राजयोग क्या है विस्तार में बताये?...


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Bk Ashok Pandit

आध्यात्मिक गुरु

2:35

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आपका सवाल बहुत ही अच्छा है सुंदर सवाल है राजयोग क्या है राजयोग अंतर जगत की और एक यात्रा है यह स्वयं को जानने या यूं कहें कि उन्हें पहचानने की यात्रा है राजयोग अर्थात अपनी भावर भरी जिंदगी से थोड़ा समय निकालकर शांति में बैठकर आत्म निरीक्षण करना इस तरह के समय निकालने से हम अपने चेतना के मंकी और लौट आते हैं इस आधुनिक दुनिया में हम अपनी जिंदगी से इतनी दूर निकल आए हैं कि हम अपनी सच्चे मन की शांति और शक्ति को भूल गए हैं फिर जब हमारी जगह कमजोर होने लगती है तो हम इधर उधर के आकर्षणों में हंसने लग जाते हैं और यहीं से हम तनाव महसूस करने लग जाते हैं रिश्ते यह तनाव हमारी मानसिक भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य को और संतुलित कर हमें बीमारियों में भी जकड़ सकता है राजयोग एक ऐसा योग है जिसे हम हर कोई कर सकता है यह एक ऐसा योग है जिसमें कोई धार्मिक प्रक्रिया या मंत्र आदि नहीं है इसे कहीं भी और किसी भी समय किया जा सकता है राज्यों को आंख खोलकर किया जाता है इसलिए यह अभ्यास सरल और आसान है योग एक ऐसी स्थिति है जिसमें हम अपनी रोजमर्रा की चिंताओं से प्रेम जाते हैं और हम अपने आध्यात्मिक सशक्तिकरण का आरंभ करते हैं आध्यात्मिक जागृति हमें व्यर्थ और नकाब भाव से दूर कर अच्छे और सकारात्मक विचार सुनने की शक्ति देता है हम परिस्थितियों का जवाब जल्दी बाजी में देने के बजाय सोच समझ के करेंगे हम समरसता में जीने लगते हैं बेहतर खुशनुमा और मजबूत रिश्ते बनाकर अपने जीवन में शकत में परिवर्तन कर पाते हैं हमारी बात सुनने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

aapka sawaal bahut hi accha hai sundar sawaal hai rajyog kya hai rajyog antar jagat ki aur ek yatra hai yah swayam ko jaanne ya yun kahein ki unhe pahachanne ki yatra hai rajyog arthat apni bhawar bhari zindagi se thoda samay nikalakar shanti mein baithkar aatm nirikshan karna is tarah ke samay nikalne se hum apne chetna ke monkey aur lot aate hain is aadhunik duniya mein hum apni zindagi se itni dur nikal aaye hain ki hum apni sacche man ki shanti aur shakti ko bhool gaye hain phir jab hamari jagah kamjor hone lagti hai toh hum idhar udhar ke akarshanon mein hasne lag jaate hain aur yahin se hum tanaav mehsus karne lag jaate hain rishte yah tanaav hamari mansik bhavnatmak aur sharirik swasthya ko aur santulit kar hamein bimariyon mein bhi jakad sakta hai rajyog ek aisa yog hai jise hum har koi kar sakta hai yah ek aisa yog hai jisme koi dharmik prakriya ya mantra aadi nahi hai ise kahin bhi aur kisi bhi samay kiya ja sakta hai rajyo ko aankh kholakar kiya jata hai isliye yah abhyas saral aur aasaan hai yog ek aisi sthiti hai jisme hum apni rozmarra ki chintaon se prem jaate hain aur hum apne aadhyatmik shshaktikaran ka aarambh karte hain aadhyatmik jagriti hamein vyarth aur nakaab bhav se dur kar acche aur sakaratmak vichar sunne ki shakti deta hai hum paristhitiyon ka jawab jaldi baazi mein dene ke bajay soch samajh ke karenge hum samarsata mein jeene lagte hain behtar khushnuma aur majboot rishte banakar apne jeevan mein shakat mein parivartan kar paate hain hamari baat sunne ke liye bahut bahut dhanyavad

आपका सवाल बहुत ही अच्छा है सुंदर सवाल है राजयोग क्या है राजयोग अंतर जगत की और एक यात्रा है

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Afran Khan

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आपका प्रश्न है राजयोग क्या है विस्तार में बताएं तो राज योग भक्ति योग कर्म योग ज्ञान योग के अलग-अलग संदर्भ में अलग-अलग अर्थ है आध्यात्मिक आध्यात्मिक प्रक्रिया ऐतिहासिक रूप में कर्मियों की अंतिम अवस्था संवेदी को ही राजयोग कहते हैं राजीव कहते थे आधुनिक सर्वे में हिंदुओं के छह दर्शनों में से एक का नाम राजयोग है

aapka prashna hai rajyog kya hai vistaar me bataye toh raj yog bhakti yog karm yog gyaan yog ke alag alag sandarbh me alag alag arth hai aadhyatmik aadhyatmik prakriya etihasik roop me karmiyon ki antim avastha samvedi ko hi rajyog kehte hain rajeev kehte the aadhunik survey me hinduon ke cheh darshano me se ek ka naam rajyog hai

आपका प्रश्न है राजयोग क्या है विस्तार में बताएं तो राज योग भक्ति योग कर्म योग ज्ञान योग के

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फ्रेंड आपने पूरा किया है कि राजयोग क्या है विस्तार में बताएं तो फ्रेंड राज योग योग के अलग-अलग संदर्भों में अलग-अलग अर्थ होता है आध्यात्मिक पद्धति आध्यात्मिक प्रक्रिया ऐतिहासिक रूप में कर्मयोग की अंतिम अवस्था समाधि को ही राजयोग कहते हैं आधुनिक संदर्भ में हिंदुओं के छह दर्शनों में से एक का नाम राजयोग या केवल योग है महर्षि पतंजलि योग सूत्र इसका मुख्य कारण है 18 वीं शताब्दी में भी स्वामी विवेकानंद ने राज्यों का आधुनिक अर्थ में प्रयोग आरंभ किया था इस विषय पर उनके व्याख्यान ओं का संकलन राजयोग नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित हुआ है जो पातंजल योग का प्रमुख आधुनिक तुरंत कहा जाता है राजयोग सभी योग का राजा कहलाता है क्योंकि इससे प्रत्येक प्रकार के योग की कुछ ना कुछ सामग्री अवश्य मिल जाती है राजयोग महर्षि पतंजलि द्वारा रचित अष्टांग योग का वर्णन आता है राजीव अभिषेक चित्त वृत्तियों का निरोध करता है महर्षि पतंजलि ने समाहित चित्र वालों के लिए अभ्यास और वैराग्य तथा विक्षिप्त चित्र वालों के लिए क्रिया योग का सहारा लेकर आगे बढ़ने का रास्ता सुझाया है इन साधनों का उपयोग करके साधक के किले शो को नाश होता है चित्र प्रसन्न होकर ए ज्ञान का प्रकाश फैलता और विवेक के ख्याति प्राप्त होती है धन्यवाद फ्रेंड

friend aapne pura kiya hai ki rajyog kya hai vistaar me bataye toh friend raj yog yog ke alag alag sandarbhon me alag alag arth hota hai aadhyatmik paddhatee aadhyatmik prakriya etihasik roop me karmayog ki antim avastha samadhi ko hi rajyog kehte hain aadhunik sandarbh me hinduon ke cheh darshano me se ek ka naam rajyog ya keval yog hai maharshi patanjali yog sutra iska mukhya karan hai 18 vi shatabdi me bhi swami vivekananda ne rajyo ka aadhunik arth me prayog aarambh kiya tha is vishay par unke vyakhyan on ka sankalan rajyog namak pustak ke roop me prakashit hua hai jo patanjal yog ka pramukh aadhunik turant kaha jata hai rajyog sabhi yog ka raja kehlata hai kyonki isse pratyek prakar ke yog ki kuch na kuch samagri avashya mil jaati hai rajyog maharshi patanjali dwara rachit ashtanga yog ka varnan aata hai rajeev abhishek chitt vrittiyon ka nirodh karta hai maharshi patanjali ne samahit chitra walon ke liye abhyas aur varagya tatha vikshipt chitra walon ke liye kriya yog ka sahara lekar aage badhne ka rasta sujhaya hai in saadhano ka upyog karke sadhak ke kile show ko naash hota hai chitra prasann hokar a gyaan ka prakash failata aur vivek ke khyati prapt hoti hai dhanyavad friend

फ्रेंड आपने पूरा किया है कि राजयोग क्या है विस्तार में बताएं तो फ्रेंड राज योग योग के अलग-

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