अगर भारत में जाती धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता?...


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Awdhesh Singh

Director AwdheshAcademy.com

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यह सही है कि जो जाति व्यवस्था हमारे देश में प्रचलित है उसने हमारी देश की समृद्धि को डेवलपमेंट को भाईचारे को काफी हद तक सेट किया है लेकिन यह जो जाति व्यवस्था है यह इस तरीके से देखा जाता क्लास सिस्टम है मतलब लोगों को अलग अलग क्लास में बांटने का और यह पुराने सिस्टम में हजारों साल पहले जब भी सिस्टम शुरू किया गया तो यह भी गाली था प्रोफेशन के पैसे से मतलब कि आदमी जो काम करे उस हिसाब से उसकी जाति का निर्धारण हो तो अगर आदमी उसकी जाति भी ऑटोमेटिक भी बदल जाना चाहिए ब्राह्मण का काम है पढ़ाना छतरी का काम है युद्ध करना और बढ़िया का काम है मालिया व्यापार करना तो जब भी आपने चेंज किया अपना प्रोफेशन तो आपकी जाति चेंज में आनी चाहिए जो लोग जो है वही काम करते थे उनके पेरेंट्स करते थे तो जाति व्यवस्था जो है वह प्रोफेशन के बजाय वह आपकी जन्म के बीच होने लगी और जब जन्म की विशेषता इस तरीके से उसका कोई निदान बाकी नहीं रहेगा वर्ष के हिसाब से जो व्यवस्था हो गई यह चीज जो है यह प्रैक्टिस वह बाजार से किसका ओरिजिनल ज्वाइन टेंशन था इसके चश्मा हुआ है इसका एक पॉजिटिव साइड यह था कि अगर आप की जनरेशन भाई जनरेशन अगर एक ही प्रोफेशन करती है तो डेफिनेटली आप उस फील्ड में सप्लाई हो जाएंगे तो जैसे ब्राह्मण हैं वह पढ़ने में सप्लाई हो गए क्षत्रिय युद्ध करने में स्पष्ट हो गया और वैश्य व्यापार में स्पेशल आई हो गया आज भी आप देखें तो बहुत सारे जो व्यापारियों को व्यस्त हैं लेकिन जो अभी व्यवस्था जिसको हमें बदलने की जरूरत है और इस तरीके

yeh sahi hai ki jo jati vyavastha hamare desh mein prachalit hai usne hamari desh ki samridhi ko development ko bhaichare chahiye ko kaafi had tak set kiya chahiye hai lekin yeh jo jati vyavastha hai yeh is tarike se dekha jata class system hai matlab logo chahiye ko alag alag class mein baantne ka chahiye aur yeh purane system mein hajaron chahiye saal pehle jab bhi system shuru kiya chahiye gaya to yeh bhi gaali tha profession ke paise se matlab ki aadmi jo kaam kare us chahiye hisab se uski jati ka chahiye nirdharan ho to agar aadmi uski jati bhi Automatic bhi badal jana chahiye brahman ka chahiye kaam hai padhana chatri ka chahiye kaam hai yudh karna aur badhiya ka chahiye kaam hai malia vyapar karna to jab bhi aapne change kiya chahiye apna profession to aapki jati change mein aani chahiye chahiye jo log jo hai wahi kaam karte the unke parents karte the to jati vyavastha jo hai wah profession ke bajay wah aapki janm ke bich hone lagi aur jab janm ki visheshata is tarike se uska koi nidan baki nahi rahega varsh ke hisab se jo vyavastha ho gayi yeh cheez jo hai yeh practice wah bazar se kiska original join tension tha iske chashma hua hai iska ek chahiye positive side yeh tha ki agar aap ki generation bhai generation agar ek chahiye hi profession karti chahiye hai to definetli aap us chahiye field mein supply ho jaenge to jaise brahman hai wah padhne mein supply ho gaye kshatriy yudh karne mein spasht ho gaya aur vaiishay vyapar mein special I ho gaya aaj bhi aap dekhen to bahut sare jo vyapariyon ko vyasta hai lekin jo abhi vyavastha jisko hume badalne ki zarurat hai aur is tarike

यह सही है कि जो जाति व्यवस्था हमारे देश में प्रचलित है उसने हमारी देश की समृद्धि को डेवलपम

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Amit Chowdhry

Operational Head

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देखिए मैं धन्यवाद करना चाहूंगा जिस तरह का प्रश्न आपने पूछा यह प्रश्न अपने आप में बहुत ही अद्भुत है और इसके ऊपर विचार होना चाहिए भारतवर्ष में जहां तक मैं अपने क्योंकि मैं जिस धर्म से बिलॉन्ग करता हूं और जिस माहौल जी पर चल रहा हूं उसमें कॉल जी की ही चीजों का में विवेचना करना चाहूंगा उससे मैंने पढ़ी हुई है परंतु मुझे विश्वास है कि दूसरे धर्म में भी सेमी चीजें होंगी पहले हम क्या करते हैं जाति और धर्म को दो भागों में जाकर विभाजित कर देते हैं की जाति क्या है और धर्म क्या है धर्म को विवेचना करते हैं धर्म की विवेचना करें धर्म अपने आप में इतना पूछा कि इतने कम शब्दों में इसकी विवेचना कर पाना ही अपने आप में एक कठिन कार्य है क्योंकि अगर आप धर्म के ऊपर डिस्कशन कर रहे हैं जाओगे तो शायद कई दिन बिक जायेंगे और यह डिस्कशन मेरे विचार से धर्म एक ऐसा सन्मार्ग है एक ऐसी सशक्त शक्ति है जो कि आपको अपनी मंजिल तक पहुंचने में सहायता प्रदान करती है सहायता प्रदान करने के साथ-साथ आपको एक रास्ता दिखाती है जब आप अकेले होते हो तो आप का साथ देती है यह आत्मविश्वास पैदा करती है कि कोई तो है मेरे साथ और एक ऐसी शक्ति प्रदान करती है कि कोई भी नहीं होगा मेरे साथ तो भी ऊपर वाला होगा मेरे साथ तो धर्म अपने आप में एक ऐसा पूर्ण चीज है एक ऐसा शब्द है जो स्वयं ही सत्य है हर किसी को किसी ना किसी चीज के लिए जरूरत पड़ती है आगे बढ़ने के लिए 1 मार्च दर्शक की जरूरत होती है धर्म को एक मार्गदर्शक है वह पाते वो किताब है आप कह सकते हो जिसको पढ़ कर आप सन्मार्ग पर चल सकते हो अब हम आते हैं जाति पर जाति क्या है जाति देखिए अगर मैं रामायण के काल में जा कर के देखो तो शाम बाल्मीकि जी क्या थे और बाद में वह क्या बने ऐसे महर्षि बने कि स्वयं माता सीता ने जा कर के उनके यहां अपना समय व्यतीत कर और लव कुश ने उनसे शिक्षा दी स्वयं राम जी ने उनको नमन करा श्रम रामचंद्र जी क्या थे क्षत्रिय थे उन्होंने कई वर्षों तक अपने राज्य का संचालन किया राज के संचालन में हम सभी को पता है कि इनॉमिक्स आती आती है तो उन्होंने वैश्विक धर्म का भी पालन किया विष्णु मंत्र क्या है क्षत्रिय थे और उन्होंने क्या करें विश्वामित्र जी ने शिक्षा प्रदान करें और वह एक महा ऋषि है समय से कई दाम पर मिल जाते हैं कि स्वयं श्री राम ने लंका का अधिपति लंकेश के उपरांत उन्हीं के छोटे भाई विभीषण को बना दिया था वह एक राक्षस कुल के थे केवट जो कि आगे चलकर भगवान श्याम राम ने उनको राजा जी केवट क्या करके पुकारा धर्म का विश्लेषण करें तो हमें एक ही बात में बोल देते हैं जाति और धर्म धर्म एक अलग विषय है और जातीय कलर है जाती मेरे अनुसार लोगों ने अपनी सुविधा के लिए बना ली कि हम पीड़ित पीडी हमारी इसी जाति के हिसाब से चलती रहे और जिससे उस जो सुख और वह हम प्राप्त कर रहे हो वैसे ही चलता रहे अब कई लोग यह कहते हैं कि हम लोगों को 4 जातियों में विभाजित किया ब्राह्मण क्षत्रिय वैश्य और शूद्र यह जो जातियों में विभाजित किया गया था यह लोगों के कार्यों के अनुसार विभाजित किया गया था और यह इसलिए था कि अगर आप यह सोचो कि अगर हमने जो जिस तरह हम काम करेंगे उस तरह की चीजों में हम चले जाएंगे अब वहां पर क्या हुआ धीरे धीरे जैसे-जैसे वंशावली आगे बढ़ती चली गई राजा का बेटा राजा हो गया वकील का बेटा वकील हो गया व्यास का बेटा मैं सो गया वैसे-वैसे जातियों में परिवर्तन होता चला गया उन्होंने एक जाति के रूप दे दिया और जाति का रूप देने का एक अब इसके बेनिफिट डे के हर एक चीज के हैं और फायदे भी दोनों चीजों के नुकसान भी दोनों की जो बेनिफिट था वह यह था कि लोगों को जो है इसके स्पेशलाइजेशन आ जाएगा और स्कूल सेट आपको अपने बेटे को देते हुए और सिखाते हुए खुशी होगी तो आप उसे चुप आओगे नहीं तो वह आगे बढ़ने की प्रक्रिया शुरू हो जाती नुकसान क्या हुआ कि आगे जाकर के यह जातियां भी कई सारी जाते हैं / हो गई जो आपस में ही कई सारे विभिन्न विषयों पर विवादास्पद तरीके से लड़ने लगी और पतन का कारण भी हो रहा है मनुष्य के पतन का कारण में जाति का एक प्रमुख योगदान है और यह जाति यही एक ऐसी जाती है जो कि रामराज्य की स्थापना ना करने देने के लिए सर्वप्रथम महत्वपूर्ण है और मैं इसको इसलिए कहता हूं कि जब श्रीराम ने अपने टाइम पर इस तरह की चीजों को नहीं माना और उन्होंने स्वयं रामायण में वाल्मीकि जी ने लिखा है वाल्मीकि कृत रामायण की सारी चीजें उन्होंने लिख दी है और उन्होंने स्वयं कई सारे एग्जांपल भी उसमें दे रखे हो तो फिर आज की डेट में हम लोग हां मैं यह जरूर कहूंगा कि रामराज की स्थापना के लिए सबको समान अधिकार देना बहुत जरूरी है जब आप सबको समान अधिकार दोगे और सब की तरक्की के लिए एक समान है और अच्छा एक वातावरण उत्पन्न करोगे तो राम राज्य जरूर आएगा और भारत का उत्थान अवश्य होगा धन्यवाद

dekhiye main dhanyavad karna chahunga jis tarah ka prashna aapne poocha yah prashna apne aap mein bahut hi adbhut hai aur iske upar vichar hona chahiye bharatvarsh mein jaha tak main apne kyonki main jis dharm se Belong karta hoon aur jis maahaul ji par chal raha hoon usme call ji ki hi chijon ka mein vivechna karna chahunga usse maine padhi hui hai parantu mujhe vishwas hai ki dusre dharm mein bhi semi cheezen hongi pehle hum kya karte hain jati aur dharm ko do bhaagon mein jaakar vibhajit kar dete hain ki jati kya hai aur dharm kya hai dharm ko vivechna karte hain dharm ki vivechna kare dharm apne aap mein itna poocha ki itne kam shabdon mein iski vivechna kar paana hi apne aap mein ek kathin karya hai kyonki agar aap dharm ke upar discussion kar rahe hain jaoge toh shayad kai din bik jayenge aur yah discussion mere vichar se dharm ek aisa sanmarg hai ek aisi sashakt shakti hai jo ki aapko apni manjil tak pahuchne mein sahayta pradan karti hai sahayta pradan karne ke saath saath aapko ek rasta dikhati hai jab aap akele hote ho toh aap ka saath deti hai yah aatmvishvaas paida karti hai ki koi toh hai mere saath aur ek aisi shakti pradan karti hai ki koi bhi nahi hoga mere saath toh bhi upar vala hoga mere saath toh dharm apne aap mein ek aisa purn cheez hai ek aisa shabd hai jo swayam hi satya hai har kisi ko kisi na kisi cheez ke liye zarurat padti hai aage badhne ke liye 1 march darshak ki zarurat hoti hai dharm ko ek margadarshak hai vaah paate vo kitab hai aap keh sakte ho jisko padh kar aap sanmarg par chal sakte ho ab hum aate hain jati par jati kya hai jati dekhiye agar main ramayana ke kaal mein ja kar ke dekho toh shaam balmiki ji kya the aur baad mein vaah kya bane aise maharshi bane ki swayam mata sita ne ja kar ke unke yahan apna samay vyatit kar aur love kush ne unse shiksha di swayam ram ji ne unko naman kara shram ramachandra ji kya the kshatriya the unhone kai varshon tak apne rajya ka sanchalan kiya raj ke sanchalan mein hum sabhi ko pata hai ki inamiks aati aati hai toh unhone vaishvik dharm ka bhi palan kiya vishnu mantra kya hai kshatriya the aur unhone kya kare vishwamitra ji ne shiksha pradan kare aur vaah ek maha rishi hai samay se kai daam par mil jaate hain ki swayam shri ram ne lanka ka adhipati lankesh ke uprant unhi ke chote bhai vibhishan ko bana diya tha vaah ek rakshas kul ke the kevat jo ki aage chalkar bhagwan shyam ram ne unko raja ji kevat kya karke pukaara dharm ka vishleshan kare toh hamein ek hi baat mein bol dete hain jati aur dharm dharam ek alag vishay hai aur jatiye color hai jaati mere anusaar logo ne apni suvidha ke liye bana li ki hum peedit PD hamari isi jati ke hisab se chalti rahe aur jisse us jo sukh aur vaah hum prapt kar rahe ho waise hi chalta rahe ab kai log yah kehte hain ki hum logo ko 4 jaatiyo mein vibhajit kiya brahman kshatriya vaiishay aur shudra yah jo jaatiyo mein vibhajit kiya gaya tha yah logo ke karyo ke anusaar vibhajit kiya gaya tha aur yah isliye tha ki agar aap yah socho ki agar humne jo jis tarah hum kaam karenge us tarah ki chijon mein hum chale jaenge ab wahan par kya hua dhire dhire jaise jaise vanshavali aage badhti chali gayi raja ka beta raja ho gaya vakil ka beta vakil ho gaya vyas ka beta main so gaya waise waise jaatiyo mein parivartan hota chala gaya unhone ek jati ke roop de diya aur jati ka roop dene ka ek ab iske benefit day ke har ek cheez ke hain aur fayde bhi dono chijon ke nuksan bhi dono ki jo benefit tha vaah yah tha ki logo ko jo hai iske specialisation aa jaega aur school set aapko apne bete ko dete hue aur sikhaate hue khushi hogi toh aap use chup aaoge nahi toh vaah aage badhne ki prakriya shuru ho jaati nuksan kya hua ki aage jaakar ke yah jatiya bhi kai saree jaate hain ho gayi jo aapas mein hi kai saare vibhinn vishyon par vivadaspad tarike se ladane lagi aur patan ka karan bhi ho raha hai manushya ke patan ka karan mein jati ka ek pramukh yogdan hai aur yah jati yahi ek aisi jaati hai jo ki ramrajya ki sthapna na karne dene ke liye sarvapratham mahatvapurna hai aur main isko isliye kahata hoon ki jab shriram ne apne time par is tarah ki chijon ko nahi mana aur unhone swayam ramayana mein valmiki ji ne likha hai valmiki krit ramayana ki saree cheezen unhone likh di hai aur unhone swayam kai saare example bhi usme de rakhe ho toh phir aaj ki date mein hum log haan main yah zaroor kahunga ki ramraj ki sthapna ke liye sabko saman adhikaar dena bahut zaroori hai jab aap sabko saman adhikaar doge aur sab ki tarakki ke liye ek saman hai aur accha ek vatavaran utpann karoge toh ram rajya zaroor aayega aur bharat ka utthan avashya hoga dhanyavad

देखिए मैं धन्यवाद करना चाहूंगा जिस तरह का प्रश्न आपने पूछा यह प्रश्न अपने आप में बहुत ही अ

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

1:04
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हेलो फ्रेंड्स अध्यक्ष जैसा कोई देश नहीं है जहां जाति या धर्म नहीं है हमारे भारत में थोड़े जाता धरम है क्योंकि हमारा जो संविधान है हमारे हमारे जो कंट्रोलर कंट्री है या सारे धर्मों को अपने धर्म इंजॉय करने का पूरा राइट है तो यह अच्छी बात है और अगर हमारे भारत में सारे धर्म नहीं होता है इतनी सारी जातियां नहीं होती तो हो सकता है कुछ कॉर्नफ्लेक्स जो हमारे देश में होते रहते हैं जाति और धर्म को लेकर के वह थोड़े कम होते हैं लेकिन हमेशा सोच नहीं सकते क्योंकि जो हमारे आजादी का मूवमेंट था वह सारे धर्मों के लोगों ने पार्टिसिपेट किया था सारी जातियों के लोगों ने पार्टिसिपेट किया था तो हमारा देश किसी अकेले धर्म है किसी जाति का नहीं है भारत एक खूबसूरत देश है क्योंकि यहां पर इतनी सारी जाति और इतनी सारी धर्म के लोग पाए जाते हैं इसको पॉजिटिव नजर से देखें

hello friends adhyaksh jaisa koi desh nahi hai jaha jati ya dharm nahi hai hamare bharat mein thode jata dharm hai kyonki hamara jo samvidhan hai hamare hamare jo controller country hai ya saare dharmon ko apne dharm enjoy karne ka pura right hai toh yah achi baat hai aur agar hamare bharat mein saare dharm nahi hota hai itni saree jatiya nahi hoti toh ho sakta hai kuch karnafleks jo hamare desh mein hote rehte hain jati aur dharm ko lekar ke vaah thode kam hote hain lekin hamesha soch nahi sakte kyonki jo hamare azadi ka movement tha vaah saare dharmon ke logo ne participate kiya tha saree jaatiyo ke logo ne participate kiya tha toh hamara desh kisi akele dharm hai kisi jati ka nahi hai bharat ek khoobsurat desh hai kyonki yahan par itni saree jati aur itni saree dharm ke log paye jaate hain isko positive nazar se dekhen

हेलो फ्रेंड्स अध्यक्ष जैसा कोई देश नहीं है जहां जाति या धर्म नहीं है हमारे भारत में थोड़े

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Daivagya Krishna Shastri

Astrologer, Ved, Bhagvat Mahapuran

3:58

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

0:41
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प्रश्न है कि अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता भारत कैसा था सही बात है यदि भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत बहुत ही सुंदर होता जहां पर की लड़ाई झगड़े जाति धर्म के नाम पर कोई कलह नहीं होते जैसे कि कोई बगीचा में डिफरेंट टाइप ऑफ फ्लावर्स देखिले रहते हैं ना वैसे हमारे भारत के हर लोग रहते हैं कि हर तरीके के लोग हर एक्टिविटी धर्म के नाम पर 14 बहुत ही खुशहाल और सुंदर भारत होता धन्यवाद

prashna hai ki agar bharat mein jati dharm nahi hota bharat kaisa tha sahi baat hai yadi bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat bahut hi sundar hota jaha par ki ladai jhagde jati dharm ke naam par koi kalah nahi hote jaise ki koi bagicha mein different type of flowers dekhile rehte hain na waise hamare bharat ke har log rehte hain ki har tarike ke log har activity dharm ke naam par 14 bahut hi khushahal aur sundar bharat hota dhanyavad

प्रश्न है कि अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता भारत कैसा था सही बात है यदि भारत में जाति धर

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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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Ravi Sharma

Advocate

2:00
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चीन एक नास्तिक देश माना जाता है जिसमें 70% से अधिक जनसंख्या किसी भी धर्म में विश्वास नहीं करती जिस प्रकार से उत्पादन के स्तर पर तथा रोजगार के उत्तर में चीन ने अपनी जगह बनाई है तथा कच्चा माल तथा तैयार माल में जिस प्रकार से चीन ने पूरे विश्व में समृद्धि तथा विकास का मॉडल सेट किया है उसके अनुसार भारत में भी इस प्रकार की चीजें हो सकती थी परंतु चीन ने समाजवाद को जिस प्रकार से लागू किया गया तथा हवाओं ने जिस प्रकार से चीन की जनता पर अत्याचार किए वह भी एक तरह से ठीक नहीं था लोकतांत्रिक प्रणाली में भी धर्म का एक बहुत अधिक महत्व होता है या बहुत ही एक गुण विषय है जिसका अध्ययन करना आवश्यक है इसकी विवेचना करना आवश्यक है मेरे अनुसार यहां तक मुझे नजर आता है भारत में अति जाति व धर्म नहीं होता तो भारत में किसी प्रकार की व्यक्ति पूजा हो जो कि और भी अधिक खराब होती या फिर भारत में भारत भारत नहीं होता वह विभिन्न भागों में तथा विभिन्न क्षेत्रों में विभाजित होता जिसे भारत की एक जो मूलभूत विचारधारा है वह कभी बन ही नहीं पाती मुझे ऐसा भी लगता है कि किसी भी राष्ट्र में विशेषकर लोकतांत्रिक प्रणाली में धर्म का व जातियों का होना एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटना है या एक सामाजिक ताना बाना है जिसको बड़े से बड़े जो वैज्ञानिक हैं तथा तर्कशास्त्री हवा भी नकार नहीं सकते उनका एक महत्वपूर्ण योगदान होता है सामाजिक संरचना में जो कि हमें विशेषकर मुसीबत के समय में तथा राम हमारा सहयोग करता है हमें आगे बढ़ने की शक्ति देता है मुझे नहीं लगता कि भारत में अधिक धर्म होता या ना होता यह महत्वपूर्ण है महत्वपूर्ण यह है कि भारत में धर्म होने की वजह से किस प्रकार से भारत का विकास हुआ है तथा भारत की समृद्धि

chin ek chahiye nastik desh mana jata hai jisme 70% se adhik jansankhya kisi bhi dharm mein vishwas nahi karti chahiye jis prakar se utpadan ke sthar par tatha rojgar ke uttar mein chin ne apni jagah banai hai tatha kaccha chahiye maal tatha taiyaar maal mein jis prakar se chin ne poore vishwa mein samridhi tatha vikash ka chahiye model set kiya chahiye hai uske anusar bharat mein bhi is prakar ki cheezen ho sakti thi parantu chin ne samajavad ko jis prakar se laagu kiya chahiye gaya tatha havaon ne jis prakar se chin ki janta par atyachar kiye wah bhi ek chahiye tarah se theek nahi tha loktantrik pranali mein bhi dharm ka chahiye ek chahiye bahut adhik mahatva hota hai ya bahut hi ek chahiye gun vishay hai jiska adhyayan karna aavashyak hai iski vivechna karna aavashyak hai mere anusar yahan tak mujhe nazar aata hai bharat mein ati jati va dharm nahi hota to bharat mein kisi prakar ki vyakti puja ho jo ki aur bhi adhik kharab hoti ya phir bharat mein bharat bharat nahi hota wah vibhinn bhaagon mein tatha vibhinn kshetro mein vibhajit hota jise bharat ki ek chahiye jo mulbhut vichardhara hai wah kabhi ban hi nahi pati mujhe aisa bhi lagta hai ki kisi bhi rashtra mein visheshakar loktantrik pranali mein dharm ka chahiye va jaatiyo ka chahiye hona ek chahiye bahut hi mahatvapurna ghatna hai ya ek chahiye samajik tana bana hai jisko bade se bade jo vaegyanik hai tatha tarkashastri hawa bhi nakar nahi sakte unka ek chahiye mahatvapurna yogdan hota hai samajik sanrachna mein jo ki hume visheshakar musibat ke samay mein tatha ram hamara sahyog karta hai hume aage badhne ki shakti deta hai mujhe nahi lagta ki bharat mein adhik dharm hota ya na hota yeh mahatvapurna hai mahatvapurna yeh hai ki bharat mein dharm hone ki wajah se kis prakar se bharat ka chahiye vikash hua hai tatha bharat ki samridhi

चीन एक नास्तिक देश माना जाता है जिसमें 70% से अधिक जनसंख्या किसी भी धर्म में विश्वास नहीं

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो जाति और धर्म पर जो भी भेदभाव होते हैं जो पीठ डिस्क्रिमिनेशन होता है शादियों में प्रॉब्लम आती है लोग हैं दूसरे धर्मों को और जातियों के लोगों की तरफ होस्टिलिटी या नफरत से देखते हैं वह चीज खत्म हो जाती और बहुत मतलब अगर हम इंडिया की बात ले तो काफी सारे मसलों में लड़ाई नहीं होती इसका मतलब यह भी नहीं है कि बिल्कुल ही लड़ाई खत्म हो जाती बहुत सारे जो है और भी बहुत सारे मुद्दे हैं जिसे हम जाएंगे जिन पर जो है आपस में लोग लड़ पड़ते हैं और यह सादा सादा सोच की ही बात है दूसरी चीज जी अगर धर्म नहीं होते तो जो हम इतने तरह-तरह के त्यौहार मनाते हैं हम क्रिसमस में मनाते हैं हम दिवाली भी मनाते हैं हम जैन मुनियों के भी फेस्टिवल से बनाते हैं तो पैसे भी नहीं है दोनों ही चीज है जो फेस्टिवल हमारे हमारे लिए कलर्स लेकर आते हैं खुशियां लेकर आते हैं सेलिब्रेशन लेकर आते हैं वह भी तो है नहीं हो

agar bharat mein jati dharm nahi hota toh jati aur dharm par jo bhi bhedbhav hote hain jo peeth discrimination hota hai shadiyo mein problem aati hai log hain dusre dharmon ko aur jaatiyo ke logo ki taraf hostility ya nafrat se dekhte hain vaah cheez khatam ho jaati aur bahut matlab agar hum india ki baat le toh kaafi saare maslon mein ladai nahi hoti iska matlab yah bhi nahi hai ki bilkul hi ladai khatam ho jaati bahut saare jo hai aur bhi bahut saare mudde hain jise hum jaenge jin par jo hai aapas mein log lad padte hain aur yah saada saada soch ki hi baat hai dusri cheez ji agar dharm nahi hote toh jo hum itne tarah tarah ke tyohar manate hain hum Christmas mein manate hain hum diwali bhi manate hain hum jain muniyon ke bhi festival se banate hain toh paise bhi nahi hai dono hi cheez hai jo festival hamare hamare liye colors lekar aate hain khushiya lekar aate hain celebration lekar aate hain vaah bhi toh hai nahi ho

अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो जाति और धर्म पर जो भी भेदभाव होते हैं जो पीठ डिस्क्रिम

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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं हमारे देश भारत में अगर जाति धर्म का बात नहीं होता तो काफी काफी हद तक बहुत सुख और शांति पूर्वक सब्जी रहे होते यह तो बिल्कुल बात है बट अभी भी मत सोचिए कि कोई बात हम लोग लेकर नहीं हम लोग बनाने लेते झगड़ा करने के लिए की थी क्या है ना हम इंसान कुछ ना कुछ तो ढूंढ ही लेते हैं गंभीर परिस्थितियों और भावनाओं में रहने का हम सबको ही आदत होता है यानी कि हम ज्यादा खुशी रह सकते हैं और ज्यादा देर बात लेकर हम आएंगे आते जिससे प्रॉब्लम्स जाति धर्म केवल का नहीं होता इतना बड़ा नहीं होता और इतने मने प्लेस और इतना घटिया पन और इतना इतना दुखी वातावरण नहीं होता तभी यह मैं अंदाजा लगा सकती हूं तो वहां देश काफी अच्छा होता है और काफी शांत शांति होती देश में यह बात तो जरूर होता

namaste doston meri yani doctor priya jha ke taraf se aap sab ko din ki bahut saree subhkamnaayain hamare desh bharat mein agar jati dharm ka baat nahi hota toh kaafi kafi had tak bahut sukh aur shanti purvak sabzi rahe hote yah toh bilkul baat hai but abhi bhi mat sochiye ki koi baat hum log lekar nahi hum log banane lete jhadna karne ke liye ki thi kya hai na hum insaan kuch na kuch toh dhundh hi lete hain gambhir paristhitiyon aur bhavnao mein rehne ka hum sabko hi aadat hota hai yani ki hum zyada khushi reh sakte hain aur zyada der baat lekar hum aayenge aate jisse problems jati dharm keval ka nahi hota itna bada nahi hota aur itne mane place aur itna ghatiya pan aur itna itna dukhi vatavaran nahi hota tabhi yah main andaja laga sakti hoon toh wahan desh kaafi accha hota hai aur kaafi shaant shanti hoti desh mein yah baat toh zaroor hota

नमस्ते दोस्तों मेरी यानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सब को दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं ह

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साकेत कुमार

Senior Software Developer

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कल्पना करना काफी मुश्किल है क्योंकि भारत की जो छवि मेरे दिमाग में आती वह भारत के सिद्धांतों जाति धर्म के साथ ही आती है जब की बात करते हैं तो हम धर्म की बात कर रहे हो तो हमारा संदेह अभी विदिशा नहीं होता है कि इतनी ज्यादा विविध होने के कारण हमारा विकास रुका हुआ है अगर आप विकसित देशों को देखेंगे तो उनके यहां वर्गीकरण की कमी नहीं है आप अमेरिका चले जाएंगे तो क्या मां पर अलग-अलग तरीके के लोग और ऐसा मैं गम जहां तक मेरा ज्ञान बताता है कि जहां पर धर्म और जाति पाति और इस तरह के बड़ी करने वाले व्यक्ति पूजन शुरू हो जाती है क्या वो रसिया हो चाहे वह चाइना हो जाए वह कि वह हो जाए बोल रिंगटोन जितने भी जो कमलेश कंट्री से प्ले इन होम हो stalin हो करोड़ों लोग मरे हैं उनकी भक्ति में मऊ मऊ बात कर सकते क्या बात है उन्होंने दूसरी तरीके की चिंता कि जिससे कि चाइना आज काफी फायदा उठा भी रहा है तो मैं नहीं मानता कि भारत धर्म कांटा के बहुत ज्यादा कुछ विकास कर देंगे आप कुछ क्रांति ला देंगे बीबा नाचन ला देंगे हमारी अपनी बीवी है उन्हें हटाने की जरूरत है और मैं सबसे बड़ी रुकावट इस में शिक्षा की कमी को मांगता हूं जैसे हम शिक्षित होंगे जैसलमेर से हमारी जो पिछड़े प्रदेश में उत्तर प्रदेश और बिहार है उड़ीसा है झारखंड है इन्हें मेनस्ट्रीम में लाएंगे मुख्यधारा में लौटे तो भारत काफी आगे जा सकता है मैं दक्षिणी राज्यों में हूं पिछले दो 506 सालों से यहां काफी विकास है हमें यही चीज पूरे भारत में लागू करनी है और वही इसका इलाज जाति धर्म की तो चर्चा है वह पूरी व्यर्थ है

kalpana karna kaafi mushkil hai kyonki bharat ki jo chawi mere dimag mein aati wah bharat ke siddhanto jati dharm ke saath hi aati hai jab ki baat karte hain to hum dharm ki baat kar rahe ho to hamara sandeh abhi vidisha nahi hota hai ki itni zyada vividh hone ke kaaran hamara vikash ruka hua hai agar aap viksit deshon ko dekhenge to unke yahan vargikaran ki kami nahi hai aap america chale jaenge to kya maa par alag alag tarike ke log aur aisa main gum jaha tak mera gyaan batata hai ki jaha par dharm aur jati pati aur is tarah ke badi karne wali vyakti pujan shuru ho jati hai kya vo rasiya ho chahe wah china ho jaye wah ki wah ho jaye bol ringtone jitne bhi jo kamlesh country se play in home ho stalin ho karodo log mare hain unki bhakti mein mau mau baat kar sakte kya baat hai unhone dusri tarike ki chinta ki jisse ki china aaj kaafi fayda utha bhi raha hai to main nahi manata ki bharat dharm kanta ke bahut zyada kuch vikash kar denge aap kuch kranti la denge biba nachan la denge hamari apni biwi hai unhen chahiye hatane ki zarurat hai aur main sabse badi rukavat is mein shiksha ki kami ko mangta hoon jaise hum shikshit honge jaisalmer se hamari jo pichde chahiye pradesh mein uttar pradesh aur bihar hai odisha hai jharkhand hai inhen chahiye mainstream mein layenge mukhyadhara mein laute to bharat kaafi aage ja sakta hai dakshini rajyo mein hoon pichle do 506 salon se yahan kaafi vikash hai hume yahi cheez poore bharat mein laagu karni hai aur wahi iska ilaj jati dharm ki to charcha hai wah puri vyarth hai

कल्पना करना काफी मुश्किल है क्योंकि भारत की जो छवि मेरे दिमाग में आती वह भारत के सिद्धांतो

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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता तो भारत एकदम शांतिप्रिय देश होता धर्म जाति की कोई भोपाली नहीं होते ठीक है और इससे भारत ही नहीं कोई भी देश बुलाए

agar bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat kaisa hota toh bharat ekdam shantipriye desh hota dharm jati ki koi bhopali nahi hote theek hai aur isse bharat hi nahi koi bhi desh bulaye

अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता तो भारत एकदम शांतिप्रिय देश होता धर्म ज

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एक नकारात्मक सवाल है कि भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत केसा होता जब इस प्रकार की कोई बात ही नहीं है अतः इस प्रकार के प्रश्न पर किसी प्रकार की कोई डिस्कस करने का कोई औचित्य नहीं है

ek nakaratmak sawaal hai ki bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat kesa hota jab is prakar ki koi baat hi nahi hai atah is prakar ke prashna par kisi prakar ki koi discs karne ka koi auchitya nahi hai

एक नकारात्मक सवाल है कि भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत केसा होता जब इस प्रकार की कोई

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भारत ने पूरी दुनिया में अपने धर्म या जाति ना होती दुनिया जंगल में जानवरों की उत्पत्ति मानव की रक्षा के लिए आरक्षण की बात कर लोगों ने अपनी ताकत बनाने के लिए धर्म की उत्पत्ति सबसे ज्यादा मार रहा हूं

bharat ne puri duniya mein apne dharm ya jati na hoti duniya jungle mein jaanvaro ki utpatti manav ki raksha ke liye aarakshan ki baat kar logo ne apni takat banane ke liye dharm ki utpatti sabse zyada maar raha hoon

भारत ने पूरी दुनिया में अपने धर्म या जाति ना होती दुनिया जंगल में जानवरों की उत्पत्ति मानव

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Zulfiqar Waddo

Journalist

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भारत जाति धर्म भाई ने तो भारत जैसा है बेहतर रहेगा सभी धर्म के लोग यात्रा पर जाते हैं कुछ लोग करते हैं लेकिन हमारे धर्म के लोग रहते हैं इधर उधर करते और एक दूसरे को समझा देते हैं

bharat jati dharm bhai ne toh bharat jaisa hai behtar rahega sabhi dharm ke log yatra par jaate hain kuch log karte hain lekin hamare dharm ke log rehte hain idhar udhar karte aur ek dusre ko samjha dete hain

भारत जाति धर्म भाई ने तो भारत जैसा है बेहतर रहेगा सभी धर्म के लोग यात्रा पर जाते हैं कुछ ल

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Pandit Prem

शायर, पुस्तक संपादक

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भारत विश्व में सर्वोपरि हो सकता था अगर भारत में जातिवाद नहीं होता धर्म बाद नहीं होता क्योंकि भारत अगर आज पिछड़ा हुआ है तो वह सिर्फ एक दूसरे को छोटा समझना नीचा दिखाने और एक दूसरे को कमतर समझना एक दूसरे को तरक्की ना करने देने की वजह से है और उसका कारण सिर्फ जाति और धर्म है तो भारत की तरक्की में सबसे बड़ी बाधा जाती हो धर्म है बहुत-बहुत धन्यवाद

bharat vishwa mein sarvopari ho sakta tha agar bharat mein jaatiwad nahi hota dharm baad nahi hota kyonki bharat agar aaj pichda hua hai toh vaah sirf ek dusre ko chota samajhna nicha dikhane aur ek dusre ko kamtar samajhna ek dusre ko tarakki na karne dene ki wajah se hai aur uska karan sirf jati aur dharm hai toh bharat ki tarakki mein sabse badi badha jaati ho dharm hai bahut bahut dhanyavad

भारत विश्व में सर्वोपरि हो सकता था अगर भारत में जातिवाद नहीं होता धर्म बाद नहीं होता क्यों

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Vivek Shukla

Life coach

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एक मित्र की जाति धर्म ना होता तो भारत की बहुत ज्यादा अमेरिका यह जो रूस या फिर और जो देश है वह भारत से आज भी पीछे होते क्योंकि यहां पर जातिगत राजनीति बहुत ही ज्यादा होती है सबसे ज्यादा दिक्कत करती ही थी यह जाति और धर्म क्योंकि लोग आपस में से बहुत ही बार गृह युद्ध फिर बहुत ही ज्यादा नुकसान या फिर बहुत ही ज्यादा दंगा फसाद होते रहती हैं तो सबसे ज्यादा मित्र इसी से दिक्कत होगी जात पात के लोग अक्सर बढ़ जाती हैं और ऐसे में समाज की एकता या फिर समाज की एकता है यह भारत की समझ लीजिए अखंडता एकदम से नष्ट हो रही है क्योंकि लोग सिर्फ अपनी जातिगत भावनाओं को देखते हैं इसे अपने स्वार्थों को देखते हैं ऐसे में हर कोई अपने तरफ भ्रष्टाचार को फैला रहा है यह फिर अपनी जाट को सपोर्ट दे रहा है ऐसे में देश का विकास के बारे में कोई सोच नहीं पा रहा है तो यह जाना होता तो आज मैं जहां तक मानता हूं कि भारत नंबर वन या फिर विश्व में सबसे श्रेष्ठ या फिर सबसे ताकतवर देश होता क्योंकि इसमें सबसे ज्यादा अगर वाणी क्योंकि आप देखते हैं कि जाति धर्म के बावजूद भी भारत सेक्सी प्यार शक्तिशाली में बहुत ही ज्यादा गई है यहां की सैनिक वाली यहां पर और सारी चीजें सबसे ज्यादा अंबानी ताकतवर है आप मानते हैं रूस या चीन के बाद ही बहा देती माने इससे भी माने भारत किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है तो आप समझ लीजिए कि यह ज्ञात धर्म ना होता तो कितना तरक्की कर सकता था वह के बाद फ्रेंड

ek mitra ki jati dharm na hota toh bharat ki bahut zyada america yeh jo rus ya phir aur jo desh hai wah bharat se aaj bhi peeche hote kyonki yahan par jaatigat rajneeti bahut hi zyada hoti hai sabse zyada dikkat karti hi thi yeh jati aur dharm kyonki log aapas mein se bahut hi baar grah yudh phir bahut hi zyada nuksan ya phir bahut hi zyada danga fasad hote rehti hain toh sabse zyada mitra isi se dikkat hogi jaat pat ke log aksar badh jati hain aur aise mein samaj ki ekta ya phir samaj ki ekta hai yeh bharat ki samajh lijiye akhandata ekdam se nasht ho rahi hai kyonki log sirf apni jaatigat bhavnao ko dekhte hain ise apne swarthon ko dekhte hain aise mein har koi apne taraf bhrashtachar ko faila raha hai yeh phir apni jaat ko support de raha hai aise mein desh ka vikas ke bare mein koi soch nahi pa raha hai toh yeh jana hota toh aaj main jaha tak manata hoon ki bharat number van ya phir vishwa mein sabse shreshtha ya phir sabse takatwar desh hota kyonki ismein sabse zyada agar vani kyonki aap dekhte hain ki jati dharm ke bawajud bhi bharat sexy pyar shaktishali mein bahut hi zyada gayi hai yahan ki sainik wali yahan par aur saree cheezen sabse zyada ambani takatwar hai aap maante hain rus ya china ke baad hi baha deti maane isse bhi maane bharat kisi bhi kshetra mein kam nahi hai toh aap samajh lijiye ki yeh gyaat dharm na hota toh kitna tarakki kar sakta tha wah ke baad friend

एक मित्र की जाति धर्म ना होता तो भारत की बहुत ज्यादा अमेरिका यह जो रूस या फिर और जो देश है

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Niraj Devani

PHILOSOPHER

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SUBHASH RAO

Spoken English Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर भारत में जाति धर्म ना होता तो भारत आज विकास के सर्वोत्तम शिखर पर होता अगर हम विश्व के इतिहास को देखें तो विश्व में जितनी भी क्रांतियां हुई है रूस की क्रांति हो फ्रांस की क्रांति और अमेरिका के क्रांति हो तो वहां जितने भी छोटे तबके को लोग थे उन्होंने क्रांति की और आज वहां भी नियम बना आज वह विकास के क्षेत्र में बहुत आगे हैं हर चीज के क्षेत्र में बहुत आगे हैं प्रेम संभावना के क्षेत्र में बहुत आगे हैं और हमारे भारत देश में जो है जाति धर्म तो उन्हें सबसे पहले माना गया है सबसे पहले उसी को लोग लेकर चलते हैं तो इसलिए विकास के पीछे हैं विकास के मामले में पीछे हैं जाति धर्म देखा जाए तो ऊंची नीची तबके के लोग हैं जो और जाति धर्म ही ऊंचा नीचा तबके के लोग जाति धर्म का समानता को बढ़ावा देता है और जहां समानता होती है वहां पूरी तरह वो देश वह राष्ट्र आगे विकास नहीं कर सकता क्योंकि अगर देखा जाए तो अगर कोई ऊंची नीची बंजर भूमि है ऊंची नीची जमीन है तो जिस तरह से वह अच्छी पैदावार नहीं कर सकता ऊंची नीची जमीन अच्छी पैदावार नहीं कर सकते ठीक उसी प्रकार जिस देश में ऊंचे नीचे तबके के लोग हैं जहां समानता है वह भी अच्छी विकास नहीं कर सकता धन्यवाद

agar bharat mein jati dharm na hota toh bharat aaj vikas ke sarvottam shikhar par hota agar hum vishwa ke itihas ko dekhen toh vishwa mein jitni bhi krantiyan hui hai rus ki kranti ho france ki kranti aur america ke kranti ho toh wahan jitne bhi chote tabke ko log the unhone kranti ki aur aaj wahan bhi niyam bana aaj wah vikas ke kshetra mein bahut aage hain har cheez ke kshetra mein bahut aage hain prem sambhavna ke kshetra mein bahut aage hain aur hamare bharat desh mein jo hai jati dharm toh unhein sabse pehle mana gaya hai sabse pehle usi ko log lekar chalte hain toh isliye vikas ke peeche hain vikas ke mamle mein peeche hain jati dharm dekha jaye toh uchi nichi tabke ke log hain jo aur jati dharm hi uncha nicha tabke ke log jati dharm ka samanata ko badhawa deta hai aur jaha samanata hoti hai wahan puri tarah vo desh wah rashtra aage vikas nahi kar sakta kyonki agar dekha jaye toh agar koi uchi nichi banjar bhoomi hai uchi nichi jameen hai toh jis tarah se wah acchi paidavar nahi kar sakta uchi nichi jameen acchi paidavar nahi kar sakte theek usi prakar jis desh mein unche niche tabke ke log hain jaha samanata hai wah bhi acchi vikas nahi kar sakta dhanyavad

अगर भारत में जाति धर्म ना होता तो भारत आज विकास के सर्वोत्तम शिखर पर होता अगर हम विश्व के

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Vikas Singh

Political Analyst

1:56
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आपका सवाल है कि अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता मैं आपको बताना चाहता हूं जहाज जाति धर्म की जो परंपरा है बहुत पहले से मुस्लिमों में भी एससी एसटी जनरल ओबीसी होते हैं लेकिन मुस्लिम धर्म की बात आती है तो सभी लोग अपने को मुस्लिम बोलते हैं वैसे हिंदुओं में भी है राजपूत हैं पंडित हैं ओबीसी हैं एससी एसटी है जनरल है जब हिंदू धर्म की बात आए तो सभी कर बोलना चाहिए कि हम 100 करोड़ हिंदू हैं जिस दिन यह विचारधारा आ जाएगी हिंदुस्तान को दुनिया का सबसे पावरफुल देश बनने में टाइम नहीं लगेगा मोदी जी के नेतृत्व में हमारे देश में बहुत ही अच्छा कार्य हो रहा है लोगों के अंदर हिंदुत्व की भावना जागृत हुई है देखिए अंग्रेजो ने हमारे देश में फूट डालकर राज किया एक अंग्रेज हमारे देश में घूमने आया था जब वह अपने देश गया तो उससे लो पूछे कि अंग्रेजों ने पूछा कि हिंदुस्तान पर क्या राज किया जा सकता है तो उसने बोला था आज नहीं किया जा सकता क्योंकि वहां की शिक्षा व्यवस्था अच्छी है वहां के लोग फिजिकली बहुत अच्छे होते हैं और वहां पर पोस्ट सोने की चिड़िया बोली जाती है उस देश को बहुत यूनिटी है हंड्रेड परसेंट एजुकेटेड लोग हैं तो अंग्रेजो ने हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था को ध्वस्त किया और यह जो फिजिकली हमारे देश के लोग अच्छे होते थे उनके खान-पान को उसने ध्वस्त किया और हमारे देश में वह आकर कंपनी लगाने आए तो वह बोले हमारे देश के लोगों से कि अरे आप आप हमें अपना कच्चा प्रोडक्ट दीजिए हम आपको बना बनाया माल देंगे तो जिससे हमारे देश के लोगों को उन्होंने खरीदा फूट डालो और राज किया तो मेंटली उन्होंने हमारे साथ गलत किया हमारे साथ हमें बदल दिया और आज भी हम लोग हिंदू मुस्लिम आपस में कर रहे हैं लड़ रहे हैं तो आइए हम सभी लोग मिलजुलकर अपना महत्वपूर्ण वोट भारतीय जनता पार्टी को करें ताकि देश तरक्की कर सकें हमारे देश में भेदभाव खत्म हो सके सब लोग मिलजुल कर आगे बढ़ सके धन्यवाद

aapka sawaal hai ki agar bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat kaisa hota main aapko bataana chahta hoon jahaj jati dharm ki jo parampara hai bahut pehle se muslimo mein bhi SC ST general obc hote hai lekin muslim dharm ki baat aati hai toh sabhi log apne ko muslim bolte hai waise hinduon mein bhi hai rajput hai pandit hai obc hai SC ST hai general hai jab hindu dharm ki baat aaye toh sabhi kar bolna chahiye ki hum 100 crore hindu hai jis din yah vichardhara aa jayegi Hindustan ko duniya ka sabse powerful desh banne mein time nahi lagega modi ji ke netritva mein hamare desh mein bahut hi accha karya ho raha hai logo ke andar hindutv ki bhavna jagrit hui hai dekhiye angrejo ne hamare desh mein feet dalkar raj kiya ek angrej hamare desh mein ghoomne aaya tha jab vaah apne desh gaya toh usse lo pooche ki angrejo ne poocha ki Hindustan par kya raj kiya ja sakta hai toh usne bola tha aaj nahi kiya ja sakta kyonki wahan ki shiksha vyavastha achi hai wahan ke log physically bahut acche hote hai aur wahan par post sone ki chidiya boli jaati hai us desh ko bahut unity hai hundred percent educated log hai toh angrejo ne hamare desh ki shiksha vyavastha ko dhwast kiya aur yah jo physically hamare desh ke log acche hote the unke khan pan ko usne dhwast kiya aur hamare desh mein vaah aakar company lagane aaye toh vaah bole hamare desh ke logo se ki are aap aap hamein apna kaccha product dijiye hum aapko bana banaya maal denge toh jisse hamare desh ke logo ko unhone kharida feet dalo aur raj kiya toh mentally unhone hamare saath galat kiya hamare saath hamein badal diya aur aaj bhi hum log hindu muslim aapas mein kar rahe hai lad rahe hai toh aaiye hum sabhi log miljulakar apna mahatvapurna vote bharatiya janta party ko kare taki desh tarakki kar sake hamare desh mein bhedbhav khatam ho sake sab log miljul kar aage badh sake dhanyavad

आपका सवाल है कि अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता मैं आपको बताना चाहता हू

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

7:49
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता था भारत कैसा लिखिए भारत विश्व में बहुत ही पुराना जो है देश है और राज्य के समय से हमारा देश अस्तित्व रखता है और उसके वेद पुराण मुझे माइथोलॉजी के अनुसार उसमें हर एक के युग में सतयुग द्वापर युग यह सब अलग हमारे देश की माइथोलॉजी है और उस समय से हमारी वर्ण व्यवस्था कायम हुई थी उसके बाद लेकिन अगर भूतकाल में बहुत ही गहनता से अभ्यास किया जाए तो जब वर्ण व्यवस्था कायम हुई थी और उसको मैंने तो उस समय के लोगों ने दी थी तो यूट्यूब अन्यथा अलग अलग गुणों में लोगों का भारत के लोगों का विभाजन हो गया विभाजन होने की वजह से किसी को ऊंचा किसी को नीचा माना जाने लगा था इसलिए हम अलग अलग गुणों में बांटते रहोगे अगर वर्ण व्यवस्था भी अगर नहीं बनती तो कहां जाता है इतिहास में कि भारत के ऊपर जब कोई भी बाहर के राजाओं ने हमले किए तब अलग अलग गुणों में भारत के राजा बटे हुए थे और कुछ राजाओ ने तो निमंत्रण दिया था कि भारत के ऊपर आक्रमण करिए इसलिए वहां व्यवस्था के कारण जो भारत देश भटा और बाहरी आक्रमण जो हमारे देश के ऊपर हुए और उस समय भी हमारे देश के जो राजा एकता दिखा कर एक साथ खड़े नहीं हुए इसलिए हमारे देश को जब एक समय सोने की चिड़िया कहा जाता था कि इतना सुना था मर्द और हमारी जनता भी की नदियां हमारे देश में बढ़ती थी और बाहरी आक्रमण होने के बाद एक चिता नहीं दिखा सके इसलिए बाहर के लोगों ने आकर मोर्चा कसुता और अपना जो जो भी यहां पर भारत के नागरिकों का इज्जत अस्मत सोना सब कुछ बाहर ले कर गए कहा जाता है कि वर्ण व्यवस्था के कारण ही संभव हुआ था क्योंकि जो देश की जनता अपने आप को वनों में बांटने मतलब इंसानो में वर्ण के कारण जब लोग बैठ गए तो फिर बाद में बाहर के लोग आक्रमण करके उसको जरूर का फायदा ले सकते थे और उन्होंने लिया क्या अगर वर्ण व्यवस्था नहीं होती तो क्या मुगल क्या अंग्रेज हमारे देश पर शासन कर सकते थे मैं आप सब से एक सवाल पूछना चाहता हूं कि अगर हम वर्णों नहीं बड़े बड़े नहीं होते तो यह सब लोग आकर हमारे ऊपर हमारी धरती पर क्या शासन कर सकते थे कृपया सोचेगा इस बारे में और अपने मन ही मन आप जवाब जरूर दीजिएगा लेकिन ठीक है जो हुआ सो हुआ वह सब इतिहास के पन्नों पर अंकित हो गया लेकिन आज के परिपेक्ष में अगर देखा जाए तो आज भी वही हो रहा है शासक बदल गए हैं नौसैनिक सोचने वाले जो बाहर के थे वह चले गए और आज के समय में उनका चेहरा बदल गया है और आज हमारे अपने ही भाई जो भी हमारे अपने ही हैं भारतवासी हैं और पार्टियां जो है राजनीतिक पार्टियां वह वर्ण व्यवस्था या जाति व्यवस्था का अपने लिए वोट बैंक का इस्तेमाल करके हमको बांटकर और हम सबका इस्तेमाल कर रही हैं हम पहले भी इस्तेमाल हुए थे और आज भी इस्तेमाल हो रहे हैं कारण सिर्फ एक है वर्ण व्यवस्था और जाति है इसलिए अगर हमको प्रगति करनी है हमारे देश के जितने भी 135 करेलू करो लोग अगर एक साथ अमीरी गरीबी और जातिगत व्यवस्था से अगर ऊपर आना चाहते हैं और सामान अपने हक पाना चाहते हैं तो उनको वर्ण व्यवस्था जाति व्यवस्था से ऊपर उठना ही पड़ेगा इसके सिवाय हम एक समान मानव और एक समान जो संगठन बनाकर या जो हमारे पास संसाधन है उसकी व्यवस्था नहीं कर पाएंगे इसलिए गंभीरता से सोचना बहुत जरूरी है मैं यह प्रश्न आपके लिए भी सब लोगों के लिए छोड़ कर जा रहा हूं कि क्या वर्ण व्यवस्था और जाति का किया था अगर नहीं होती तो आज भारत कहां होता है हम विश्व गुरु थे विश्व गुरु हैं लेकिन अपने ही इसी वर्ण व्यवस्था और जाति व्यवस्था के कारण पिछले लोगों के देश में हमारी गिनती होती है विकासशील देश नहीं हम तो विकास किए हुए देश हैं पहले से थे और आज भी वही है लेकिन यह व्यवस्था के कारण हमारा पिछड़ापन का लाभ दूसरे पूरे विश्व के लोग लेते हैं और हमें से बढ़कर एक बार फिर से अपने आप को विश्वगुरु बनाना है जय हिंद जय भारत

agar bharat mein jati dharm nahi hota tha bharat kaisa likhiye bharat vishwa mein bahut hi purana jo hai desh hai aur rajya ke samay se hamara desh astitva rakhta hai aur uske ved puran mujhe mythologies ke anusaar usme har ek ke yug mein satayug dwapar yug yah sab alag hamare desh ki mythologies hai aur us samay se hamari varn vyavastha kayam hui thi uske baad lekin agar bhootkaal mein bahut hi gahanata se abhyas kiya jaaye toh jab varn vyavastha kayam hui thi aur usko maine toh us samay ke logo ne di thi toh youtube anyatha alag alag gunon mein logo ka bharat ke logo ka vibhajan ho gaya vibhajan hone ki wajah se kisi ko uncha kisi ko nicha mana jaane laga tha isliye hum alag alag gunon mein bantate rahoge agar varn vyavastha bhi agar nahi banti toh kahaan jata hai itihas mein ki bharat ke upar jab koi bhi bahar ke rajaon ne hamle kiye tab alag alag gunon mein bharat ke raja bate hue the aur kuch rajaon ne toh nimantran diya tha ki bharat ke upar aakraman kariye isliye wahan vyavastha ke karan jo bharat desh bhata aur bahri aakraman jo hamare desh ke upar hue aur us samay bhi hamare desh ke jo raja ekta dikha kar ek saath khade nahi hue isliye hamare desh ko jab ek samay sone ki chidiya kaha jata tha ki itna suna tha mard aur hamari janta bhi ki nadiya hamare desh mein badhti thi aur bahri aakraman hone ke baad ek chita nahi dikha sake isliye bahar ke logo ne aakar morcha kasuta aur apna jo jo bhi yahan par bharat ke nagriko ka izzat asmat sona sab kuch bahar le kar gaye kaha jata hai ki varn vyavastha ke karan hi sambhav hua tha kyonki jo desh ki janta apne aap ko vano mein baantne matlab insano mein varn ke karan jab log baith gaye toh phir baad mein bahar ke log aakraman karke usko zaroor ka fayda le sakte the aur unhone liya kya agar varn vyavastha nahi hoti toh kya mughal kya angrej hamare desh par shasan kar sakte the main aap sab se ek sawaal poochna chahta hoon ki agar hum varnon nahi bade bade nahi hote toh yah sab log aakar hamare upar hamari dharti par kya shasan kar sakte the kripya sochega is bare mein aur apne man hi man aap jawab zaroor dijiyega lekin theek hai jo hua so hua vaah sab itihas ke pannon par ankit ho gaya lekin aaj ke paripeksh mein agar dekha jaaye toh aaj bhi wahi ho raha hai shasak badal gaye hai nausainik sochne waale jo bahar ke the vaah chale gaye aur aaj ke samay mein unka chehra badal gaya hai aur aaj hamare apne hi bhai jo bhi hamare apne hi hai bharatvasi hai aur partyian jo hai raajnitik partyian vaah varn vyavastha ya jati vyavastha ka apne liye vote bank ka istemal karke hamko bantakar aur hum sabka istemal kar rahi hai hum pehle bhi istemal hue the aur aaj bhi istemal ho rahe hai karan sirf ek hai varn vyavastha aur jati hai isliye agar hamko pragati karni hai hamare desh ke jitne bhi 135 karelu karo log agar ek saath amiri garibi aur jaatigat vyavastha se agar upar aana chahte hai aur saamaan apne haq paana chahte hai toh unko varn vyavastha jati vyavastha se upar uthna hi padega iske shivaay hum ek saman manav aur ek saman jo sangathan banakar ya jo hamare paas sansadhan hai uski vyavastha nahi kar payenge isliye gambhirta se sochna bahut zaroori hai yah prashna aapke liye bhi sab logo ke liye chod kar ja raha hoon ki kya varn vyavastha aur jati ka kiya tha agar nahi hoti toh aaj bharat kahaan hota hai hum vishwa guru the vishwa guru hai lekin apne hi isi varn vyavastha aur jati vyavastha ke karan pichle logo ke desh mein hamari ginti hoti hai vikasshil desh nahi hum toh vikas kiye hue desh hai pehle se the aur aaj bhi wahi hai lekin yah vyavastha ke karan hamara pichdapan ka labh dusre poore vishwa ke log lete hai aur hamein se badhkar ek baar phir se apne aap ko vishvaguru banana hai jai hind jai bharat

अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता था भारत कैसा लिखिए भारत विश्व में बहुत ही पुराना जो है द

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Vedachary Pathak Singrauli

सनातन सुरक्षा परिषद् संस्थापक

1:31
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हर दोस्त नमस्कार देखिए आपने पूछा अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता तो आप स्वयं पर कल्पना कर सकते हैं कि अगर भारत में जाते हो तब नहीं होते तो बात बात में पति-पत्नी में तलाक होते बेटा बाप को नहीं पहचानता बाप बेटा पढ़कर बेटे के पद नहीं होता लोग शाकाहार को बिल्कुल भूल चुके होते गायब है घोड़े गधे आज के मांस को खाते शिष्टाचार सभ्यता को भारतीय संस्कृति का आधार है वह नहीं होता लोगों में सामाजिक मर्यादा और शर्मा नहीं होती आज की लड़की किसी लड़के से विवाह करती है और अगले दिन किसी दूसरे से कर दी तीसरे के पास बच्चे होते तो चौथे के साथ तलाक तलाक होता सामाजिक मर्यादा नहीं होती ज्यादा से ज्यादा माता-पिता वृद्ध आश्रम में होते इस प्रकार से तमाम बुराइयां हमारे विदेश में होती धन्यवाद

har dost namaskar dekhiye aapne poocha agar bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat kaisa hota toh aap swayam par kalpana kar sakte hain ki agar bharat mein jaate ho tab nahi hote toh baat baat mein pati patni mein talak hote beta baap ko nahi pahachanta baap beta padhakar bete ke pad nahi hota log shaakaahaar ko bilkul bhool chuke hote gayab hai ghode gadhe aaj ke maas ko khate shishtachar sabhyata ko bharatiya sanskriti ka aadhaar hai vaah nahi hota logo mein samajik maryada aur sharma nahi hoti aaj ki ladki kisi ladke se vivah karti hai aur agle din kisi dusre se kar di teesre ke paas bacche hote toh chauthe ke saath talak talak hota samajik maryada nahi hoti zyada se zyada mata pita vriddh ashram mein hote is prakar se tamaam buraiyan hamare videsh mein hoti dhanyavad

हर दोस्त नमस्कार देखिए आपने पूछा अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता तो आप

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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कुछ फुलमाती लोग ऐसे सोचती हूं पर ऐसा होता तो भारत महान नहीं बेकार देश होता अगर वहां जाति धर्म न हो तो भारत की गरमा ही ना होती है और आप जैसे लोग या महान लोग में होते

kuch fulmati log aise sochti hoon par aisa hota toh bharat mahaan nahi bekar desh hota agar wahan jati dharm na ho toh bharat ki grma hi na hoti hai aur aap jaise log ya mahaan log mein hote

कुछ फुलमाती लोग ऐसे सोचती हूं पर ऐसा होता तो भारत महान नहीं बेकार देश होता अगर वहां जाति ध

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Mehmood Alum

Law Student

0:31
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देखिए भारत में अगर जाति और धर्म ना होता तो इससे हमारे देश को बहुत सारे फायदे होते सबसे बड़ा लाभ तो यह होता कि भारत की राजनीति और समाज धर्म आधारित ना होकर विकास आधारित होते जिससे हमारे देश में होने वाले सांप्रदायिक दंगों में होने वाले जान और माल का नुकसान ना होता भरत भी विकसित देशों की तरह अपना पूरा फोकस स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार जैसी चीजों पर केंद्रित कर पाता और हमारा देश भी विकसित देश बन चुका होता

dekhie bharat mein agar jati aur dharm na hota toh isse hamare desh ko bahut saare fayde hote sabse bada labh toh yeh hota ki bharat ki rajneeti aur samaj dharm aadharit na hokar vikas aadharit hote jisse hamare desh mein hone wale sampradayik dango mein hone wale jaan aur maal ka nuksan na hota Bharat bhi viksit deshon ki tarah apna pura focus swasthya shiksha aur rojgar jaisi chijon par kendrit kar pata aur hamara desh bhi viksit desh ban chuka hota

देखिए भारत में अगर जाति और धर्म ना होता तो इससे हमारे देश को बहुत सारे फायदे होते सबसे बड़

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Sahanbaj

Student

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अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो सब बालू की तरह घुल मिलकर रहते हैं और सब साथ साथ में रहते क्यों किया असली मजा सबके साथ ही आता है

agar bharat mein jati dharm nahi hota toh sab baalu ki tarah ghul milkar rehte hain aur sab saath saath mein rehte kyon kiya asli maza sabke saath hi aata hai

अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो सब बालू की तरह घुल मिलकर रहते हैं और सब साथ साथ में रह

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sanjay bhargav

जय परशुराम

2:01
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मैं बता भी धर्म नहीं होता तो क्या होता नंबर 1 रामसेतु है जो वह आपने देखा हुआ और जाना भी होगा और उसका प्रमाण दे दो में कहा गया है और भूविज्ञान उपाय पा लिया है उसका एड्रेस है कि भारत के पड़ोसी देश है उन्होंने ही माना है कि भारत में जो भी हथियार या कोई मशाल चलाते हैं तो वह रामसेतु से होगा गुजर का निष्क्रिय हो जाता है ऐसा क्यों क्योंकि वह शक्ति है जो धार्मिक सकती है और एक है मंदिर जगन्नाथ मंदिर उसके ऊपर से कोई पक्षी नहीं निकल सकता विज्ञान को भी बहुत प्रयास किया उड़ने वाले कैमरा ड्रैगन मूवी निकालें उससे कुछ नहीं हुआ प्लेन भी निकाली तो पायलट बाल वाले बचाओ एकदम से बदल चुकी थी अपनी तो उस मंदिर का भी है उसे धर्म का ही है उसी मंदिर में एक झंडा लगा रहता है यह तो जो हवा की दिशा में उड़ता है और दूसरा उसके विपरीत ऐसा क्यों है कि एक विपरीत उड़ता एक हवा की दिशा में एबीवीपी है और चलो पाकिस्तान के बॉर्डर पर वहां देखिए यह माता मैया का मंदिर है वहां पर जो भी बोला जाएगा आज भी वहां वैसे के वैसे पड़े हैं निष्क्रिय उस मंदिर पर सहना भी नहीं लगती उसके आसपास क्योंकि जवानों को इतना विश्वास है कि मंदिर से हत्या हमला हो ही नहीं सकता वह आज भी सेना के जवान पूजा करने जाते हैं जब कारगिल युद्ध हुआ तब दतिया में पीतांबरा पीठ है वहां पर यज्ञ चला और जब रात को हमला किया पाकिस्तान की फौज नहीं तो वहां पर बंदरों ने नगाड़े बजाए थे कि लोग जागृत हो जाए तो यदि भारत में धर्म की भावना नहीं होती तो आप जान सकते हैं कि कितना बनारस होता भारत में देवी शक्ति है कितनी रिपोर्ट में है सामने आया है यदि भारत में धर्म नहीं होता तो भारत आज कब का गुलाम हो चुका होता और क्या कहूं

main bata bhi dharm nahi hota to kya hota number 1 ramsetu hai jo wah aapne dekha hua aur jana bhi hoga aur uska pramaan de do mein kaha gaya hai aur bhuvigyan upay pa liya hai uska address hai ki bharat ke padoshi desh hai unhone hi mana hai ki bharat mein jo bhi hathiyar ya koi mashal chahiye chalte hain to wah ramsetu se hoga gujar ka chahiye nishkriy ho jata hai aisa kyon kyonki wah shakti hai jo dharmik sakti hai aur ek chahiye hai mandir jagannath mandir uske upar se koi pakshi nahi nikal sakta vigyan ko bhi bahut prayas kiya chahiye udane wali camera dragon chahiye movie nikalein usse kuch nahi hua plane bhi nikali to pilot baal wali bachao ekdam se badal chuki thi apni to us chahiye mandir ka chahiye bhi hai use dharm ka chahiye hi hai ussi mandir mein ek chahiye jhanda laga rehta hai yeh to jo hawa ki disha mein udta hai aur doosra uske viparit aisa kyon hai ki ek chahiye viparit udta ek chahiye hawa ki disha mein ABVP hai aur chalo pakistan ke border par wahan dekhie chahiye yeh mata maiya ka chahiye mandir hai wahan par jo bhi bola jayega aaj bhi wahan waise ke waise pade chahiye hain nishkriy us chahiye mandir par sahana bhi nahi lagti uske aaspass kyonki jawano ko itna vishwas hai ki mandir se hatya hamla ho hi nahi sakta chahiye wah aaj bhi sena ke jawaan puja karne jaate hain jab kargil yudh hua tab datiya mein pitambara peeth hai wahan par yagya chala aur jab raat ko hamla kiya chahiye pakistan ki fauj nahi to wahan par bandaron ne nagade bajae the ki log jaagarrit ho jaye to yadi bharat mein dharm ki bhavna nahi hoti to aap jaan sakte hain ki kitna banaras hota bharat mein devi shakti hai kitni report chahiye mein hai samane aaya hai yadi bharat mein dharm nahi hota to bharat aaj kab ka chahiye gulam ho chuka hota aur kya kahun

मैं बता भी धर्म नहीं होता तो क्या होता नंबर 1 रामसेतु है जो वह आपने देखा हुआ और जाना भी हो

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सर आपने बहुत अच्छा क्वेश्चन किया सर अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होगा सबसे पहले मैं इसके लिए आपका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा सर अगर भारत में चलने के हिसाब से अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता सर आज मेरा देश वास्तव में बहुत उन्नति कर चुका होता और जो यह पार्टियां जो छोटी पार्टियां हैं जो गलत पार्टियां हैं वो कभी सत्ता में नहीं आती और सतीश का हर एक नागरिक अपने लिए लड़ता अपने देश के लिए लड़ता जाति धर्म के लिए नहीं लड़ता सर्जरी धर्म के लिए अपना खून नहीं बात आप इसे भी राम मंदिर मुद्दा बना हुआ है उसे इसके लिए कभी नहीं चाहिए लोग और सर अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो सबसे अच्छी बात यह है कि लोगों को जिससे प्यार करते हैं उसे आराम से छीन कर ले तो सर उनके मां बाप को भी कोई दिक्कत नहीं होती तो सरकार चाहती शर्म नहीं हो तो बहुत से फायदे हैं बहुत से फायदे हैं सर इसके और सर सबसे बड़ा फायदा यह है कि हमारा भारत आज प्रगति शील देशो नहीं होता बल्कि प्रगति कर चुका होता थैंक यू सर जय हिंद जय हिंद सर थैंक यू जिंदगी

sar aapne bahut accha question kiya sar agar bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat kaisa hoga sabse pehle main iske liye aapka shukriya ada karna chahunga sar agar bharat mein chalne ke hisab se agar bharat mein jati dharm nahi hota sar aaj mera desh vaastav mein bahut unnati kar chuka hota aur jo yeh partyian jo choti partyian hain jo galat partyian hain vo kabhi satta mein nahi aati aur satish ka har ek nagarik apne liye ladata apne desh ke liye ladata jati dharm ke liye nahi ladata surgery dharm ke liye apna khoon nahi baat aap ise bhi ram mandir mudda bana hua hai use iske liye kabhi nahi chahiye log aur sar agar bharat mein jati dharm nahi hota toh sabse acchi baat yeh hai ki logo ko jisse pyar karte hain use aaram se chin kar le toh sar unke maa baap ko bhi koi dikkat nahi hoti toh sarkar chahti sharm nahi ho toh bahut se fayde bahut se fayde sar iske aur sar sabse bada fayda yeh hai ki hamara bharat aaj pragati sheela desho nahi hota balki pragati kar chuka hota thank you sar jai hind jai hind sar thank you zindagi

सर आपने बहुत अच्छा क्वेश्चन किया सर अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होगा सबस

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Pankaj Soni

Nursing Assitant Ordly In Gtb Hospital

0:15
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अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो हमारा देश काफी अच्छा था क्योंकि हमारे भारत में 28 राज्यों के अलग अलग तरह के लोग समाज में रहते हैं जहां पर विभिन्न तरह की बोलियां ऑल विचार व्यक्त किए जाते हैं

agar bharat mein jati dharm nahi hota toh hamara desh kaafi accha tha kyonki hamare bharat mein 28 rajyo ke alag alag tarah ke log samaj mein rehte hain jaha par vibhinn tarah ki boliyan all vichar vyakt kiye jaate hain

अगर भारत में जाति धर्म नहीं होता तो हमारा देश काफी अच्छा था क्योंकि हमारे भारत में 28 राज्

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Aditya Kapoor

I Am Studying B A First Year

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हमारा देश भारत इंडिया बहुत है यह बात सत्य है और जाति धर्म नहीं होता इंडियास बहुत आगे होता इंडिया के साथ होने के साथ-साथ यहां कि राजनेता है जो अपने ही विकास में लगे हुए हैं अपने ही धर्म और अपनी पीढ़ी और अपने बच्चों के विकास में लगे हुए हैं देश के देख लीजिए अमेरिका जापान इंग्लैंड और जो भी बड़े-बड़े देश है वहां की जो लोग होते हैं जो राजनेता वहां के मंत्री मुख्यमंत्री अमृत जो भी प्रधानमंत्री मतलब जो एक देश को चलाने के लिए मिन्नत अधिकारी होते हैं वह सब के सब अपने देश को विकास में लगे हुए हैं वह 50 दिन उसका मतलब नहीं है लेकिन वह सब क्या है अपने देश को विकास में हमारा देश कैसा होना चाहिए क्या है आप देख रहे हैं बस यहां खून खराबा तो वहां बस हुक्का गया तो वहां के कॉलेज को और इंस्टिट्यूट को सामने पुतला फूंका गया 30 अधिकारी कबूतर करेंगे तो कोई तो होना ही है जातिवाद खत्म करिए देश के विकास में काम करिए अगर हमारा देश में से जातिवाद खत्म हो जाएगा तो हमारे देश में अमेरिका की तरह हो जाएगा एक आदमी हमसे बोला था कि अमेरिका से इंडिया 4 साल पीछे पीछे इसी के चलते हैं

hamara desh bharat india bahut hai yah baat satya hai aur jati dharm nahi hota indiayas bahut aage hota india ke saath hone ke saath saath yahan ki raajneta hai jo apne hi vikas mein lage hue hain apne hi dharm aur apni peedhi aur apne baccho ke vikas mein lage hue hain desh ke dekh lijiye america japan england aur jo bhi bade bade desh hai wahan ki jo log hote hain jo raajneta wahan ke mantri mukhyamantri amrit jo bhi pradhanmantri matlab jo ek desh ko chalane ke liye minnat adhikari hote hain vaah sab ke sab apne desh ko vikas mein lage hue hain vaah 50 din uska matlab nahi hai lekin vaah sab kya hai apne desh ko vikas mein hamara desh kaisa hona chahiye kya hai aap dekh rahe hain bus yahan khoon kharaaba toh wahan bus hukka gaya toh wahan ke college ko aur institute ko saamne putalaa funka gaya 30 adhikari kabootar karenge toh koi toh hona hi hai jaatiwad khatam kariye desh ke vikas mein kaam kariye agar hamara desh mein se jaatiwad khatam ho jaega toh hamare desh mein america ki tarah ho jaega ek aadmi humse bola tha ki america se india 4 saal peeche peeche isi ke chalte hain

हमारा देश भारत इंडिया बहुत है यह बात सत्य है और जाति धर्म नहीं होता इंडियास बहुत आगे होता

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देखिए इस बात की कल्पना करना बड़ी मुश्किल बात है कि भारत में जाति और धर्म अगर नहीं होता तो भारत कैसा होता क्योंकि जो भारत की तस्वीर मेरे सामने भर्ती है वह एक धार्मिक देश की तौर पर भर्ती है और खासकर आप जब उसमें विभिन्न धर्म है और विभिन्न जातियां है तो वह उस प्रकार की देश के रूप में उभर तीव्र फिर भी मैं अगर इस बात की कल्पना करो कि भारत में जाति और धर्म नहीं होता तो मैं गंगा धर्म तो भारत में होता क्योंकि धर्म तो एक ऐसी एक ऐसी व्यवस्था है जो पूरे विश्व में फैली हुई ताकत धर्म होता और अगर जाती या नहीं होती भारत में कब मरी माता के लोग हैं एकता के साथ रहते हैं क्योंकि अगर हम बात करें तो हर धर्म में तो जाति / है उसने लोगों को एक होने शुरू कर रखा है और फिर अगर हम भारत में धर्म नहीं होता तो हम इस देश में जो एकता जो हम बोलते कि पूर्व धर्म को पूरी जातियों के एक साथ तीनो का विदेश में रखा गया है इस देश ने एक साथ बनाकर रखा है उस चीज की कल्पना करना बहुत मुश्किल होती वह कल्पना नहीं हो पाती चीज की और पहली बात तो हमारे देशों को खड़ा नहीं हो पाता और हमारी संस्कृति जो है सबसे बड़ी बात है कि हमारी संस्कृति यहां पर नहीं बन पाती इस प्रकार की विभिन्न संस्कृति हमारे देश में वह नहीं हो पाती और एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि फिर जो है हमारे देश एक प्रकार से अगर मैं कहूं तो किसी एक व्यक्ति ऐसी किसी एक सोच के द्वारा जो है स्थापित किया जाता जो कि बहुत सारे देशों में जो है वह चुका है कि 101 लोगों के ऊपर थोपने की कोशिश की गई वही चीज भारत में भी हो पाती तो धर्म और जाति ने कही न कही हमारे देश को अगर एक साथ प्रयोग कर रखा हुआ है तो मेरे ख्याल से यह होना हमारे देश के लिए सबसे अच्छी बात थी और अगर नहीं होते तो मेरी गलती से मैंने आपको चाहिए कि नहीं है इससे पूरे उत्तर में वह हमारे देश में चूत हो रही होती

dekhie is baat ki kalpana karna baadi mushkil baat hai ki bharat mein jati aur dharm agar nahi hota toh bharat kaisa hota kyonki jo bharat ki tasveer mere saamne bharti hai wah ek dharmik desh ki taur par bharti hai aur khaskar aap jab usme vibhinn dharm hai aur vibhinn jatiya hai toh wah us prakar ki desh ke roop mein ubhar tivra phir bhi main agar is baat ki kalpana karo ki bharat mein jati aur dharm nahi hota toh main ganga dharm toh bharat mein hota kyonki dharm toh ek aisi ek aisi vyavastha hai jo poore vishwa mein faili hui takat dharm hota aur agar jati ya nahi hoti bharat mein kab mari mata ke log hai ekta ke saath rehte hai kyonki agar hum baat karein toh har dharm mein toh jati / hai usne logo ko ek hone shuru kar rakha hai aur phir agar hum bharat mein dharm nahi hota toh hum is desh mein jo ekta jo hum bolte ki purv dharm ko puri jaatiyo ke ek saath teeno ka videsh mein rakha gaya hai is desh ne ek saath banakar rakha hai us cheez ki kalpana karna bahut mushkil hoti wah kalpana nahi ho pati cheez ki aur pehli baat toh hamare deshon ko khada nahi ho pata aur hamari sanskriti jo hai sabse baadi baat hai ki hamari sanskriti yahan par nahi ban pati is prakar ki vibhinn sanskriti hamare desh mein wah nahi ho pati aur ek aur mahatvapurna baat yeh hai ki phir jo hai hamare desh ek prakar se agar main kahun toh kisi ek vyakti aisi kisi ek soch ke dwara jo hai sthapit kiya jata jo ki bahut saare deshon mein jo hai wah chuka hai ki 101 logo ke upar thopane ki koshish ki gayi wahi cheez bharat mein bhi ho pati toh dharm aur jati ne kahi na kahi hamare desh ko agar ek saath prayog kar rakha hua hai toh mere khayal se yeh hona hamare desh ke liye sabse acchi baat thi aur agar nahi hote toh meri galti se maine aapko chahiye ki nahi hai isse poore uttar mein wah hamare desh mein chut ho rahi hoti

देखिए इस बात की कल्पना करना बड़ी मुश्किल बात है कि भारत में जाति और धर्म अगर नहीं होता तो

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय दोस्तों भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता है देखिए अगर भारत में जाति धर्म ना होता यह लोग आपस में ना ऑफिस में ना लड़ते झगड़ते जाति धर्म भेदभाव के ऊपर तो भारत अमरीका से पेपर होता वह अमेरिका के बाद शक्ति बना हुआ है ऐसे ही भारत देश महान शक्ति बना हुआ देश होता होता क्या वह तो दी है बाल लेकिन बाद में से प्रयास हो रहे हैं सोच बहुत सोच इंडिया लेकर फिर भी अपने कंट्रोल रखना चाहिए

hi doston bharat mein jati dharm nahi hota toh bharat kaisa hota hai dekhiye agar bharat mein jati dharm na hota yah log aapas mein na office mein na ladte jhagadate jati dharm bhedbhav ke upar toh bharat america se paper hota vaah america ke baad shakti bana hua hai aise hi bharat desh mahaan shakti bana hua desh hota hota kya vaah toh di hai baal lekin baad mein se prayas ho rahe hai soch bahut soch india lekar phir bhi apne control rakhna chahiye

हाय दोस्तों भारत में जाति धर्म नहीं होता तो भारत कैसा होता है देखिए अगर भारत में जाति धर्म

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