वर्तनी का प्रयोग कैसे करे विस्तार से बताये?...


user
0:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने प्रश्न पूछा बरतनी का प्रयोग कैसे करें तो फ्रेंड्स मैं आपको बता दूं बरतनी हमें हमेशा अपनी खुद रखनी चाहिए वर्तनी का मतलब होता है बोलचाल जो हमारी बोलने की धाराएं मतलब जैसे हम बोलते हैं वह मारी बरतनी कहलाती है तो मैं वर्तनी शुद्ध रखनी चाहिए हमेशा अच्छी तरह से ही बोलना चाहिए धन्यवाद

aapne prashna poocha bartani ka prayog kaise kare toh friends main aapko bata doon bartani hamein hamesha apni khud rakhni chahiye vartani ka matlab hota hai bolchal jo hamari bolne ki dharayen matlab jaise hum bolte hain vaah mari bartani kahalati hai toh main vartani shudh rakhni chahiye hamesha achi tarah se hi bolna chahiye dhanyavad

आपने प्रश्न पूछा बरतनी का प्रयोग कैसे करें तो फ्रेंड्स मैं आपको बता दूं बरतनी हमें हमेशा अ

Romanized Version
Likes  51  Dislikes    views  796
WhatsApp_icon
3 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Yogesh Kumar

Engineer

1:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भाषा की वर्तनी कारतूस भाषा में शब्दों को बड़ों से अभिव्यक्त करने की क्रिया को कहते हैं हिंदी में इसकी आवश्यकता काफी समय तक नहीं समझी जाती थी जबकि अन्य भाषाएं जैसे अंग्रेजी है उर्दू में इसमें इसका उपयोग ज्यादा होता था और हिंदी शब्द सागर तथा संक्षिप्त हिंदी शब्द सागर के प्रारंभिक संस्करणों के साथ ही सन 1950 में प्रकाशित प्रामाणिक हिंदी कोश जो अचार्य रामचंद्र वर्मा ने लिखी थी मैं इसका प्रयोग ना होना यह संकेत करता है कि शताब्दी के मध्य तक इस शब्द की कोई आवश्यकता नहीं समझी गई छठे दशक में वर्तनी शब्द को स्थान मिला जिसका संदर्भ तब प्रकाशित हुई तो पुस्तकों में मिलता है जैसे शुद्ध अक्षरी कैसे सीखे यह लिखी थी प्रोफेसर मुरलीधर श्रीवास्तव ने और हिंदी की वर्तनी पहले की थी प्रोफेसर रमापति स्वरूप श्रीवास्तव के अनुसार हिंदी के वाणी उड़ते धन्यवाद में होने के कारण हिंदी की वर्तनी की समस्या उतनी गंभीर नहीं जितनी अंग्रेजी की थी क्योंकि हिंदी में आज भी लिखित रूप से शब्द अपने उच्चरित रूप से अधिक भिन्न नहीं होते इसलिए अक्षरी शब्द का प्रयोग किया जो प्रचलन में नहीं आ सका क्योंकि उसी समय लेखक ने सिलेबस के लिए अक्षर का प्रयोग अपने डॉक्टरेट के ग्रंथ हिंदी भाषा में अक्षर तथा शब्द की सीमा में स्थित कर दिया

dekhiye bhasha ki vartani kartoos bhasha me shabdon ko badon se abhivyakt karne ki kriya ko kehte hain hindi me iski avashyakta kaafi samay tak nahi samjhi jaati thi jabki anya bhashayen jaise angrezi hai urdu me isme iska upyog zyada hota tha aur hindi shabd sagar tatha sanshipta hindi shabd sagar ke prarambhik sanskaranon ke saath hi san 1950 me prakashit pramanik hindi kosh jo acharya ramachandra verma ne likhi thi main iska prayog na hona yah sanket karta hai ki shatabdi ke madhya tak is shabd ki koi avashyakta nahi samjhi gayi chhathe dashak me vartani shabd ko sthan mila jiska sandarbh tab prakashit hui toh pustakon me milta hai jaise shudh aksharee kaise sikhe yah likhi thi professor muralidhar shrivastav ne aur hindi ki vartani pehle ki thi professor ramapati swaroop shrivastav ke anusaar hindi ke vani udte dhanyavad me hone ke karan hindi ki vartani ki samasya utani gambhir nahi jitni angrezi ki thi kyonki hindi me aaj bhi likhit roop se shabd apne uchcharit roop se adhik bhinn nahi hote isliye aksharee shabd ka prayog kiya jo prachalan me nahi aa saka kyonki usi samay lekhak ne syllabus ke liye akshar ka prayog apne doctorate ke granth hindi bhasha me akshar tatha shabd ki seema me sthit kar diya

देखिए भाषा की वर्तनी कारतूस भाषा में शब्दों को बड़ों से अभिव्यक्त करने की क्रिया को कहते ह

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  256
WhatsApp_icon
user
0:22
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पूछा गया प्रश्न है की वर्तनी का प्रयोग कैसे करें विस्तार से बताया था बता दो कि वर्तनी के कर्म बात करें तो यदि उच्चारण अशुद्ध होता है तो वर्तनी भी अशुद्ध होती है और रिप्लाई अपनी मातृभाषा या बोली के कारण जो भी भाषा की समस्त भाइयों को सही ढंग से उपचारित करने के लिए ही वर्तनी की एकरूपता उसके अंतर्गत जरूरी होती है

aapka poocha gaya prashna hai ki vartani ka prayog kaise kare vistaar se bataya tha bata do ki vartani ke karm baat kare toh yadi ucharan ashuddh hota hai toh vartani bhi ashuddh hoti hai aur reply apni matrubhasha ya boli ke karan jo bhi bhasha ki samast bhaiyo ko sahi dhang se upachaarit karne ke liye hi vartani ki ekrupta uske antargat zaroori hoti hai

आपका पूछा गया प्रश्न है की वर्तनी का प्रयोग कैसे करें विस्तार से बताया था बता दो कि वर्तनी

Romanized Version
Likes  45  Dislikes    views  1000
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!