समावेशी शिक्षा की आवश्यकता और महत्व क्या है?...


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Suresh Singh

Teacher and Engineer

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समावेशी शिक्षा के पत्ता और महत्व क्या है समावेशी शिक्षा के समान शिक्षा का अधिकार है या या आर्थिक आर्थिक स्थिति कमजोर हो या फिर किसी भी जातीय समुदाय से हो उसको समान शिक्षा का अधिकार है

samaveshi shiksha ke patta aur mahatva kya hai samaveshi shiksha ke saman shiksha ka adhikaar hai ya ya aarthik aarthik sthiti kamjor ho ya phir kisi bhi jatiye samuday se ho usko saman shiksha ka adhikaar hai

समावेशी शिक्षा के पत्ता और महत्व क्या है समावेशी शिक्षा के समान शिक्षा का अधिकार है या या

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समावेशी शिक्षा की आवश्यकता इसलिए है कि मनुष्य शिक्षा के साथ-साथ अन्य कुशलता में भी साथ में सीख लेता है व्यवहारिक ज्ञान की प्राप्ति भी उसे होती है और स्किल का डेवलपमेंट भी होता है

samaveshi shiksha ki avashyakta isliye hai ki manushya shiksha ke saath saath anya kushalata me bhi saath me seekh leta hai vyavaharik gyaan ki prapti bhi use hoti hai aur skill ka development bhi hota hai

समावेशी शिक्षा की आवश्यकता इसलिए है कि मनुष्य शिक्षा के साथ-साथ अन्य कुशलता में भी साथ में

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Surabhi

Teacher

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हेलो फ्रेंड्स आप का प्रश्न है की समाधि टी शिक्षा की आवश्यकता और महत्व क्या है पहले तो समावेशी शिक्षा क्या है समावेशी शिक्षा यानी कि वह शिक्षा जैसी सामान्य बालक और विशिष्ट बालक दोनों प्रकार के बालकों को एक थप्पड़ हटाई गई समावेशी शिक्षा है तो इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी हमें अगर है तो मान लीजिए हम आपसे पूछते चलो यह बताइए सामान्य वाला कौन होती हैं तो आप यह कहोगे यह सामान्य बालक जो शारीरिक रूप से सामान्य सामान्य बालक है और और मानसिक रूप से सामान्य वह भी सामान्य बालक हैं अच्छा और बताओ आपका और भौतिक रूप से जो सामान्य को भी सामान्य बालक है अच्छा अभी कह रही हो अच्छा और कुछ बताओ कभी-कभी आदि क्या बात करती थी जिनकी को उनकी एज के अनुसार हो वही तो सामान्य बालक है आपको इतना भी नहीं पता तुम कहीं हां सही कह रही हो आप अच्छा में सामान्य बालक तो बता दिया भी बताओ विशिष्ट वाला कौन होती हैं तो आप कभी विशिष्ट बालक यह तो इतना सरल है वैशाली बालक होती है वह विशिष्ट बालक हो गई मंदबुद्धि बालक वह भी विशिष्ट हुए अच्छा अच्छा तो जबरदस्ती वाला कौन होते हैं क्योंकि वह भी तो विशिष्ट बालक हुई आप तो बड़े विचारों सही बताओ कोई बालक अगर सभ्यता दी तेजी से सुनाई नहीं देता तो वह कौन हुआ तो आप आगे वह भी विशिष्ट बालक के हां बस यही तो है सामान्य बालक और विशिष्ट बालक इन दोनों को एक ही साथ एक ही वातावरण में शिक्षा देना ही तो समावेशी शिक्षा है और इसकी क्या आवश्यकता है क्यों आवश्यकता है इसलिए है मान लो सामान्य वाला कॉलेज वाला जब तुम लोग एक साथ पड़ेगी यह क्या पता शादी वाला कक्षा में कोई पाठ पढ़ाया गया या किसी चीज के बारे में समझाया गया तथा शादी वाला कैसे जल्दी से समझ में आ जाएगा और सामान्य बालक के यह मंत्र अतिबाला कैसे जल्दी से समझ में नहीं आएगा या पल्लू से समझ में नहीं आया तो बहुत पड़ेगी तो पता शादी वाला क्या करेगा वह समझ आएगा ऐसे ही आती है यह सूची भी समझ में आएगा तो बताओ सामान्य बालक चमन तृप्ति बालक को फायदा हुआ कि नहीं आऊंगा आप कहोगे अच्छा चलो ठीक तरीके से समझते मान लो कोई पतियों हो रही है कि कैंप में बालक सारे बालक भाग ले रही हैं ठीक है तो सामने वाले का विशिष्ट बालक मिलेगा सभी लेंगे और मान लो कार्ड बनाना था किसी को कोई चित्रकारी करनी थी एक सामान्य बालक था वह नहीं बना पाया सजन श्रीलाल आपने बना लिया तो सामान बालक को परेशानी हुई तो सजन से बालक क्या करेगा मैं बताता हूं कैसे बना इसको ऐसी करो इसको ऐसे डूइंग कर आ जाएगा तो बताओ किसका फायदा को सामान्य बालक का फायदा हुआ कि नहीं हुआ वह बस यही तो समावेशी शिक्षा की आवश्यकता है और क्यों का समावेश शिक्षा में कोई बालक आकर विकलांग भी है यह दृष्टिबाधित भी है तो उसे मना नहीं किया जाएगा कि आप किसी भी प्रतियोगिता में भाग नहीं लेंगे लेंगे तो हम लोग टांग पेट के पड़ेंगे सभी चीज में एक साथ भाग देंगे यही तो समावेशी शिक्षा यानी कि दोनों की विकास का संवाद के रूप से उन मत करना और इनका सामाजिक विकास करना यही तो सामाजिक समावेशी शिक्षा की आवश्यकता है पता शादी वाला को मंदबुद्धि वाला को सामान्य बालक को कोई भी हो डाउनलोड एक साथ रहेगी एक साथ पड़ेगी अभी माली की आवश्यकता वाले बालक हैं उनके लिए विशिष्ट आवश्यकता वाले स्कूल बना दिया जाए पदमाशाली बालक अपने समूह में रहेगी मंदबुद्धि बालक अपने समूह में है कि सामान्य वाला कपड़े का मुंह में जाएंगे ठीक अब तक का शादी वाला का अपने समूह में है उसे दूसरे समूह में डाल दो वहां पर बच्चे प्रतिभाशाली नहीं तो क्या होगा तो पता चली बालक बंद होती वाला से क्या करेगा घराना करेगा और मंदबुद्धि वालों को अपने अंदर कमी महसूस होगी तो यहां पर इनका सामाजिक विकास अवरुद्ध हो रहा है ना जब दोनों एक साथ नहीं कि एक दूसरे को समझेंगे तो दोनों काली का समान होगा इसीलिए तो समाजी समावेशी शिक्षा की आवश्यकता पड़ी अब आता है पढ़ने की इसका महत्व क्या है रिपोर्ट में से आपको बताओगे क्या मैं तेरी अदाओ राष्ट्र के विकास के लिए महत्व है कि नहीं है हम तो चले कैसी है तो आपको कैसे मैम आप कैसी बात कर रही हो कैसी है अब आप खुद ही बताओ तो सारी बालक पढ़ेंगे तो राष्ट्र का विकास होगा बिल्कुल सही कह रहे हो आप अच्छा अब हम आपसे कुछ नहीं चाहता शिक्षा की सर्व व्यापकता है कि नहीं है आपका हो गई है अब उसने कैसी है तो आप ही खाओगे सिंपल सी बातें समावेशी शिक्षा में क्या होता है सभी प्रकार के बालक पड़ती है चाहे मंदबुद्धि हो अथवा शादी हो सामान्य हो से गांव से हो चाहे शहर से हो किसी भी धर्म का हो जाती का सभी को बुला लो सभा के पड़ेगी कुछ नहीं आता है कुछ भी नहीं आता है वह लिखना सीख जाएंगे मालू ट्रांसलेशन लीची के एबीसीडी तो सीखी जाएंगे हिंदी लिखना नहीं तो नाम तो लिखना सीख जाएंगे सभी को बुला लो सभी को बुलाओ सभी पढ़ेंगे तो यही तो व्यापारी आप बड़े होशियार ओ अच्छा ठीक है ठीक है तो यह बताओ अच्छा अगर समावेशी शिक्षा में यह सब होता तो बताओ सामान्य मानसिक विकास होगा इन बालकों का के नहीं होगा आप आगे होगा हम पूछेंगे कैसे प्राप्त होगी तो हमने बताया था जब सभी प्रकार के बालक पड़ेगी को कुछ नहीं आता तुम कुछ तो सीख एकांत कम से कम नाम तो लिखना सीखे का यही तो विकास हो रहा है अगर उनका सामान विकास भी होता तो फायदा किसको हो रहा है हमारे देश को होता है तो मैं तो है कि नहीं हम कहां है अच्छा ठीक है अभी बताओ सामाजिक समानता है बच्चों में सामाजिक समानता हो यह कि नहीं हो रही है तो आपको कहां हो रही है अपनी कैसी हो रही होगी यह तो बहुत सिंपल है सामाजिक समानता की उम्र थी इसलिए समाज की समावेशी शिक्षा में सामाजिक समानता उसमें हर धर्म का बच्चा पड़ता है हर छाती का लड़का हो लड़की हो थर्ड चैप्टर हो गरीबों अमीरुल सभी पड़ती है सभी को समानता है कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा यही तो सामाजिक समावेशी शिक्षा का महत्व है कि उनमें कोई महत्व कोई भी बेकार नहीं किया जाए उनका सामाजिक विकास सामाजिक विकास कैसे होता समावेशी शिक्षा में किसी भी धर्म का हो किसी भी जाति का हो सभी को पढ़ाया जाएगा कोई भेदभाव नहीं होगा ऐसा नहीं होगा यह बच्चा अमीर है इसे चाहता पढ़ाओ यह करीब है इसे कंप्लेनिंग सभी को पढ़ाया जाएगा सभी का समान रूप से विकास किया जाएगा यही तो समावेशी शिक्षा का महत्व यानी कि उनका चहुंमुखी विकास करना चाहे शारीरिक विकास तो मानसिक विकास और शारीरिक विकास कैसे शरीर से अच्छे हो खेलकूद में अच्छी व मानसिक विकास और सोचने समझने की शक्ति और सकारात्मक सोच रखते हो कभी कोई दुआ आ जाती तो मुझे ना सोचे कि हम यह नहीं कर सकती उनका चारित्रिक दिखा दो अच्छे अच्छे चरित्र वाले नागरिकों ने देश के लिए कुछ कार्य करें यही तो समावेशी शिक्षा का महत्व समझ में आया समावेशी शिक्षा की होती जहां पर सामान्य बालक और विशिष्ट बालक दोनों बालकों को एक साथ एक ही वातावरण में शिक्षा दी जाए ताकि एक दूसरे को समझी एक दूसरे की मदद करें और अपनी एक साथ रहेगी अपना और समाज का विकास कर सकें यही तो समावेशी शिक्षा है जब वह स्वयं का विकास करेंगे उनका विकास रूप में कुछ शिक्षा ग्रहण करेंगे तो किस का विकास

hello friends aap ka prashna hai ki samadhi T shiksha ki avashyakta aur mahatva kya hai pehle toh samaveshi shiksha kya hai samaveshi shiksha yani ki vaah shiksha jaisi samanya balak aur vishisht balak dono prakar ke baalakon ko ek thappad hatai gayi samaveshi shiksha hai toh iski avashyakta kyon padi hamein agar hai toh maan lijiye hum aapse poochhte chalo yah bataiye samanya vala kaun hoti hain toh aap yah kahoge yah samanya balak jo sharirik roop se samanya samanya balak hai aur aur mansik roop se samanya vaah bhi samanya balak hain accha aur batao aapka aur bhautik roop se jo samanya ko bhi samanya balak hai accha abhi keh rahi ho accha aur kuch batao kabhi kabhi aadi kya baat karti thi jinki ko unki age ke anusaar ho wahi toh samanya balak hai aapko itna bhi nahi pata tum kahin haan sahi keh rahi ho aap accha me samanya balak toh bata diya bhi batao vishisht vala kaun hoti hain toh aap kabhi vishisht balak yah toh itna saral hai vaishali balak hoti hai vaah vishisht balak ho gayi 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हेलो फ्रेंड्स आप का प्रश्न है की समाधि टी शिक्षा की आवश्यकता और महत्व क्या है पहले तो समाव

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