शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए?...


user

डॉ अर्चना चौधरी

कवयित्री ,कॉन्सलर ,समाजसेवी , शिक्षिका

2:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सबसे पहले शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकना होगा जब तक शिक्षा का जो गलत व्यवसायीकरण होगा तब तक शिक्षा में सुधार संभव नहीं है मैं यहां किसी को इंगित किए बिना कहना चाहूंगी कि आज हर गली हर चौराहे पर हर जगह बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूल खड़े हो रहे हैं उनका मानदंड क्या होता है बड़े-बड़े बिल्डिंग कर लेते हैं लेकिन वहां अच्छे अच्छे शिक्षकों का शोषण होता है उनको दिखना चाहिए उनके जीवन यापन के लिए उनको नहीं दिया जाता है और जो संस्थापक बगैरा होते हैं वह इस व्यवसाय से काफी कम आते हैं इसको इस व्यवसाय के अस्तर पर लोगों ने विकसित कर लिया है और जब तक इस व्यवसाय को रोका नहीं जाएगा इस गलतफहमी को रोका नहीं जाएगा तब तक शिक्षा में सुधार संभव नहीं इसके लिए हमें जागरूकता फैलाने होगी समाज में अभिभावकों के बीच छात्रों के बीच और छात्रों के मनोबल को ऊंचा उठाना पड़ेगा समाज के लोगों के मनोबल को ऊंचा उठाना पड़ेगा ताकि वह सोच सके कि क्या सही है और क्या गलत है उनकी बेसिक आवश्यकता आवश्यकता जब पूरा होगा उसके बाद ऊपर उठकर के सोच सकते हैं लेकिन हमारे राज्य की हमारे देश की जो व्यवस्था है यहां बस लोग अपने बेसिक आवश्यकताओं की पूर्ति में ही व्यस्त रहते हैं और जिसके कारण वह कुछ नहीं पाते हैं और उनके उनका गलत फायदा नेता और मंत्री उठाते रहते हैं और उनके वोट बैंक को कुछ पैसे के बदले या कुछ जमले बागी के कारण खरीद लेते हैं और फिर वही लोग जाकर हमारे लिए नियम व्यवस्था बनाते हैं तो इस तरह से यह जो शिक्षा में जितना भी घोटाला हो रहा है और जितना भी मुश्किल है उत्पन्न हो रही है कहीं ना कहीं उसे संरक्षण प्राप्त होता है जिसके कारण यह नोट मारना चाह रहे हैं बड़े-बड़े प्राइवेट स्कूल में मनमाने तरीके से फीस बढ़ाना है या मनमाने तरीके से रामकरण शिक्षक को उचित वेतन नहीं देना

shiksha vyavastha me sudhaar ke liye sabse pehle shiksha ke vyavasayikaran ko rokna hoga jab tak shiksha ka jo galat vyavasayikaran hoga tab tak shiksha me sudhaar sambhav nahi hai main yahan kisi ko ingit kiye bina kehna chahungi ki aaj har gali har chauraahe par har jagah bade bade private school khade ho rahe hain unka manadand kya hota hai bade bade building kar lete hain lekin wahan acche acche shikshakon ka shoshan hota hai unko dikhana chahiye unke jeevan yaapan ke liye unko nahi diya jata hai aur jo sansthapak bagaira hote hain vaah is vyavasaya se kaafi kam aate hain isko is vyavasaya ke aster par logo ne viksit kar liya hai aur jab tak is vyavasaya ko roka nahi jaega is galatfahamee ko roka nahi jaega tab tak shiksha me sudhaar sambhav nahi iske liye hamein jagrukta felane hogi samaj me abhibhavakon ke beech chhatro ke beech aur chhatro ke manobal ko uncha uthana padega samaj ke logo ke manobal ko uncha uthana padega taki vaah soch sake ki kya sahi hai aur kya galat hai unki basic avashyakta avashyakta jab pura hoga uske baad upar uthakar ke soch sakte hain lekin hamare rajya ki hamare desh ki jo vyavastha hai yahan bus log apne basic avashayaktaon ki purti me hi vyast rehte hain aur jiske karan vaah kuch nahi paate hain aur unke unka galat fayda neta aur mantri uthate rehte hain aur unke vote bank ko kuch paise ke badle ya kuch jamale baagi ke karan kharid lete hain aur phir wahi log jaakar hamare liye niyam vyavastha banate hain toh is tarah se yah jo shiksha me jitna bhi ghotala ho raha hai aur jitna bhi mushkil hai utpann ho rahi hai kahin na kahin use sanrakshan prapt hota hai jiske karan yah note marna chah rahe hain bade bade private school me manmane tarike se fees badhana hai ya manmane tarike se ramkaran shikshak ko uchit vetan nahi dena

शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सबसे पहले शिक्षा के व्यवसायीकरण को रोकना होगा जब तक शिक्ष

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  90
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

0:29
Play

Likes  136  Dislikes    views  2046
WhatsApp_icon
user

Prabhakar Tiwari

National Trainer,Motivational Speaker, Social Activist

1:13
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्नों की शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए शिक्षा व्यवस्था को अच्छे तरीके सुधार सकते हैं पहला यह तरीका है कि योग्य लोगों को शिक्षा व्यवस्था में दूसरी चीज का एक अलग से शिक्षा कानून में एक और अध्याय जोड़ दिया जाए कि टेक्नोलॉजी का प्रयोग एजुकेशन में तेजी से किया जाए की शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए स्कूलों में डिसिप्लिन बनाइए और उनका अटेंडेंस टीचर का टेंडर एकदम एग्जैक्ट टाइम होना चाहिए उनकी उनका इंट्री उनका एग्जैक्ट एग्जैक्ट टाइम होना चाहिए और हर स्कूल में सीसीटीवी कैमरा लगा दे ताकि टीचर अपनी जिम्मेदारी से पढ़ाएं उसकी रिकॉर्डिंग गवर्मेंट के पास उसके रिकॉर्डिंग सरकारी तंत्र के पास हो जो हमेशा कार्य करते रहें का टीचर पारक नहीं पढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए नई-नई इनोवेशन इनोवेटिव आइडियाज का प्रयोग करें जिससे शिक्षा व्यवस्था सुधर सकती है और शिक्षा व्यवस्था सुधारने के लिए जो शिक्षाविद है जो विद्वान है उनको उनको उनकी एक टीम बनाई है और उसके विचार करें और हम क्या-क्या डेवलपमेंट कर सकते हैं

aapka prashnon ki shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye shiksha vyavastha ko acche tarike sudhaar sakte hain pehla yah tarika hai ki yogya logo ko shiksha vyavastha me dusri cheez ka ek alag se shiksha kanoon me ek aur adhyay jod diya jaaye ki technology ka prayog education me teji se kiya jaaye ki shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye schoolon me discipline banaiye aur unka attendance teacher ka tender ekdam exact time hona chahiye unki unka intri unka exact exact time hona chahiye aur har school me cctv camera laga de taki teacher apni jimmedari se padhaaein uski recording government ke paas uske recording sarkari tantra ke paas ho jo hamesha karya karte rahein ka teacher parak nahi padhana aur shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye nayi nayi innovation innovative ideas ka prayog kare jisse shiksha vyavastha sudhar sakti hai aur shiksha vyavastha sudhaarne ke liye jo shikshavid hai jo vidhwaan hai unko unko unki ek team banai hai aur uske vichar kare aur hum kya kya development kar sakte hain

आपका प्रश्नों की शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए शिक्षा व्यवस्था को अच्छे तरीके सुधार स

Romanized Version
Likes  133  Dislikes    views  1484
WhatsApp_icon
user

Rajesh Kumar Saxena

Assistant Professor

0:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए शिक्षक को भी स्वयं जोतना पड़ेगा शिक्षक को हर एक पाठ के अंतर में दिए गए प्रश्नों के हिसाब से ही क्वेश्चन ना लिखना बल्कि बच्चे से कह की पूरा पाठ पढ़ें और अपनी तरफ से टीचर व क्वेश्चंस बना करके दें और उनको चंचल बच्चों द्वारा निकल भाई बच्चों के जब अपने द्वारा आंसर उत्तर दिए जाएंगे तब उनकी वास्तविक पढ़ाई समझ में आएगी और जब बच्चे बच्चे उस चीज में रुचि दिखाएंगे कि हां घास चरने यह क्वेश्चन दिया था उसका आंसर मैंने ऐसे निकाला तो उनका मनोबल और बढ़ेगा जिससे पढ़ाई में रुचि दिखा सकेंगे और इस तरीके से पढ़ाई का स्तर छू सकता है

shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye shikshak ko bhi swayam jotna padega shikshak ko har ek path ke antar me diye gaye prashnon ke hisab se hi question na likhna balki bacche se keh ki pura path padhen aur apni taraf se teacher va questions bana karke de aur unko chanchal baccho dwara nikal bhai baccho ke jab apne dwara answer uttar diye jaenge tab unki vastavik padhai samajh me aayegi aur jab bacche bacche us cheez me ruchi dikhayenge ki haan ghas charane yah question diya tha uska answer maine aise nikaala toh unka manobal aur badhega jisse padhai me ruchi dikha sakenge aur is tarike se padhai ka sthar chu sakta hai

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए शिक्षक को भी स्वयं जोतना पड़ेगा शिक्षक को हर एक पाठ के अ

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  273
WhatsApp_icon
user
1:19
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की जो हम बात करते हैं लेकिन अंडर शास्त्र प्रजा सर्वा है ऐसा कहा जाता है लेकिन जो शिक्षक लोगों को वैसे भी सन्मार्ग देने का ही कार्य कर रहा है तो वह अपनी कर्तव्यनिष्ठा को घर समझेगा तभी सुधारा जा सकता है शिक्षक के नहीं कोई भी समाज का कोई भी व्यक्ति हो अगर किसी कार्य को संज्ञान में नहीं लेता स्वयमेव अपनी निष्ठा से कार्य नहीं करता है तो फिर उसे सफलता नहीं मिलती है फिर उसे सुधारा नहीं जा सकता तो हमें नई पीढ़ी को इस तरह से तैयार करना चाहिए नई पीढ़ी को ऐसी योजना के तहत तैयार करना चाहिए जिसके तहत वह अपने कर्तव्य पालन में रहो और अगर कर्तव्य का बोध है कब तक बिके प्रति व्यक्ति वफादार है अपने तो फिर केवल शिक्षा व्यवस्था नहीं समाज की व्यवस्था सुधर जाएगी और एकमात्र उपाय है अन्यथा दंड के द्वारा या उपस्थिति त्यागी जो कढ़ाई की गई है उनके द्वारा कुछ हद तक कंट्रोल किया जा सकता है पूर्णरूपेण कर पाना कठिन होगा धन्यवाद

shiksha vyavastha ko sudhaarne ki jo hum baat karte hain lekin under shastra praja sarva hai aisa kaha jata hai lekin jo shikshak logo ko waise bhi sanmarg dene ka hi karya kar raha hai toh vaah apni kartavyanishtha ko ghar samjhega tabhi sudhara ja sakta hai shikshak ke nahi koi bhi samaj ka koi bhi vyakti ho agar kisi karya ko sangyaan me nahi leta swayamev apni nishtha se karya nahi karta hai toh phir use safalta nahi milti hai phir use sudhara nahi ja sakta toh hamein nayi peedhi ko is tarah se taiyar karna chahiye nayi peedhi ko aisi yojana ke tahat taiyar karna chahiye jiske tahat vaah apne kartavya palan me raho aur agar kartavya ka bodh hai kab tak bikey prati vyakti vafaadar hai apne toh phir keval shiksha vyavastha nahi samaj ki vyavastha sudhar jayegi aur ekmatra upay hai anyatha dand ke dwara ya upasthitee tyagi jo kadhai ki gayi hai unke dwara kuch had tak control kiya ja sakta hai poornroopen kar paana kathin hoga dhanyavad

शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की जो हम बात करते हैं लेकिन अंडर शास्त्र प्रजा सर्वा है ऐसा कहा

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  187
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हाय फ्रेंड्स मैं हूं आपके साथ मिस्टर लकी दोस्तों आपका क्वेश्चन है शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए दोस्तों आप की डेट में बोला जाए तो जब गवर्नमेंट की उतनी शिक्षकों पर पहुंच नहीं जा रही है इतनी सोचने से हमें कोई जरूरत नहीं पड़ती है इसकी सलूशन हम खुद कर सकते हैं हमें किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी इसके लिए हमें ग्रुप डिस्कशन करना चाहिए अपने आपको डिस्कस करना चाहिए इसमें ना आपको टीचर की जरूरत पड़ेगा ना आपकी किसी का मंत्री की जरूरत पड़ेगा आना ही किसी शिक्षा विभाग वाले की जरूरत पड़ेगा इसकी सुरक्षा हम खुद से करना जानते हैं इसके लिए आपको एक ही रास्ता है आप ग्रुप डिस्कशन कीजिए उसमें क्या होता है कि 10 व्यक्ति होता है 10 व्यक्ति के अंदर में 10 व्यक्ति के अलग-अलग सोच होता है अलग-अलग नॉलेज होता है अगर किसी भी तरह के क्वेश्चन आता है हम स्कूल क्यों जाते हैं किसी क्वेश्चन को सलूशन करने के लिए उसमें गाते के 10 व्यक्ति हैं दसों व्यक्ति आपको अलग-अलग डिस्कस करते हैं तो उसकी अर्थ अलग-अलग निकलता है और उसके अर्थ को मिला करके हम एक अर्थ बना लेते हैं एक परिभाषा बना लेते हैं वही हमारा शिक्षा हो जाता है तो इससे अच्छा है कि नहीं किसी शिक्षक के पास जाने की जरूरत है नहीं किसी की जरूरत पड़ती है आप अपने आपको 10 है फ्रेंड्स 20 अपेंटस जो भी हैं अपने फ्रेंड्स को मेल करके आप अपनी शिक्षा अर्थव्यवस्था को आप सब खुद से सुधार सकते इसमें कोई शिक्षा की जरूरत नहीं पड़ेगा किसी अधिकारी की जरूरत नहीं पड़ेगा मैं किसी के पास हाथ फैलाने के लिए पड़ेगा इसकी सोच आप अपने आप में रखिए हम सबसे ज्यादा जानते हैं हम उसकी सलूशन खुद से कर लेंगे आप अपने आप में अगर आप टैलेंटेड दिखाते हैं आप स्वयं उत्पन्न हो सकते हैं अगर आप किसी शिक्षक के पीछे भागते हैं तो उससे ऑफिस संभावना बहुत कम बनी रहती है बाकी मैंने इस चीज को कर कर के देख लिया हुआ मेरा प्रैक्टिकल क्या हुआ चीज है जो कि मैंने अपनी लाइफ में बहुत सारी क्वेश्चन को लेकर के सलूशन करना चाहता था मेरी कोई सलूशन नहीं मिलता था बट मैंने डिस्कस करना चालू किया हमारे हर क्वेश्चन के सलूशन में और मैं आज की डेट में सच सच बोलूं और उससे हमें बहुत सारी रास्ता भी मिला जो किसी को नहीं बता सकता है वह अपने आप में हम लोग डिस्कस करके उसे प्राप्त कर सकते हैं तो आप दूसरी सेना भाग्य आप अपने आप सब में ही अपना क्वेश्चन को रखी है और अपने आप से कुछ दशकों से निकाली थी क्या होता है कि शिक्षक क्या अपने आप से फोन नहीं बताता शिक्षक के पास जाते हैं आप किसी क्वेश्चन को लेकर तो आपको किताब ही बताता है आप खुद के समय दिया उसके बाद में हर कोई दिया हुआ मानते मैथमेटिशियन मैथमेटिक्स ऑलरेडी उदाहरण दिया हुआ संस्कृत है उसका सब दिखावा है हमारे नजर से कि हम ज्ञान को प्राप्त किया करते हैं जाते हैं देखते हैं सारे अपने-अपने काम में लगा हुआ आपको पीछे देता सबको देखते हैं बैठे हुए हैं टाइम पास करने को सब लोग कोशिश करते इस तरीके से आप कोटा

hi friends main hoon aapke saath mister lucky doston aapka question hai shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye doston aap ki date me bola jaaye toh jab government ki utani shikshakon par pohch nahi ja rahi hai itni sochne se hamein koi zarurat nahi padti hai iski salution hum khud kar sakte hain hamein kisi ki zarurat nahi padegi iske liye hamein group discussion karna chahiye apne aapko discs karna chahiye isme na aapko teacher ki zarurat padega na aapki kisi ka mantri ki zarurat padega aana hi kisi shiksha vibhag waale ki zarurat padega iski suraksha hum khud se karna jante hain iske liye aapko ek hi rasta hai aap group discussion kijiye usme kya hota hai ki 10 vyakti hota hai 10 vyakti ke andar me 10 vyakti ke alag alag soch hota hai alag alag knowledge hota hai agar kisi bhi tarah ke question aata hai hum school kyon jaate hain kisi question ko salution karne ke liye usme gaate ke 10 vyakti hain deso vyakti aapko alag alag discs karte hain toh uski arth alag alag nikalta hai aur uske arth ko mila karke hum ek arth bana lete hain ek paribhasha bana lete hain wahi hamara shiksha ho jata hai toh isse accha hai ki nahi kisi shikshak ke paas jaane ki zarurat hai nahi kisi ki zarurat padti hai aap apne aapko 10 hai friends 20 apentas jo bhi hain apne friends ko male karke aap apni shiksha arthavyavastha ko aap sab khud se sudhaar sakte isme koi shiksha ki zarurat nahi padega kisi adhikari ki zarurat nahi padega main kisi ke paas hath felane ke liye padega iski soch aap apne aap me rakhiye hum sabse zyada jante hain hum uski salution khud se kar lenge aap apne aap me agar aap talented dikhate hain aap swayam utpann ho sakte hain agar aap kisi shikshak ke peeche bhagte hain toh usse office sambhavna bahut kam bani rehti hai baki maine is cheez ko kar kar ke dekh liya hua mera practical kya hua cheez hai jo ki maine apni life me bahut saari question ko lekar ke salution karna chahta tha meri koi salution nahi milta tha but maine discs karna chaalu kiya hamare har question ke salution me aur main aaj ki date me sach sach bolu aur usse hamein bahut saari rasta bhi mila jo kisi ko nahi bata sakta hai vaah apne aap me hum log discs karke use prapt kar sakte hain toh aap dusri sena bhagya aap apne aap sab me hi apna question ko rakhi hai aur apne aap se kuch dashakon se nikali thi kya hota hai ki shikshak kya apne aap se phone nahi batata shikshak ke paas jaate hain aap kisi question ko lekar toh aapko kitab hi batata hai aap khud ke samay diya uske baad me har koi diya hua maante maithmetishiyan mathematics already udaharan diya hua sanskrit hai uska sab dikhawa hai hamare nazar se ki hum gyaan ko prapt kiya karte hain jaate hain dekhte hain saare apne apne kaam me laga hua aapko peeche deta sabko dekhte hain baithe hue hain time paas karne ko sab log koshish karte is tarike se aap quota

हाय फ्रेंड्स मैं हूं आपके साथ मिस्टर लकी दोस्तों आपका क्वेश्चन है शिक्षा व्यवस्था को कैसे

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  569
WhatsApp_icon
user

Rajesh Dewangan

Hindi Linguistics

1:05
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को सुधार किया जा रहा है ऐसी बात नहीं है कि पूरी तरह बिगड़ गया है बहुत से इसमें सुधार लाए गए हैं और रही बात तो हमारे भारत का भ्रष्टाचार की राशि एक है इसलिए भ्रष्टाचार जो है हर क्षेत्र में घुसा पड़ा है और जहां से भ्रष्टाचार निकलेगा उसकी क्यों ना हो बाकी और भी क्षेत्र क्यों ना जहां जहां से भ्रष्टाचार पूरी तरह निकल जाएगा सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह सुधर जाएगी इस बात को आप ध्यान देंगे की शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो रहा है और बहुत अच्छा सुधार हो रहा है लेकिन यह जब भ्रष्टाचार आ जाता है तो वहां आप हम कुछ नहीं कर सकते यह इसे जो है धार करना हलक हमारे बस में हमको ऐसे सरकार चुनना पड़ेगा जो भ्रष्टाचार का घोर विरोधी हो और भ्रष्टाचार ना करती होगी अब ऐसा कब होगा क्या कैसे होगा यह आपको अच्छी तरह समझ गया होंगे

shiksha vyavastha ko sudhaar kiya ja raha hai aisi baat nahi hai ki puri tarah bigad gaya hai bahut se isme sudhaar laye gaye hain aur rahi baat toh hamare bharat ka bhrashtachar ki rashi ek hai isliye bhrashtachar jo hai har kshetra me ghusa pada hai aur jaha se bhrashtachar niklega uski kyon na ho baki aur bhi kshetra kyon na jaha jaha se bhrashtachar puri tarah nikal jaega sabhi vyavasthaen puri tarah sudhar jayegi is baat ko aap dhyan denge ki shiksha vyavastha me sudhaar ho raha hai aur bahut accha sudhaar ho raha hai lekin yah jab bhrashtachar aa jata hai toh wahan aap hum kuch nahi kar sakte yah ise jo hai dhar karna halak hamare bus me hamko aise sarkar chunana padega jo bhrashtachar ka ghor virodhi ho aur bhrashtachar na karti hogi ab aisa kab hoga kya kaise hoga yah aapko achi tarah samajh gaya honge

शिक्षा व्यवस्था को सुधार किया जा रहा है ऐसी बात नहीं है कि पूरी तरह बिगड़ गया है बहुत से इ

Romanized Version
Likes  21  Dislikes    views  154
WhatsApp_icon
user

Amrit Raj

Motivational Speakar,Social Activist,Analyst,Shayar,Strategist & Research Scholar.

2:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए तो एजुकेशन सिस्टम को सुधारने के लिए हमारे देश में कई सारे पहलुओं पर काम करना होगा सबसे पहली बात कि हम लोग जिस एजुकेशन को लेकर अपनी जीवन की शुरुआत करते हैं स्कूल एजुकेशन वहां के हमें करिकुलम में बहुत सारे चेंजेज करने होंगे बहुत सारे ट्रेडिशनल टॉपिक्स जाओ उसमें भर दिए गए हैं जिनका जीवन में कोई योगदान नहीं है तो इस पर चक्कर क्या है कि उन ट्रेडिश्नल टॉपिक को हटाकर उन सारे जो टॉपिक्स को शामिल किया जाना चाहिए जिसका हमें डेली लाइफ में इस्तेमाल है जिसका हमें सोसाइटी को बेहतर बनाने में इस्तेमाल है जिससे हम लोग साइंस और टेक्नोलॉजी के फील्ड में आगे बढ़ सकते हैं सबसे पहले चीज है दूसरी चीज आप जब हाई स्कूल लेवल के एजुकेशन के बाद जवाब कॉलेज डबल में जाति लेवल में जाते हो तो वह कभी सेम ट्रेडिशनल चीजों पर वर्क हो रहा है जिसमें बहुत सारे चेंजेज की जरूरत है चौथी चीज की आप शिक्षा व्यवस्था को तीसरी चीज शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए आपको यह भी करना होगा क्योंकि हमारे यहां शिक्षा में ट्रांसफर अंशी नहीं है यदि आप इकोनॉमिकली मजबूत है तो आपका एडमिशन जो है एक अच्छे बेहतरीन इंग्लिश मीडियम स्कूल में होता है जबकि आप इकोनॉमिकली विक हैं तो आपका एक प्राइमरी स्कूल सरकारी स्कूल में एडमिशन होता है जहां पर्याप्त मात्रा में शिक्षक नहीं मौजूद है जिस वजह कर बच्चों के शिक्षा में बहुत सारा अंतर उत्पन्न हो जाता है और जिस वजह करो ने पूरी जीवन इस चीज को झेलना पड़ता है तो सबसे पहले चीज की और चौथी चीज है कि स्कूल में जो भी पद खाली हैं स्कूल में हो या फिर कॉलेज में हूं यूनिवर्सिटीज में हूं जहां कहीं पर भी शिक्षक का पद प्रोफेसेस का पद मेडिकल कॉलेज अजमेर का पद मेडिकल प्रोफेशन इंजीनियरिंग कॉलेज में इंजीनियरिंग मैनेजमेंट कॉलेजेस मैनेजमेंट मैनेजमेंट प्रोसेस फॉर रिसर्च स्कॉलर का पति जितने भी सारे जो पोस्ट खाली है उन सारे को भरने की जरूरत सकता है क्योंकि आप जब स्कूल जा रहे हो जा रहा हूं इस सूट में जा रहा हूं फिर टीचर मौजूद नहीं है तो फिर कैसे किस तरीके से हमारा शिक्षा व्यवस्था सुधरेगा जब तक वहां पढ़ाने वाले लोग नहीं होंगे तो तब से अभी तक हमारे सरकार द्वारा कभी भी इस तरीके से कोई सक्रिय कदम नहीं उठाया जाता है कि सारे के सारे पोस्ट पर भर दिया जाए हमेशा कई सारे अभी लाखों की संख्या में कॉलेज में स्कूल में यूनिवर्सिटीज में पोस्ट खाली है इन सारी चीजों पर ध्यान देने की जरूरत है

aapka sawaal hai shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye toh education system ko sudhaarne ke liye hamare desh me kai saare pahaluwon par kaam karna hoga sabse pehli baat ki hum log jis education ko lekar apni jeevan ki shuruat karte hain school education wahan ke hamein curriculum me bahut saare changes karne honge bahut saare traditional topics jao usme bhar diye gaye hain jinka jeevan me koi yogdan nahi hai toh is par chakkar kya hai ki un tredishnal topic ko hatakar un saare jo topics ko shaamil kiya jana chahiye jiska hamein daily life me istemal hai jiska hamein society ko behtar banane me istemal hai jisse hum log science aur technology ke field me aage badh sakte hain sabse pehle cheez hai dusri cheez aap jab high school level ke education ke baad jawab college double me jati level me jaate ho toh vaah kabhi same traditional chijon par work ho raha hai jisme bahut saare changes ki zarurat hai chauthi cheez ki aap shiksha vyavastha ko teesri cheez shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye aapko yah bhi karna hoga kyonki hamare yahan shiksha me transfer anshi nahi hai yadi aap economically majboot hai toh aapka admission jo hai ek acche behtareen english medium school me hota hai jabki aap economically weak hain toh aapka ek primary school sarkari school me admission hota hai jaha paryapt matra me shikshak nahi maujud hai jis wajah kar baccho ke shiksha me bahut saara antar utpann ho jata hai aur jis wajah karo ne puri jeevan is cheez ko jhelna padta hai toh sabse pehle cheez ki aur chauthi cheez hai ki school me jo bhi pad khaali hain school me ho ya phir college me hoon universities me hoon jaha kahin par bhi shikshak ka pad profeses ka pad medical college ajmer ka pad medical profession Engineering college me Engineering management colleges management management process for research scholar ka pati jitne bhi saare jo post khaali hai un saare ko bharne ki zarurat sakta hai kyonki aap jab school ja rahe ho ja raha hoon is suit me ja raha hoon phir teacher maujud nahi hai toh phir kaise kis tarike se hamara shiksha vyavastha sudhrega jab tak wahan padhane waale log nahi honge toh tab se abhi tak hamare sarkar dwara kabhi bhi is tarike se koi sakriy kadam nahi uthaya jata hai ki saare ke saare post par bhar diya jaaye hamesha kai saare abhi laakhon ki sankhya me college me school me universities me post khaali hai in saari chijon par dhyan dene ki zarurat hai

आपका सवाल है शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए तो एजुकेशन सिस्टम को सुधारने के लिए हमारे

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  102
WhatsApp_icon
user

Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:07
Play

Likes  138  Dislikes    views  1684
WhatsApp_icon
user

Anil Bajpai

Writer | Publisher | Investor | Hotelier | Devloper

1:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सरकारी विद्यालय नहीं अंतर्गत ग्राम सभा के प्रधान की और गांव की और पूर्ण विद्यालय पूरे विद्यालय होने का मतलब पूरे विद्यालयों की जिम्मेदारी समान हो जाती है उनकी जगह पहले या प्राइवेट विद्यालयों को प्रॉपर सुविधा

sarkari vidyalaya nahi antargat gram sabha ke pradhan ki aur gaon ki aur purn vidyalaya poore vidyalaya hone ka matlab poore vidhayalayo ki jimmedari saman ho jaati hai unki jagah pehle ya private vidhayalayo ko proper suvidha

सरकारी विद्यालय नहीं अंतर्गत ग्राम सभा के प्रधान की और गांव की और पूर्ण विद्यालय पूरे विद्

Romanized Version
Likes  100  Dislikes    views  1591
WhatsApp_icon
user

Laljee Gupta

Career Counsellor

2:21
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है की शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए पाली बातों नंबर 1 हमारी शिक्षा व्यवस्था बिगड़ नहीं गई है किस को सुधारा जाए तो कैसे कैसे और बड़े भारी पैमाने पर इसको विचार किया जाए विचार करने की विषय वस्तु इसकी यह है कि जो शिक्षण व्यवस्था चल रही है चाहे वह तकनीकी क्षेत्र में हो या गैर तकनीकी क्षेत्र में हो या बिजनेस के क्षेत्र में हो या किसी भी क्षेत्र में हो उसमें कुछ नई नई चीजें लाने की जरूरत है नई चीजों का मतलब यह हुआ कि हमें उसमें कुछ नई चीजें करें निचले स्तर पर रिसर्च की छूट दी जाए कालेजों को भी इसकी छूट दी जाए इंवर्सिटी लेवल पर भी इसको बड़े पैमाने पर आगे बढ़ाया जाए कि कुछ पढ़ने के बाद आप कुछ कर करके भी सच करें कुछ देखें कुछ बताएं क्या वह सामाजिक का सोशल साइंस का एनवायरमेंट हो या पॉलीटिकल एनवायरमेंट ओं हिस्टॉरिकल हो उन सब चीजों को पढ़ने के बाद एक उसका एक-एक लैब अजय उसको एक रिसर्च के रूप में छोटे पैमाने पर भी जैसे आप जानती हो पीएचडी दिया जाता है यूनिवर्सिटी के जो बड़े-बड़े प्रोफेसर सोते हैं यार मस्ती लेबल पर दिया जाता है इसकी छूट दी जाए और जो शिक्षण है जो टीचिंग है जो शिफ्ट है उसमें सुधार का एकमात्र वही गुंजाइश है कि उसको हम कितना ज्यादा से ज्यादा कम्युनिकेट करें उसी तरह की उसमें गैपिंग नहीं आए अब एक उदाहरण के रूप में जैसे आपको नेट की परीक्षा में बैठना है आपने पोस्ट ग्रेजुएशन कर लिया है तो आप जरूरत क्या है उस नेट की सिलेबस को आपके उस पोस्ट भेज चेरुकुलम को कनेक्ट करना है ओके यूएलबी सक्सेस इन दिस टाइप ऑफ द सलूशन तो 1 मिनट विल बी ए ब्रॉड इंप्लीमेंटेशन ओके बाय

aapka prashna hai ki shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye paali baaton number 1 hamari shiksha vyavastha bigad nahi gayi hai kis ko sudhara jaaye toh kaise kaise aur bade bhari paimane par isko vichar kiya jaaye vichar karne ki vishay vastu iski yah hai ki jo shikshan vyavastha chal rahi hai chahen vaah takniki kshetra me ho ya gair takniki kshetra me ho ya business ke kshetra me ho ya kisi bhi kshetra me ho usme kuch nayi nayi cheezen lane ki zarurat hai nayi chijon ka matlab yah hua ki hamein usme kuch nayi cheezen kare nichle sthar par research ki chhut di jaaye kalejon ko bhi iski chhut di jaaye invarsiti level par bhi isko bade paimane par aage badhaya jaaye ki kuch padhne ke baad aap kuch kar karke bhi sach kare kuch dekhen kuch bataye kya vaah samajik ka social science ka environment ho ya political environment on historical ho un sab chijon ko padhne ke baad ek uska ek ek lab ajay usko ek research ke roop me chote paimane par bhi jaise aap jaanti ho phd diya jata hai university ke jo bade bade professor sote hain yaar masti lebal par diya jata hai iski chhut di jaaye aur jo shikshan hai jo teaching hai jo shift hai usme sudhaar ka ekmatra wahi gunjaiesh hai ki usko hum kitna zyada se zyada kamyuniket kare usi tarah ki usme gaiping nahi aaye ab ek udaharan ke roop me jaise aapko net ki pariksha me baithana hai aapne post graduation kar liya hai toh aap zarurat kya hai us net ki syllabus ko aapke us post bhej cherukulam ko connect karna hai ok ULB success in this type of the salution toh 1 minute will be a broad implementation ok bye

आपका प्रश्न है की शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए पाली बातों नंबर 1 हमारी शिक्षा व्यवस्

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  86
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओम श्री राधा कृष्णाय नमः हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था बहुत खराब हो रही है शिक्षा व्यवस्था सरकारों को कहानी चाहिए सरकारी स्कूल सुधारने चाहिए अच्छी बेहतर शिक्षा के लिए विकास के लिए जो पैसा आता है उसी शिक्षा को बहुत ज्यादा बल देना चाहिए और वह अच्छी प्रकार से करनी चाहिए शिक्षा सुधार के लिए लोगों को जनता में सहयोग करना चाहिए जितना ज्यादा पढ़े लिखे लोग हैं यदि वह अपनी जॉब भी कर रहे हैं उससे से भी कुछ समय निकालें और गरीब बच्चे हैं उनको शिक्षा दे रीमिक्स शंकरा शिक्षा से कोई वंचित नहीं गाना चाहिए ओम श्री राधा कृष्णाय नमः अधिक जानकारी के लिए आप व्हाट्सएप कर सकते हैं

om shri radha krishnay namah hamare desh mein shiksha vyavastha bahut kharab ho rahi hai shiksha vyavastha sarkaro ko kahani chahiye sarkari school sudhaarne chahiye achi behtar shiksha ke liye vikas ke liye jo paisa aata hai usi shiksha ko bahut zyada bal dena chahiye aur vaah achi prakar se karni chahiye shiksha sudhaar ke liye logo ko janta mein sahyog karna chahiye jitna zyada padhe likhe log hain yadi vaah apni job bhi kar rahe hain usse se bhi kuch samay nikale aur garib bacche hain unko shiksha de remix sankra shiksha se koi vanchit nahi gaana chahiye om shri radha krishnay namah adhik jaankari ke liye aap whatsapp kar sakte hain

ओम श्री राधा कृष्णाय नमः हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था बहुत खराब हो रही है शिक्षा व्यवस्था

Romanized Version
Likes  176  Dislikes    views  1692
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चाचा को कैसे करा जाए प्राइमरी शिक्षक नियोजन शिक्षा छात्रवृति सीनियर सेकेंडरी वेस्टइंडीज के बीच शिक्षा सेक्सी वीडियो के कुछ पता चला कि नहीं है ऐसा कंपनी क्यों का सरकार को समाज को देश को कानून को और शक्तियों का सपोर्ट करना जब शिक्षामित्र

chacha ko kaise kara jaaye primary shikshak niyojan shiksha chatravriti senior secondary WestIndies ke beech shiksha sexy video ke kuch pata chala ki nahi hai aisa company kyon ka sarkar ko samaj ko desh ko kanoon ko aur shaktiyon ka support karna jab shikshamitra

चाचा को कैसे करा जाए प्राइमरी शिक्षक नियोजन शिक्षा छात्रवृति सीनियर सेकेंडरी वेस्टइंडीज के

Romanized Version
Likes  306  Dislikes    views  3447
WhatsApp_icon
user

Ranjeet singh

Motivational Speaker/Teacher/Trainer

3:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए यह एक बहुत ही ज्वलंत मुद्दा है और यह ऐसा विषय है जिस पर मुझे लगता है बहुत सारी चर्चा होनी चाहिए शिक्षा व्यवस्था को सुधारा कैसे जाए इसको जानने से पहले हमें यह देखना होगा कि हमारी शिक्षा व्यवस्था में दोष कहां पर है तो मुझे लगता है हमारी शिक्षा व्यवस्था का सबसे बड़ा दूध यह है कि हमारी आज की जो शिक्षा व्यवस्था है वह हमें सिर्फ नौकर बनना सिखाती है मालिक बनना नहीं सिखाती आज की हमारी शिक्षा व्यवस्था हमें स्किल की ट्रेनिंग नहीं देती हमारा कौशल विकास नहीं करती है हमें सिर्फ वही रटार हटाया सिलेबस पढ़ाया जाता है हमें ऐसी चीजें पढ़ाई जाती हैं ज्यादातर ऐसी चीजें पढ़ाई जाती है जिसका हमारे जीवन में कोई उपयोग ही नहीं होता है जबकि हमें ऐसी चीजें पढ़ाई जानी चाहिए जिससे हमारा जीवन कैसे अच्छा और सच क्या बने कैसे हम ज्यादा सफल हो मतलब हमारे दैनिक जीवन में काम आने वाली चीजें हमें सिखाई और पढ़ाई जाना चाहिए दूसरी एक सबसे बड़ा दोष हमारी शिक्षा में है प्रैक्टिकल प्रैक्टिकल एजुकेशन नहीं है हमारी आर्टिकल चीजें हैं ज्यादातर चीजें हमें छोटी कली बताई जाती हैं और टिकट आ जाता है तो टिकट पेपर में लिख दिया जाता है बस किसी में काम हो जाता है तो मुझे लगता है कि जो हमारी एजुकेशन है मुझे थोड़ा प्रैक्टिकल होना चाहिए और यह सब कैसे संभव हो सकता है तो इसके लिए हम शिक्षा में सुधार कर सकते हैं हम हमारा जो सिलेबस है हमारा जो पाठ्यक्रम है उसे मॉडिफाई करने की जरूरत है उसे बदलने की आवश्यकता है उसमें ऐसे कंटेंट डाले जाएं ऐसी चीजें डाली जाए ऐसी जिससे कि जैसे छोटे बच्चों को 10th के बाद ही स्किल ट्रेनिंग दी जाए इजहार बच्चे के अंदर एक अद्भुत क्षमता होती हर बच्चा यूनिक है हर किसी के अंदर अलग हर किसी की रुचि अलग अलग होती है हर कोई पढ़ लिखकर विद्वान नहीं बनना चाहता हो सकता है कुछ करना चाहता है वह डांसिंग करना चाहता है तो हमारे यहां एजुकेशन सिस्टम में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि उस बच्चे को वह जिस भी जो भी उसके अंदर टैलेंट है और जिस भी क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहता है उसको सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जाए तो ऐसी व्यवस्था हमारी शिक्षा व्यवस्था के अंदर होनी चाहिए जिससे हर तरह के बच्चे को जिस तरह का भी उसके अंदर टैलेंट है आर्ट एंड क्राफ्ट का सिंगिंग का डांसिंग का है व्हाट एवर टैलेंट द स्टूडेंट है उसको प्लेटफॉर्म मिलना चाहिए ताकि वह उसमें आगे बढ़ सके और यह सुधार जो है हमारी अवस्था में बहुत ही आवश्यक है शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए कि हम व्यक्ति को काबिल बनाएं ना कि डिग्री धारी बना दें आज हमारे पास बहुत सारे डिग्री धारी लोग हैं लेकिन काबिलियत नहीं आई नौकरियों की कमी नहीं है पर उन लोगों के लिए काबिल लोगों की कमी है तो ऐसे में आज की हमारी जो शिक्षा व्यवस्था है उसके बदलाव की मौत महती आवश्यकता है

shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye yah ek bahut hi jwalant mudda hai aur yah aisa vishay hai jis par mujhe lagta hai bahut saree charcha honi chahiye shiksha vyavastha ko sudhara kaise jaaye isko jaanne se pehle hamein yah dekhna hoga ki hamari shiksha vyavastha mein dosh kahan par hai toh mujhe lagta hai hamari shiksha vyavastha ka sabse bada doodh yah hai ki hamari aaj ki jo shiksha vyavastha hai vaah hamein sirf naukar bana sikhati hai malik bana nahi sikhati aaj ki hamari shiksha vyavastha hamein skill ki training nahi deti hamara kaushal vikas nahi karti hai hamein sirf wahi ratar hataya syllabus padhaya jata hai hamein aisi cheezen padhai jaati hain jyadatar aisi cheezen padhai jaati hai jiska hamare jeevan mein koi upyog hi nahi hota hai jabki hamein aisi cheezen padhai jani chahiye jisse hamara jeevan kaise accha aur sach kya bane kaise hum zyada safal ho matlab hamare dainik jeevan mein kaam aane wali cheezen hamein sikhai aur padhai jana chahiye dusri ek sabse bada dosh hamari shiksha mein hai practical practical education nahi hai hamari article cheezen hain jyadatar cheezen hamein choti kalee batai jaati hain aur ticket aa jata hai toh ticket paper mein likh diya jata hai bus kisi mein kaam ho jata hai toh mujhe lagta hai ki jo hamari education hai mujhe thoda practical hona chahiye aur yah sab kaise sambhav ho sakta hai toh iske liye hum shiksha mein sudhaar kar sakte hain hum hamara jo syllabus hai hamara jo pathyakram hai use madifai karne ki zarurat hai use badalne ki avashyakta hai usme aise content dale jayen aisi cheezen dali jaaye aisi jisse ki jaise chote baccho ko 10th ke baad hi skill training di jaaye izhaar bacche ke andar ek adbhut kshamta hoti har baccha Unique hai har kisi ke andar alag har kisi ki ruchi alag alag hoti hai har koi padh likhkar vidhwaan nahi bana chahta ho sakta hai kuch karna chahta hai vaah dancing karna chahta hai toh hamare yahan education system mein aisi koi vyavastha nahi hai ki us bacche ko vaah jis bhi jo bhi uske andar talent hai aur jis bhi kshetra mein aage badhana chahta hai usko sucharu roop se aage badhaya jaaye toh aisi vyavastha hamari shiksha vyavastha ke andar honi chahiye jisse har tarah ke bacche ko jis tarah ka bhi uske andar talent hai art and craft ka singing ka dancing ka hai what ever talent the student hai usko platform milna chahiye taki vaah usme aage badh sake aur yah sudhaar jo hai hamari avastha mein bahut hi aavashyak hai shiksha vyavastha aisi honi chahiye ki hum vyakti ko kaabil banaye na ki degree dhari bana de aaj hamare paas bahut saare degree dhari log hain lekin kabiliyat nahi I naukriyon ki kami nahi hai par un logo ke liye kaabil logo ki kami hai toh aise mein aaj ki hamari jo shiksha vyavastha hai uske badlav ki maut mahati avashyakta hai

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए यह एक बहुत ही ज्वलंत मुद्दा है और यह ऐसा विषय है जिस पर

Romanized Version
Likes  37  Dislikes    views  313
WhatsApp_icon
user

Ravinder Dahiya

Counselor, Motivational Speaker. C.E.O And Founder Of Shiva Follow On Youtube- Education World

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिल बहुत बड़ा सवाल है और पूरे देश में शादी हुई है बात करो दूसरी चूत दिखा कर काम की तलाश है जिंदगी काफी हद तक बेरोजगारी की समस्या दूर हो जाएगी और एजुकेशन नया बदलाव

dil bahut bada sawaal hai aur poore desh mein shadi hui hai baat karo dusri chut dikha kar kaam ki talash hai zindagi kaafi had tak berojgari ki samasya dur ho jayegi aur education naya badlav

दिल बहुत बड़ा सवाल है और पूरे देश में शादी हुई है बात करो दूसरी चूत दिखा कर काम की तलाश है

Romanized Version
Likes  138  Dislikes    views  1079
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए तो शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जाए इसके बजाय शिक्षा का जो अभी मौजूदा जो स्वरूप है जो हाल है उसको कैसे सुधारा जाए इसकी और जो है हमें ध्यान देना चाहिए और इसके लिए है यह चीजें जो होती है शिक्षा में सुधार लाना है ना समझिए कि यह काम सिर्फ जो सरकार में बैठे हुए हैं जो हमारे प्रतिनिधि है वही करते हैं उनको ही अधिकार है ऐसा नहीं है क्योंकि वह तो सिर्फ प्रतिनिधित्व करते हैं लोगों का जो भी कुछ बदलाव लाना है और लोग भी लाते हैं लेकिन लोग लाते हैं बदलाव तो अभी तक तो फिर अगर यह सही है तो फिर यह स्थिति क्यों हो गई जो भी कुछ मतलब हुआ है शिक्षा को जिस मुकाम पर आप लाकर खड़ा कर दिया है तो फिर यह जो बदलाव किसने के लोगों ने उसे किया और अगर आगे भी करना चाहते हैं तो फिर यही लोग करेंगे करेंगे तो फिर शिक्षा व्यवस्था जो है उसका स्वरूप कैसा है ठीक है हम आते हैं गलतियां हो जाती है लेकिन गलतियां कर एक बार हो गई लेकिन उसका अगर उसमें सुधार नहीं किया बल्कि वो बार-बार हम करते रहे तो यह बहुत बड़ी गलती हो जाएगी और इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा इसलिए स्वरूप में बदल करना चाहिए सुधार करना चाहिए और खास करके जो है कि हमें बच्चों को बच्चा जब जन्म लेता है तो वह जो है उसका बिल्कुल साफ सुथरा होता है उसको पता नहीं होता है कि मैं किस जात का हूं मैं किस धर्म का हूं उनको हम जिस तरह शिक्षा देंगे उसे उनकी ऐसी अवस्था बनेगी आगे जाकर जो है वह उसी आधार पर जो है आपका जीवन मान डालेगा तो शिक्षा में जो है जितना हो सके जिस शिक्षा से हमें जो शिक्षा हमें भेदभाव को जन्म देती हो भेदभाव को बढ़ाती हो जो शिक्षा हमें ऐसे स्पर्धा की ओर ले जाती हो कि जहां नुकसान ही नुकसान है जहां शांति नहीं है जहां समाधान नहीं है जहां पहुंचने के बाद फिर वापस आने में भी बड़ा मुश्किल है उच्च शिक्षा अमित डालनी चाहिए उसमें सुधार लाना चाहिए तो फिर किस तरह की शिक्षा हमें देनी चाहिए खास करके जो है हमें एक मूल्य शिक्षा मूल्यों की शिक्षा जो है वह भी देनी चाहिए तो उसके ऊपर है ज्यादा जोर देना चाहिए श्री पुरुष समानता धर्मनिरपेक्षता उसके बाद आता है श्रम का महत्व और फिर आता है संवेदनशीलता सहिष्णुता परोपकार चीजें जो है मूल्य शिक्षण के दायरे में आते हैं और इसके ऊपर जो है ज्यादा काम करना चाहिए प्रकाश स्वरूप जब हम उसमें सुधार लाना चाहते हैं तो उसमें इसको ज्यादा प्राथमिकता देनी चाहिए

shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye toh shiksha vyavastha ko sudhara jaaye iske bajay shiksha ka jo abhi maujuda jo swaroop hai jo haal hai usko kaise sudhara jaaye iski aur jo hai hamein dhyan dena chahiye aur iske liye hai yah cheezen jo hoti hai shiksha mein sudhaar lana hai na samjhiye ki yah kaam sirf jo sarkar mein baithe hue hain jo hamare pratinidhi hai wahi karte hain unko hi adhikaar hai aisa nahi hai kyonki vaah toh sirf pratinidhitva karte hain logo ka jo bhi kuch badlav lana hai aur log bhi laate hain lekin log laate hain badlav toh abhi tak toh phir agar yah sahi hai toh phir yah sthiti kyon ho gayi jo bhi kuch matlab hua hai shiksha ko jis mukam par aap lakar khada kar diya hai toh phir yah jo badlav kisne ke logo ne use kiya aur agar aage bhi karna chahte hain toh phir yahi log karenge karenge toh phir shiksha vyavastha jo hai uska swaroop kaisa hai theek hai hum aate hain galtiya ho jaati hai lekin galtiya kar ek baar ho gayi lekin uska agar usme sudhaar nahi kiya balki vo baar baar hum karte rahe toh yah bahut badi galti ho jayegi aur iska parinam bhugatna padega isliye swaroop mein badal karna chahiye sudhaar karna chahiye aur khaas karke jo hai ki hamein baccho ko baccha jab janam leta hai toh vaah jo hai uska bilkul saaf suthara hota hai usko pata nahi hota hai ki main kis jaat ka hoon main kis dharm ka hoon unko hum jis tarah shiksha denge use unki aisi avastha banegi aage jaakar jo hai vaah usi aadhar par jo hai aapka jeevan maan dalega toh shiksha mein jo hai jitna ho sake jis shiksha se hamein jo shiksha hamein bhedbhav ko janam deti ho bhedbhav ko badhati ho jo shiksha hamein aise spardha ki aur le jaati ho ki jaha nuksan hi nuksan hai jaha shanti nahi hai jaha samadhan nahi hai jaha pahuchne ke baad phir wapas aane mein bhi bada mushkil hai ucch shiksha amit daalni chahiye usme sudhaar lana chahiye toh phir kis tarah ki shiksha hamein deni chahiye khaas karke jo hai hamein ek mulya shiksha mulyon ki shiksha jo hai vaah bhi deni chahiye toh uske upar hai zyada jor dena chahiye shri purush samanata dharmanirapekshata uske baad aata hai shram ka mahatva aur phir aata hai samvedansheelata sahishnuta paropkaar cheezen jo hai mulya shikshan ke daayre mein aate hain aur iske upar jo hai zyada kaam karna chahiye prakash swaroop jab hum usme sudhaar lana chahte hain toh usme isko zyada prathamikta deni chahiye

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए तो शिक्षा व्यवस्था को सुधारा जाए इसके बजाय शिक्षा का जो

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  188
WhatsApp_icon
user

free edu

Education And Motivational Speaker

2:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए यह प्रश्न काफी गंभीर है और भारत में इसका काफी देखा गया है कि भारत में जो शिक्षा व्यवस्था जो देखी जाती है वह काफी बदहाल स्थिति में उसे कैसे सुधारा जाए इसके बारे में हम चर्चा करेंगे तो हमारा जो विचार है और मैं काफी स्टडीज में मैंने देखा है तो मैं अपना विचार रखना तो किसी भी देश का भविष्य उनके विद्यार्थी होते हैं यदि विद्यार्थी को सही शिक्षा दी जाए तो देश काफी आगे तरक्की करेगा व्यवस्था में सबसे प्रमुख दोष यह है अकुशल प्रबंध व्यवस्था है जो समस्या है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था होनी चाहिए ऐसी होनी चाहिए जिससे सबको तकनीकी और व्यवसायिक जैसे कि व्यक्ति बेरोजगार ना रहे तथा अपने रोजगार खुद बना सके इसलिए वेबसाइट शिक्षा आवश्यक देनी चाहिए इसके साथ ही बच्चों को नैतिक शिक्षा भी दी जानी चाहिए जिससे कि व्यक्ति अपना नैतिक जीवन को समझ सके तथा नैतिक जीवन में जो काटते हैं उनको कर सके तथा आजकल जो देखा गया है बच्चों ने नैतिकता की काफी कमी है अपनी संस्कृति को नैतिक शिक्षा के आधार पर ही जाना जाता है कि व्यक्ति का चरित्र कैसा है उसके आधार पर परीक्षा की अनिवार्य शिक्षा लेनी चाहिए जिससे कि वे अपने नैतिक जीवन को सुधार सकें और एक दोस्त और है परीक्षा पद्धति का इसके माध्यम से वर्ष में 1 वर्ष में तीन या चार बार परीक्षा जो ली जाती है वह एक तरह का बेस्ट है वेस्ट है टाइम बेकार होता है बच्चों के नीचे का सही मूल्यांकन नहीं किया जा सकता है इस प्रकार परीक्षा पद्धति वर्ष में एक बार होनी चाहिए जिसमें कि सभी बच्चों का मूल्यांकन एक प्रकार से देखा जा सके और इसमें काफी मदद मिलेगी और खर्चा भी कम होगा और इस प्रकार धन्यवाद

shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye yah prashna kaafi gambhir hai aur bharat mein iska kaafi dekha gaya hai ki bharat mein jo shiksha vyavastha jo dekhi jaati hai vaah kaafi badhaal sthiti mein use kaise sudhara jaaye iske bare mein hum charcha karenge toh hamara jo vichar hai aur main kaafi studies mein maine dekha hai toh main apna vichar rakhna toh kisi bhi desh ka bhavishya unke vidyarthi hote hain yadi vidyarthi ko sahi shiksha di jaaye toh desh kaafi aage tarakki karega vyavastha mein sabse pramukh dosh yah hai akushal prabandh vyavastha hai jo samasya hai ki hamari shiksha vyavastha honi chahiye aisi honi chahiye jisse sabko takniki aur vyavasayik jaise ki vyakti berozgaar na rahe tatha apne rojgar khud bana sake isliye website shiksha aavashyak deni chahiye iske saath hi baccho ko naitik shiksha bhi di jani chahiye jisse ki vyakti apna naitik jeevan ko samajh sake tatha naitik jeevan mein jo katatey hain unko kar sake tatha aajkal jo dekha gaya hai baccho ne naitikta ki kaafi kami hai apni sanskriti ko naitik shiksha ke aadhar par hi jana jata hai ki vyakti ka charitra kaisa hai uske aadhar par pariksha ki anivarya shiksha leni chahiye jisse ki ve apne naitik jeevan ko sudhaar sake aur ek dost aur hai pariksha paddhatee ka iske madhyam se varsh mein 1 varsh mein teen ya char baar pariksha jo li jaati hai vaah ek tarah ka best hai west hai time bekar hota hai baccho ke niche ka sahi mulyankan nahi kiya ja sakta hai is prakar pariksha paddhatee varsh mein ek baar honi chahiye jisme ki sabhi baccho ka mulyankan ek prakar se dekha ja sake aur isme kaafi madad milegi aur kharcha bhi kam hoga aur is prakar dhanyavad

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए यह प्रश्न काफी गंभीर है और भारत में इसका काफी देखा गया

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  114
WhatsApp_icon
user
1:10
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मारी नेतृत्व में है जल्दी हमें भी है कि हमने वफ़ा नेतृत्व पैदा किया उस तरह का विधान नहीं बना पाया जिससे हमारी युवक ना नदी का स्रोत रहे नए सप्ताह से ओतप्रोत रहे समय है कि हमें अपने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन इस तरह से करें कि हमारा राष्ट्र शंभू हर हर व्यक्ति शब्द इसके लिए हमें नई शिक्षा प्रणाली लाली होगी वैसी शिक्षा प्रणाली रानी होगी यूपी रोजगार और रोजगार उन्मुख रोजगार क्यों कल कारखानों का नहीं रोजगार रोजगार समाज में जितने भी चीजों की आवश्यकता है एक आदमी को जीने और अपने शब्द में रोजगार लगा हुआ है लेकिन हम चाचा के और बेला की और न जाने कितनी उद्योगपति अंबानी से लेकर उनकी हम गुलाम बने उनकी रोजगार की सिस्टम

mari netritva mein hai jaldi hamein bhi hai ki humne wafa netritva paida kiya us tarah ka vidhan nahi bana paya jisse hamari yuvak na nadi ka srot rahe naye saptah se otaprot rahe samay hai ki hamein apne prakirtik sansadhano ka dohan is tarah se kare ki hamara rashtra sambhu har har vyakti shabd iske liye hamein nayi shiksha pranali laali hogi vaisi shiksha pranali rani hogi up rojgar aur rojgar unmukh rojgar kyon kal karkhanon ka nahi rojgar rojgar samaj mein jitne bhi chijon ki avashyakta hai ek aadmi ko jeene aur apne shabd mein rojgar laga hua hai lekin hum chacha ke aur bela ki aur na jaane kitni udyogpati ambani se lekar unki hum gulam bane unki rojgar ki system

मारी नेतृत्व में है जल्दी हमें भी है कि हमने वफ़ा नेतृत्व पैदा किया उस तरह का विधान नहीं ब

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  127
WhatsApp_icon
user

Jitendra Shukla

Politicain

2:05
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा सवाल शिक्षा प्रणाली को कैसे सुधारा जाए शिक्षा प्रणाली को बहुत ही आसान तरीका सुधारने का बशर्ते राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों एक दिशा निर्देश दे दे तो शिक्षा का स्तर बहुत बढ़ जाएगा अभी भी सर्वाधिक बच्चे सरकारी विद्यालय पढ़ते हैं सरकार एक आदेश जारी कर दें कि सभी सरकारी कर्मचारी के बच्चे सरकारी विद्यालय में पड़ेंगे या मैं मांग 2015 से कर रहा हूं कि जितने भी सरकारी कर्मचारी हैं चाहे आई एस ओ आर पी एस ओ बी पी एस हूं जो भी हूं वीडियो सीओ इंस्पेक्टर वो सभी के बच्चे सरकारी विद्यालय में पढ़ाई करें अगर सरकारी विद्यालय में पढ़ाई करेंगे तो आप सोच सकते हैं जो विद्यालय लेट से खुलता है सवेरे बंद हो जाता है जो शिक्षक पढ़ाते नहीं हैं उनको घर से खुद ट्यूशन पढ़ कर आना पड़ेगा क्योंकि जो भी विद्यार्थी वहां पढ़ रहे होंगे तभी आईएस आईबीपीएस के होंगे अच्छे-अच्छे कर्मचारी के बच्चे होंगे तो अगर ऐसे सिटी सरकार ला देती है एक अनिवार्य कर दिया जाता है तो शिक्षा स्तर को सुधारा जाता है इसमें एक ऑप्शन भी दे दे सकता है देख सकती है सरकार की जो सरकारी कर्मचारी अपने बच्चे को सरकारी विद्यालय में नहीं पड़ेंगे और वह अपने बच्चों को निजी विद्यालय पढ़ना चाहते हैं तो जितने बच्चों को अपने बच्चों को निजी विद्यालय में पढ़ाएंगे उतने ही बच्चे को एक गरीब बच्चे को अपने पैसे से निजी विद्यालय में शिक्षा दिलवाने गे तो भारत के ऐसे थे जो प्राचीन शिक्षा पद्धति रही है बहुत व्यस्त आ रहा है ऐसा हो जाएगा और देश पुनः जो है शिक्षा के प्रति विरोध के कारण जब पुनः मैं रोशन हो जाएगा शिक्षा का स्तर बहुत ही ऊंचा हो जाएगा

bahut hi accha sawaal shiksha pranali ko kaise sudhara jaaye shiksha pranali ko bahut hi aasaan tarika sudhaarne ka basharte rajya sarkar aur kendra sarkar dono ek disha nirdesh de de toh shiksha ka sthar bahut badh jaega abhi bhi sarvadhik bacche sarkari vidyalaya padhte hain sarkar ek aadesh jaari kar de ki sabhi sarkari karmchari ke bacche sarkari vidyalaya me padenge ya main maang 2015 se kar raha hoon ki jitne bhi sarkari karmchari hain chahen I S O R p S O be p S hoon jo bhi hoon video CO inspector vo sabhi ke bacche sarkari vidyalaya me padhai kare agar sarkari vidyalaya me padhai karenge toh aap soch sakte hain jo vidyalaya late se khulta hai savere band ho jata hai jo shikshak padhate nahi hain unko ghar se khud tuition padh kar aana padega kyonki jo bhi vidyarthi wahan padh rahe honge tabhi ias ibps ke honge acche acche karmchari ke bacche honge toh agar aise city sarkar la deti hai ek anivarya kar diya jata hai toh shiksha sthar ko sudhara jata hai isme ek option bhi de de sakta hai dekh sakti hai sarkar ki jo sarkari karmchari apne bacche ko sarkari vidyalaya me nahi padenge aur vaah apne baccho ko niji vidyalaya padhna chahte hain toh jitne baccho ko apne baccho ko niji vidyalaya me padhaenge utne hi bacche ko ek garib bacche ko apne paise se niji vidyalaya me shiksha dilwane gay toh bharat ke aise the jo prachin shiksha paddhatee rahi hai bahut vyast aa raha hai aisa ho jaega aur desh punh jo hai shiksha ke prati virodh ke karan jab punh main roshan ho jaega shiksha ka sthar bahut hi uncha ho jaega

बहुत ही अच्छा सवाल शिक्षा प्रणाली को कैसे सुधारा जाए शिक्षा प्रणाली को बहुत ही आसान तरीका

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  102
WhatsApp_icon
user

Ajit Pandit

visual Artist आप ललित कला में कैरियर बनाना हैं तो संपर्क कर सकते हैं

0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कंटेंपरेरी शिक्षण संस्था लगा पड़ेगा कंटेंपरेरी शब्द अगर आप समझते हैं तो भली-भांति समझ पाएंगे नहीं तो कुछ नहीं किया जा सकता और जब तक देसी एक कंटेंपरेरी सब निकल जाएगा तब तक शिक्षा व्यवस्था में कोई सुधार नहीं होगी कुछ नहीं होगा क्योंकि हर जगह देख रहे हैं हम ट्यूशन हो रहा है मतलब आज पोस्ट किया जा रहा कंटेंपरेरी थी पूरी रही है पुराने की जो कम होते जा रहे हैं बस

likhe shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye contemporary shikshan sanstha laga padega contemporary shabd agar aap samajhte hain toh bhali bhanti samajh payenge nahi toh kuch nahi kiya ja sakta aur jab tak desi ek contemporary sab nikal jaega tab tak shiksha vyavastha me koi sudhaar nahi hogi kuch nahi hoga kyonki har jagah dekh rahe hain hum tuition ho raha hai matlab aaj post kiya ja raha contemporary thi puri rahi hai purane ki jo kam hote ja rahe hain bus

लिखे शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए कंटेंपरेरी शिक्षण संस्था लगा पड़ेगा कंटेंपरेरी शब्द

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  223
WhatsApp_icon
user

Rakesh Kumar

Engineer

0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधार सुधार आ जाए शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सरकार को इस पर एक्शन लेना चाहिए जो टीचर को पेमेंट दे रहे हैं 25 35 हजार 35 से 40000 वहीं शिक्षक आपको बेटी जो है आ रहा है B.Ed का कमेंट करके दो अच्छे से पढ़ा सकते हैं उनको भी तो उतना ही पेमेंट मिल रहा है अजबपुरा ने शिक्षा के शिक्षामित्र है उसका भी वही स्थिति है कुछ जानते नहीं है पेमेंट को इतने 2530 है इसके लिए सरकार को इस पर पूरा ध्यान देना चाहिए और उसके पति पूरा एक्शन लेना चाहिए कि शिक्षा में सुधार तभी हमारे शिक्षा में सुधार हो सकती है

aapka prashna shiksha vyavastha ko kaise sudhaar sudhaar aa jaaye shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye sarkar ko is par action lena chahiye jo teacher ko payment de rahe hai 25 35 hazaar 35 se 40000 wahi shikshak aapko beti jo hai aa raha hai B Ed ka comment karke do acche se padha sakte hai unko bhi toh utana hi payment mil raha hai ajabpura ne shiksha ke shikshamitra hai uska bhi wahi sthiti hai kuch jante nahi hai payment ko itne 2530 hai iske liye sarkar ko is par pura dhyan dena chahiye aur uske pati pura action lena chahiye ki shiksha mein sudhaar tabhi hamare shiksha mein sudhaar ho sakti hai

आपका प्रश्न शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधार सुधार आ जाए शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए सर

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  128
WhatsApp_icon
play
user

सुबोध कुमार राय

Director - The Catalyst School & Intermediate Math Teacher With 23 Year Experience

1:09

Likes  3  Dislikes    views  99
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत में शिक्षा वस्ता बहुत ही बुरी स्थिति में इस को सुधारा जा सकता है इसमें क्या करना है कि जब भी किसी शिक्षा अवस्था में हम कोई कंप्लेंट करते हैं तो उनको तो उसमें उसको फॉलो नहीं कर पाते डर जाते हैं यह हमारे पास कोई प्रेशर आ जाता है इसलिए बेहतर यह है कि हम भारतीय शिक्षा व्यवस्था को सुधार सकते हैं हमें सन में कॉन्फिडेंस होना चाहिए और चित्रकार कॉन्फिडेंस नहीं कर पाओगे नहीं सुधार पाओगे इसलिए हमें पब्लिक को जागरूक करके इस माध्यम को मेरे सुधार सकते हैं और यह बहुत जरूरी है तो सुधारना चाहिए

bharat me shiksha vasta bahut hi buri sthiti me is ko sudhara ja sakta hai isme kya karna hai ki jab bhi kisi shiksha avastha me hum koi complaint karte hain toh unko toh usme usko follow nahi kar paate dar jaate hain yah hamare paas koi pressure aa jata hai isliye behtar yah hai ki hum bharatiya shiksha vyavastha ko sudhaar sakte hain hamein san me confidence hona chahiye aur chitrakar confidence nahi kar paoge nahi sudhaar paoge isliye hamein public ko jagruk karke is madhyam ko mere sudhaar sakte hain aur yah bahut zaroori hai toh sudharna chahiye

भारत में शिक्षा वस्ता बहुत ही बुरी स्थिति में इस को सुधारा जा सकता है इसमें क्या करना है क

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  57
WhatsApp_icon
user

Vinod Prajapat

Career Counsellor

0:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कल्लू दोस्तों आपका क्वेश्चन ने की शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जा सकता है तो शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए जो स्कूलों में अमीर गरीब और अन्य भेदभाव हुकम होंगे तभी सबसे व्यस्त था बेहतरीन होगी तथा जो भ्रष्टाचार है और शिष्टाचार की भावनाएं हुआ जब तक उसे ही संतुलन नहीं बनेगा तब तक शिक्षा की व्यवस्था सुंदर नहीं हो सकती धन्यवाद

kallu doston aapka question ne ki shiksha vyavastha ko kaise sudhara ja sakta hai toh shiksha vyavastha ko sudhaarne ke liye jo schoolon mein amir garib aur anya bhedbhav huqam honge tabhi sabse vyast tha behtareen hogi tatha jo bhrashtachar hai aur shishtachar ki bhaavnaye hua jab tak use hi santulan nahi banega tab tak shiksha ki vyavastha sundar nahi ho sakti dhanyavad

कल्लू दोस्तों आपका क्वेश्चन ने की शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जा सकता है तो शिक्षा व्यव

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  497
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था बहुत सुधर रही है और आगे भी उम्मीद है कि बहुत ज्यादा सुधरे लेकिन कुछ लोग अभी हैं जो पहले से ही कम पढ़े लिखे हैं वह भी अपने बच्चों को नहीं पढ़ाना देखना चाहते हैं ज्यादा बोलते कि क्या करना है यह है उन को जागरूक करने की जरूरत है

hamare desh me shiksha vyavastha bahut sudhar rahi hai aur aage bhi ummid hai ki bahut zyada sudhre lekin kuch log abhi hain jo pehle se hi kam padhe likhe hain vaah bhi apne baccho ko nahi padhana dekhna chahte hain zyada bolte ki kya karna hai yah hai un ko jagruk karne ki zarurat hai

हमारे देश में शिक्षा व्यवस्था बहुत सुधर रही है और आगे भी उम्मीद है कि बहुत ज्यादा सुधरे ले

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  131
WhatsApp_icon
user
0:32
Play

Likes  7  Dislikes    views  78
WhatsApp_icon
user
0:10
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को वश में पारदर्शिता लाकर सुधारा जा सकता है

shiksha vyavastha ko vash me pardarshita lakar sudhara ja sakta hai

शिक्षा व्यवस्था को वश में पारदर्शिता लाकर सुधारा जा सकता है

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  106
WhatsApp_icon
user
0:59
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा कि शिक्षा व्यवस्था को कैसे जान सकते हैं जहां पर पड़ने की कोई व्यवस्था नहीं यहां पर अत्यधिक गांव में अच्छे-अच्छे कॉलेज और स्कूल नहीं हो नहीं पाए बच्चे नहीं पढ़ पाते आप पहले स्कूल का निर्माण के शिक्षकों को पैसे के लिए आते हैं और पढ़ाते भी नहीं क्योंकि उन्हें पैसों से मतलब बच्चों से नहीं इसलिए अच्छी टीचर को उस पर कार्रवाई भी कर तब आप शिक्षा व्यवस्था और सुधार कर सकते हैं

aapne poocha ki shiksha vyavastha ko kaise jaan sakte hain jaha par padane ki koi vyavastha nahi yahan par atyadhik gaon me acche acche college aur school nahi ho nahi paye bacche nahi padh paate aap pehle school ka nirmaan ke shikshakon ko paise ke liye aate hain aur padhate bhi nahi kyonki unhe paison se matlab baccho se nahi isliye achi teacher ko us par karyawahi bhi kar tab aap shiksha vyavastha aur sudhaar kar sakte hain

आपने पूछा कि शिक्षा व्यवस्था को कैसे जान सकते हैं जहां पर पड़ने की कोई व्यवस्था नहीं यहां

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  209
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए यह प्रश्न एक ज्वलंत प्रश्न है उसका कारण है कि जो उपलब्धियां हमको होनी चाहिए थी मिलनी चाहिए थी व्यवस्था के द्वारा उपलब्धियां हमको प्राप्त नहीं हो पाई या जो एक्सेप्टेशन हमने कि वह हमें प्राप्त नहीं हो पाई की व्यवस्था वही अच्छी होती है बेहतर होती है जो अपने उद्देश्यों को पूरा करें जिस उद्देश्यों को हमने निर्धारित किया उन उद्देश्यों को पूरी करें यदि ऐसा नहीं होता है तो शिक्षा व्यवस्था हमारी अपूर्ण मानी जाती है उसमें सुधार की आवश्यकता होती है वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था जो हमारे को मनुष्य तैयार कर रही है जो नागरिक तैयार कर रही है वह देश पूरक नहीं है उनके अंदर जो भावनाएं हैं वह देश से संबंधित नहीं है निजी स्वार्थ से परिपूर्ण निजी स्वार्थ जब डेवलपर होता है विकसित होता है तो निश्चित रूप से उसमें अगर सबसे बड़ा दोष किसी का होता है तो वह शिक्षा व्यवस्था करो कि कई बिंदु है जिसमें सुधार हो सकता है एक तो प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन होना चाहिए यह समान शिक्षा होनी चाहिए इसमें किसी भी वर्क को शिक्षा मिले वह सरकार द्वारा प्रदत्त होनी चाहिए इसमें कोई व्यवसाय या प्राइवेट इंस्टिट्यूशन इस में दाखिल ना हो पाए शिक्षा एक ऐसी व्यवस्था है जो देश का निर्माण करती है देश का विकास करती है यदि देश में शिक्षा व्यवस्था सही नहीं होगी तो वह देश कभी विकसित नहीं हो सकता शिक्षा का प्राइवेटाइजेशन यह एक कारण है जिसमें हम शिक्षा को सामान्य नागरिक तक पहुंचाने में असमर्थ हुए हैं धन पतियों के द्वारा बच्चों को शिक्षित किया जाता है और वही इसका लाभ भी ले पाते हैं गरीब और निर्धन जो लोग हैं या जो लोग समाज से रखते हैं अलग हैं जिनको शोषित समाज कहा जा सकता है वह शिक्षा से अपूर्ण रह जाते हैं भले ही गवर्नमेंट सरकार तमाम योजनाएं लागू कर दे लेकिन यदि शिक्षा व्यवस्था ही तरीके से उन छात्रों तक या 9:00 तक नहीं पहुंचती है जो असहाय हैं तो हम किस विकास की कामना कर सकते हैं और एक प्राइवेटाइजेशन यह एक अपने आप में दोष है आप आर्थिक रूप से शिक्षक को किसी भी रूप में रखिए स्थाई रखिए या किसी भी रूप में रखे हैं अपना चाहे निश्चित मानदेय पर रखिए कुछ समय के बाद उनकी सेवाओं को देखते हुए विनियमितीकरण करें लेकिन सरकारी होना चाहिए और इस पर एक अंकुश होना चाहिए जवाबदेही होनी चाहिए कि उनका रिजल्ट क्या है रिजल्ट का मापन यह नहीं होना चाहिए कि बच्चा कितना नंबर लेकर आया मार्क्स लेकर आया बल्कि उनकी गुणवत्ता क्या है उसकी उसके टेस्ट जो हैं क्या रिजल्ट आता है वह इंपॉर्टेंट है जब शिक्षा व्यवस्था एक मूल रूप से आधार से रूप से एक होगी तो हमारी व्यवस्था अपने आप सुधर जाएगी फिर हमें किसी सुधार की आवश्यकता नहीं रहेगी व्यक्ति स्वयं अपना अच्छा नागरिक तैयार होगा और स्वस्थ समाज की जो परिकल्पना है वह पूरी होगी इसके लिए मुंह का सबसे ज्यादा जरूरी जो है शिक्षा प्रत्येक को दी जाए हर एक व्यक्ति को मिले चाहे वह वंचित समाज शोषित समाज हो या उच्च वर्ग का समाज हो सभी के लिए शिक्षा निशुल्क अच्छी बेहतर होनी चाहिए यह बहुत जरूरी है इसमें व्यक्तिगत कॉलेजेस सेल्फ फाइनेंस यह सब जो कॉलेज है यह जो है इसमें योजनाएं जो है यह शिक्षा व्यवस्था को वर्गीकृत कर दे रही हैं और यह दूरी फाइंडिंग्स होने चाहिए रिजल्ट आने चाहिए हमारे पास वह रिजल्ट नहीं आ पाते इसी के कारण से हम शिक्षा व्यवस्था हमारी अधूरे पंखों एहसास कराती है और स्वस्थ नागरिक तैयार नहीं कर पाती है धन्यवाद

vartaman me shiksha vyavastha ko kaise sudhara jaaye yah prashna ek jwalant prashna hai uska karan hai ki jo upalabdhiyaan hamko honi chahiye thi milani chahiye thi vyavastha ke dwara upalabdhiyaan hamko prapt nahi ho payi ya jo eksepteshan humne ki vaah hamein prapt nahi ho payi ki vyavastha wahi achi hoti hai behtar hoti hai jo apne udyeshyon ko pura kare jis udyeshyon ko humne nirdharit kiya un udyeshyon ko puri kare yadi aisa nahi hota hai toh shiksha vyavastha hamari apurn maani jaati hai usme sudhaar ki avashyakta hoti hai vartaman me shiksha vyavastha jo hamare ko manushya taiyar kar rahi hai jo nagarik taiyar kar rahi hai vaah desh purak nahi hai unke andar jo bhaavnaye hain vaah desh se sambandhit nahi hai niji swarth se paripurna niji swarth jab Developer hota hai viksit hota hai toh nishchit roop se usme agar sabse bada dosh kisi ka hota hai toh vaah shiksha vyavastha karo ki kai bindu hai jisme sudhaar ho sakta hai ek toh prathmik shiksha vyavastha me amulchul parivartan hona chahiye yah saman shiksha honi chahiye isme kisi bhi work ko shiksha mile vaah sarkar dwara pradatt honi chahiye isme koi vyavasaya ya private instityushan is me dakhil na ho paye shiksha ek aisi vyavastha hai jo desh ka nirmaan karti hai desh ka vikas karti hai yadi desh me shiksha vyavastha sahi nahi hogi toh vaah desh kabhi viksit nahi ho sakta shiksha ka privatisation yah ek karan hai jisme hum shiksha ko samanya nagarik tak pahunchane me asamarth hue hain dhan patiyon ke dwara baccho ko shikshit kiya jata hai aur wahi iska labh bhi le paate hain garib aur nirdhan jo log hain ya jo log samaj se rakhte hain alag hain jinako shoshit samaj kaha ja sakta hai vaah shiksha se apurn reh jaate hain bhale hi government sarkar tamaam yojanaye laagu kar de lekin yadi shiksha vyavastha hi tarike se un chhatro tak ya 9 00 tak nahi pohchti hai jo asahay hain toh hum kis vikas ki kamna kar sakte hain aur ek privatisation yah ek apne aap me dosh hai aap aarthik roop se shikshak ko kisi bhi roop me rakhiye sthai rakhiye ya kisi bhi roop me rakhe hain apna chahen nishchit manday par rakhiye kuch samay ke baad unki sewaon ko dekhte hue viniyamitikaran kare lekin sarkari hona chahiye aur is par ek ankush hona chahiye javabdehi honi chahiye ki unka result kya hai result ka maapan yah nahi hona chahiye ki baccha kitna number lekar aaya marks lekar aaya balki unki gunavatta kya hai uski uske test jo hain kya result aata hai vaah important hai jab shiksha vyavastha ek mul roop se aadhar se roop se ek hogi toh hamari vyavastha apne aap sudhar jayegi phir hamein kisi sudhaar ki avashyakta nahi rahegi vyakti swayam apna accha nagarik taiyar hoga aur swasth samaj ki jo parikalpana hai vaah puri hogi iske liye mooh ka sabse zyada zaroori jo hai shiksha pratyek ko di jaaye har ek vyakti ko mile chahen vaah vanchit samaj shoshit samaj ho ya ucch varg ka samaj ho sabhi ke liye shiksha nishulk achi behtar honi chahiye yah bahut zaroori hai isme vyaktigat colleges self finance yah sab jo college hai yah jo hai isme yojanaye jo hai yah shiksha vyavastha ko vargikrit kar de rahi hain aur yah doori findings hone chahiye result aane chahiye hamare paas vaah result nahi aa paate isi ke karan se hum shiksha vyavastha hamari adhure pankhon ehsaas karati hai aur swasth nagarik taiyar nahi kar pati hai dhanyavad

वर्तमान में शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाए यह प्रश्न एक ज्वलंत प्रश्न है उसका कारण है

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  89
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाता शिक्षा व्यवस्था को जिस दिन प्रबल इच्छा हो जाएगी व्यवस्था को सुधारा जा सकता जो हमारे जो ऐतिहासिक जो इस सीमा से जो ज्ञान विज्ञान है जिन्होंने पूरे संसार को ज्ञान दिया है उनके ज्ञान के प्रति अपनी श्रद्धा विश्वास तो उनकी शिक्षा प्रणाली जो है सुधर जा सकता है बहुत बड़ी बात नहीं है धन्यवाद

shiksha vyavastha ko kaise sudhara jata shiksha vyavastha ko jis din prabal iccha ho jayegi vyavastha ko sudhara ja sakta jo hamare jo etihasik jo is seema se jo gyaan vigyan hai jinhone poore sansar ko gyaan diya hai unke gyaan ke prati apni shraddha vishwas toh unki shiksha pranali jo hai sudhar ja sakta hai bahut badi baat nahi hai dhanyavad

शिक्षा व्यवस्था को कैसे सुधारा जाता शिक्षा व्यवस्था को जिस दिन प्रबल इच्छा हो जाएगी व्यवस्

Romanized Version
Likes  6  Dislikes    views  43
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!