क्या भारत में शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन की आवश्यकता है?...


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Purushottam Choudhary

ब्राह्मण Next IAS institute गार्ड

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Shubham

Software Engineer in IBM

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विज्ञान बिल्कुल भारत की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है वह इसलिए क्योंकि आज के समय में जो शिक्षा दी जाती है भारत में वह प्रैक्टिकल एजुकेशन नहीं दी जाती मतलब बच्चों को सिर्फ बताया जाता है कि वह अच्छे नंबर कैसे ले कर आ पाए एग्जाम में और पास हो जाए तो सब एक दूसरे की होड़ में लगे हुए बस नंबर लाने की होड़ में उनको फर्क नहीं पड़ता कि वह क्या पढ़ रहे हैं उनके पास बेटी का नॉलेज है ही नहीं अगली मैं यह बोलूंगा कि आपने देखा होगा कि एग्जांपल के तौर पर मैं बताता हूं कि एजुकेशन सिस्टम कैसी है कॉलेज की ज्यादातर कॉलेज कि मैं बात बता रहा हूं आपको बीटेक के झंडे पर इंजीनियर सोते हैं वह पासवर्ड होते हैं और वह या तो बेरोजगार हो जाते हैं ब्रदर फील्ड में काम करते हैं उनके दिल में जो होती है फिर भी उनको जॉब नहीं मिलती क्योंकि उनके पास नहीं प्रैक्टिकल नॉलेज होती है नहीं इंडस्ट्री नॉलेज होती है तो बिल्कुल बेटी का नोटिस दी जानी चाहिए ताकि लोग और जस्ट फ्रेंड से तो अच्छे से समझे शिक्षा क्या होती है और हमें कैसे यूज़ करना चाहिए प्रेक्टिकल लाइफ में और जब प्रैक्टिकल नॉलेज दी जाएगी तभी भारत में इनोवेशन ज्यादा बढ़ेगा इनोवेशन कम है कहीं ना कहीं हम सब जानते हैं कि कहीं ना कहीं पेरेंट्स को भी अपना योगदान देना चाहिए ऐसे आजकल क्या होता है आजकल के बच्चे जो पेरेंट्स अपने बच्चों को चाहते हैं बस नंबर लगाना सिखाए बच्चे नंबर अच्छे लेकर आएं और पास हो तो जाए बच्चे को इंटरेस्ट कुछ और होता है और वह कराते कुछ और है बच्चा कुछ और करना चाहता है वह फोर सेल के इंजीनियर डॉक्टर कॉमर्स यही सब करना चाहते हैं तो कहीं ना कहीं कहीं ना कहीं जो सिस्टम है वह घर पर है और पेरेंट्स को भी समझना चाहिए और बच्चे को जो मर्जी है वह करना चाहिए ताकि बच्चा उस फिल्म अपना फ्यूचर बना सके अच्छा प्रगति कर सके उस दिन में जो उसने पसंद किया है तो यही कुछ चीजें हैं जिस में सुधार लाना बहुत जरूरी आज के समय में और कहीं ना कहीं दूसरी किसे SSC स्कैन और भोसड़ी उसके मूल है वह भी गलत है बच्चों की पिक्चर के साथ खिलवाड़ हो रही है तू ही सब चीज में सुधार जल से चलाना चाहिए

vigyan bilkul bharat ki shiksha vyavastha mein parivartan ki avashyakta hai vaah isliye kyonki aaj ke samay mein jo shiksha di jaati hai bharat mein vaah practical education nahi di jaati matlab baccho ko sirf bataya jata hai ki vaah acche number kaise le kar aa paye exam mein aur paas ho jaaye toh sab ek dusre ki hod mein lage hue bus number lane ki hod mein unko fark nahi padta ki vaah kya padh rahe hain unke paas beti ka knowledge hai hi nahi agli main yah boloonga ki aapne dekha hoga ki example ke taur par main batata hoon ki education system kaisi hai college ki jyadatar college ki main baat bata raha hoon aapko btech ke jhande par engineer sote hain vaah password hote hain aur vaah ya toh berozgaar ho jaate hain brother field mein kaam karte hain unke dil mein jo hoti hai phir bhi unko job nahi milti kyonki unke paas nahi practical knowledge hoti hai nahi industry knowledge hoti hai toh bilkul beti ka notice di jani chahiye taki log aur just friend se toh acche se samjhe shiksha kya hoti hai aur hamein kaise use karna chahiye practical life mein aur jab practical knowledge di jayegi tabhi bharat mein innovation zyada badhega innovation kam hai kahin na kahin hum sab jante hain ki kahin na kahin parents ko bhi apna yogdan dena chahiye aise aajkal kya hota hai aajkal ke bacche jo parents apne baccho ko chahte hain bus number lagana sikhaye bacche number acche lekar aaen aur paas ho toh jaaye bacche ko interest kuch aur hota hai aur vaah karate kuch aur hai baccha kuch aur karna chahta hai vaah four cell ke engineer doctor commerce yahi sab karna chahte hain toh kahin na kahin kahin na kahin jo system hai vaah ghar par hai aur parents ko bhi samajhna chahiye aur bacche ko jo marji hai vaah karna chahiye taki baccha us film apna future bana sake accha pragati kar sake us din mein jo usne pasand kiya hai toh yahi kuch cheezen hain jis mein sudhaar lana bahut zaroori aaj ke samay mein aur kahin na kahin dusri kise SSC scan aur bhosdi uske mul hai vaah bhi galat hai baccho ki picture ke saath khilwad ho rahi hai tu hi sab cheez mein sudhaar jal se chalana chahiye

विज्ञान बिल्कुल भारत की शिक्षा व्यवस्था में परिवर्तन की आवश्यकता है वह इसलिए क्योंकि आज के

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर भारत के शिक्षा प्रणाली की बात की जाए तो देखिए उसमें मुझे लगता है कि थोड़ा-बहुत परिवर्तन की आवश्यकता जरूर है कि कि जो सिलेबस होता है बच्चों का जो पढ़ाने के लिए उनको दिया जाता है हर क्लास में वह काफी ज्यादा होता है और उसके हिसाब से बच्चों की उम्र जो है वह अपनी नहीं होती है क्योंकि आप खुद ही दिखे तो छोटी क्लास के बच्चों को भी इतना ज्यादा से बल दिया जाता इतनी ज्यादा चीज है बढ़ाने को कहा कही जाती हैं कि कई बार रोबोट चीजें उनके ऊपर वर्णन बन जाती हैं और वह स्वयं के नीचे दब जाते हैं तो मुझे लगता है कि यह भारत की शिक्षा प्रणाली है उसमें जो सिलेबस है उसको कम कर के और प्रैक्टिकल चीजों से खाने पर ज्यादा जोर देना चाहिए उसके साथ-साथ टीचर्स को भी हमेशा को पढ़ाने के तरीके हैं उनमें परिवर्तन लेकर आने चाहिए और कोशिश करनी चाहिए कि जो चीज में बच्चों को पढ़ा रहे हैं उसका वह प्रैक्टिकल नींद भी समझा सके कि उसकी क्या जरूरत पड़ सकती है उनको लाइफ में और कैसे उन को अच्छी तरह से वह यूज़ कर सकते हैं उन चीजों को जिस स्कूल में सिखाई जाती है मैं लाइफ में 2 शिक्षा प्रणाली में सिर्फ यही परिवर्तन की आवश्यकता है कि और जो चीज आप पढ़ा रहे हैं वह बच्चों को समझ आनी चाहिए तब जाकर शिक्षा का और सही मायनों में वह सीख पाएंगे लड़ाई सिर्फ नाम के लिए पढ़ाना कोई भी यह चीज अच्छी नहीं होती

agar bharat ke shiksha pranali ki baat ki jaaye toh dekhiye usme mujhe lagta hai ki thoda bahut parivartan ki avashyakta zaroor hai ki ki jo syllabus hota hai baccho ka jo padhane ke liye unko diya jata hai har class mein vaah kaafi zyada hota hai aur uske hisab se baccho ki umr jo hai vaah apni nahi hoti hai kyonki aap khud hi dikhe toh choti class ke baccho ko bhi itna zyada se bal diya jata itni zyada cheez hai badhane ko kaha kahi jaati hain ki kai baar robot cheezen unke upar varnan ban jaati hain aur vaah swayam ke niche dab jaate hain toh mujhe lagta hai ki yah bharat ki shiksha pranali hai usme jo syllabus hai usko kam kar ke aur practical chijon se khane par zyada jor dena chahiye uske saath saath teachers ko bhi hamesha ko padhane ke tarike hain unmen parivartan lekar aane chahiye aur koshish karni chahiye ki jo cheez mein baccho ko padha rahe hain uska vaah practical neend bhi samjha sake ki uski kya zarurat pad sakti hai unko life mein aur kaise un ko achi tarah se vaah use kar sakte hain un chijon ko jis school mein sikhai jaati hai life mein 2 shiksha pranali mein sirf yahi parivartan ki avashyakta hai ki aur jo cheez aap padha rahe hain vaah baccho ko samajh aani chahiye tab jaakar shiksha ka aur sahi maayano mein vaah seekh payenge ladai sirf naam ke liye padhana koi bhi yah cheez achi nahi hoti

अगर भारत के शिक्षा प्रणाली की बात की जाए तो देखिए उसमें मुझे लगता है कि थोड़ा-बहुत परिवर्त

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां बिलकुल भारत में शिक्षा प्रणाली का परिवर्तन समय पर पहुंचना अनिवार्य है किसी जैसे हमने भी देखा दसवीं और बारहवीं कक्षा के बोर्ड के एग्जाम सोए थे उसमें पेपर काफी बड़े पैमाने पर लिखे थे तो उसमें काफी लोगों के साथ अन्याय हुआ है और वापस पेपर भी नहीं दोहराया गया है वापस रिटर्न नहीं लिया गया है तो यह सब कारण वश मुझे ऐसा लगता है कि कहीं ना कहीं जो हमारे यहां की शिक्षा प्रणाली है उसे बहुत बड़े बदलाव की जरूरत है जैसे हम देखते हैं कि चैटिंग हो रही होती है यार दूसरों पेपर देने चले जाते हैं इस को रोकना बहुत आवश्यक है हमें कोई बड़ा कदम उठाना पड़ेगा तो क्या करना पड़ा कदम नहीं उठाएंगे तो फिर सीबीएसई बोलिए जो भी शिक्षा प्रणाली ही भारत लेकर आता है उसका कोई भी इज्जत नहीं रहेगी उसकी कोई वैल्यू नहीं रहेगी कल को गर्म करने वाला बच्चा चाय चाय का पहाड़ है तो वहां पर तो यही बात तो चैटिंग करके कोई भी नहीं आता है कि मेहनत करके ना गीतो आएंगे उसके साथ अन्याय होगा उसके साथ बुरा होगा तो उसके लिए मुझे लगता है कि भारत की लोक शिक्षा प्रणाली है उसमें काफी बदलाव लाने की जरूरत है क्योंकि सभी बच्चों के साथ न्याय हो पाएगा

ji haan bilkul bharat mein shiksha pranali ka parivartan samay par pahunchana anivarya hai kisi jaise humne bhi dekha dasavi aur baarvi kaksha ke board ke exam soye the usme paper kaafi bade paimane par likhe the toh usme kaafi logo ke saath anyay hua hai aur wapas paper bhi nahi dohraya gaya hai wapas return nahi liya gaya hai toh yah sab karan vash mujhe aisa lagta hai ki kahin na kahin jo hamare yahan ki shiksha pranali hai use bahut bade badlav ki zarurat hai jaise hum dekhte hain ki chatting ho rahi hoti hai yaar dusro paper dene chale jaate hain is ko rokna bahut aavashyak hai hamein koi bada kadam uthana padega toh kya karna pada kadam nahi uthayenge toh phir cbse bolie jo bhi shiksha pranali hi bharat lekar aata hai uska koi bhi izzat nahi rahegi uski koi value nahi rahegi kal ko garam karne vala baccha chai chai ka pahad hai toh wahan par toh yahi baat toh chatting karke koi bhi nahi aata hai ki mehnat karke na gito aayenge uske saath anyay hoga uske saath bura hoga toh uske liye mujhe lagta hai ki bharat ki lok shiksha pranali hai usme kaafi badlav lane ki zarurat hai kyonki sabhi baccho ke saath nyay ho payega

जी हां बिलकुल भारत में शिक्षा प्रणाली का परिवर्तन समय पर पहुंचना अनिवार्य है किसी जैसे हमन

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Manish Singh

VOLUNTEER

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल जो है भारत में शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन होना ही चाहिए क्योंकि कोई सुबह अगर इंसान 7:00 बजे बाइक लेकर जाता है क्लास में बैठ कर फिर वही बेग लटका के लिए आता तो हमें भी पता किस ने कितनी पढ़ाई होती है और कितना एक बच्चे को समझ में आता है पीयूष शब्द सारे चीज गाम में दिख जाता अगर यही सिम की जगह प्रैक्टिकल के माध्यम से होने लगे प्रैक्टिकल यही साबित सिंचित होने लगे तो फिर आज नॉलेज है बच्चों का वह भी बढ़ेगा या वर्णित लेवल बढ़ेगा और जो बच्चे वह काबिल बन पाएंगे तू जो प्रैक्टिकल सिस्टम को इंप्लीमेंट करना चाहिए हमारे स्कूलों के अंदर स्मार्ट लर्निंग होनी चाहिए ना की किताब खोल कर बस पलटी मार रट्टा मार दे रहे

ji bilkul jo hai bharat mein shiksha pranali mein parivartan hona hi chahiye kyonki koi subah agar insaan 7 00 baje bike lekar jata hai class mein baith kar phir wahi beg Latka ke liye aata toh hamein bhi pata kis ne kitni padhai hoti hai aur kitna ek bacche ko samajh mein aata hai piyush shabd saare cheez gaam mein dikh jata agar yahi sim ki jagah practical ke madhyam se hone lage practical yahi saabit sinchit hone lage toh phir aaj knowledge hai baccho ka vaah bhi badhega ya varnit level badhega aur jo bacche vaah kaabil ban payenge tu jo practical system ko implement karna chahiye hamare schoolon ke andar smart learning honi chahiye na ki kitab khol kar bus palati maar ratta maar de rahe

जी बिल्कुल जो है भारत में शिक्षा प्रणाली में परिवर्तन होना ही चाहिए क्योंकि कोई सुबह अगर इ

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