ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने को भगवान मानते हैं?...


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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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25 जवाब
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ऐसे और सवाल
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Rakesh Kothiyal

Astrologer And Yoga Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हरि ओम नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने भगवान को मानते हैं दोस्तों जो हमारे पूर्वज करते हुए आए हैं दादा परदादा पिता और कुछ काम को बेटा कर रहे हैं तो मानना भी जरूरी है जिस धर्म को जो पुरवा की करते आए हैं उसी धर्म कार्य को करना चाहिए हमारे दादा पिताजी को समझाएं गए पिताजी हमको समझा रहे हैं बेटा जैसा धार्मिक कार्य में घर में कर रहा हूं जैसे धार्मिक कार्य में मंदिरों में कर रहा हूं जैसे धार्मिक कार्य में लोगों की सेवा में समाज सेवा कर रहो बेटा तुम भी वैसे ही करना अपने इष्ट देवी देवताओं के प्रति आस्था बनाए रखना इसलिए हम लोग भगवान को मानते हैं क्योंकि वह हमारी सभी विघ्न बाधाओं को दूर करते हैं क्लेश व्याख्या को दूर करते हैं शारीरिक कष्ट व्याख्या को दूर करते हैं हमारे जो भी आजू-बाजू लगाया खिलाया पिलाया दुख का पीड़ा कष्ट है वह सब हमारी भगवान दूर करते हैं पर शर्त एक है भगवान को मानना पड़ेगा विश्वास करना पड़ेगा श्रद्धा भाव जागृत करना पड़ेगा तभी यह काम होंगे अपने भगवान के प्रति श्रद्धा भाव बनाए रखें तभी भगवान को मानेंगे सभी लोकल ग्रुप मेंबर को मैं यह कहना चाहूंगा कि अपने धर्म के प्रति अपनी आस्था के प्रति अपने विश्वास के प्रति अपने धर्म धर्म कार्य में बढ़-चढ़कर के भाग ले अपने धर्म का प्रचार करें अपने इष्ट देवी देवताओं की पूजा करें मान सम्मान पाएं उनमें कई प्रकार उत्साह बना रहेगा करंट रेट है कि आपका जो भी बिक नवाद है या रही है कभी दिक्कत है या रहे हैं इसके चलते आपका काम रुक रहा हो और परमेश्वर को परमपिता परमेश्वर को दिल से याद करके तो देखो आपका काम नहीं बना तो म्यूजिक कहना कि पंडित जी आपने क्या कहा भगवान को तो मानना ही पड़ेगा आज हम करें तो आने वाली संतान भी यही कह करी जा रहे हमारे पापा ने किया था भैया जी करते हैं समझने के आदिवासी कर रहे हैं धार्मिक आर्य धर्म करवाओ पंडित जी को घर में बनवाओ बच्चा भी देखता है बच्चों के संस्कार भरते हैं पंडित जी बच्चों को समझाते बेटा नहीं ऐसे नहीं ऐसा करो बच्चों में पंडितों की वार्तालाप होती है पंडित जी कैसे करना क्या करना हर कोई पूछता है पूजा पाठ करने में कोई बाधक नहीं होता यह तो एक साधक है संस्कार बनते हैं और जहां संस्कार होंगे वहां स्वर्ग होगा आनंद में रहे मस्त रहें हरि ओम

hari om namaskar doston aapka prashna hai aisa kya kaam hai jo kaam karne par log apne bhagwan ko maante hain doston jo hamare purvaj karte hue aaye hain dada pardada pita aur kuch kaam ko beta kar rahe hain toh manana bhi zaroori hai jis dharm ko jo purva ki karte aaye hain usi dharm karya ko karna chahiye hamare dada pitaji ko samjhaye gaye pitaji hamko samjha rahe hain beta jaisa dharmik karya me ghar me kar raha hoon jaise dharmik karya me mandiro me kar raha hoon jaise dharmik karya me logo ki seva me samaj seva kar raho beta tum bhi waise hi karna apne isht devi devatao ke prati astha banaye rakhna isliye hum log bhagwan ko maante hain kyonki vaah hamari sabhi vighn badhaon ko dur karte hain kalesh vyakhya ko dur karte hain sharirik kasht vyakhya ko dur karte hain hamare jo bhi aju baju lagaya khilaya pilaaya dukh ka peeda kasht hai vaah sab hamari bhagwan dur karte hain par sart ek hai bhagwan ko manana padega vishwas karna padega shraddha bhav jagrit karna padega tabhi yah kaam honge apne bhagwan ke prati shraddha bhav banaye rakhen tabhi bhagwan ko manenge sabhi local group member ko main yah kehna chahunga ki apne dharm ke prati apni astha ke prati apne vishwas ke prati apne dharm dharm karya me badh chadhakar ke bhag le apne dharm ka prachar kare apne isht devi devatao ki puja kare maan sammaan paen unmen kai prakar utsaah bana rahega current rate hai ki aapka jo bhi bik navad hai ya rahi hai kabhi dikkat hai ya rahe hain iske chalte aapka kaam ruk raha ho aur parmeshwar ko parampita parmeshwar ko dil se yaad karke toh dekho aapka kaam nahi bana toh music kehna ki pandit ji aapne kya kaha bhagwan ko toh manana hi padega aaj hum kare toh aane wali santan bhi yahi keh kari ja rahe hamare papa ne kiya tha bhaiya ji karte hain samjhne ke adiwasi kar rahe hain dharmik arya dharm karwao pandit ji ko ghar me banvao baccha bhi dekhta hai baccho ke sanskar bharte hain pandit ji baccho ko smajhate beta nahi aise nahi aisa karo baccho me pandito ki vartalaap hoti hai pandit ji kaise karna kya karna har koi poochta hai puja path karne me koi badhak nahi hota yah toh ek sadhak hai sanskar bante hain aur jaha sanskar honge wahan swarg hoga anand me rahe mast rahein hari om

हरि ओम नमस्कार दोस्तों आपका प्रश्न है ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने भगवान को मान

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En Rajendra Kumar Joshi

Life Coach, Motivator

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपने कहा कि ऐसा क्या काम है जिसे करने से लोग अपने को भगवान मानते हैं तो जनाब दुनिया में कोई ऐसा काम है ही नहीं जो कि मनुष्य को भगवान की श्रेणी में ला खड़ा करें और कोई ऐसा कार्य मनुष्य कर भी नहीं सकता कि लोगवा उसको भगवान की श्रेणी में मानने लग जाए आज के समय में कोई भी व्यक्ति चाहे वह कितना ही सिद्ध पुरुष कितना ही धर्मात्मा क्यों ना हो उसके विरोधियों की भी जरूरी भी रहते हैं और विरोधी जिसके रहते हैं वह भगवान नहीं हो सकता इसलिए यह सवाल कि मैं कोई ऐसा कार्य करने पर जिसे लोग अपने आप को भगवान माने ऐसा कोई कार नहीं है स्वयं को संतुष्ट करने के लिए लोग भाग धार्मिक कार्यों को करते हैं परोपकार के कार्यों को करते हैं लेकिन अगर उसको भगवान का कार्य मानकर करें और उसके ऊपर किसी प्रकार की कोई लालसा ना रखें अपने आप को महापुरुष के लाना यह भगवान के दर्शन तो लिखे जाने कि अगर लालसा भगवान की सीडी में कहे जा सकते हैं ऐसे लोग अवश्य संसार में है उनको इनकी संख्या नगण्य है धन्यवाद

namaskar aapne kaha ki aisa kya kaam hai jise karne se log apne ko bhagwan maante hain toh janab duniya mein koi aisa kaam hai hi nahi jo ki manushya ko bhagwan ki shreni mein la khada kare aur koi aisa karya manushya kar bhi nahi sakta ki logva usko bhagwan ki shreni mein manne lag jaaye aaj ke samay mein koi bhi vyakti chahen vaah kitna hi siddh purush kitna hi dharmatma kyon na ho uske virodhiyon ki bhi zaroori bhi rehte hain aur virodhi jiske rehte hain vaah bhagwan nahi ho sakta isliye yah sawaal ki main koi aisa karya karne par jise log apne aap ko bhagwan maane aisa koi car nahi hai swayam ko santusht karne ke liye log bhag dharmik karyo ko karte hain paropkaar ke karyo ko karte hain lekin agar usko bhagwan ka karya maankar kare aur uske upar kisi prakar ki koi lalasa na rakhen apne aap ko mahapurush ke lana yah bhagwan ke darshan toh likhe jaane ki agar lalasa bhagwan ki CD mein kahe ja sakte hain aise log avashya sansar mein hai unko inki sankhya naganya hai dhanyavad

नमस्कार आपने कहा कि ऐसा क्या काम है जिसे करने से लोग अपने को भगवान मानते हैं तो जनाब दुन

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ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ऐसा एक ही काम है योग जिसे करने पर अपने आप को भगवान समझ गए जब कोई इंसान किसी गरीब का पेट भरता है तो उस समय आपको भगवान ही समझता है और इंसान जब दान करने लगता है तो वह इंसान अपने आप को भगवान ही समझ बैठता है

dekhiye aisa ek hi kaam hai yog jise karne par apne aap ko bhagwan samajh gaye jab koi insaan kisi garib ka pet bharta hai toh us samay aapko bhagwan hi samajhata hai aur insaan jab daan karne lagta hai toh vaah insaan apne aap ko bhagwan hi samajh baithta hai

देखिए ऐसा एक ही काम है योग जिसे करने पर अपने आप को भगवान समझ गए जब कोई इंसान किसी गरीब का

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Bhupendra Chugh

Business Owner

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो लोग अपने आप को भगवान मानते हो पाखंडी है क्योंकि इंसान भगवान नहीं बन सकता और जो सही गुरु होगा कभी नहीं चलेगा कि मैं भगवान वह तो आपको यह बताएगा कि ईट सकती है अब मुझे भगवान का रूप दे दो या उसे किसी भी रूप में ले लो की भी हो सकती है जिसकी वजह से हम इस दुनिया में भगवान तो है इसमें कोई दो राय नहीं कि जो यह रचना रची हुई है सब भगवान की ही रचना है इंसान सांस में लेता है तो उसकी इच्छा से ही सांस लेता है वह चाहता है हम सांस लेते हैं जब होली जाने का तो हम सोच भी नहीं ले सकते हैं और तो बातें बहुत दूर की है जो अपने आप को भगवान के आता है और पाखंडी के अलावा कुछ भी नहीं पाखंड कर रहा है इंसान भगवान नहीं बन सकता भगवान तो भगवान ही होता है बाकी आप खुद सोचो ऐसा कैसे हो सकता है जो हो नहीं सकता उस पर बात करना उस पर बहस करना वह सब बेकार है क्योंकि इंसान भगवान नहीं बनता और जो कहे तो पाखंड है पाखंडी है उसके पास जाना भी नहीं चाहिए जो सच्चे संत होते हैं सच्चे गुरु होते हैं वह खुद कभी नहीं कहते कि हम भगवान हैं वह भी कहते हैं कि बस वह हमें शिक्षा देते हैं वहीं शिक्षा देते हैं ताकि हमारा जुड़ाव उस प्रभु से हो वह मी डेटेड होते हैं वह माध्यम होते हैं जो हमें उस से जोड़ते हैं जो भगवान होता है

jo log apne aap ko bhagwan maante ho pakhandi hai kyonki insaan bhagwan nahi ban sakta aur jo sahi guru hoga kabhi nahi chalega ki main bhagwan vaah toh aapko yah batayega ki eat sakti hai ab mujhe bhagwan ka roop de do ya use kisi bhi roop mein le lo ki bhi ho sakti hai jiski wajah se hum is duniya mein bhagwan toh hai isme koi do rai nahi ki jo yah rachna rachi hui hai sab bhagwan ki hi rachna hai insaan saans mein leta hai toh uski iccha se hi saans leta hai vaah chahta hai hum saans lete hai jab holi jaane ka toh hum soch bhi nahi le sakte hai aur toh batein bahut dur ki hai jo apne aap ko bhagwan ke aata hai aur pakhandi ke alava kuch bhi nahi pakhand kar raha hai insaan bhagwan nahi ban sakta bhagwan toh bhagwan hi hota hai baki aap khud socho aisa kaise ho sakta hai jo ho nahi sakta us par baat karna us par bahas karna vaah sab bekar hai kyonki insaan bhagwan nahi banta aur jo kahe toh pakhand hai pakhandi hai uske paas jana bhi nahi chahiye jo sacche sant hote hai sacche guru hote hai vaah khud kabhi nahi kehte ki hum bhagwan hai vaah bhi kehte hai ki bus vaah hamein shiksha dete hai wahi shiksha dete hai taki hamara judav us prabhu se ho vaah me dated hote hai vaah madhyam hote hai jo hamein us se jodte hai jo bhagwan hota hai

जो लोग अपने आप को भगवान मानते हो पाखंडी है क्योंकि इंसान भगवान नहीं बन सकता और जो सही गुरु

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Harender Kumar Yadav

Career Counsellor.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोगों का क्या कहना लोग अपने आप को भगवान भी मानते हैं शैतान भी मानते हैं हर तरह के समाज में इंसान लोग होते हैं लेकिन असली भगवान वही होता जो समाज की सेवा करता है समाज में एकता गुलाटी प्राप्त करता है समदर्शी और प्रियदर्शी बनने कोशिश करता है

logo ka kya kehna log apne aap ko bhagwan bhi maante hain shaitaan bhi maante hain har tarah ke samaj mein insaan log hote hain lekin asli bhagwan wahi hota jo samaj ki seva karta hai samaj mein ekta gulati prapt karta hai samdarshi aur priyadarshi banne koshish karta hai

लोगों का क्या कहना लोग अपने आप को भगवान भी मानते हैं शैतान भी मानते हैं हर तरह के समाज में

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DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा क्या काम है जो लोग काम करने पी लो अपने आप को भगवान मानते अगर कोई इंसान किसी का भला कर देते हैं और किसी की जीवन में सहायता करते हैं किसी का काम निकाल देते हैं मुसीबत डाल देते हैं या उस वक्त उसके जीवन में एक मार्गदर्शक बन कर खड़े हो जाते हैं तो वह इंसान जो बहुत ज्यादा है यह पानी अभिमानी है ऐंकारी हैं और अपने आप को संपन्न शक्तिशाली समझता है तो वह इंसान किसी के उपकार के बदले में अपने आप को उसका भगवान मान लेता है कि अगर मैं नहीं होता तुझको एक काम नहीं होता यह मैंने तुम्हारी जिंदगी में बहुत बदलाव की यह इंकार का प्रसाद नहीं लेकिन यह सोचना कि मैं अगर नहीं होता तो काम नहीं होता यहां इंसान को अपनी सुबह में बदलने की जरूरत है क्योंकि ऐंकारी व्यक्ति ही ऐसे भाव रखते हैं अपने आपको इंसान का काम निकालने के बाद बुरे वक्त में अपने आप को भगवान मानते

aisa kya kaam hai jo log kaam karne p lo apne aap ko bhagwan maante agar koi insaan kisi ka bhala kar dete hain aur kisi ki jeevan me sahayta karte hain kisi ka kaam nikaal dete hain musibat daal dete hain ya us waqt uske jeevan me ek margadarshak ban kar khade ho jaate hain toh vaah insaan jo bahut zyada hai yah paani abhimani hai ainkari hain aur apne aap ko sampann shaktishali samajhata hai toh vaah insaan kisi ke upkar ke badle me apne aap ko uska bhagwan maan leta hai ki agar main nahi hota tujhko ek kaam nahi hota yah maine tumhari zindagi me bahut badlav ki yah inkar ka prasad nahi lekin yah sochna ki main agar nahi hota toh kaam nahi hota yahan insaan ko apni subah me badalne ki zarurat hai kyonki ainkari vyakti hi aise bhav rakhte hain apne aapko insaan ka kaam nikalne ke baad bure waqt me apne aap ko bhagwan maante

ऐसा क्या काम है जो लोग काम करने पी लो अपने आप को भगवान मानते अगर कोई इंसान किसी का भला कर

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Bk Rama Didi

ब्रह्माकुमारीज में समर्पित वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका , कांकेर (छत्तीसगढ़)

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Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने आप को भगवान मानते हैं जो लोग ईश्वर के बाहर कुचला करते हैं और उन्हें यह उपदेश मिलता है किसी सद्गुरु के द्वारा अहम् ब्रह्मास्मि तो वह अपने आप को ब्रह्म मानते हैं परमात्मा का स्वरूप मानते हैं ऐसी शुरू को ऐसे देश को बहुत करने वाले लोग अपने आप को भगवान माना करते हैं जैसे मैं शरीर नहीं हूं मैं इंद्रियां भी नहीं हूं मैं मन भी नहीं हूं मैं बुद्धि भी नहीं हूं मैं अखंड आनंद असंग अभय अविनाशी सत चित आनंद माय आत्मा आत्मा हूं जो परमात्मा का स्वरुप है इसको बहुत करने वाले लोग दूसरा जो उपदेश है आम ब्रह्मास्मि का उसमें जो जीव है जो साधक है वह कोई सद्गुरु उसको याकूत्स्क ज्ञान कराता है कि तू ही नहीं है परमात्मा का स्वरुप है किन्ही कारणों से भटक गया है अपने स्वरूप को पहचान लो तो ब्रह्म है इसको इस ब्रह्मा का बोध करने वाले अपने को परमात्मा मानते हैं और स्वयं भगवान माना करते हैं

aisa kya kaam hai jo kaam karne par log apne aap ko bhagwan maante hain jo log ishwar ke bahar kuchala karte hain aur unhe yah updesh milta hai kisi sadguru ke dwara aham brahmasmi toh vaah apne aap ko Brahma maante hain paramatma ka swaroop maante hain aisi shuru ko aise desh ko bahut karne waale log apne aap ko bhagwan mana karte hain jaise main sharir nahi hoon main indriya bhi nahi hoon main man bhi nahi hoon main buddhi bhi nahi hoon main akhand anand asang abhay avinashi sat chit anand my aatma aatma hoon jo paramatma ka swarup hai isko bahut karne waale log doosra jo updesh hai aam brahmasmi ka usme jo jeev hai jo sadhak hai vaah koi sadguru usko yakutsk gyaan karata hai ki tu hi nahi hai paramatma ka swarup hai kinhi karanon se bhatak gaya hai apne swaroop ko pehchaan lo toh Brahma hai isko is brahma ka bodh karne waale apne ko paramatma maante hain aur swayam bhagwan mana karte hain

ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने आप को भगवान मानते हैं जो लोग ईश्वर के बाहर कुचला क

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

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Devendra Kumar Satyarthy Namdev

Founder and Director

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ऐसा कोई काम नहीं है जिसको आज भी करके भगवान अपने आप को साबित कर सके या भगवान मान सके यह क्योंकि अपने आप पर ही बहुत महत्वपूर्ण है भगवान होना पर यह सोच के ऊपर जरूर निर्भर करता है क्योंकि भगवान हो ना माने कोई बहुत बेहद महत्वपूर्ण काम करना होता है अब आदमी किस काम को अपने महत्वपूर्ण समझता है और किस काम को करके वह अपने आप को भगवान महसूस करता है पीएस की सोच पर डिपेंड करता है कि को कौन सा आदमी किस काम को करके अपने आप को महान समझता है और वह भगवान मानने लगता है कोई एजुकेशन के विभाग में है शिक्षा विभाग में पढ़ाने की विभाग में तो वह अपने आप को समझता है कि मैं पढ़ा रहा हूं तो गुरु हूं यानी भगवान से भी बढ़कर हूं तो भगवान तो हूं भगवान कुछ अन्य इसमें काम में होते हैं जैसे किसी की हेल्प करना या किसी और ऐसी पोस्ट में हो ना कि जिससे दूसरों को देखकर कैसा लगता है कि बहुत अच्छा काम है या खुद महसूस करना कि हम बहुत बढ़िया काम कर रही हो बहुत सराहनीय काम है यह तो फिर वह अपने आप को भगवान मान सकते हैं या मान लेते हैं तो यह अपने सोच पर डिपेंड करता है कौन सा आदमी किस काम को महान मानता है अच्छा मानता है और वह अपने को भगवान मानने तक ऐसा कोई काम नहीं है हम भगवान काम काम नहीं जिसको करके हम अपने आप को भगवान मानते हैं

aisa koi kaam nahi hai jisko aaj bhi karke bhagwan apne aap ko saabit kar sake ya bhagwan maan sake yah kyonki apne aap par hi bahut mahatvapurna hai bhagwan hona par yah soch ke upar zaroor nirbhar karta hai kyonki bhagwan ho na maane koi bahut behad mahatvapurna kaam karna hota hai ab aadmi kis kaam ko apne mahatvapurna samajhata hai aur kis kaam ko karke vaah apne aap ko bhagwan mehsus karta hai PS ki soch par depend karta hai ki ko kaun sa aadmi kis kaam ko karke apne aap ko mahaan samajhata hai aur vaah bhagwan manne lagta hai koi education ke vibhag mein hai shiksha vibhag mein padhane ki vibhag mein toh vaah apne aap ko samajhata hai ki main padha raha hoon toh guru hoon yani bhagwan se bhi badhkar hoon toh bhagwan toh hoon bhagwan kuch anya isme kaam mein hote hain jaise kisi ki help karna ya kisi aur aisi post mein ho na ki jisse dusro ko dekhkar kaisa lagta hai ki bahut accha kaam hai ya khud mehsus karna ki hum bahut badhiya kaam kar rahi ho bahut sarahniya kaam hai yah toh phir vaah apne aap ko bhagwan maan sakte hain ya maan lete hain toh yah apne soch par depend karta hai kaun sa aadmi kis kaam ko mahaan manata hai accha manata hai aur vaah apne ko bhagwan manne tak aisa koi kaam nahi hai hum bhagwan kaam kaam nahi jisko karke hum apne aap ko bhagwan maante hain

ऐसा कोई काम नहीं है जिसको आज भी करके भगवान अपने आप को साबित कर सके या भगवान मान सके यह क्य

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जो गाती है अपने आप को भगवान मानने लगता है वह अपने आप को धोखे में रखता है मनुष्य कभी भी भगवान नहीं होता है उसके करवा सकते हैं जो सोने जा सकते लेकिन मनुष्य कभी नहीं बनता है

jo gaatee hai apne aap ko bhagwan manne lagta hai vaah apne aap ko dhokhe mein rakhta hai manushya kabhi bhi bhagwan nahi hota hai uske karva sakte hain jo sone ja sakte lekin manushya kabhi nahi banta hai

जो गाती है अपने आप को भगवान मानने लगता है वह अपने आप को धोखे में रखता है मनुष्य कभी भी भगव

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Nikhil Ranjan

HoD - NIELIT

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आपका प्रश्न है ऐसा कौन सा काम है जो करने पर लोग अपने को भगवान मानते हैं तो आपको बताया जाएंगे कि देखे जिन लोगों की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है वही अपने आप को भगवान मानते हैं अपितु जो लोग परोपकारी स्वभाव के होते हैं उनको दूसरे लोग भगवान मानते हैं वह खुद को कभी भगवान नहीं मानते धन्यवाद

aapka prashna hai aisa kaun sa kaam hai jo karne par log apne ko bhagwan maante hain toh aapko bataya jaenge ki dekhe jin logo ki buddhi bhrasht ho jaati hai wahi apne aap ko bhagwan maante hain apitu jo log paropakaaree swabhav ke hote hain unko dusre log bhagwan maante hain vaah khud ko kabhi bhagwan nahi maante dhanyavad

आपका प्रश्न है ऐसा कौन सा काम है जो करने पर लोग अपने को भगवान मानते हैं तो आपको बताया जाएं

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Satya Prakash Soni

Administration

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कोई काम ऐसा नहीं है कि लोग भगवान बन जाए भगवान तू श्री रामचंद्र जी ने अपने आप को नहीं बोला कि मैं भगवान हूं वह भी अपने आप को वास्तविक रूप में एक साधारण इंसान ही बोलते रहे अंत समय तक उन्होंने अपने आप को भगवान नहीं बोला और यदि कोई इंसान अपने आप को भगवान बोलता है तो उससे बड़ा कोई पाखंडी नहीं होगा जो अपने आप को यह प्रूफ करने पर लगा है कि भगवान है और उससे बड़े बेवकूफ बोलोगे जो यदि भगवान के बोलने पर वह दूसरे लोग उस व्यक्ति को भगवान मान बैठते हैं तो उनसे बड़े अंधे और उनसे बड़े बेवकूफ मैंने नहीं देखे उनको यह पता भी नहीं है कि भगवान क्या होता है

koi kaam aisa nahi hai ki log bhagwan ban jaaye bhagwan tu shri ramachandra ji ne apne aap ko nahi bola ki main bhagwan hoon vaah bhi apne aap ko vastavik roop me ek sadhaaran insaan hi bolte rahe ant samay tak unhone apne aap ko bhagwan nahi bola aur yadi koi insaan apne aap ko bhagwan bolta hai toh usse bada koi pakhandi nahi hoga jo apne aap ko yah proof karne par laga hai ki bhagwan hai aur usse bade bewakoof bologe jo yadi bhagwan ke bolne par vaah dusre log us vyakti ko bhagwan maan baithate hain toh unse bade andhe aur unse bade bewakoof maine nahi dekhe unko yah pata bhi nahi hai ki bhagwan kya hota hai

कोई काम ऐसा नहीं है कि लोग भगवान बन जाए भगवान तू श्री रामचंद्र जी ने अपने आप को नहीं बोल

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Ckp

Interior Deginer & Builder

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आपका सवाल है ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने को भगवान मानते हैं तो इसका जवाब है कि हमेशा हम सत मार्ग पर चलें ईश्वर पर भरोसा रखते ईश्वर की आराधना करते हुए ईश्वर के बताए हुए मानवता का स्वभाव दिया है इतना नफरत न फैलाएं और न करें हमें हमेशा आपसे सद्भाव प्रेम व्यवहार से रहकर इस संसार को सुख के रास्ते पर ले जाएं इस संसार को सुंदर बनाए मानवता कायम करें और जब हम इस तरह के कोई कार्य करते हैं तो वास्तव में लोग भगवान का दर्जा दिया करते हैं

aapka sawaal hai aisa kya kaam hai jo kaam karne par log apne ko bhagwan maante hain toh iska jawab hai ki hamesha hum sat marg par chalen ishwar par bharosa rakhte ishwar ki aradhana karte hue ishwar ke bataye hue manavta ka swabhav diya hai itna nafrat na failaen aur na kare hamein hamesha aapse sadbhav prem vyavhar se rahkar is sansar ko sukh ke raste par le jayen is sansar ko sundar banaye manavta kayam kare aur jab hum is tarah ke koi karya karte hain toh vaastav me log bhagwan ka darja diya karte hain

आपका सवाल है ऐसा क्या काम है जो काम करने पर लोग अपने को भगवान मानते हैं तो इसका जवाब है कि

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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ओम श्री राधा कृष्णाय नमः भगवान का हर कण एक छोटा सा प्रतिबिंब हर मनुष्य के छोटा सा प्रतिबिंब जिसे छाया बोलते हैं परछाई बोलती अलका से प्रत्येक मनुष्य के शरीर में होती तो फिर भी आप जो कहना चाहते हैं हम समझ रहे हैं आप मृत व्यक्ति को जीवित करें तो लोग आपको भगवान कुछ समय के लिए तो मान ही लेंगे लेकिन जब एक दिन आप के प्राण छूटेंगे तो लोग बॉबी बृंदावन से हैं ओम श्री राधा कृष्णाए नमः आप हमें फॉलो अवश्य करें

om shri radha krishnay namah bhagwan ka har kan ek chota sa pratibimb har manushya ke chota sa pratibimb jise chhaya bolte hai parchai bolti alka se pratyek manushya ke sharir mein hoti toh phir bhi aap jo kehna chahte hai hum samajh rahe hai aap mrit vyakti ko jeevit kare toh log aapko bhagwan kuch samay ke liye toh maan hi lenge lekin jab ek din aap ke praan chutenge toh log bobby brindavan se hai om shri radha krishnaye namah aap hamein follow avashya karen

ओम श्री राधा कृष्णाय नमः भगवान का हर कण एक छोटा सा प्रतिबिंब हर मनुष्य के छोटा सा प्रतिबिं

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Santosh Kumar

Health Expert, Motivator, Educator, Speaker, Narrator

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देखिए ऐसा कोई काम नहीं है जिसे करने के पश्चात लोग अपने आप को भगवान माने हां ऐसा हो सकता है कि कोई काम किसी की नजरों में बहुत बड़ा हो उसको करने के बाद उसमें घमंड आ जाए तो घमंड का बीज जब आता है तब इंसान अपनी तुलना भगवान से करता है और वास्तविकता यह है कि इंसान की भगवान से कोई तुलना नहीं है इसलिए मेरे अनुसार ऐसा कोई कार्य नहीं है जो करने के बाद व्यक्ति भगवान की बराबरी कर सकें

dekhiye aisa koi kaam nahi hai jise karne ke pashchat log apne aap ko bhagwan maane haan aisa ho sakta hai ki koi kaam kisi ki nazro mein bahut bada ho usko karne ke baad usme ghamand aa jaaye toh ghamand ka beej jab aata hai tab insaan apni tulna bhagwan se karta hai aur vastavikta yah hai ki insaan ki bhagwan se koi tulna nahi hai isliye mere anusaar aisa koi karya nahi hai jo karne ke baad vyakti bhagwan ki barabari kar sakein

देखिए ऐसा कोई काम नहीं है जिसे करने के पश्चात लोग अपने आप को भगवान माने हां ऐसा हो सकता है

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Kalusingh Solanki

lic of india

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Harish Chand

Social Worker

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काम आप कितने अच्छे कर लो अगर जनता जनार्दन आप को भगवान का दर्जा देती है तो उनकी सोच को पुन निर्धारित करता है अगर आपने एक और अच्छे काम करके अपने आप को भगवान मानने लग जाओगे तो यह गलत होगा इंसान को सिर्फ अपना कर्म करना चाहिए बाकी फल देने वाला भगवान बैठा हुआ है ठीक है तो अपने दिलो दिमाग से ऐसे क्वेश्चन को निकाल दे जिनका कोई तथ्य नहीं है समझे मित्र आशा है आपको जवाब मिल गया होगा और आप ऐसे अटपटे क्वेश्चन आ गया नहा करेंगे ठीक है जी

kaam aap kitne acche kar lo agar janta Janardan aap ko bhagwan ka darja deti hai toh unki soch ko pun nirdharit karta hai agar aapne ek aur acche kaam karke apne aap ko bhagwan manne lag jaoge toh yah galat hoga insaan ko sirf apna karm karna chahiye baki fal dene vala bhagwan baitha hua hai theek hai toh apne dilo dimag se aise question ko nikaal de jinka koi tathya nahi hai samjhe mitra asha hai aapko jawab mil gaya hoga aur aap aise atapate question aa gaya naha karenge theek hai ji

काम आप कितने अच्छे कर लो अगर जनता जनार्दन आप को भगवान का दर्जा देती है तो उनकी सोच को पुन

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विनोद कुमार चौहान

TEACHER , TEACHING EXPERIENCE 30 YEAR'S , ADVISER http://getvokal.com/profile/vinod_74

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Ramandeep Singh

Waheguru industry

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देखिए दोस्तों अगर खुद को भगवान का हलवा ना है तो फिर आपको ढोंगी बाबा बनना पड़ेगा जितना ढूंढ कर सकते हो इस दुनिया में आप कर दो आपकी पूजा होनी शुरू हो जाएगी जितना बड़ा आप ढोंगी बाबा बन जाओगे आपको लोग भगवान बनाया भगवान माना शुरू हो जाएंगे भगवान कलवाना अलग बात है और भगवान जो है उसको मानना अलग बात है एक भक्त और भगवान में कोई फर्क नहीं होता एक भक्त और भगवान में कोई फर्क नहीं होता और कोई वक्त यह नहीं कहता कि मुझे भगवान कहा जाए वही भक्त है यह नहीं कहता कि मुझे भगवान कहा जाए क्यों हम उसको भगवान इसलिए कहते शुरू कर देते हैं क्योंकि वह उस में विलीन हो गया इस शरीर को छोड़कर उसकी आत्मा परमात्मा में विलीन हो गई और आत्मा परमात्मा में विलीन हो गई वह भगवान ही हो गया लेकिन जो खुद को भगवान कहलाना शुरू करता है वह फिर बहुत बड़ा ढोंगी बाबा है और जो लोग उसको कहते हैं बिल्कुल मूर्ख हैं बहुत ही बड़े मूर्ख हैं जो कि एक आम इंसान को भगवान कहना शुरू कर देते हैं या फिर कोई इश्क को या देवी को देवता को या किसी गुरु को भगवान कहना जो शुरू करता है वह सबसे ज्यादा बड़ा मूर्ख है भगवान के बराबर जरूर है पर भगवान नहीं बोला वो खुदा के बराबर जरूर है उसमें उसकी आत्मा विलीन जरूर हो गई है प्रभु भगवान ने खुदा नहीं है वह सिर्फ उसका भक्त है और भक्त भगवान के बराबर जरूर है पर भगवान नहीं आप मेरी बात समझने की कोशिश करें भक्त भगवान के बराबर जरूर है भक्त और भगवान में कोई फर्क नहीं है लेकिन भगवान नहीं यानी कि अगर हम उसको यह कहें मान लीजिए छोटी सी बात कहता हूं मैं जरूर जो है उन्होंने इतनी तपस्या की कि परमात्मा को पाया ईश्वर को ईश्वर उनको मिले अब ध्रुव जो है वह भगवान है वह भगवान है यानी कि भगवान का रूप हो चुके हैं हम परमात्मा का नाम ध्रुव ले सकते हैं क्योंकि उसमें उसकी आत्मा विलीन हो गई है और शारीरिक रूप वाला जो ध्रुव था वह भगवान नहीं है यह समझाने की कोशिश करना वह शिव है लेकिन जिसका शरीर हम फोटो है मूर्तियां देखते हैं शिव ही शिव है जो शिव में से निकलकर उस शिव के अंदर समा गया वह ब्रह्मा है जो इस शरीर से निकलकर और उस निरंकार में समा गया वह ब्रह्मा की पूजा करो करो शरीर के रूप वाले ब्रह्मा की पूजा करके क्या मिलेगा कुछ नहीं मिलेगा शरीर ना स्वंत है मार्च मंथ की पूजा करके क्या मिलेगा कुछ नहीं मिलेगा परमात्मा निरंकार है उसका कोई आकार नहीं है दोस्त उस निरंकार की पूजा करो जिसमें अच्छे-अच्छे देवी देवता हम आ गए हैं और कुछ सामान ले जा रहे हैं भक्त भगवान हैं भगवान का रूप है लेकिन पूजने लायक सर्वे की है वह निरंकार और अगर मैं इसका सवाल का एक और जवाब दे देता हूं अगर आपको भगवान खुद को करवाना है तो बहुत बड़े ढोंगी बाबा बन जाओ सबसे जितने आप बड़े ढोंगी बाबा बन जाओगे तब की पूजा हर जगह पर होनी शुरू हो जाएगी धन्यवाद

dekhiye doston agar khud ko bhagwan ka halwa na hai toh phir aapko dhongi baba banna padega jitna dhundh kar sakte ho is duniya me aap kar do aapki puja honi shuru ho jayegi jitna bada aap dhongi baba ban jaoge aapko log bhagwan banaya bhagwan mana shuru ho jaenge bhagwan kalvana alag baat hai aur bhagwan jo hai usko manana alag baat hai ek bhakt aur bhagwan me koi fark nahi hota ek bhakt aur bhagwan me koi fark nahi hota aur koi waqt yah nahi kahata ki mujhe bhagwan kaha jaaye wahi bhakt hai yah nahi kahata ki mujhe bhagwan kaha jaaye kyon hum usko bhagwan isliye kehte shuru kar dete hain kyonki vaah us me vileen ho gaya is sharir ko chhodkar uski aatma paramatma me vileen ho gayi aur aatma paramatma me vileen ho gayi vaah bhagwan hi ho gaya lekin jo khud ko bhagwan kahlana shuru karta hai vaah phir bahut bada dhongi baba hai aur jo log usko kehte hain bilkul murkh hain bahut hi bade murkh hain jo ki ek aam insaan ko bhagwan kehna shuru kar dete hain ya phir koi ishq ko ya devi ko devta ko ya kisi guru ko bhagwan kehna jo shuru karta hai vaah sabse zyada bada murkh hai bhagwan ke barabar zaroor hai par bhagwan nahi bola vo khuda ke barabar zaroor hai usme uski aatma vileen zaroor ho gayi hai prabhu bhagwan ne khuda nahi hai vaah sirf uska bhakt hai aur bhakt bhagwan ke barabar zaroor hai par bhagwan nahi aap meri baat samjhne ki koshish kare bhakt bhagwan ke barabar zaroor hai bhakt aur bhagwan me koi fark nahi hai lekin bhagwan nahi yani ki agar hum usko yah kahein maan lijiye choti si baat kahata hoon main zaroor jo hai unhone itni tapasya ki ki paramatma ko paya ishwar ko ishwar unko mile ab dhruv jo hai vaah bhagwan hai vaah bhagwan hai yani ki bhagwan ka roop ho chuke hain hum paramatma ka naam dhruv le sakte hain kyonki usme uski aatma vileen ho gayi hai aur sharirik roop vala jo dhruv tha vaah bhagwan nahi hai yah samjhane ki koshish karna vaah shiv hai lekin jiska sharir hum photo hai murtiya dekhte hain shiv hi shiv hai jo shiv me se nikalkar us shiv ke andar sama gaya vaah brahma hai jo is sharir se nikalkar aur us nirankar me sama gaya vaah brahma ki puja karo karo sharir ke roop waale brahma ki puja karke kya milega kuch nahi milega sharir na swant hai march month ki puja karke kya milega kuch nahi milega paramatma nirankar hai uska koi aakaar nahi hai dost us nirankar ki puja karo jisme acche acche devi devta hum aa gaye hain aur kuch saamaan le ja rahe hain bhakt bhagwan hain bhagwan ka roop hai lekin pujne layak survey ki hai vaah nirankar aur agar main iska sawaal ka ek aur jawab de deta hoon agar aapko bhagwan khud ko karwana hai toh bahut bade dhongi baba ban jao sabse jitne aap bade dhongi baba ban jaoge tab ki puja har jagah par honi shuru ho jayegi dhanyavad

देखिए दोस्तों अगर खुद को भगवान का हलवा ना है तो फिर आपको ढोंगी बाबा बनना पड़ेगा जितना ढूंढ

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