh ka sir kaat deti hai uske baad parvati ji evam par naaraj hoti hain toh vaah apne gunon ko bhejate hain aur apne putra ek aadmi jo hai apne putra ki aur peeth karke soi hui thi uska sarkar lakar ganesh ji ko lagate hain aisi saza milti hai isliye ganesh ji ka sher haathi jaisa hai mandal haathi aisa hai yah katha thak hai aur yah sthitiyo me bhi ganesh ji kashi prakar bandhan hota hai gajananan bhutaganadi sevitan safed jambu fal charu bhakshanam shok vinash karyakram namami sarpanch

कि आपका प्रश्न गणपति हाथी जैसी स्थिति लोग कैसे पता है तो मैं आपको बता दूं कि शिव पुराण से

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

2:50
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गणपति साक्षी जैसे जैसे लोगों को कैसे पता दो कि गणपति जी का मुख मंडल छोटा हाथी का श्रद्धा का जाता है कि एक बार गणपति अपनी मां पार्वती की स्नान करते समय बाहर उनकी देखरेख करेगी कि कोई भी वार का व्यक्ति या कोई व्यक्ति और कृष्णा कृष्णा देवी भोलेनाथ स्नानघर में प्रवेश करना चाहिए कामाचे पड़ी मीनिंग और हां बचपन में कथा खींचे थे आईपीसी और मासी और नानी की दादी से उसी आधार पर पुलिस निरीक्षक ने किया भगवान भोलेनाथ ने कोटा बस उनकी गर्दन धड़ से अलग कर दिया जब पार्वती स्नान करके आएंगे तो एडिट कर बहुत विचलित हुए और उन्होंने भगवान शिव से अपने पत्र में कहा कि केवल तुम उसी मानक कर ठंडा कर लगा सकते जितनी मां सोई हुई थी भोलेनाथ जैसा एक बच्चे की बच्चे की टोपी की सुई वीडियो भोलेनाथ में और हाथी के बच्चे का मत कर वह गर्दन गणपति पर लगा दी और उन्हें जीवन जी अभी कहां मिल सकते हैं या कितनी बनी हुई है कृपया हमें भी सच नहीं है लेकिन आज बचना है तो तभी से शंकर पुत्र को गणपति के नाम से गणेश जी के नाम से जाना जाता है पहचाना गया कि वह चीज का रूप में

ganapati sakshi jaise jaise logo ko kaise pata do ki ganapati ji ka mukh mandal chota haathi ka shraddha ka jata hai ki ek baar ganapati apni maa parvati ki snan karte samay bahar unki dekhrekh karegi ki koi bhi war ka vyakti ya koi vyakti aur krishna krishna devi bholenaath snanaghar me pravesh karna chahiye kamache padi meaning aur haan bachpan me katha khinche the ipc aur maasi aur naani ki dadi se usi aadhar par police nirikshak ne kiya bhagwan bholenaath ne quota bus unki gardan dhad se alag kar diya jab parvati snan karke aayenge toh edit kar bahut vichalit hue aur unhone bhagwan shiv se apne patra me kaha ki keval tum usi maanak kar thanda kar laga sakte jitni maa soi hui thi bholenaath jaisa ek bacche ki bacche ki topi ki sui video bholenaath me aur haathi ke bacche ka mat kar vaah gardan ganapati par laga di aur unhe jeevan ji abhi kaha mil sakte hain ya kitni bani hui hai kripya hamein bhi sach nahi hai lekin aaj bachna hai toh tabhi se shankar putra ko ganapati ke naam se ganesh ji ke naam se jana jata hai pehchana gaya ki vaah cheez ka roop me

गणपति साक्षी जैसे जैसे लोगों को कैसे पता दो कि गणपति जी का मुख मंडल छोटा हाथी का श्रद्धा क

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Bk soni

Rajyoga Teacher

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प्रश्नों तथा एक गणपति हाथी जैसे दिखते थे या लोगों को कैसे पता है पहले मैं आपको यही बताना चाहती हूं कि गणपति का अर्थ क्या है बोलते ना मनुष्य गण मना गण मना क्या मनुष्य लोग और लोगों का पति आत्माओं का पति कौन है परमात्मा है सब गुणों का सागर और वह कैसे दिखते थे तो दिखाते हैं कि हाथी की तरह छोड़ तो था पर सारे गुण देवताओं के थे यह लोगों को कैसे पता पड़ा लोगों को क्या पता उन्होंने तो भरी जो दर्द करता है हैं वही सुन कर बैठे हैं और परमात्मा अभी सचमुच गणपति हमें बना रहा है वह प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के द्वारा जो भी आपने दंत कथाएं सुनी है वह तो दे अभिमान में दे हकीकत है सुने हैं अगर आप सत्य कथा सुनना चाहते हैं सत्य ज्ञान का परिचित होना चाहते हैं तो प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में जाकर सात दिवसीय निशुल्क कोर्स लेकर राज्यों का मेडिटेशन सीखिए जिससे आपको सत्य गणपति हम भी बन सकते हैं ऐसा रास्ता आपको मिलेगा धन्यवाद और भी ऑडियो सुनेंगे तो आपको अधिक जानकारी मिल सकती हैं

prashnon tatha ek ganapati haathi jaise dikhte the ya logo ko kaise pata hai pehle main aapko yahi batana chahti hoon ki ganapati ka arth kya hai bolte na manushya gan mana gan mana kya manushya log aur logo ka pati atmaon ka pati kaun hai paramatma hai sab gunon ka sagar aur vaah kaise dikhte the toh dikhate hain ki haathi ki tarah chhod toh tha par saare gun devatao ke the yah logo ko kaise pata pada logo ko kya pata unhone toh bhari jo dard karta hai hain wahi sun kar baithe hain aur paramatma abhi sachmuch ganapati hamein bana raha hai vaah prajapita brahmakumari ishwariya vishwavidyalaya ke dwara jo bhi aapne dant kathaen suni hai vaah toh de abhimaan me de haqiqat hai sune hain agar aap satya katha sunana chahte hain satya gyaan ka parichit hona chahte hain toh prajapita brahmakumari ishwariya vishwavidyalaya me jaakar saat divasiya nishulk course lekar rajyo ka meditation sikhiye jisse aapko satya ganapati hum bhi ban sakte hain aisa rasta aapko milega dhanyavad aur bhi audio sunenge toh aapko adhik jaankari mil sakti hain

प्रश्नों तथा एक गणपति हाथी जैसे दिखते थे या लोगों को कैसे पता है पहले मैं आपको यही बताना च

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भास्कर आपका प्रश्न है कि गणेश जी हाथी जैसे दिखते हैं यह लोगों को कैसे पता अब चलो आप के दादा परदादा एक उदाहरण है आपको आपके दादा यह परदादा कैसे थे वह आपको कैसे पता दादा जी कैसे थे सपने देखे हो ना देखे हूं पर दादाजी कैसे थे अगर आपके घर में फोटो होगी तो पता लग जाता है इसलिए आपकी हमारी इतनी दूर दृष्टि नहीं है कितना हम देख नहीं पाते हैं इसलिए वह जो हमारे पुराने लोगों का जैसे हमारे परदादा जी की फोटो हमारे दादा जी ने हमारे पिताजी ने संभाल करके रखी है उसी प्रकार से गणेश जी का प्रतिमा गणेश जी की मूर्ति गणेश जी की व्यवस्था जो है हमारे अनादिकाल से संभल कर के रखी हुई जैसे उनकी थी वह आज भी हैं

bhaskar aapka prashna hai ki ganesh ji haathi jaise dikhte hain yah logo ko kaise pata ab chalo aap ke dada pardada ek udaharan hai aapko aapke dada yah pardada kaise the vaah aapko kaise pata dada ji kaise the sapne dekhe ho na dekhe hoon par dadaji kaise the agar aapke ghar me photo hogi toh pata lag jata hai isliye aapki hamari itni dur drishti nahi hai kitna hum dekh nahi paate hain isliye vaah jo hamare purane logo ka jaise hamare pardada ji ki photo hamare dada ji ne hamare pitaji ne sambhaal karke rakhi hai usi prakar se ganesh ji ka pratima ganesh ji ki murti ganesh ji ki vyavastha jo hai hamare anadikal se sambhal kar ke rakhi hui jaise unki thi vaah aaj bhi hain

भास्कर आपका प्रश्न है कि गणेश जी हाथी जैसे दिखते हैं यह लोगों को कैसे पता अब चलो आप के दाद

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Dr.Manoj kumar Pandey

M.D (A.M) ,Astrologer ,9044642070

1:03
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गणपत हाथी जैसे दिखते थे कैसे बता गणपति आंखें जैसे नहीं दिखते थे गणपत आपके जैसे दिखते थे सुंदर सलोने थे इसमें कोई हाथी जैसा संत शंकर पार्वती की वार्ता हुई युद्ध हुआ आपस में शंकर ने पार्वती से मिलने में गणेश से बाधा की तो शंकर ने गणेश का सिर काट दिया इसका जवाब सिर्फ धोनी को बुला करके कहा कि हमारे पुत्र का विनाश कब से गणेश का शेर हाथी जैसा हो गया पर जन्म के समय आती है शहर में आप जैसा था ना शादी करके उन्होंने हाथी कैसे लगा दिया तब से गणेश जी हाथी वाले सूट वाले हो गए पर यह पहले से नहीं था यह पौराणिक कथा धन्यवाद

ganpat haathi jaise dikhte the kaise bata ganapati aankhen jaise nahi dikhte the ganpat aapke jaise dikhte the sundar salone the isme koi haathi jaisa sant shankar parvati ki varta hui yudh hua aapas me shankar ne parvati se milne me ganesh se badha ki toh shankar ne ganesh ka sir kaat diya iska jawab sirf dhoni ko bula karke kaha ki hamare putra ka vinash kab se ganesh ka sher haathi jaisa ho gaya par janam ke samay aati hai shehar me aap jaisa tha na shaadi karke unhone haathi kaise laga diya tab se ganesh ji haathi waale suit waale ho gaye par yah pehle se nahi tha yah pouranik katha dhanyavad

गणपत हाथी जैसे दिखते थे कैसे बता गणपति आंखें जैसे नहीं दिखते थे गणपत आपके जैसे दिखते थे सु

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Ghanshyamvan

मंदिर सेवा

0:18

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गणपति हाथी जैसे टीचर के लोगों को कैसा पता है देखिए शास्त्रों में गणपति का शुरू हुई है वेदों में भी गणपति का स्वरूप ऐसा ही है इसलिए गणपति भगवान ऐसे हिंदी क्या है

ganapati haathi jaise teacher ke logo ko kaisa pata hai dekhiye shastron me ganapati ka shuru hui hai vedo me bhi ganapati ka swaroop aisa hi hai isliye ganapati bhagwan aise hindi kya hai

गणपति हाथी जैसे टीचर के लोगों को कैसा पता है देखिए शास्त्रों में गणपति का शुरू हुई है वेदो

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गणेश जी का चेहरा लगाया गया है

ganesh ji ka chehra lagaya gaya hai

गणेश जी का चेहरा लगाया गया है

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Rakesh Samdadiya

Business Owner

2:07
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Ht Kanhaiya dubey

I'm a psychologist, Mind Programming , Spritual & Memory Power Expert Clinical Hypnotherapist, life Coach

1:03
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गणपति हाथी जैसे दिखते थे यह लोगों को कैसे पता लोगों को कैसे पता लोगों को प्राणों से उपनिषद से जो शास्त्र लिखे गए हैं हमारे पूर्वज लेकर गए हैं उनसे हमें पता चलता है कि गणपति हाथी जैसे दिखते थे कैसे देखते थे और कोई स्रोत नहीं है और आप कहेंगे कि उनको हमारे जो पूर्वजन्म लिखा होने कैसे पता तो हम हम नहीं कह रहे हैं शास्त्र कहते हैं कि पहले जो ऋषि मुनि थे वह डायरेक्ट संपर्क में थे नाथ भगवान के और देवताओं के तो वहां भ्रमण कर सकते थे ना तीनों लोगों ने उनका समझ सकते हो क्या है क्या नहीं है और किस तरह से पता चला है तो अनुमान लगा सकते हैं ना मैं इस विषय में कुछ नहीं कहूंगा

ganapati haathi jaise dikhte the yah logo ko kaise pata logo ko kaise pata logo ko pranon se upanishad se jo shastra likhe gaye hain hamare purvaj lekar gaye hain unse hamein pata chalta hai ki ganapati haathi jaise dikhte the kaise dekhte the aur koi srot nahi hai aur aap kahenge ki unko hamare jo purvajanm likha hone kaise pata toh hum hum nahi keh rahe hain shastra kehte hain ki pehle jo rishi muni the vaah direct sampark me the nath bhagwan ke aur devatao ke toh wahan bhraman kar sakte the na tatvo logo ne unka samajh sakte ho kya hai kya nahi hai aur kis tarah se pata chala hai toh anumaan laga sakte hain na main is vishay me kuch nahi kahunga

गणपति हाथी जैसे दिखते थे यह लोगों को कैसे पता लोगों को कैसे पता लोगों को प्राणों से उपनिषद

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Komal

House Wife

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यह तो गणपति भगवान है वह हाथी जैसे दिखते हैं कितने थे नहीं दिखते हैं हम सबको पता है क्योंकि जब मां पार्वती नहा रही थी अंदर तो उन्होंने अपने बेटे को बाहर खड़ा कर दिया था पहले के लिए और तब उनको ना हाथ जो उनका बेटा था गणेश उन्होंने अपने महल से बनाया था उसको अपने महल से जो मिट्टी उत्तरी थी उससे उनको उससे बनाया था उन्होंने और फिर वह बनाकर उन्होंने द्वार पर खड़ा कर दिया था कि बेटा अगर कोई आए तो उसको अंदर मत आने देना और जब शिव भगवान आए तो उनको पता नहीं था कि यह मेरे पिता है तो शिव भगवान आए तो उन्होंने रोका कि मैं आपको अंदर नहीं जाने दूंगा वह मेरी मेरी माताश्री नहा रही है अंदर तो रुके नहीं शिव जी को क्रोध आ गया तो उन्होंने क्या-क्या त्रिशूल से ना उनकी गर्दन को काट दिया तभी पार्वती बाहर आई तो उन्होंने देखा कि उनके बेटे की गर्दन कट चुकी है तो तब पार्वती को क्रोध आया और उन्होंने बोला कि कहीं से भी मेरे बेटे को गर्दन लाकर दो इन का सर धड़ से अलग किया आपने ऑफिस के जिम्मेदार और आप इसको करोगे सही तो किसी भी उन्होंने सोचा कि किसी भी बच्चे कहां मैसेज धड़ तो लेकर आ नहीं सकते तो एक काम करते हैं जो भी हाथी मतलब कि अपने अपने बच्चे से पीट मोड़कर मतलब कोई भी अपने बच्चे से पीठ मोड़ कर पढ़ा होगा तो उसको उठा ले कर आना उसकी गर्दन काट कर लिया ना तो उन्होंने देखा कि एक हाथी मिला जो आती नहीं थी वह अपने बेटे से मुंह मोड़कर पड़ी थी पेट के साइड से करी थी वह तो उन्होंने हाथी के दर्द को लाकर गणेश जी पर लगाया फिर बोला कि सबसे पहले आपका पूजन होगा इसलिए गणपति को हाथी जैसा देते हैं और यह सबको पता है

yah toh ganapati bhagwan hai vaah haathi jaise dikhte hain kitne the nahi dikhte hain hum sabko pata hai kyonki jab maa parvati naha rahi thi andar toh unhone apne bete ko bahar khada kar diya tha pehle ke liye aur tab unko na hath jo unka beta tha ganesh unhone apne mahal se banaya tha usko apne mahal se jo mitti uttari thi usse unko usse banaya tha unhone aur phir vaah banakar unhone dwar par khada kar diya tha ki beta agar koi aaye toh usko andar mat aane dena aur jab shiv bhagwan aaye toh unko pata nahi tha ki yah mere pita hai toh shiv bhagwan aaye toh unhone roka ki main aapko andar nahi jaane dunga vaah meri meri matashri naha rahi hai andar toh ruke nahi shiv ji ko krodh aa gaya toh unhone kya kya trishool se na unki gardan ko kaat diya tabhi parvati bahar I toh unhone dekha ki unke bete ki gardan cut chuki hai toh tab parvati ko krodh aaya aur unhone bola ki kahin se bhi mere bete ko gardan lakar do in ka sir dhad se alag kiya aapne office ke zimmedar aur aap isko karoge sahi toh kisi bhi unhone socha ki kisi bhi bacche kaha massage dhad toh lekar aa nahi sakte toh ek kaam karte hain jo bhi haathi matlab ki apne apne bacche se peat modakar matlab koi bhi apne bacche se peeth mod kar padha hoga toh usko utha le kar aana uski gardan kaat kar liya na toh unhone dekha ki ek haathi mila jo aati nahi thi vaah apne bete se mooh modakar padi thi pet ke side se kari thi vaah toh unhone haathi ke dard ko lakar ganesh ji par lagaya phir bola ki sabse pehle aapka pujan hoga isliye ganapati ko haathi jaisa dete hain aur yah sabko pata hai

यह तो गणपति भगवान है वह हाथी जैसे दिखते हैं कितने थे नहीं दिखते हैं हम सबको पता है क्योंकि

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श्री गणेश हाथी जैसे दिखाई देते हैं इसके पीछे कहानी है एक बार श्री गणेश जो कि सामान्य बच्चे जन्म के बाद वह अपने जन्मोत्सव फेल माता पार्वती की गोली के समय भूलवश भगवान शनिदेव की नजर उनके ऊपर चली गई और क्योंकि शनिदेव इस बात पर श्रापित हैं उनकी पत्नी द्वारा की कोशिशें भी देखेगा श्री गणेश भगवान और वह बिना गर्दन की नस पाएंगे ऐसी स्थिति में भगवान शंकर भगवान एरावत भगवान के अवतार एरावत हाथी हैं जिन पर विराजमान के अवतार का सिर काट लिया और जब ऐसा हुआ तो उन्हें एक और सिर्फ वरदान में मुंह किया वह रावत जी के अवतार थे और मुझे उसके था वह गणेश घर से जोड़ दिया गया था कि उन्हें प्राण प्रतिष्ठा कराई जा सके उन्हें नया जीवन दिया क्योंकि भगवान श्री गणेश सबसे महान दुनिया के जिन्होंने अपनी मां के लिए सब कुछ

shri ganesh haathi jaise dikhai dete hain iske peeche kahani hai ek baar shri ganesh jo ki samanya bacche janam ke baad vaah apne janmotsav fail mata parvati ki goli ke samay bhulavash bhagwan shanidev ki nazar unke upar chali gayi aur kyonki shanidev is baat par shrapit hain unki patni dwara ki koshishein bhi dekhega shri ganesh bhagwan aur vaah bina gardan ki nas payenge aisi sthiti me bhagwan shankar bhagwan erawat bhagwan ke avatar erawat haathi hain jin par viraajamaan ke avatar ka sir kaat liya aur jab aisa hua toh unhe ek aur sirf vardaan me mooh kiya vaah rawat ji ke avatar the aur mujhe uske tha vaah ganesh ghar se jod diya gaya tha ki unhe praan prathishtha karai ja sake unhe naya jeevan diya kyonki bhagwan shri ganesh sabse mahaan duniya ke jinhone apni maa ke liye sab kuch

श्री गणेश हाथी जैसे दिखाई देते हैं इसके पीछे कहानी है एक बार श्री गणेश जो कि सामान्य बच्चे

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