सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति ही क्यों करता है, प्रधानमंत्री क्यों नहीं कर सकता?...


user

ramesh kumar vimal

teacher,lawyer, motivater

4:05
Play

Likes  14  Dislikes    views  292
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

अशोक वशिष्ठ

Author, Retired Principal

2:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं वोकल एक्सपर्ट अशोक वशिष्ठ आपका प्रश्न है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति क्यों करता है प्रधानमंत्री क्यों नहीं कर सकता देखिए हमारे यहां तीनों संस्थाएं हैं संवैधानिक ठीक है विधायिका विधायिका मांग संसद एक है न्यायपालिका और एक है कार्यपालिका विधायिका कार्यपालिका और न्यायपालिका तीनों के तीन प्रमुख है विधायिका का प्रमुख है राष्ट्रपति अभी की ना कोई भी कानून संसद में बनता मनी संसद के दोनों सदन किसी भी विधेयक को पारित करते हैं तो हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति के पास भेजते हैं राष्ट्रपति स्पर्श हस्ताक्षर कर दी तो वह कानून बन जाता है विदाई का माने कानून बनाने वाली संस्था तो विधायिका का प्रमुख राष्ट्रपति एक है कार्यपालिका कार्यपालिका का संवैधानिक प्रमुख राष्ट्रपति है लेकिन उसका कार्यकारी प्रमुख प्रधानमंत्री है मंत्रिमंडल का मुखिया धानमंत्री सरकार का मुखिया प्रधानमंत्री होता है उसकी भी नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं इसके बाद आ गई हमारी न्यायपालिका न्यायपालिका में पंचायत से लेकर परगना जिला स्थित राज्य और उसके बाद पूरे देश के लिए एक का सुप्रीम कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश होता है वह न्यायपालिका का सर्वोच्च अधिकारी है उसकी नियुक्ति राष्ट्रपति करता है जबकि प्रमुख में भी वह कार्यकारी प्रमुख उसके ऊपर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की नियुक्ति को दो राष्ट्रपति करते हैं तो और राष्ट्रपति जिस व्यक्ति की नियुक्ति करते हो उसकी नियुक्ति मुख्य न्यायाधीश वह व्यक्ति प्रधानमंत्री मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति नहीं कर सकता क्योंकि मुख्य न्यायाधीश न्यायपालिका का सर्वोच्च अधिकारी है यही कारण है

namaskar main vocal expert ashok vashistha aapka prashna hai ki supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti rashtrapati kyon karta hai pradhanmantri kyon nahi kar sakta dekhiye hamare yahan tatvo sansthayen hain samvaidhanik theek hai vidhayika vidhayika maang sansad ek hai nyaypalika aur ek hai karyapalika vidhayika karyapalika aur nyaypalika tatvo ke teen pramukh hai vidhayika ka pramukh hai rashtrapati abhi ki na koi bhi kanoon sansad me banta money sansad ke dono sadan kisi bhi vidhayak ko paarit karte hain toh hastakshar ke liye rashtrapati ke paas bhejate hain rashtrapati sparsh hastakshar kar di toh vaah kanoon ban jata hai vidai ka maane kanoon banane wali sanstha toh vidhayika ka pramukh rashtrapati ek hai karyapalika karyapalika ka samvaidhanik pramukh rashtrapati hai lekin uska kaaryakari pramukh pradhanmantri hai mantrimandal ka mukhiya pradhanmantri sarkar ka mukhiya pradhanmantri hota hai uski bhi niyukti rashtrapati karte hain iske baad aa gayi hamari nyaypalika nyaypalika me panchayat se lekar paraganas jila sthit rajya aur uske baad poore desh ke liye ek ka supreme court sarvoch nyayalaya aur sarvoch nyayalaya ka mukhya nyayadhish hota hai vaah nyaypalika ka sarvoch adhikari hai uski niyukti rashtrapati karta hai jabki pramukh me bhi vaah kaaryakari pramukh uske upar rashtrapati aur pradhanmantri ki niyukti ko do rashtrapati karte hain toh aur rashtrapati jis vyakti ki niyukti karte ho uski niyukti mukhya nyayadhish vaah vyakti pradhanmantri mukhya nyayadhish ki niyukti nahi kar sakta kyonki mukhya nyayadhish nyaypalika ka sarvoch adhikari hai yahi karan hai

नमस्कार मैं वोकल एक्सपर्ट अशोक वशिष्ठ आपका प्रश्न है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश क

Romanized Version
Likes  48  Dislikes    views  1467
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं ऐसा नहीं है नहीं ऐसा नहीं है प्रधानमंत्री नहीं करते प्रधानमंत्री ही उसको अरे घमंड करता है यार मंत्री की सलाह से ही राष्ट्रपति न्यायाधीश जाते कॉलेज

nahi aisa nahi hai nahi aisa nahi hai pradhanmantri nahi karte pradhanmantri hi usko are ghamand karta hai yaar mantri ki salah se hi rashtrapati nyayadhish jaate college

नहीं ऐसा नहीं है नहीं ऐसा नहीं है प्रधानमंत्री नहीं करते प्रधानमंत्री ही उसको अरे घमंड क

Romanized Version
Likes  55  Dislikes    views  1187
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति क्योंकि वह सबसे सर्वोच्च पद होता है और राष्ट्रपति पद से नीचे होता है इसलिए राष्ट्रपति ही नियुक्त करता है राष्ट्रपति की सीन लगती है और वही करता है जो भी कार्य होते हैं उससे संबंधित धन्यवाद

supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti kyonki vaah sabse sarvoch pad hota hai aur rashtrapati pad se niche hota hai isliye rashtrapati hi niyukt karta hai rashtrapati ki seen lagti hai aur wahi karta hai jo bhi karya hote hain usse sambandhit dhanyavad

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति क्योंकि वह सबसे सर्वोच्च पद होता है और राष्ट्

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  74
WhatsApp_icon
user

Ram kumar

Advocate High Court Allahabad

0:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुड किल आदि मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कॉलेजियम का वरिष्ठ जो पुलिस होते हैं उनमें से होती है और वृश्चिक राशि की कुर्सी पर बैठते हैं

good kill aadi mukhya nyayadhish ki niyukti collegium ka varishtha jo police hote hain unmen se hoti hai aur vrishchik rashi ki kursi par baithate hain

गुड किल आदि मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कॉलेजियम का वरिष्ठ जो पुलिस होते हैं उनमें से होती

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  62
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है क्योंकि यह प्रावधान भारत के संविधान के अनुच्छेद 214 चार पंखे 217 में उल्लेख किया गया है कि भारत के सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति ही करेगा

supreme court ke judgon ki niyukti bharat ke rashtrapati dwara ki jaati hai kyonki yah pravadhan bharat ke samvidhan ke anuched 214 char pankhe 217 me ullekh kiya gaya hai ki bharat ke supreme court ke nyaydhisho ki niyukti rashtrapati hi karega

सुप्रीम कोर्ट के जजों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है क्योंकि यह प्रावधान

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  117
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार माननीय राष्ट्रपति जो होता है वह सुप्रीम कोर्ट डिसीजन का कानून होता है जिला मंत्री होती है वैसे भी आपको जानना चाहिए कि हमारे देश के राष्ट्रपति है सर्वोच्च इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री भी मंत्री पद सर्वोच्च न्यायालय उसका मुखिया होता है राष्ट्रपति हाईकोर्ट का मुखिया होता है डिस्ट्रिक्ट कोर्ट का मुखिया होता है हाईकोर्ट से चलती है क्या होता है उसी को राईट है तू किसकी नियुक्ति करेगा कि नहीं करेगा इसलिए माननीय राष्ट्रपति सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश हाईकोर्ट राज्यपाल होता है जो होता है राष्ट्रपति राज्यपाल देश में राष्ट्रपति डोकरी होता है

namaskar mananiya rashtrapati jo hota hai vaah supreme court decision ka kanoon hota hai jila mantri hoti hai waise bhi aapko janana chahiye ki hamare desh ke rashtrapati hai sarvoch iske antargat pradhanmantri bhi mantri pad sarvoch nyayalaya uska mukhiya hota hai rashtrapati highcourt ka mukhiya hota hai district court ka mukhiya hota hai highcourt se chalti hai kya hota hai usi ko right hai tu kiski niyukti karega ki nahi karega isliye mananiya rashtrapati sarvoch nyayalaya ke nyayadhish highcourt rajyapal hota hai jo hota hai rashtrapati rajyapal desh me rashtrapati dokri hota hai

नमस्कार माननीय राष्ट्रपति जो होता है वह सुप्रीम कोर्ट डिसीजन का कानून होता है जिला मंत्री

Romanized Version
Likes  18  Dislikes    views  417
WhatsApp_icon
user

Gaurav Vyas

Advocate High Court

2:54
Play

Likes  19  Dislikes    views  373
WhatsApp_icon
user
0:15
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति ही क्यों करते प्रधानमंत्री क्या है इसमें करते हैं

supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti rashtrapati hi kyon karte pradhanmantri kya hai isme karte hain

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति ही क्यों करते प्रधानमंत्री क्या है

Romanized Version
Likes  12  Dislikes    views  194
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए राष्ट्रपति जो है वह हमारे देश का प्रथम नागरिक है और हमारा तो देश है हमारे देश का जो शासन है और राष्ट्रपति के नाम से चलता है ना कि प्रधानमंत्री के नाम से चलता है हां प्रधानमंत्री राष्ट्रपति के पास 7 प्रकार की शक्तियां हैं लेकिन उन शक्तियों का जो प्रयोग है वह प्रधानमंत्री करता है और प्रधानमंत्री भी अगर कोई जैसे कोई भी काम कर रहा है कोई बिल बना रहा है या कोई आदेश ला रहा है तो उसने लास्ट में जाकर के राष्ट्रपति की अनुमति चाहिए बिना राष्ट्रपति की अनुमति क्यों नहीं कर सकते तो बड़ा कौन हुआ बड़ा राष्ट्रपति है ना कि प्रधानमंत्री यहां उनकी शक्तियों का प्रयोग प्रधानमंत्री करता है लेकिन बड़ा कौन है राष्ट्रपति है इसलिए राष्ट्रपति हुई अधिकार दिए गए हैं तो किस संविधान से अधिकारी मिले हैं सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश है उसके अलावा जो से हाईकोर्ट के न्यायधीश है और राज्यपाल है सभी स्टेट के हमारा जो केक है केक का जो होता है ना कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल जो भारत सरकार और जो आदर्श स्टेट होते हैं उनकी उनके जो ऑडिट करता है ठीक है उसके अलावा लोकसभा का जो अध्यक्ष होता है इन सब की नियुक्ति राष्ट्रपति के दिया द्वारा की जाती है क्योंकि संविधान में राष्ट्रपति को अधिकार दिए हैं ना कि प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति बड़ा है राष्ट्रपति से बाकी सब छोटे हैं

dekhiye rashtrapati jo hai vaah hamare desh ka pratham nagarik hai aur hamara toh desh hai hamare desh ka jo shasan hai aur rashtrapati ke naam se chalta hai na ki pradhanmantri ke naam se chalta hai haan pradhanmantri rashtrapati ke paas 7 prakar ki shaktiyan hain lekin un shaktiyon ka jo prayog hai vaah pradhanmantri karta hai aur pradhanmantri bhi agar koi jaise koi bhi kaam kar raha hai koi bill bana raha hai ya koi aadesh la raha hai toh usne last me jaakar ke rashtrapati ki anumati chahiye bina rashtrapati ki anumati kyon nahi kar sakte toh bada kaun hua bada rashtrapati hai na ki pradhanmantri yahan unki shaktiyon ka prayog pradhanmantri karta hai lekin bada kaun hai rashtrapati hai isliye rashtrapati hui adhikaar diye gaye hain toh kis samvidhan se adhikari mile hain supreme court ke mukhya nyayadhish hai uske alava jo se highcourt ke nyayadhish hai aur rajyapal hai sabhi state ke hamara jo cake hai cake ka jo hota hai na controller and auditor general jo bharat sarkar aur jo adarsh state hote hain unki unke jo audit karta hai theek hai uske alava lok sabha ka jo adhyaksh hota hai in sab ki niyukti rashtrapati ke diya dwara ki jaati hai kyonki samvidhan me rashtrapati ko adhikaar diye hain na ki pradhanmantri ko rashtrapati bada hai rashtrapati se baki sab chote hain

देखिए राष्ट्रपति जो है वह हमारे देश का प्रथम नागरिक है और हमारा तो देश है हमारे देश का जो

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  125
WhatsApp_icon
user
Play

Likes  3  Dislikes    views  124
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी यह बात बिल्कुल ठीक है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति देश के महामहिम यानी कि राष्ट्रपति द्वारा की जाती है राष्ट्रपति की जब भी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते हैं तो इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों साथी साथ भिन्न भिन्न राज्यों के उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से इसका परामर्श करते हैं उसके बाद यह देव संतुष्ट होते हैं तो फिर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का वारंट जारी करते हैं लेकिन जो आपका यह सवाल है कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री क्यों नहीं कर सकता तो इसके पीछे कतर किया है कि सुप्रीम कोर्ट में जो कार्य मुख्य न्यायाधीश होते हैं सामान्य तौर पर उनके द्वारा ही अपने के बाद के जो वरिष्ठ न्यायाधीश होते हैं उनमें से जो भी कार्यभार ग्रहण करने के दिन से वर्ष था जिसकी सबसे अधिक वर्षा होती है यहां पर वरिष्ठता का आशय उम्र से नहीं है पुस्तक आशा है कि सबसे ज्यादा अनुभव किसका है उस न्यायाधीश की को देश के अगले मुख्य न्यायाधीश के रूप में उसका नाम प्रस्तावित करते हैं जिसको की फिर कानून न्याय और कंपनी मामलों के मंत्री के समक्ष रखा जाता है और आवश्यक प्रक्रिया के बाद उस व्यक्ति का नाम देश के प्रधानमंत्री के द्वारा राष्ट्रपति को संदर्भित किया जाता है राष्ट्रपति फिर सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों साथी साथ भिन्न भिन्न राज्यों के मुख्य न्यायाधीशों से विचार विमर्श करने के बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति करते हैं इस प्रकार या एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत संवैधानिक व्यवस्था के तहत सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति प्रत्यक्ष तौर पर राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है जबकि उनकी नियुक्ति में अप्रत्यक्ष तौर पर प्रधानमंत्री कानून मंत्री न्याय मंत्री और कंपनी मामलों के मंत्री साथी साथ सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जो उस वक्त पद ग्रहण किए होते हैं उनकी भी भूमिका महत्वपूर्ण होती है आशा है आपको पूर्ण जानकारी मिल गई होगी

ji yah baat bilkul theek hai ki supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti desh ke mahamhim yani ki rashtrapati dwara ki jaati hai rashtrapati ki jab bhi mukhya nyayadhish ki niyukti karte hain toh is sambandh me supreme court ke anya nyaydhisho sathi saath bhinn bhinn rajyo ke ucch nyayalayon ke mukhya nyaydhisho se iska paramarsh karte hain uske baad yah dev santusht hote hain toh phir supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti ka warrant jaari karte hain lekin jo aapka yah sawaal hai ki unki niyukti pradhanmantri kyon nahi kar sakta toh iske peeche katar kiya hai ki supreme court me jo karya mukhya nyayadhish hote hain samanya taur par unke dwara hi apne ke baad ke jo varishtha nyayadhish hote hain unmen se jo bhi karyabhar grahan karne ke din se varsh tha jiski sabse adhik varsha hoti hai yahan par varishthata ka aashay umar se nahi hai pustak asha hai ki sabse zyada anubhav kiska hai us nyayadhish ki ko desh ke agle mukhya nyayadhish ke roop me uska naam prastavit karte hain jisko ki phir kanoon nyay aur company mamlon ke mantri ke samaksh rakha jata hai aur aavashyak prakriya ke baad us vyakti ka naam desh ke pradhanmantri ke dwara rashtrapati ko sandarbhit kiya jata hai rashtrapati phir supreme court ke anya nyaydhisho sathi saath bhinn bhinn rajyo ke mukhya nyaydhisho se vichar vimarsh karne ke baad supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti karte hain is prakar ya ek loktantrik prakriya ke tahat samvaidhanik vyavastha ke tahat supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti pratyaksh taur par rashtrapati ke dwara ki jaati hai jabki unki niyukti me apratyaksh taur par pradhanmantri kanoon mantri nyay mantri aur company mamlon ke mantri sathi saath supreme court ke mukhya nyayadhish jo us waqt pad grahan kiye hote hain unki bhi bhumika mahatvapurna hoti hai asha hai aapko purn jaankari mil gayi hogi

जी यह बात बिल्कुल ठीक है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति देश के महामहिम या

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  100
WhatsApp_icon
user

Vinod uttrakhand Tiwari

Author,Youtube(rastraniti)

1:11
Play

Likes  40  Dislikes    views  558
WhatsApp_icon
user

Nirmla Arora

Advocate

0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कार्यपालिका न्यायपालिका व्यवस्थापिका तीनों अलग-अलग है तीनों को ही अलग अलग दी गई है जो होती है सबसे पहले दिन से ले ले फिर हाईकोर्ट फिर सुप्रीम कोर्ट से सबसे ऊपर की दो कोर्ट मानी जाती है उसको सुप्रीम कोर्ट माना जाता है और राष्ट्रपति जो होती है वह भी ऐसी कंडीशन में क्षत्रिय सुप्रीम कोर्ट का जो नदी है उसको अगर शपथ दिलाने वाला काम है तो वह राष्ट्रपति कर सकता है क्योंकि प्रधानमंत्री को भी उसके पास बहुत सारे काम होते तो ऐसी कंडीशन में राष्ट्रपति ही करेगा

karyapalika nyaypalika vyavasthapika tatvo alag alag hai tatvo ko hi alag alag di gayi hai jo hoti hai sabse pehle din se le le phir highcourt phir supreme court se sabse upar ki do court maani jaati hai usko supreme court mana jata hai aur rashtrapati jo hoti hai vaah bhi aisi condition me kshatriya supreme court ka jo nadi hai usko agar shapath dilaane vala kaam hai toh vaah rashtrapati kar sakta hai kyonki pradhanmantri ko bhi uske paas bahut saare kaam hote toh aisi condition me rashtrapati hi karega

कार्यपालिका न्यायपालिका व्यवस्थापिका तीनों अलग-अलग है तीनों को ही अलग अलग दी गई है जो होती

Romanized Version
Likes  33  Dislikes    views  331
WhatsApp_icon
user

जसवन्त कटारिया

वकील, कानूनी सलाहकार

0:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का राष्ट्रपति करता है क्योंकि राष्ट्रपति सबसे देश का मुखिया होता है और संविधान में उसी को पावर दी गई है प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति के हस्ताक्षर जरूरी है

supreme court ke mukhya nyayadhish ka rashtrapati karta hai kyonki rashtrapati sabse desh ka mukhiya hota hai aur samvidhan me usi ko power di gayi hai pradhanmantri ko rashtrapati ke hastakshar zaroori hai

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का राष्ट्रपति करता है क्योंकि राष्ट्रपति सबसे देश का मुखि

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  171
WhatsApp_icon
user
1:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारत जैसे देश के जो राष्ट्रपति हैं उन्हें भारत का पहला जो व्यक्ति है जो प्रथम है जो पूरे भारत का शासन व्यवस्था जीवन के अंतर्गत शक्तियां दी गई हैं वह प्रधानमंत्री को नहीं है जिसे के जितने भी ऊपर न्यायपालिका में व्यवस्थापिका में उस चीज पर जिन लोगों को भी प्रकार से बड़े स्तर पर जो पद हैं उन पर केवल राष्ट्रपति को ही पावर दी गई है कि वही केवल उनको का सफर दिलवाना और वह पद पर उनको आशिकाना है इसके अलावा प्रधानमंत्री कोई नहीं प्रदान की गई है प्रधानमंत्री को देश की पूरी व्यवस्था जो है वह संसद के हाथ में भी दे सकते हैं सारी ओ के माध्यम से शासन करते हैं

dekhiye bharat jaise desh ke jo rashtrapati hain unhe bharat ka pehla jo vyakti hai jo pratham hai jo poore bharat ka shasan vyavastha jeevan ke antargat shaktiyan di gayi hain vaah pradhanmantri ko nahi hai jise ke jitne bhi upar nyaypalika me vyavasthapika me us cheez par jin logo ko bhi prakar se bade sthar par jo pad hain un par keval rashtrapati ko hi power di gayi hai ki wahi keval unko ka safar dilwana aur vaah pad par unko ashikana hai iske alava pradhanmantri koi nahi pradan ki gayi hai pradhanmantri ko desh ki puri vyavastha jo hai vaah sansad ke hath me bhi de sakte hain saari O ke madhyam se shasan karte hain

देखिए भारत जैसे देश के जो राष्ट्रपति हैं उन्हें भारत का पहला जो व्यक्ति है जो प्रथम है ज

Romanized Version
Likes  49  Dislikes    views  632
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार मैं उसे शर्मा एडवोकेट आपका सवाल है सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति ही क्यों करता है प्रधानमंत्री क्यों नहीं कर सकता देखिए जो आर्टिकल 124 है भारतीय संविधान का अनुच्छेद 124 उसका सब दोस्तों यह कहता है कि जो सुप्रीम कोर्ट के जज है और जो राज्य की जो हाईकोर्ट है उनसे परामर्श लेने के बाद राष्ट्रपति अपने साइन और सील के साथ सुप्रीम कोर्ट के सभी जजों की नियुक्ति करता है निधि अपने हस्ताक्षर मुद्रा सहित सभी जजों की नियुक्ति करता है यह आर्टिकल 124 का शब्दकोश तू कहता है देखिए भारत का जो प्रथम नागरिक होता है वह राष्ट्रपति होता है राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति भारत में सबसे बड़ी है और यदि हम भारत मिशन उठाकर देखते हैं तो बहुत सारे अनुच्छेद राष्ट्रपति की पावर के बारे में राष्ट्रपति की नियुक्ति के बारे में राष्ट्रपति के जो ब्लास्ट में किन-किन को नियुक्त करेगा उनके बारे में बात करते हैं जबकि प्रधानमंत्री के बारे में बहुत कम अनुच्छेद में वर्णन है तो यदि हमें देखें कि भारतीय संविधान में राष्ट्रपति की संवैधानिक स्थिति बहुत बड़ी है जबकि प्रधानमंत्री की संवैधानिक स्थिति की बड़ी नहीं है एवं संविधान के साथ से देखें तो उसको संविधान राष्ट्रपति जी को संवैधानिक दर्जा बहुत बड़ा मिला हुआ है सुप्रीम कोर्ट के जज इन हाई कोर्ट के जज और जितनी भी बड़ी दुनिया है संवैधानिक जो पद है उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति ही करता है प्रधानमंत्री के पास मालिया पावर ज्यादा है लेकिन यदि संवैधानिक पावर की बात की जाए संवैधानिक पावरित की बात की जाए तो वह राष्ट्रपति के पास है इस वजह से और राष्ट्रपति देश का प्रथम नागरिक है प्रधानमंत्री जो नहीं है तो अब सुप्रीम कोर्ट के जज भी बहुत बड़ी पोस्ट होती है सुप्रीम कोर्ट के जो जैसे होते हैं वही बहुत बड़ी पोस्ट होती है तो वह राष्ट्रपति के लेवल की पोस्ट होती सुप्रीम कोर्ट के जज भी एक तरह से देखा जाए तो सुप्रीम कोर्ट के जज को नियुक्ति कौन करेगा अब प्रधानमंत्री के पास प्रधानमंत्री कैसे कर देगा प्रधानमंत्री आवास पावर ही नहीं है और वह इक्वल पॉलीमर सुप्रीम कोर्ट के जज राष्ट्रपति तो इस वजह से भारत का प्रथम नागरिक होने के नाते यह पावर राष्ट्रपति को दी गई है ना कि प्रधानमंत्री को मुझे लाइक कीजिए फॉलो कीजिए धन्यवाद

namaskar main use sharma advocate aapka sawaal hai supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti rashtrapati hi kyon karta hai pradhanmantri kyon nahi kar sakta dekhiye jo article 124 hai bharatiya samvidhan ka anuched 124 uska sab doston yah kahata hai ki jo supreme court ke judge hai aur jo rajya ki jo highcourt hai unse paramarsh lene ke baad rashtrapati apne sign aur seal ke saath supreme court ke sabhi judgon ki niyukti karta hai nidhi apne hastakshar mudra sahit sabhi judgon ki niyukti karta hai yah article 124 ka shabdkosh tu kahata hai dekhiye bharat ka jo pratham nagarik hota hai vaah rashtrapati hota hai rashtrapati ki samvaidhanik sthiti bharat me sabse badi hai aur yadi hum bharat mission uthaakar dekhte hain toh bahut saare anuched rashtrapati ki power ke bare me rashtrapati ki niyukti ke bare me rashtrapati ke jo blast me kin kin ko niyukt karega unke bare me baat karte hain jabki pradhanmantri ke bare me bahut kam anuched me varnan hai toh yadi hamein dekhen ki bharatiya samvidhan me rashtrapati ki samvaidhanik sthiti bahut badi hai jabki pradhanmantri ki samvaidhanik sthiti ki badi nahi hai evam samvidhan ke saath se dekhen toh usko samvidhan rashtrapati ji ko samvaidhanik darja bahut bada mila hua hai supreme court ke judge in high court ke judge aur jitni bhi badi duniya hai samvaidhanik jo pad hai unki niyukti rashtrapati hi karta hai pradhanmantri ke paas maliya power zyada hai lekin yadi samvaidhanik power ki baat ki jaaye samvaidhanik pavarit ki baat ki jaaye toh vaah rashtrapati ke paas hai is wajah se aur rashtrapati desh ka pratham nagarik hai pradhanmantri jo nahi hai toh ab supreme court ke judge bhi bahut badi post hoti hai supreme court ke jo jaise hote hain wahi bahut badi post hoti hai toh vaah rashtrapati ke level ki post hoti supreme court ke judge bhi ek tarah se dekha jaaye toh supreme court ke judge ko niyukti kaun karega ab pradhanmantri ke paas pradhanmantri kaise kar dega pradhanmantri aawas power hi nahi hai aur vaah equal Polymer supreme court ke judge rashtrapati toh is wajah se bharat ka pratham nagarik hone ke naate yah power rashtrapati ko di gayi hai na ki pradhanmantri ko mujhe like kijiye follow kijiye dhanyavad

नमस्कार मैं उसे शर्मा एडवोकेट आपका सवाल है सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति रा

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  238
WhatsApp_icon
user

DEVENDER KUMAR Adhana

A Lower And Legal Advice

0:58
Play

Likes  42  Dislikes    views  534
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत के संविधान के अनुसार जुडिशरी का है रेजिडेंट है ना कि प्राइम मिनिस्टर इसलिए सुप्रीम कोर्ट के जज की नियुक्ति अपॉइंटमेंट प्रेसिडेंट के द्वारा ही होती है ना कि फ्रॉम मिस्टर केदार

bharat ke samvidhan ke anusaar judiciary ka hai resident hai na ki prime minister isliye supreme court ke judge ki niyukti appointment president ke dwara hi hoti hai na ki from mister kedar

भारत के संविधान के अनुसार जुडिशरी का है रेजिडेंट है ना कि प्राइम मिनिस्टर इसलिए सुप्रीम को

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  106
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य देश की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है क्योंकि यह संविधान में राष्ट्रपति का एजी सिक्योरिटी पीएम तक जो है वह राष्ट्रपति का होता है

supreme court ke mukhya desh ki niyukti rashtrapati karta hai kyonki yah samvidhan me rashtrapati ka AG Security pm tak jo hai vaah rashtrapati ka hota hai

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य देश की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है क्योंकि यह संविधान में राष्ट्रपत

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  61
WhatsApp_icon
user

Yogesh Kumar

Politician

1:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश होते हैं और राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ करने होते हैं और निष्पक्षता और उनके उच्च मानदंड बने रहे राष्ट्रपति

supreme court ke nyayadhish sarvoch nyayalaya ke nyayadhish hote hain aur rashtrapati aur pradhanmantri ke khilaf kuch karne hote hain aur nishpakshata aur unke ucch manadand bane rahe rashtrapati

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश होते हैं और राष्ट्रपति और प्रधान

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  255
WhatsApp_icon
user
0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत के संविधान के अनुसार अनुच्छेद 124 में यह लिखा हुआ है कि भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग के सजेशंस के अनुसार ही केवल राष्ट्र राष्ट्रपति जो है मुख्य न्यायाधीश भारत के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कर सकते हैं इस इसीलिए सिर्फ राष्ट्रपति ही कर सकते हैं और कोई नहीं कर सकता

bharat ke samvidhan ke anusaar anuched 124 me yah likha hua hai ki bharat ke rashtrapati rashtriya nyayik niyukti aayog ke sajeshans ke anusaar hi keval rashtra rashtrapati jo hai mukhya nyayadhish bharat ke mukhya nyayadhish ki niyukti kar sakte hain is isliye sirf rashtrapati hi kar sakte hain aur koi nahi kar sakta

भारत के संविधान के अनुसार अनुच्छेद 124 में यह लिखा हुआ है कि भारत के राष्ट्रपति राष्ट्रीय

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  115
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विजय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद है वह कांस्टीट्यूशनल है संवैधानिक पद है और जो भी अपॉइंटमेंट होगा वह संविधान के थ्रू होगी तो संविधान में परमिशन है राष्ट्रपति के थ्रू करने का प्रधानमंत्री के तूने धन्यवाद

vijay supreme court ke mukhya nyayadhish pad hai vaah kanstityushanal hai samvaidhanik pad hai aur jo bhi appointment hoga vaah samvidhan ke through hogi toh samvidhan me permission hai rashtrapati ke through karne ka pradhanmantri ke tune dhanyavad

विजय सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश पद है वह कांस्टीट्यूशनल है संवैधानिक पद है और जो भी

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  65
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सर आपका सवाल है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री हिंदुस्तान के जो सुप्रीम कोर्ट अच्छा सर्वोच्च न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश होंगे उनकी नियुक्ति राष्ट्रपति ही करेगा और दूसरा कारण यह भी है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं है इसलिए भी प्रधानमंत्री नहीं कर सकते धन्यवाद

sir aapka sawaal hai ki supreme court ke mukhya nyayadhish ke rashtrapati pradhanmantri Hindustan ke jo supreme court accha sarvoch nyayalaya ke pradhan nyayadhish honge unki niyukti rashtrapati hi karega aur doosra karan yah bhi hai ki supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti ek raajnitik niyukti nahi hai isliye bhi pradhanmantri nahi kar sakte dhanyavad

सर आपका सवाल है कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के राष्ट्रपति प्रधानमंत्री हिंदुस्तान

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  80
WhatsApp_icon
user

Rajesh Rana

Educator, Lawyer

2:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इन सबके लिए देश के संविधान को समझने की आवश्यकता है देश के संविधान में व्यवस्थाएं हैं हमारी एक एग्जीक्यूटिव हैं और एक है देश के मुखिया तो जो राष्ट्रपति हैं वह संवैधानिक मुखिया हैं और जो प्रधानमंत्री हैं वह चीफ एग्जीक्यूटिव में मुख्य कार्यकारी अधिकारी कह सकते हैं उनको तो दो ऐसी संस्थाएं जो संवैधानिक संस्थाएं हैं जैसे सुप्रीम कोर्ट है इलेक्शन कमीशन है कैग है यह तो संस्थाएं है यह संवैधानिक संस्थाएं हैं इस पर सरकार का नियंत्रण नहीं होता बिल्कुल भी यह सरकार से अलग होती है ना इनको सरकार तनखा देती इनको भारत की संचित निधि से तनखा मिलती तो ऐसी संस्थाएं जो प्रधानमंत्री के अंदर में नहीं है सरकार के अंदर में नहीं है वह सो गई संवैधानिक तौर पर राष्ट्रपति के अंदर में होती क्यों प्रधानमंत्री गलत कर सकता है चुनाव के लिए किसी भी काम के लिए लेकिन संविधान की रक्षा के लिए राष्ट्रपति को संवैधानिक मुखिया बनाया गया तो इस तरह की जितनी भी पोस्ट या यूपीएससी के चेयरमैन राष्ट्रपति अप्वॉइंट करते हैं तो जितनी भी संवैधानिक संस्थाएं जुड़े हुए हैं हमारी टॉप लेवल की उन सब की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है लेकिन ऐसा नहीं कि राष्ट्रपति मनमाने तरीके से करता है राष्ट्रपति की सलाह के लेख मंत्रिपरिषद है जहां प्रधानमंत्री होते हैं हमारे उनके कैबिनेट होती है प्यार करती हैं को अपनी करते हैं सारे प्रोसेस करती हैं और राष्ट्रपति उस पर मोहर लगाते हैं उनको फाइंड कर देते हैं वैसे तो प्रधानमंत्री ही कहते हैं सारे जितने भी संस्थाओं को हैं लेकिन संवैधानिक रूप से राष्ट्रपति करते हैं इसलिए जितनी भी नियुक्ति है राष्ट्रपति के नाम से

in sabke liye desh ke samvidhan ko samjhne ki avashyakta hai desh ke samvidhan me vyavasthaen hain hamari ek executive hain aur ek hai desh ke mukhiya toh jo rashtrapati hain vaah samvaidhanik mukhiya hain aur jo pradhanmantri hain vaah chief executive me mukhya kaaryakari adhikari keh sakte hain unko toh do aisi sansthayen jo samvaidhanik sansthayen hain jaise supreme court hai election commision hai kang hai yah toh sansthayen hai yah samvaidhanik sansthayen hain is par sarkar ka niyantran nahi hota bilkul bhi yah sarkar se alag hoti hai na inko sarkar tankha deti inko bharat ki sanchit nidhi se tankha milti toh aisi sansthayen jo pradhanmantri ke andar me nahi hai sarkar ke andar me nahi hai vaah so gayi samvaidhanik taur par rashtrapati ke andar me hoti kyon pradhanmantri galat kar sakta hai chunav ke liye kisi bhi kaam ke liye lekin samvidhan ki raksha ke liye rashtrapati ko samvaidhanik mukhiya banaya gaya toh is tarah ki jitni bhi post ya upsc ke chairman rashtrapati apwaint karte hain toh jitni bhi samvaidhanik sansthayen jude hue hain hamari top level ki un sab ki niyukti rashtrapati karta hai lekin aisa nahi ki rashtrapati manmane tarike se karta hai rashtrapati ki salah ke lekh mantriparishad hai jaha pradhanmantri hote hain hamare unke cabinet hoti hai pyar karti hain ko apni karte hain saare process karti hain aur rashtrapati us par mohar lagate hain unko find kar dete hain waise toh pradhanmantri hi kehte hain saare jitne bhi sasthaon ko hain lekin samvaidhanik roop se rashtrapati karte hain isliye jitni bhi niyukti hai rashtrapati ke naam se

इन सबके लिए देश के संविधान को समझने की आवश्यकता है देश के संविधान में व्यवस्थाएं हैं हमारी

Romanized Version
Likes  41  Dislikes    views  700
WhatsApp_icon
user

Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

2:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति क्यों करता है प्रधानमंत्री क्यों नहीं कर सकता लेकिन भारत का राष्ट्रपति संवैधानिक प्रमुख होने के नाते वह संविधान का प्रमुख हुआ करता है और उसका जो पद है राष्ट्रपति का सर्वोच्च सर्वोच्च पद हुआ करता है आता है सामान्य परिचय सामान्य परिस्थितियों में प्रधानमंत्री मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति हेतु वरिष्ठता के आधार पर राष्ट्रपति को प्रधानमंत्री मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति के लिए राष्ट्रपति को वर्षिता के क्रम में प्रचुर राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है और राष्ट्रपति प्रधान मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है कहने का साया है प्रधानमंत्री वरिष्ठता के आधार पर प्रधान न्यायाधीश मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति का प्रस्ताव राष्ट्रपति को प्रस्तुत करता है और उस प्रस्तुत उस प्रस्ताव पर राष्ट्रपति विचार करके मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति क्या राष्ट्रपति किया किया करता है

supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti rashtrapati kyon karta hai pradhanmantri kyon nahi kar sakta lekin bharat ka rashtrapati samvaidhanik pramukh hone ke naate vaah samvidhan ka pramukh hua karta hai aur uska jo pad hai rashtrapati ka sarvoch sarvoch pad hua karta hai aata hai samanya parichay samanya paristhitiyon me pradhanmantri mukhya nyayadhish ki niyukti hetu varishthata ke aadhar par rashtrapati ko pradhanmantri mukhya nyayadhish ki niyukti ke liye rashtrapati ko varshita ke kram me prachur rashtrapati ko prastut karta hai aur rashtrapati pradhan mukhya nyayadhish ki niyukti rashtrapati karta hai kehne ka saya hai pradhanmantri varishthata ke aadhar par pradhan nyayadhish mukhya nyayadhish ki niyukti ka prastaav rashtrapati ko prastut karta hai aur us prastut us prastaav par rashtrapati vichar karke mukhya nyayadhish ki niyukti kya rashtrapati kiya kiya karta hai

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति क्यों करता है प्रधानमंत्री क्यों न

Romanized Version
Likes  186  Dislikes    views  1587
WhatsApp_icon
user

Pt. Yogesh Bhardwaj "YOGI"

Motivator Educator

0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति राष्ट्रपति ही क्यों करता है देखी राष्ट्रपति जो है वह राष्ट्रपति जो हुआ एक संवैधानिक पद है और यह तीनों परियों का प्रमुख होता है मूल रूप से राष्ट्रपति जो होता है वह नगर न्यायपालिका कार्यपालिका विधायिका तीनों के अंतर्गत आता है यह प्रमुख होता है इसलिए राष्ट्रपति को इसका अधिकार है कि वह राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति कौन करता है धन्यवाद

namaskar aapka prashna hai rashtrapati mukhya nyayadhish ki niyukti supreme court ke mukhya nyayadhish ki niyukti rashtrapati hi kyon karta hai dekhi rashtrapati jo hai vaah rashtrapati jo hua ek samvaidhanik pad hai aur yah tatvo pariyon ka pramukh hota hai mul roop se rashtrapati jo hota hai vaah nagar nyaypalika karyapalika vidhayika tatvo ke antargat aata hai yah pramukh hota hai isliye rashtrapati ko iska adhikaar hai ki vaah rashtriya mukhya nyayadhish ki niyukti kaun karta hai dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न है राष्ट्रपति मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्याय

Romanized Version
Likes  171  Dislikes    views  766
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!