आजकल के बच्चे किसी की नहीं सुनते। वह अपने दोस्तों की बातों में आ कर ग़लत रास्ता चुन लेते हैं और फिर ग़लत राह पर चले जाते है। एक पेरेंट होने के नाते अपने बच्चों को सही राह कैसे दिखाएँ?...


user

Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप अपने सवाल पर थोड़ा सा ध्यान दें आपने लिखा है कि बच्चे अपने दोस्तों की बात सुनते हैं और सुन कर भले ही वह गलत फैसले कर लेते हैं तो कैसा हो अगर पैरंट भींगा पैरंट हम बच्चे के दोस्त बन जाए तो वह हमारी भी सारी बात सुनेंगे आप के सवाल में ही आपका जवाब है अब अगला सवाल यह बनता है कि कैसे बचे दोस्तों की बात इसलिए सुनते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी दोस्त उनको पूरी तरह से समझते हैं कि वह कैसा फील करते हैं उनको किस वक्त क्या चीज की जरूरत है और मां बाप इस बात को नहीं समझते नहीं यह नहीं कहती कि आप गलत होते हैं मैं भी एक पैरंट हूं मेरे भी बच्चे हैं लेकिन मैं कोशिश करती हूं हमेशा कि मैं अपने बच्चों के साथ उनकी दोस्त बनकर हूं मामा में हूं अपने बच्चों की और मैं हमेशा उनके लिए अच्छा चाहती हूं बहुत बार बच्चों की डिमांड गलत होती है मैं अगर उनको सुतली सीधे मना कर दूं कि यह काम आपको नहीं करना तो कल वह क्या करेंगे दोस्तों के उपलक्ष में आकर मुझसे कर उस काम को कर लेंगे और अगर कर लेते हैं तो 1 तरीके से उन बच्चों को फ्रीडम को इंजॉय करना है और वही अगर मैं उनकी इस बात को समझती हूं तो मैं उनको यूं दिखाती हूं कि आप कर तो सकते हो इस काम को मेल पर पहले आपको यह सोचना है कि इस काम को करने से आपको क्या क्या फायदे होने वाले हैं क्या क्या नुकसान हो सकते हैं और फिर आपको जो सही लगता है वह आप फैसला करो तो इस तरीके से जब हम बच्चों को किसी भी चीज के बारे में समझाएं गे तो वह जरूर हमारी बात समझेंगे और सबसे इंपॉर्टेंट होती है बॉन्डिंग कि मेरा रिलेशन कैसा है मेरे बच्चे के साथ आप बच्चों के दिमाग में यह बात सेट होनी बहुत जरूरी है कि उनके पेरेंट्स से अच्छा उनके लिए कोई और नहीं सोच सकता और वह बॉन्डिंग बनती कैसे वह बॉन्डिंग बनती है अंडरस्टैंडिंग से जबाब हम अपने बच्चों को समझेंगे तो बच्चे भी हमें जरूर समझेंगे तो यह थोड़ा सा टाइम टेकिंग प्रोसेस है पर धीरे-धीरे

aap apne sawaal par thoda sa dhyan de aapne likha hai ki bacche apne doston ki baat sunte hain aur sun kar bhale hi vaah galat faisle kar lete hain toh kaisa ho agar pairant bhinga pairant hum bacche ke dost ban jaaye toh vaah hamari bhi saree baat sunenge aap ke sawaal mein hi aapka jawab hai ab agla sawaal yah baata hai ki kaise bache doston ki baat isliye sunte hain kyonki unhe lagta hai ki unki dost unko puri tarah se samajhte hain ki vaah kaisa feel karte hain unko kis waqt kya cheez ki zarurat hai aur maa baap is baat ko nahi samajhte nahi yah nahi kehti ki aap galat hote hain main bhi ek pairant hoon mere bhi bacche hain lekin main koshish karti hoon hamesha ki main apne baccho ke saath unki dost bankar hoon mama mein hoon apne baccho ki aur main hamesha unke liye accha chahti hoon bahut baar baccho ki demand galat hoti hai agar unko sutli sidhe mana kar doon ki yah kaam aapko nahi karna toh kal vaah kya karenge doston ke uplaksh mein aakar mujhse kar us kaam ko kar lenge aur agar kar lete hain toh 1 tarike se un baccho ko freedom ko enjoy karna hai aur wahi agar main unki is baat ko samajhti hoon toh main unko yun dikhati hoon ki aap kar toh sakte ho is kaam ko male par pehle aapko yah sochna hai ki is kaam ko karne se aapko kya kya fayde hone waale kya kya nuksan ho sakte hain aur phir aapko jo sahi lagta hai vaah aap faisla karo toh is tarike se jab hum baccho ko kisi bhi cheez ke bare mein samjhayen gay toh vaah zaroor hamari baat samjhenge aur sabse important hoti hai bonding ki mera relation kaisa hai mere bacche ke saath aap baccho ke dimag mein yah baat set honi bahut zaroori hai ki unke parents se accha unke liye koi aur nahi soch sakta aur vaah bonding banti kaise vaah bonding banti hai understanding se jawab hum apne baccho ko samjhenge toh bacche bhi hamein zaroor samjhenge toh yah thoda sa time taking process hai par dhire dhire

आप अपने सवाल पर थोड़ा सा ध्यान दें आपने लिखा है कि बच्चे अपने दोस्तों की बात सुनते हैं और

Romanized Version
Likes  105  Dislikes    views  5452
WhatsApp_icon
10 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Renu Goyal

Child Psychologist

0:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सती सावित्री देखने की जगह से प्ले करो इतने दिन आपने ओपिनियन पहले बिना कुछ नहीं किया फिर उसके बाद भी कार्टून के सारे रखो ऐसे फेरी

sati savitri dekhne ki jagah se play karo itne din aapne opinion pehle bina kuch nahi kiya phir uske baad bhi cartoon ke saare rakho aise pheri

सती सावित्री देखने की जगह से प्ले करो इतने दिन आपने ओपिनियन पहले बिना कुछ नहीं किया फिर उस

Romanized Version
Likes  27  Dislikes    views  3670
WhatsApp_icon
play
user

Likes  22  Dislikes    views  3362
WhatsApp_icon
user
2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चों की मामले की बात की जाए तो बच्चों में एक बात हमेशा से नोटिस की जाती रही है और ज्यादातर बच्चों में यह बात कॉमन है कि यह सभी बच्चे अपने बड़ों के सामने अपने एल्डर्स के सामने कंफर्ट फील नहीं कर पाते जो इनसे एज में बड़े चाहे वह उनके बहुत बड़े भाई हूं मदन फादर हूं पेरेंट्स ग्रैंड फादर ग्रैंड मदर कोई भी अगर उससे बड़ा एज का है अंकल हूं तो इन सब के सामने जो बच्चे होते हैं वह कंफर्ट सुविधाजनक फील नहीं कर पाए उनके सामने इनकन्वीनियंस फील करते हैं असुविधा फील करती है यह बच्चे हैबिटेट करते हैं जब बड़ों के सामने ही बैठते हैं तो सही से बातचीत नहीं कर पाते हैं उनके सामने वह पढ़ नहीं पाते हैं सही से बैठ नहीं पाते इसके चाहते रहते हैं बड़ों के सामने बात करने में दोषी सी बात है इसका मतलब है कि वह बच्चे बड़ों के साथ जब बड़ों के साथ वह बातचीत नहीं करेंगे तो उनसे सीखेंगे कैसे तो इसका सीधा सा एक ही कारण हो सकता है कि बच्चे बड़े लोग जो हैं वह बच्चों पर केवल एक के डर बना कर रखना चाहते हैं यही समस्या जबकि बच्चों का देखा गया कि अपने भाई बहनों के साथ वह बहुत ही सही 1 कंफर्ट सील कर दी उनके साथ खेलते कुत्ते हैं शरारत भी कर लेते हैं लेकिन बड़े लोगों के सामने वह कर नहीं पाते तो यहां पर एक गलत पॉइंट हो जाता है तो हम सोसायटी का एक परसेप्शन भी है हमारा एक समाज की सोच भी है कि हम से जितने भी छोटे हैं उनको एक ऑर्डर के साथ रखा जाए उनको डरा कर रखा जाए तो यही समस्या अनुशासन के नाम पर बच्चों को डराया डराया ना जाए उनके साथ केवल डिसिप्लिन मेंटेन किया जाए ना कि डराया जाए अगर यह चीज हो पाती

bacchon ki mamle ki baat ki jaaye toh baccho mein ek baat hamesha se notice ki jaati rahi hai aur jyadatar baccho mein yah baat common hai ki yah sabhi bacche apne badon ke saamne apne elders ke saamne comfort feel nahi kar paate jo inse age mein bade chahen vaah unke bahut bade bhai hoon madan father hoon parents grand father grand mother koi bhi agar usse bada age ka hai uncle hoon toh in sab ke saamne jo bacche hote hain vaah comfort suvidhajanak feel nahi kar paye unke saamne inakanwiniyans feel karte hain asuvidha feel karti hai yah bacche haibitet karte hain jab badon ke saamne hi baithate hain toh sahi se batchit nahi kar paate hain unke saamne vaah padh nahi paate hain sahi se baith nahi paate iske chahte rehte hain badon ke saamne baat karne mein doshi si baat hai iska matlab hai ki vaah bacche badon ke saath jab badon ke saath vaah batchit nahi karenge toh unse sikhenge kaise toh iska seedha sa ek hi karan ho sakta hai ki bacche bade log jo hain vaah baccho par keval ek ke dar bana kar rakhna chahte hain yahi samasya jabki baccho ka dekha gaya ki apne bhai bahnon ke saath vaah bahut hi sahi 1 comfort seal kar di unke saath khelte kutte hain shararat bhi kar lete hain lekin bade logo ke saamne vaah kar nahi paate toh yahan par ek galat point ho jata hai toh hum sociaty ka ek perception bhi hai hamara ek samaj ki soch bhi hai ki hum se jitne bhi chote hain unko ek order ke saath rakha jaaye unko dara kar rakha jaaye toh yahi samasya anushasan ke naam par baccho ko daraya daraya na jaaye unke saath keval discipline maintain kiya jaaye na ki daraya jaaye agar yah cheez ho pati

बच्चों की मामले की बात की जाए तो बच्चों में एक बात हमेशा से नोटिस की जाती रही है और ज्यादा

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  473
WhatsApp_icon
user

Astha Nagpal

Clinical Psychologist

2:35
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

2 ईयर में पैसे डाले पैंट में हर बच्चा उसे पीने से गुजरता है जहां उसको कोई भी इंस्ट्रक्शन किसी भी बड़े मन से दी गई सेक्शन उसको सही नहीं लगती उसकी कैपेसिटी उसको सेलेक्ट करने की बहुत कम होती है इसलिए नहीं कि वह शरारती है या वह जिंदा नहीं जाता इन बायोलॉजी के लिए जगह ब्रेन डेवलपमेंट की बात करते हैं तो ब्रेन का वह भेजता जो हमारे को राइट डिसीजन और सोचने के लिए बना है वह डिवेलप ही नहीं हुआ होता वह कौन से कारक बनता है और इसका मतलब यह है कि कुपोषण लीटर का है अगर मेरी भेजा ब्रेड का उपाय टेबल अभी नहीं हुआ बिटवीन ब्लॉग्स टू नहीं कर रहे और कुछ पाटनर कैसे आती है जहां हम अमरीकी की बात करते हैं एनवायरमेंट की बात करते हैं पेरेंटिंग की बात करते हैं वह हमारे कंट्रोल में है तो अभी लाइट पार्क में भी बहुत कनेक्टिविटी है आप किसी भी इंसान को बता सकते हैं यह सही है या गलत है सही या गलत साक्ष तो होगा लेकिन वह सही या गलत मेरे एक्सीडेंट से आया है तो मैं किसी इंसान पर वह पोस्ट नहीं कर सकती क्योंकि वह मेरे एक्सीडेंट किया है इसीलिए आपको अंडरस्टैंडिंग मुझे ऐसा लगता है कि आजकल बच्चों के साथ वह कन्वर्सेशन और कम्युनिकेशन का स्पीड बहुत जरूरी है उनका सुनना बहुत जरूरी है क्योंकि यह टेक्स है जितनी टेक्नोलॉजी हो जितनी आज की डेट में बच्चों के पास अवेलेबल तू शायद 5 साल पहले 10 साल पहले नहीं थी हमें यह बात समझ नहीं पड़ेगी बड़े ऐसा उनका नॉलेज्वेयर पड़ रहा है वह तेरा साइंटिफिक वर्ल्ड में नहीं जी रहे हैं उनका रियालिटी हो गया टेंशन बहुत स्ट्रॉन्ग है उनके पास सवाल है अब उन सवालों के जवाब शायद हम ना दे पाए लेकिन उन सवालों को सुनना और उन सवालों पर कांग्रेगेशन करना बहुत जरूरी है

2 year mein paise dale pant mein har baccha use peene se guzarta hai jaha usko koi bhi instruction kisi bhi bade man se di gayi section usko sahi nahi lagti uski capacity usko select karne ki bahut kam hoti hai isliye nahi ki vaah shararti hai ya vaah zinda nahi jata in biology ke liye jagah brain development ki baat karte hain toh brain ka vaah bhejta jo hamare ko right decision aur sochne ke liye bana hai vaah develop hi nahi hua hota vaah kaunsi kaarak banta hai aur iska matlab yah hai ki kuposhan litre ka hai agar meri bheja bread ka upay table abhi nahi hua between blogs to nahi kar rahe aur kuch partner kaise aati hai jaha hum amariki ki baat karte hain environment ki baat karte hain perenting ki baat karte hain vaah hamare control mein hai toh abhi light park mein bhi bahut connectivity hai aap kisi bhi insaan ko bata sakte hain yah sahi hai ya galat hai sahi ya galat saaksh toh hoga lekin vaah sahi ya galat mere accident se aaya hai toh main kisi insaan par vaah post nahi kar sakti kyonki vaah mere accident kiya hai isliye aapko understanding mujhe aisa lagta hai ki aajkal baccho ke saath vaah conversation aur communication ka speed bahut zaroori hai unka sunana bahut zaroori hai kyonki yah tax hai jitni technology ho jitni aaj ki date mein baccho ke paas available tu shayad 5 saal pehle 10 saal pehle nahi thi hamein yah baat samajh nahi padegi bade aisa unka nalejweyar pad raha hai vaah tera scientific world mein nahi ji rahe hain unka reality ho gaya tension bahut strong hai unke paas sawaal hai ab un sawalon ke jawab shayad hum na de paye lekin un sawalon ko sunana aur un sawalon par kangregeshan karna bahut zaroori hai

2 ईयर में पैसे डाले पैंट में हर बच्चा उसे पीने से गुजरता है जहां उसको कोई भी इंस्ट्रक्शन क

Romanized Version
Likes  24  Dislikes    views  513
WhatsApp_icon
user

Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

5:47
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं पैरंट्स होने के नाते आपको यह सब कुछ बता रहा हूं क्योंकि इसमें 34 सेक्टर जिम्मेदार है नंबर 1 आपके यहां से स्टार्ट होता है आपने अपनी व्यक्तिगत सुविधा के लिए उन बच्चों को इतना अनुशासन विहीन कर दिया था स्वतंत्र कर दिया कि वे बच्चे ऑफिस शिक्षा से ही शुभ काम करने लगी क्योंकि आप उस एमबी पति-पत्नी सेक्टर जिंदगी जीने की उसमें कहकर कि आनंद में विद में ना हो इसलिए बच्चों का कम डिस्टर्ब करने के लिए उनको अधिक स्वतंत्र दिया यह गलती पर ही आपकी चौकी माता पिता ही संस्कार देते हैं माता-पिता को समय के अनुसार उन्हें डांटना भी चाहिए और समय के अनुसार उन्हें प्रेम करना चाहिए एक आंख प्रेम के लिए होती है एक कान काटने पकाने के लिए अनुशासन पर देखो ना निकली होती है दूसरी बात आज का माहौल बहुत जिम्मेदार है आज का हिंदी पिक्चर देख रहे हैं आप यह फिल्म वाली जो है यह सिनेमा वाले जाएंगे टीवी वाले जो हैं ऐसे गंदे गंदे टीवी सीरियल दे रहे हैं ऐसी गंदी पिक्चरें मार्केट में आ रही है कि जिससे कि बच्चों दिग्भ्रमित हो रहे हैं बच्चों का जो एजुकेशन की ओर जाना चाहिए ध्यान वह उन गंदी पिक्चरों की ओर चला जाता है परिणाम स्वरूप आज उपयुक्त ए बच्चा जन्म लेते लेते lower-case के बारे में सीख जाता है और यह कॉलेज यह हमारे स्कूल यह हमारी यूनिवर्सिटी आजकल इनकी दबंगई यहां पर तुम देखते होगे गंदे लड़के जो है वो तक शादी भी सेवन करते हैं गंदे लड़के राजनीति आदि भी करते हैं राजनीति का फैलाव है तो इन सब की करंसी इन बच्चों को भी यह स्मारक में जाने का अवसर मिल रहा है कुसंगति की कारण भी हो रहा है बहुत से बच्चे तक सबके जीवन में डूब चुके हैं मां-बाप बर्बाद आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं और वैसे भी अब भ्रष्ट होते जा रहे हैं कुमार आगामी होते जा रहा है उसके लिए जिम्मेदार हैं कॉलेज स्कूल केवी टीचर्स को टीचर्स आदर्शवादी बात करते थे जो अपने स्टूडेंट्स ओं में संस्कार शिष्टाचार और ज्ञान बांटते थे क्योंकि पहले टीचर्स जो आज तक टीवी आदर्श आचरण के आज के जो यथार्थवादी लोग लालच अधिक से भरे हुए स्वार्थी खुदगर्ज टीचर हैं वह हकीकत पहली बात तो किसी ने नहीं करते हैं और टीचिंग करते भी हैं तो वे ट्यूशन आदि में या धन कमाने में इतने व्यस्त हैं कि उन्हें अपने स्टूडेंट्स ओं की कोई परवाह नहीं है परिणाम स्वरूप आज के विद्यार्थी अनुशासन से हीरो करके कॉलेज और विद्यालयों में राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेते हैं या तक शादी में शामिल हो जाते हैं सेवन करने में शामिल हो जाते हैं या फिर मारपीट झगड़ा लड़ाई लव प्रसादी इनमें शामिल हो जाते हैं नंबर चौथा जिम्मेदार है पॉइंट्स आजकल मोबाइल मोबाइल में इतना गंदा वातावरण बना दिया कि लड़की लड़कियों का तो मत जल्दी सुनते रास्ता भी होगी एक लड़की घर पर कैसे जाती है कि मैं कॉलेज जा रही हूं और वह अपने वॉइस फ्रेंडों के साथ में भ्रमण करती हुई अपने माता-पिता की सब कुछ चौराहे पर तार तार करती हुई भटक रही है परिणाम स्वरूप में रास्ता भटक जाते हैं लड़के भी माता-पिता से पढ़ने के नाम पर पैसा लेते हैं कि हमें फीस को पैसा चाहिए हमको पैसा चाहिए और उसको चाहिए और इन कल ट्रेन नो पर लगाते हुए बर्बाद करते हुए को मिलते हैं पिक्चर आदि में पार्टी अभी में शराब मैं अभी बात करते हुए माता पिता के पैसों को बर्बाद करते हैं और अपने टाइम को बर्बाद करते हैं तो इसके लिए यह भी जिम्मेदार नंबर 5 हमारे देश के कामों में लचको चुके हैं जो कि समय किस कानून है क्योंकि आपके जो यथार्थ का जीवन है वह बहुत ज्यादा आदमी खो गया है इसलिए हमारे नियम कानून बिजनेस होने चाहिए के नंबर 12 कॉलेज स्कूल जो ट्रक बेचने वालों के अड्डे बन रहे हैं गुंडे असामाजिक तत्वों के अध्ययन को अनुशासन के कारण से यह नियम आदि के कारण से सख्त सजा मिलनी चाहिए यह नहीं चाहिए अफसर ना मिले और इनको सब पर सजाई मैंने जिससे बच्चों को भी थोड़ा डर दहशत व्याप्त हो और वह भी गंदे का पूरा शो क्यों नहीं जाए नंबर 5 हमारे जो न्यूज नेशन में वेस्टर्न कल्चर की 4 वर्ष हो रही है को यूज एंड थ्रो वाली और सिद्धांतों पर चल रही है कि ड्रिंक भी मेरी वाली सिद्धांतों पर चल रही है भारतीय संस्कृति को एकदम जागते जा रहे हैं पार्टी सिस्टर चार्ज कम लोग होते जा रहे हैं इसमें भी हमारे सिनेमा जगत का और हमारी टीवी कल्चर का बहुत बड़ा सहयोग है यह भारतीय सेना चारों को भारतीय संस्कृति को एकदम ईद रोहित कर रहे हैं लुप्त करने के कारण पहुंचा रहे हैं गायन श्लोक इन बच्चों को मोबाइल सुविधा के लिए देते हैं कि भाई कभी आते जाते समय दूध लेट हो जाओ तो घर पर सूचना दे सको किस परिस्थिति में हो सूचना दे सबको डिग्री लड़के लड़कियां उसका मिस यूज करते हैं और यह मोबाइल उनके पास होने में बहुत बड़ा साहेब हो रहा है

main Parents hone ke naate aapko yah sab kuch bata raha hoon kyonki isme 34 sector zimmedar hai number 1 aapke yahan se start hota hai aapne apni vyaktigat suvidha ke liye un baccho ko itna anushasan vihin kar diya tha swatantra kar diya ki ve bacche office shiksha se hi shubha kaam karne lagi kyonki aap us MB pati patni sector zindagi jeene ki usme kehkar ki anand mein with mein na ho isliye baccho ka kam disturb karne ke liye unko adhik swatantra diya yah galti par hi aapki chowki mata pita hi sanskar dete hai mata pita ko samay ke anusaar unhe dantana bhi chahiye aur samay ke anusaar unhe prem karna chahiye ek aankh prem ke liye hoti hai ek kaan katne pakane ke liye anushasan par dekho na nikli hoti hai dusri baat aaj ka maahaul bahut zimmedar hai aaj ka hindi picture dekh rahe hai aap yah film wali jo hai yah cinema waale jaenge TV waale jo hai aise gande gande TV serial de rahe hai aisi gandi pikcharen market mein aa rahi hai ki jisse ki baccho digbhramit ho rahe hai baccho ka jo education ki aur jana chahiye dhyan vaah un gandi pikcharon ki aur chala jata hai parinam swaroop aaj upyukt a baccha janam lete lete lower case ke bare mein seekh jata hai aur yah college yah hamare school yah hamari university aajkal inki dabangai yahan par tum dekhte hoge gande ladke jo hai vo tak shadi bhi seven karte hai gande ladke raajneeti aadi bhi karte hai raajneeti ka failaaw hai toh in sab ki currency in baccho ko bhi yah smarak mein jaane ka avsar mil raha hai kusangati ki karan bhi ho raha hai bahut se bacche tak sabke jeevan mein doob chuke hai maa baap barbad aarthik roop se barbad ho rahe hai aur waise bhi ab bhrasht hote ja rahe hai kumar aagaami hote ja raha hai uske liye zimmedar hai college school kv teachers ko teachers aadarshvaadi baat karte the jo apne students on mein sanskar shishtachar aur gyaan bantate the kyonki pehle teachers jo aaj tak TV adarsh aacharan ke aaj ke jo yatharthavadi log lalach adhik se bhare hue swaarthi khudagarj teacher hai vaah haqiqat pehli baat toh kisi ne nahi karte hai aur teaching karte bhi hai toh ve tuition aadi mein ya dhan kamane mein itne vyast hai ki unhe apne students on ki koi parvaah nahi hai parinam swaroop aaj ke vidyarthi anushasan se hero karke college aur vidhayalayo mein raajnitik gatividhiyon mein bhag lete hai ya tak shadi mein shaamil ho jaate hai seven karne mein shaamil ho jaate hai ya phir maar peet jhagda ladai love prasadi inme shaamil ho jaate hai number chautha zimmedar hai points aajkal mobile mobile mein itna ganda vatavaran bana diya ki ladki ladkiyon ka toh mat jaldi sunte rasta bhi hogi ek ladki ghar par kaise jaati hai ki main college ja rahi hoon aur vaah apne voice frendon ke saath mein bhraman karti hui apne mata pita ki sab kuch chauraahe par taar taar karti hui bhatak rahi hai parinam swaroop mein rasta bhatak jaate hai ladke bhi mata pita se padhne ke naam par paisa lete hai ki hamein fees ko paisa chahiye hamko paisa chahiye aur usko chahiye aur in kal train no par lagate hue barbad karte hue ko milte hai picture aadi mein party abhi mein sharab main abhi baat karte hue mata pita ke paison ko barbad karte hai aur apne time ko barbad karte hai toh iske liye yah bhi zimmedar number 5 hamare desh ke kaamo mein lachako chuke hai jo ki samay kis kanoon hai kyonki aapke jo yatharth ka jeevan hai vaah bahut zyada aadmi kho gaya hai isliye hamare niyam kanoon business hone chahiye ke number 12 college school jo truck bechne walon ke adde ban rahe hai gunde asamajik tatvon ke adhyayan ko anushasan ke karan se yah niyam aadi ke karan se sakht saza milani chahiye yah nahi chahiye officer na mile aur inko sab par sajai maine jisse baccho ko bhi thoda dar dahashat vyapt ho aur vaah bhi gande ka pura show kyon nahi jaaye number 5 hamare jo news nation mein western culture ki 4 varsh ho rahi hai ko use and throw wali aur siddhanto par chal rahi hai ki drink bhi meri wali siddhanto par chal rahi hai bharatiya sanskriti ko ekdam jagte ja rahe hai party sister charge kam log hote ja rahe hai isme bhi hamare cinema jagat ka aur hamari TV culture ka bahut bada sahyog hai yah bharatiya sena charo ko bharatiya sanskriti ko ekdam eid rohit kar rahe hai lupt karne ke karan pohcha rahe hai gaayan shlok in baccho ko mobile suvidha ke liye dete hai ki bhai kabhi aate jaate samay doodh late ho jao toh ghar par soochna de Sako kis paristithi mein ho soochna de sabko degree ladke ladkiyan uska miss use karte hai aur yah mobile unke paas hone mein bahut bada saheb ho raha hai

मैं पैरंट्स होने के नाते आपको यह सब कुछ बता रहा हूं क्योंकि इसमें 34 सेक्टर जिम्मेदार है न

Romanized Version
Likes  189  Dislikes    views  2638
WhatsApp_icon
user

Shristi Shrestha

Psychologist

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चा था ना पहले अभी नहीं अच्छा मैं 355 की मां बताती रहूंगी और उसका वातावरण डरावनी किया क्या करेंगे तो दिन भी फाइन बट यू नो व्हाट अरे बाबा बाबा की प्रॉब्लम के बच्चा बचपन का बच्चा पैदा होने के बाद जल्दी मम्मी क्या बात करें मैसेज को प्रॉब्लम होगा ना

baccha tha na pehle abhi nahi accha main 355 ki maa batati rahungi aur uska vatavaran daravni kiya kya karenge toh din bhi fine but you no what are baba baba ki problem ke baccha bachpan ka baccha paida hone ke baad jaldi mummy kya baat kare massage ko problem hoga na

बच्चा था ना पहले अभी नहीं अच्छा मैं 355 की मां बताती रहूंगी और उसका वातावरण डरावनी किया क्

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  116
WhatsApp_icon
user

Annayee Roy

Counselling Psychologist

1:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंदौर की फैमिली आगे पहले देखना पड़ेगा कि जो चाइल्ड है वह अपने पैरंट्स से कनेक्ट क्यों नहीं हो पा रहा है क्या पेरेंट्स बहुत ज्यादा डोमिनेंट है उसके ऊपर एंड ऑपरेशन करते हैं आप सेक्शन टुडे चाइना जो भी शायद बचपन से बच्चे ने ऐसा कुछ बोला होगा जो उन्होंने कभी वाले डेट नहीं किया तो मैं भी उस वजह से उनसे दूर हो गया यह हो सकता है इस सिचुएशन टुडे चंडी मोर मनी ऑर्डर सिचुएशन जिस वजह से बच्चा ऐसा कर रहा है आंटी में हमें यह समझना पड़ेगा करना पड़ता है फ्रेंड के साथ मदर फ्रेंड की तरफ ज्यादा इंक्लाइंड होते हैं बच्चे टू इनवाइट की जरूरत होगी जाना पड़ेगा कि बच्चा पेरेंट्स की बात क्यों नहीं किया ना समझना तारा और पेरेंट्स किस तरह की पेंटिंग में शुरू से रहे हैं उसके बाद हम दोनों को मार्च करता माता पैरेंट एंड चाइल्ड के बाद हमें कौन ट्यूशन पर आ सकते हैं कि क्यों ऐसा हो रहा है एंड हाउ कैन वी गो अबाउट

indore ki family aage pehle dekhna padega ki jo child hai vaah apne Parents se connect kyon nahi ho paa raha hai kya parents bahut zyada dominant hai uske upar and operation karte hain aap section today china jo bhi shayad bachpan se bacche ne aisa kuch bola hoga jo unhone kabhi waale date nahi kiya toh main bhi us wajah se unse dur ho gaya yah ho sakta hai is situation today chandi mor money order situation jis wajah se baccha aisa kar raha hai aunty mein hamein yah samajhna padega karna padta hai friend ke saath mother friend ki taraf zyada inclined hote hain bacche to invite ki zarurat hogi jana padega ki baccha parents ki baat kyon nahi kiya na samajhna tara aur parents kis tarah ki painting mein shuru se rahe hain uske baad hum dono ko march karta mata parent and child ke baad hamein kaun tuition par aa sakte hain ki kyon aisa ho raha hai and how can v go about

इंदौर की फैमिली आगे पहले देखना पड़ेगा कि जो चाइल्ड है वह अपने पैरंट्स से कनेक्ट क्यों नहीं

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  91
WhatsApp_icon
user

Dr Robin Juneja

Psychiatrist

3:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल बहुत अच्छा प्रश्न आई आपका इश्क ना करना पड़ेगा अच्छा रोल मोनू खुद में पढ़ना पड़ेगा बच्चों के सामने अपनी कमजोरियां में छुपा था वह हस्बैंड वाइफ की आपस में लड़ाई हो ड्रिंक करना हो तो जल्दी ठीक हो जाओ बच्चों के सामने छुपाती हो गए एक्टर एक्ट्रेसेस के अच्छे रोल मॉडल नहीं है कितनी सुंदर हो हमें अच्छे लाभ करना ताकि कुछ बच्चों के रोल मॉडल बन पाए एक पेन है एक मदद जो एक फादर जो है वह इतने अच्छा अपने आपको बना लेना चाहिए कि बच्चों को लेने कि मुझे फादर के अच्छा इंसान तो कोई कोई उसको बच्चे को ही लगना शुरू होगा कि मेरे फादर से अच्छा इंसान ही कोई नहीं है कि वह अपने वादों को फॉलो करना शुरू करेगा बड़ी प्रॉब्लम क्या है हम अपने आपको खुद अपने आप को तो ठीक करते नहीं है और अपने आपको हम रोल मॉडल बनवा सकते हैं बच्चों को बोलते रहते हैं कि आप अपने आप को चेंज करो अपने आप को चेंज करो अच्छा रोल मॉडल बनाओ अपने फ्रेंड को मत खोलो करो क्योंकि बच्चों को डीटीएच बैलेंस कितने अच्छे हैं दुनिया मेरे को अपने पेरेंट्स की तरह अपने आप को चेंज करना बहुत जरूरी है क्यों हम बहुत अच्छे हो कि मेरा बेटा जो है वह बड़ा होकर बहुत कलेक्टर बन जाएगा कुछ बन जा तू मेरी एजुकेशन प्लीज प्लीज इतना अच्छा हो जाऊं कि मेरे बच्चे को लगे कि मेरे फादर जो भी मेरे को सलाह देंगे ना वह बहुत अच्छी हो अपने बच्चे को कफ बनना है तो वह जरूर बनेगा पर मैं भी डिलीट ड्रिंक करता हूं मैं भी प्रोफेशनली दूसरों को चीट करता हूं अभी घर जाते लड़ाई करता हूं तो मेरा बच्चा मेरे को रोल मॉडल कभी नहीं समझेगा मेरा बच्चा मेरी बात कभी नहीं सुना कि सबसे पहले बहुत जरूरी है मैं अपने आप को चेक करो फिर बच्चों के साथ फ्रेंडली हो कि उनको बता दो कि क्या की अच्छी है क्या चीज बुरी है उसका फैसला बच्चे के ऊपर 100 बच्चों को पोलियो कैसे करेंगे तो हम बच्चों के लिए एक अच्छे संस्कार डाल पाएंगे क्योंकि बच्चा संस्कार हमसे और बच्चे को अच्छा रोल मॉडल शूज करने में मदद करता है

bilkul bahut accha prashna I aapka ishq na karna padega accha roll monu khud mein padhna padega baccho ke saamne apni kamajoriyan mein chupa tha vaah husband wife ki aapas mein ladai ho drink karna ho toh jaldi theek ho jao baccho ke saamne chupati ho gaye actor ektreses ke acche roll model nahi hai kitni sundar ho hamein acche labh karna taki kuch baccho ke roll model ban paye ek pen hai ek madad jo ek father jo hai vaah itne accha apne aapko bana lena chahiye ki baccho ko lene ki mujhe father ke accha insaan toh koi koi usko bacche ko hi lagna shuru hoga ki mere father se accha insaan hi koi nahi hai ki vaah apne vaado ko follow karna shuru karega badi problem kya hai hum apne aapko khud apne aap ko toh theek karte nahi hai aur apne aapko hum roll model banwa sakte hain baccho ko bolte rehte hain ki aap apne aap ko change karo apne aap ko change karo accha roll model banao apne friend ko mat kholo karo kyonki baccho ko DTH balance kitne acche hain duniya mere ko apne parents ki tarah apne aap ko change karna bahut zaroori hai kyon hum bahut acche ho ki mera beta jo hai vaah bada hokar bahut collector ban jaega kuch ban ja tu meri education please please itna accha ho jaaun ki mere bacche ko lage ki mere father jo bhi mere ko salah denge na vaah bahut achi ho apne bacche ko cough banna hai toh vaah zaroor banega par main bhi delete drink karta hoon main bhi professionally dusro ko cheat karta hoon abhi ghar jaate ladai karta hoon toh mera baccha mere ko roll model kabhi nahi samjhega mera baccha meri baat kabhi nahi suna ki sabse pehle bahut zaroori hai apne aap ko check karo phir baccho ke saath friendly ho ki unko bata do ki kya ki achi hai kya cheez buri hai uska faisla bacche ke upar 100 baccho ko polio kaise karenge toh hum baccho ke liye ek acche sanskar daal payenge kyonki baccha sanskar humse aur bacche ko accha roll model shoes karne mein madad karta hai

बिल्कुल बहुत अच्छा प्रश्न आई आपका इश्क ना करना पड़ेगा अच्छा रोल मोनू खुद में पढ़ना पड़ेगा

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  116
WhatsApp_icon
user

Gunjan

Junior Volunteer

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आपने सही बोला है कि आजकल के बच्चे किसी के सुनना पसंद नहीं करते हैं तकलीफ हो उन सब की बातें नहीं सुनता जो कि उनको आर्डर दिया जाए या फिर उस तरह से उनको लाइक छोटा बताकर उनके बात को वर्क फोर्स पहले उनके ऊपर थोपा जाए तो ऐसा बिल्कुल नहीं करें ऐसा पेरेंट आपके काम कर सकते हैं कि आप अपने बच्चे के साथ में फ्रेंड रिलेशंस पता है उनके साथ अपनी बातें शेयर कीजिए या फिर उनकी बातें सुनिए और कुछ करना चाहते हैं अपनी लाइफ में पहले आप बहुत सुनी है कि वह क्या करना चाहते हैं अगर आपको अपने प्रिय लगता है आपका बच्चा उसमें आपको सही तर्क प्रस्तुत कर सकता है तो तुझको अपने हिसाब से भी करने दे सकते हैं अगर आप लगता है कि नहीं वह उसके लिए सही नहीं है वह पागल तो आप भी अपना पेट एग्जांपल देकर आप उनको वह बता सकते हैं कि आज क्या सही है और क्या गलत

ji aapne sahi bola hai ki aajkal ke bacche kisi ke sunana pasand nahi karte hain takleef ho un sab ki batein nahi sunta jo ki unko order diya jaaye ya phir us tarah se unko like chota batakar unke baat ko work force pehle unke upar thopa jaaye toh aisa bilkul nahi kare aisa parent aapke kaam kar sakte hain ki aap apne bacche ke saath mein friend rileshans pata hai unke saath apni batein share kijiye ya phir unki batein suniye aur kuch karna chahte hain apni life mein pehle aap bahut suni hai ki vaah kya karna chahte hain agar aapko apne priya lagta hai aapka baccha usme aapko sahi tark prastut kar sakta hai toh tujhko apne hisab se bhi karne de sakte hain agar aap lagta hai ki nahi vaah uske liye sahi nahi hai vaah Pagal toh aap bhi apna pet example dekar aap unko vaah bata sakte hain ki aaj kya sahi hai aur kya galat

जी आपने सही बोला है कि आजकल के बच्चे किसी के सुनना पसंद नहीं करते हैं तकलीफ हो उन सब की बा

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  229
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
इनकन्वीनियंस ;

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!