त्यौहार की आवश्यकता और महत्व क्या है?...


user

Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

1:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार और प्रश्न है कि हार की आवश्यकता और महत्व तो देखिए त्यौहार की आवश्यकता भी होती है और महत्व पता है क्या होती हैं कि अभी सिर्फ कमाता है की मानता है पैसे कमाता जाता है वह कहता है कि नहीं हमें फालतू बर्बाद नहीं करनी चाहिए अच्छा तो चलो कोई बात नहीं है कहते हैं पर हमें फालतू बर्बाद नहीं करनी चाहिए इस पर ध्यान देना चाहिए शिक्षा भी ध्यान देना चाहिए वह ध्यान देना चाहिए पैसे कमाना फिर ऑफिस इन पैसों से पता नहीं क्या करना चांद कहां लिया आनंद का आनंद लेने के लिए बिहार आवश्यक है ताकि सब लोग मिल मिले हंसी खुशी खुशी नाचे गाए बातें करें यह त्यौहार होता है इसलिए बहुत जरूरी है पूरा होता है वहां पर चिंतन होता है महत्त्व भोजन है पेमाराम का त्योहारों में त्योहारों से हैं एकता बढ़ती है प्यार से उम्र बढ़ती है हां जहां पर दो अलग-अलग धर्मों के लोग मिलते हैं वहां टकराव जरूर होता है लेकिन वह तो एक सामाजिक प्रश्न

namaskar aur prashna hai ki haar ki avashyakta aur mahatva toh dekhiye tyohar ki avashyakta bhi hoti hai aur mahatva pata hai kya hoti hain ki abhi sirf kamata hai ki maanta hai paise kamata jata hai vaah kahata hai ki nahi hamein faltu barbad nahi karni chahiye accha toh chalo koi baat nahi hai kehte hain par hamein faltu barbad nahi karni chahiye is par dhyan dena chahiye shiksha bhi dhyan dena chahiye vaah dhyan dena chahiye paise kamana phir office in paison se pata nahi kya karna chand kaha liya anand ka anand lene ke liye bihar aavashyak hai taki sab log mil mile hansi khushi khushi nache gaayen batein kare yah tyohar hota hai isliye bahut zaroori hai pura hota hai wahan par chintan hota hai mahatva bhojan hai pemaram ka tyoharon me tyoharon se hain ekta badhti hai pyar se umar badhti hai haan jaha par do alag alag dharmon ke log milte hain wahan takraav zaroor hota hai lekin vaah toh ek samajik prashna

नमस्कार और प्रश्न है कि हार की आवश्यकता और महत्व तो देखिए त्यौहार की आवश्यकता भी होती है औ

Romanized Version
Likes  180  Dislikes    views  3302
WhatsApp_icon
5 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user
0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हेलो फ्रेंड आपने पूछा है कितनी बार की आवश्यकता और महत्व क्यों है लेकिन हर त्यौहार में कोई ना कोई ना कोई महत्व जरूर होता है यह किसी न किसी साधन और किसी ने किसी खास कर कोई कोई त्यौहार तो वैज्ञानिक कारण से भी जुड़ा होता है जैसे अगर हम उदाहरण मिले ले तो दीपावली का त्यौहार दीपावली में हम करू तेल के दीए जलाते हैं जिससे वातावरण की जो भी कीड़े मकोड़े होते हैं वह नष्ट हो जाते हैं इसी तरह सभी त्यौहार थे कोई न कोई महत्व होते हैं और डिनर सकता के लिए ही त्यौहार मनाया जाता है

hello friend aapne poocha hai kitni baar ki avashyakta aur mahatva kyon hai lekin har tyohar me koi na koi na koi mahatva zaroor hota hai yah kisi na kisi sadhan aur kisi ne kisi khas kar koi koi tyohar toh vaigyanik karan se bhi juda hota hai jaise agar hum udaharan mile le toh deepawali ka tyohar deepawali me hum karu tel ke diye jalate hain jisse vatavaran ki jo bhi keedein makode hote hain vaah nasht ho jaate hain isi tarah sabhi tyohar the koi na koi mahatva hote hain aur dinner sakta ke liye hi tyohar manaya jata hai

हेलो फ्रेंड आपने पूछा है कितनी बार की आवश्यकता और महत्व क्यों है लेकिन हर त्यौहार में कोई

Romanized Version
Likes  13  Dislikes    views  351
WhatsApp_icon
user
0:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न पूछा कि त्यौहार की आवश्यकता और महत्व तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि त्यौहार हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं जो कि इससे त्योहारों से हमारे जीवन में खुशियां बनी रहती है और पूजा-पाठ बना रहता है और हम लोग एक दूसरे के साथ में जो लेते हैं और परिवार में बैठ वोट लेते

prashna poocha ki tyohar ki avashyakta aur mahatva toh main aapko batana chahungi ki tyohar hamare liye bahut hi mahatvapurna hote hain jo ki isse tyoharon se hamare jeevan me khushiya bani rehti hai aur puja path bana rehta hai aur hum log ek dusre ke saath me jo lete hain aur parivar me baith vote lete

प्रश्न पूछा कि त्यौहार की आवश्यकता और महत्व तो मैं आपको बताना चाहूंगी कि त्यौहार हमारे लिए

Romanized Version
Likes  35  Dislikes    views  547
WhatsApp_icon
user

कमलेश कुमार पांचाल

शिक्षक और सलाहकार

1:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप ने जानना चाहा है कि त्यौहार की आवश्यकता और महत्व क्या है तो इसका जवाब है कि जो मानव जीवन है दुनिया में किसी भी धर्म या जाति का हो उसमें हमेशा हम किसी ना किसी अपनी जीविका के साधन में लगे रहते हैं और निरंतर उसमें हमें काम करना होता है या निरंतरता जो हमारी है वह पारिश्रमिक जीवन होता है क्योंकि हम किसी ना किसी क्षेत्र में कोई काम कर रहे होते हैं तो त्योहारों की आवश्यकता हमें इसलिए है कि त्योहारों के नाम के श्रेया त्योहारों के माध्यम से हमें कुछ दिन के लिए या कुछ समय के लिए आराम मिल जाता है तथा उसका हमसे अवकाश मिल जाता है और हम त्योहारों के माध्यम से त्योहारों के कारण एक दूसरे से मिल लेते हैं अपने घर परिवार के साथ समय बिता लेते हैं क्योंकि अपने अपने काम के प्रति या काम के कारण लोग एक दूसरे से दूर हो जाते हैं घर के सदस्य माता पिता भाई बंदूक तो त्योहारों के माध्यम से हम एक स्थान पर मिल लेते हैं हमारा मिलना जुलना हो जाता है और हमारी पहचान बनी रहती है इसके अलावा इसका महत्व और तू मारू का महत्व इसलिए है क्योंकि अभी हम त्यौहार नहीं होंगे तो मनुष्य अपनी संस्कृति सभ्यता के बारे में भूल जाएगा कि हमारा पृष्ठभूमि हम किस-किस प्रश्नों में से आते हैं आपने जो पूर्व का जीवन को किस प्रकार था त्यौहार हमें इस बात की याद दिलाते हैं कि हम इस परंपरा का निर्वहन करते हैं और हमारा जो परिवार है जो सुनाइए वह किस बैकग्राउंड अर्थात किसके हम पृष्ठभूमि रही है हमारे पूर्वजों का क्या जीवन का त्यौहार हमें अपनी संस्कृति और सभ्यता से परिचित कराते हैं और त्योहारों के माध्यम से हम आधुनिक और प्राचीन शैली का मिश्रण कर पाते हैं अपने जीवन में धन्यवाद

aap ne janana chaha hai ki tyohar ki avashyakta aur mahatva kya hai toh iska jawab hai ki jo manav jeevan hai duniya me kisi bhi dharm ya jati ka ho usme hamesha hum kisi na kisi apni jeevika ke sadhan me lage rehte hain aur nirantar usme hamein kaam karna hota hai ya nirantarata jo hamari hai vaah parishramik jeevan hota hai kyonki hum kisi na kisi kshetra me koi kaam kar rahe hote hain toh tyoharon ki avashyakta hamein isliye hai ki tyoharon ke naam ke shreya tyoharon ke madhyam se hamein kuch din ke liye ya kuch samay ke liye aaram mil jata hai tatha uska humse avkash mil jata hai aur hum tyoharon ke madhyam se tyoharon ke karan ek dusre se mil lete hain apne ghar parivar ke saath samay bita lete hain kyonki apne apne kaam ke prati ya kaam ke karan log ek dusre se dur ho jaate hain ghar ke sadasya mata pita bhai bandook toh tyoharon ke madhyam se hum ek sthan par mil lete hain hamara milna julana ho jata hai aur hamari pehchaan bani rehti hai iske alava iska mahatva aur tu maaru ka mahatva isliye hai kyonki abhi hum tyohar nahi honge toh manushya apni sanskriti sabhyata ke bare me bhool jaega ki hamara prishthbhumi hum kis kis prashnon me se aate hain aapne jo purv ka jeevan ko kis prakar tha tyohar hamein is baat ki yaad dilate hain ki hum is parampara ka nirvahan karte hain aur hamara jo parivar hai jo sunaiye vaah kis background arthat kiske hum prishthbhumi rahi hai hamare purvajon ka kya jeevan ka tyohar hamein apni sanskriti aur sabhyata se parichit karate hain aur tyoharon ke madhyam se hum aadhunik aur prachin shaili ka mishran kar paate hain apne jeevan me dhanyavad

आप ने जानना चाहा है कि त्यौहार की आवश्यकता और महत्व क्या है तो इसका जवाब है कि जो मानव जीव

Romanized Version
Likes  25  Dislikes    views  1139
WhatsApp_icon
play
user
0:58

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

का सवाल है तो हर की आवश्यकता और महत्व क्या है बल्कि सवाल का जवाब है तो हार से हम लोग एक साथ होते हैं तो देखिए ऐसा होता है कि पर बहुत सारे लोग होता है भाई होते बहन होते लेकिन कभी भी कभी भी एक साथ नहीं होता है लिखिए समझ लीजिए एक एक शहर में नौकरी करता है और दूसरे शहर में नौकरी करता है कोई घर पर ही रहता है वैसे सभी लोग जगह-जगह पर रहता है लेकिन जब तोहार होते तो हर के टाइम में सभी को छुट्टी मिल जाता है उस सूती के टाइम तक घर पर आते हैं तो एक तो हो जाता है कि हम लोग सब एक साथ हो जाते हैं शहर के टाइम पर और एक होता है कि हम लोगों शहर के टाइम में अच्छी-अच्छी खाने के लिए मिलता है अच्छी अच्छी पकड़ खाना पकाते और खाना पका क्या हम लोग खाते हैं एक तो हो गया फिर बहुत लोगों का इकट्ठा होना और सभी से मतलब मुलाकात की और नाम तो इसका मतलब मैं तो हो गया तो बहुत सारा मैहर का

ka sawaal hai toh har ki avashyakta aur mahatva kya hai balki sawaal ka jawab hai toh haar se hum log ek saath hote hain toh dekhiye aisa hota hai ki par bahut saare log hota hai bhai hote behen hote lekin kabhi bhi kabhi bhi ek saath nahi hota hai likhiye samajh lijiye ek ek shehar me naukri karta hai aur dusre shehar me naukri karta hai koi ghar par hi rehta hai waise sabhi log jagah jagah par rehta hai lekin jab tohar hote toh har ke time me sabhi ko chhutti mil jata hai us suti ke time tak ghar par aate hain toh ek toh ho jata hai ki hum log sab ek saath ho jaate hain shehar ke time par aur ek hota hai ki hum logo shehar ke time me achi achi khane ke liye milta hai achi achi pakad khana pakate aur khana paka kya hum log khate hain ek toh ho gaya phir bahut logo ka ikattha hona aur sabhi se matlab mulakat ki aur naam toh iska matlab main toh ho gaya toh bahut saara meher ka

का सवाल है तो हर की आवश्यकता और महत्व क्या है बल्कि सवाल का जवाब है तो हार से हम लोग एक सा

Romanized Version
Likes  38  Dislikes    views  996
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!