क्या आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा हैं? क्यों?...


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Narendar Gupta

प्राकृतिक योगाथैरिपिस्ट एवं योगा शिक्षक,फीजीयोथैरीपिस्ट

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बिल्कुल सीधे-सीधे आपका यह प्रतिभाओं का पलायन होता है जिसको जो जैसे आपके प्रतिभाओं का सम्मान नहीं होता है समझ नहीं है जब आप सही जगह पर सही रिप्लाई मैंट नहीं करेंगे तो यह से बात है देश का नुकसान होगा समाज का नुकसान होगा अब अच्छे डॉक्टर नहीं मिलेंगे अच्छे इंजीनियर नहीं मिलेंगे सारे विदेश चले जाते हैं यहां पर उनको अवसर नहीं मिलता है 40 नंबर वाला आप टिकट जारी करेगा 90 नंबर वाला क्या करेगा जिसका तुम उकसान है

bilkul seedhe seedhe aapka yah pratibhaon ka palayan hota hai jisko jo jaise aapke pratibhaon ka sammaan nahi hota hai samajh nahi hai jab aap sahi jagah par sahi reply maint nahi karenge toh yah se baat hai desh ka nuksan hoga samaj ka nuksan hoga ab acche doctor nahi milenge acche engineer nahi milenge saare videsh chale jaate hain yahan par unko avsar nahi milta hai 40 number vala aap ticket jaari karega 90 number vala kya karega jiska tum ukasan hai

बिल्कुल सीधे-सीधे आपका यह प्रतिभाओं का पलायन होता है जिसको जो जैसे आपके प्रतिभाओं का सम्मा

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UDAYBHAN

Wellness coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दोस्त अपना प्रश्न किया कि आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है क्यों दोस्तों आपके इस प्रश्न से मैं काफी हद तक सहमत हूं क्योंकि आरक्षण बाबा अंबेडकर ने दलित वर्गों के लिए बनाया था और इस चीज को लेकर के अभी का जो देश पूरे देश में माहौल बना हुआ है वह काफी सोचने का विषय है क्योंकि उस समय जब दलित वर्गों को आरक्षण अंबेडकर साहब ने बनाया था उसके पीछे एक बहुत बड़ा रीजन था क्योंकि उस समय पर देश की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं थी जितनी आज तो उस समय दलित वर्गों को इतना मैं तो नहीं दिया जाता था और उन्होंने आरक्षण दलित और कोको इसलिए दिया था ताकि इनका जो आर्थिक लेवल है और सुधार कर सके गवर्नमेंट दलित वर्गों के लिए कुछ सहयोग कर सकें ताकि वह अपना सी तत्व और अपने आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकें आज के हालात को यदि देखा जाए तो हर वर्ग के लोग आरक्षण की मांग कर रहे हैं जिससे हमारे देश की आर्थिक स्थिति पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है क्योंकि आए दिन धन्य फसाद आरक्षण के नाम पर होते रहते हैं इसलिए आज आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहे धन्यवाद

dost apna prashna kiya ki aarakshan desh ko dimak ki tarah kha raha hai kyon doston aapke is prashna se main kaafi had tak sahmat hoon kyonki aarakshan baba ambedkar ne dalit vargon ke liye banaya tha aur is cheez ko lekar ke abhi ka jo desh poore desh me maahaul bana hua hai vaah kaafi sochne ka vishay hai kyonki us samay jab dalit vargon ko aarakshan ambedkar saheb ne banaya tha uske peeche ek bahut bada reason tha kyonki us samay par desh ki aarthik sthiti itni achi nahi thi jitni aaj toh us samay dalit vargon ko itna main toh nahi diya jata tha aur unhone aarakshan dalit aur cocoa isliye diya tha taki inka jo aarthik level hai aur sudhaar kar sake government dalit vargon ke liye kuch sahyog kar sake taki vaah apna si tatva aur apne aarthik sthiti ko majboot kar sake aaj ke haalaat ko yadi dekha jaaye toh har varg ke log aarakshan ki maang kar rahe hain jisse hamare desh ki aarthik sthiti par bahut bura asar pad raha hai kyonki aaye din dhanya fasad aarakshan ke naam par hote rehte hain isliye aaj aarakshan desh ko dimak ki tarah kha rahe dhanyavad

दोस्त अपना प्रश्न किया कि आरक्षण देश को दीमक की तरह खा रहा है क्यों दोस्तों आपके इस प्रश्न

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां मुझे लगता है कि आरक्षण कहीं ना कहीं हमारे देश को दीमक की तरह ही खा रहा है क्योंकि मैं क्या आप एक उदाहरण ले सकते हैं कि जो भी बच्चे आरक्षण की वजह से किसी भी मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लेते हैं उसके बाद वहां से आरक्षण की वजह से ही पास आउट हो जाते हैं तब नंबर के बावजूद तो जब वह कभी भी अपनी मेडिकल की प्रैक्टिस शुरू करते हैं तो कोई भी इंसान उनके पास जाकर पेशेंट कोई भी नहीं जाना चाहता है क्योंकि उनको पता है कि अगर वहां जाएंगे तो हो सकता है उनको लोग उनका अच्छे से इलाज ना कर पाए क्योंकि सभी जानते हैं कि आरक्षण वाले जितने भी लोग होते हैं उन सभी को कम नंबरों पर भी आगे आने का मौका मिल जाता है तो इसीलिए किसी को भी उन लोगों के पास जाना पसंद नहीं होता जो आरक्षित जातियों से बिलॉन्ग करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि शायद आरक्षित जाति वाला इतना पढ़ा-लिखा नहीं होगा जितना उनके अन्य जाति वाले लोग होंगे तो यह साफ उदाहरण है जिसकी वजह से और जितनी भी आरक्षित जातियों के लोग हैं जो कि आगे बढ़ जाते हैं कम अंकों की वह कम अंकों के बाद अभी वह कहीं ना कहीं हमारे देश को पिछड़ा होने की एक पिछड़ा होने का एक कारण बन रहे हैं और हमारे देश में जो लोगों को मौका मिलना चाहिए आगे बढ़ना चाहिए और वह पीछे रह जाते हैं उसके बाद भी जो कंबल लेकर आए हैं कमेंट लेकर आए हैं उन्हें आगे जाने का मौका मिल जाता है तो आगे चलकर अगर ऐसा ही चलता रहा तो हमारे देश में आरक्षण की वजह से जो लोग आगे बढ़ जाएंगे वह कहीं ना कहीं हमारे देश के लिए एक बहुत बड़ा बाल रूप बन जाएंगे विद्रोह होने लगेगा हमारा देश और बिछड़ता रहेगा क्योंकि वह लोग हमारे देश को आगे तो नहीं कि नहीं जा सकते क्योंकि उनसे ज्यादा कैपेबिलिटी वाले लोग पीछे रह गए और बोलो कम कैपेबिलिटी रखते थे फिर भी उन्हें आगे जाने का मौका मिल जाए तो कहीं ना कहीं आगे की समय में फ्यूचर में जाकर ऐसे लोग कहा हमारे देश को दीमक की तरह ही खा जा सकते हैं

ji haan mujhe lagta hai ki aarakshan kahin na kahin hamare desh ko dimak ki tarah hi kha raha hai kyonki main kya aap ek udaharan le sakte hain ki jo bhi bacche aarakshan ki wajah se kisi bhi medical college mein admission le lete hain uske baad wahan se aarakshan ki wajah se hi paas out ho jaate hain tab number ke bawajud toh jab vaah kabhi bhi apni medical ki practice shuru karte hain toh koi bhi insaan unke paas jaakar patient koi bhi nahi jana chahta hai kyonki unko pata hai ki agar wahan jaenge toh ho sakta hai unko log unka acche se ilaj na kar paye kyonki sabhi jante hain ki aarakshan waale jitne bhi log hote hain un sabhi ko kam numberon par bhi aage aane ka mauka mil jata hai toh isliye kisi ko bhi un logo ke paas jana pasand nahi hota jo arakshit jaatiyo se Belong karte hain kyonki unhe lagta hai ki shayad arakshit jati vala itna padha likha nahi hoga jitna unke anya jati waale log honge toh yah saaf udaharan hai jiski wajah se aur jitni bhi arakshit jaatiyo ke log hain jo ki aage badh jaate hain kam ankon ki vaah kam ankon ke baad abhi vaah kahin na kahin hamare desh ko pichda hone ki ek pichda hone ka ek karan ban rahe hain aur hamare desh mein jo logo ko mauka milna chahiye aage badhana chahiye aur vaah peeche reh jaate hain uske baad bhi jo kambal lekar aaye hain comment lekar aaye hain unhe aage jaane ka mauka mil jata hai toh aage chalkar agar aisa hi chalta raha toh hamare desh mein aarakshan ki wajah se jo log aage badh jaenge vaah kahin na kahin hamare desh ke liye ek bahut bada baal roop ban jaenge vidroh hone lagega hamara desh aur bichadata rahega kyonki vaah log hamare desh ko aage toh nahi ki nahi ja sakte kyonki unse zyada capability waale log peeche reh gaye aur bolo kam capability rakhte the phir bhi unhe aage jaane ka mauka mil jaaye toh kahin na kahin aage ki samay mein future mein jaakar aise log kaha hamare desh ko dimak ki tarah hi kha ja sakte hain

जी हां मुझे लगता है कि आरक्षण कहीं ना कहीं हमारे देश को दीमक की तरह ही खा रहा है क्योंकि म

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Manish Singh

VOLUNTEER

1:02
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरी जान आरक्षण जो है यह फालतू 211 तरस अगर बात करें तो मिस यूज़ किया जा रहा है जिन्हें आरक्षण नहीं चाहिए उन्हें तो भरपूर एक्शन मिल रहा है लेकिन उसको सच में नींद करते जिनको सच में आरक्षण की जरूरत हमको मिल नहीं रहा है और कोई पार्ट इसके खिलाफ कुछ कर नहीं रही और ना कभी कर सकती है क्योंकि देखिए अगर कोई भी अगर रूलिंग पार्टी के खिलाफ करती है तो भी हमारे देश में मैच्योरिटी लोग हैं जो आरक्षण पा रहे हैं उनको फायदा हो रहा है अगर कोई भी से छेड़ती है इस रूल को तो आगे इलेक्शन में से भरपूर चांसेस होंगे कि वह पार्टी को समुदाय की गई और उन लोगों से वोट नहीं मिलेगा वह पार्टी हार जाएगी तो सब पार्टी भी अपनी फ्यूचर देख रही है और इसे कोई चिंता नहीं है आरक्षण कुछ इस प्रकार होना चाहिए हमारे देश में की जीवनी डेट है जो गरीब लोग हैं चाहे किसी भी समुदाय की कीमत कितनी भी बड़ी जाति के चुनाव उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन जो छोटे लोग हैं वह चाहे कितनी भी अमीर क्यों ना हो उन्हें आरक्षण नहीं मिलना चाहिए कोंटेक्ट होना चाहिए कुछ आरक्षण का

meri jaan aarakshan jo hai yah faltu 211 taras agar baat kare toh miss use kiya ja raha hai jinhen aarakshan nahi chahiye unhe toh bharpur action mil raha hai lekin usko sach mein neend karte jinako sach mein aarakshan ki zarurat hamko mil nahi raha hai aur koi part iske khilaf kuch kar nahi rahi aur na kabhi kar sakti hai kyonki dekhiye agar koi bhi agar ruling party ke khilaf karti hai toh bhi hamare desh mein maturity log hain jo aarakshan paa rahe hain unko fayda ho raha hai agar koi bhi se chedti hai is rule ko toh aage election mein se bharpur chances honge ki vaah party ko samuday ki gayi aur un logo se vote nahi milega vaah party haar jayegi toh sab party bhi apni future dekh rahi hai aur ise koi chinta nahi hai aarakshan kuch is prakar hona chahiye hamare desh mein ki jeevni date hai jo garib log hain chahen kisi bhi samuday ki kimat kitni bhi badi jati ke chunav unhe aarakshan milna chahiye lekin jo chote log hain vaah chahen kitni bhi amir kyon na ho unhe aarakshan nahi milna chahiye contact hona chahiye kuch aarakshan ka

मेरी जान आरक्षण जो है यह फालतू 211 तरस अगर बात करें तो मिस यूज़ किया जा रहा है जिन्हें आरक

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