गिरे है तो क्या है संभल जायेंगे विस्तार में बताये?...


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Shivendra Pratap Singh

Engineer , Assistant Professor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मित्र आपका पर्सनल गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे विस्तार में बताएं तो अब बताना चाहता हूं कि हमें अपनी लाइफ में हमेशा ऐसा ही एटीट्यूड रखना चाहिए हमें नेगेटिविटी ज्यादा नहीं रखनी चाहिए अगर हम किसी चीज को सीख रहे हैं और फेल हो रहे हैं तो हमें उस चीज के बारे में और सीखना प्रारंभ करना चाहिए इससे हमारी चीजों को इंप्रूवमेंट बनता है और हम लोग सक्सेस की तरफ बढ़ते हैं

mitra aapka personal gire hain toh kya hai sambhal jaenge vistaar me bataye toh ab batana chahta hoon ki hamein apni life me hamesha aisa hi attitude rakhna chahiye hamein negativity zyada nahi rakhni chahiye agar hum kisi cheez ko seekh rahe hain aur fail ho rahe hain toh hamein us cheez ke bare me aur sikhna prarambh karna chahiye isse hamari chijon ko improvement banta hai aur hum log success ki taraf badhte hain

मित्र आपका पर्सनल गिरे हैं तो क्या है संभल जाएंगे विस्तार में बताएं तो अब बताना चाहता हूं

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Vaishali

Teacher

0:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गिरे हैं तो क्या संभल जाएंगे अगर इसकी बात की जाए जैसे कि इस वाक्य से प्रदर्शित होता है इसमें कहा गया है कि मनुष्य मैं हमेशा ऐसे समझ सकते एक जैसे क्यों मानते हैं कि मनुष्य जो है वह गलतियों का पुतला वह गलतियों का पतला होता है या नहीं वह गलती बाहर बात करता रहता है कि कि यदि मुझसे गलती नहीं करता तो भगवान माना जाता है उसे क्या मनीषा हम गलती करते लेकिन गलती करते हैं तो हमें सोचना चाहिए कि हमने नहीं दोहराएंगे जानी क्या गलती करते हैं और फिर हम उसमें फंस जाते हैं तो ध्यान रखिए कि आप वैसे से बाहर निकल जाएंगे इसीलिए कहा गया है कि गिरे हैं तो संभल जाएंगे धन्यवाद

gire hain toh kya sambhal jaenge agar iski baat ki jaaye jaise ki is vakya se pradarshit hota hai isme kaha gaya hai ki manushya main hamesha aise samajh sakte ek jaise kyon maante hain ki manushya jo hai vaah galatiyon ka putalaa vaah galatiyon ka patla hota hai ya nahi vaah galti bahar baat karta rehta hai ki ki yadi mujhse galti nahi karta toh bhagwan mana jata hai use kya manisha hum galti karte lekin galti karte hain toh hamein sochna chahiye ki humne nahi dohraenge jani kya galti karte hain aur phir hum usme fans jaate hain toh dhyan rakhiye ki aap waise se bahar nikal jaenge isliye kaha gaya hai ki gire hain toh sambhal jaenge dhanyavad

गिरे हैं तो क्या संभल जाएंगे अगर इसकी बात की जाए जैसे कि इस वाक्य से प्रदर्शित होता है इसम

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SAPNA RANA

Teacher of Biology( Msc. Zoology .3time Ctet . 1time Htet Qualify)

1:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कहने का मतलब नहीं है कि इंसान को कभी भी अपने जीवन के अंदर हार नहीं माननी चाहिए मैं हरियाणा से बिलॉन्ग करती हूं आपको खुद के जीवन के बारे में बस थोड़ा संक्षेप में बताती हूं कि मैंने अपनी लाइफ के अंदर बहुत दिन देखे हैं कि मैंने लोगों के साथ जुड़े हैं बिकॉज़ माय मदर इज नॉट फाइन मेरी मामा हॉस्पिटल स्टेरिंग मैंने अपने आप को बहुत ही गहराई में भी देखा इतनी नीचे पर मैंने अपने आप को देखा कि मेरा सारा अनकार टूट कर बिखर चुका था एक बार में टूट चुकी थी खत्म हो चुकी थी लेकिन दोबारा फिर मैंने अपने आप को संभाला और खुद से अपने आपको स्टैंड किया और अजमेर अपना कुछ लेवल है मेरी अपनी कुछ पहचान है आज एमएससी लेक्चरर में वर्क करती हूं तो यह चीज मैं खुद अपने आप रिप्लाई करती हूं क्योंकि मुझे छोड़ जिसने भी क्वेश्चन पूछा है मुझे बहुत अच्छा तो आप लोगों की गिरे हैं तो क्या संभल जाएंगे फिर भी गए तो क्या प्रॉब्लम है अरे हम लोग फेल हो गए तो क्या दिक्कत है जो फेल होने वाला होता है वह उस चीज को 2 बार सीखता है और जो पास हो तो वह चीज को सिर्फ एक बार सकता है जिस तरह से हमेशा अच्छे से मीनिंग समझ सकते हैं

kehne ka matlab nahi hai ki insaan ko kabhi bhi apne jeevan ke andar haar nahi maanani chahiye main haryana se Belong karti hoon aapko khud ke jeevan ke bare me bus thoda sankshep me batati hoon ki maine apni life ke andar bahut din dekhe hain ki maine logo ke saath jude hain because my mother is not fine meri mama hospital stering maine apne aap ko bahut hi gehrai me bhi dekha itni niche par maine apne aap ko dekha ki mera saara anakar toot kar bikhar chuka tha ek baar me toot chuki thi khatam ho chuki thi lekin dobara phir maine apne aap ko sambhala aur khud se apne aapko stand kiya aur ajmer apna kuch level hai meri apni kuch pehchaan hai aaj mnc Lecturer me work karti hoon toh yah cheez main khud apne aap reply karti hoon kyonki mujhe chhod jisne bhi question poocha hai mujhe bahut accha toh aap logo ki gire hain toh kya sambhal jaenge phir bhi gaye toh kya problem hai are hum log fail ho gaye toh kya dikkat hai jo fail hone vala hota hai vaah us cheez ko 2 baar sikhata hai aur jo paas ho toh vaah cheez ko sirf ek baar sakta hai jis tarah se hamesha acche se meaning samajh sakte hain

कहने का मतलब नहीं है कि इंसान को कभी भी अपने जीवन के अंदर हार नहीं माननी चाहिए मैं हरियाणा

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