आज की परिस्थिती में किसान के हित के लिए सरकार को क्या करना चाहिए?...


user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

तो यह जो हमारे किसान हैं उनसे जो परिवार के सदस्य अगर उसमें कोई बच्चा जो है वह अगर शिक्षा ग्रहण कर रहा है तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि सबसे पहले उसकी पूरी शिक्षक की जिम्मेदारी सरकार की बनती है और मैं समझता हूं कि सरकार के पास बहुत सारी ऐसी हैं जिनके ऊपर काम कर सकती हैं क्या हुआ कैसा रहा है किसी वजह से उसको हमको जो है ना और मजबूत करने की जरूरत है जो किसानों के हितों की बात तो करते हैं लेकिन किसानों के हितों की रक्षा नहीं कर पा रहे हैं

toh yah jo hamare kisan hain unse jo parivar ke sadasya agar usme koi baccha jo hai vaah agar shiksha grahan kar raha hai toh sarkar ki jimmedari banti hai ki sabse pehle uski puri shikshak ki jimmedari sarkar ki banti hai aur main samajhata hoon ki sarkar ke paas bahut saree aisi hain jinke upar kaam kar sakti kya hua kaisa raha hai kisi wajah se usko hamko jo hai na aur majboot karne ki zarurat hai jo kisano ke hiton ki baat toh karte hain lekin kisano ke hiton ki raksha nahi kar paa rahe hain

तो यह जो हमारे किसान हैं उनसे जो परिवार के सदस्य अगर उसमें कोई बच्चा जो है वह अगर शिक्षा ग

Romanized Version
Likes  145  Dislikes    views  2750
WhatsApp_icon
9 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
play
user

Ayush Prasad

Government Service IAS

1:25

Likes  1  Dislikes    views  75
WhatsApp_icon
user

Amit Kumar

Journalist

0:37
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं किसान कितना को चुनाव में मुस्लिम बिरादरी के मुस्लिमों के लोगों का भाई

main kisan kitna ko chunav mein muslim biradari ke muslimo ke logo ka bhai

मैं किसान कितना को चुनाव में मुस्लिम बिरादरी के मुस्लिमों के लोगों का भाई

Romanized Version
Likes  14  Dislikes    views  215
WhatsApp_icon
user
1:30
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसानों को सुविधा चाहिए जो आधुनिक रूप से जो आजकल खेती हो रही है जो मंडावरिपेटा देश है किधर है जो इंडिया हो चुका है किसानों को बचाना चाहिए और किसानों को प्रोत्साहित करना चाहिए उनको अच्छी धाम मिलनी चाहिए हर क्षेत्र में यह करना चाहिए कितना तारीख वह चीज का ध्यान रखना चाहिए अच्छी कॉफी बनाना चाहिए किसानों के लिए उनको छोड़कर जाने चाहिए

kisano ko suvidha chahiye jo aadhunik roop se jo aajkal kheti ho rahi hai jo mandavaripeta desh hai kidhar hai jo india ho chuka hai kisano ko bachaana chahiye aur kisano ko protsahit karna chahiye unko achi dhaam milani chahiye har kshetra mein yah karna chahiye kitna tarikh vaah cheez ka dhyan rakhna chahiye achi coffee banana chahiye kisano ke liye unko chhodkar jaane chahiye

किसानों को सुविधा चाहिए जो आधुनिक रूप से जो आजकल खेती हो रही है जो मंडावरिपेटा देश है किधर

Romanized Version
Likes  22  Dislikes    views  810
WhatsApp_icon
user

Dr. Radha kant Singh

किसान

0:17
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज की परिस्थितियों में किसान के हित में सरकार को क्या करना चाहिए सिर्फ एक ही कदम उठा लेना चाहिए कि कृषि को उद्योग का दर्जा दे दिया जाए सारी समस्याएं लगभग लगभग समूल नष्ट हो जाएंगी

aaj ki paristhitiyon mein kisan ke hit mein sarkar ko kya karna chahiye sirf ek hi kadam utha lena chahiye ki krishi ko udyog ka darja de diya jaaye saree samasyaen lagbhag lagbhag samul nasht ho jaengi

आज की परिस्थितियों में किसान के हित में सरकार को क्या करना चाहिए सिर्फ एक ही कदम उठा लेना

Romanized Version
Likes  121  Dislikes    views  1244
WhatsApp_icon
user

Manish Singh

VOLUNTEER

1:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

DJ आज की परिस्थिति परिस्थिति के हिसाब से यह बात तो बिल्कुल कहना गलत होगा कि अगर किसान लोन लेते हैं तो उसे माफ कर देना चाहिए क्योंकि सरकार के पास ही बहुत ज्यादा लोड पड़ जाता है इसके ऊपर तुझे सरकार कर सकती है किसानों के लिए कि जब फसल होती है तो उसे अच्छी सुविधाएं मिले मतलब कि सरकार की तरफ से अच्छे बीज कम दाम में मुहैया कराए जाए जो कि कैनाल सिस्टम है पानी कहां से आएगा फसल की सुख में मेरी है उसके लिए पानी कम हियर कराई जाए और कीटनाशक है जो वह दिया जाए तो गवर्नमेंट की तरफ से सस्ते दामों में रसोई में ना दे सके सरकार तो कम से कम सस्ते दामों में कीटनाशक उपलब्ध कराए जाएं फिर से समय-समय पर फसल है उसकी जांच करवाई जाएगी हां फसल सही से बढ़ रही कि नहीं तो यह सब जो भी कदम है वो सरकार उठा सकती जिसके कारण किसानों की फसल है वह भी सुरक्षित रहेंगे सुरक्षित रहेंगे तो उनकी बिक्री अच्छी होगी जिससे वह अपना लोन खुद ही बढ़ पाएंगे वह सरकार के ऊपर भी बाज नहीं आएगा अपना लोन भी भर देंगे बच्ची कमाई भी हो जाएगी उनकी देश में अनाज की भी कमी नहीं होगी सरकार को पर भी वह नहीं आएगा तो इसमें आपका फायदा होगा तो सरकार यह कुछ कदम जो है वह किसानों की उठा सकती है

DJ aaj ki paristithi paristhiti ke hisab se yah baat toh bilkul kehna galat hoga ki agar kisan loan lete hain toh use maaf kar dena chahiye kyonki sarkar ke paas hi bahut zyada load pad jata hai iske upar tujhe sarkar kar sakti hai kisano ke liye ki jab fasal hoti hai toh use achi suvidhaen mile matlab ki sarkar ki taraf se acche beej kam daam mein muhaiya karae jaaye jo ki Canal system hai paani kahaan se aayega fasal ki sukh mein meri hai uske liye paani kam hear karai jaaye aur keetnashak hai jo vaah diya jaaye toh government ki taraf se saste daamo mein rasoi mein na de sake sarkar toh kam se kam saste daamo mein keetnashak uplabdh karae jayen phir se samay samay par fasal hai uski jaanch karwai jayegi haan fasal sahi se badh rahi ki nahi toh yah sab jo bhi kadam hai vo sarkar utha sakti jiske karan kisano ki fasal hai vaah bhi surakshit rahenge surakshit rahenge toh unki bikri achi hogi jisse vaah apna loan khud hi badh payenge vaah sarkar ke upar bhi baaj nahi aayega apna loan bhi bhar denge bachi kamai bhi ho jayegi unki desh mein anaaj ki bhi kami nahi hogi sarkar ko par bhi vaah nahi aayega toh isme aapka fayda hoga toh sarkar yah kuch kadam jo hai vaah kisano ki utha sakti hai

DJ आज की परिस्थिति परिस्थिति के हिसाब से यह बात तो बिल्कुल कहना गलत होगा कि अगर किसान लोन

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  166
WhatsApp_icon
user

Pragati

Aspiring Lawyer

1:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज की परिस्थितियों के हिसाब से अगर बात की जाए तो मुझे लगता है किसान के हित के लिए सरकार को कुछ ऐसी योजनाएं बनानी चाहिए जिसमें और किसानों को अपने ग्रुप का इंश्योरेंस मिल सके ताकि अगर उनकी जो फसल है या नहीं उनकी क्रॉप है वह अगर खराब भी हो जाती है या किसी भी वजह से उपजाऊ नहीं होती है तो उन लोगों को कुछ ऐसा पैसा सरकार की तरफ से दिया जाए जो कि वह फसल की तरह से उस पैसे का इस्तेमाल कर सकें क्योंकि जब भी किसी किसान की फसल अच्छी नहीं होती है तो पूरा साल उनको उसका भुगतान करना पड़ता है और वह कहीं ना कहीं उनका गरीबी में जीना पड़ता है क्योंकि उनकी फसल ना होने की वजह से उनको कि हम कोई भी पैसा नहीं मिलता उसके अलावा अगर कोई इंसान ना कोई भी किसान अपनी मेहनत करके कुछ नया करना चाहता है कुछ नई तरह की चीजों को गाना चाहता है तो उसके बीच पर सरकार द्वारा प्रोवाइड कराने चाहिए ताकि वह लोग आसानी से उन्हें उठा सके और अपनी फसल बना सके और उसके अलावा देखिए अगर किसानों के लिए सरकार कुछ करना चाहती है तो सबसे पहले उनके लिए जो योजनाएं बन रही है उन उन योजनाओं को उन तक पहुंचाना पड़ेगा क्योंकि कई बार ऐसा होता की योजनाएं बन जाती है परंतु किसानों तक पहुंच नहीं पाती है और की सबसे आखिर में मैं यही कहूंगी के किसानों के लिए अगर योजना बन रही है तो वह किसानों तक जरूर पहुंच नहीं चाहिए वरना उसका होना ना होना ही बराबर है उसके अलावा अगर कभी ऐसा होता है कि किसानों की जो फसल है वह बहुत कम दामों में बिक रही है और उसकी जो वह लागत थी वह बहुत ज्यादा है थी तो वह जो क्रॉप है यानी वह फसल सरकार को खरीदनी चाहिए और उनके जो लागत लगी थी उस हिसाब से और उनके दाम में किसानों को देनी चाहिए ताकि किसानों को किसी भी तरह का नुकसान ना हो क्योंकि किसान हमारे देश की सबसे बड़ी पूंजी है और अगर वही नुकसान में रहेंगे तुम्हारा देश आगे कैसे बढ़ पाएगा

aaj ki paristhitiyon ke hisab se agar baat ki jaaye toh mujhe lagta hai kisan ke hit ke liye sarkar ko kuch aisi yojanaye banani chahiye jisme aur kisano ko apne group ka insurance mil sake taki agar unki jo fasal hai ya nahi unki crop hai vaah agar kharab bhi ho jaati hai ya kisi bhi wajah se upajau nahi hoti hai toh un logo ko kuch aisa paisa sarkar ki taraf se diya jaaye jo ki vaah fasal ki tarah se us paise ka istemal kar sake kyonki jab bhi kisi kisan ki fasal achi nahi hoti hai toh pura saal unko uska bhugtan karna padta hai aur vaah kahin na kahin unka garibi mein jeena padta hai kyonki unki fasal na hone ki wajah se unko ki hum koi bhi paisa nahi milta uske alava agar koi insaan na koi bhi kisan apni mehnat karke kuch naya karna chahta hai kuch nayi tarah ki chijon ko gaana chahta hai toh uske beech par sarkar dwara provide karane chahiye taki vaah log aasani se unhe utha sake aur apni fasal bana sake aur uske alava dekhiye agar kisano ke liye sarkar kuch karna chahti hai toh sabse pehle unke liye jo yojanaye ban rahi hai un un yojnao ko un tak pahunchana padega kyonki kai baar aisa hota ki yojanaye ban jaati hai parantu kisano tak pohch nahi pati hai aur ki sabse aakhir mein main yahi kahungi ke kisano ke liye agar yojana ban rahi hai toh vaah kisano tak zaroor pohch nahi chahiye varna uska hona na hona hi barabar hai uske alava agar kabhi aisa hota hai ki kisano ki jo fasal hai vaah bahut kam daamo mein bik rahi hai aur uski jo vaah laagat thi vaah bahut zyada hai thi toh vaah jo crop hai yani vaah fasal sarkar ko kharidani chahiye aur unke jo laagat lagi thi us hisab se aur unke daam mein kisano ko deni chahiye taki kisano ko kisi bhi tarah ka nuksan na ho kyonki kisan hamare desh ki sabse baadi punji hai aur agar wahi nuksan mein rahenge tumhara desh aage kaise badh payega

आज की परिस्थितियों के हिसाब से अगर बात की जाए तो मुझे लगता है किसान के हित के लिए सरकार को

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  123
WhatsApp_icon
user

Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

1:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे लगता है आज हमारे देश में किसानों की स्थिति बहुत ज्यादा दयनीय हो गई है क्योंकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल पा रहा है किसान आए दिन आंदोलन करने पर लगे हैं और उनकी स्थिति इतनी ज्यादा खराब है कि बहुत सारे किसान लोन के बोझ के तले आकर अपनी जिंदगी खत्म करने के बारे में भी सोच रहे हैं और हमारे देश में विभिन्न राज्यों में किसानों द्वारा की जाने वाली आत्महत्या का दर भी काफी ज्यादा बढ़ चुका है इसके साथ ही साथ किसान जो हमारे अन्नदाता हैं वह बहुत ही निम्न स्तर का जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं क्योंकि सरकार उनकी दिशा में और उनकी दशा को सुधारने के लिए कोई भी प्रयास नहीं कर रही है तू इसी वजह से मुझे लगता है कि आज की परिस्थिति में सरकार को सबसे ज्यादा ध्यान किसानों की जीवन यापन में सुधार करने के बारे में सोचना चाहिए और यह प्रयास किया जाना चाहिए कि उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य दिया जाए और यह निर्धारण करने का हक भी किसानों को ही मिलना चाहिए यानी कि किसान अपनी फसल का न्यूनतम मूल्य स्वयं तय करें इससे अच्छी बात और कोई नहीं हो सकती साथ ही साथ किसानों को खेती करने के लिए जो भी उपकरण या फिर बीच खाद्य सारी चीजों की जरूरत पड़ती है उन पर सरकार बिल्कुल टैक्स ना लगाएं और उन्हें कम पैसों में यह सारी चीजें मुहैया कराए जाएं तो अगर इस तरह से सरकार किसानों की मदद करती है तो आने वाले समय में किसानों की स्थिति में जरूर सुधार होगा और जो आत्महत्या का दर है उसमें भी गिरावट देखने को मिलेगी साथ ही साथ आज युवा कभी भी खेती करना नहीं पसंद करते हैं अगर वह पढ़ाई लिखाई कर ले लेकिन किसानों के बच्चे जो ज्यादा उच्च शिक्षा नहीं हासिल कर पाते हैं आमतौर पर उनकी मजबूरी होती है इसीलिए वह किसान बनते हैं तो सरकार अगर इस तरह का प्रयास करेगी तो पढ़े लिखे युवा भी खेती की ओर अग्रसर होंगे और भारत अपने आप पर सेल्फ डिपेंडेंट हो सकता है

mujhe lagta hai aaj hamare desh mein kisano ki sthiti bahut zyada dayaniye ho gayi hai kyonki kisano ko unki upaj ka sahi mulya nahi mil paa raha hai kisan aaye din andolan karne par lage hain aur unki sthiti itni zyada kharab hai ki bahut saare kisan loan ke bojh ke tale aakar apni zindagi khatam karne ke bare mein bhi soch rahe hain aur hamare desh mein vibhinn rajyo mein kisano dwara ki jaane wali atmahatya ka dar bhi kaafi zyada badh chuka hai iske saath hi saath kisan jo hamare annadata hain vaah bahut hi nimn sthar ka jeevan yaapan karne ke liye majboor hain kyonki sarkar unki disha mein aur unki dasha ko sudhaarne ke liye koi bhi prayas nahi kar rahi hai tu isi wajah se mujhe lagta hai ki aaj ki paristithi mein sarkar ko sabse zyada dhyan kisano ki jeevan yaapan mein sudhaar karne ke bare mein sochna chahiye aur yah prayas kiya jana chahiye ki unhe unki upaj ka uchit mulya diya jaaye aur yah nirdharan karne ka haq bhi kisano ko hi milna chahiye yani ki kisan apni fasal ka ninuntam mulya swayam tay kare isse achi baat aur koi nahi ho sakti saath hi saath kisano ko kheti karne ke liye jo bhi upkaran ya phir beech khadya saree chijon ki zarurat padti hai un par sarkar bilkul tax na lagaye aur unhe kam paison mein yah saree cheezen muhaiya karae jayen toh agar is tarah se sarkar kisano ki madad karti hai toh aane waale samay mein kisano ki sthiti mein zaroor sudhaar hoga aur jo atmahatya ka dar hai usme bhi giraavat dekhne ko milegi saath hi saath aaj yuva kabhi bhi kheti karna nahi pasand karte hain agar vaah padhai likhai kar le lekin kisano ke bacche jo zyada ucch shiksha nahi hasil kar paate hain aamtaur par unki majburi hoti hai isliye vaah kisan bante hain toh sarkar agar is tarah ka prayas karegi toh padhe likhe yuva bhi kheti ki aur agrasar honge aur bharat apne aap par self dependent ho sakta hai

मुझे लगता है आज हमारे देश में किसानों की स्थिति बहुत ज्यादा दयनीय हो गई है क्योंकि किसानों

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  153
WhatsApp_icon
user

.

Hhhgnbhh

0:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विक्रम आज की स्थिति देखते हैं तो किसानों ने जैसे मांग करी है कि उनके जितने भी लोग हैं वह माफ हो जाने चाहिए तो मुझे लगता है कि एक बड़ा सेट नहीं होगा अगर वह चाहते हैं कि जो किसान हैं उनकी परिस्थिति काफी लंबे समय के लिए सूत्र क्योंकि कहीं ना कहीं फिर से कोई चीज़ होगी और उनको पर लोन लेना पड़ेगा फिर वह सलोन के तले दब जाएंगे तो सरकार हर बार तो बोलो नहीं माफ कर पाएगी तो इसलिए मुझे लगता है कि उन्हें एक ऐसी तरकीब निकालनी पड़ेगी जिससे वह इस चैप्टर में ही ना जाए जिससे वह यह लोन लेना है जिससे वह लोन आसानी से दे पाए तो इसलिए किसानों के लिए गवर्नमेंट को मुझे लगता है कि स्टार्टअप जैसे उन्होंने कहा भी है कि ताकत को बोला गया है कि इनका रेट करें उन्होंने क्यों है इसके अंदर कुछ नया अविष्कार करें क्योंकि इस समय में बहुत जरूरत है यहां पर कुछ अभी तक किसानों की परिस्थिति बदल सके

vikram aaj ki sthiti dekhte hain toh kisano ne jaise maang kari hai ki unke jitne bhi log hain vaah maaf ho jaane chahiye toh mujhe lagta hai ki ek bada set nahi hoga agar vaah chahte hain ki jo kisan hain unki paristithi kaafi lambe samay ke liye sutra kyonki kahin na kahin phir se koi cheez hogi aur unko par loan lena padega phir vaah salon ke tale dab jaenge toh sarkar har baar toh bolo nahi maaf kar payegi toh isliye mujhe lagta hai ki unhe ek aisi tarkib nikaalanee padegi jisse vaah is chapter mein hi na jaaye jisse vaah yah loan lena hai jisse vaah loan aasani se de paye toh isliye kisano ke liye government ko mujhe lagta hai ki startup jaise unhone kaha bhi hai ki takat ko bola gaya hai ki inka rate kare unhone kyon hai iske andar kuch naya avishkar kare kyonki is samay mein bahut zarurat hai yahan par kuch abhi tak kisano ki paristithi badal sake

विक्रम आज की स्थिति देखते हैं तो किसानों ने जैसे मांग करी है कि उनके जितने भी लोग हैं वह म

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  139
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!