हिंदी दिवस मानाने का कारन क्या है और उस से कैसे बचा जाये?...


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Suresh Singh

Teacher and Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम तो बजा हिंदी दिवस ना में क्या क्या कारण है हिंदी दिवस आने का कारण है कि हमारे संविधान में 14 सितंबर 1949 को हिंदी भाषा को राजभाषा चुना गया और पहला हिंदी दिवस 14 सितंबर 21 को मनाया गया

hum toh baja hindi divas na mein kya kya karan hai hindi divas aane ka karan hai ki hamare samvidhan mein 14 september 1949 ko hindi bhasha ko rajbhasha chuna gaya aur pehla hindi divas 14 september 21 ko manaya gaya

हम तो बजा हिंदी दिवस ना में क्या क्या कारण है हिंदी दिवस आने का कारण है कि हमारे संविधान म

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TANMAY KR.

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने प्रक्रिया है हिंदी दिवस मनाने का क्या कारण है मैं बताना चाहता हूं जब आजादी के बाद हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा देने का समय आया तो कई लोगों ने जातिवाद की राजनीति इसलिए हिंदी भाषा के समान अधिकार दिया गया है इसके कारण अंग्रेजी भाषा को हिंदी भाषा के समान अधिकार दिया गया है और यह भी भारत की राजभाषा बन गई है हिंदी हमारी भारत की राजभाषा बन गई है इस भाषा को बचाने के लिए हम प्रत्येक वर्ष इस भाषा के अपमान करते हैं अपने छोटे बच्चों में अपने छात्रों को इतना दिलाते हैं कि हम इस देश के वासी हैं हिंदी हमारी राजभाषा है कि कभी भी नहीं त्यागना इनकी अपनी भाषा को त्यागने का अर्थ होता है अपनी मात्र को त्याग देना हिंदी दिवस मनाया

aapne prakriya hai hindi divas manane ka kya karan hai main batana chahta hoon jab azadi ke baad hindi ko rashtrabhasha ka darja dene ka samay aaya toh kai logo ne jaatiwad ki raajneeti isliye hindi bhasha ke saman adhikaar diya gaya hai iske karan angrezi bhasha ko hindi bhasha ke saman adhikaar diya gaya hai aur yah bhi bharat ki rajbhasha ban gayi hai hindi hamari bharat ki rajbhasha ban gayi hai is bhasha ko bachane ke liye hum pratyek varsh is bhasha ke apman karte hain apne chote baccho me apne chhatro ko itna dilate hain ki hum is desh ke waasi hain hindi hamari rajbhasha hai ki kabhi bhi nahi tyagna inki apni bhasha ko tyaagane ka arth hota hai apni matra ko tyag dena hindi divas manaya

आपने प्रक्रिया है हिंदी दिवस मनाने का क्या कारण है मैं बताना चाहता हूं जब आजादी के बाद हिं

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नमस्कार हिंदी दिवस का इतिहास और इसे दिवस में शून्य के मान का कारण बहुत पुराना है वर्ष 1918 में महात्मा गांधी के दोस्त दोनों ने इसे जनमानस की भाषा कहा था और इसे देश की राष्ट्रभाषा भी बनाने को कहा था लेकिन आजादी के बाद ऐसा कुछ नहीं हो सका सत्ता में आसीन लोगों और जाति भाषा के नाम पर राजनीति करने वाला कभी हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने नहीं दिया तभी

namaskar hindi divas ka itihas aur ise divas me shunya ke maan ka karan bahut purana hai varsh 1918 me mahatma gandhi ke dost dono ne ise janmanas ki bhasha kaha tha aur ise desh ki rashtrabhasha bhi banane ko kaha tha lekin azadi ke baad aisa kuch nahi ho saka satta me aaseen logo aur jati bhasha ke naam par raajneeti karne vala kabhi hindi ko rashtrabhasha banane nahi diya tabhi

नमस्कार हिंदी दिवस का इतिहास और इसे दिवस में शून्य के मान का कारण बहुत पुराना है वर्ष 1918

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