आत्मा क्या है इन हिंदी विस्तार में बताये?...


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DR. I.P.SINGH

Doctorate in Literature

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सामान्य भाषा में मनुष्य के अंदर का जो तत्व है जीव तत्व जिसके कारण वह जिंदा रहता है जिसके चले जाने पर शरीर को छोड़ जाने पर शरीर व्यर्थ हो जाता उसे आत्मा कहते हैं और आत्मा से जुड़ी हुई बातें आत्म तत्व में आती हैं नैतिकता इंसानियत संवेदनशीलता आत्मक तत्व के विषय होते हैं और शंकराचार्य ने इसी पर एक बहुत बड़ा सिद्धांत दिया है जिसके ऊपर आज पूरी भारतीय संस्कृति हमारी धर्म योजनाए आधारित है वह है ईश्वर अंश जीव अविनाशी ईश्वर का अंश है और यह जीवात्मा कभी भी नष्ट नहीं होती है तो वही ईश्वर का अंश को आत्मा माना गया है फिर इसके अलग-अलग सिद्धांत बना डाली किसीने विशेषता को एक बनाया किसी ने सुधार रोहित बनाया किसी ने बता दो ही तो बनाया किसी ने बनाए चार सिद्धांत हमारे देश में चले तो आत्मक तत्व जो आत्मचिंतन करता है और अपने को केंद्र में रखकर के संसार के समस्त संदर्भों से अपनी सत्ता को समझने पर रखने की चेष्टा करता है उसे आत्मक तत्व या आत्मा कहा जाता है और इस तरह से हमारे यहां 2 सप्ताह मानी जाती है आत्मा और परमात्मा कुछ कहते हैं दोनों अलग-अलग है कुछ कहते हैं हिंदी साहित्य की पूरी आध्यात्मिक चेतना इसी पर आधारित है शंकराचार्य के तीन सिद्धांत ईश्वर अविनाशी एको अहम् द्वितीयो नास्ति एक तरफ यह कहते हैं कि शंकराचार्य का जो मेन सिद्धांत उसको ध्यान में रख लीजिए एक मैं ही हूं दूसरा नहीं है इसका मतलब आत्मा और परमात्मा एक ही एक दूसरा और कहते ब्रह्म सत्यं जगत मिथ्या कि ब्रह्म सत्य है और जगत मिथ्या है तो यह है कि ब्रह्म सत्य है और यह जगत मिथ्या है तो शंकराचार्य के श्रद्धालुओं की लंबी चौड़ी व्याख्या मैंने आपको कहा हमारे देश की बेटी

samanya bhasha me manushya ke andar ka jo tatva hai jeev tatva jiske karan vaah zinda rehta hai jiske chale jaane par sharir ko chhod jaane par sharir vyarth ho jata use aatma kehte hain aur aatma se judi hui batein aatm tatva me aati hain naitikta insaniyat samvedansheelata aatmkatha tatva ke vishay hote hain aur shankaracharya ne isi par ek bahut bada siddhant diya hai jiske upar aaj puri bharatiya sanskriti hamari dharm yojanaye aadharit hai vaah hai ishwar ansh jeev avinashi ishwar ka ansh hai aur yah jivaatma kabhi bhi nasht nahi hoti hai toh wahi ishwar ka ansh ko aatma mana gaya hai phir iske alag alag siddhant bana dali kisi ne visheshata ko ek banaya kisi ne sudhaar rohit banaya kisi ne bata do hi toh banaya kisi ne banaye char siddhant hamare desh me chale toh aatmkatha tatva jo atmachintan karta hai aur apne ko kendra me rakhakar ke sansar ke samast sandarbhon se apni satta ko samjhne par rakhne ki cheshta karta hai use aatmkatha tatva ya aatma kaha jata hai aur is tarah se hamare yahan 2 saptah maani jaati hai aatma aur paramatma kuch kehte hain dono alag alag hai kuch kehte hain hindi sahitya ki puri aadhyatmik chetna isi par aadharit hai shankaracharya ke teen siddhant ishwar avinashi eko aham dwitiyo nasti ek taraf yah kehte hain ki shankaracharya ka jo main siddhant usko dhyan me rakh lijiye ek main hi hoon doosra nahi hai iska matlab aatma aur paramatma ek hi ek doosra aur kehte Brahma satyan jagat mithya ki Brahma satya hai aur jagat mithya hai toh yah hai ki Brahma satya hai aur yah jagat mithya hai toh shankaracharya ke shraddhaluon ki lambi chaudi vyakhya maine aapko kaha hamare desh ki beti

सामान्य भाषा में मनुष्य के अंदर का जो तत्व है जीव तत्व जिसके कारण वह जिंदा रहता है जिसके

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RAZIBUL ISLAM KHAN

Teacher- 10 Years experience in colleges as a assistant professor

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आत्मा क्या है हिंदी में बताएं लिखे आत्मा के स्वरूप जाने से पूर्व जान ले कि समस्त वेद जिसका उपाधि प्रदान करती है वह है वह वह पूरा का पूरा पत्थर पर आपकी परमात्मा जो साल हां सब नामों से पूरे होने पर भी सब नामों से भरा हुआ है जो 4 वर्ष का था यह नाम विभिन्न होते हुए भी उन अनेक नामों से संबंधित किया जाता है उसके समस्त नामों में कौन सर्वश्रेष्ठ है ओम शांति ओम फोटो प्रतीक है यह अक्सर ही ब्रह्म है और इस अवसर को रामेश्वरम समझा कर उसके और सुना करने से ज्यादा की जो चाहता है यह प्राप्त करता है यह अहंकार आदि ब्रह्म की प्राप्ति का सबसे उत्तम और श्रेष्ठ आचरण

aatma kya hai hindi me bataye likhe aatma ke swaroop jaane se purv jaan le ki samast ved jiska upadhi pradan karti hai vaah hai vaah vaah pura ka pura patthar par aapki paramatma jo saal haan sab namon se poore hone par bhi sab namon se bhara hua hai jo 4 varsh ka tha yah naam vibhinn hote hue bhi un anek namon se sambandhit kiya jata hai uske samast namon me kaun sarvashreshtha hai om shanti om photo prateek hai yah aksar hi Brahma hai aur is avsar ko rameshwaram samjha kar uske aur suna karne se zyada ki jo chahta hai yah prapt karta hai yah ahankar aadi Brahma ki prapti ka sabse uttam aur shreshtha aacharan

आत्मा क्या है हिंदी में बताएं लिखे आत्मा के स्वरूप जाने से पूर्व जान ले कि समस्त वेद जिसका

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क्वेश्चन है कि आत्मा क्या है हिंदी में बताएं तो आत्मा दिल है जो की आत्मा को डायरेक्ट परमात्मा से संपर्क रहता है कनेक्शन रखता है आत्मा यदि आपका भगवान में लगा हुआ है तो कनेक्शन जब भगवान से रहता है आपका सभी मनोकामनाएं पूर्ण परमात्मा एक परमात्मा का रूप है

question hai ki aatma kya hai hindi me bataye toh aatma dil hai jo ki aatma ko direct paramatma se sampark rehta hai connection rakhta hai aatma yadi aapka bhagwan me laga hua hai toh connection jab bhagwan se rehta hai aapka sabhi manokamnaen purn paramatma ek paramatma ka roop hai

क्वेश्चन है कि आत्मा क्या है हिंदी में बताएं तो आत्मा दिल है जो की आत्मा को डायरेक्ट परमात

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AMAN KUMAR

TEACHER | UPSC ASPIRANT | UNACADEMY

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आपका प्रश्न है कि आत्मा क्या है इन हिंदी विस्तार में बताने के गीता के अध्याय 4 तथा श्लोक शरण में यह कहा गया है कि यद्यपि मैं आज जन्म तथा अविनाशी हूं और याद भी मैं समस्त जीवो का स्वामी हूं तो भी प्रत्येक युग में मैं अपने आधी रूप में प्रकट होता रहूंगा इस से तात्पर्य होता है कि आत्मा जो है वह मंजर बता तथा सर्व व्यापी होता है इसे कोई नहीं मार सकता नहीं जला सकता नहीं खा सकता है आत्मा ज्योति है परमात्मा का अंश होता है तो इसकी कोई भी मर्यादा नहीं होती है धन्यवाद

aapka prashna hai ki aatma kya hai in hindi vistaar me batane ke geeta ke adhyay 4 tatha shlok sharan me yah kaha gaya hai ki yadyapi main aaj janam tatha avinashi hoon aur yaad bhi main samast jeevo ka swami hoon toh bhi pratyek yug me main apne aadhi roop me prakat hota rahunga is se tatparya hota hai ki aatma jo hai vaah manjar bata tatha surv vyapi hota hai ise koi nahi maar sakta nahi jala sakta nahi kha sakta hai aatma jyoti hai paramatma ka ansh hota hai toh iski koi bhi maryada nahi hoti hai dhanyavad

आपका प्रश्न है कि आत्मा क्या है इन हिंदी विस्तार में बताने के गीता के अध्याय 4 तथा श्लोक श

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दोस्तों आपका पूछा गया प्रश्न है आत्मा क्या है इन हिंदी विस्तार में बताया जी तो इसका उत्तर है देखिए आत्मा जो है अमर है और यह मनुष्य के शरीर में रहता है जब मनुष्य मरता है तब मनुष्य के शरीर में से निकलती है यह आत्मा शरीर जीवित नहीं रहता लेकिन आत्मा जो है हमेशा जीवित रहता है शरीर एक तरीके का फरमा है और आत्मा जो है जान है

doston aapka poocha gaya prashna hai aatma kya hai in hindi vistaar me bataya ji toh iska uttar hai dekhiye aatma jo hai amar hai aur yah manushya ke sharir me rehta hai jab manushya marta hai tab manushya ke sharir me se nikalti hai yah aatma sharir jeevit nahi rehta lekin aatma jo hai hamesha jeevit rehta hai sharir ek tarike ka pharma hai aur aatma jo hai jaan hai

दोस्तों आपका पूछा गया प्रश्न है आत्मा क्या है इन हिंदी विस्तार में बताया जी तो इसका उत्तर

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आत्मा का निवास शरीर में होता है जब शरीर में आत्मा मौजूद है तभी तक व्यक्ति जिंदा है और तभी तक तरीका अस्तित्व है आत्मा कभी मरता नहीं यह अजर है अमर है अविनाशी है शरीर छोड़ देने के बाद आत्मा चली जाती है और व्यक्ति का शरीर मृत हो जाता है आत्मा के बारे में गीता में कहा गया है नए नाम चिदांती शास्त्रनी नए नाम दाती पावटा

aatma ka niwas sharir me hota hai jab sharir me aatma maujud hai tabhi tak vyakti zinda hai aur tabhi tak tarika astitva hai aatma kabhi marta nahi yah ajar hai amar hai avinashi hai sharir chhod dene ke baad aatma chali jaati hai aur vyakti ka sharir mrit ho jata hai aatma ke bare me geeta me kaha gaya hai naye naam chidanti shastrani naye naam daati pawta

आत्मा का निवास शरीर में होता है जब शरीर में आत्मा मौजूद है तभी तक व्यक्ति जिंदा है और तभी

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Sunil

Teacher

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आत्मा एक कमी है आत्मा एक ऐसी वस्तु है जिसका कोई रूप नहीं है जिसका कोई आकार नहीं है सिर्फ उसी प्राणों के रूप में हम अपने शरीर में महसूस कर सकते हैं और जब यह हमारे शरीर से निकल जाती है तो हम मर जाते हैं

aatma ek kami hai aatma ek aisi vastu hai jiska koi roop nahi hai jiska koi aakaar nahi hai sirf usi pranon ke roop me hum apne sharir me mehsus kar sakte hain aur jab yah hamare sharir se nikal jaati hai toh hum mar jaate hain

आत्मा एक कमी है आत्मा एक ऐसी वस्तु है जिसका कोई रूप नहीं है जिसका कोई आकार नहीं है सिर्फ उ

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आत्मा का मतलब होता है जो हम हम हम जो कुछ भी करते हैं वही मतलब हमें आगे डायरेक्शन दिखाता है क्या करना है नहीं करना है और बहुत ही एक पाठ है जिसकी तरफ से हमारा जिंदगी है

aatma ka matlab hota hai jo hum hum hum jo kuch bhi karte hain wahi matlab hamein aage direction dikhaata hai kya karna hai nahi karna hai aur bahut hi ek path hai jiski taraf se hamara zindagi hai

आत्मा का मतलब होता है जो हम हम हम जो कुछ भी करते हैं वही मतलब हमें आगे डायरेक्शन दिखाता है

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Prem

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रशन है क्या आत्मा क्या है देख मैं आपको बता दूं आत्मा आत्मन पद भारतीय दर्शन के महत्वपूर्ण प्रश्नों में से एक है यह उपनिषद के मूलभूत विषय वस्तु के रूप में आता है यहां से अभिप्राय व्यक्ति में अंतर नहीं कुछ मूलभूत से लिया गया है जो कि सास्वत तत्व है तथा मृत्यु के पश्चात भी जिसका विनाश नहीं किया जा सकता है धन्यवाद

aapka prashn hai kya aatma kya hai dekh main aapko bata doon aatma atman pad bharatiya darshan ke mahatvapurna prashnon me se ek hai yah upanishad ke mulbhut vishay vastu ke roop me aata hai yahan se abhipray vyakti me antar nahi kuch mulbhut se liya gaya hai jo ki saswat tatva hai tatha mrityu ke pashchat bhi jiska vinash nahi kiya ja sakta hai dhanyavad

आपका प्रशन है क्या आत्मा क्या है देख मैं आपको बता दूं आत्मा आत्मन पद भारतीय दर्शन के महत्व

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