महारथी करना का जनम कैसे हुआ विस्तार से बताये?...


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महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ था मारुति कार का जन्म इनको जो है सूर्य पुत्री कहा जाता है इस नीति के स्थान करते समय सूर्य के ताप से जो हेल्प उनका जन्म हुआ था इसलिए इनके सूर्यपुत्र भी कहा जाता है

maharathi karn ka janam kaise hua tha maaruti car ka janam inko jo hai surya putri kaha jata hai is niti ke sthan karte samay surya ke taap se jo help unka janam hua tha isliye inke suryaputra bhi kaha jata hai

महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ था मारुति कार का जन्म इनको जो है सूर्य पुत्री कहा जाता है इस

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Pushpanjali

Teacher & Carrier Cunsultancy

1:27
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हेलो दोस्तो आपने मुझसे पूछा अब महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ विस्तार से बताइए तो मैं आपको बताना चाहिए दोस्तों महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ मैं बताना चाहूंगी महारथी कर्ण कुंती के संस्कृत के सबसे बड़े पुत्र थे कुंती को ऐसा वरदान था किसी से हो जिस भगवान का भजन भगवान का स्मरण करके भगवान आपके अपने ही मन अपने ही बल के समान अपने ही बंद अपने ही जैसे बलशाली पुत्र को से प्रदान करेंगे तो खून 3 दिन ऐसी बैठी तो उसको लगा कि आप झूठ ऐसा कुछ हो नहीं सकता है तो उसने बैठे-बैठे वहां सूर्य भगवान की उपासना कि मुझे भगवान का ध्यान कैसे सूर्य भगवान आए और उसके पुत्र देकर चले गए तो उस टाइम कुंती की शादी नहीं हुई थी तो कुंती को लज्जा है कि लोग क्या कहेंगे कि मैं बिन ब्याही मां हूं तो लोग इसको नहीं समझे कि मुझे वरदान है तो फिर कौन थी कि इस वरदान को कुंती ने नदी में हरिया और फिर करण जोहर को उस करने गोद ले लिया तो कर ले फिर उसके बाद इंसान को छूट परिवार ने गोद ले लिया तो इस तरह कर्ण सूत पुत्र कर्ण कहलाने लगा लेकिन शुभकरण जो था वह छत्रिय था संडे था वह बहुत महावीर था और बहुत ही महान दानी था कल जैसा दानी आज तक इस संसार में कोई दूसरा नहीं हुआ धन्यवाद

hello doston aapne mujhse poocha ab maharathi karn ka janam kaise hua vistaar se bataiye toh main aapko batana chahiye doston maharathi karn ka janam kaise hua main batana chahungi maharathi karn kuntee ke sanskrit ke sabse bade putra the kuntee ko aisa vardaan tha kisi se ho jis bhagwan ka bhajan bhagwan ka smaran karke bhagwan aapke apne hi man apne hi bal ke saman apne hi band apne hi jaise balshali putra ko se pradan karenge toh khoon 3 din aisi baithi toh usko laga ki aap jhuth aisa kuch ho nahi sakta hai toh usne baithe baithe wahan surya bhagwan ki upasana ki mujhe bhagwan ka dhyan kaise surya bhagwan aaye aur uske putra dekar chale gaye toh us time kuntee ki shaadi nahi hui thi toh kuntee ko lajja hai ki log kya kahenge ki main bin byahi maa hoon toh log isko nahi samjhe ki mujhe vardaan hai toh phir kaun thi ki is vardaan ko kuntee ne nadi me hariya aur phir karan johar ko us karne god le liya toh kar le phir uske baad insaan ko chhut parivar ne god le liya toh is tarah karn sut putra karn kahlane laga lekin shubhkaran jo tha vaah Kshatriya tha sunday tha vaah bahut mahavir tha aur bahut hi mahaan Dani tha kal jaisa Dani aaj tak is sansar me koi doosra nahi hua dhanyavad

हेलो दोस्तो आपने मुझसे पूछा अब महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ विस्तार से बताइए तो मैं आपको ब

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Prem

Teacher

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आपका प्रश्न है कि महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ तभी मैं आप बता दो दुर्वासा ऋषि के वरदान से कुंती ने सूर्य का आवाहन करके कमरे में ही करण को जन्म दिया लोक लाज वैसे कुंती ने उसे नदी में बहा दिया था बाद में गंगा किनारे हस्तिनापुर के सारथी अधिरथ को कांड मिला और वह उस बालक को अपने घर ले गया करण को अधि रत की पत्नी राधा ने पाला इसलिए करण का कोरा देवी कहते हैं कुंती सूर्यपुत्र कर्ण को महाभारत का एक महत्वपूर्ण योद्धा माना जाता है करण के धर्म पिता तो पांडव थे लेकिन पालक पिता 24:00 और पालक माता राधा ठीक कर दानवीर के रूप में प्रसिद्ध थे उन्होंने अपने कवच कुंडल दान में दे दिए और अंतिम समय में सोने के दांत भी दे दिया धन्यवाद

aapka prashna hai ki maharathi karn ka janam kaise hua tabhi main aap bata do durvasa rishi ke vardaan se kuntee ne surya ka avahan karke kamre me hi karan ko janam diya lok laj waise kuntee ne use nadi me baha diya tha baad me ganga kinare hastinapur ke saarthi adhirath ko kaand mila aur vaah us balak ko apne ghar le gaya karan ko adhi rat ki patni radha ne pala isliye karan ka quora devi kehte hain kuntee suryaputra karn ko mahabharat ka ek mahatvapurna yodha mana jata hai karan ke dharm pita toh pandav the lekin paalak pita 24 00 aur paalak mata radha theek kar daanveer ke roop me prasiddh the unhone apne kavach kundal daan me de diye aur antim samay me sone ke dant bhi de diya dhanyavad

आपका प्रश्न है कि महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ तभी मैं आप बता दो दुर्वासा ऋषि के वरदान से

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का सवाल है महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ था विस्तार से बताइए मोदी की सभा का जवाब है महारथी कर्ण का जन्म कुंती को मिले एक वरदान स्वरूप हुआ था जो योग कुंवारी थी तब एक बार दरवाजा ऋषि उनके पिता के महल में पधारे जब कुंती ने पूरी 1 वर्ष तक ऋषि के बहुत अच्छे से सेवा की तो इस कार्य नहीं करना का जन्म हुआ था धन्यवाद

ka sawaal hai maharathi karn ka janam kaise hua tha vistaar se bataiye modi ki sabha ka jawab hai maharathi karn ka janam kuntee ko mile ek vardaan swaroop hua tha jo yog kuwaari thi tab ek baar darwaja rishi unke pita ke mahal me padhare jab kuntee ne puri 1 varsh tak rishi ke bahut acche se seva ki toh is karya nahi karna ka janam hua tha dhanyavad

का सवाल है महारथी कर्ण का जन्म कैसे हुआ था विस्तार से बताइए मोदी की सभा का जवाब है महारथी

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MD MUSHTAK

Teacher

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कर्ण का जन्म कुंती को मिले एक वरदान स्वरूप हुआ था जब कुंवारी थी तब एक बार दोबारा उनके ऋषि उनके पिता के महलों पधारे तो कुंती ने पूरे 1 वर्ष तक से ऋषि की बात अच्छे से सेवा कि मुझे से परेशान ना हो कि उन्होंने उसे वरदान दिया था कि किसी भी देवता से तुम एक संतान मांग सकती हो

karn ka janam kuntee ko mile ek vardaan swaroop hua tha jab kuwaari thi tab ek baar dobara unke rishi unke pita ke mahalon padhare toh kuntee ne poore 1 varsh tak se rishi ki baat acche se seva ki mujhe se pareshan na ho ki unhone use vardaan diya tha ki kisi bhi devta se tum ek santan maang sakti ho

कर्ण का जन्म कुंती को मिले एक वरदान स्वरूप हुआ था जब कुंवारी थी तब एक बार दोबारा उनके ऋषि

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