बताया जाता है कि इस ब्रह्मांड के अलावा और भी कई ब्रहमांड है इस बात में कितनी सच्चाई हो सकती है?...


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मधुपाल सिंह नागपुरे

लाइब्रेरियन( ग्रंथपाल) मार्गदर्शक । मित्र सलाहकार। सुलभ ज्ञान। सत्य दर्शक ।

5:58

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आपके मन में एक उलझन से भरा हुआ प्रश्न है आप प्रश्न कर रहे हैं कि बताया जाता है कि इस दुनिया में बहुत सारे ब्रह्मांड हैं इस बात में कितनी सच्चाई है तो आपके प्रश्न का सही उत्तर हम दे रहे हैं जी हां इस ब्रह्मांड में या अंतरिक्ष में अनेकों ब्रह्मांड है यह सत्य है इसमें कोई भी अंधविश्वास नहीं है या कोई भी गलत बात नहीं है यह सही जानकारियां हैं शास्त्रों के हिसाब से भी अनेकों ब्रह्मांड का अलग-अलग शास्त्रों में वर्णन किया जाता है जैसे हम इस दुनिया में है हम जहां रहते हैं उसे हम अपना गांव करते हैं अपना पहले हम अपने घर से शुरुआत करते हैं हम पहले अपने घर से शुरुआत करते हैं तो पहले घर उसके बाद हम अपने गांव गांव के बाद हम किस तहसील में रहते हैं किस तहसील के बाद जिला जिले के बाद राज्य राज्य के बाद देश और देश के बाद दुनिया दुनिया मतलब यह पूरी धरती हमारी धरती तो हमारी धरती कहां है हमारी धरती अंतरिक्ष में स्थापित है और यह सूर्य का चक्कर लगा रही है इसी प्रकार से अब तो हमारी धरती एक ब्रह्मांड में स्थापित है और अपने ब्रह्मांड में अपने सूर्य का चक्कर लगा रही है इसके बाद इसी तरीके से पूरे अंतरिक्ष में अनेकों ब्रह्मांड हैं अनगिनत ब्रह्मांड है जिनकी गिनती करना बहुत ही नामुमकिन है ब्रह्मांड में हजारों आकाशगंगा अनगिनत आकाशगंगा गए हैं जिनके गिनती करना नामुमकिन है अनेक ग्रह है अनेक उपग्रह है अनेकों तारे हैं अनेकों छोटे तारे हैं अनेकों बड़े तारे हैं अनेकों महा विशाल का एक ग्रह है उपग्रह हैं अनेक औषधीय हो सकते हैं अनेकों हमारी धरती की तरह जीवन पर धरती भी हो सकती है तो इस तरह की चीजें वैज्ञानिक प्रयोगों में भी सिद्ध हुआ है जो खगोल वैज्ञानिक जो होते हैं जो भूगोल के वैज्ञानिक होते हैं जो धरती के मौसम की जानकारियां धरती के जीवन की जानकारियां साथी अंतरिक्ष की जानकारियां स्पेस की जानकारियां और ब्रह्मांड की पूरी जानकारी रखते हैं और उस पर शोध करते रहते हैं और इस पर सेटेलाइट वागडी जो एजेंसी से भेजती है जैसे हमारे देश का स्कोर और विदेश में जैसे ना शावर इन को अत्यधिक जानकारियां है ब्रह्मांड के बारे में इनके पास ज्यादा डाटा है इन नेताओं में से सिद्ध होता है कि वैज्ञानिक पहलू पर अगर हम देखें तो अंतरिक्ष में अनेकों ब्रह्मांड है अनगिनत ब्रह्मांड है और समय-समय पर अनेक नए ग्रहों की खोज भी की जाती रही है और आगे भी किए जाते रहेंगे अर्थात जो अंतरिक्ष है यह सिर्फ स्पर्श है इसकी कोई सीमा नहीं है और यह अनंत है और कहां तक है यह कोई नहीं जानता अंतरिक्ष जो है स्पेस जो है यह लाखों-करोड़ों और अनगिनत अरबों खरबों किलोमीटर के बाद भी यह स्पेस स्पेस है और यह सिर्फ खुला है इसकी कोई सीमा ने तो इस पूरे देश में इस पूरे अंतरिक्ष में अनेकों ब्रह्मांड स्थापित है हर ब्रह्मांड के अपने सूरज हो सकते हैं अपने तारे हो सकते हैं अनेक उनके ऊपर हो सकते हैं और ग्रह हो सकते हैं उनकी अलग-अलग और ज्यादातर जो हैं अधिकांश जो है सबसे ज्यादा जो ग्रह और उपग्रह वह निर्जीव है या फिर उनमें जीवन नहीं है और बहुत सारे ग्रह और उपग्रह पर वैज्ञानिक जो है जीवन की तलाश में हैं और उसी दिशा में अपने वैज्ञानिक प्रयोगों को करते रहते हैं समय पर समय पर भारत भी इस शो के माध्यम से अपनी कोशिशें कर रहा है तो वह जो वैज्ञानिकों के तरफ से ऊंचाई शुरू हो या नासा जैसे संगठन की तरफ से अनेकों शोध किए जा रहे हैं कि धरती के अलावा अंतरिक्ष में या भ्रम और दूसरे ब्रह्मांड में कितने ऐसे ग्रह हैं जिन पर आजीवन हो सकते हैं या जीवन की संभावनाएं हैं तो उसमें आपके प्रश्न की और हम आते हैं आपने पूछा है कि लोग कहते हैं कि इस अंतरिक्ष में अनेकों ब्रह्मांड है इसमें कितनी सच्चाई है यहां तो जी हां आपको हम संतुष्ट कर दें इस अंतरिक्ष में जो है इस विशालकाय महा विशालकाय अंतरिक्ष में जिसकी सीमा नहीं है कि यह कहां तक है कोई भी अकाउंट नहीं कर सकता है कोई भी दिन नहीं सकता है इसके पैमाने को तो यह इस पर सिर्फ पैसा और सिर्फ आप आसमान में जितने भी उचित चले जाएंगे यह सिर्फ खुला है चारों तरफ और स्पेस ही स्पेशल में जगह जगह है और यह अंतरिक्ष बहुत ही बड़ा है विशालकाय और यह कहीं भी बंद नहीं है यह सिर्फ खुला है और ओन्ली स्पेस है इस पूरे स्पेस में इस पूरे अंतरिक्ष में अनेकों ब्रह्मांड हैं और अनेकों शुद्र तारे हैं आप चलता रेडी हैं आज एसडीएम धूमकेतु उदय रहते हैं और अनेकों अनगिनत ब्रह्मांड है इसमें बिल्कुल सत्य है और यह सच बात है आपको हमने अपने संक्षिप्त जानकारी से संतुष्ट किया उम्मीद है आप संतुष्ट हो जाएंगे धन्यवाद

aapke man mein ek uljhan se bhara hua prashna hai aap prashna kar rahe hai ki bataya jata hai ki is duniya mein bahut saare brahmaand hai is baat mein kitni sacchai hai toh aapke prashna ka sahi uttar hum de rahe hai ji haan is brahmaand mein ya antariksh mein anekon brahmaand hai yah satya hai isme koi bhi andhavishvas nahi hai ya koi bhi galat baat nahi hai yah sahi jankariyan hai shastron ke hisab se bhi anekon brahmaand ka alag alag shastron mein varnan kiya jata hai jaise hum is duniya mein hai hum jaha rehte hai use hum apna gaon karte hai apna pehle hum apne ghar se shuruat karte hai hum pehle apne ghar se shuruat karte hai toh pehle ghar uske baad hum apne gaon gaon ke baad hum kis tehsil mein rehte hai kis tehsil ke baad jila jile ke baad rajya rajya ke baad desh aur desh ke baad duniya duniya matlab yah puri dharti hamari dharti toh hamari dharti kaha hai hamari dharti antariksh mein sthapit hai aur yah surya ka chakkar laga rahi hai isi prakar se ab toh hamari dharti ek brahmaand mein sthapit hai aur apne brahmaand mein apne surya ka chakkar laga rahi hai iske baad isi tarike se poore antariksh mein anekon brahmaand hai anaginat brahmaand hai jinki ginti karna bahut hi namumkin hai brahmaand mein hazaro akashganga anaginat akashganga gaye hai jinke ginti karna namumkin hai anek grah hai anek upgrah hai anekon taare hai anekon chote taare hai anekon bade taare hai anekon maha vishal ka ek grah hai upgrah hai anek aushadhiye ho sakte hai anekon hamari dharti ki tarah jeevan par dharti bhi ho sakti hai toh is tarah ki cheezen vaigyanik prayogon mein bhi siddh hua hai jo khagol vaigyanik jo hote hai jo bhugol ke vaigyanik hote hai jo dharti ke mausam ki jankariyan dharti ke jeevan ki jankariyan sathi antariksh ki jankariyan space ki jankariyan aur brahmaand ki puri jaankari rakhte hai aur us par shodh karte rehte hai aur is par satellite vagdi jo agency se bhejti hai jaise hamare desh ka score aur videsh mein jaise na shower in ko atyadhik jankariyan hai brahmaand ke bare mein inke paas zyada data hai in netaon mein se siddh hota hai ki vaigyanik pahaloo par agar hum dekhen toh antariksh mein anekon brahmaand hai anaginat brahmaand hai aur samay samay par anek naye grahon ki khoj bhi ki jaati rahi hai aur aage bhi kiye jaate rahenge arthat jo antariksh hai yah sirf sparsh hai iski koi seema nahi hai aur yah anant hai aur kaha tak hai yah koi nahi jaanta antariksh jo hai space jo hai yah laakhon karodo aur anaginat araboon kharbo kilometre ke baad bhi yah space space hai aur yah sirf khula hai iski koi seema ne toh is poore desh mein is poore antariksh mein anekon brahmaand sthapit hai har brahmaand ke apne suraj ho sakte hai apne taare ho sakte hai anek unke upar ho sakte hai aur grah ho sakte hai unki alag alag aur jyadatar jo hai adhikaansh jo hai sabse zyada jo grah aur upgrah vaah nirjeev hai ya phir unmen jeevan nahi hai aur bahut saare grah aur upgrah par vaigyanik jo hai jeevan ki talash mein hai aur usi disha mein apne vaigyanik prayogon ko karte rehte hai samay par samay par bharat bhi is show ke madhyam se apni koshishein kar raha hai toh vaah jo vaigyaniko ke taraf se uchai shuru ho ya NASA jaise sangathan ki taraf se anekon shodh kiye ja rahe hai ki dharti ke alava antariksh mein ya bharam aur dusre brahmaand mein kitne aise grah hai jin par aajivan ho sakte hai ya jeevan ki sambhavnayen hai toh usme aapke prashna ki aur hum aate hai aapne poocha hai ki log kehte hai ki is antariksh mein anekon brahmaand hai isme kitni sacchai hai yahan toh ji haan aapko hum santusht kar de is antariksh mein jo hai is vishalkay maha vishalkay antariksh mein jiski seema nahi hai ki yah kaha tak hai koi bhi account nahi kar sakta hai koi bhi din nahi sakta hai iske paimane ko toh yah is par sirf paisa aur sirf aap aasman mein jitne bhi uchit chale jaenge yah sirf khula hai charo taraf aur space hi special mein jagah jagah hai aur yah antariksh bahut hi bada hai vishalkay aur yah kahin bhi band nahi hai yah sirf khula hai aur only space hai is poore space mein is poore antariksh mein anekon brahmaand hai aur anekon shudra taare hai aap chalta ready hai aaj sdm dhumketu uday rehte hai aur anekon anaginat brahmaand hai isme bilkul satya hai aur yah sach baat hai aapko humne apne sanshipta jaankari se santusht kiya ummid hai aap santusht ho jaenge dhanyavad

आपके मन में एक उलझन से भरा हुआ प्रश्न है आप प्रश्न कर रहे हैं कि बताया जाता है कि इस दुनिय

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आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास करती हैं सच ईश्वर का अंश लोग बताते हैं संत लोग बताते हैं कि 21 ब्रह्मांड का स्वामी काल भगवान है और सत्संग ब्रह्मांड ओं का स्वामी जीव आत्मा है और असंख्य ब्रह्मांड ओं का स्वामी परम अक्षर पुरुष सत्य परमात्मा है भागवत गीता में भी तीन पुरुष बताए हैं हर पुरुष काल भगवान अक्षर पुरुष जीवात्मा और परम अक्षर पुरुष पुरुष परम आत्मा अजर अमर अविनाशी धन्यवाद

aapke sawalon ka jawab dene ka prayas karti hain sach ishwar ka ansh log batatey hain sant log batatey hain ki 21 brahmaand ka swami kaal bhagwan hai aur satsang brahmaand on ka swami jeev aatma hai aur asankhya brahmaand on ka swami param akshar purush satya paramatma hai bhagwat geeta me bhi teen purush bataye hain har purush kaal bhagwan akshar purush jivaatma aur param akshar purush purush param aatma ajar amar avinashi dhanyavad

आपके सवालों का जवाब देने का प्रयास करती हैं सच ईश्वर का अंश लोग बताते हैं संत लोग बताते है

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आपका सवाल है कि इस ब्रह्मांड के अलावा और कई प्रमाण भी हैं देखिए दोस्तों यह तो बात हंड्रेड परसेंट सही है क्योंकि इसे वैज्ञानिक वैज्ञानिकों ने भी सिद्ध कर दिया है कि पृथ्वी के जैसे कितने पृथ्वी और सूर्य के जैसे कितने सूर्य हैं और यह जो हम अपने आंखों से जो देखते हैं एसेंट तारागंज देखते हैं वह भी समझ लिए कि यह पृथ्वी और फूलों से कितने बड़े-बड़े ब्रह्मांड है और ऐसा में देखने का चीज है इसलिए इसमें शक करने की कोई गुंजाइश नहीं है इस पृथ्वी के जैसे इसके जैसे अनेकों महान इस अंतरिक्ष में तैर रहे हैं

aapka sawaal hai ki is brahmaand ke alava aur kai pramaan bhi hai dekhiye doston yah toh baat hundred percent sahi hai kyonki ise vaigyanik vaigyaniko ne bhi siddh kar diya hai ki prithvi ke jaise kitne prithvi aur surya ke jaise kitne surya hai aur yah jo hum apne aankho se jo dekhte hai assent taraganj dekhte hai vaah bhi samajh liye ki yah prithvi aur fulo se kitne bade bade brahmaand hai aur aisa mein dekhne ka cheez hai isliye isme shak karne ki koi gunjaiesh nahi hai is prithvi ke jaise iske jaise anekon mahaan is antariksh mein tair rahe hain

आपका सवाल है कि इस ब्रह्मांड के अलावा और कई प्रमाण भी हैं देखिए दोस्तों यह तो बात हंड्रेड

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