क्या हम सब मिलकर हमारे समाज,गॉव ओर देश को सुधार सकते है और कितने लोग व्यवस्थाएं सुधारने में सहायता करेंगे या सुधारने की इच्छा रखते है?...


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Rahul kumar

Junior Volunteer

0:37

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल हम सभी लोग अगर सब लोग यह सोच हो जाए कि आप समाज को गांव को देश को सुधार सकते हैं यह सोचा भी बहुत जरूरी है ठीक है अगर यह सोचा जाती है कहीं ना कहीं तो यह चीजें अपने आप समाप्त हो जाएगी फिर कोई समस्या ही नहीं रहेगी समस्या लगने नहीं रहे क्योंकि और हर लोग ठीक हो जाए तो मुझे उस समस्या क्या होगी कि कुछ लोग भी अगर चाहेंगे कि मैं गांव में समाज में से सब कुछ सही हो गया और उसको सही तरीके से फॉलो हो एग्जिट क्यूट हो ठीक है तो उसके लिए सब लोग आ जाएंगे तो खुद से व्यवस्थित हो सकते हो सकता है

ji bilkul hum sabhi log agar sab log yah soch ho jaaye ki aap samaj ko gaon ko desh ko sudhaar sakte hain yah socha bhi bahut zaroori hai theek hai agar yah socha jaati hai kahin na kahin toh yah cheezen apne aap samapt ho jayegi phir koi samasya hi nahi rahegi samasya lagne nahi rahe kyonki aur har log theek ho jaaye toh mujhe us samasya kya hogi ki kuch log bhi agar chahenge ki main gaon mein samaj mein se sab kuch sahi ho gaya aur usko sahi tarike se follow ho exit cute ho theek hai toh uske liye sab log aa jaenge toh khud se vyavasthit ho sakte ho sakta hai

जी बिल्कुल हम सभी लोग अगर सब लोग यह सोच हो जाए कि आप समाज को गांव को देश को सुधार सकते हैं

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hmra nahi pta ba

IAS student...

0:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल हम सब मिलकर अपने देश को और अपने समाज को बिल्कुल सुधार सकते हैं अगर इंसान चाहे तो कुछ भी कर सकते लेकिन इंसान चाहता ही नहीं है बस सब यह देखते हैं कि जो जैसा करे उसको करने दो हम लोग क्यों इतना प्रेम प्रेम यह नहीं सोचता कि अगर हम लोग मिलकर काम करेंगे अपने देश के लिए तुम्हारा देश बहुत उन्नति करेगा और यह बताना मुश्किल है कि कितने लोग यह चाहते हैं कि देश से मिलकर सुधार सकते हैं यह बताना थोड़ा मुश्किल है लेकिन यह तो लोगों से बात करने के बाद ही पता चलेगा कि कितने लोग इस बात से सहमत हैं कितने लोग आपकी सहायता करना चाहते हैं देश सुधारने में आया गांव सुधारने में आप अगर ऐसा सोचते हैं तो बहुत अच्छी बात है लेकिन उसके लिए आप लोगों से बात करनी पड़ेगी क्या और भी लोग हैं जो आप जैसा सोचते हैं क्या

ji bilkul hum sab milkar apne desh ko aur apne samaj ko bilkul sudhaar sakte hain agar insaan chahen toh kuch bhi kar sakte lekin insaan chahta hi nahi hai bus sab yah dekhte hain ki jo jaisa kare usko karne do hum log kyon itna prem prem yah nahi sochta ki agar hum log milkar kaam karenge apne desh ke liye tumhara desh bahut unnati karega aur yah bataana mushkil hai ki kitne log yah chahte hain ki desh se milkar sudhaar sakte hain yah bataana thoda mushkil hai lekin yah toh logo se baat karne ke baad hi pata chalega ki kitne log is baat se sahmat hain kitne log aapki sahayta karna chahte hain desh sudhaarne mein aaya gaon sudhaarne mein aap agar aisa sochte hain toh bahut achi baat hai lekin uske liye aap logo se baat karni padegi kya aur bhi log hain jo aap jaisa sochte hain kya

जी बिल्कुल हम सब मिलकर अपने देश को और अपने समाज को बिल्कुल सुधार सकते हैं अगर इंसान चाहे त

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