ऐसा क्यों कहा जाता है कि भूखा पेट, खाली जेब और झूठा प्रेम इंसान को ज़िंदगी में बहुत कुछ सीखा देता है। क्या आप इस बात से सहमत हो?...


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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जहां तक हो मैं आपकी इस बात से सहमत हूं कि भूखा पेट खाली जेब झूठा प्रेम इंसान को बहुत कुछ सिखाता है यह जिंदगी हमें हर कदम पर कुछ ना कुछ सिखाने के लिए तरह-तरह की चीजें हमारी हमारी सामने लाती है आप बहुत सिंपल गेम एमएस को आप को समझाना चाहूंगी कि मार लीजिए एक इंसान एक बच्चे का जन्म हुआ बहुत अमीर खानदान ने उसके सामने हर समय खाने की इतनी ऑप्शन से उसकी डाइनिंग टेबल पर 50 तरह की जो चीजें रखी होती है रायपुर उसका भंडार होता है जो वह चाहे वह खा सकता है तो उस बच्चे के लिए कितनी अहमियत होगी खाने की या हेल्प किया हेल्दी फूड की और एक बच्चा जो बिल्कुल गरीब है सड़क पर रहता है शायद उसके मां-बाप भी ना हो और उसको एक वक्त के खाने के लिए भी चारों तरफ सोचना पड़ता है देखना पड़ता है किसी के सामने हाथ फैलाना पड़ता है उस बच्चे के लिए खाने की चीजों की क्या वैल्यू होगी तो अगर आप इन दोनों बच्चों की तरफ से सोच कर देखेंगे तो आपको बहुत आसानी से समझ आ जाएगा कि कैसे भूखा पेट हमें कुछ सिखा रहा है कैसे खाली जेब हमें सिखाती है कि जब एक छोटा बच्चा है उसके पास पैसे नहीं है और उसको कोई बहुत ही इंटरेस्टिंग का गेम चाहिए अब वह गेम को पाने के लिए क्या कर सकता है उसके अंदर कितना जोश है उसको पानी का और उसको कितना मुश्किल दिख रहा है वह चीज पाना तो इन चीजों से जिंदगी हमें सिखाती है हर चीज की वैल्यू करना कि इस यूनिवर्स में जो कुछ है उसकी वैल्यू करो जो हमारे पास है जितना उसमें खुश रहो और और पाने की कोशिश करते रहो

jahan tak ho main aapki is baat se sahmat hoon ki bhukha pet khaali jeb jhutha prem insaan ko bahut kuch sikhata hai yah zindagi hamein har kadam par kuch na kuch sikhane ke liye tarah tarah ki cheezen hamari hamari saamne lati hai aap bahut simple game ms ko aap ko samajhana chahungi ki maar lijiye ek insaan ek bacche ka janam hua bahut amir khandan ne uske saamne har samay khane ki itni option se uski dining table par 50 tarah ki jo cheezen rakhi hoti hai raipur uska bhandar hota hai jo vaah chahen vaah kha sakta hai toh us bacche ke liye kitni ahamiyat hogi khane ki ya help kiya healthy food ki aur ek baccha jo bilkul garib hai sadak par rehta hai shayad uske maa baap bhi na ho aur usko ek waqt ke khane ke liye bhi charo taraf sochna padta hai dekhna padta hai kisi ke saamne hath faillana padta hai us bacche ke liye khane ki chijon ki kya value hogi toh agar aap in dono baccho ki taraf se soch kar dekhenge toh aapko bahut aasani se samajh aa jaega ki kaise bhukha pet hamein kuch sikha raha hai kaise khaali jeb hamein sikhati hai ki jab ek chota baccha hai uske paas paise nahi hai aur usko koi bahut hi interesting ka game chahiye ab vaah game ko paane ke liye kya kar sakta hai uske andar kitna josh hai usko paani ka aur usko kitna mushkil dikh raha hai vaah cheez paana toh in chijon se zindagi hamein sikhati hai har cheez ki value karna ki is Universe mein jo kuch hai uski value karo jo hamare paas hai jitna usme khush raho aur aur paane ki koshish karte raho

जहां तक हो मैं आपकी इस बात से सहमत हूं कि भूखा पेट खाली जेब झूठा प्रेम इंसान को बहुत कुछ स

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Harish Menaria

Mind professor| Tourism Guide

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लेकिन सवाल है कि ऐसा क्यों कहा जाता है कि भूखा पेट खाली जेब और झूठ नहीं बोलता है कि आप इस बात से सहमत हैं आपका यह जो सवाल है मैं इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं क्योंकि यह बात केवल उन्हीं लोगों पर लागू होती है जो सीखना चाहते हैं जिनमें सीखने में अच्छा लगता है जो प्रकृति को समझना चाहते हैं पैकेट में बनी सारी चीजों को समझना चाहते हैं ईश्वर द्वारा बनाई गई लेकिन उनके लिए बिल्कुल कोई प्रभाव नहीं पड़ता कि उनके पेट खाली है या कुछ भी क्यों सीखना है चाहते हो सकता है वह समझते हो मुझ पर इतना दुख है वह है उसी में हो उस दिन मान लीजिए मान लीजिए कि किसी राह में कोई शिकवा गिला है और वहां से तो बहुत से लोग जाते हैं लेकिन दिखता किसी किसी को है उसे ही देखता है जो राह को देखते चलता है परिस्थिति कितना भी खराब हो लेकिन उसे सीखने वाला ही सीखे इस पर लगने पर जितने भूखे हैं वह सीखेंगे जरूर नहीं वह नहीं सीख सकते हैं वह दूसरी उलझन में हो सकते कि मेरे साथ यह क्यों हो रहा है वह वगैरा-वगैरा अपने आप में परिस्थितियां कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा उनके मैं कहना चाहूंगा कि केवल उन्हीं लोगों के लिए लागू होता है जो लिखना चाहते हैं जिन सीखने में आता है उनके लिए यह नहीं कि सबके लिए लागू नहीं हो सकते

lekin sawaal hai ki aisa kyon kaha jata hai ki bhukha pet khaali jeb aur jhuth nahi bolta hai ki aap is baat se sahmat hain aapka yah jo sawaal hai is baat se bilkul sahmat nahi hoon kyonki yah baat keval unhi logo par laagu hoti hai jo sikhna chahte hain jinmein sikhne mein accha lagta hai jo prakriti ko samajhna chahte hain packet mein bani saree chijon ko samajhna chahte hain ishwar dwara banai gayi lekin unke liye bilkul koi prabhav nahi padta ki unke pet khaali hai ya kuch bhi kyon sikhna hai chahte ho sakta hai vaah samajhte ho mujhse par itna dukh hai vaah hai usi mein ho us din maan lijiye maan lijiye ki kisi raah mein koi shikwa gila hai aur wahan se toh bahut se log jaate hain lekin dikhta kisi kisi ko hai use hi dekhta hai jo raah ko dekhte chalta hai paristithi kitna bhi kharab ho lekin use sikhne vala hi sikhe is par lagne par jitne bhukhe hain vaah sikhenge zaroor nahi vaah nahi seekh sakte hain vaah dusri uljhan mein ho sakte ki mere saath yah kyon ho raha hai vaah vagaira vagaira apne aap mein paristhiyaann koi prabhav nahi padega unke main kehna chahunga ki keval unhi logo ke liye laagu hota hai jo likhna chahte hain jin sikhne mein aata hai unke liye yah nahi ki sabke liye laagu nahi ho sakte

लेकिन सवाल है कि ऐसा क्यों कहा जाता है कि भूखा पेट खाली जेब और झूठ नहीं बोलता है कि आप इस

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Dr. Jitubhai Shah

Friend, Philosopher and Guide

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं सहमत हूं कि भूखा पेट खाली जेब और झूठा प्रेम इंसान को जिंदगी में बहुत कुछ सिखा देता है जब पेट भूखा होता है तब आदमी को बहुत मेहनत करनी पड़ती है वास्तविकता का पता चलता है बुखार भी डाली नहीं रह सकता है जब जेब खाली होता है यानी कि उनके पास पैसा नहीं होता है तो उनका पूरा फोकस पैसा कमाने पर कुत्ता है जीवन की वास्तविकता का परिचय होता है कौन अपने हैं कौन अपने नहीं है वह भी पता चलता है तो जिंदगी में सब कुछ डिफिकल्टीज का जब टाइम होता है तभी सीखने को मिलता है और झूठा प्रेम जब उसमें निष्फल का मिलती है तब पता चलता है सही को नहीं सही कौन नहीं है तू ही तू चीज ऐसी है कि जीवन की वास्तविकता का परिचय देता है ऊपर ऊपर से सब कुछ अच्छा लगता है लेकिन जब कठिन परिस्थिति आती है तब आप कैसे उनको जेल सकते हो उप का उसका उपाय कैसे निकाल सकते हो और उस समय कैसे बैठे रह सकते हो और जीवन में कैसे आगे बढ़ सकते हो यह सब सीखने को हमेशा डिफिकल्ट सिचुएशन में ही मिलता है सब कुछ अनुकूल होता है तो हम ज्यादा नहीं सीख सकते हैं थैंक यू

main sahmat hoon ki bhukha pet khaali jeb aur jhutha prem insaan ko zindagi mein bahut kuch sikha deta hai jab pet bhukha hota hai tab aadmi ko bahut mehnat karni padti hai vastavikta ka pata chalta hai bukhar bhi dali nahi reh sakta hai jab jeb khaali hota hai yani ki unke paas paisa nahi hota hai toh unka pura focus paisa kamane par kutta hai jeevan ki vastavikta ka parichay hota hai kaun apne hain kaun apne nahi hai vaah bhi pata chalta hai toh zindagi mein sab kuch difficulties ka jab time hota hai tabhi sikhne ko milta hai aur jhutha prem jab usme nishfal ka milti hai tab pata chalta hai sahi ko nahi sahi kaun nahi hai tu hi tu cheez aisi hai ki jeevan ki vastavikta ka parichay deta hai upar upar se sab kuch accha lagta hai lekin jab kathin paristithi aati hai tab aap kaise unko jail sakte ho up ka uska upay kaise nikaal sakte ho aur us samay kaise baithe reh sakte ho aur jeevan mein kaise aage badh sakte ho yah sab sikhne ko hamesha difficult situation mein hi milta hai sab kuch anukul hota hai toh hum zyada nahi seekh sakte hain thank you

मैं सहमत हूं कि भूखा पेट खाली जेब और झूठा प्रेम इंसान को जिंदगी में बहुत कुछ सिखा देता है

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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भूखा पेट खाली जेब और झूठा प्रेम यह तीनों चीजें इंसान को जिंदगी में काफी कुछ सिखा देती है और मैं इस बात से पूर्ण रुप से सहमत हूं क्योंकि जब हमारा पेट भरा रहता है उस वक्त हमें खाने की इतनी कदर नहीं होती और कई बार लोग खाने को वेस्ट भी कर देते हैं वहीं अगर कोई इंसान दो चार दिनों से भूखा है तो उसको कैसा भी खाना क्यों ना मिल जाए वह उसकी कदर करता है और खाने की इंपोर्टेंस को समझता है इसके अलावा जब हमारे पास काफी पैसे रहते हैं तो हम इधर उधर की चीजों में काफी पैसे अभ्यर्थी वेस्ट कर देते हैं यानी कि खर्च कर देते हैं लेकिन जब हमारे पास पैसों की किल्लत होती है तो हम एक एक रुपए की इंपॉर्टेंट समझने लगते हैं और सही तरीके से पैसों को खर्च करते हैं और अगर हम प्यार की बात करें तू जब हम किसी से सच्चा प्यार करते हैं लेकिन हमारा पार्टनर हमें धोखा देता है तो उस वक्त भी हमें जिंदगी की सच्चाई समझ आती है कि आज की दुनिया इस प्रकार की हो गई है जहां पर लोगों को एक दूसरे से मतलब नहीं है सभी लोग एक तरह के होते जा रहे हैं यानी कि सब कोई अपने बारे में सोचता है और दूसरे की फीलिंग्स की कदर नहीं हो रही है तो यह तमाम चीजें हमें जिंदगी में काफी कुछ सीखने को देती है

bhukha pet khaali jeb aur jhutha prem yah tatvo cheezen insaan ko zindagi mein kaafi kuch sikha deti hai aur main is baat se purn roop se sahmat hoon kyonki jab hamara pet bhara rehta hai us waqt hamein khane ki itni kadar nahi hoti aur kai baar log khane ko west bhi kar dete hai wahi agar koi insaan do char dino se bhukha hai toh usko kaisa bhi khana kyon na mil jaaye vaah uski kadar karta hai aur khane ki importance ko samajhata hai iske alava jab hamare paas kaafi paise rehte hai toh hum idhar udhar ki chijon mein kaafi paise abhyarthi west kar dete hai yani ki kharch kar dete hai lekin jab hamare paas paison ki killat hoti hai toh hum ek ek rupaye ki important samjhne lagte hai aur sahi tarike se paison ko kharch karte hai aur agar hum pyar ki baat kare tu jab hum kisi se saccha pyar karte hai lekin hamara partner hamein dhokha deta hai toh us waqt bhi hamein zindagi ki sacchai samajh aati hai ki aaj ki duniya is prakar ki ho gayi hai jaha par logo ko ek dusre se matlab nahi hai sabhi log ek tarah ke hote ja rahe hai yani ki sab koi apne bare mein sochta hai aur dusre ki feelings ki kadar nahi ho rahi hai toh yah tamaam cheezen hamein zindagi mein kaafi kuch sikhne ko deti hai

भूखा पेट खाली जेब और झूठा प्रेम यह तीनों चीजें इंसान को जिंदगी में काफी कुछ सिखा देती है औ

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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लेकिन मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूं भूखा पेट खाली जेब और झूठा प्रेम इंसान को जिंदगी में बहुत कुछ सिखाता है और एक कहावत भी है भूखे भजन न होय गोपाला ले लो अपनी कंठी माला तो कहना चाहिए इतना कहना चाहता हूं अगर आप का पीरियड रुका है आपने कुछ नहीं खाया है ठीक है तो कहीं ना कहीं किसी भी चीज़ में आपका मन नहीं लगेगा और प्यार का तब छोड़िए अगर आप भूखे पेट है और आपकी जेब में पैसे नहीं है तो प्यार अभी आपको आज के समय में आपको प्यार भी नहीं मिलेगा

lekin main aapki baat se bilkul sahmat hoon bhukha pet khaali jeb aur jhutha prem insaan ko zindagi mein bahut kuch sikhata hai aur ek kahaavat bhi hai bhukhe bhajan na hoy gopala le lo apni kanthi mala toh kehna chahiye itna kehna chahta hoon agar aap ka period ruka hai aapne kuch nahi khaya hai theek hai toh kahin na kahin kisi bhi cheez mein aapka man nahi lagega aur pyar ka tab chodiye agar aap bhukhe pet hai aur aapki jeb mein paise nahi hai toh pyar abhi aapko aaj ke samay mein aapko pyar bhi nahi milega

लेकिन मैं आपकी बात से बिल्कुल सहमत हूं भूखा पेट खाली जेब और झूठा प्रेम इंसान को जिंदगी में

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