पता नहीं मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि मेरी सामाज में जो पहले छवि थी वह अब कम सी हो गयी है। इसका क्या कारण हो सकता है?...


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Dollie Kashwani

Relationship counselor | Wellness Designer |Energy alchemist |

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो मैं हूं लाइफ कॉल जॉनी आपको टेंशन हो रही है कि आपकी यह जो है रेपुटेशन जो है सोसाइटी में कम हो गई है लेकिन कोई भी चीज लाइक कर परमानेंट नहीं होती टेस्टिंग सोच का सवाल है तो आप अपनी इमेज के साथ इतना दादा जुड़ गए थे कि आपने आपको देख नहीं पाई जाती है अपने आप को देखे अपनी खुशी के बारे में सोचें आप अपने फ्रेंड से अपनी खुशी को जोड़ रहे थे जो कि खुशी नहीं है जो कि आप आउटर तोड़ दूं मैं अपनी खुशी अपनी खुशी का इंटरनल तो उस दूनी और इंटरनल सोच को एक्टिवेट कर लिया और बाहरी प्रभाव से आपको फर्क नहीं पड़ेगा कि लोग आपके बारे में क्या सोच रहे हैं लोगों के बारे में अच्छा सोच रहे हैं कि बुरा सोच रहे हैं सबसे इंपोर्टेंट चीज होती है सर वाईबल आपके रिलेशनशिप अगर वह अच्छे हैं और आप इंटरनली अच्छा फील कर रहे हैं तो फिर कोई फर्क नहीं पड़ता है समाज के समाज में रिपीटेशन कम हुई है ज्यादा हो तो अपने आप को इंटरनल ही स्ट्रांग बनाए हो सके तो किसी मेंटल की हेल्प ले मेंटल होना बहुत जरूरी है और जो हम मेंटल हमारे पास पास नहीं होता तो हम खुद को बहुत कमजोर भी करते हैं तो मेंटल जरूर होना चाहिए जरूर ढूंढने अपनी लाइफ में ऑल द बेस्ट

hello main hoon life call Jonny aapko tension ho rahi hai ki aapki yah jo hai reputation jo hai society mein kam ho gayi hai lekin koi bhi cheez like kar permanent nahi hoti testing soch ka sawaal hai toh aap apni image ke saath itna dada jud gaye the ki aapne aapko dekh nahi payi jaati hai apne aap ko dekhe apni khushi ke bare mein sochen aap apne friend se apni khushi ko jod rahe the jo ki khushi nahi hai jo ki aap outer tod doon main apni khushi apni khushi ka internal toh us duni aur internal soch ko activate kar liya aur baahri prabhav se aapko fark nahi padega ki log aapke bare mein kya soch rahe hain logon ke bare mein accha soch rahe hain ki bura soch rahe hain sabse important cheez hoti hai sir vaibal aapke Relationship agar vaah acche hain aur aap intaranali accha feel kar rahe hain toh phir koi fark nahi padta hai samaaj ke samaaj mein repetition kam hui hai zyada ho toh apne aap ko internal hi strong banaye ho sake toh kisi mental ki help le mental hona bahut zaroori hai aur jo hum mental hamare paas paas nahi hota toh hum khud ko bahut kamjor bhi karte hain toh mental zaroor hona chahiye zaroor dhundhne apni life mein all the best

हेलो मैं हूं लाइफ कॉल जॉनी आपको टेंशन हो रही है कि आपकी यह जो है रेपुटेशन जो है सोसाइटी मे

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मैं यहां पर थोड़ा करेक्शन करना चाहूंगी यह जो आपकी छवि जिसकी अब बात कर रहे हैं वह कम से नहीं होगी वह थोड़ी बदल सी गई होगी में कुछ बदलाव जो है ट्रांसफॉरमेशन वही हमारे जीवन का सच है आज आप जिस लेवल पर हैं कल थोड़ा सा उसके बगल में रहेंगे ऊपर नीचे जो आप हम कहते हैं उसका एक्सट्रीम हो जाएगा तो थोड़ा बदलाव आया है कहीं यह बहुत ही नॉर्मल सी चीज है क्योंकि आज आप की जगह शायद कोई और आ गया होगा और उसकी जगह पर कल कोई और आ जाएगा जिसको आप बोलते इंग्लिश में फ्लेवर ऑफ द सीजन तो निराश मत होइए विवश मौत हुई है अगर आपको लगता है कि समाज में आपकी जो पोजीशन वह कम हो गई है तो या तो फिर आप चली हो सकता है या फिर आपने ऐसा कुछ किया हो सकता है किसी ने कुछ बात किया हो सकता है बहरहाल जो भी बात हो अगर समाज को लेकर आप चलेंगे तो हमेशा आपका मानसिक संतुलन को मेडल मेकअप रहेगा और प्रॉब्लम में आता रहेगा तो समाज खुद ही स्थिर नहीं है समाज में कुछ पता नहीं है तो वह आपको स्थिरता कहां से देखी बोलिए समाज को अलग से रख दीजिए और उसके बारे में लगाना सोचें अगर आप अपने आप खुश हैं आपके जीवन से आप खुश हैं आप के रिश्तो से आप खुश हैं आपके काम से अब खुश हैं आप स्पिरिचुअल है आप जो है जानते हैं कि अपने किसी की कोई निंदा नहीं गलत काम में क्या किसी को हार्ट नहीं किया इंटेंशनली तो फिर अगर आप माइंड बॉडी और फूल से अब शांत हैं तो फिर आपको समाज की बिल्कुल चिंता नहीं करनी चाहिए को समाज है बात करने के लिए रैंकिंग दैनिक रिपोर्ट कार्ड देने के लिए समाज है लेकिन आपको रिपोर्ट कार्ड कुबूल करना है या नहीं करना यह आप पर डिपेंड करता है तो आपको चाहिए कि समाज को अपना रिपोर्ट कार्ड नहीं दीजिए अंक भरने के लिए वो रिपोर्ट कार्ड अपने पास रखिए और उसे खुद खुद आपको लगता है कि 1 दिन आप का रिपोर्ट कार्ड सुरक्षित हो गया है तो उसे ठीक है कि कहां पर प्रॉब्लम आ रहा है उसको ठीक कीजिए और फिर से वही अंक प्राप्त कीजिए आप देखेंगे कि रिपोर्ट कार्ड जो आपके हाथ में होगा कलम जब आपके हाथ में होगी तो आपकी लाइफ और अच्छी होगी और कामयाब होगी समाज को दूर रखें तो ही बेहतर है आपके लिए

dekhiye main yahan par thoda correction karna chahungi yah jo aapki chhavi jiski ab baat kar rahe hain vaah kam se nahi hogi vaah thodi badal si gayi hogi mein kuch badlav jo hai transafarmeshan wahi hamare jeevan ka sach hai aaj aap jis level par hain kal thoda sa uske bagal mein rahenge upar neeche jo aap hum kehte hain uska extreme ho jaega toh thoda badlav aaya hai kahin yah bahut hi normal si cheez hai kyonki aaj aap ki jagah shayad koi aur aa gaya hoga aur uski jagah par kal koi aur aa jaega jisko aap bolte english mein flavour of the season toh nirash mat hoiye vivash maut hui hai agar aapko lagta hai ki samaaj mein aapki jo position vaah kam ho gayi hai toh ya toh phir aap chali ho sakta hai ya phir aapne aisa kuch kiya ho sakta hai kisi ne kuch baat kiya ho sakta hai baharahal jo bhi baat ho agar samaaj ko lekar aap chalenge toh hamesha aapka mansik santulan ko medal makeup rahega aur problem mein aata rahega toh samaaj khud hi sthir nahi hai samaaj mein kuch pata nahi hai toh vaah aapko sthirta kahaan se dekhi bolie samaaj ko alag se rakh dijiye aur uske bare mein lagana sochen agar aap apne aap khush hain aapke jeevan se aap khush hain aap ke rishto se aap khush hain aapke kaam se ab khush hain aap Spiritual hai aap jo hai jante hain ki apne kisi ki koi ninda nahi galat kaam mein kya kisi ko heart nahi kiya intentionally toh phir agar aap mind body aur fool se ab shaant hain toh phir aapko samaaj ki bilkul chinta nahi karni chahiye ko samaaj hai baat karne ke liye ranking dainik report card dene ke liye samaaj hai lekin aapko report card kubul karna hai ya nahi karna yah aap par depend karta hai toh aapko chahiye ki samaaj ko apna report card nahi dijiye ank bharne ke liye vo report card apne paas rakhiye aur use khud khud aapko lagta hai ki 1 din aap ka report card surakshit ho gaya hai toh use theek hai ki kahaan par problem aa raha hai usko theek kijiye aur phir se wahi ank prapt kijiye aap dekhenge ki report card jo aapke hath mein hoga kalam jab aapke hath mein hogi toh aapki life aur achi hogi aur kamyab hogi samaaj ko dur rakhen toh hi behtar hai aapke liye

देखिए मैं यहां पर थोड़ा करेक्शन करना चाहूंगी यह जो आपकी छवि जिसकी अब बात कर रहे हैं वह कम

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विकास सिंह

दिल से भारतीय

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारा समाज हमारा सोसाइटी यह हमारे ऊपर डिपेंड करता है कि हम अपने समाज में कैसे रहते हैं और हमारी सभी होती है यह हमारे रहन-सहन पर डिपेंड करता हमारी बोलचाल पर डिपेंड करता है हम लोगों से कैसे बात करते हैं लोगों से कैसे बिहेव करते पर डिपेंड करता है कि आप को ऐसा लग रहा है कि समाज में आपका जो है आजकल का रवैया चेंज हो गया हो गया बात करने का तरीका चेंज हो गया होगा यह समाज यह सोसाइटी के प्रति जो पहले आप सोचते थे वह नहीं सोचते होंगे जिम्मेदार नागरिक एक जिम्मेदार नागरिक का बोल सकते हैं कि एक ही जो है मकसद होना चाहिए अपने सोसाइटी अपने आसपास के सोसाइटी जहां वह रहते हैं उनमें लोगों से प्यार बनाकर रखें लोगों पर विश्वास बनाकर रखें उनकी छवि सोसाइटी में बनी रहे

hamara samaaj hamara society yah hamare upar depend karta hai ki hum apne samaaj mein kaise rehte hain aur hamari sabhi hoti hai yah hamare rahan sahan par depend karta hamari bolchal par depend karta hai hum logon se kaise baat karte hain logon se kaise behave karte par depend karta hai ki aap ko aisa lag raha hai ki samaaj mein aapka jo hai aajkal ka ravaiya change ho gaya ho gaya baat karne ka tarika change ho gaya hoga yah samaaj yah society ke prati jo pehle aap sochte the vaah nahi sochte honge zimmedar nagarik ek zimmedar nagarik ka bol sakte hain ki ek hi jo hai maksad hona chahiye apne society apne aaspass ke society jahan vaah rehte hain unmen logon se pyar banakar rakhen logon par vishwas banakar rakhen unki chhavi society mein bani rahe

हमारा समाज हमारा सोसाइटी यह हमारे ऊपर डिपेंड करता है कि हम अपने समाज में कैसे रहते हैं और

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