रोज़गार उपलब्ध कराने में विफल क्यों रही है सरकार?...


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Harvinder kaur

Municipal councillor

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रोजगार उपलब्ध करवाने में विफल क्यों नहीं है सरकार तो हर मुद्दे पर भी पड़ रही है सिर्फ रोजगार उपलब्ध करवाने में रोजगार कम मिलते हैं जो हम रोजगार का सृजन कब होते हैं जब हम अपने लोगों को किसी भी कार्य में निपुण करते हैं उसको कार्य कुशल बना राजमिस्त्री है चाहे वह प्लंबर है इलेक्ट्रीशियन इंजीनियर शिक्षित होगा अपने कार्य में पूर्ण तौर पर निपुण होगा उसको अपना कार्य ठीक ढंग से आता होगा तभी वो उसको रोजगार भी मिलेगा पहली बात तो हम शिक्षा की तरफ ही ध्यान नहीं देते कि हमें किस तरह की शिक्षा किस व्यक्ति को देनी है उसके बाद आ जाता है रोजगार पर जो हमारे मानव संसाधन की कमी हम इलेक्शन के टाइम तो बहुत बड़ी-बड़ी बातें करते हैं बैंक में हमारे रोज बहुत बड़ी-बड़ी बातें बोलते हैं कि लोन देंगे आप अपना काम करें परंतु जब लोन लेने लोग जाते हैं तो बैंक में लोन नहीं देते उसके लिए वह बहुत सारी चीजों को गिरवी रखने के लिए मांगते हैं और एक आम आदमी के पास यह सामान नहीं होता कि वह घर मकान या अपनी जमीन गिरवी रखे और अपना कोई नया रोजगार स्टार्ट कर सके आरंभ करो शर्म नहीं करेगा कोई लोगों को रोजगार रोजगार छोटे-छोटे प्रोजेक्ट छोटे-छोटे उद्योग लगाए एक उद्योग से हम आगे कई लोगों को काम दे सकते हैं जो बहुत बड़े कॉरपोरेट सकते हैं रिलायंस है या हमारे हैं रानी जी हैं उनके जो कॉर्पोरेट सेक्टर है या जो आज फार्मा इंटरेस्ट है हमारी ठीक है चाहे वह हैंड सैनिटाइजर बनाकर बनाकर या किसी भी तरह से बहुत करोड़ों के बहुत अच्छे से रहे हैं बहुत अच्छे उद्योगपति अच्छे से उनको बैंक के कर्ज नहीं इतनी बुरी तरह से पीट दिया है बैंक वालों ने कभी भी कॉर्पोरेट नहीं करते और वह उद्योग जब बंद हो रहे हैं तो वह आगे लोगों को रोजगार कहां से देंगे वह चटनी करेंगे और अच्छी सैलरी नहीं देंगे जो अच्छी सर्विस नहीं मिलेगी तो लोग रोजगार पर जाएंगे दूसरे हमें लोगों को यह भी शिक्षित करना होगा कि कोई भी काम छोटा या बड़ा नहीं होता जब आप अपने कार्य में पूर्ण सक्षम है तो आप को रोजगार मिलेगा तो यही मानना है मेरा कि छोटे के जो उद्योग हैं उनको आप बढ़ावा दें क्योंकि वह नोटबंदी और जीएसटी से पहले ही बहुत बुरी तरह से टूटे हुए थे अब लॉक डाउन की वजह से हो और तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं उनकी जो इनकम थे वह बहुत कम हुई है तो इस दौर में हमें अपनी अर्थव्यवस्था को भी संभालना है और इन रोजगार हों को की संभावना है जो उनको भी संभालना तभी आगे लोगों को रोजगार मिलेगा नहीं तो सरकार अपना रोजगार उपलब्ध करवाने में पूरी तरह से विफल

rojgar uplabdh karwane me vifal kyon nahi hai sarkar toh har mudde par bhi pad rahi hai sirf rojgar uplabdh karwane me rojgar kam milte hain jo hum rojgar ka srijan kab hote hain jab hum apne logo ko kisi bhi karya me nipun karte hain usko karya kushal bana rajmistri hai chahen vaah Plumber hai electrician engineer shikshit hoga apne karya me purn taur par nipun hoga usko apna karya theek dhang se aata hoga tabhi vo usko rojgar bhi milega pehli baat toh hum shiksha ki taraf hi dhyan nahi dete ki hamein kis tarah ki shiksha kis vyakti ko deni hai uske baad aa jata hai rojgar par jo hamare manav sansadhan ki kami hum election ke time toh bahut badi badi batein karte hain bank me hamare roj bahut badi badi batein bolte hain ki loan denge aap apna kaam kare parantu jab loan lene log jaate hain toh bank me loan nahi dete uske liye vaah bahut saari chijon ko girvi rakhne ke liye mangate hain aur ek aam aadmi ke paas yah saamaan nahi hota ki vaah ghar makan ya apni jameen girvi rakhe aur apna koi naya rojgar start kar sake aarambh karo sharm nahi karega koi logo ko rojgar rojgar chote chote project chote chote udyog lagaye ek udyog se hum aage kai logo ko kaam de sakte hain jo bahut bade corporate sakte hain reliance hai ya hamare hain rani ji hain unke jo corporate sector hai ya jo aaj pharma interest hai hamari theek hai chahen vaah hand sainitaijar banakar banakar ya kisi bhi tarah se bahut karodo ke bahut acche se rahe hain bahut acche udyogpati acche se unko bank ke karj nahi itni buri tarah se peat diya hai bank walon ne kabhi bhi corporate nahi karte aur vaah udyog jab band ho rahe hain toh vaah aage logo ko rojgar kaha se denge vaah chatni karenge aur achi salary nahi denge jo achi service nahi milegi toh log rojgar par jaenge dusre hamein logo ko yah bhi shikshit karna hoga ki koi bhi kaam chota ya bada nahi hota jab aap apne karya me purn saksham hai toh aap ko rojgar milega toh yahi manana hai mera ki chote ke jo udyog hain unko aap badhawa de kyonki vaah notebandi aur gst se pehle hi bahut buri tarah se tute hue the ab lock down ki wajah se ho aur tarah kshatigrast hue hain unki jo income the vaah bahut kam hui hai toh is daur me hamein apni arthavyavastha ko bhi sambhaalna hai aur in rojgar ho ko ki sambhavna hai jo unko bhi sambhaalna tabhi aage logo ko rojgar milega nahi toh sarkar apna rojgar uplabdh karwane me puri tarah se vifal

रोजगार उपलब्ध करवाने में विफल क्यों नहीं है सरकार तो हर मुद्दे पर भी पड़ रही है सिर्फ रोजग

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