हमारे देश को पत्रकारों की क्यों आवशयकता है हमारा देश उनके बिना नहीं चल सकता है। जाने क्यों मुझे ऐसा लगता है कि हमारा देश पुर्णरूप से उनके ही ऊपर निर्भर है?...


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सोसाइटी में कई किस्म के रोल होते हैं लोगों को थोड़ी बहुत जरूरी है कि दूसरे लोगों को इनकी फोटो आती है या टीवी पर आते न्यू इंडिया पुलिस एजेंसी के खिलाफ गलत कर रहे हैं उनको कोई काम को सुधार करने में फायदा होता है अच्छी पढ़ाई करने वाले लोग हैं वह नहीं आते कई बार मीडिया में और उस को बदनाम करने की टीवी न्यूज़ वगैरह में काफी ज्यादा हो जाता है कि वो मीडिया बहुत इंपॉर्टेंट है लेकिन मीडिया रिपोर्टिंग करें ममता कोई असर नहीं होना चाहिए कोई ना हो

society mein kai kism ke roll hote hai logo ko thodi bahut zaroori hai ki dusre logo ko inki photo aati hai ya TV par aate new india police agency ke khilaf galat kar rahe hai unko koi kaam ko sudhaar karne mein fayda hota hai achi padhai karne waale log hai vaah nahi aate kai baar media mein aur us ko badnaam karne ki TV news vagera mein kaafi zyada ho jata hai ki vo media bahut important hai lekin media reporting kare mamata koi asar nahi hona chahiye koi na ho

सोसाइटी में कई किस्म के रोल होते हैं लोगों को थोड़ी बहुत जरूरी है कि दूसरे लोगों को इनकी फ

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पत्रकार कितना आवश्यक है कि एक दूसरे की सूचना को आदान प्रदान करता है एक विधायक जाता है और एक पब्लिक क्या जानना चाहती है विधायक से क्या अपेक्षा ही करती हैं वह कैसे उससे और तालमेल हमारी जो भी है वह डायरेक्ट तो मिल नहीं सकती हो या वह मुझसे मिल नहीं सकते हैं तो मीडिया के माध्यम से वह बात वहां से जनता की आवाज ऊपर तक पहुंचाई जाती है कि जनता चाहती है और जब उनके संज्ञान में आता है तो उसको पूरा करने का प्रयास करता और जनता की जनता अपनी आवाज को कैसे पहुंचाएं अपने दर्द को कैसे ड्रा करें इससे बहुत सारी ज्ञानवर्धक कीजिए भी हमें प्राप्त होती है कोई भी समस्या है उसका निराकरण कहां जाएं कैसे जाएं कैसे होगा टाइम नहीं दे पा रहा उसको अगर यह है कि किसी की जनता की समस्या आ रही है डीएम से कैसे संशोधन किया जाए उसके बारे में पूछा जाता है कि यह बताइए आप इसका समाधान कैसे करेंगे कैसे होगा कब होगा टाइम का पता लग जाता है कि हमारा समाधान कब होगा

patrakar kitna aavashyak hai ki ek dusre ki soochna ko aadaan pradan karta hai ek vidhayak jata hai aur ek public kya janana chahti hai vidhayak se kya apeksha hi karti hain vaah kaise usse aur talmel hamari jo bhi hai vaah direct toh mil nahi sakti ho ya vaah mujhse mil nahi sakte hain toh media ke madhyam se vaah baat wahan se janta ki awaaz upar tak pahunchai jaati hai ki janta chahti hai aur jab unke sangyaan mein aata hai toh usko pura karne ka prayas karta aur janta ki janta apni awaaz ko kaise paunchaye apne dard ko kaise dra kare isse bahut saari gyanavardhak kijiye bhi hamein prapt hoti hai koi bhi samasya hai uska nirakaran kaha jayen kaise jayen kaise hoga time nahi de paa raha usko agar yah hai ki kisi ki janta ki samasya aa rahi hai dm se kaise sanshodhan kiya jaaye uske bare mein poocha jata hai ki yah bataye aap iska samadhan kaise karenge kaise hoga kab hoga time ka pata lag jata hai ki hamara samadhan kab hoga

पत्रकार कितना आवश्यक है कि एक दूसरे की सूचना को आदान प्रदान करता है एक विधायक जाता है और ए

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Balwant Yadav

Journalist

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क्वेश्चन है कि इस देश को पत्रकारों की जरूरत क्यों है जब पत्रकार एकता जनरल की एक पत्रकार ऐसा व्यक्ति है जो समाज में हो रही घटनाओं को समाज अधिकारियों और नेताओं के बीच निष्पक्ष रुप से रखता है इसे समाज में हो रहे भ्रष्टाचार के सामने परोस कर उस पर अमल करने के लिए लोगों को प्रेरित करता है इसलिए पत्रकार इस समाज के लिए बहुत

question hai ki is desh ko patrakaron ki zarurat kyon hai jab patrakar ekta general ki ek patrakar aisa vyakti hai jo samaj mein ho rahi ghatnaon ko samaj adhikaariyo aur netaon ke beech nishpaksh roop se rakhta hai ise samaj mein ho rahe bhrashtachar ke saamne paros kar us par amal karne ke liye logo ko prerit karta hai isliye patrakar is samaj ke liye bahut

क्वेश्चन है कि इस देश को पत्रकारों की जरूरत क्यों है जब पत्रकार एकता जनरल की एक पत्रकार ऐस

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पत्रकार का काम जो है समाज के लिए नहीं है पत्रकार समाज की जरूरत है और आज ही नहीं हमेशा से रहे हैं और हमेशा रहेगी सूचनाओं का आदान-प्रदान कोई घटना ने पूरे नगाड़े बजाकर डुगडुगी बाजार के लोग सूचनाएं राजा माजरा हो कि संदेश देते पंडित पुरोहित करते थे बाद में जब रिजल्ट मध्यमा या गजसर बंगाल का सरकारी रिजल्ट अंग्रेज जवाहर कोलकाता में उद्घाटन हिंदी से शुरू हुआ होती रही हो माध्यम बदलते रहे उसका फॉर्मेट में हम लोग काम कर रहे न्यू मीडिया भी सोशल मीडिया का जो जो दौर चल रहा है काम न करे राजा महाराजा की अपने दरबार में नवरत्न रखे थे इसलिए रखते थे कि वह सरकार के सुशासन की कमियों को उजागर करे कहां चुप हो रही है जनता का लोकल परिकल्पना है उसको सही करने के लिए हमेशा जनता के लिए समाज के लिए काम करता है और कमियों को उजागर करता है साथ उनकी अच्छाइयों को भी अच्छे काम हो जाए उस पर अंकुश लगाने के लिए समाज का अंकुश लगाने के लिए जनता का अंकुश लगाने के लिए पत्रकारिता की हो तो बहुत ही जरूरत और पत्रकारों की जरूरत है बताएं कल की कमियां जहां पर हूं बताएं जिसे सरकार नई अच्छी नीतियां जनता के कल्याण के लिए बनाए उनके ग्राउंड पर पालिका जो कहे नौकरशाही है जो अक्सर सही है हमारी हावी न हो जाए मतलब अपनी मनमानी न करने लगे उन पर अंकुश लगाने के लिए भी पत्रकार पत्रकार और पत्रकारिता की

patrakar ka kaam jo hai samaj ke liye nahi hai patrakar samaj ki zarurat hai aur aaj hi nahi hamesha se rahe hain aur hamesha rahegi suchanaon ka aadaan pradan koi ghatna ne poore nagade bajaakar dugdugi bazaar ke log suchnaen raja majara ho ki sandesh dete pandit purohit karte the baad mein jab result madhyama ya gajsar bengal ka sarkari result angrej jawahar kolkata mein udghatan hindi se shuru hua hoti rahi ho madhyam badalte rahe uska format mein hum log kaam kar rahe new media bhi social media ka jo jo daur chal raha hai kaam na kare raja maharaja ki apne darbaar mein navratna rakhe the isliye rakhte the ki vaah sarkar ke sushashan ki kamiyon ko ujagar kare kahaan chup ho rahi hai janta ka local parikalpana hai usko sahi karne ke liye hamesha janta ke liye samaj ke liye kaam karta hai aur kamiyon ko ujagar karta hai saath unki acchhaiyon ko bhi acche kaam ho jaaye us par ankush lagane ke liye samaj ka ankush lagane ke liye janta ka ankush lagane ke liye patrakarita ki ho toh bahut hi zarurat aur patrakaron ki zarurat hai bataye kal ki kamiyan jaha par hoon bataye jise sarkar nayi achi nitiyan janta ke kalyan ke liye banaye unke ground par palika jo kahe naukarshahi hai jo aksar sahi hai hamari haavi na ho jaaye matlab apni manmani na karne lage un par ankush lagane ke liye bhi patrakar patrakar aur patrakarita ki

पत्रकार का काम जो है समाज के लिए नहीं है पत्रकार समाज की जरूरत है और आज ही नहीं हमेशा से र

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ऐसा नहीं है कि पत्रकारिता अभी से वेबसाइट में मतलब इसका मतलब आधुनिक व्यवसाय नहीं ऐसा नहीं है काफी प्राचीन है बहुत ज्यादा अगर हम शास्त्र की बात करें तो शास्त्रों में मदद तो उसका नाराजगी है सभी देवताओं के पास जाते थे वह लोग यहां की खबरें उत्तर पहुंचाना है यहां की खबर पहुंचा नल बेसिकली उनका काम ही काम नहीं था क्या करूं एग्जांपल की बात करें तो हमारे समाज का जो हमारे समाज में अच्छी और बुराई दोनों चीजें उनको समाज के सामने रखता है कृपया क्या काम करता है कि जो भी चीजें हमारे अंदर होते थे नेगेटिव और पॉजिटिव हमारे सामने हमारे देश में चल रहा है क्या जो भी हमारे देश हमारे अंदर की नेगेटिव एंड पॉजिटिव दोनों चीजों को दिखाता है और मीडिया तो संविधान में भी है कि चौथा स्तंभ पत्रकार बेसिकली हम सभी लोगों में करीना के पत्रकार छुपा होता है छोटा-मोटा हम सारी इनफार्मेशन खाते हैं छेद करते हैं एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाते हैं बेसिकली काम कर पत्रकार का ही होता है कि वह सारी इन समाज में होने वाली चीजों को इकट्ठा करता और लोगों तक पहुंचाता है जहां पर उनको जरूरत होती है टेंट की बातें तो अटेनमेंट वाले बंद हो गए एडमिन की खबरें पसंद है तो वह खबरें वहां से उठाता है पॉलिटिक्स हो गया न्यू क्राइम हो गए उन लोगों को सारी खबर अपने साथ

aisa nahi hai ki patrakarita abhi se website mein matlab iska matlab aadhunik vyavasaya nahi aisa nahi hai kaafi prachin hai bahut zyada agar hum shastra ki baat kare toh shastron mein madad toh uska narajgi hai sabhi devatao ke paas jaate the vaah log yahan ki khabren uttar pahunchana hai yahan ki khabar pohcha nal basically unka kaam hi kaam nahi tha kya karu example ki baat kare toh hamare samaj ka jo hamare samaj mein achi aur burayi dono cheezen unko samaj ke saamne rakhta hai kripya kya kaam karta hai ki jo bhi cheezen hamare andar hote the Negative aur positive hamare saamne hamare desh mein chal raha hai kya jo bhi hamare desh hamare andar ki Negative and positive dono chijon ko dikhaata hai aur media toh samvidhan mein bhi hai ki chautha stambh patrakar basically hum sabhi logo mein kareena ke patrakar chupa hota hai chota mota hum saree information khate hain ched karte hain ek jagah se dusri jagah pahunchate hain basically kaam kar patrakar ka hi hota hai ki vaah saree in samaj mein hone wali chijon ko ikattha karta aur logo tak pohchta hai jaha par unko zarurat hoti hai tent ki batein toh atenment waale band ho gaye admin ki khabren pasand hai toh vaah khabren wahan se uthaata hai politics ho gaya new crime ho gaye un logo ko saree khabar apne saath

ऐसा नहीं है कि पत्रकारिता अभी से वेबसाइट में मतलब इसका मतलब आधुनिक व्यवसाय नहीं ऐसा नहीं ह

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आइए हम बिल्कुल कह सकते हैं पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है ऑफिशियल ही नहीं लेकिन आप जरूर उसको अनुभव करते होंगे कि पत्रकारिता का कितना बड़ा पॉलिटिकल पार्टी को सत्ता के शिखर पर पहुंचा ना हो या किसी को सत्ता से बेदखल करना हो आप मीडिया का यूज और मिस यूज आज के समय में दोनों देख रहे हैं पिछले चुनाव आपके सामने उदाहरण है लेकिन इन सबके बीच में पत्रकारिता कितनी जरूरी है पहले आपने बुक में पड़ा होगा कि पहले पत्रकारिता मिशन थी आपको पहचान हो गई है लेकिन उससे आगे भी जा कर के किसी एक इंसान की रहे पत्रकार क्योंकि पत्रकार को सबसे बड़ा कुछ जो है फ्रेंड अगर उनकी बात करना तो कुछ चेहरे दिखते हैं मैं कंगन ओम कश्यप और सुधीर चौधरी रवीश कुमार हेलो लेकिन ऐसा नहीं है कि यह लोग जो न्यूज़ रूम में बैठते हैं भाई पत्रकार एक वह भी है एक छोटे से गांव में जाकर के किस चोरी करता है कि किस तरीके से वहां पर चाइल्ड लेबर कराया जा रहा है और तमाम समस्याओं को शासन के उसके पत्रकारिता पत्रकारिता और ग्रामीणों की पत्रकारिता दोनों अलग है पत्रकारिता कितनी जरूरी है यही समझ सकते हैं कि जो हमें आजादी मिली उसमें बहुत बड़ा रोल था पत्रकारिता का जीवन महात्मा गांधी भी एक अच्छे पत्रकार थे जितने भी आप पॉलिटिकल लोगों को देखें उनका पढ़ने की आदत बाद एक पत्रकारिता से जुड़ा हो तो बताइए

aaiye hum bilkul keh sakte hain patrakarita loktantra ka chautha stambh mana jata hai official hi nahi lekin aap zaroor usko anubhav karte honge ki patrakarita ka kitna bada political party ko satta ke shikhar par pohcha na ho ya kisi ko satta se bedakhal karna ho aap media ka use aur miss use aaj ke samay mein dono dekh rahe hain pichle chunav aapke saamne udaharan hai lekin in sabke beech mein patrakarita kitni zaroori hai pehle aapne book mein pada hoga ki pehle patrakarita mission thi aapko pehchaan ho gayi hai lekin usse aage bhi ja kar ke kisi ek insaan ki rahe patrakar kyonki patrakar ko sabse bada kuch jo hai friend agar unki baat karna toh kuch chehre dikhte hain main kangan om kashyap aur sudheer choudhary ravish kumar hello lekin aisa nahi hai ki yah log jo news room mein baithate hain bhai patrakar ek vaah bhi hai ek chote se gaon mein jaakar ke kis chori karta hai ki kis tarike se wahan par child labour karaya ja raha hai aur tamaam samasyaon ko shasan ke uske patrakarita patrakarita aur grameeno ki patrakarita dono alag hai patrakarita kitni zaroori hai yahi samajh sakte hain ki jo hamein azadi mili usme bahut bada roll tha patrakarita ka jeevan mahatma gandhi bhi ek acche patrakar the jitne bhi aap political logo ko dekhen unka padhne ki aadat baad ek patrakarita se juda ho toh bataiye

आइए हम बिल्कुल कह सकते हैं पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना जाता है ऑफिशियल ही नहीं

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Deepak Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

News24 का छोटा सा माना जाता है रविवार को उठाने के लिए देश का पत्रकार इंपोर्टेंट होता है कॉलिंग मुद्दे को किसी भी मुद्दे को उठाने के लिए पत्रकार की आवश्यकता पड़ती है

News24 ka chota sa mana jata hai raviwar ko uthane ke liye desh ka patrakar important hota hai Calling mudde ko kisi bhi mudde ko uthane ke liye patrakar ki avashyakta padti hai

News24 का छोटा सा माना जाता है रविवार को उठाने के लिए देश का पत्रकार इंपोर्टेंट होता है कॉ

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Sapan Narayan

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनुष्य है मनुष्य का स्वभाव है ज्ञान प्राप्त करना और कम्युनिस्ट करना मनुष्य शुरू से ही एक दूसरे से बात करते हैं ज्ञान का अपने भावनाओं का आदान-प्रदान करते कहीं काम वही है किसी चीज को आपके सामने एक्सपोज करना आपके सामने लेकर आना आज के समय में एक बहुत बड़ी चुनौती है सोशल मीडिया सोशल मीडिया तो बहुत सारी अफवाहें और बहुत सारी फेक न्यूज़ चलती रहती है तो जब व्यक्ति के सामने तो टाइप मिल जाती है तो वह सबसे पहले क्या करता है कश्मीर न्यूज़ पोर्टल है वहां पर जाता है चाहे वह न्यूज़ चैनल हो या किसी अखबार की न्यूज़ पोर्टल वहां पर जाकर उससे करता है संग में खबर सही है वह बोल देता है खबर चाहिए और अगर खबर पैसे तो उसको वह खबर कहीं नहीं मिलती इसलिए अच्छे पत्रकारों की आवश्यकता इस देश में है कि वह सही ही लोगों के सामने लेकर आ सकते हैं समाज को सही दिशा देना ऐसे आज के युवाओं के सामने कई बार ऐसी दिशा भ्रम की स्थिति बनती है कि वह गलत चीजों को सही मानकर उसकी तरफ आकर्षित हो जाते जैसे कि आज के समय में बहुत बड़ी समस्या है नशा आप चाहे आप टीवी देख लीजिए कोई आस ओदी सीरीज देख लीजिए या कोई मूवी देख लीजिए बहुत आसानी से शराब सिगरेट और नशे के अन्य सामान बहुत ज्यादा उसको एक्सप्रेस किया जा रहा है इस तरह श्रेणी कैसा बनाया जा रहा है ऐसे हो हमारे लिए आते हैं सामाजिक बुराई से बचते हैं क्राइम क्राइम से कैसे बचना है आज के समय ऑनलाइन है कि यह भी एक बहुत बड़ा मतदाता है हमारे देश में तो उससे भी आप लोगों को अपने न्यूज़ चैनल लिया न्यू पोटलिया चमचम करते हैं उसके माध्यम से आप लोगों को जागरूक कर सकते हैं तो पूरा जनरल

manushya hai manushya ka swabhav hai gyaan prapt karna aur communist karna manushya shuru se hi ek dusre se baat karte hain gyaan ka apne bhavnao ka aadaan pradan karte kahin kaam wahi hai kisi cheez ko aapke saamne eksapoj karna aapke saamne lekar aana aaj ke samay mein ek bahut badi chunauti hai social media social media toh bahut saari afwayen aur bahut saari fake news chalti rehti hai toh jab vyakti ke saamne toh type mil jaati hai toh vaah sabse pehle kya karta hai kashmir news portal hai wahan par jata hai chahen vaah news channel ho ya kisi akhbaar ki news portal wahan par jaakar usse karta hai sang mein khabar sahi hai vaah bol deta hai khabar chahiye aur agar khabar paise toh usko vaah khabar kahin nahi milti isliye acche patrakaron ki avashyakta is desh mein hai ki vaah sahi hi logo ke saamne lekar aa sakte hain samaj ko sahi disha dena aise aaj ke yuvaon ke saamne kai baar aisi disha bharam ki sthiti banti hai ki vaah galat chijon ko sahi maankar uski taraf aakarshit ho jaate jaise ki aaj ke samay mein bahut badi samasya hai nasha aap chahen aap TV dekh lijiye koi aas odi series dekh lijiye ya koi movie dekh lijiye bahut aasani se sharab cigarette aur nashe ke anya saamaan bahut zyada usko express kiya ja raha hai is tarah shreni kaisa banaya ja raha hai aise ho hamare liye aate hain samajik burayi se bachte hain crime crime se kaise bachna hai aaj ke samay online hai ki yah bhi ek bahut bada matdata hai hamare desh mein toh usse bhi aap logo ko apne news channel liya new potliya chamacham karte hain uske madhyam se aap logo ko jagruk kar sakte hain toh pura general

मनुष्य है मनुष्य का स्वभाव है ज्ञान प्राप्त करना और कम्युनिस्ट करना मनुष्य शुरू से ही एक द

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देश के चार स्तंभ है लोकतंत्र खतरे की देश को बचाना है अगर कोई भी बिल्डिंग है वह चप्पल सितारों से नहीं कर सकते आपको प्रॉब्लम शेयर कीजिए पर्सनल आउटूर इंडोना कौन से शेयर कीजिए बारे में क्या बुराई है क्या है उनको भी पर पब्लिक किए थे क्या क्वालिटी में होता होगा लोगों के अंदर स्टोरियां होती है कि किसी बंदे ने ₹500 सो ₹500 कमा रहा है किसी की याद आती है जो प्रिंट करके अलग करके लोगों को कभी भी होगा किसी पक्ष टेस्टिंग करता है या स्टोरी बना रहा है तुमको दोनों पक्ष में काम करना चाहिए

desh ke char stambh hai loktantra khatre ki desh ko bachaana hai agar koi bhi building hai vaah chappal sitaron se nahi kar sakte aapko problem share kijiye personal autur indona kaunsi share kijiye bare mein kya burayi hai kya hai unko bhi par public kiye the kya quality mein hota hoga logo ke andar storiyan hoti hai ki kisi bande ne Rs so Rs kama raha hai kisi ki yaad aati hai jo print karke alag karke logo ko kabhi bhi hoga kisi paksh testing karta hai ya story bana raha hai tumko dono paksh mein kaam karna chahiye

देश के चार स्तंभ है लोकतंत्र खतरे की देश को बचाना है अगर कोई भी बिल्डिंग है वह चप्पल सितार

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Arib Khan

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकार पत्रकार है पत्रकार का जो है वह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जो कार्यपालिका है लोकतंत्र है तो जो भी चीजें हैं 1 अंकों से मतलब जैसे किसी तरीके से जैसे हाथी को चलाने के लिए अंकुश की आवश्यकता होती है उसी तरीके से सरकार पर नियंत्रण रखने के लिए बुक निरंकुश ना हो इसलिए पत्रकारों को सही तरीके से उसको सरकार को बताएगा है क्या सही है क्या गलत है की समीक्षा करेगा इसलिए पत्रकार आवश्यक

patrakar patrakar hai patrakar ka jo hai vaah loktantra ka chautha stambh hai jo karyapalika hai loktantra hai toh jo bhi cheezen hain 1 ankon se matlab jaise kisi tarike se jaise haathi ko chalane ke liye ankush ki avashyakta hoti hai usi tarike se sarkar par niyantran rakhne ke liye book nirankush na ho isliye patrakaron ko sahi tarike se usko sarkar ko batayega hai kya sahi hai kya galat hai ki samiksha karega isliye patrakar aavashyak

पत्रकार पत्रकार है पत्रकार का जो है वह लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है जो कार्यपालिका है लोकतंत्

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Bobby Dua

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रकाश की परिभाषा भी यही है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होते पत्रकार पत्रकार नहीं होगा

prakash ki paribhasha bhi yahi hai ki loktantra ka chautha stambh hote patrakar patrakar nahi hoga

प्रकाश की परिभाषा भी यही है कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ होते पत्रकार पत्रकार नहीं होगा

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Shahid Ilyas

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकार लिखी वैसे भी सफलता के हम लोग चौथे स्तंभ हैं और जो भी होता है वह पूरी निष्ठा और लगन से अपने मेहनत के पूर्व सरपंच के साथ आपको पुत्र गए तना ना होता है आदमी जो आज की डेट में जो पत्रकार बन रहे हैं तो अधिकतर लोग केवल नाम के पीछे जा रहे हैं जैसे पत्रकार दीपक आज के लिए मुझे पत्रकार जाने वाला रास्ता चाहिए कर रहे हैं तो वह सब छोड़ दिया कौन से मेहमान ज्यादा से ज्यादा आ रहे हैं या पक्ष को हो अब दोनों चीज को दिल से धन्यवाद

patrakar likhi waise bhi safalta ke hum log chauthe stambh hain aur jo bhi hota hai vaah puri nishtha aur lagan se apne mehnat ke purv sarpanch ke saath aapko putra gaye tana na hota hai aadmi jo aaj ki date mein jo patrakar ban rahe hain toh adhiktar log keval naam ke peeche ja rahe hain jaise patrakar deepak aaj ke liye mujhe patrakar jaane vala rasta chahiye kar rahe hain toh vaah sab chod diya kaun se mehmaan zyada se zyada aa rahe hain ya paksh ko ho ab dono cheez ko dil se dhanyavad

पत्रकार लिखी वैसे भी सफलता के हम लोग चौथे स्तंभ हैं और जो भी होता है वह पूरी निष्ठा और लगन

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Ravi

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकार एक समाज का दर्पण और पत्रकारिता से ही समाज जागरूक होते हैं मतलब जिस तरह शक्ल देखने के लिए धन की आवश्यकता होती है सीता की आवश्यकता होती है उसी तरह कोई भी समाज में ऐसा कोई भी मूवमेंट सामाजिक क्षेत्र में काम करने के लिए समाज का दर्पण हम लोगों ने माना है कि चौथा स्तंभ को और यह सार्वजनिक करने के लिए ही होता है मीडिया के माध्यम से पूरे देश में हर चीज जो समाज के छोटे-छोटे बेटियां ग्रामीणों के हर कतरे में पत्रकारिता के माध्यम से लोग क्या नादान प्रदान करते हैं समाचार देखते हैं या उनके

patrakar ek samaj ka darpan aur patrakarita se hi samaj jagruk hote hain matlab jis tarah shakl dekhne ke liye dhan ki avashyakta hoti hai sita ki avashyakta hoti hai usi tarah koi bhi samaj mein aisa koi bhi movement samajik kshetra mein kaam karne ke liye samaj ka darpan hum logo ne mana hai ki chautha stambh ko aur yah sarvajanik karne ke liye hi hota hai media ke madhyam se poore desh mein har cheez jo samaj ke chhote chhote betiyan grameeno ke har katare mein patrakarita ke madhyam se log kya nadan pradan karte hain samachar dekhte hain ya unke

पत्रकार एक समाज का दर्पण और पत्रकारिता से ही समाज जागरूक होते हैं मतलब जिस तरह शक्ल देखने

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Pawan Kumar

Journalist

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खेसारी शरीर के लिए आंखों की घटना होती है उसी तरीके से देश के लिए पत्रकारों के बच्चा होते

khesari sharir ke liye aankho ki ghatna hoti hai usi tarike se desh ke liye patrakaron ke baccha hote

खेसारी शरीर के लिए आंखों की घटना होती है उसी तरीके से देश के लिए पत्रकारों के बच्चा होते

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Ajay Nandan

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकार दर्शन लोकतंत्र का चौथा खंभा कहा जाता है तो वाईफाई पत्रकार हमारे देश के लिए विधायिका न्यायपालिका है कार्यपालिका है तो किस को चौथे स्तंभ के रूप में कहा जाता है और खास करके लोकतांत्रिक देश में पत्रकारिता बिल्कुल आवश्यक है इसका काफी जरूरी है और उसने भी देश है जहां पर तानाशाही व्यवस्था है वहां पर तंत्र कार्रवाई करना काफी कठिन हो जाता है लेकिन लोकतांत्रिक देशों के लिए पत्रकारिता जो चौथा खंभा कही जाती है वह बिल्कुल चौथा खंभा सही है और रिया सेन सिस्टर बात है और बिल्कुल सर के होते हैं ताकि मैंने कहा कि का चौथा स्तंभ

patrakar darshan loktantra ka chautha khambha kaha jata hai toh wifi patrakar hamare desh ke liye vidhayika nyaypalika hai karyapalika hai toh kis ko chauthe stambh ke roop mein kaha jata hai aur khaas karke loktantrik desh mein patrakarita bilkul aavashyak hai iska kaafi zaroori hai aur usne bhi desh hai jaha par tanashahi vyavastha hai wahan par tantra karyawahi karna kaafi kathin ho jata hai lekin loktantrik deshon ke liye patrakarita jo chautha khambha kahi jaati hai vaah bilkul chautha khambha sahi hai aur riya sen sister baat hai aur bilkul sir ke hote hain taki maine kaha ki ka chautha stambh

पत्रकार दर्शन लोकतंत्र का चौथा खंभा कहा जाता है तो वाईफाई पत्रकार हमारे देश के लिए विधायिक

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पत्रकार एक भारत का चौथा स्तंभ है पत्रकार था इसलिए हो सकता है कि देश सुरक्षित बना रहे हैं नहीं तो नेता दलाल इसको खत्म कर देंगे पत्रकार ही मतलब उजागर करता है जो देश सुरक्षित है

patrakar ek bharat ka chautha stambh hai patrakar tha isliye ho sakta hai ki desh surakshit bana rahe hain nahi toh neta dalaal isko khatam kar denge patrakar hi matlab ujagar karta hai jo desh surakshit hai

पत्रकार एक भारत का चौथा स्तंभ है पत्रकार था इसलिए हो सकता है कि देश सुरक्षित बना रहे हैं न

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Dr. K R Godara

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ का है या किसी देश में पत्रकारिता पर बैंड है या किसी देश में पत्रकारिता को सरकार द्वारा दबाया जाता है वह जो घोटाले होते हैं भारत की बात मैंने आजादी के बाद पत्रकारिता बहुत कम थी तो उस वक्त बड़े ऐसी चीजें हुई कई घोटाले भी हुए खबरें ऐसी थी जो यादों में बीबीसी के माध्यम से मिलती थी या किसी देश के मीडिया के माध्यम से मिलती थी अपने ही देश में हर लोग सोशल मीडिया से जुड़े रहे थे तो उनको कुछ न कुछ सूचना चाहिए किसी देश के लिए पत्र जूस लेवल पर भ्रष्टाचार देश में बेटा है जिस लेवल पर करेक्शन हो रहा है जिस स्तर पर आज लोगों के साथ उत्पीड़न हो रहा है उसको उजागर करने के लिए मैं पत्रकार होना बहुत ही जरूरी है बिना पत्रकारिता के लोकतंत्र एक आरटीओ में बहुत बड़ा असर हुआ है उसको पत्रकार नहीं होते

patrakarita ko loktantra ka chautha stambh ka hai ya kisi desh mein patrakarita par band hai ya kisi desh mein patrakarita ko sarkar dwara dabaya jata hai vaah jo ghotale hote hain bharat ki baat maine azadi ke baad patrakarita bahut kam thi toh us waqt bade aisi cheezen hui kai ghotale bhi hue khabren aisi thi jo yaadon mein bbc ke madhyam se milti thi ya kisi desh ke media ke madhyam se milti thi apne hi desh mein har log social media se jude rahe the toh unko kuch na kuch soochna chahiye kisi desh ke liye patra juice level par bhrashtachar desh mein beta hai jis level par correction ho raha hai jis sthar par aaj logo ke saath utpidan ho raha hai usko ujagar karne ke liye main patrakar hona bahut hi zaroori hai bina patrakarita ke loktantra ek rto mein bahut bada asar hua hai usko patrakar nahi hote

पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ का है या किसी देश में पत्रकारिता पर बैंड है या किसी द

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Manish

Journalist

0:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देश में जिस तरह से भ्रष्टाचार और जिस तरह से सोशल मीडिया या उसके बाद से पत्रकारिता के क्षेत्र में भी इसका इजाफा हुआ है आज की तारीख पत्रकारिता भी थोड़ी कमजोर पत्रकारिता आसान हुई है वहीं सचिव स्तर के पूर्व में पत्रकारिता होती उसे देखने को नहीं मिल पा रही है इसलिए युवा कैरियर बनाने की जगह अन्य क्षेत्रों में करियर बनाएं तो बेस्ट होगा धन्यवाद

desh mein jis tarah se bhrashtachar aur jis tarah se social media ya uske baad se patrakarita ke kshetra mein bhi iska ijafa hua hai aaj ki tarikh patrakarita bhi thodi kamjor patrakarita aasaan hui hai wahi sachiv sthar ke purv mein patrakarita hoti use dekhne ko nahi mil paa rahi hai isliye yuva carrier banane ki jagah anya kshetro mein career banaye toh best hoga dhanyavad

देश में जिस तरह से भ्रष्टाचार और जिस तरह से सोशल मीडिया या उसके बाद से पत्रकारिता के क्षेत

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Ashwini Kumar

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आज आज भी भारत के अधिकांश आबादी गांव में बसती है गांव में जो समस्याएं हैं आजादी के बाद से लेकर अभी तक वह बहुत ज्यादा दूर नहीं गांव में सड़के बनी पीने के लिए शुद्ध पानी मिल रहा है ऐसा है जहां पर लोग आज भी नदी के पानी पी रहे हैं और वहां तक लोग जनप्रतिनिधि या फिर यह कहे कि जो उनके हित चिंतक से वहां तक नहीं पहुंच पाते हैं लेकिन आज दिन पर दिन पहुंचे पहुंचे इस तरीके से कहिए कि मीडिया समाचार वाचक जो होते हैं इन्हें हर हाथ में मोबाइल फोन एंड्राइड फोन है लोग अपनी समस्याओं को आराम से अपलोड करके किसी के साथ टाइप करके अपनी समस्याओं को हैक करके भेज सकते हैं पत्रकारों का दही तुझे भी ज्यादा है कि पत्रकार को लोग हमेशा ही तेल और उनके समाज हित के रूप में जानना चाहते हैं और लिखते भी हैं और हम जागरूक बने और लोग पत्रकार बने और लोग अधिक से अधिक लोगों को बीच संवाद स्थापित करें ताकि एक नए पत्रकार का पिज्जा लेकर आए लोग पत्रकार

dekhiye aaj aaj bhi bharat ke adhikaansh aabadi gaon mein basti hai gaon mein jo samasyaen hain azadi ke baad se lekar abhi tak vaah bahut zyada dur nahi gaon mein sadake bani peene ke liye shudh paani mil raha hai aisa hai jaha par log aaj bhi nadi ke paani p rahe hain aur wahan tak log janapratinidhi ya phir yah kahe ki jo unke hit chintak se wahan tak nahi pohch paate hain lekin aaj din par din pahuche pahuche is tarike se kahiye ki media samachar vachak jo hote hain inhen har hath mein mobile phone android phone hai log apni samasyaon ko aaram se upload karke kisi ke saath type karke apni samasyaon ko hack karke bhej sakte hain patrakaron ka dahi tujhe bhi zyada hai ki patrakar ko log hamesha hi tel aur unke samaj hit ke roop mein janana chahte hain aur likhte bhi hain aur hum jagruk bane aur log patrakar bane aur log adhik se adhik logo ko beech samvaad sthapit kare taki ek naye patrakar ka pizza lekar aaye log patrakar

देखिए आज आज भी भारत के अधिकांश आबादी गांव में बसती है गांव में जो समस्याएं हैं आजादी के बा

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Lalit Sharma

Journalist

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हमारी कंट्री इज डेमोक्रेटिक कंट्री है और न्यूज़ चैनल को अखबारों को एक तरीके से देखिए जो भी है सच्चाई है आंखों से न्यूज़ चैनल से पता लगे कि राजनेताओं के स्टेटमेंट जो होते हैं वह की पार्टी को लेकर होते हैं उनके अपने पॉलीटिकल बेनिफिट को लेकर होता है वह तो यह टीके का पत्रकार को बहुत ध्यान में रखने के उपाय होना चाहिए जो सच्चाई टू द कंट्री स्टोरी बनानी चाहिए उसके ऊपर उसका निष्पक्ष नजरिया होना चाहिए रिकॉर्डिंग का धन्यवाद

hamari country is democratic country hai aur news channel ko akhbaron ko ek tarike se dekhiye jo bhi hai sacchai hai aankho se news channel se pata lage ki rajnetao ke statement jo hote hain vaah ki party ko lekar hote hain unke apne political benefit ko lekar hota hai vaah toh yah tike ka patrakar ko bahut dhyan mein rakhne ke upay hona chahiye jo sacchai to the country story banani chahiye uske upar uska nishpaksh najariya hona chahiye recording ka dhanyavad

हमारी कंट्री इज डेमोक्रेटिक कंट्री है और न्यूज़ चैनल को अखबारों को एक तरीके से देखिए जो भी

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Lakshman Kumar

Journalist

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अधिकार एक आईना होता है किसी भी प्रकार की समस्या हो तेरा अच्छाई और बुराई हो किसी भी प्रकार की चीजों को हम लोगों के बीच में प्रसारित करते हैं देखते हैं

adhikaar ek aaina hota hai kisi bhi prakar ki samasya ho tera acchai aur burayi ho kisi bhi prakar ki chijon ko hum logo ke beech mein prasarit karte hain dekhte hain

अधिकार एक आईना होता है किसी भी प्रकार की समस्या हो तेरा अच्छाई और बुराई हो किसी भी प्रकार

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मौजूदा दौर जो है आईडी का दौरा गया है वहीं पर यह बात अपने को स्वीकार करनी पड़ेगी कि जब से रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में आया है और जिस तेजी से फैला हुआ है उसके बाद मीडिया के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है जरूरत थी और आज भी है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आने के बाद यारा कलाकार प्रति भी तो बढ़ गई है इसके साथ ही पत्रकार और पत्रकारिता के मायने हैं सब पत्रकारों को सुदी पत्रकारों को विचार करना चाहिए धन्यवाद

maujuda daur jo hai id ka daura gaya hai wahi par yah baat apne ko sweekar karni padegi ki jab se return electronic media mein aaya hai aur jis teji se faila hua hai uske baad media ke prati logo ka aakarshan badha hai zarurat thi aur aaj bhi hai lekin electronic media aane ke baad yaara kalakar prati bhi toh badh gayi hai iske saath hi patrakar aur patrakarita ke maayne hai sab patrakaron ko shudi patrakaron ko vichar karna chahiye dhanyavad

मौजूदा दौर जो है आईडी का दौरा गया है वहीं पर यह बात अपने को स्वीकार करनी पड़ेगी कि जब से र

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पत्रकार हमारे देश में एक दृष्टिकोण से अपना दृष्टिकोण और लोगों का दृष्टिकोण उसको लगता है कि को समाज को प्राप्त करती है उसके लिए काम करना और लोगों के बीच माहौल भी बना हुआ है उन पत्रकारों है पत्रकार जो है उसको चाहिए कि स्मार्ट के लिए स्मार्ट में जो कुरीति हैं जो समाज में गलत काम हो रहा है उसको दे धड़क-धड़क लोगों के सामने

patrakar hamare desh mein ek drishtikon se apna drishtikon aur logo ka drishtikon usko lagta hai ki ko samaj ko prapt karti hai uske liye kaam karna aur logo ke beech maahaul bhi bana hua hai un patrakaron hai patrakar jo hai usko chahiye ki smart ke liye smart mein jo kuriti hain jo samaj mein galat kaam ho raha hai usko de dhadak dhadak logo ke saamne

पत्रकार हमारे देश में एक दृष्टिकोण से अपना दृष्टिकोण और लोगों का दृष्टिकोण उसको लगता है कि

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सच सुनने की आदत डालें क्योंकि सच लिखा होता है नमस्कार मैं ऋषिराज हमारे देश को पत्रकारों की क्यों आवश्यकता है हमारा देश उनके बिना नहीं चल सकता यहां तक इसके बाद निजी प्रश्न की श्रेणी में कोई भी देश कैसे ना कैसे करके चलता ही है हालांकि उनकी पद्धति अलग हो सकती है लेकिन हमारा देश लोकतांत्रिक देश की श्रेणी में आता है यहां पर नागरिकों को उनके मूलभूत अधिकार हैं सरकार को उनकी शक्तियां मिली हुई है तो यहां पर पावर का जो डिसटीब्यूशन है ऊपर से लेकर नीचे तक बहुत ही जटिल प्रक्रिया के तहत किया गया है और बहुत ही सुंदर तरीके से किया गया है जो इस लोकतंत्र को बनाने में इस मजबूत लोकतंत्र को मजबूती प्रदान करने में सहायक है और इस लोकतंत्र को चलाने के लिए इस लोकतांत्रिक देश को सुचारू रूप से बैलेंस देखने के लिए स्थिरता प्रदान करने के लिए पत्रकारों की सख्त जरूरत है पत्रकारिता को इसलिए हमारे देश में चौथा स्तंभ कहा जाता है और डीलर क्योंकि देश को सुचारू रूप से चलाने के लिए यहां पावर जो डिसटीब्यूट किया गया है देखिए इस को समझना बहुत कठिन नहीं है लेकिन गहराई में नहीं जाता हूं आसान भाषा में समझाने का प्रयास करता हूं कि जो भी शक्ति विभाजित की गई है देश में चाहे वह सरकार हो ब्यूरोक्रेसी हो या नागरिकों के बीच में उनके अधिकार हो उनको एक अश्लीलता प्रदान करने के लिए और उनके बीच में एक मध्यस्थता का काम करने के लिए पत्रकारों की जरूरत होती पत्रकार यहां पर पत्रकारों का क्या काम होता है सरकार के कार्य पर नजर रखना सरकार की आलोचना करना सरकार की नीतियों पर नजर रखना समाज पर नजर रखना बहुत बड़ा ढांचा है इसको कहीं न कहीं अगर एक जगह भी आप चूक चूक जाएंगे तो फिर देश को चलाने में इतने बड़े लोकतंत्र को इतने बड़े ढांचे को सही से चलाने में बहुत बड़ी समस्या हो सकती है कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार के मामले सामने आ सकते हैं कहीं सरकार अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर सकती है कहीं राज्य अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर सकती है या कहीं प्रशासन अपने अधिकारों का दुरुपयोग कर सकती है या समाज में बहुत ऐसे कुछ गैर लोकतांत्रिक काम भी हो सकते हैं जो गैर लोकतांत्रिक देशों के लिए तो सही हो सकता है लेकिन हमारे देश हैं सही कहीं से नहीं ठहराया जा सकता तो इसलिए पत्रकारों की बहुत जरूरत है देश में उनके बिना यह लोकतंत्र नहीं चल सकता पत्रकारों के बिना इस लोकतंत्र को मजबूती नहीं मिलेगी सरकार अपनी मनमानी करेगी उनकी नीतियों पर सवाल उठाने वाला प्रश्न चिन्ह करने वाला किसी भी नागरिक के किसी गैर लोकतांत्रिक गतिविधियों को देखने वाला कोई नहीं होगा इसलिए पत्रकारों की बहुत जरूरत है चली धन्यवाद

sach sunne ki aadat Daalein kyonki sach likha hota hai namaskar main rishiraj hamare desh ko patrakaron ki kyon avashyakta hai hamara desh unke bina nahi chal sakta yahan tak iske baad niji prashna ki shreni me koi bhi desh kaise na kaise karke chalta hi hai halaki unki paddhatee alag ho sakti hai lekin hamara desh loktantrik desh ki shreni me aata hai yahan par nagriko ko unke mulbhut adhikaar hain sarkar ko unki shaktiyan mili hui hai toh yahan par power ka jo distibyushan hai upar se lekar niche tak bahut hi jatil prakriya ke tahat kiya gaya hai aur bahut hi sundar tarike se kiya gaya hai jo is loktantra ko banane me is majboot loktantra ko majbuti pradan karne me sahayak hai aur is loktantra ko chalane ke liye is loktantrik desh ko sucharu roop se balance dekhne ke liye sthirta pradan karne ke liye patrakaron ki sakht zarurat hai patrakarita ko isliye hamare desh me chautha stambh kaha jata hai aur dealer kyonki desh ko sucharu roop se chalane ke liye yahan power jo distibyut kiya gaya hai dekhiye is ko samajhna bahut kathin nahi hai lekin gehrai me nahi jata hoon aasaan bhasha me samjhane ka prayas karta hoon ki jo bhi shakti vibhajit ki gayi hai desh me chahen vaah sarkar ho byurokresi ho ya nagriko ke beech me unke adhikaar ho unko ek ashlilata pradan karne ke liye aur unke beech me ek madhyasthata ka kaam karne ke liye patrakaron ki zarurat hoti patrakar yahan par patrakaron ka kya kaam hota hai sarkar ke karya par nazar rakhna sarkar ki aalochana karna sarkar ki nitiyon par nazar rakhna samaj par nazar rakhna bahut bada dhancha hai isko kahin na kahin agar ek jagah bhi aap chuk chuk jaenge toh phir desh ko chalane me itne bade loktantra ko itne bade dhanche ko sahi se chalane me bahut badi samasya ho sakti hai kahin na kahin bhrashtachar ke mamle saamne aa sakte hain kahin sarkar apne adhikaaro ka durupyog kar sakti hai kahin rajya apne adhikaaro ka durupyog kar sakti hai ya kahin prashasan apne adhikaaro ka durupyog kar sakti hai ya samaj me bahut aise kuch gair loktantrik kaam bhi ho sakte hain jo gair loktantrik deshon ke liye toh sahi ho sakta hai lekin hamare desh hain sahi kahin se nahi thehraya ja sakta toh isliye patrakaron ki bahut zarurat hai desh me unke bina yah loktantra nahi chal sakta patrakaron ke bina is loktantra ko majbuti nahi milegi sarkar apni manmani karegi unki nitiyon par sawaal uthane vala prashna chinh karne vala kisi bhi nagarik ke kisi gair loktantrik gatividhiyon ko dekhne vala koi nahi hoga isliye patrakaron ki bahut zarurat hai chali dhanyavad

सच सुनने की आदत डालें क्योंकि सच लिखा होता है नमस्कार मैं ऋषिराज हमारे देश को पत्रकारों की

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पब्लिक पब्लिक तक पहुंचाता पहुंचाता है जनता तक पहुंचे पहुंचे पब्लिक के सामने आती है या को मिलती है तो उसका इफेक्ट जो है वह सही मायने में सही हो गलत कुछ पत्रकार ऐसी होगी धन्यवाद

public public tak pohchta pohchta hai janta tak pahuche pahuche public ke saamne aati hai ya ko milti hai toh uska effect jo hai vaah sahi maayne mein sahi ho galat kuch patrakar aisi hogi dhanyavad

पब्लिक पब्लिक तक पहुंचाता पहुंचाता है जनता तक पहुंचे पहुंचे पब्लिक के सामने आती है या को म

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बताना चाहूंगा कि हमारे देश में हर तरह के कुछ सही काम भी होते हैं कुछ गलत काम नहीं होते हैं तो उनको जनता तक रूबरू कराने के लिए 1 के बीच का मेडिएटर है हमारा पत्रकार क्योंकि एक चौथा स्तंभ माना गया है पत्रकारिता को सच्चाई अच्छाई या जो कार्य का कार्य चल रहे हैं अपने देश में अच्छे और बुरे उनकी जानकारी

bataana chahunga ki hamare desh mein har tarah ke kuch sahi kaam bhi hote hain kuch galat kaam nahi hote hain toh unko janta tak rubaru karane ke liye 1 ke beech ka medietar hai hamara patrakar kyonki ek chautha stambh mana gaya hai patrakarita ko sacchai acchai ya jo karya ka karya chal rahe hain apne desh mein acche aur bure unki jaankari

बताना चाहूंगा कि हमारे देश में हर तरह के कुछ सही काम भी होते हैं कुछ गलत काम नहीं होते हैं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी आज की जमाने में पत्रकारिता जाने के लिए तो हमेशा बॉर्डर चल रहा है और पत्रकार भी संबंध रखते हैं जो काम है बहुत ही महत्वपूर्ण है समाज में कुरीतियां हो भ्रष्टाचार हो या फिर कुछ अहम भूमिका निभाती हैं छोटी-छोटी को जो लोग नहीं जानते भी पत्रकार हैं कि उसे बहुत बढ़िया समाज के उत्थान के लिए समाज के विकास के लिए बम ब्रिटिश आर्थिक दृष्टि से या राजनीति से पत्रकार का स्थान महत्वपूर्ण है एवं पत्रकारिता जो है आज के जमाने में बहुत ही महत्वपूर्ण लोग विश्वास करते हैं और पत्रकार को हमेशा लोग इस सम्मान की दृष्टि से देखते हैं धन्यवाद

ji aaj ki jamane mein patrakarita jaane ke liye toh hamesha border chal raha hai aur patrakar bhi sambandh rakhte hain jo kaam hai bahut hi mahatvapurna hai samaj mein kuritiyan ho bhrashtachar ho ya phir kuch aham bhumika nibhati hain choti choti ko jo log nahi jante bhi patrakar hain ki use bahut badhiya samaj ke utthan ke liye samaj ke vikas ke liye bomb british aarthik drishti se ya raajneeti se patrakar ka sthan mahatvapurna hai evam patrakarita jo hai aaj ke jamane mein bahut hi mahatvapurna log vishwas karte hain aur patrakar ko hamesha log is sammaan ki drishti se dekhte hain dhanyavad

जी आज की जमाने में पत्रकारिता जाने के लिए तो हमेशा बॉर्डर चल रहा है और पत्रकार भी संबंध रख

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Aamir Khan

Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कि अगर हम बात करें तो मैं मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से बिलॉन्ग करता हूं अगर हम इसको सोचे कि अब पत्रकार देश के लिए जरूरी क्यों से पत्रकार जरूरी इसलिए है क्योंकि यह जो छोटे छोटे से कस्बे होते हैं छोटी-छोटी जगह होती हैं सरकार की जो तमाम योजनाएं होती है वह जनता तक नहीं पहुंच पाती तो हम उन योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाएं और उसका उन्हें फायदा दिलाएं अगर हम बात करें किशनगढ़ की कोठी रामगढ़ मध्य प्रदेश का एक सबसे पिछड़ा हुआ जिला माना जाता है जहां पर बुनियादी समस्याओं के लिए लोग परेशान होते हैं अगर पैसे हम जैसे पत्रकार ना हो ऐसी कोई पत्रकार ना हो तो वह डायरेक्टर भी अधिकारी नहीं मिल पाती है तो जनता की बात सरकार तक और सरकार की व श्रद्धा टकले जाने का शाम पत्रकारों का होता है इसलिए कि देश में एक अहम भूमिका होती है अगर नहीं होगी तो लोगों की बात जनता का क्वेश्चन ताकि लोगों की बात सरकार तक हम सरकार की भाषण तो तक नहीं पहुंचा

ki agar hum baat kare toh main madhya pradesh ke tikamagadh jile se Belong karta hoon agar hum isko soche ki ab patrakar desh ke liye zaroori kyon se patrakar zaroori isliye hai kyonki yah jo chote chote se kasbe hote hai choti choti jagah hoti hai sarkar ki jo tamaam yojanaye hoti hai vaah janta tak nahi pohch pati toh hum un yojnao ko aam janta tak paunchaye aur uska unhe fayda dilaye agar hum baat kare kishangarh ki kothi ramgarh madhya pradesh ka ek sabse pichda hua jila mana jata hai jaha par buniyadi samasyaon ke liye log pareshan hote hai agar paise hum jaise patrakar na ho aisi koi patrakar na ho toh vaah director bhi adhikari nahi mil pati hai toh janta ki baat sarkar tak aur sarkar ki va shraddha takle jaane ka shaam patrakaron ka hota hai isliye ki desh mein ek aham bhumika hoti hai agar nahi hogi toh logo ki baat janta ka question taki logo ki baat sarkar tak hum sarkar ki bhashan toh tak nahi pahuncha

कि अगर हम बात करें तो मैं मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से बिलॉन्ग करता हूं अगर हम इसको सोचे

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं बताना चाहूंगा कि पत्रकार की आवश्यकता इसलिए क्योंकि उसको करते हैं नॉर्मल लोग गए थे बता नहीं पाते लेकिन इस प्लेटफार्म पर जो जन्नत होता है उस खबर को निकालता है एक जन्नत के बाद सिक्योरिटी नहीं होती लेकिन वह खबरें बोलता है और पॉजिटिव की खबरें करता है और जेंट्स का प्रोफेशन बहुत हार्ड है लेकिन लोग उसी को समझ नहीं पाते लेकिन उसके बारे में बात करें तो वह बहुत ज्यादा हार्ड एंड फास्ट वर्क भी करता है हर घटनाक्रम पर नजर भी जाता है चाहे वह देश की हो प्रदेश की हो या फिर डालो कल की जो खबर हो जहां पर वो काम करता है जल्दी से आज समाज का आईना भी होता है क्योंकि जो लिखता है जो दिखाता है लिखने के लिए उसके पास समाचार पत्र होता है दिखाने के लिए उसको चालू होता है और वह जो सच्चाई पर आधारित होता है वर्तमान में सोशल मीडिया का बहुत ज्यादा दौड़ है लेकिन इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रिंट मीडिया और सोशल मीडिया को देखते हुए कि व्हाट्सएप पर फेसबुक पर और अन्य प्लेटफार्म पर कुछ खबरें जो होती है लोक से खबरें उस पर रिड्यूस कर देते हैं उस पर फेंक देते हैं उस पर डाल देते हैं लेकिन जब जब कोई खबर करता है तो किसी भी तरह की खबर नहीं होती उसके पास निश्चित ही उसका एक सूट होता है उसके बाद सूट की आस्तीन की छुट्टी होती है उसके वर्क करता है वह खबर को पब्लिश करता है कैसी होती है जिनके बारे में लोगों को उत्सुकता होती है लेकिन वह खबर आती नहीं है लेकिन जब जनरलिस्ट बोल सकता होती है कई मामलों में ऐसा देखने में आया है कि ऐसी हैं जो होती है और उनको पब्लिश करने की स्कूल सोते डिफरेंट बहुत महत्वपूर्ण है हमारे देश के लिए एक पत्रकार का होना और पत्रकारिता का कार्य उसके द्वारा किया जाता है बहुत महत्वपूर्ण है देश के विकास के लिए प्रदेश के विकास के लिए उस क्षेत्र के विकास के लिए धन्यवाद

main bataana chahunga ki patrakar ki avashyakta isliye kyonki usko karte hain normal log gaye the bata nahi paate lekin is platform par jo jannat hota hai us khabar ko nikalata hai ek jannat ke baad Security nahi hoti lekin vaah khabren bolta hai aur positive ki khabren karta hai aur gents ka profession bahut hard hai lekin log usi ko samajh nahi paate lekin uske bare mein baat kare toh vaah bahut zyada hard and fast work bhi karta hai har ghatanaakram par nazar bhi jata hai chahen vaah desh ki ho pradesh ki ho ya phir dalo kal ki jo khabar ho jaha par vo kaam karta hai jaldi se aaj samaj ka aaina bhi hota hai kyonki jo likhta hai jo dikhaata hai likhne ke liye uske paas samachar patra hota hai dikhane ke liye usko chaalu hota hai aur vaah jo sacchai par aadharit hota hai vartaman mein social media ka bahut zyada daudh hai lekin electronic media print media aur social media ko dekhte hue ki whatsapp par facebook par aur anya platform par kuch khabren jo hoti hai lok se khabren us par reduce kar dete hain us par fenk dete hain us par daal dete hain lekin jab jab koi khabar karta hai toh kisi bhi tarah ki khabar nahi hoti uske paas nishchit hi uska ek suit hota hai uske baad suit ki astin ki chhutti hoti hai uske work karta hai vaah khabar ko publish karta hai kaisi hoti hai jinke bare mein logo ko utsukata hoti hai lekin vaah khabar aati nahi hai lekin jab journalist bol sakta hoti hai kai mamlon mein aisa dekhne mein aaya hai ki aisi hain jo hoti hai aur unko publish karne ki school sote different bahut mahatvapurna hai hamare desh ke liye ek patrakar ka hona aur patrakarita ka karya uske dwara kiya jata hai bahut mahatvapurna hai desh ke vikas ke liye pradesh ke vikas ke liye us kshetra ke vikas ke liye dhanyavad

मैं बताना चाहूंगा कि पत्रकार की आवश्यकता इसलिए क्योंकि उसको करते हैं नॉर्मल लोग गए थे बता

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Mohammad Sartaj Alam

Journalist & Author

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जमीन का मामला यह है कि हमारी तो नहीं आप किसी भी व्हाट्सएप इंडिया में बात करोगी पता करके गलती करती है उसको अगर आप कोई डाउट नहीं करेंगे तो आंखों में आंखें बहुत मैं यह कह रहा हूं कि आप किस कंट्री में रह रहे हैं वहां से आप और इसलिए कि आपका फर्ज बनता है कि आप अगर कोई गलत बन बनी तो है इसके लिए सरकार की फोन कर दें कि यहां कहीं गलत चीजों की पहुंची सैलरी है जिनके घर में लोग मर गए हैं क्योंकि उनको 10 दिन तो अब राशन क्यों नहीं मिल रहा था उससे आधार कार्ड आधार कार्ड नियर मैच नहीं कर रहे थे अब जब सीनियर मैच नहीं कर रहे थे तो उस समय हो रही सरकार रांची में जो लोग काम कर रहे हैं उनको पता नहीं बहुत अच्छा लगा शैतान कैसे पता चलेगा कि हां गलतियां हो रही कोशिश करती है कि कैसे मैं समझता हूं कि बेहतर जरनैल सिंह के लिए किस हद तक

jameen ka maamla yah hai ki hamari toh nahi aap kisi bhi whatsapp india mein baat karogi pata karke galti karti hai usko agar aap koi doubt nahi karenge toh aankho mein aankhen bahut main yah keh raha hoon ki aap kis country mein reh rahe hai wahan se aap aur isliye ki aapka farz banta hai ki aap agar koi galat ban bani toh hai iske liye sarkar ki phone kar de ki yahan kahin galat chijon ki pahuchi salary hai jinke ghar mein log mar gaye hai kyonki unko 10 din toh ab raashan kyon nahi mil raha tha usse aadhar card aadhar card near match nahi kar rahe the ab jab senior match nahi kar rahe the toh us samay ho rahi sarkar ranchi mein jo log kaam kar rahe hai unko pata nahi bahut accha laga shaitaan kaise pata chalega ki haan galtiya ho rahi koshish karti hai ki kaise main samajhata hoon ki behtar jarnail Singh ke liye kis had tak

जमीन का मामला यह है कि हमारी तो नहीं आप किसी भी व्हाट्सएप इंडिया में बात करोगी पता करके ग

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