भारत और अमेरिका के संबंध कैसे हैं?...


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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत और अमेरिका के संबंध कैसे देखे निश्चित तौर पर भारत और अमेरिका के रिश्तों में प्रगाढ़ता एक्सपोर्ट एक्सपोर्ट का बिजनेस व्यापारिक संबंध में भारत का विश्व में सबसे ज्यादा हमारे व्यापारिक संबंध है और दोनों की जो भावनाएं हैं एक दूसरे के प्रति वफादारी बज गया अभी डोनाल्ड ट्रम हमारे यहां आए थे 24 फरवरी के आसपास और कई व्यापारिक समझौतों का रक्षा सौदों में किया भी गया समझाते भी और यूनाइटेड नेशन में भी हमारे साथ देता है और हमारे देश के प्राइम मिनिस्टर ऑफ यूनाइटेड नेशन में जो हुआ भाग लेने के लिए उन्होंने इस तरह से छतरपुर दोनों के बीच में होती प्रगाढ़ और बेहतर व्यापारिक संबंध है

bharat aur america ke sambandh kaise dekhe nishchit taur par bharat aur america ke rishton me pragadhata export export ka business vyaparik sambandh me bharat ka vishwa me sabse zyada hamare vyaparik sambandh hai aur dono ki jo bhaavnaye hain ek dusre ke prati wafadaaree baj gaya abhi donald tram hamare yahan aaye the 24 february ke aaspass aur kai vyaparik samjhauton ka raksha saudon me kiya bhi gaya smajhate bhi aur united nation me bhi hamare saath deta hai aur hamare desh ke prime minister of united nation me jo hua bhag lene ke liye unhone is tarah se chatarpur dono ke beech me hoti pragadh aur behtar vyaparik sambandh hai

भारत और अमेरिका के संबंध कैसे देखे निश्चित तौर पर भारत और अमेरिका के रिश्तों में प्रगाढ़ता

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अमेरिका के साथ भारत की कूटनीतिक सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध समय-समय पर बदलते रहे हैं लेकिन उसके बावजूद भारत के जो प्रतिभाशाली लोग हैं उनके लिए अमेरिका किसी स्वर्ग से कम नहीं है जो वहां नौकरी करने के लिए जाते हैं ज्यादातर लोग वहीं की नागरिकता लेकर वहीं पर जाते हैं और उनका आना-जाना भारत में लगा रहता है उसकी वजह से भारत भारत को आर्थिक रुप से समृद्धि भी मिलती है और ओबामा के वक्त जो भारत से संबंध थे अच्छे वह भी ट्रंप के समय में भी अच्छी परिस्थितियों में है हालांकि चमके कहीं ऐसा लगा था कि भारत की हितों को चोट पहुंचेगी लेकिन ऐसा सच में नहीं है और जो भी अमेरिका से संबंधित मुद्दे हैं उन पर दोनों देशों में काफी अच्छी वार्ता हो रही है और प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से पहले भारत दो मोर्चों पर बहुत बड़ी कूटनीतिक सफलता ले चुका है एक तो अमेरिका ने भारत को 22 अमेरिकी गार्डन जॉन्डिस होने की मंजूरी दे दी है और दूसरा भारत को पाकिस्तान के मौके पर सफलता मिली है इसमें उसके हम गिरना को सहयोगी का दर्जा रद्द करने की सिफारिश की गई है अमेरिकी कांग्रेस में तू यह जो भी देखे रिपब्लिकन डेमोक्रेटिक अमेरिका की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियों की ओर से लाया गया है इस से भविष्य में पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ेगी भारतकोश का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी व्यापक लाभ मिलेगा इसके बाद चंपे सत्ता में आने के बाद जो निर्णय लिया था रोजगार के लिए उसके बारे में भी भारत को अपने हित में यह उम्मीद रखनी चाहिए कि अमेरिकन ट्रंप प्रशासन एच1बी वीजा प्रणाली को कड़ा बनाने की कदम से अवश्य पीछे हट जाएगा और निश्चित रूप से प्रधानमंत्री मोदी जी की विदेश यात्रा भारत अमेरिका के नए संबंध बनाए

america ke saath bharat ki kutanitik samajik sanskritik aur raajnitik sambandh samay samay par badalte rahe hai lekin uske bawajud bharat ke jo pratibhashali log hai unke liye america kisi swarg se kam nahi hai jo wahan naukri karne ke liye jaate hai jyadatar log wahi ki nagarikta lekar wahi par jaate hai aur unka aana jana bharat mein laga rehta hai uski wajah se bharat bharat ko aarthik roop se samridhi bhi milti hai aur obama ke waqt jo bharat se sambandh the acche vaah bhi trump ke samay mein bhi achi paristhitiyon mein hai halaki chamke kahin aisa laga tha ki bharat ki hiton ko chot pahunchegi lekin aisa sach mein nahi hai aur jo bhi america se sambandhit mudde hai un par dono deshon mein kaafi achi varta ho rahi hai aur pradhanmantri modi ki yatra se pehle bharat do morchon par bahut baadi kutanitik safalta le chuka hai ek toh america ne bharat ko 22 american garden jaundice hone ki manjuri de di hai aur doosra bharat ko pakistan ke mauke par safalta mili hai isme uske hum girna ko sahyogi ka darja radd karne ki sifarish ki gayi hai american congress mein tu yah jo bhi dekhe republican democratic america ki dono pramukh raajnitik partiyon ki aur se laya gaya hai is se bhavishya mein pakistan ki mushkilen badhegi bharatakosh ka antararashtriya sthar par kaafi vyapak labh milega iske baad champe satta mein aane ke baad jo nirnay liya tha rojgar ke liye uske bare mein bhi bharat ko apne hit mein yah ummid rakhni chahiye ki american trump prashasan h be visa pranali ko kada banane ki kadam se avashya peeche hut jaega aur nishchit roop se pradhanmantri modi ji ki videsh yatra bharat america ke naye sambandh banaye

अमेरिका के साथ भारत की कूटनीतिक सामाजिक सांस्कृतिक और राजनीतिक संबंध समय-समय पर बदलते रहे

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Manish Singh

VOLUNTEER

1:16

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखी इस वक्त भारत और अमेरिका के संबंध है वहां के आने के समय से तू अच्छे हैं क्योंकि आप अमेरिका को पता है कि भारत पर एक तरफ से जो एरिया सुपर पावर बनने की कोशिश कर रहा है और बनेगा भी भारत एक दिन भारत बहुत बड़ा मार्केट है अमेरिका के लिए ऊपर से अमेरिका में हर साल लगभग 1000000 लोगों इंजीनियरिंग की जरूरत पड़ती है जिसमें समय का सॉफ्टवेयर इंजीनियर इसमें समय विकसित 40024 कर पाता है तो बाकी का जो फुल फिल्म सेट होता है वह मैक्सिमम इंडिया सही होता है और दुनिया को पता है लेकिन अमेरिका बहुत बार धोखा भी दे चुका इंडिया को बहुत जरूरत थी तो वह भी पिक्चर पूरा भी खूब चुका है जैसे कि जब इंडिया की जरूरत है इंडिया के पास सेटेलाइट नहीं था कि लोकेशन ट्रैक करने में कारगिल युद्ध के वक्त और तू अमेरिकन से मांगा गया था मिलने के लिए हेल्पलाइन अमेरिकन में सुख देने से मना कर दिया तभी जब नाभि जो अभी निकला हमारे सॉफ्टवेयर GPS सॉफ्टवेयर जो अपना खुद का है तो तभी इंडिया ने उसी वक्त ठान ली थी कि हम अपने 1GB सॉफ्टवेयर डेवलप करेंगे फिर जब मदद मांगी अमेरिका से कि उसे टेक्नोलॉजी दी जाए जिससे आसमान में रॉकेट भेजा जा सकता है यहां सैटेलाइट लॉन्च किया मना कर दिया था तब रिश्ता मेल का बहुत बड़ा शक कर चुका है कि उसने पीठ पर छुरा भोंका है

likhi is waqt bharat aur america ke sambandh hai wahan ke aane ke samay se tu acche hain kyonki aap america ko pata hai ki bharat par ek taraf se jo area super power banne ki koshish kar raha hai aur banega bhi bharat ek din bharat bahut bada market hai america ke liye upar se america mein har saal lagbhag 1000000 logo Engineering ki zarurat padti hai jisme samay ka software engineer isme samay viksit 40024 kar pata hai toh baki ka jo full film set hota hai vaah maximum india sahi hota hai aur duniya ko pata hai lekin america bahut baar dhokha bhi de chuka india ko bahut zarurat thi toh vaah bhi picture pura bhi khoob chuka hai jaise ki jab india ki zarurat hai india ke paas satellite nahi tha ki location track karne mein kargil yudh ke waqt aur tu american se manga gaya tha milne ke liye helpline american mein sukh dene se mana kar diya tabhi jab nabhi jo abhi nikala hamare software GPS software jo apna khud ka hai toh tabhi india ne usi waqt than li thi ki hum apne 1GB software develop karenge phir jab madad maangi america se ki use technology di jaaye jisse aasman mein rocket bheja ja sakta hai yahan satellite launch kiya mana kar diya tha tab rishta male ka bahut bada shak kar chuka hai ki usne peeth par chhura bhonka hai

लिखी इस वक्त भारत और अमेरिका के संबंध है वहां के आने के समय से तू अच्छे हैं क्योंकि आप अमे

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