प्रदोष व्रत की विधि हिंदी में बताये?...


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Ajay kumar

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कब्रिस्तान प्रदोष व्रत की विधि शर्मा को बताना चाहूंगा कि मैं दोस्त का पूजन विधि सॉन्ग परिषद व्रत करने से भगवान शिव की कृपा मिलती है आज यानी कि सोमवार का दिन भगवान शिव का दिन माना जाता है इसलिए आज भगवान शिव के शिवलिंग पर दूध चढ़ाएं और भोलेनाथ जी की जीवन की सारी बाधाओं को दूर करें आज यह व्रत रोवे 200 के अपने जीवन से दूर करने के लिए रखा जाता है अभी

kabristan pradosh vrat ki vidhi sharma ko batana chahunga ki main dost ka pujan vidhi song parishad vrat karne se bhagwan shiv ki kripa milti hai aaj yani ki somwar ka din bhagwan shiv ka din mana jata hai isliye aaj bhagwan shiv ke shivling par doodh chadhaen aur bholenaath ji ki jeevan ki saari badhaon ko dur kare aaj yah vrat rove 200 ke apne jeevan se dur karne ke liye rakha jata hai abhi

कब्रिस्तान प्रदोष व्रत की विधि शर्मा को बताना चाहूंगा कि मैं दोस्त का पूजन विधि सॉन्ग परिष

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Afran Khan

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कपास में प्रदोष व्रत की विधि हिंदी में बताए मैं आपको बताना चाहता हूं पर दोस्त हिंदू धर्म के अनुसार प्रदोष व्रत कलयुग में अति मंगलकारी और शिव कृपा प्रदान करने वाला है मां की यात्रा उर्वशी तिथि में शयन काल को प्रदोष काल कहा जाता है मान्यता है कि प्रदोष के समय महादेव कैलाश पर्वत के रजत भवन में इस समय नृत्य करते हैं और देवता उनके गुणों के सतवंत करते हैं

kapaas me pradosh vrat ki vidhi hindi me bataye main aapko batana chahta hoon par dost hindu dharm ke anusaar pradosh vrat kalyug me ati mangalkari aur shiv kripa pradan karne vala hai maa ki yatra urvashi tithi me shayana kaal ko pradosh kaal kaha jata hai manyata hai ki pradosh ke samay mahadev kailash parvat ke rajat bhawan me is samay nritya karte hain aur devta unke gunon ke satvant karte hain

कपास में प्रदोष व्रत की विधि हिंदी में बताए मैं आपको बताना चाहता हूं पर दोस्त हिंदू धर्म क

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Pushpanjali

Teacher & Carrier Cunsultancy

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हेलो दोस्तो आप ने उससे पूछा प्रदोष व्रत की प्रदोष व्रत की कथा हिंदी में बताइए तो मेरे को बताना चाहिए दोस्तों प्रदोष व्रत की जो भी दी है उसमें प्रदोष व्रत जो होता है वह पहले मैं आपको बता दो भगवान शंकर का होता है इसमें क्या करना होता है कि आपको भगवान शंकर का पूजा करना होता है और एक टाइम ही मीठा भोजन करना होता है भगवान शंकर को जवाब भोजन अर्पण करते हैं वही भोजन एक टाइम आपको करना होता है प्रदोष व्रत ही होता है भगवान शंकर का होता है या प्रदोष व्रत करने से मन की मन की जो कामनाएं हैं वह पूरी होती है धन्यवाद

hello doston aap ne usse poocha pradosh vrat ki pradosh vrat ki katha hindi me bataiye toh mere ko batana chahiye doston pradosh vrat ki jo bhi di hai usme pradosh vrat jo hota hai vaah pehle main aapko bata do bhagwan shankar ka hota hai isme kya karna hota hai ki aapko bhagwan shankar ka puja karna hota hai aur ek time hi meetha bhojan karna hota hai bhagwan shankar ko jawab bhojan arpan karte hain wahi bhojan ek time aapko karna hota hai pradosh vrat hi hota hai bhagwan shankar ka hota hai ya pradosh vrat karne se man ki man ki jo kamanaen hain vaah puri hoti hai dhanyavad

हेलो दोस्तो आप ने उससे पूछा प्रदोष व्रत की प्रदोष व्रत की कथा हिंदी में बताइए तो मेरे को ब

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Prem

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आपका प्रश्न के प्रदोष व्रत की क्या विधि है तो देख कर मैं आपको बता दूं प्रदोष व्रत के दिन सुबह जल्दी उठ जाएं नित्य कर्मों से निवृत्त होकर भगवान श्री भोलेनाथ का स्मरण करें और व्रत का संकल्प लें इस वर्ष में आहार नहीं लिया जाता है पूरे दिन उपवास रखकर सूर्या से एक घंटा पहले स्नान आदि का साफ वस्त्र धारण कर लें क्योंकि प्रदोष व्रत में शाम के समय पूजा की जाती है पूजन स्थल को गंगाजल स्वच्छ जल से शुद्ध कर ले गाय के गोबर से लिप का मंडप तैयार किया जाता है अब इस मंडप में रंगोली बनाने प्रदोष व्रत की आराधना करने के लिए कुशा के आसन का प्रयोग करें उत्तर पूर्व दिशा की ओर मुख करके भगवान शंकर का पूजन करें पूजन में महान भगवान शिव के मंत्र ओम नमः शिवाय का जाप करते रहें अंतर प्रदोष व्रत कथा सुनकर शिवजी की आरती उतारे इस व्रत को 11:00 या फिर 26 वर्षों तक रखा जाता है और फिर इसका विधि-विधान उद्यापन करना होता है धन्यवाद

aapka prashna ke pradosh vrat ki kya vidhi hai toh dekh kar main aapko bata doon pradosh vrat ke din subah jaldi uth jayen nitya karmon se sevanervit hokar bhagwan shri bholenaath ka smaran kare aur vrat ka sankalp le is varsh me aahaar nahi liya jata hai poore din upvaas rakhakar shurya se ek ghanta pehle snan aadi ka saaf vastra dharan kar le kyonki pradosh vrat me shaam ke samay puja ki jaati hai pujan sthal ko gangajal swachh jal se shudh kar le gaay ke gobar se lip ka mandap taiyar kiya jata hai ab is mandap me rangoli banane pradosh vrat ki aradhana karne ke liye kusha ke aasan ka prayog kare uttar purv disha ki aur mukh karke bhagwan shankar ka pujan kare pujan me mahaan bhagwan shiv ke mantra om namah shivay ka jaap karte rahein antar pradosh vrat katha sunkar shivaji ki aarti utare is vrat ko 11 00 ya phir 26 varshon tak rakha jata hai aur phir iska vidhi vidhan udyaapan karna hota hai dhanyavad

आपका प्रश्न के प्रदोष व्रत की क्या विधि है तो देख कर मैं आपको बता दूं प्रदोष व्रत के दिन स

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आपका प्रश्न है प्रदोष व्रत की विधि हिंदी में बताए कि मैं आपको बताना चाहूंगा प्रदोष व्रत करने के लिए मनुष्य को महीने के त्रयोदशी के दिन प्रातः सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्य कर्मों से निवृत्त होकर भगवान शिव भोलेनाथ का स्नान करें इस वक्त में आहार नहीं लिया जाता है पूरे दिन उपवास करने के बाद सूर्यास्त से एक घंटा पहले स्नान आदि करके श्वेत वस्त्र धारण किए जाते हैं शिव पुराण पुराण के अनुसार शिवरात्रि के बाद भगवान शिव की पूजा करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण व्रत प्रदोष व्रत हार जाता है प्रदोष को प्रदोष कहने के पीछे भी एक कथा जुड़ी हुई है

aapka prashna hai pradosh vrat ki vidhi hindi me bataye ki main aapko batana chahunga pradosh vrat karne ke liye manushya ko mahine ke trayodashi ke din pratah suryoday se purv uthakar nitya karmon se sevanervit hokar bhagwan shiv bholenaath ka snan kare is waqt me aahaar nahi liya jata hai poore din upvaas karne ke baad suryaast se ek ghanta pehle snan aadi karke shwet vastra dharan kiye jaate hain shiv puran puran ke anusaar shivratri ke baad bhagwan shiv ki puja karne ke liye sabse mahatvapurna vrat pradosh vrat haar jata hai pradosh ko pradosh kehne ke peeche bhi ek katha judi hui hai

आपका प्रश्न है प्रदोष व्रत की विधि हिंदी में बताए कि मैं आपको बताना चाहूंगा प्रदोष व्रत कर

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