पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताये?...


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आपने पूछा है कि पत्र लेखन की विशेषता क्या है तो हम आपको बता दें कि लिखित रूप में अपने मन के भावों एवं विचारों को प्रकट करने का माध्यम पत्र है पत्र का शाब्दिक अर्थ है ऐसा कागज जिस पर कोई बात लिखी अथवा छपी हो पत्र के द्वारा व्यक्ति अपनी बातों को दूसरों तक लिख कर पहुंचा पाए हम पत्र को अभिव्यक्ति का एक सशक्त माध्यम भी कर सकते हैं

aapne poocha hai ki patra lekhan ki visheshata kya hai toh hum aapko bata de ki likhit roop me apne man ke bhavon evam vicharon ko prakat karne ka madhyam patra hai patra ka shabdik arth hai aisa kagaz jis par koi baat likhi athva chhapi ho patra ke dwara vyakti apni baaton ko dusro tak likh kar pohcha paye hum patra ko abhivyakti ka ek sashakt madhyam bhi kar sakte hain

आपने पूछा है कि पत्र लेखन की विशेषता क्या है तो हम आपको बता दें कि लिखित रूप में अपने मन क

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पत्र लेखन एक कला है अभिव्यक्ति के समस्त लिखित साधनों में पत्र आज ही सबसे प्रमुख शक्तिशाली प्रभाव फूल और मनोरम स्थान रखता है पत्र लेखन में आत्मीयता स्पष्ट दिखाई देती चाहिए जिससे लेखक तथा पाठक दोनों समिता का अनुभव करते हैं लिखित भाषा का उद्देश्य सबसे अधिक पत्र लेखन द्वारा ही प्राप्त होता है

patra lekhan ek kala hai abhivyakti ke samast likhit saadhano me patra aaj hi sabse pramukh shaktishali prabhav fool aur manoram sthan rakhta hai patra lekhan me atmiyata spasht dikhai deti chahiye jisse lekhak tatha pathak dono samita ka anubhav karte hain likhit bhasha ka uddeshya sabse adhik patra lekhan dwara hi prapt hota hai

पत्र लेखन एक कला है अभिव्यक्ति के समस्त लिखित साधनों में पत्र आज ही सबसे प्रमुख शक्तिशाली

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Raghuveer Singh

👤Teacher & Advisor🙏

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नमस्कार और कुछ नहीं पत्र लेखन की विशेषता क्या है तो देखिए बदले की विशेषता की बात करें तो पहला यह है कि आपके पत्र में सही संबोधन होना चाहिए छोटों के लिए क्या होना क्या है और बड़ों के लिए क्या होना चाहिए मध्यम के लिए क्या खाना चाहिए आपको पता होना चाहिए सही संबोधन चाहिए पत्र की शुरुआत होती हैं यदि आप ऑफिस से लेटर लिख रहे हैं ऑफिशियल पत्र लिखने हैं तब तक तो आप के विषय भी लगाना जरूरी होता है एक पत्र में कम शब्दों में हैं सही सही बात रखनी जरूरी होती है कि आप क्या कहना चाह रहे हैं पत्र के अंत में आप का पता होना चाहिए और पत्र की एंडिंग भी एक अच्छे हैं बाकी से होनी चाहिए जिसे अगले के पढ़ने वाले को खुशी महसूस हो और उसे लगे कि हमें यह काम करना चाहिए धन्यवाद

namaskar aur kuch nahi patra lekhan ki visheshata kya hai toh dekhiye badle ki visheshata ki baat kare toh pehla yah hai ki aapke patra me sahi sambodhan hona chahiye choton ke liye kya hona kya hai aur badon ke liye kya hona chahiye madhyam ke liye kya khana chahiye aapko pata hona chahiye sahi sambodhan chahiye patra ki shuruat hoti hain yadi aap office se letter likh rahe hain official patra likhne hain tab tak toh aap ke vishay bhi lagana zaroori hota hai ek patra me kam shabdon me hain sahi sahi baat rakhni zaroori hoti hai ki aap kya kehna chah rahe hain patra ke ant me aap ka pata hona chahiye aur patra ki ending bhi ek acche hain baki se honi chahiye jise agle ke padhne waale ko khushi mehsus ho aur use lage ki hamein yah kaam karna chahiye dhanyavad

नमस्कार और कुछ नहीं पत्र लेखन की विशेषता क्या है तो देखिए बदले की विशेषता की बात करें तो प

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पत्र लेखन की विशेषता यह है कि इसके माध्यम से हमारे अंदर अपने परिवार में रिश्तेदार जान पहचान के लोगों को अपनी बातें रखने का मौका मिलता है और इसके साथ-साथ शुद्ध लिखने की भी जानकारी हो जाती है हम पत्र लेखन में अशुद्ध वाक्यों को ना के बराबर लिखते हैं

patra lekhan ki visheshata yah hai ki iske madhyam se hamare andar apne parivar me rishtedar jaan pehchaan ke logo ko apni batein rakhne ka mauka milta hai aur iske saath saath shudh likhne ki bhi jaankari ho jaati hai hum patra lekhan me ashuddh vaakyon ko na ke barabar likhte hain

पत्र लेखन की विशेषता यह है कि इसके माध्यम से हमारे अंदर अपने परिवार में रिश्तेदार जान पहचा

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पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताइए संसार है पत्र लेखन की विशेषता पत्र की भाषा साधारण और बोलचाल की होनी चाहिए शब्दों के प्रयोग में सावधानी रखनी चाहिए उपयुक्त सटीक सरल और मधुर हो सारी बात सीधे सादे ढंग से स्पष्ट और प्रत्यक्ष लिखनी चाहिए

patra lekhan ki visheshata kya hai bataiye sansar hai patra lekhan ki visheshata patra ki bhasha sadhaaran aur bolchal ki honi chahiye shabdon ke prayog me savdhani rakhni chahiye upyukt sateek saral aur madhur ho saari baat sidhe saade dhang se spasht aur pratyaksh likhani chahiye

पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताइए संसार है पत्र लेखन की विशेषता पत्र की भाषा साधारण और बो

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Anil sarswat

College Lect.,Business Owner

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न पत्र लेखन की विशेषताएं क्या है बताइए आपको बता दें पत्र लेखन के निम्न विशेषताएं हो सकती है सरल भाषा शैली होनी चाहिए पत्र की भाषा सिद्धांत सरल और बोलचाल की होनी चाहिए शब्दों को प्रयोग में सावधानी रखनी चाहिए यह उपयुक्त सरल और मधुर हो सारी बातें सीधे सादे ढंग से स्पष्ट और प्रत्यक्ष कितनी चाहिए जिसके लिए पत्र लिखा जाए इसके लिए पद के अनुसार शिष्टाचार पूर्ण शब्दों का प्रयोग करना चाहिए पत्र में हृदय के भाव स्पष्ट रूप से व्यक्त होने चाहिए पत्र की भाषा सर लिस्ट होनी चाहिए पत्थर में बेकार की बातें नहीं लिखनी चाहिए उसने केवल मुख्य विषय के बारे में ही लिखना चाहिए पत्र में आशा व्यक्त करने के लिए छोटे वाक्यों का प्रयोग करना चाहिए पत्र लिखने के पश्चात उसे एक बार अवश्य पढ़ना चाहिए पत्र प्राप्त करता की आयु संबंधी योग्यता आदि को ध्यान में रखते हुए भाषा का प्रयोग करना चाहिए अनावश्यक विस्तार से बचना चाहिए पत्र में लिखी वर्तनी शुद्ध लेख स्वच्छ पत्र प्रेषित भेजने वाला तोता प्राप्त प्राप्त करने वाला के नाम पता अधिक स्पष्ट रूप से लिखे होने चाहिए पत्र के विषय में नहीं भटकना चाहिए यानी वेट की बातों का उल्लेख नहीं करना चाहिए धन्यवाद जय हिंद जय भारत

aapka prashna patra lekhan ki visheshtayen kya hai bataiye aapko bata de patra lekhan ke nimn visheshtayen ho sakti hai saral bhasha shaili honi chahiye patra ki bhasha siddhant saral aur bolchal ki honi chahiye shabdon ko prayog me savdhani rakhni chahiye yah upyukt saral aur madhur ho saari batein sidhe saade dhang se spasht aur pratyaksh kitni chahiye jiske liye patra likha jaaye iske liye pad ke anusaar shishtachar purn shabdon ka prayog karna chahiye patra me hriday ke bhav spasht roop se vyakt hone chahiye patra ki bhasha sir list honi chahiye patthar me bekar ki batein nahi likhani chahiye usne keval mukhya vishay ke bare me hi likhna chahiye patra me asha vyakt karne ke liye chote vaakyon ka prayog karna chahiye patra likhne ke pashchat use ek baar avashya padhna chahiye patra prapt karta ki aayu sambandhi yogyata aadi ko dhyan me rakhte hue bhasha ka prayog karna chahiye anavashyak vistaar se bachna chahiye patra me likhi vartani shudh lekh swachh patra preshit bhejne vala tota prapt prapt karne vala ke naam pata adhik spasht roop se likhe hone chahiye patra ke vishay me nahi bhatakana chahiye yani wait ki baaton ka ullekh nahi karna chahiye dhanyavad jai hind jai bharat

आपका प्रश्न पत्र लेखन की विशेषताएं क्या है बताइए आपको बता दें पत्र लेखन के निम्न विशेषताएं

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Prem

Teacher

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आपने पूछा कि पत्र लेखन की विशेषता क्या देखे पत्र लेखन किया जाता है दूर रहने वाले अपने सगे रिश्तेदारों या अपने दोस्तों के लिए पत्र लिखना जाए पत्र लेखन होता है उनकी कुशलता जानने के लिए नए समाचार जानने के लिए समाचार देना या कोई खबर पाना उसके लिए क्या है पत्र लेखन किया जाता है इसके अलावा निकालने के लिए भी पत्र लेखन किया जाता है जैसे सरकारी दफ्तर के लिए पत्र लेखन सरकारी अधिकारी को पत्र लेखन प्रधानमंत्री के लिए पत्र लेखन मुख्यमंत्री राष्ट्रपति के लिए पत्र लेखन धन्यवाद

aapne poocha ki patra lekhan ki visheshata kya dekhe patra lekhan kiya jata hai dur rehne waale apne sage rishtedaron ya apne doston ke liye patra likhna jaaye patra lekhan hota hai unki kushalata jaanne ke liye naye samachar jaanne ke liye samachar dena ya koi khabar paana uske liye kya hai patra lekhan kiya jata hai iske alava nikalne ke liye bhi patra lekhan kiya jata hai jaise sarkari daftaar ke liye patra lekhan sarkari adhikari ko patra lekhan pradhanmantri ke liye patra lekhan mukhyamantri rashtrapati ke liye patra lekhan dhanyavad

आपने पूछा कि पत्र लेखन की विशेषता क्या देखे पत्र लेखन किया जाता है दूर रहने वाले अपने सगे

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आपका सवाल है पत्र की विशेषता क्या है बताइए तो दिखी सवाल का जवाब में पत्र लेखन एक रोचक कला है अभिव्यक्ति के समस्त साधनों में से पत्र आज भी सबसे प्रमुख शक्तिशाली प्रभावपूर्ण और मनोरम स्थल रहता है पत्र लेखन में अंखियों का स्पष्ट दिखाई दिए जिसमें लीटर तथा पाठक दोनों समीप पता का अनुभव करते हैं लिखित भाषा का उद्देश्य सबसे अधिक पत्र लेखन द्वारा ही प्राप्त होती है होता है धन्यवाद

aapka sawaal hai patra ki visheshata kya hai bataiye toh dikhi sawaal ka jawab me patra lekhan ek rochak kala hai abhivyakti ke samast saadhano me se patra aaj bhi sabse pramukh shaktishali prabhavpurn aur manoram sthal rehta hai patra lekhan me ankhiyon ka spasht dikhai diye jisme litre tatha pathak dono sameep pata ka anubhav karte hain likhit bhasha ka uddeshya sabse adhik patra lekhan dwara hi prapt hoti hai hota hai dhanyavad

आपका सवाल है पत्र की विशेषता क्या है बताइए तो दिखी सवाल का जवाब में पत्र लेखन एक रोचक कला

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपना परिचय पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताए तो फ्रेंड बिल्कुल मैं आपको बताना चाहूंगा कि ऐसे पत्र लेखन इसको चाहिए जो कि आज तो बहुत समय पहले जब हम लोगों के पास मोबाइल फोन नहीं हुआ करती थी तो यह सिर्फ और सिर्फ हम लोगों का जो बातें हुआ करती थी संदेश में वह पत्र लेखन के माध्यम से हुआ करते थे और पत्र लेखन एक ऐसी पद्धति है जिसमें हम अपने सारे भाव और व्यक्ति के कागज के टुकड़े को उतारा करते थे और वह कार्य से पोस्ट ऑफिस के माध्यम पोस्ट ऑफिस के जरिए पोस्टमैन के माध्यम से डाकिए के माध्यम से हमारे अगले परिजन के पास वह पहुंच जाता था और उसे हमारी जो वार्तालाप होती थी वह चित्रों के माध्यम से अब पत्र लेखन बहुत अच्छी बातें अपने नगर जीता अच्छा पत्र लेखन करते हो उतना ही अच्छा आपकी राइटिंग बैठेगी और आपके सोचने समझने की क्षमता भी फ्रेंड उसी हिसाब से आप ही विकसित होगी धन्यवाद फ्रेंड

apna parichay patra lekhan ki visheshata kya hai bataye toh friend bilkul main aapko batana chahunga ki aise patra lekhan isko chahiye jo ki aaj toh bahut samay pehle jab hum logo ke paas mobile phone nahi hua karti thi toh yah sirf aur sirf hum logo ka jo batein hua karti thi sandesh me vaah patra lekhan ke madhyam se hua karte the aur patra lekhan ek aisi paddhatee hai jisme hum apne saare bhav aur vyakti ke kagaz ke tukde ko utara karte the aur vaah karya se post office ke madhyam post office ke jariye postman ke madhyam se dakiye ke madhyam se hamare agle parijan ke paas vaah pohch jata tha aur use hamari jo vartalaap hoti thi vaah chitron ke madhyam se ab patra lekhan bahut achi batein apne nagar jita accha patra lekhan karte ho utana hi accha aapki writing baithegi aur aapke sochne samjhne ki kshamta bhi friend usi hisab se aap hi viksit hogi dhanyavad friend

अपना परिचय पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताए तो फ्रेंड बिल्कुल मैं आपको बताना चाहूंगा कि ऐ

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AMAN KUMAR

TEACHER | UPSC ASPIRANT | UNACADEMY

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प्रश्न पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताएं तो देखिए एक बहुत महत्वपूर्ण है हमारे समाज में हमारे विकास में हम किसी को मैसेज कर देते हैं व्हाट्सएप

prashna patra lekhan ki visheshata kya hai bataye toh dekhiye ek bahut mahatvapurna hai hamare samaj me hamare vikas me hum kisi ko massage kar dete hain whatsapp

प्रश्न पत्र लेखन की विशेषता क्या है बताएं तो देखिए एक बहुत महत्वपूर्ण है हमारे समाज में हम

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पत्र का महत्व नीचल भावों और विचारों का आदान प्रदान पत्र द्वारा ही संभव है पत्र लेखन दो व्यक्तियों के बीच होता है इसके द्वारा तो हद हो या संबंध दिया होता है अतः पत्र सर ही एक ऐसा साधन है जो दूरस्थ व्यक्तियों को भावना की एक संगम भूमि पर ला खड़ा करता है और दोनों में आत्मीय संबंध स्थापित करता है

patra ka mahatva nichal bhavon aur vicharon ka aadaan pradan patra dwara hi sambhav hai patra lekhan do vyaktiyon ke beech hota hai iske dwara toh had ho ya sambandh diya hota hai atah patra sir hi ek aisa sadhan hai jo durasth vyaktiyon ko bhavna ki ek sangam bhoomi par la khada karta hai aur dono me atmiya sambandh sthapit karta hai

पत्र का महत्व नीचल भावों और विचारों का आदान प्रदान पत्र द्वारा ही संभव है पत्र लेखन दो व्य

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