आप राजनीति में होते तो क्या करते?...


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Purushottamdas Kisanlalji Bagdi

Social Worker , Sansthapak Janadhikar Bachao Paksha

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप राजनीति होते तो क्या करते मैं राजनीतिक रूप से भूखे गरीब असहाय दलित दलित शोषित इनके लिए मैं निश्चित रूप से कुछ ऐसे काम करता जिससे इनका जीवन एक स्टेप एक स्तर ऊपर आ जाते उनके लिए स्वरोजगार इनकी शिक्षा डेवलपमेंट इस व्यवस्था को सुनिश्चित करता है राजनीतिक समस्या के खेल में भारत की शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन कर सकता है हमें शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए हमारे अंदर होना चाहिए हम उनके अंदर देश के अंदर ईमानदार राष्ट्रभक्त करुणामई उदार परोपकारी विद्यार्थी निकले और घमंड और अभिमान की जगह सहजता और सरलता की भावना थैंक यू

aap raajneeti hote toh kya karte main raajnitik roop se bhukhe garib asahay dalit dalit shoshit inke liye main nishchit roop se kuch aise kaam karta jisse inka jeevan ek step ek sthar upar aa jaate unke liye swarojgar inki shiksha development is vyavastha ko sunishchit karta hai raajnitik samasya ke khel me bharat ki shiksha vyavastha me amulchul parivartan kar sakta hai hamein shiksha vyavastha honi chahiye hamare andar hona chahiye hum unke andar desh ke andar imaandaar rashtrabhakt karunamai udaar paropakaaree vidyarthi nikle aur ghamand aur abhimaan ki jagah sahajata aur saralata ki bhavna thank you

आप राजनीति होते तो क्या करते मैं राजनीतिक रूप से भूखे गरीब असहाय दलित दलित शोषित इनके लि

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Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

1:27
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आप राजनीति में होते तो क्या करते सबसे पहले मैं हमारे देश का कानून सही करता जिसकी वजह से देश में भ्रष्टाचार है इतना कठिन कानून बनाता है कि भ्रष्टाचार करते हैं भ्रष्टाचार करने से डरते दूसरा इस देश में मैं आरक्षण खत्म करता जिससे कि 90 नंबर पाने वाले एडमिशन नहीं पाते 30 नंबर पाने वाला एडमिशन पाता है और इसके अलावा आर्थिक आधार पर आरक्षण देते जनसंख्या नियंत्रण काका मिलाते एक बच्चे से ज्यादा किसी को नहीं होना चाहिए चाहे लड़का हो या लड़की है उसके बाद न्यायिक प्रक्रिया में सुधार करते जो 30 साल से चल रहे हैं उनको हम बंद करते हैं लोकशाही के जो विधायक सांसद हैं इनकी लॉगिलिटी करते विधायक राज्यसभा के उपराष्ट्रपति का पद समाप्त करते राज्यपाल का पद समाप्त करते जो लोग हमारे देश के ऊपर भोजन करने का कोई काम नहीं है ठीक है

aap raajneeti me hote toh kya karte sabse pehle main hamare desh ka kanoon sahi karta jiski wajah se desh me bhrashtachar hai itna kathin kanoon banata hai ki bhrashtachar karte hain bhrashtachar karne se darte doosra is desh me main aarakshan khatam karta jisse ki 90 number paane waale admission nahi paate 30 number paane vala admission pata hai aur iske alava aarthik aadhar par aarakshan dete jansankhya niyantran kaka milaate ek bacche se zyada kisi ko nahi hona chahiye chahen ladka ho ya ladki hai uske baad nyayik prakriya me sudhaar karte jo 30 saal se chal rahe hain unko hum band karte hain lokshahi ke jo vidhayak saansad hain inki lagiliti karte vidhayak rajya sabha ke uprashtrapati ka pad samapt karte rajyapal ka pad samapt karte jo log hamare desh ke upar bhojan karne ka koi kaam nahi hai theek hai

आप राजनीति में होते तो क्या करते सबसे पहले मैं हमारे देश का कानून सही करता जिसकी वजह से दे

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

3:25
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आपका कृष्ण अगर आप राजनीति होती तो क्या करते भाई अगर हम रात्रि में होते तो कम से कम ऐसी राजनीति नहीं करते जो आज संपूर्ण देश में मिल रही है कि दूसरों के घरों की हम मर्यादा को तोड़कर उनके घरों को छोड़कर हम अपना घर सजा कभी ऐसी राजनीति नहीं करते और कभी यह नहीं कहते कि हम दो करो लोगों को रोजगार देंगे 200000 लोगों को रोजगार क्रियान्वित कर देते और उसके बाद 200000 लोगों को रोजगार दे देते तब भी हम यह वादा नहीं करते हम अगले साल 200000 लोगों को रोजगार देंगे बल्कि रोजगार देते और रोजगार देने का प्रयास करते और रोजगार के लिए हम प्रति किलो हम कभी नहीं कहते कि खाते में 15 1500000 रुपए आपके आएंगे हम ने 40 करोड़ 60 करोड़ जनधन खाते खुलवाने हैं और तब के खाते में 15 1500000 रुपए आएंगे कभी नहीं करते क्योंकि 1500000 रुपए आएंगे गाड़ी से गुजर राजीव देश की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है जो देश के मुद्रा का अवमूल्यन हो रहा है उसे कैसे हम झूठा वादा कर दें क्या के खाते में 1500000 आएंगे हम तूने पंडा रुपए का भी वादा नहीं करते लेकिन हां हमें जरूर करते कि उन लोगों को कमाने लायक बनाते हैं उनको हरामखोरी का नहीं जुमलेबाजी खानी भ्रष्टाचारी खानी उनको शिष्टाचार ई का और ईमानदारी का अवसर उनको जरूर देते कि कमाई और अपना जीवन चलेगी कल राम मंदिर कृष्ण मंदिर और हिंदू मुस्लिम विवाद को मौका नहीं देते क्योंकि हमारा देश विश्व में धर्मनिरपेक्ष देश है हम समस्त देशवासियों के लिए चाहे वो किसी भी धर्म जाति का हो उनके लिए हम रोजगार परक योजनाएं बनाते और उनको रोजगार देते देश के हर नागरिक को हर विद्यार्थी को शिक्षा हर नागरिक को स्वास्थ्य और सुरक्षा और हर व्यक्ति को चाहे वह पुरुष यात्रियों उनके जीवन की संरचनाओं की योजनाएं और उनके भविष्य की हम योजनाएं बनाते हैं लेकिन जुमलेबाजी नहीं करते हम सफल नहीं होते तुम अपने पद से इस्तीफा दे देते हम खुशी-खुशी सीखा दे क्या मिशन लायक नहीं है कि आपने हमें चुना और हम आपकी जरूरतों को पूरा कर पाए लेकिन किसी भी कीमत में दूसरों के घर को छोड़कर दूसरे के राज्य की सरकारों को सूची पार्टी की सरकार को गिराकर उनको खरीद कर अपना घर बचाने की कोशिश नहीं करते

aapka krishna agar aap raajneeti hoti toh kya karte bhai agar hum ratri mein hote toh kam se kam aisi raajneeti nahi karte jo aaj sampurna desh mein mil rahi hai ki dusro ke gharon ki hum maryada ko todkar unke gharon ko chhodkar hum apna ghar saza kabhi aisi raajneeti nahi karte aur kabhi yah nahi kehte ki hum do karo logo ko rojgar denge 200000 logo ko rojgar kriyanwit kar dete aur uske baad 200000 logo ko rojgar de dete tab bhi hum yah vada nahi karte hum agle saal 200000 logo ko rojgar denge balki rojgar dete aur rojgar dene ka prayas karte aur rojgar ke liye hum prati kilo hum kabhi nahi kehte ki khate mein 15 1500000 rupaye aapke aayenge hum ne 40 crore 60 crore jandhan khate khulwane hain aur tab ke khate mein 15 1500000 rupaye aayenge kabhi nahi karte kyonki 1500000 rupaye aayenge gaadi se gujar rajeev desh ki aarthik sthiti bigad rahi hai jo desh ke mudra ka avamulyan ho raha hai use kaise hum jhutha vada kar de kya ke khate mein 1500000 aayenge hum tune panda rupaye ka bhi vada nahi karte lekin haan hamein zaroor karte ki un logo ko kamane layak banate hain unko haramkhori ka nahi jumlebaji khaani bhrashtachaari khaani unko shishtachar ee ka aur imaandaari ka avsar unko zaroor dete ki kamai aur apna jeevan chalegi kal ram mandir krishna mandir aur hindu muslim vivaad ko mauka nahi dete kyonki hamara desh vishwa mein dharmanirapeksh desh hai hum samast deshvasiyon ke liye chahen vo kisi bhi dharm jati ka ho unke liye hum rojgar parak yojanaye banate aur unko rojgar dete desh ke har nagarik ko har vidyarthi ko shiksha har nagarik ko swasthya aur suraksha aur har vyakti ko chahen vaah purush yatriyon unke jeevan ki sanrachanaon ki yojanaye aur unke bhavishya ki hum yojanaye banate hain lekin jumlebaji nahi karte hum safal nahi hote tum apne pad se istifa de dete hum khushi khushi seekha de kya mission layak nahi hai ki aapne hamein chuna aur hum aapki jaruraton ko pura kar paye lekin kisi bhi kimat mein dusro ke ghar ko chhodkar dusre ke rajya ki sarkaro ko suchi party ki sarkar ko girakar unko kharid kar apna ghar bachane ki koshish nahi karte

आपका कृष्ण अगर आप राजनीति होती तो क्या करते भाई अगर हम रात्रि में होते तो कम से कम ऐसी राज

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Kishan Kumar

Motivational speaker

1:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों आपका क्वेश्चन है आप राजनीति में होते तो क्या करते दोस्तों अगर शायद मैं राजनीति में होता तो हम वो काम करते हैं जैसे कि मैं तो गरीब दुखिया लोग हैं जो असहाय लोग हैं जिनके पास कुछ भी नहीं है हम जितना अपने आप को लोगों तक पहुंच पाते उनका सुविधा दे पाते उनको एक अच्छी शिक्षा देते शायद अच्छी शिक्षा ही उनके कैसी पीडीए मिल्कीपुर लाइट को इनकम अच्छा दे सकता है पढ़ा लिखा इंसान ही कुछ ऐसी कर सकता है शिक्षा वापी से जौनपुर जन्म जन्म तक एक अच्छा मार्ग जा सकता है तो मैं शिक्षा पहुंचाने का काम इस्मार्ट वाला शिक्षा घर-घर लोगों की गरीबों तक करता और मैं लोगों तक जितना मिल पाता उनसे मिलता डायरेक्ट जाकर तो शायद हमें पता चलता है कि हम भी इसी जगह के दिन उठे थे और यहां तक पहुंचे हैं तभी हम उस चीज का मतलब जानते हो और जरूर उनका शिप करते हैं क्योंकि जो चीज व्यक्ति अच्छे इंसान जो होते हैं और सब का हेल्प करते हैं और इससे पता नहीं है कि गरीबी क्या होती है क्या नहीं होती वह लोगों का हेल्प कैसे करेंगे इसलिए सबको पता होना चाहिए कि कि उनके बीच में रहे हैं उनको लोगों से मिले ज्यादा कर चाहे इलेक्शन रहे तब भी या ना रहे तभी जाकर हर व्यक्ति से मिलना चाहिए लोगों से मिलना चाहिए क्योंकि नहीं ऐसा मंजर ताकि काम पढ़ने के बाद ही मिले उससे पहले भी आप मिलते रहे लोगों से प्यार करते रहे हेल्प करें मदद करें वह कोई भी मदद हो सकता है तो जरूर हम ही करते हैं थैंक यू

namaskar doston aapka question hai aap raajneeti me hote toh kya karte doston agar shayad main raajneeti me hota toh hum vo kaam karte hain jaise ki main toh garib dukhiya log hain jo asahay log hain jinke paas kuch bhi nahi hai hum jitna apne aap ko logo tak pohch paate unka suvidha de paate unko ek achi shiksha dete shayad achi shiksha hi unke kaisi PDA milkipur light ko income accha de sakta hai padha likha insaan hi kuch aisi kar sakta hai shiksha vaapee se jaunpur janam janam tak ek accha marg ja sakta hai toh main shiksha pahunchane ka kaam ismart vala shiksha ghar ghar logo ki garibon tak karta aur main logo tak jitna mil pata unse milta direct jaakar toh shayad hamein pata chalta hai ki hum bhi isi jagah ke din uthe the aur yahan tak pahuche hain tabhi hum us cheez ka matlab jante ho aur zaroor unka ship karte hain kyonki jo cheez vyakti acche insaan jo hote hain aur sab ka help karte hain aur isse pata nahi hai ki garibi kya hoti hai kya nahi hoti vaah logo ka help kaise karenge isliye sabko pata hona chahiye ki ki unke beech me rahe hain unko logo se mile zyada kar chahen election rahe tab bhi ya na rahe tabhi jaakar har vyakti se milna chahiye logo se milna chahiye kyonki nahi aisa manjar taki kaam padhne ke baad hi mile usse pehle bhi aap milte rahe logo se pyar karte rahe help kare madad kare vaah koi bhi madad ho sakta hai toh zaroor hum hi karte hain thank you

नमस्कार दोस्तों आपका क्वेश्चन है आप राजनीति में होते तो क्या करते दोस्तों अगर शायद मैं राज

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Amit Sahu

Journalist

2:35
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

टीकेजे सवाल है कि आप राजनीति में होते तो क्या करते तो इस जवाब को देने के लिए मैं अपने आप से उपयुक्त समझता हूं क्योंकि मैं खुद इसमें भविष्य में निकट भविष्य में कभी ना कभी जरूर आना चाहूंगा तो मेरा जोविजन है जो मैं चाहता हूं कि जिस दिन मेरे हाथ में इतनी पावर हो गया तो रोटी होगी और राजनीति में आने के बाद तो सबसे पहले मैं चाहूंगा कि जो निचले तबके का जो मजदूर है तो सफाई कर्मचारी हैं जो नगर निगम वगैरह में काम करते हैं वह लोग जो हैं कैसे काम करते हैं उनके काम को समझना और वह लोग क्यों इतना संतुष्ट है कि इतनी हमारी व्यवस्था इतनी मजबूत इतनी बड़ी इतनी व्यापक होने के बावजूद भी हमारा देश क्यों नहीं छुपाता है तो उनकी सैलरी की समस्या है उनकी नौकरी पक्का करने की समस्या है और बजट और पॉइंट संबंधित समस्या है तो सबसे पहले मेरे ख्याल से उसको दूर किया जाएगा कि कैसे हमारे समाज को जो हम लोग साफ करें इस गंदगी से निपटारा देख क्यों हमारी सड़कें नालियां कूड़ेदान हमेशा पुणे से भरे रहते हैं सर के मारी गंदी रहती है तो एक मजबूत कानून स्वच्छता को लेकर बनाना चाहिए कि देश अगर सांप दिखेगा तभी हम जो हैं किसी को अपना इंटरव्यू संकरा सकते हैं कि देखिए हमारा देश यह हमारा शहर यह हमारा राज्य है क्योंकि कभी भी हमारे घर में मेहमान आता तुम कोशिश करते हैं घर मारा छोटा जरूर हूं पर वह साफ व स्वच्छ रहे तो उसके लिए हमें बुनियाद पर जमीनी तौर पर पूरी नीचे से काम करना पड़ेगा इस देश को साफ करने के लिए तो मैं राजनीति में आऊंगा तो मैं जरूर सफाई हो सकता पर काम करूंगा क्योंकि जब आप सड़क पर जाते हैं अपने घर से बाहर तो सड़क नाले सब साफ होना चाहिए सब चमक होनी चाहिए इसके लिए पब्लिक अवेयरनेस भी बहुत जरूरी है जो कि हमारे प्रधानमंत्री मोदी जी कर रहे हैं पर अभी वह उसे स्तर से नहीं हो रहा है क्योंकि दिल्ली में ही अगर आप देख ले तो दिल्ली के नगर निगम कर्मचारी आए दिन हड़ताल पर जाते हैं उन लोगों की तनखा नहीं मिलती है इसलिए वह लोग कचरा ही नहीं उठाते हैं तो जब तक वह लोकेशन तो फिर कैसे साफ होगा तो कहीं विदेशों की जो मॉडल है वह लोग कैसे से निपटने हैं उनको कॉल किया जाना चाहिए और उसको देखा जाना चाहिए कि कैसे उनके शहरों में जो है सफाई रहती है सर के साथ रहती है और नाले पूरे ढके रहते हैं तो देखा जाएगा इतना काम करता कि लोग अपने शहर राज्यों को अलग से पहचान पाते और गर्व से कह पाते कि यह मेरा देश है मेरा राज्य है और मेरा देश है धन्यवाद

TKJ sawaal hai ki aap raajneeti mein hote toh kya karte toh is jawab ko dene ke liye main apne aap se upyukt samajhata hoon kyonki main khud isme bhavishya mein nikat bhavishya mein kabhi na kabhi zaroor aana chahunga toh mera jovijan hai jo main chahta hoon ki jis din mere hath mein itni power ho gaya toh roti hogi aur raajneeti mein aane ke baad toh sabse pehle main chahunga ki jo nichle tabke ka jo majdur hai toh safaai karmchari hai jo nagar nigam vagera mein kaam karte hai vaah log jo hai kaise kaam karte hai unke kaam ko samajhna aur vaah log kyon itna santusht hai ki itni hamari vyavastha itni majboot itni baadi itni vyapak hone ke bawajud bhi hamara desh kyon nahi chhupata hai toh unki salary ki samasya hai unki naukri pakka karne ki samasya hai aur budget aur point sambandhit samasya hai toh sabse pehle mere khayal se usko dur kiya jaega ki kaise hamare samaj ko jo hum log saaf kare is gandagi se niptara dekh kyon hamari sadaken naliyan koodedaan hamesha pune se bhare rehte hai sir ke mari gandi rehti hai toh ek majboot kanoon swachhta ko lekar banana chahiye ki desh agar saap dikhega tabhi hum jo hai kisi ko apna interview sankara sakte hai ki dekhiye hamara desh yah hamara shehar yah hamara rajya hai kyonki kabhi bhi hamare ghar mein mehmaan aata tum koshish karte hai ghar mara chota zaroor hoon par vaah saaf va swachh rahe toh uske liye hamein buniyad par zameeni taur par puri niche se kaam karna padega is desh ko saaf karne ke liye toh main raajneeti mein aaunga toh main zaroor safaai ho sakta par kaam karunga kyonki jab aap sadak par jaate hai apne ghar se bahar toh sadak naale sab saaf hona chahiye sab chamak honi chahiye iske liye public awareness bhi bahut zaroori hai jo ki hamare pradhanmantri modi ji kar rahe hai par abhi vaah use sthar se nahi ho raha hai kyonki delhi mein hi agar aap dekh le toh delhi ke nagar nigam karmchari aaye din hartal par jaate hai un logo ki tankha nahi milti hai isliye vaah log kachra hi nahi uthate hai toh jab tak vaah location toh phir kaise saaf hoga toh kahin videshon ki jo model hai vaah log kaise se nipatane hai unko call kiya jana chahiye aur usko dekha jana chahiye ki kaise unke shaharon mein jo hai safaai rehti hai sir ke saath rehti hai aur naale poore dhake rehte hai toh dekha jaega itna kaam karta ki log apne shehar rajyo ko alag se pehchaan paate aur garv se keh paate ki yah mera desh hai mera rajya hai aur mera desh hai dhanyavad

टीकेजे सवाल है कि आप राजनीति में होते तो क्या करते तो इस जवाब को देने के लिए मैं अपने आप स

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मधुपाल सिंह नागपुरे

लाइब्रेरियन( ग्रंथपाल) मार्गदर्शक । मित्र सलाहकार। सुलभ ज्ञान। सत्य दर्शक ।

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न किया है हमसे कि आप राजनीति में होते तो क्या करते तो आप मेरी दृष्टि कोण में उत्तर सुनना चाहते हैं तो उत्तर है मैं अगर राजनीति नहीं होता तो मेरे लिए सबसे पहले देश होता राष्ट्रपति देश प्रथम कंट्री फर्स्ट यह मेरी पहली प्राथमिकता होती मैं एक कट्टर राष्ट्रवादी हूं और इसी राष्ट्रवाद के सिद्धांत को मैं समर्थन करता मेरे लिए देश प्रथम देश के बाद मेरा राज्य प्रथम है राज्य के बाद मेरा जिला प्रथम है जिले के बाद मेरा तहसील प्रथम है तहसील के बाद मेरा गांव प्रथम है और इसके बाद मेरे गांव से जुड़े हुए हर समाज प्रथम तहसील के समाज के लोग प्रथम राज्य के समाज के लोग प्रथम में और देश के हिंदुस्तानी मेरे लिए प्रथम है तो मैं कहीं ना कहीं हर घड़ी को दूसरे कड़ी से जोड़कर काम करता और देश हित में ही काम करता और समाज के हित में काम करता मैं अगर राजनीति में होता तो मेरी नजर में हर समाज के तबके को मैं बराबर का दर्जा देता एक समान इज्जत देता एक सामान्य ब्लू देता हर समाज हर वर्ग की जो समस्याएं हैं उनको समझाने की पूरी तरीके से कोशिश करता मैं ऊंच-नीच जात-पात धर्म और मजहब इन से परे जाकर मानवता और सिर्फ मानवता की हिसाब से काम करता यह मेरा सिद्धांत होता है और मैं राष्ट्रपति मगर मेरा मुख्य मुद्दा होता और राष्ट्रपति के बाद देश के हर नागरिक मेरे लिए मायने रखता है समाज के और भारत के हर नागरिक मेरे लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है जितना मेरा देश महत्वपूर्ण है अर्थात मैं समाज की सेवा करता मैं समाज और गांव में अत्यधिक विकास को लाता मैं जिस स्तर की राजनीति में होता उस स्तर पर अपने स्तर पर अत्यधिक अपने तरफ से अत्यधिक प्रयोग सरकारी योजनाओं को लागू करने का प्रयास करता यदि मैं विधायक होता तो अपने विधानसभा क्षेत्र में अत्यधिक योजनाओं को लागू करता और समाज के हर तबके के लिए काम करता बिना किसी राजनीतिक दल को देखें चाहे मैं जिस पार्टी से विजिट कर आता मेरे लिए जनता सबसे पहले फर्स्ट होता मैं बिना किसी आप पार्टी और दल को देखें समाज के हर तबके के लिए ईमानदारी से काम करता मैं लोकसभा से भी अगर जीत कर आता तो अपने लोकसभा क्षेत्र में ईमानदारी से काम करता यदि मैं मुख्यमंत्री होता तो मैं एक नजर से पूरी जनता को समान रूप से देखता और राज्य में एक समान सिद्धांत को लागू करता है यदि मैं प्रधानमंत्री होता तो मैं सिर्फ एक ही सिद्धांत में एक नजर में हर हिंदुस्तानी के लिए एक समान काम करता यदि मैं राष्ट्रपति भी होता तो अपने देश के हर नागरिक को समान महत्व देता और समान विचारधारा से काम करता और हर सिद्धांत और कार्यक्षेत्र में एक भी मेरे लिए राष्ट्रपति भवन राष्ट्रपति के बाद में देश का हर नागरिक मेरे लिए महत्वपूर्ण होता है अतः हर नागरिक मेरे लिए महत्वपूर्ण होता और हर मेरा जो देश है वह प्रथम होता और मेरी भाषा को मैं पूर्ण रुप से इज्जत देता हूं और मैं मेरी भाषा को अहमियत देता और साथ में दूसरे ही भाषा की भी पूरी इज्जत करता अपने धर्म की भी उतनी ही इज्जत करता और दूसरे धर्म की भी उतनी ही इज्जत करता था कि मैं हर धर्म का पूरी तरह से सम्मान करता मैं किसी भी गलत गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करता चाहे मैं पक्ष में रहता या विपक्ष में रहता नहीं समाज के अच्छे कार्य में अपने आप को शतक लगाए रखता और मैं अत्यधिक नवीन योजनाओं पर काम करता मैं अत्यधिक उद्योग को अपने कार्यक्षेत्र में लाने की कोशिश करता अत्यधिक सरकारी नौकरियों को उत्पन्न करने की कोशिश करता और अत्यधिक को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की कोशिश करता कुल मिलाकर नहीं चौतरफा और सुविचार के साथ में काम करता है यह मेरा संचित सिद्धांत अगर मैं राजनीति में हो तब होता तो यह आपके लिए हमारी ओर से संक्षिप्त मेरे दृष्टिकोण से उत्तर है धन्यवाद

apne prashna kiya hai humse ki aap raajneeti mein hote toh kya karte toh aap meri drishti kon mein uttar sunana chahte hain toh uttar hai agar raajneeti nahi hota toh mere liye sabse pehle desh hota rashtrapati desh pratham country first yah meri pehli prathamikta hoti main ek kattar rashtrawadi hoon aur isi rashtravad ke siddhant ko main samarthan karta mere liye desh pratham desh ke baad mera rajya pratham hai rajya ke baad mera jila pratham hai jile ke baad mera tehsil pratham hai tehsil ke baad mera gaon pratham hai aur iske baad mere gaon se jude hue har samaj pratham tehsil ke samaj ke log pratham rajya ke samaj ke log pratham mein aur desh ke hindustani mere liye pratham hai toh main kahin na kahin har ghadi ko dusre kadi se jodkar kaam karta aur desh hit mein hi kaam karta aur samaj ke hit mein kaam karta main agar raajneeti mein hota toh meri nazar mein har samaj ke tabke ko main barabar ka darja deta ek saman izzat deta ek samanya blue deta har samaj har varg ki jo samasyaen hain unko samjhane ki puri tarike se koshish karta main unch neech jaat pat dharm aur majhab in se pare jaakar manavta aur sirf manavta ki hisab se kaam karta yah mera siddhant hota hai aur main rashtrapati magar mera mukhya mudda hota aur rashtrapati ke baad desh ke har nagarik mere liye maayne rakhta hai samaj ke aur bharat ke har nagarik mere liye utani hi mahatvapurna hai jitna mera desh mahatvapurna hai arthat main samaj ki seva karta main samaj aur gaon mein atyadhik vikas ko lata main jis sthar ki raajneeti mein hota us sthar par apne sthar par atyadhik apne taraf se atyadhik prayog sarkari yojnao ko laagu karne ka prayas karta yadi main vidhayak hota toh apne vidhan sabha kshetra mein atyadhik yojnao ko laagu karta aur samaj ke har tabke ke liye kaam karta bina kisi raajnitik dal ko dekhen chahen main jis party se visit kar aata mere liye janta sabse pehle first hota main bina kisi aap party aur dal ko dekhen samaj ke har tabke ke liye imaandaari se kaam karta main lok sabha se bhi agar jeet kar aata toh apne lok sabha kshetra mein imaandaari se kaam karta yadi main mukhyamantri hota toh main ek nazar se puri janta ko saman roop se dekhta aur rajya mein ek saman siddhant ko laagu karta hai yadi main pradhanmantri hota toh main sirf ek hi siddhant mein ek nazar mein har hindustani ke liye ek saman kaam karta yadi main rashtrapati bhi hota toh apne desh ke har nagarik ko saman mahatva deta aur saman vichardhara se kaam karta aur har siddhant aur karyakshetra mein ek bhi mere liye rashtrapati bhawan rashtrapati ke baad mein desh ka har nagarik mere liye mahatvapurna hota hai atah har nagarik mere liye mahatvapurna hota aur har mera jo desh hai vaah pratham hota aur meri bhasha ko main purn roop se izzat deta hoon aur main meri bhasha ko ahamiyat deta aur saath mein dusre hi bhasha ki bhi puri izzat karta apne dharm ki bhi utani hi izzat karta aur dusre dharm ki bhi utani hi izzat karta tha ki main har dharm ka puri tarah se sammaan karta main kisi bhi galat gatividhi ko bardaasht nahi karta chahen main paksh mein rehta ya vipaksh mein rehta nahi samaj ke acche karya mein apne aap ko shatak lagaye rakhta aur main atyadhik naveen yojnao par kaam karta main atyadhik udyog ko apne karyakshetra mein lane ki koshish karta atyadhik sarkari naukriyon ko utpann karne ki koshish karta aur atyadhik ko rojgar ke avsar uplabdh karane ki koshish karta kul milakar nahi chautarpha aur suvichar ke saath mein kaam karta hai yah mera sanchit siddhant agar main raajneeti mein ho tab hota toh yah aapke liye hamari aur se sanshipta mere drishtikon se uttar hai dhanyavad

अपने प्रश्न किया है हमसे कि आप राजनीति में होते तो क्या करते तो आप मेरी दृष्टि कोण में उत्

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:04
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नंबर एक भारतीय राजनीतिक भाग जाते थे ना करता हूं क्योंकि इसका कारण है कि भारतीय राजनीति की कमी के चली है उसकी खबर जो का एक समूह राजनीतिज्ञ भारत को दंडित किया पाएंगे जो स्वार्थ रहित देशभक्ति पूर्ण जनहितकारी राजनीतिक राजनीतिक समूह है जो मेरे भाई भतीजावाद करता हुआ स्वार्थ की राजनीति करता है खुद दर्जी की राजनीति करता है इन नेताओं के वायदे कभी पूरे नहीं होते हैं हमेशा ही छल कपट झूठ फरेब अन्य धर्म को अपनाते हैं और राजनीति में प्रयोग लेते हैं यही कारण है कि यह जो वायदे करते हैं हम कभी पूरे नहीं होते हैं जनता को हमेशा रह जाता है जनता में सभी को बनाई जाती है इसलिए मेरे मित्र मुझे राजनीति करना है और राजनीति में यदि मैं चला भी जाता तो मैं पहली बार तुम्हें सच्चे नहीं होता क्यों नहीं होता कि आज के जमाने में छली कपटी झूठे फरेबी इंसान को ही लीडर बनाएगा उसी को वोट मिलते हैं कि जनता भी जातिवाद के नाम पर धर्म के नाम पर के पिता के नाम पर तार देखकर कीबोर्ड देती है निस्वार्थ भाव से 754 से ईमानदारी के साथ आप राजनीति में जीना चाहते हैं तो साइड असंभव है क्योंकि आज की राजनीति आपको भारतीय राजनीति को विशेष तौर से आप राजनीति नहीं कर सकते हैं यह कटु सत्य है लेकिन है यथार्थ में ही अंडरस्टैंड है आप महसूस करोगे और उसके बाद से मानो

number ek bharatiya raajnitik bhag jaate the na karta hoon kyonki iska karan hai ki bharatiya raajneeti ki kami ke chali hai uski khabar jo ka ek samuh rajanitigya bharat ko dandit kiya payenge jo swarth rahit deshbhakti purn janahitkari raajnitik raajnitik samuh hai jo mere bhai bhatijavad karta hua swarth ki raajneeti karta hai khud darji ki raajneeti karta hai in netaon ke vaade kabhi poore nahi hote hain hamesha hi chhal kapat jhuth fareb anya dharm ko apanate hain aur raajneeti me prayog lete hain yahi karan hai ki yah jo vaade karte hain hum kabhi poore nahi hote hain janta ko hamesha reh jata hai janta me sabhi ko banai jaati hai isliye mere mitra mujhe raajneeti karna hai aur raajneeti me yadi main chala bhi jata toh main pehli baar tumhe sacche nahi hota kyon nahi hota ki aaj ke jamane me chali kapati jhuthe farebi insaan ko hi leader banayega usi ko vote milte hain ki janta bhi jaatiwad ke naam par dharm ke naam par ke pita ke naam par taar dekhkar keyboard deti hai niswarth bhav se 754 se imaandaari ke saath aap raajneeti me jeena chahte hain toh side asambhav hai kyonki aaj ki raajneeti aapko bharatiya raajneeti ko vishesh taur se aap raajneeti nahi kar sakte hain yah katu satya hai lekin hai yatharth me hi understand hai aap mehsus karoge aur uske baad se maano

नंबर एक भारतीय राजनीतिक भाग जाते थे ना करता हूं क्योंकि इसका कारण है कि भारतीय राजनीति की

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Bhupendra Chugh

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अगर मैं राजनीति में होता तो मैं वही काम करता जो नरेंद्र मोदी जी कर रहे हैं क्योंकि जो थोड़ा बहुत अंतर तो होता है वैसे लेकिन मैं सबसे पहले तो यही जितना हो सके आम आदमी के लिए गरीबों के लिए जो निराश्रित है गरीब कन्याओं के लिए मतलब जैसे सुविधा चिकित्सा सुविधा जैसे अभी जो है निम्न तबके के लिए हुआ है जैसे ₹500000 का जैसे हिसाब किताब बनाया है मैं होता तो मिडिल क्लास को भी लेता उसमें क्योंकि मिडिल क्लास में भी बहुत ऐसे हैं जो अफोर्ड नहीं कर सकते हो उस चीज को अब बीवी बीवी 25 2500000 रुपए तक का भी खर्चा आ जाता है हॉस्पिटल्स में और उन लोगों को उस दायरे में नहीं लिया गया सिर्फ उन्हें ही लिया गया जो बहुत ज्यादा गरीब थे जिनकी कमाई नहीं है ₹500000 का उसमें भी ध्यान दे लिया तो हुई है जिन्हें एक्चुली में मिलना चाहिए था असलियत में उन्हें ऐसे भी है जो निजी ने नहीं मिला और कोई ऐसे भी हैं जिन्हें यूरोप नीति उन्होंने उसका फायदा उठाया क्योंकि यह अधिकारी वर्ग होते हैं जो इस तरीके से काम करते हैं जबकि ऊपर से मोदी जी के तो इस तरीके के आर्डर हैं कि भी जिनको जरूरत उन्हें मिले इस चीज को और बाकी अगर ना होता तो मैं वीडियो मिडिल क्लास को भी लेता सुविधा है जो है क्योंकि मुझे उसको आप कहोगी भी वह फोन कर ले उस चीज को अभी भी पत्थर 2500000 रुपए भी मायने रखते हैं मेरे पास भी फोन नहीं कर पाता सही मायने में और शिक्षा जो आज की तारीख में बहुत नहीं है जहां एक एक बच्चे पर एक ₹100000 साल का और इससे ऊपर भी निकल जाता है सही मायने में जैसे दिल्ली में अरविंद केजरीवाल जी ने भी किया है जिन्होंने बहुत हद तक अंकुश लगाने की कोशिश करी है हॉस्पिटल से या कॉलेजी सॉन्ग स्कूल हो यहां भी ऐसा नहीं हुआ है हिंदुस्तान में या मैं अब यूपी की ही बात कर लूं जहां मैं रहता हूं मेरठ में तो यहां भी जितने स्कूल हैं तीन-तीन चार-चार यारों के महीने की फीस है तो यह तो बंदी रही है इसमें आम आदमी का बच्चा कैसे पड़ेगा जब इतनी महंगी फीस होगी तो हम लोग कैसे अपलोड करें उसे और तीसरा जो जो मेल जुड़ते महंगाई महंगाई काफी हद तक कंट्रोल में होनी चाहिए जो बढ़ जाती है और हो जाती है एयरपोर्ट नहीं कर पाता आदमी उस चीज को भी आम आदमी को तो जोर पड़ता ही है और गरीब आदमी तो पता नहीं कैसे उस चीज को मतलब खाता है कैसे लेता है वह जादू है कि वह कैसे गुजारा कर लेते हैं अपना पता नहीं क्या खाते हैं वह ऐसा सस्ते से सस्ता वह भी मिल घंटे का पाते हैं बढ़ेगा फूलन देवी लेता है लेकिन फिर भी उसी जेब पर जो पड़ता है यह चीजें तो बहुत जरूरी है कंट्रोल होती और जो हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर है 2 साल के हैं जो आए दिन टूट जाती हैं गड्ढे हो जाते हैं इन चीजों की अहमियत सबसे पहले और जो हमारे शहर जो गंदे हुए पड़े हैं गंदगी भरी पड़ी है सफाई नहीं होती इन चीजों पर सख्त और होते हैं मेरे अगर मैं होता मुख्यमंत्री होता चलो तो मेन जो जरूरत थी इन चीजों की जरूरत है फिलहाल तो हमारे देश को इन चीजों की जरूरत थी और भ्रष्टाचार मैं बिल्कुल नहीं चाहता कि भी कोई भी होता भ्रष्टाचार में कोई भी लिप्त होता तुरंत उसको बर्खास्त किया जाता और ने जो जनरेशन है नए लोग हैं जो इमानदारी से काम करते हैं क्योंकि जो भ्रष्टाचार करते हैं वह पैसा देकर आते हैं सीट के लिए वह फिर उस कमाने के चक्कर में रहते हैं और जो दागदार नेता हूं उनको कोई टिकट नहीं दिया जाता किसी भी तरीके से कोई भी होता उसमें कितना भी नाम हो कितना भी वह हो उसकी लोगों तो बहुत होती जो आम लोगों के दर्द को समझ सकता टिकट उसको दिया जाता और जो एक शहर की जरूरत है बिजली पानी उनके रेट सही किए जाते हैं जो बहुत महंगी है आज की तारीख में यूपी में बहुत महंगी है औरों के मुकाबले तो बिजली के रेट कम किए जाते हैं जो हजारों रुपए के बिल आ जाते हैं जो मुझे क्लास के अमली है तो मैं उससे भी कंट्रोल करता और मेन वही है कि जो मेन आम आम आदमी की जरूरत है उन्हें मैं पूरी कोशिश करता कि मैं उनके लिए उनको कम रेट पर हर चीज की सुविधा किलो और कमाने का जरिया जो जिससे सरकार कमाई करती है ऐसे जरिए होते जो आम आदमी को जोड़ना पड़ता और रईस लोग जो है दुख भर सकते हैं जो हमारी खाई है गरीबों की और रईसों की उस खाई को पाटने की कोशिश करता और जो कुछ भी लिया जाता और रईसों से लिया जाता क्लास फैमिली से नहीं लिया जाता जो रईस लोग हैं जिनको पैसे की अहमियत कहीं नहीं पता कि पैसे कमा कैसे जाता है तो मेरी कोशिश यही होती है कि ना रईसों से निकालता उन पैसों को जैसे आप पुराने जमाने में या मतलब पिक्चरों में भी देखा है हमने कुछ ऐसे डकैत हुआ करते थे सही मायने में जो रईसों को लूटा करते थे और गरीबों को बांटते थे तमाचा डकैत होता लेकिन मैं काम इस तरीके का करता दूर रईसों से निकालकर गरीबों में बांटा जाता जो सरकार ने नहीं किया है और हमारी जो अभी सरकार है मोदी जी वैसे बहुत अच्छा काम कर रहे हैं क्योंकि उनके मुकाबले कोई और नेता नहीं है जो इस देश को संभाल सके उनकी भी कुछ मजबूरियां हैं जो उन्होंने कुछ काम भी ऐसे होते हैं जो तू नहीं किए जा सकते अब उन्होंने भी चुनाव लड़ने हैं और हिंदुस्तान के चुनाव लड़ने हैं और सारे काम करने हैं अब थोड़ा बहुत तो आदमी समझता तो है ही कि भी वह भी कहां से लाएंगे अब थोड़ा पूंजीपतियों का भी सहारा तो चाहिए होता है ऐसे में क्योंकि आज आप चुनाव लोगे तो बहुत मोटा खर्चा बैठता है तो सबसे पहले जो चुनावों का लड़ने का ढंग है वह ऐसा नहीं होना चाहिए था एक तरह से आपने अपने चुनाव का प्रचार करना है तो जैसे टीवी पर आकर आप उस तरीके की नीतियां जो आपने बनाई है अपना जो जिसे कहते हैं कि मेनिफेस्टो जो बनाया है कि किसी तरीके से भी आपने क्या-क्या उसमें शामिल कराया कि भी मैं ऐसे काम करूंगा वैसे काम करूंगा और टीवी पर शो किया जाता बजाय भीड़ इकट्ठा करने के या मंच को बनाने में या लोगों को भूल खाने में क्योंकि इन रैलियों से शहरों में जाम लग जाते हैं और ब्यूरो

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अगर मैं राजनीति में होता तो मैं वही काम करता जो नरेंद्र मोदी जी कर रहे हैं क्योंकि जो थोड़

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देखी आपने मुझसे पूछा है कि यदि मैं आज राजनीति में होता तो क्या करता तो यदि मैं आज की राजनीति में होता तो फिर मैं एक राजनेता के तौर पर जो है अपनी जनता के मुद्दे उठाने का प्रयास करता और अपने देश की सेवा करने का प्रयास करता क्योंकि राजनीति आपको एक अवसर देती है देश सेवा का राष्ट्र सेवा का लेकिन आज के नेता केवल अपनी सोचते हैं और उन से हटकर उन से परे हटकर में जो हमारे आम जनता हैं हमारे आमजन लोग हैं आम जनमानस हैं उनकी मुद्दे उठाने का प्रयास करता जो जमीनी मुद्दे हैं जैसे बिजली व पानी हो स्वास्थ्य शिक्षा हो या फिर कोई भी अन्य मुद्दा है उसे उठाने का प्रयास करता और लोगों के साथ उनके संघर्ष में हमेशा खड़ा करता क्योंकि आज मैंने देखा है कि हमारे देश के अधिकतर नेता चाहे वह सत्ता पक्ष का हो या फिर विपक्ष के नेता क्यों ना हो जिस का यह फर्ज बनता है कि वह आम जनता के साथ उनके मुद्दों में उनके साथ जुड़े उनके साथ जुड़ाव रखे वह नेता आज के समय पर ऐसा काम नहीं कर रहे हैं तो उन से परे हटकर मैं आम जनता के साथ उनके संघर्ष में खड़ा होता है ताकि लोगों को लगे कि मेरी राजनीति जो है प्रभावशाली है क्योंकि आप अपनी राजनीति को तभी प्रभावशाली बना सकते हैं जब आप जनता की सेवा करें फिर चाहे वह सत्ता में रहकर हो या फिर विपक्ष में रहकर हूं धन्यवाद

dekhi aapne mujhse poocha hai ki yadi main aaj raajneeti mein hota toh kya karta toh yadi main aaj ki raajneeti mein hota toh phir main ek raajneta ke taur par jo hai apni janta ke mudde uthane ka prayas karta aur apne desh ki seva karne ka prayas karta kyonki raajneeti aapko ek avsar deti hai desh seva ka rashtra seva ka lekin aaj ke neta keval apni sochte hain aur un se hatakar un se pare hatakar mein jo hamare aam janta hain hamare aamjan log hain aam janmanas hain unki mudde uthane ka prayas karta jo zameeni mudde hain jaise bijli va paani ho swasthya shiksha ho ya phir koi bhi anya mudda hai use uthane ka prayas karta aur logo ke saath unke sangharsh mein hamesha khada karta kyonki aaj maine dekha hai ki hamare desh ke adhiktar neta chahen vaah satta paksh ka ho ya phir vipaksh ke neta kyon na ho jis ka yah farz banta hai ki vaah aam janta ke saath unke muddon mein unke saath jude unke saath judav rakhe vaah neta aaj ke samay par aisa kaam nahi kar rahe hain toh un se pare hatakar main aam janta ke saath unke sangharsh mein khada hota hai taki logo ko lage ki meri raajneeti jo hai prabhavshali hai kyonki aap apni raajneeti ko tabhi prabhavshali bana sakte hain jab aap janta ki seva kare phir chahen vaah satta mein rahkar ho ya phir vipaksh mein rahkar hoon dhanyavad

देखी आपने मुझसे पूछा है कि यदि मैं आज राजनीति में होता तो क्या करता तो यदि मैं आज की राजनी

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Shivendra Pratap Singh

Engineer , Assistant Professor

0:26

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर मैं राजनीति में होता तो मैं एक अलग तरीके की स्वच्छ और साफ सुथरी राजनीति करता मैं अपनी जनता के जो जमीनी मुद्दे हैं जैसे बिजली पानी सड़क मकान इन सब के मुद्दे उठाता और अपनी जनता के लिए हर वक्त उपलब्ध रहता उनके सुख और दुख में हमेशा साथ रहता

agar main raajneeti mein hota toh main ek alag tarike ki swachh aur saaf suthri raajneeti karta main apni janta ke jo zameeni mudde hain jaise bijli paani sadak makan in sab ke mudde uthaata aur apni janta ke liye har waqt uplabdh rehta unke sukh aur dukh mein hamesha saath rehta

अगर मैं राजनीति में होता तो मैं एक अलग तरीके की स्वच्छ और साफ सुथरी राजनीति करता मैं अपनी

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