जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि इसका क्या अर्थ है?...


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Nita Nayyar

Writer ,Motivational Speaker, Social Worker n Counseller.

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि का मतलब है रवि मतलब है सूर्य सूर्य का तात्पर्य है कि सूर्य पृथ्वी के हर कोने कोने तक पहुंच जाता है और कभी की तुलना रवि से इसलिए कि रवि से ज्यादा इसलिए बताई गई है क्योंकि जब कभी कोई लिस्ट लिखता है या किताबे नौकरी डिब्बी लिखता है तो ऐसे ऐसे शब्द ढूंढता है जो जिसकी मीनिंग बहुत गहरी होती है बहुत गहरी इसलिए कहा जाता है जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि

jahan na pahuche ravi wahan pahuche kavi ka matlab hai ravi matlab hai surya surya ka tatparya hai ki surya prithvi ke har kone kone tak pohch jata hai aur kabhi ki tulna ravi se isliye ki ravi se zyada isliye batai gayi hai kyonki jab kabhi koi list likhta hai ya kitabe naukri dibbi likhta hai toh aise aise shabd dhundhta hai jo jiski meaning bahut gehri hoti hai bahut gehri isliye kaha jata hai jaha na pahuche ravi wahan pahuche kavi

जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि का मतलब है रवि मतलब है सूर्य सूर्य का तात्पर्य है कि सूर

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Prem

Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपने पूछा जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि इसका अर्थ क्या है तो बता दो लेकिन इसका अर्थ यह है कि जहां मसूरी की किरने भी नहीं पहुंच पाती वहां जो है कवि की कल्पना शक्ति पहुंच जाते हैं तो कल भी किया कल बना सकते इतनी तीव्र होती है इतनी ज्यादा होती है कि वह कहीं भी पहुंच जाती आपने देखा होगा कि कभी ऐसी ऐसी कल्पना कर लेते हैं अपनी कविताओं में जिनको जिनका होना भी असंभव होता है लेकिन कभी उनको कल्पना में उतारकर और उसको कविता में उतार देते हैं धन्यवाद

aapne poocha jaha na pahuche ravi wahan pahuche kabhi iska arth kya hai toh bata do lekin iska arth yah hai ki jaha masoori ki kirne bhi nahi pohch pati wahan jo hai kabhi ki kalpana shakti pohch jaate hai toh kal bhi kiya kal bana sakte itni tivra hoti hai itni zyada hoti hai ki vaah kahin bhi pohch jaati aapne dekha hoga ki kabhi aisi aisi kalpana kar lete hai apni kavitao mein jinako jinka hona bhi asambhav hota hai lekin kabhi unko kalpana mein utarakar aur usko kavita mein utar dete hai dhanyavad

आपने पूछा जहां न पहुंचे रवि वहां पहुंचे कवि इसका अर्थ क्या है तो बता दो लेकिन इसका अर्थ यह

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