पछतावा क्या है?...


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Harsh Goyal

Chemical Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पछतावा क्या है हमसे किसी की मानसिक शारीरिक या आर्थिक हानि हो जाती हैं तो हमें अपने मन में ग्लानि उत्पन्न होती हैं हमें लगता है कि मुझसे ऐसा क्यों हो गया इसी को पछतावा कहते हैं

pachtava kya hai humse kisi ki mansik sharirik ya aarthik hani ho jaati hain toh hamein apne man me glani utpann hoti hain hamein lagta hai ki mujhse aisa kyon ho gaya isi ko pachtava kehte hain

पछतावा क्या है हमसे किसी की मानसिक शारीरिक या आर्थिक हानि हो जाती हैं तो हमें अपने मन में

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नमस्कार आपका प्रश्न है पछतावा क्या है तो पछतावा यदि अनजाने में ही आजा मुझको यदि हमसे कोई गलती होती है तो उस गलती का एहसास ही आपके लिए पछतावा है यदि आपको उस गलती का एहसास है तो वह भी पछतावा ही माना जाता है क्योंकि गलती करके बहुत से लोग अपनी गलती के बारे में सोच विचार नहीं करते हैं तो मरी वह गलती हमेशा गलती बनी रहती है और उसको कभी भी माफी का कोई भी आशंका या सहन नहीं होता है क्योंकि आपके मन में पछतावा है ही नहीं तो आप माफी के लिए कभी भी प्रयास नहीं करते हैं यही आपका पछतावा होता है धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar aapka prashna hai pachtava kya hai toh pachtava yadi anjaane mein hi aajad mujhko yadi humse koi galti hoti hai toh us galti ka ehsaas hi aapke liye pachtava hai yadi aapko us galti ka ehsaas hai toh vaah bhi pachtava hi mana jata hai kyonki galti karke bahut se log apni galti ke bare mein soch vichar nahi karte hain toh mari vaah galti hamesha galti bani rehti hai aur usko kabhi bhi maafi ka koi bhi ashanka ya sahan nahi hota hai kyonki aapke man mein pachtava hai hi nahi toh aap maafi ke liye kabhi bhi prayas nahi karte hain yahi aapka pachtava hota hai dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार आपका प्रश्न है पछतावा क्या है तो पछतावा यदि अनजाने में ही आजा मुझको यदि हमसे कोई ग

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

6:49
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पछतावा क्या है लेकिन मन वाणी और कर्म से ऐसा कोई कृत्य जो आपके द्वारा किया गया जो आपको नहीं करना चाहिए था और जिससे कि मन को दुख हुआ उसको पछतावा कहते आपके मन में आपकी बारी नहीं क्या आपके कर्म नहीं कोई ऐसा काम किया इससे आपके मन को दुख हुआ उसे कष्ट पहुंचा और वह दुखी हुआ उसके बाद में वह कार तो आप ने कर लिया लेकिन उसके बाद में आपको उसका काम को करने के करने के बाद में आपको आपके मन में ऐसा विचार आया कि ऐसा काम हमको नहीं करना चाहिए था चाहे मन के द्वारा हो चाहे बाड़ी के द्वारा हो और चाय अपने आपके कर्मों के द्वारा हो जिससे कि सामने वाले का अहित हुआ है नुकसान हुआ है या उसको कष्ट पहुंचा है और वह मिल द्वारा किए हुए कार से वह दुखी है उसकी उसको नुकसान हुआ है तो आपको मन में पछतावा होता है कि यदि मैंने ऐसा कोई गलत नहीं किया होता जिससे किसकी मन में मन से अपने अपने मन से गाड़ी से कर्मों से मैंने ऐसा कोई काम नहीं किया होता तो यह व्यक्ति क्यों दुखी होता मेरे कारण से इस को दुख पहुंचा है कष्ट हुआ है इसको नुकसान हुआ है अब ऐसी अवस्था में व्यक्ति जो है उसको पश्चाताप होता है और जिसने यह कार्य किया है उसके मन को भी मन दुखी होता है तो वह ऐसा व्यक्ति जो है पश्चाताप किया करता है और और इसके बदले में प्रसिद्ध भी करना का प्रयास किया करता है जो प्रायश्चित की अवस्था है वह पछतावे के बाद में हुआ करती है और जो नुकसान हुआ है उस डैमेज काम को करने के लिए व्यक्ति प्रेषित किया करता है हटा व्यक्ति को चाहिए पूर्व से कोई भी जल्दबाजी में निर्णय लें और मन से अपनी वाणी से और अपने कर्मों से जब भी कोई मन से बाड़ी यदि किसी व्यक्ति को बोली जाए तो इस प्रकार से बोली जाए कि उसको अपनी वाणी से ठेस ना पहुंचे और नुकसान ना हो और यदि बिना सोचे समझे अपन ने अपनी बारी बोल देते हैं उसे सामने वाले को कष्ट पहुंचता है अब क्योंकि मौत से कोई बात निकल जाया करती है और उसको जो कष्ट होता है सामने वाले को अब अपने पास में सिवाय पछताने के अलावा और क्या हुआ करता है इसी प्रकार से आपने कोई ऐसा कार्य किया जिससे कि सामने वाले व्यक्ति को आपके कार से दो पहुंचा और उसे कष्ट हुआ और जिसको किया आपने समझ लिया कि मेरे कार सिस्को दुख हुआ है इसको कष्ट हुआ है इसको नुकसान हुआ है इसकी हानि हुई है तो आप का जो मन है वह पछताया करता है ट्रेनिंग कहां सही है व्यक्ति को जीवन में मनुष्य अपने बच्चों से और अपने कर्मों से ऐसा कोई कार नहीं करना चाहिए जिससे कि सामने वाले व्यक्ति को उसके मन को अपनी वाणी के द्वारा कोई ठेस पहुंचे और अपने कर्मों से कोई नुकसान नुकसान पहुंचे तो ऐसे कार्यों से व्यक्ति को बचना चाहिए और ऐसी अवस्था में यदि हुआ है ऐसा काम नहीं करेगा तो उसको पछताना भी नहीं पड़ेगा ऐसा मेरा मानना है धन्यवाद

pachtava kya hai lekin man vani aur karm se aisa koi kritya jo aapke dwara kiya gaya jo aapko nahi karna chahiye tha aur jisse ki man ko dukh hua usko pachtava kehte aapke man mein aapki baari nahi kya aapke karm nahi koi aisa kaam kiya isse aapke man ko dukh hua use kasht pohcha aur vaah dukhi hua uske baad mein vaah car toh aap ne kar liya lekin uske baad mein aapko uska ko karne ke karne ke baad mein aapko aapke man mein aisa vichar aaya ki aisa kaam hamko nahi karna chahiye tha chahen man ke dwara ho chahen baadi ke dwara ho aur chai apne aapke karmon ke dwara ho jisse ki saamne waale ka ahit hua hai nuksan hua hai ya usko kasht pohcha hai aur vaah mil dwara kiye hue car se vaah dukhi hai uski usko nuksan hua hai toh aapko man mein pachtava hota hai ki yadi maine aisa koi galat nahi kiya hota jisse kiski man mein man se apne apne man se gaadi se karmon se maine aisa koi kaam nahi kiya hota toh yah vyakti kyon dukhi hota mere karan se is ko dukh pohcha hai kasht hua hai isko nuksan hua hai ab aisi avastha mein vyakti jo hai usko pashchaataap hota hai aur jisne yah karya kiya hai uske man ko bhi man dukhi hota hai toh vaah aisa vyakti jo hai pashchaataap kiya karta hai aur aur iske badle mein prasiddh bhi karna ka prayas kiya karta hai jo prayashchit ki avastha hai vaah pachtaave ke baad mein hua karti hai aur jo nuksan hua hai us damage kaam ko karne ke liye vyakti preshit kiya karta hai hata vyakti ko chahiye purv se koi bhi jaldabaji mein nirnay le aur man se apni vani se aur apne karmon se jab bhi koi man se baadi yadi kisi vyakti ko boli jaaye toh is prakar se boli jaaye ki usko apni vani se thes na pahuche aur nuksan na ho aur yadi bina soche samjhe apan ne apni baari bol dete hai use saamne waale ko kasht pahuchta hai ab kyonki maut se koi baat nikal jaya karti hai aur usko jo kasht hota hai saamne waale ko ab apne paas mein shivaay pachtane ke alava aur kya hua karta hai isi prakar se aapne koi aisa karya kiya jisse ki saamne waale vyakti ko aapke car se do pohcha aur use kasht hua aur jisko kiya aapne samajh liya ki mere car Cisco dukh hua hai isko kasht hua hai isko nuksan hua hai iski hani hui hai toh aap ka jo man hai vaah pachtaya karta hai training kaha sahi hai vyakti ko jeevan mein manushya apne baccho se aur apne karmon se aisa koi car nahi karna chahiye jisse ki saamne waale vyakti ko uske man ko apni vani ke dwara koi thes pahuche aur apne karmon se koi nuksan nuksan pahuche toh aise karyo se vyakti ko bachna chahiye aur aisi avastha mein yadi hua hai aisa kaam nahi karega toh usko pachhataana bhi nahi padega aisa mera manana hai dhanyavad

पछतावा क्या है लेकिन मन वाणी और कर्म से ऐसा कोई कृत्य जो आपके द्वारा किया गया जो आपको नहीं

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

0:23

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान जब अपनी गलती पर दुख प्रकट करने लगता है इंसान जब अपनी गलती को स्वीकार करने लगता है चाहे भूलवश हो या जानबूझकर हो तब उसे पछतावा कहा जाता है पछतावा पश्चाताप होने से लोगों ने कुछ संतोष आता है कि मैंने गलती की यह मन की विचारधारा है

insaan jab apni galti par dukh prakat karne lagta hai insaan jab apni galti ko sweekar karne lagta hai chahen bhulavash ho ya janbujhkar ho tab use pachtava kaha jata hai pachtava pashchaataap hone se logo ne kuch santosh aata hai ki maine galti ki yah man ki vichardhara hai

इंसान जब अपनी गलती पर दुख प्रकट करने लगता है इंसान जब अपनी गलती को स्वीकार करने लगता है चा

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