प्रजातियों को एवं जनजातियों को बचाना क्यों आवश्यक है?...


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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जातियों जनजातियों को बचाना इसलिए जरूरी है कि यह प्रजातियां प्रकृति में संतुलन का काम करते जातियां जन जातियां चाहे जितने भी विशिष्ट प्रकार के जीव जंतु है जिन धीरे-धीरे दुर्लभ होते जा रहे हैं जिनकी संख्या बहुत कम घट गई घट गई बहुत कम हो गई जो प्रकृति में बहुत कम दिखाई दे रहे यह जनजातियां एवं प्रजातियां पृथ्वी में पृथ्वी में इकोसिस्टम को बचाने के लिए बैलेंस बनाने बनाने के लिए प्रजातियों का होना बहुत जरूरी है जनजातियां भी हमारे देश हमारे पृथ्वी के लिए बहुत जरूरी है दोनों में अनन्याश्री संबंध है अतः हम कर सकते हैं कि पर जातियों जनजातियों को की रक्षा करने के लिए प्रत्येक मिनिस्टर प्रत्येक मनुष्य को पारिस्थितिक तंत्र से संबंध बनाने के लिए एक व्यक्ति ने प्रकार करना चाहिए और उसकी रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए जिससे यह प्रजातियां जीवित रह सके और इन दोनों का अस्तित्व पर कृपया सके

jaatiyo janjatiyon ko bachaana isliye zaroori hai ki yah prajatiya prakriti mein santulan ka kaam karte jatiya jan jatiya chahen jitne bhi vishisht prakar ke jeev jantu hai jin dhire dhire durlabh hote ja rahe hain jinki sankhya bahut kam ghat gayi ghat gayi bahut kam ho gayi jo prakriti mein bahut kam dikhai de rahe yah janajatiyan evam prajatiya prithvi mein prithvi mein ecosystem ko bachane ke liye balance banane banaane ke liye prajatiyo ka hona bahut zaroori hai janajatiyan bhi hamare desh hamare prithvi ke liye bahut zaroori hai dono mein ananyashri sambandh hai atah hum kar sakte hain ki par jaatiyo janjatiyon ko ki raksha karne ke liye pratyek minister pratyek manushya ko paristhitik tantra se sambandh banane ke liye ek vyakti ne prakar karna chahiye aur uski raksha ke liye kadam uthana chahiye jisse yah prajatiya jeevit reh sake aur in dono ka astitva par kripya sake

जातियों जनजातियों को बचाना इसलिए जरूरी है कि यह प्रजातियां प्रकृति में संतुलन का काम करते

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Rajveer

Career Counselor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

की प्रजाति एवं जनजातियों भजन इसलिए कि हमारे की सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि हमारी पृथ्वी की उत्पत्ति का पता ही नहीं चलता है दूसरा प्रजातियों को बचाना होगा यदि इनको बनी कुछ उपाय तो हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी में असंतुलन उत्पन्न हो सकता है इस आंदोलन से बचने के लिए प्रजातियों को बचाना बहुत जरूरी है

ki prajati evam janjatiyon bhajan isliye ki hamare ki sabse zyada zaroori hai kyonki hamari prithvi ki utpatti ka pata hi nahi chalta hai doosra prajatiyo ko bachaana hoga yadi inko bani kuch upay toh hamare paryavaran aur paristhitikee mein asantulan utpann ho sakta hai is andolan se bachne ke liye prajatiyo ko bachaana bahut zaroori hai

की प्रजाति एवं जनजातियों भजन इसलिए कि हमारे की सबसे ज्यादा जरूरी है क्योंकि हमारी पृथ्वी क

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साथियों नमस्कार अभी बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है प्रजातियों और जनजातियों को बचाना क्यों आवश्यक है पर जातियां और जन जातियां हैं इनको बचाना इसलिए आवश्यक है क्योंकि इनकी संख्या धीरे-धीरे विलुप्त हो रही है और इनकी संख्या जाएगी तो एक चिंताजनक है भारत के लिए क्योंकि यह जो लोग हैं इनका कहीं न कहीं हमारे जीवन में अहम योगदान है और एक जनजाति एक प्रजाति विलुप्त हो जाएगी तो उससे भारत के ऊपर और कोई भी देश होगा उसके ऊपर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है यह जो प्रजातियां होती हैं यह भी एक भारत की सुनामी में रोल अदा करती हैं तो पर जातियों और जनजातियों को बचाना अति आवश्यक है और इसीलिए चीन सरकार जो है पर जातियों और जनजातियों को बचाने के लिए अलग अलग से स्कीम लांच कर रही है उनके जो बुद्धू है उनके कुटूर उद्योग हैं उनको बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है प्रजाति जनजाति के अंदर जो उनका कल्चर है जो उनकी सभ्यता है उसको भी महोत्सव के रूप में अब सरकार आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है उनको तरह तरह की सुविधाएं देकर के की प्रयास किया जा रहा है इन जनजातियों का उत्थान हो रहा आगे बढ़े और इनकी भी जनसंख्या बड़े और वह मुख्यधारा से जो हिंदुस्तान है या कोई भी देश हिंदुस्तान की जनसंख्या है उससे वह मेंस्ट्रीम हो सके और अच्छे से देश का विकास हो चुके हो सके तो इसीलिए उनको उत्थान के लिए बहुत सारे प्रयास किए जा रहे हैं और दूसरी बातें उनके बच्चे हैं उनको शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार भी तरह तरह के प्रयास रखी है उनके लिए अलग स्कूल अलग कॉलेज की व्यवस्था करती है जनजातियों के लिए और उनके लिए अलग से सिक्योरिटी फोर्स की जाती है कि उनकी सुरक्षा के लिए बचा के लिए जैसे हम बात करें कि नेपाल जो इसकी तलाशी में तो बाहर आई शेरिया है यहां तो याद रहती है जाति के लोग रहते हैं यदि बचाव के लिए सुविधाएं और स्कूल वगैरह खुली है थारू जनजाति के लोग रहते हैं थारू जनजाति के एक गांव ऐसा है जिसको चारों तरफ से सरकार ने कटीले तार से उसको भेज दिया है कोई भी बाहरी व्यक्ति उस में नहीं जा सकता बहुत आवश्यक है

sathiyo namaskar abhi bahut hi accha question hai prajatiyo aur janjatiyon ko bachaana kyon aavashyak hai par jatiya aur jan jatiya hain inko bachaana isliye aavashyak hai kyonki inki sankhya dhire dhire vilupt ho rahi hai aur inki sankhya jayegi toh ek chintajanak hai bharat ke liye kyonki yah jo log hain inka kahin na kahin hamare jeevan me aham yogdan hai aur ek janjaati ek prajati vilupt ho jayegi toh usse bharat ke upar aur koi bhi desh hoga uske upar bahut bada prabhav padta hai yah jo prajatiya hoti hain yah bhi ek bharat ki tsunami me roll ada karti hain toh par jaatiyo aur janjatiyon ko bachaana ati aavashyak hai aur isliye china sarkar jo hai par jaatiyo aur janjatiyon ko bachane ke liye alag alag se scheme launch kar rahi hai unke jo buddhu hai unke kutur udyog hain unko badhane ka prayas kiya ja raha hai prajati janjaati ke andar jo unka culture hai jo unki sabhyata hai usko bhi mahotsav ke roop me ab sarkar aage badhane ka prayas kar rahi hai unko tarah tarah ki suvidhaen dekar ke ki prayas kiya ja raha hai in janjatiyon ka utthan ho raha aage badhe aur inki bhi jansankhya bade aur vaah mukhyadhara se jo Hindustan hai ya koi bhi desh Hindustan ki jansankhya hai usse vaah menstrim ho sake aur acche se desh ka vikas ho chuke ho sake toh isliye unko utthan ke liye bahut saare prayas kiye ja rahe hain aur dusri batein unke bacche hain unko shiksha ki mukhyadhara se jodne ke liye sarkar bhi tarah tarah ke prayas rakhi hai unke liye alag school alag college ki vyavastha karti hai janjatiyon ke liye aur unke liye alag se Security force ki jaati hai ki unki suraksha ke liye bacha ke liye jaise hum baat kare ki nepal jo iski talashi me toh bahar I hai yahan toh yaad rehti hai jati ke log rehte hain yadi bachav ke liye suvidhaen aur school vagera khuli hai tharoo janjaati ke log rehte hain tharoo janjaati ke ek gaon aisa hai jisko charo taraf se sarkar ne katile taar se usko bhej diya hai koi bhi bahri vyakti us me nahi ja sakta bahut aavashyak hai

साथियों नमस्कार अभी बहुत ही अच्छा क्वेश्चन है प्रजातियों और जनजातियों को बचाना क्यों आवश्य

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका पर्सनल पर जाति एवं जनजातियों को बचाना क्यों आवश्यक है जिन दोस्तों की जानकारी के लिए बताना चाहूंगी कि जाति एवं जनजातियों को बचाना इसलिए आवश्यक है क्योंकि पृथ्वी का जो संतुलन है वह बना रहे दोस्तों बहुत सारी प्रजातियां विलुप्त हो जाती है तो निश्चित रूप से पृथ्वी पर दो संतुलन बना हुआ है एनजीओ का वह जो है वही जो है वही बैलेंस होने लगेगी उसके कारण जो है वह बहुत सारे तरीके का प्रॉब्लम हो सकता है जिन दोस्तों हम तो इसलिए जो है वह इसको जो है बैलेंस रखने के लिए गलत होते हुए प्रजातियों को या फिर जनजातियों को जो है मैं जाना निश्चित रूप से निभा रहे हो क्या जानो तन

aapka personal par jati evam janjatiyon ko bachaana kyon aavashyak hai jin doston ki jaankari ke liye bataana chahungi ki jati evam janjatiyon ko bachaana isliye aavashyak hai kyonki prithvi ka jo santulan hai vaah bana rahe doston bahut saree prajatiya vilupt ho jaati hai toh nishchit roop se prithvi par do santulan bana hua hai ngo ka vaah jo hai wahi jo hai wahi balance hone lagegi uske karan jo hai vaah bahut saare tarike ka problem ho sakta hai jin doston hum toh isliye jo hai vaah isko jo hai balance rakhne ke liye galat hote hue prajatiyo ko ya phir janjatiyon ko jo hai jana nishchit roop se nibha rahe ho kya jano tan

आपका पर्सनल पर जाति एवं जनजातियों को बचाना क्यों आवश्यक है जिन दोस्तों की जानकारी के लिए ब

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